मुंबई : मध्य रेल के परेल वर्कशॉप में विकसित की गई मेडी-बॉट जीवक
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर फुट ऑपरेटेड हैंडवाश वेंडिंग मशीन
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मध्य रेल, मुंबई मंडल और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने व्यक्तिगत स्वच्छता को सक्षम करने के लिए एक संयुक्त पहल के तहत दिनांक 25.8.2020 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई में फुट ऑपरेटेड हैंडवाश वेंडिंग मशीन (FHVM) स्थापित की है। यह मशीन कोविड 19 महामारी के दौरान यात्रियों के लिए संपर्क रहित लिक्विड हैंडवॉश और पानी को अलग अलग डिसपैंस करती है।
सोशल डिस्टेसिंग को ध्यान में रखते हुए, एक मशीन में 4 स्टेशन होते हैं, जिसमें 4 व्यक्ति एक साथ एक समय में अपने हाथ धो सकते हैं। इस मशीन को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई के प्लेटफॉर्म नंबर 14 पर लगाया गया है।
– नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर
कोविड 19 के खिलाफ अपनी लड़ाई में मध्य रेल, मुंबई मंडल ने नमस्ते हेल्थ मेडिकल प्लेटफ़ॉर्म के साथ मध्य रेल पर मुंबई के चुनिंदा उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया। स्वास्थ्य जांच में लक्षण मूल्यांकन, नाड़ी की निगरानी, रक्त की ऑक्सीजन संतृप्ति और बीपी की निगरानी शामिल होगी। रिपोर्ट का विश्लेषण डॉक्टरों द्वारा किया जाएगा और रिपोर्ट रोगियों को भेजी जाएंगी। सभी रोगियों का स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता के साथ नि: शुल्क टेली परामर्श होगा और असामान्य रिपोर्ट वाले लोगों का एक एलोपैथिक डॉक्टर के साथ नि: शुल्क टेली परामर्श होगा।
मुफ्त शिविर की तारीख और स्टेशन सुबह 9.30 बजे से शाम 7.00 बजे तक होंगे।
दादर पूर्व – 28.8.2020 तक
कुर्ला पश्चिम – 31.8.2020 से 4.9.2020
ठाणे पश्चिम – 7.9.2020 से 11.9.2020
डोम्बिवली पूर्व – 14.9.2020 से 18.9.2020
घाटकोपर पश्चिम – 28.9.2020 से 1.10.2020
नमस्ते रेलवे मेडिकल प्लेटफ़ॉर्म द्वारा मध्य रेल की गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के लिए मुफ्त होम क्वरांटीन सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। संपर्क नंबर 9019100555 सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच।
वैश्विक स्वास्थ्य: क्या सौ साल बाद भी वहीं खड़ी है दुनिया ?
डॉ. अजय खेमरिया | नवप्रवाह न्यूज़ नेट्वर्क
आधुनिक “राष्ट्र” राज्य की अवधारणा अपने भौगोलिक परिक्षेत्र और नागरिकों की सुरक्षा की प्रत्याभूति देती है। सामरिक सामर्थ्य हासिल करना प्रत्येक “राष्ट्र” की स्वाभाविक आवश्यकता है। शीतयुद्ध के खात्मे औऱ नई अर्थ केंद्रित विश्वव्यवस्था के आकार लेने के साथ ही दुनिया से सामरिक संघर्ष और शस्त्रों की होड़ कम नहीं होनी चाहिए थी? ग्लोबल इकॉनमी, विश्व ग्राम और वैश्विक आरोग्य एवं कल्याण के अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से भरी मौजूदा विश्व व्यवस्था की वास्तविक प्राथमिकताएं आखिर है क्या? पूंजीवाद और साम्यवाद के ध्रुवों के विलोपित हो जाने के बावजूद आज दुनियां पूंजीवादी राष्ट्रों के नए सुगठित और सुनियोजित बाजारवाद के चंगुल में फंसी हुई है? क्या बदलती ग्लोबल वैश्विक व्यवस्था में समानंतर रूप से सैन्य व्यय कम होकर नागरिक कल्याण सर्वोपरि प्राथमिकताओं में नही आने चाहिए थे।
