जिन उम्मीदवारों का चयन इन पदों के लिए किया जाएगा उन्हें 58000/- वेतन प्राप्त होगा। उम्मीदवारों को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से जूलॉजी, रिप्रोडिक्टिव में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त हो और अनुभव हो।
पद का नाम- वैज्ञानिक (भ्रूणविज्ञानी) कुल पद -1 स्थान- दिल्ली उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 45 वर्ष मान्य होगी और आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
नौकरी के लिए पात्र और इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने की अंतिम तिथि, आवेदन शुल्क, नौकरी के लिए चयन प्रक्रिया, नौकरी के लिए आयु सीमा, जिन पदों पर भर्ती निकली उनका विवरण, पदों के नाम, नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता, कुल पदों की संख्या जैसी नौकरी से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारी नीचे विस्तार से प्राप्त कर सकते हैं…
अखिल भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान दिल्लीको वैज्ञानिक (भ्रूणविज्ञानी) के रिक्त पदो पर पात्र और योग्य उम्मीदवार इस नौकरी के लिए 21-8-2020 तक आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि यह आवेदन करने की अंतिम तिथि है. इस नौकरी के लिए आप जल्द से जल्द आवेदन कर दें.
अभिनेता सुशान्त सिंह राजपूत की मौत के मामले पर सियासी रोटियाँ सेंकी जा रही हैं। सुशान्त के प्रशंसक महाराष्ट्र सरकार और मुम्बई पुलिस को लगातार कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
तमाम सियासी दल के नेता महाराष्ट्र सरकार से सीबीआई जाँच को लेकर दबाव डाल रहे हैं। इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास सबूत है तो हमें बताएँ, मामले की निष्पक्ष जाँच होगी और दोषी को सज़ा भी दिलाई जाएगी।
शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुंबई पुलिस अक्षम नहीं है। यदि किसी के पास कोई सबूत है तो वो हमारे पास ला सकते हैं और हम आरोपियों से पूछताछ करेंगे और दोषी पाए जाने पर सजा देंगे। इस मामले को महाराष्ट्र और बिहार के बीच विवाद पैदा करने के बहाने के रूप में इस्तेमाल न करें।’ सीएम ने कहा कि ‘इस मामले में राजनीति करना सबसे गलत काम है।’
पूर्व सीएम फड़नवीस को लिया आड़े हाथ- उद्धव ने विपक्ष के नेता फड़नवीस की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में पाँच वर्ष शासन करने के बाद मुम्बई पुलिस की क्षमता पर संदेह करना सर्वथा अनुचित है।
सीएम ने कहा कि ‘राज्य पुलिस और मुंबई पुलिस कोविड-19 महामारी से लड़ रहे हैं। वे कोरोना योद्धा हैं और उन पर भरोसा नहीं करना उनका लिए अपमान है। मैं सभी सुशांत सिंह राजपूत के प्रशंसकों को बताना चाहूंगा कि उन्हें मुंबई पुलिस पर भरोसा करना चाहिए और जो भी जानकारी आपके पास है, वो पुलिस को दें।’
कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “जब भी मैं धोनी के साथ खेलता था, मुझे अपने कोच की अनुपस्थिति कभी महसूस नहीं होती थी।
कुलदीप ने आगे कहा, “ धोनी मुझसे बहुत अच्छी तरह से बात करते थे और मुझे बहुत सलाह देते थे। वह हमेशा मुझे गेंद को स्पिन करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहते थे और विकेट के पीछे रहकर वह काफी दबाव हटा देते थे।”
वहीं, स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ एमएस धोनी कितने अच्छे विकेटकीपर हैं, ये हर कोई जानता है। इसके अलावा वे DRS का बहुत अच्छा इस्तेमाल करते हैं।
चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने ये भी कहा है कि महेंद्र सिंह धोनी ने उनको और उनके साथी गेंदबाज युजवेंद्र चहल को अच्छे तरीके से हैंडल किया था।
दरअसल, धोनी की तारीफ ये खिलाड़ी इसलिए भी करते हैं, क्योंकि वे विकेट के पीछे रहकर सारी रणनीति बनाते हैं और फील्ड भी सेट करते हैं।
खुद कप्तान विराट कोहली भी कई बार इस बात को कबूल चुके हैं कि एमएस धोनी हमेशा उनके कप्तान रहेंगे। वहीं, धोनी की कप्तानी में अपना डेब्यू करने वाले कुलदीप यादव मानते हैं कि धोनी के सिर्फ टीम में होने से उनको बहुत फायदा मिलता है।
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सालों पहले कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उसके बाद भी वे भारतीय टीम के खिलाड़ियों के लिए कप्तान बने रहे।
पैंगौंग झील के फिंगर क्षेत्र में अभी डिसएंगेजमेंट नहीं हुआ है. इसको लेकर भारत-चीन सेना कोर कमांडरों के बीच जल्द ही वार्ता प्रारम्भ होगी.
