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Sunday, August 16, 2026
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सरकार ने हमारी राह बना दी और मुश्किल : शिक्षा मित्र

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एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में शिक्षा मित्रों को लेकर कुछ फैसले किए गए थे, लेकिन कैबिनेट के फैसले सेशिक्षा मित्र नाराज हैं, उनके अनुसार सरकार के नए नियम से उनकी राह और मुश्किल हो गयी है।
योगी सरकार ने कैबिनेट की बैठक में यह फैसला किया था कि उप्र में प्राइमरी का अध्यापक बनने के लिये टीईटी पास करना अनिवार्य होगा। साथ ही अलग से एक लिखित परीक्षा भी पास करनी पड़ेगी, अब ये राह पहले से मुश्किल नजर आ रही है।
कैबिनेट के इस फैसले को लेकर शिक्षा मित्रों ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों के हितों का ध्यान रखने का वादा किया था, लेकिन ऐसे नियम बनाकर वो हमारे साथ धोखा कर रही, योगी सरकार को कायदे के और हमारे अनुकूल नियम बनाने चाहिए।
शिक्षा मित्रों ने कहा कि सरकार के इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की जा रही है जिसमें माध्यमिक से लेकर बेसिक स्कूलों तक के शिक्षक शामिल होंगे। सरकार ने पौने दो लाख शिक्षामित्रों के हितों के साथ खिलवाड़ कर न्याय नहीं किया।

इस पंडाल में भारतीय संस्ककृति के हर रंग मौजूद हैं

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
यूपी के इलाहाबाद में अनोखा पूजा पण्डाल बनाया गया है, इसकी खासियह है कि पण्डाल में पूरी भारतीय संस्कृति को सहेजा गया है। इस पण्डाल में 111 साल से यहां दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इसका निर्माण लूकरगंज में भारतीय संस्कृति को सहेजता दुर्गा पंडाल लोगों को बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
यहां सजे पंडाल की खास बात ये हैं कि इसका निर्माण पश्चिम बंगाल स्थित बाकुडा के राधाकृष्ण मंदिर की थीम पर किया गया है। पंडाल को टेराकोटा मिट्टी के बने तीन इंच से आठ फीट ऊंचे 500 घोडे, मिट्टी, बांस से बने रथ, वाद्य यंत्र , पुआल की कुटिया, सूप, लालटेन सहित अन्य हाथों से निर्मित चीजों से सजाया गया है।
इस पंडाल को भारतीय संस्कृति के अनुरूप तैयार किया गया है। इस तरह बनाने का मुख्य उद्देश्य आज के युवाओं को भारतीय संस्कृति और सभ्यता से परिचित कराना है। क्योंकि आज के युवा पाश्चात्य संस्कृति की ओर ज्यादा भाग रहे हैं। लोगों को यहां बनी मूर्तियां और साज सज्जा काफी पंसद आ रही हैं।
लूकरगंज के इस पंडाल को बनाने में करीब दो महीने लग गए। पंडाल में स्थापित मां दुर्गा की प्रतीमा पश्चिम बंगाल के कलाकारों के द्वारा यहां के बेदी पर ही बनाया गया है। प्रतीमा को बनाने में पश्चिम बंगाल की सभ्यता का विशेषता और आस्था का पूरा ध्यान दिया गया है।