यह वर्ष हिरोशिमा औऱ नागासाकी पर दुनिया की पहली आण्विक विभीषिका के 75 साल पूर्ण होने का भी है। इस त्रासदी के अक्स में भी देखें, तो कोरोना से जूझते मानवजगत के लिए यह विचारणीय पक्ष है कि हम दुनिया को किस राह पर ले जा रहे है? जिस तेजी के साथ दुनिया में हथियारों की होड़ लगी है, उससे यही साबित होता है कि विज्ञान की कौशलपूर्ण निधि आज भी उसी अंधी गली में दौड़ लगा रही है, जिसने हिरोशिमा औऱ नागासाकी जैसे पीढ़ीगत ज़ख़्म मानव समाज को दिए थे।
कोरोना ने पूरी दुनियां की प्राथमिकताओं को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। कोरोना से कराहती मानवता के भावी कल्याण का बेहतर विकल्प आज समवेत रूप से हथियारों की होड़ को प्रबंधित करने का भी हो सकता है।क्योंकि ताजा अनुभव यह भी प्रमाणित करते है कि कोई भी देश अपनी पूंजी या प्रौधोगिकी के बल पर अकेले कोरोना जैसी महामारियों से नहीं जीत पायेगा। इस मौजूदा महामारी से निबटने में नाकाम दुनिया की स्थिति जनआरोग्य के मामले में 100 साल पुरानी ही इबारत के पुनर्वाचन जैसी लगती है। सकल मानवीय आवश्यकता और मानक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का संतुलन आज भी बेहद खराब दौर में है।
खत्म हुआ इंतजार, अक्टूबर में रिलीज हो रही है मिर्जापुर-2
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
अभी तक कई सारी वेब सीरीज बन चुकी है, लेकिन जिस तरह मिर्जापुर का इंतजार हो रहा था, वैसा इंतजार अन्य किसी वेब सीरीज का होते हुए नहीं देखा गया. गूगल सर्च के इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है. लेकिन अब इस वेब सीरीज का इंतजार करनेवालों के लिए एक अच्छी खबर आ रही है. अमेजन प्राइम वीडियो की मोस्ट अवटेड वेब सीरीज ‘मिर्जापुर 2’ की रिलीज डेट का खुलासा कर दिया गया है। अमेजन प्राइम वीडियो ने एक दमदार टीजर जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी है कि ‘मिर्जापुर-2′ 24 अक्टूबर को रिलीज होनेवाली है। सोशल मीडिया पर यह टीजर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में गूड्डू पंडित के चरित्र का नरेशन हैं। वह कहते हैं- दुनिया में दो किस्म के लोग होते हैं। ज़िंदा और मुर्दा और फिर होते हैं घायल। हमसे सब छीन लिए और हमें जिंदा छोड़ दिए। गलती किए.’ इसके साथ मिर्जापुरी की डेट की घोषणा की गई है। मिर्जापुर की टोन भी सुनने को मिलती है।
पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल, दिव्यांन्दु, श्वेता त्रिपाठी शर्मा, रसिका दुगल, हर्षिता शेखर गौड़, अमित सियाल, अंजुम शर्मा, शीबा चड्ढा, मनु ऋषि चड्ढा और राजेश तैलंग जैसे कलाकारों के इस एक्शन से भरपूर श्रृंखला में लौटने साथ स्टाइलिश व असभ्य दुनिया जहां अपराध, ड्रग्स और हिंसा शासन और जीवित रहने के लिए लड़ने की जरूरत है की यात्रा के लिए तैयार हो जायें।
एक्सेल एंटरटेनमेंट के प्रोड्यूसर रितेश सिधवानी ने कहा, “एक्सेल एंटरटेनमेंट को लगातार नए विचारों के लिए असीम प्यार मिला है। मिर्जापुर उस प्रयास में एक कदम था। यह केवल दर्शकों के लिए सोच की सीमाओं को तोड़ने के बारे में नहीं था, बल्कि कंटेंट निर्माताओं के रूप में खुद के लिए भी था। प्रामाणिकता को खोए बिना भारत के भीतरी इलाकों से रोमांचकारी और अनकही कहानियों को लाना हमारी सबसे बड़ी जीत रही है।
न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में से मिर्जापुर सीज़न 1 को प्रशंसा मिली है, जो कि सौभाग्य है। यह एक्सेल एंटरटेनमेंट और अमेज़ॅन प्राइम वीडियो को शो के दूसरे सीज़न के साथ गति को जारी रखने के लिए प्रेरित करता है। सीज़न 2 के साथ मिर्जापुर का कुनबा बड़ा हो जाता है लेकिन नियम समान रहते हैं!