अभी तक तनाव समाप्त नहीं होने को लेकर हिंदुस्तान पर आरोप लगाया है व बोला है कि हिंदुस्तान इस आधे रास्ते से कार्य पूरा करेगा व आम सहमति बनाएगा.
चीन ने मंगलवार को बोला कि सीमा के अधिकांश अग्रिम मोर्चे पर दोनों राष्ट्रों के सैनिक पीछे हट चुके हैं व अब बाकी मुद्दों को सुलझाने के लिए अगले दौर के सैन्य बातचीत की तैयारी चल रही है.
चीनी विदेश ऑफिस ( Chinese Foreign Office ) को हवाले से चाइना के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि पीपी 14, 15 व 17 ए से डिसएंगेजमेंट का कार्य पूरा हो चुका है.
ये दावा चाइना ने किया है. चाइना ने बोला है कि विवादित क्षेत्रों में से अधिकांश में उसकी सेना पीछे हट गई है व डिसएंगेजमेंट ( Disengagement ) की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है.
वास्तिवक नियंत्रण रेखा ( Line of Actual Control ) पर हिंदुस्तान व चाइना के बीच कई महीनों से चला रहा तनाव ( India China Tension ) अब कम हो रहा है व विवादित इलाके से दोनों राष्ट्रों की सेना वापस लौट रही हैं.
नाटो राष्ट्रों ने 2024 तक अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का दो प्रतिशत रक्षा पर व्यय करने का संकल्प लिया है व जर्मनी इस टारगेट से अब भी पीछे है।
पिछले महीने राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि जर्मनी खर्च में योगदान नहीं कर रहा है। सैन्य बल में कटौती का फैसला लेने के बाद व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा ‘हम सैनिकों की तादाद कम कर रहे हैं, क्योंकि जर्मनी अपने बिल नहीं चुका रहा है। यह बेहद सीधी सी बात है। उन पर बहुत बकाया है।
बता दें कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की स्थापना 4 अप्रैल, 1949 को 12 निर्माणकर्ता सदस्यों द्वारा अमेरिका के वाशिंगटन में की गई थी। नाटो राष्ट्रों का लगभग 70 फीसद खर्च अमेरिका उठाता है।
जबकि 6400 सानिकों को दूसरे नाटो देश जैसे कि इटली व बेल्जियम में पहुंचाया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ने ये कदम जर्मनी के नाटो सैन्य बजट के लिए तय खर्च न करने के कारण उठाया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निर्णय लिया है कि उनके लगभग 12 हज़ार सैनिकों को जर्मनी से वापस बुलाया जाएगा। इनमें से 6400 सैनिकों को अमेरिका में रखा जाएगा।
गीदड़ भबकी देने वाले पाकिस्तान एक बार फिर से बड़ा हमला कर विश्व को चौंका कर रख दिया है। सभी के मुख पर एक ही प्रश्न उठ रहा है कि आखिर पाकिस्तान इस तरह की नीच हरकत कैसे कर सकता है, वो भी अपनों के साथ। दरअसल, पाक ने एक मुस्लिम देश पर हमला किया है।
इस हमले में 9 आम लोगों की मौत हो गई है, जबकि 50 से ज्यादा लोग जख्मी बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तानी आर्मी के विरूद्ध जवाबी कार्रवाई के लिए अफगान बलों को पूरी तरह से तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आवासीय क्षेत्रों पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए गए रॉकेट हमलों में 9 नागरिक मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए।