ब्लू व्हेल गेम ने बड़ो को भी बनाया अपना शिकार

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कोमल झा | Navpravah.com
पहले तो सिर्फ बच्चे और छात्राये ही खूनी खेल ब्लू व्हेल गेम चैलेंज के चक्कर में पड़ते थे लेकिन अब तो इस गेम ने तो बड़ो को भी अपना शिकार बनाना स्टार्ट कर दिया| हालहिं में  हरियाणा के पंचकूला में ब्लू व्हेल के शिकार तीन ऐसे केस मिले हैं, जिनके बारे में सुनकर हर कोई भी दंग रह जायेगा| यहां दो महिलाएं और एक युवक इस खेल के चक्कर में डिप्रेशन के शिकार हो गए हैं| तीनों का पंचकूला के मनोरोग विभाग में इलाज किया जा रहा है|
सूत्रों के मुताबिक, पंचकूला में रहने वाली 35 साल की एक महिला का लंबे समय से अपने पति के साथ झगड़ा चल रहा था. इसी बीच उसने अपने मोबाइल पर ब्लू व्हेल गेम डाउनलोड कर लिया| इसके बाद वो ब्लू व्हेल के चक्कर में फंस गई| महिला इस गेम के कई टास्क भी पूरी कर चुकी थी| उसके हाथ पर ब्लेड का कट भी मिला है|
इसके बाद जब महिला डिप्रेशन में चली गई, तो किसी ने उसे डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी| उसने डॉक्टर से सारी कहानी को बयां किया| उसका इलाज चल रहा है| यह महिला जब अस्पताल में पहुंची तो इसके शरीर पर ब्लेड के कटे के निशान थे| डॉक्टर की सलाह पर उसने अपने मोबाइल फोन से गेम डिलीट कर दिया| महिला हाउस वाइफ है|
फिर ऐसे ही एक और मामला  23 साल के एक युवक के घर का माहौल कुछ ठीक नहीं था|  पिता शराबी है और बहन का तलाक हो गया है| इसके चलते परिवार चलाने की जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई थी| युवक प्राइवेट जॉब करता है और साथ में स्टडी भी| घर में रोजाना हो रही लड़ाइयों के चक्कर में युवक परेशान रहने लगा| इसी बीच किसी ने गेम का लिंक दे दिया|
वह अपने मोबाइल पर ब्लू व्हेल गेम खेलने लगा| उसकी बहन को जब पता चला तो वो डॉक्टर के पास ले गई| पिछले करीब 25 दिनों से इस युवक का इलाज पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल के मनोरोग विभाग में चल रहा है| पंचकूला से भेजे गए 5 मोबाइल फोन का गुरुग्राम की लैब में स्कैन करने का काम भी शुरू हो चुका है|
कैसे पहचाने ब्लू व्हेल का लक्षण
१- ब्लू व्हेल गेम खेलने वालों का किसी और काम में मन नहीं लगेगा
२-इस गेम को खेलने वालों का कॉन्फिडेंस लेवल बहुत  कम होता जाता है
३-छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना, दोस्तों और अपने परिवार से एकदम कट जाना
४- हर गलत काम का दोष अपने ऊपर लेना
५-यदि ऐसा लक्षण परिवार के किसी सदस्य में हो, तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं

इन 4 राशि वालों को अमीर बनने से कोई नहीं रोक पाएगा

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का मनुष्य के जीवन पर बड़ा गहरा असर पड़ता है। इस नवरात्रि इन 4 राशि वालों को अमीर बनने से कोई नहीं रोक पाएगा…
आप मानें या न मानें लेकिन ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का मनुष्य के जीवन पर बड़ा गहरा असर पड़ता है। आजकल हर व्यक्ति को अपना भविष्य जानने की इच्छा होती है। ऐसे में हर व्यक्ति ये जानने की इच्छा रखता है, कि उसका जीवन सुखमय होगा या दुखों से भरा रहेगा।
इसके इलावा उसके जीवन में पैसा आएगा या वो जीवन भर ठोकरे ही खाता रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार लोगो की राशि देख कर उनका भविष्य और उनके बारे में कई बातें बताई जाती है। आज हम आपको कुछ ऐसा ही बताने वाले है, जिससे आपकी राह थोड़ी आसान हो जाएगी।
ज्योतिष के अनुसारl इन 4 राशियों को अमीर बनने से कोई नहीं रोक सकता है। इन राशि वालों के लिए नवरात्री का त्यौहार उनके जीवन में खुशियां लेकर आएगा। अगर आपकी राशि भी इन चार राशियों में शामिल है, तो समझ लीजिए कि आप बहुत जल्द अमीर बनने वाले है।
हालांकि, जो बाकी राशि वालें है वो भी मेहनत करके अमीर बन सकते है, लेकिन इस नवरात्री इन राशि वालो के खुशियां लेकर आएगा। तो चलिए अब आपको बताते है कि ये चार राशियां कौन सी है और साथ ही ये भी देख लीजिये कि कहीं इनमे से एक राशि आपकी तो नहीं है।
 वृश्चिक : इस लिस्ट में सबसे पहला नाम वृश्चिक राशि वालों का है। वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह मंगल है। वृश्चिक राशि के जातकों के आराध्य देव गणेश जी होते हैं। इस राशि के लोगों को आमदनी के श्रोत बनते दिख रहे है।
वृषभ : इस लिस्ट में दूसरा नंबर वृषभ राशि वालों का आता है। वृषभ का राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। इस राशिवालों के लिए शुभ दिन शुक्रवार और बुधवार होते हैं। कुलस्वामिनी को वृषभ राशि का आराध्य माना जाता है।