मिसाल: मजदूर पिता की लाडली ने यूनिवर्सिटी में किया टॉप, अब सिविल सेवा का लक्ष्य
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
कुछ लोग होते है, जिनके कर्मों से कहावतें-मिसाले बनती है और कुछ लोग उन कहावतों को सही साबित कर दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन जाते हैं। एक मिसाल है, “मंजिले उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।” मतलब यदि इरादे मजबूत हों, तो आपको मंजिल हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता। कुछ ऐसा ही जज्बा है पायल कुमारी का भी। पायल कुमारी वैसे तो बिहार की रहनेवाली है, लेकिन वर्तमान में वह अपने मजदूर पिता के साथ केरल में रह रही है। हाल ही में पायल कुमारी ने महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी में टॉप किया है। वह भी तब जबकि एक वक्त उनके पास कॉलेज की फीस भरने तक के पैसे नहीं थे। इतना ही नहीं, अब उनकी निगाहें सिविल सेवाओं में किस्मत आजमाने पर हैं।
– ऑर्कियोलॉजी विषय में किया टॉप
पायल कुमारी ने यूनिवर्सिटी के बीए आर्कियोलॉजी कोर्स में टॉप किया है। पायल के पिता करीब दो दशक पहले बिहार से केरल आकर बस गए थे। मजदूर परिवार के लिए कॉलेज की 3 हजार रुपये की वार्षिक फीस भरने की भी चुनौती थी, लेकिन टीचर्स समेत अन्य लोगों की मदद से ये बाधा भी दूर होती गई। कोच्चि के करीब पेरुंबावूर स्थित मारथोमा महिला कॉलेज की छात्रा पायल ने इस साल 85 प्रतिशत अंक हासिल किए।
– इतिहास के टीचर ने भरी फीस
पायल कुमारी के पिता प्रमोद कुमार बिहार के शेखूपुरा जिले से ताल्लुक रखते हैं। प्रमोद 19 साल पहले परिवार के साथ केरल आकर बस गए थे। पायल समेत प्रमोद के तीन बच्चे हैं। पायल ने अपनी हिस्ट्री टीचर की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रथम वर्ष की फीस उन्होंने ही जमा की थी। पायल ने कहा, मैं जानती थी कि मैंने अच्छा एग्जाम दिया है, लेकिन रैंक आने की उम्मीद मुझे नहीं थी। मेरे पेरेंट्स ने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया।

– अब सिविल सेवा का लक्ष्य
पायल कुमारी पोस्ट ग्रेजुएशन की अपनी पढ़ाई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से करना चाहती हैं। इसके अलावा पायल की योजना सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी करने की है। उन्होंने साथ ही कहा, जब हम बिहार से केरल आए तब मैं चार साल की थी। मगर मैंने जल्द ही मलयालम भाषा सीख ली। अब मेरे माता-पिता मेरी उपलब्धि से बेहद खुश हैं।
– मुख्यमंत्री ने दी बधाई
अब जबकि पायल कुमारी ने ये उपलब्धि हासिल कर ली है तो राज्य के मुख्यमंत्री पिनारी विजयन ने भी उन्हें फोन कर बधाई दी है। सीएम ने कहा, पायल की उपलब्धि गर्व और खुशी की बात है। मैं उनके सुखद भविष्य की कामना करता हूं।
कानपुर में पुलिस बैरेक की छत के नीचे दब कर एक की मौत, तीन घायल
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
उत्तर प्रदेश के कानपुर में सोमवार को देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां पुलिस लाइन में बैरक की छत गिरने से चार पुलिसकर्मी दब गए। पास की बैरकों से घटनास्थल पर पहुंचे सिपाहियों ने चारों को निकाला। उन्हें कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। वहीं, एक सिपाही अरविंद की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई।बैरक गिरने के बाद मलबा हटाते पुलिसकर्मी।घटना के बाद मौके पर आईजी मोहित अग्रवाल और एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह समेत कई बड़े अधिकारी भी पहुंचे।