खबर के मुताबिक, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर आबादी वाले इलाके में रॉकेट हमला करने का आरोप लगाया है। अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी के अनुसार, कंधार के स्पिन बोल्डक जिले के आबादी वाले क्षेत्र में पाकिस्तान की कायर आर्मी ने रॉकेट दागे हैं।
उन्होंने ट्वीट कर पूछा था, ‘राफेल विमान के लिए आईएएफ को बधाई. लेकिन क्या सरकार इन सवालों के जवाब देगी. 1)प्रत्येक विमान की मूल्य 526 करोड़ की बजाए 1670 करोड़ क्यों दी गई? 2) 126 की बजाए सिर्फ 36 विमान ही क्यों खरीदे? 3) एचएएल की बजाए दिवालिया अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ का कांट्रैक्ट क्यों दिया गया?’
ये भ्रम जल्द ही टूटेगा.’ इससे पहले, राहुल गांधी ने राफेल लड़ाकू विमान विमानों के हिंदुस्तान आने पर भारतीय वायुसेना को शुभकामना दी थी. साथ ही विमानों की खरीद को लेकर सरकार से सवाल पूछे थे.
राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘मोदी देश को बर्बाद कर रहे हैं. नोटबंदी, जीएसटी, कोरोना महामारी में दुर्व्यवस्था, अर्थव्यवस्था व रोजगार का सत्यानाश. उनकी पूंजीवादी मीडिया ने एक मायाजाल रचा है.
कांग्रेस नेता व वायनाड सांसद राहुल गांधी लगातार केन्द्र सरकार व पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोल रहे हैं. कभी चाइना के सीमा टकराव तो कभी बेरोजगारी, राहुल लगातार प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं. राहुल ने गुरुवार को एक बार फिर ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला.
झारखंड के रामगढ़ में एक मंदिर ऐसा भी है, जहां भगवान शंकर के शिवलिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं, स्वयं मां गंगा करती हैं। मंदिर की खासियत यह है कि यहां जलाभिषेक साल के बारह महीने और चौबीस घंटे होता है। यह पूजा सदियों से चली आ रही है। माना जाता है कि इस जगह का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। भक्तों की आस्था है कि यहां पर मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।
झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर को लोग टूटी झरना के नाम से जानते है। मंदिर का इतिहास 1925 से जुड़ा हुआ है और माना जाता है कि तब अंग्रेज इस इलाके से रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहे थे। पानी के लिए खुदाई के दौरान उन्हें जमीन के अन्दर कुछ गुम्बदनुमा चीज दिखाई पड़ा। अंग्रेजों ने इस बात को जानने के लिए पूरी खुदाई करवाई और अंत में ये मंदिर पूरी तरह से नजर आया।
मंदिर के अन्दर भगवान भोले का शिव लिंग मिला और उसके ठीक ऊपर मां गंगा की सफेद रंग की प्रतिमा मिली। प्रतिमा की नाभी से आपरूपी जल निकलता रहता है, जो उनके दोनों हाथों की हथेली से गुजरते हुए शिव लिंग पर गिरता है। मंदिर के अन्दर गंगा की प्रतिमा से स्वंय पानी निकलना अपने आप में एक कौतुहल का विषय बना है।
मां गंगा की जल धारा का रहस्य-