यूपी: प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत बनाने के लिए ‘एसएसएफ’ का होगा गठन

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

उत्तर प्रदेश में भयमुक्त माहौल देने के लिए यूपी पुलिस ने एक मसौदा तैयार किया है, जिसमें सीआईएसएफ की तर्ज पर यूपी में कारोबारियों को इंडस्ट्री लगाने पर सुरक्षा प्रदान की जायेगी। डीजीपी सुलखान सिंह ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक कर स्टेट सिक्योरिटी फोर्स के गठन पर चर्चा की।

इस सम्बंध में अधिकारियों ने फोर्स के गठन का पूरा मसौदा तैयार कर शासन को भेज दिया है। कैबिनेट बैठक में इस पर अंतिम मोहर लगा दी जायेगी। एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि, स्टेट सिक्योरिटी फोर्स का गठन सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स की तर्ज पर होगा। शुरुआत में इसमें पीएसी और सिविल पुलिस के कर्मियों को शामिल किया जाएगा। इस फोर्स के गठन के बाद प्रदेश में बाहर से आकर निवेश कर इंडस्ट्री की शुरुआत करने वाले कारोबारियों को सुरक्षित माहौल दिया जायेगा।

इसके पीछे यूपी में कारोबार को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार प्रदान करने की योजना है। साथ ही एसएसएफ ऐसे धार्मिक व विशेष स्थल जहां पहले से सीआईएसएफ या केंद्रीय बल तैनात है, वहां राज्य सरकार अपना बल तैनात करेगी।

इस मामले में आईजी पीएएसी सतीश गणेश ने कहा कि, लखनऊ, गाजियाबाद और नोएडा में मेट्रो स्टेशनों के साथ-साथ प्रदेश में कई जिलों में बनने जा रहे हैं, इस फोर्स के गठन के लिए एडीजी सुरक्षा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

डेटा के बल पर भारत करेगा चौथी इंडस्ट्रियल क्रांति की अगुवाई- मुकेश अंबानी

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शिखा पाण्डेय|Navpravah.com

रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी का कहना है कि 10 साल में भारत की इकोनॉमी करीब 3 गुना बढ़ेगी और इसे बढ़ाने में डाटा का बड़ा रोल होगा। उन्‍होंने कहा कि इंटरनेट के मामले में भारत नंबर वन है और जल्‍द ही तीसरी बड़ी इकोनॉमी होगी।

इंडियन मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2017 में बुधवार को अंबानी ने कहा कि भारत भले ही तीन इं‍डस्ट्रियल क्रांतियों के दौर में पीछे रह गया,लेकिन चौथी इंडस्ट्रियल क्रांति की अगुवाई अवश्य करेगा। उनका मानना है कि यह इंडस्ट्रियल क्रांति  टेलिकॉम और आईटी इंडस्‍ट्री के साथ होगी क्योंकि भारत में टेलिकॉम और डिजिटल प्रोडक्ट्स का बड़ा बाजार है।