बताया जा रहा है कि बैरक में रहने वाले सिपाही खाना खाने के बाद रात में अपने-अपने बैरक में सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान एक बैरक की छत भरभरा कर गिर पड़ी। बैरक पूरा खाली करा लिया गया है। सिपाहियों के सामान अंदर हैं, जिसे सुबह निकालने प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. एसएसपीएसएसपी ने कहा- हमारे तीन लोग घायल हो गए, जबकि एक की मौत हो गई है। हम उनके परिवार के प्रति संवेदना जताते हैं। सिपाही के परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा।
बचाव अभियान लगभग पूरा हो चुका है। घटना की जांच की जाएगी।घायल हुए सिपाहीहादसे में जो सिपाही घायल हुए हैं, उनमें कौशांबी के अमृतलाल, अजीतमल (औरैया) के मनीष और औरैया अच्छलदा के राकेश हैं। एसएसपी के मुताबिक, बैरक पूरा खाली करा लिया गया है। सिपाहियों के सामान अंदर हैं, जिन्हें मंगलवार सुबह निकाला जाएगा।
सीडब्ल्यूसी की बैठक बेनतीजा, सोनिया गांधी ही अभी अंतरिम अध्यक्ष रहेंगी
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
सोनिया गांधी ही अभी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी। 7 घंटे बैठक के बावजूद सीडब्ल्यूसी की बैठक में नए अध्यक्ष पर फैसला नहीं हो पाया। माना जा रहा था कि वर्किंग कमेटी की बैठक में नए अध्यक्ष पर फैसला हो जाएगा। सोनिया ने खुद बैठक में पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की, पर फैसला यही हुआ कि सोनिया ही यह जिम्मा संभालती रहेंगी। हालांकि, बैठक में यह फैसला जरूर किया गया कि पार्टी का नया अध्यक्ष 6 महीने के भीतर चुन लिया जाएगा।
पार्टी की सबसे बड़ी संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी सीडब्ल्यूसी की सोमवार को जब बैठक शुरू हुई, तो सोनिया गांधी ने अंतरिम अध्यक्ष का पद छोड़ने की पेशकश की। वहीं, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोनिया को भेजी गई नेताओं की चिट्ठी की टाइमिंग पर सवाल उठाए। राहुल का आरोप था कि पार्टी नेताओं ने यह सब भाजपा की मिलीभगत से किया। राहुल के इस बयान को बमुश्किल 20-25 मिनट नहीं बीते होंगे कि उनका विरोध शुरू हो गया। विरोध करने वालों में सबसे आगे थे गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल। बाद में कांग्रेस ने कहा कि राहुल ने ‘भाजपा के साथ मिलीभगत’ जैसा या इससे मिलता-जुलता एक शब्द भी नहीं बोला था।
दरअसल, करीब 15 दिन पहले पार्टी के 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा था कि भाजपा लगातार आगे बढ़ रही है। पिछले चुनावों में युवाओं ने डटकर नरेंद्र मोदी को वोट दिए। कांग्रेस में लीडरशिप फुल टाइम होनी चाहिए और उसका असर भी दिखना चाहिए।
पुणे में बलात्कार का आरोपी ट्रक चालक जलगांव से धराया
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
लोगों के घरों में काम करनेवाली एक महिला काो कोयते से धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पिंपरी चिंचवड़ की तलेगांव दाभाड़े पुलिस ने एक ट्रक ड्राइवर को गिरफ्ता किया है. वारदात के बाद नागपुर भाग रहे आरोपी ट्रक ड्राइवर काे तलेगांव दाभाड़े पुलिस ने जलगांव से गिरफ्तार किया। 4 अगस्त काे दिनदहाड़े दाेपहर 3 बजे एक्सप्रेस वे पर गहूंजे गांव के ब्रिज के नीचे यह घटना घटी थी।