सवाल यह है कि आखिर यह पानी अपने आप कहाँ से आ रहा है। ये बात अभी तक रहस्य बनी हुई है। कहा जाता है कि भगवान शंकर के शिव लिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं स्वयं मां गंगा करती हैं। यहां लगाए गए दो हैंडपंप भी रहस्यों से घिरे हुए हैं। यहां लोगों को पानी के लिए हैंडपंप चलाने की जरूरत नहीं पड़ती है बल्कि इसमें से अपने-आप हमेशा पानी नीचे गिरता रहता है. वहीं मंदिर के पास से ही एक नदी गुजरती है जो सूखी हुई है लेकिन भीषण गर्मी में भी इन हैंडपंप से पानी लगातार निकलता रहता है।
दर्शन के लिए बड़ी संख्या में आते हैं श्रद्धालु-
लोग दूर-दूर से यहां पूजा करने आते हैं और साल भर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। श्रद्धालुओं का मानना हैं कि टूटी झरना मंदिर में जो कोई भक्त भगवान के इस अदभुत रूप के दर्शन कर लेता है, तो उसकी मुराद पूरी हो जाती है। भक्त शिवलिंग पर गिरने वाले जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं और इसे अपने घर ले जाकर रख लेते हैं। इसे ग्रहण करने के साथ ही मन शांत हो जाता है और दुखों से लड़ने की ताकत मिल जाती है।
बॉडी रिएक्शन – ऐसा माना जाता है की एलोवेरा का सेवन किसी अन्य जूस के साथ करना चाहिए क्योकि ये शरीर के अंदर दूसरी चीजों का असर कम कर देता है इसलिए इसका सेवन प्रतिदिन लिमिट में करना चाहिए।
हार्ट प्रॉब्लम – जिन लोगो को ज्यादा हार्ट की प्रॉब्लम है उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्योकि एलोवेरा से शरीर में पोटेशियम की मात्रा कम हो जाती है और हार्ट की बीमारिया हो जाती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
जी हां आजकल लोग एलोवेरा का काफी उपयोग करते है जो की स्वास्थ के साथ साथ त्वचा सबधित बीमारिया भी मिटा देता है और इसे चेहरे पर निखार आता है और भी कई रोगो का नाशक है एलोवेरा। लेकिन कुछ चीजों के फायदे के साथ साथ नुकसान भी होते है। तो आइये जानते है एलोवेरा के नुकसान..
किसी भी चीज का जब हम इस्तेमाल करते है तो हमे उसके फायदे मिलते है तो उस चीज के हमे कुछ नुकसान भी भुगतने पड़ते है। तो आइये आज हम आपको एक ऐसी ही चीज के बारे में बताते है जिसका लोग बहुत ही ज्यादा इस्तेमाल करते है।
इसके अतिरिक्त इसका इस्तेमाल गठिया, जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए किया जाता है। यह हड्डियों में कैल्शियम और मैग्नीशियम अवशोषित करने की क्षमता में सुधार करता है।
नारियल का तेल आपकी ओरल हेल्थ का ख्याल बेहतरीन तरीके से रखता है। इसे मुंह में करीब 20 मिनट तक रखने के बाद थूक देने से मुंह के कीटाणु और मसूड़ों की समस्याएं दूर होती है। अगर आप अपने मसूड़ों को स्वस्थ बनाना चाहते हैं तो सप्ताह में कम से कम तीन बार ऐसा करें।
नारियल तेल त्वचा के लिए एक नेचुरल मॉइश्चराइजर का काम करता है और इसका इस्तेमाल त्वचा रोग, डर्मेटाइटिस, एक्जिमा और स्किन बर्न में किया जा सकता है।
नारियल का तेल अक्सर महिलाओं की ब्यूटी किट में दिख ही जाता है क्योंकि यह बालों से लेकर स्किन तक को हेल्दी व सुंदर बनाता है।