मुकेश अम्बानी ने डेटा को इस जनरेशन के लिए एक नया ऑक्‍सीजन बताया। उन्होंने कहा कि यह डेटा करीब 1.3 अरब भारतीयों के लिए नया ऑयल है। उन्‍होंने कहा, “हमारा लक्ष्‍य केवल सस्‍ती कीमत पर हाईस्‍पीड डाटा उपलब्‍ध कराना ही नहीं बल्कि किफायदी स्‍मार्टफोन भी देना है, जिससे उपभोक्ता आसानी से इंटरनेट से कनेक्ट हो सकें।”

अंबानी ने कहा कि इंडियन इकोनॉमी अगले 10 सालों में 2.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 7 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। इस तरह वह दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी हो जाएगी। अंबानी ने कहा कि अगले 12 महीने से देश में 4G कवरेज 2G से ज्‍यादा हो जाएगा। इसके लिए नेक्‍स्‍ट जेनरेशन टेक्‍नोलॉजी में इन्‍वेस्‍टमेंट बढ़ाने और पार्टनरशिप बनाने की आवश्‍यकता है।

भारत को तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनाने की दिशा में अंबानी ने तीन रास्ते सुझाए। अंबानी ने कहा कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, रोबॉटिक्स, 3D टेक्नॉलजी के क्षेत्र में बहुत काम किया जा सकता है जो न केवल रोजगार के बड़े साधन साबित होंगे, बल्कि देश की दिशा और दशा भी तय करेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले इनोवेटिव आइडियाज को तलाशने और तराशने की जरूरत है। सरकार और इंडस्ट्री, दोनों को ही यह काम तेज गति से करना होगा।

मुकेश अंबानी ने डिजिटल टेक्नॉलजी को दूसरी अहम ज़रूरत बताया। उन्होंने कहा कि एनर्जी सिक्यॉरिटी, वाटर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्र में बहुत सारे काम किए जाने हैं। उन्होंने फाइनेंशियल लाइफ को डेमोक्रेटिक करने पर जोर दिया और कहा कि देश में हर एक चीज को हर एक आदमी से जोड़ना होगा।

अंबानी ने इस लक्ष्य के लिए जो तीसरी अहम बात कही, वह है शिक्षा का डिजिटाइजेशन। उन्होंने साफ़ किया कि इसके लिए टेलिकॉम और इन्‍फार्मेशन टेक्‍नोलॉजी को छोटे से बड़े संस्थानों से जुड़ना होगा। उल्लेखनीय है कि यह इंडियन मोबाइल कांग्रेस 27 से 29 सितंबर तक चलेगा।

भारतीय सेना की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

पाकिस्तान ने फिर किया सीजफायर उल्लंघन
एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com
साल 2015 के बाद इंडियन आर्मी ने एक बार फिर म्यांमार के उग्रवादी संगठन को सबक सिखाया है, सेना ने म्यांमार बॉर्डर पर खापलांग गुट के शिविरों को निशाना बनाया, सेना की तरफ से कहा गया है कि इसमें कई आतंकी मारे गए हैं।
सेना ने इसके पूर्व भी म्यांमार और पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की थी, दो दिन पूर्व ही सेना प्रमुख ने कहा था कि भारत अपनी सीमा में घुसपैठ करने वालों को ढाई फुट जमीन में दफ़न कर देंगे।
भारतीय सेना ने 10 जून 2015 को भारतीय सेना ने म्यांमार पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था, वहीँ एक बार फिर से भारतीय सेना के जाबांज कमांडो ने आज सुबह लगभग 5 बजे म्यांमार पर सर्जिकल स्ट्राइक किया, जिसमे भरिये सेना ने म्यांमार बॉर्डर पर सर्जिकल स्ट्राइक कर कई सारे आतंकियों को मार गिराया है।
भारतीय सेना के ईस्टर्न कमांड ने इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’  पुष्टि की है, उनके मुताबिक ये ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ इंडो-म्यांमार बॉर्डर पर की गई है। जिसके तहत सेना का यह ऑपरेशन असम-नागालैंड बॉर्डर के पास हुआ है। म्यांमार के लांगखू गाँव में सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन में कई उग्रवादियों को भी मार गिराए हैं।