गिरफ्तार ट्रक चालक का नाम करमवीर गुलाबराम जैसवार (30, मानकाेली फाटा, दिवागांव, तहसील भिवंडी, जिला ठाणे, मूल निवासी बिसनपुर, तहसील किराकत, जिला जाैनपुर, उत्तर प्रदेश) है। जलगांव से हिरासत में लेकर पिंपरी चिंचवड़ लाने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया जहां उसे 25 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया गया। आराेपी ने साेचा था कि लाेकलाज के कारण यह मामला पुलिस तक नहीं पहुंचेगाऔर वह बचकर निकल जायेगा, लेकिन तलेगांव पुलिस ने जलगांव तक पीछा कर उसे सलाखाें के पीछे पहुंचाकर साबित कर दिया कि कानून के हाथ लंबे हाेते हैं।
तलेगांव दाभाड़े पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अमरनाथ वाघमोड़े ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, 4 अगस्त की दोपहर तीन बजे के करीब एक युवती पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर किवले के पास गहुंजे ब्रिज पर से जा रही थी। उसे अकेला देखकर ट्रक चालक करमवीर ने काेयते से धमकाते हुए वह उस पर झपट पड़ा। उसने कोयते से पीड़िता के कपड़े भी फाड़ दिये और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बारे में तलेगांव दाभाड़े पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। चूंकि आराेपी के बारे में काेई जानकारी नहीं थी, इसलिए पुलिस ने शुरुआत में पास की एक कंस्ट्र्नशन साइट पर काम करने वालाें, अन्य राज्याें से आये मजदूराें तथा शातिर अपराधियाें की जानकारी जुटाई, लेकिन काेई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद तलेगांव पुलिस ने स्मार्ट तरीके से मामले की जांच शुरू की। वारदात के समय किवले फ्लाईओवर से गुजर चुके 30-32 ट्रकाें की जानकारी लेने के बाद उनमें से एक ट्रक ड्राइवर का हुलिया पीड़ित लड़की द्वारा बताई गई जानकारी के अनुसार निकला। पुलिस ने उस ट्रक की जानकारी हासिल कर संबंधित ट्रक के मालिक से पूछताछ की तो पता चला उसने हाल ही में काम छाेड़ दिया है और वह दूसरी कंपनी के ट्रक पर काम कर रहा है। पुलिस ने दूसरी कंपनी के ट्रक मालिक से संपर्क कर आराेपी की पूरी जानकारी हासिल की, तब करमवीर के नागपुर की ओर जाने की जानकारी मिली। इसके बाद जलगांव जिले की मुक्ताईनगर पुलिस स्टेशन की सीमा से उसे दबाेच लिया गया। पूछताछ में करमवीर ने अपना अपराध कबूल लिया। इस कार्रवाई को पुलिस निरीक्षक शहाजी पवार, सहायक पुलिस निरीक्षक कुंदा गावड़े, पुलिसकर्मी अतीश जाधव, सतीश मिसाल, राम बहिरट आदि की टीम ने अंजाम दिया।
महाराष्ट्र की जेलों में 1478 कैदी कोरोना संक्रमित
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
जेल प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र की 27 जेलों में कुल 1478 कैदी और जेलकर्मी संक्रमित पाए गए हैं। जेल विभाग के अनुसार अब तक कुल 1166 कैदियों और 312 जेलकर्मियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है जिनमें से 6 कैदियों की मौत हो चुकी है। जहां तक कैदियों की बात है तो नागपुर जेल संक्रमण के 219 मामलों के साथ सर्वाधिक प्रभावित है। उसके बाद पुणे के येरवडा जेल में कुल 190 कैदी संक्रमित पाए गए हैं।
मुंबई की आर्थर रोड जेल में 182 और सांगली जेल में 145 मामले सामने आए हैं। नागपुर में अब तक 62 जेलकर्मी, मुंबई में 46, ठाणे में 35, औरंगाबाद में 34, कल्याण में 31 और येरवडा जेल में 26 जेलकर्मी महामारी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। जेल प्रशासन के अनुसार 1166 कैदियों में से 848 कैदी और 312 जेलकर्मियों में से 272 कर्मी ठीक हो चुके हैं। राज्य में महामारी के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए अब तक कुल 10 हजार 536 कैदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। फिलहाल राज्य की विभिन्न जेलों में कुल 26 हजार 408 कैदी बंद हैं।

