किसिंग सीन्स मेरे लिए बस जॉब है -वरुण धवन

कोमल झा । Navpravah.com

पिता डेविड धवन द्वारा डायरेक्ट की गई, अभिनेता वरुण धवन की आगामी फिल्म ‘जुड़वा-2’ 29 सितंबर को रिलीज हो रही है। यह फिल्म सलमान खान की 1997 में आई हिट फिल्‍म ‘जुड़वा’ की रीमेक है। फिल्म के तीन गानों समेत ट्रेलर भी रिलीज हो चुका है। इस फिल्म में जैकलीन और तापसी के साथ वरुण धवन डबल रोल में दिखेगें। खबर यह भी है कि खुद सलमान भी जुड़वा-2 में कैमियो रोल में नजर आने वाले हैं। प्रस्तुत है वरुण का वह साक्षात्कार, जिसमें फिल्म को लेकर उनसे पूछे गए कुछ सवालों के बेहद दिलचस्प जवाब शामिल हैं।

सलमान खान की सुपरहिट फिल्म का वही ‘जुड़वा’ रोल करना कितना डिफिकल्ट था ?

वरुण- सलमान भाई का रोल निभाना डिफिकल्ट तो था ही, क्योंकि उनकी फिल्म को 20 साल हो गए। वैसे इस फिल्म में थोड़ा कंटेंट पहले जैसा है, थोड़ा नया है। कुछ एंटरटेनिंग  करैक्टर्स क्रिएट करने की कोशिश की गई है, ताकि लोगों के  चेहरों पर मुस्कराहट आए, लोगों का मनोरंजन हो। इस फिल्म में कोई सोशल मैसेज नहीं है, कोई प्रीचिंग नहीं है। जस्ट स्माइल।

बॉक्स ऑफिस के नज़रिए से कितना प्रेशर है इस फिल्म पर?

वरुण- काफी ज़्यादा प्रेशर है। यह सलमान भाई की फिल्म है, पिताजी की फिल्म है। उन्होंने 44 फिल्में बनाई हैं। वैसे मैं प्रेशर नहीं ले रहा हूँ। मुझे तापसी और जैकलीन ने भी टेंशन न लेने की सलाह दी है। मैं उनकी सलाह मान रहा हूँ और कोई स्ट्रेस नहीं ले रहा हूँ।

आप की नज़र में सुपर स्टार बनना या ‘स्टारडम’ क्या है ?

वरुण- अभी तक तो मैंने सिर्फ 5 मूवीज की हैं। सलमान, आमिर, शाहरुख, रजनीकांत  ये लोग  सुपर  स्टार हैं, जिन्होंने तमाम फिल्में की हैं। मेरे लिए लोगों की दुआ ही स्टारडम है, गुड रिलेशन्स होना स्टारडम है। स्टारडम बनाने में समय लगता है, पर बिगड़ने में बिलकुल समय नहीं लगता।

आपकी नज़र में पेल्विक थ्रस्ट, जो डांस में करते हैं, गलत है या सही?

वरुण- पेल्विक थ्रस्ट में क्या गलत है? अक्षय और रवीना ने ‘तू चीज़ बड़ी है मस्त-मस्त’ में  90 के दशक में इसे किया था, तो जो तब सही था, वो आज गलत कैसे हो सकता है!

दर्शक ‘जुड़वा’ व ‘जुड़वा-2’ की तुलना अवश्य करेंगे, आप इसके लिए तैयार हैं?

वरुण- जब मैंने यह फिल्म साइन की थी, तभी से जानता था  कि ऐसा होगा। तुलना तो होती ही है, लेकिन यह फिल्म नई है। मैंने 20 साल पहले की ‘जुड़वा’ नहीं की है, ये फिल्म अलग है और इसमें क्या अलग है यह जानने के लिए 29 सितम्बर को आपको थिएटर में जाना होगा।

जब आप किसिंग सीन करते हैं, तब असहज महसूस करते हैं?

वरुण- मैं उन सीन्स को एक जॉब की तरह समझता हूँ, न कि मस्ती की तरह। वह भी एक एक्ट की तरह ही है।

दोनों हेरोइनों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा और आप कैसे मैनेज करते थे?

वरुण- दोनों ही बहुत स्वीट हैं। जैकलीन बहुत ही पॉजिटिव सोचती हैं और तापसी सोचती हैं कि मैं सब कुछ कर सकती हूँ। कोई काम ऐसा नहीं है, जो वो नहीं कर सकतीं। इसलिए दोनों ही बहुत इंस्पायरिंग हैं। उनके साथ काम करने का अनुभव बेहद अच्छा व पॉजिटिव रहा।

आपकी फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर गयी, अब जुड़वा-2 से आपकी क्या उम्मीदें हैं?

वरुण- यह फिल्म सही बजट में बनी है, तो हो सकता है कि मूवी सक्सेसफुल हो, लेकिन मेरा मानना यह नहीं है कि मूवी 100 करोड़ का आंकड़ा पार करे, तभी सफल मानी जाएगी। मैं ये समझता हूँ कि ऑडियंस के चेहरे पर फिल्म देखकर स्माइल आए और वो फिल्म का जमकर मज़ा लें। वही फिल्म की असली सफलता होगी।

खबर है कि आपको सलमान खान ने 20 साल पुरानी जीन्स गिफ्ट की, क्या यह सच है?

वरुण- जी हां! फिल्‍म की शूटिंग के दौरान उन्होंने मुझे सरप्राइज गिफ्ट के तौर पर यही दिया था। सलमान भाई से मिले इस गिफ्ट से मैं बेहद खुश हूँ। इस जीन्स को सलमान भाई ने 20 सालों तक सुरक्ष‍ित रखा। जैसे ही उन्हें इस बात का पता चला कि मैंने राजा के रोल के लिए साइन किया है, तुरंत अपनी वह जीन्‍स उन्होंने एक नोट के साथ मुझे भेजी और बाद में उन्होंने फ़ोन कर कहा कि यह जीन्‍स राजा के टपोरी लुक के लिए सूट करेगी।

जन्म लेने के कुछ ही देर बाद एक नवजात बच्चे का बन गया आधार कार्ड

5 साल से कम उम्र के बच्चों का भी होगा आधार कार्ड

एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com

कभी कभी कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं जिसे देखकर विश्वास नही होता । इसी तरह कभी कभी कुछ ऐसे कार्य देखने को मिलते हैं जिसमे हुई मानवीय त्रुटि काफी बड़ा रूप ले लेती है । ऐसी ही एक मामला महाराष्ट्र राज्य से सामने आया है । 

महाराष्ट्र में एक नवजात बच्ची के जन्म के 6 मिनट बाद ही उसकाआधार कार्ड बनाकर सामाजिक जागरूकता की अनोखी मामला सामने आया है। बच्ची का जन्म 24 सितम्बर को हुआ है।

जागरूकता का उदाहरण देने वाला यह मामला महाराष्ट्र के उस्मानाबादजिले का है। सिर्फ 6 मिनट में आधार पंजीकरण का हिस्सा बनने वालीबच्ची का नाम भावना संतोष जाधव रखा गया है।

भावना के जन्म के कुछ ही मिनट बाद उसके माता–पिता ने उसकाआधार पंजीकरण कराया। जिलाधिकारी राधाकृष्ण गामे ने बताया किबच्ची का जन्म 12:03 मिनट पर हुआ था और 12:09 मिनट पर बच्चीका ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड पंजीकृत करवा लियागया।

अस्पताल के चिकित्सक एकनाथ माले ने कहा कि बच्ची पूरी तरह सेस्वस्थ है। उन्होंने आगे कहा, उस्मानाबाद के जिला महिलाचिकित्सालय में पिछले एक साल में करीब 1300 बच्चों के आधारकार्ड बनवाए जा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर नवजात बच्ची के जन्म केमहज 6 मिनट बाद उसका आधार कार्ड पंजीकरण हर ओर चर्चा काविषय बना हुआ है।

भारत के ऑपरेशन अर्जुन के आगे पाकिस्तान ने घुटने टेके

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एनपी न्यूज़ नेट्वर्क । Navpravah.com
पाकिस्तान की ओर से रोज सीज फायर का उल्लंघन कर सीमांत इलाकों में आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले से परेशान बीएसएफ जब जवाबी कार्रवाई पर उतरी तो पाकिस्तान रेंजर्स ने घुटने टेक दिए और सफेद झंडा लेकर अब बस करो की अपील करने लगा। बीएसएफ ने सीमा के नजदीक पाकिस्तान के सैनिकों और पूर्व सैनिकों के घरों और खेतों को निशाना बना कर की गई फायरिंग के बाद पाकिस्तान झूक गया। पिछले महीने भारतीय जवानों को मारने, ग्रामीणों पर फायरिंग और गांवों में गोलाबारी करने के लिए पाकिस्तान ने स्नाइपर्स का इस्तेमाल किया था, जिसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए बीएसएफ ऑपरेशन अर्जुन शुरू किया था।
ऑपरेशन अर्जुन के तहत सीमा पर पाकिस्तान को जवाब देने के कारण इस्लामाबाद को 3 दिन पहले सीजफायर की अपील करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक, बीएसएफ ने विशेष रूप से पाकिस्तान के पूर्व सैनिकों, आईएसआई और पाक रेंजर्स के अधिकारियों के आवास और खेतों को निशाना बनाया जो घुसपैठ और भारत विरोधी अभियान में मदद कर रहे थे। भारतीय कार्रवाई के बाद पाक रेंजर्स के पंजाब डीजी मेजर जनरल अजगर नवीद हायत खान ने बीएसएफ डायरेक्टर केके शर्मा से सप्ताह में दो बार फायरिंग रोकने की अपील की। शर्मा ने पाकिस्तान द्वारा बिना उकसाहट की जा रही गोलीबारी पर कड़ा विरोध जाहिर किया। शर्मा को पाकिस्तान की तरफ से पहला कॉल 22 सितंबर को आया और दूसरा 25 सितंबर को किया गया।
शर्मा ने खान से कहा कि उनके जूनियर 12वीं चेनाब रेंजर्स के लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान का रवैया उकसाहट भरा रहा है, जिससे दोनों तरफ गोलीबारी का खतरा बढ़ रहा है। ऑपरेशन अर्जुन के तहत बीएसएफ ने छोटे, मध्यम और एरिया वेपंस का इस्तेमाल किया। इससे पाकिस्तान को भारी क्षति पहुंची। इसमें पाक रेंजर्स के सात सैनिक और 11 नागरिक मारे गए हैं। लंबी दूरी के 81 एमएम वेपंस के इस्तेमाल से पाक सेना और रेंजर्स के कई आउट पोस्ट तबाह किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार हो रही फायरिंग के कारण बीएसएफ ने पश्चिमी सीमा पर अपने ऑपरेशन को फिर से तैयार किया।
सूत्रों ने बताया कि यह अभियान पिछले साल तीन महीने तक चले ऑपरेशन रुस्तम की तर्ज पर था। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक सेना की गोलाबारी का जवाब देने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया गया था। बीएसएफ के जवाब के कारण पाक रेंजर्स को सफेद झंडा दिखाने पर मजबूर होना पड़ा था।