एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
अब लोगों को एफबी अकाउंट खोलने के लिए अपना आधार लिंक करना पड़ सकता है। दरअसल सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनानेवालों पर इससे रोक लगाई जा सकती है। फेसबुक ने भारत में अपने नए यूजर्स को इस संबंध में मैसेज देना शुरू कर दिया है। फेसबुक नए यूजर्स को अकाउंट बनाते समय अपना नाम आधार कार्ड के मुताबिक ही डालने के लिए कह रहा है।
बता दें कि यूजर्स मुताबिक, कुछ नए यूजर्स को अकाउंट बनाते समय फेसबुक की ओर से मैसेज मिला है कि आधार कार्ड में आपका जो नाम है, उसी नाम से अकाउंट बनाएं। इससे आपके दोस्त आपको आसानी से पहचान सकेंगे। हालांकि फेसबुक का यह मैसेज हरेक यूजर को नहीं आ रहा। सबसे पहले यह मैसेज रेडिट यूजर्स को आया। यह मैसेज फेसबुक मोबाइल साइट पर आ रहा है।
हालांकि फेसबुक ने यह साफ किया है कि अभी फेसबुक अकाउंट के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं बनाया गया है। लेकिन फेसबुक चाहता है कि यूजर्स अकाउंट में अपने वास्तविक नाम का इस्तेमाल करें। मैसेज प्रमोट करना यूजर्स को इस दिशा में प्रोत्साहित करना है।
नकली एफबी अकाउंट पर कसेगा शिकंजा, आधार से लिंक हो सकता है अकाउंट
मोदी ने मनमोहन सिंह के देशभक्ति पर नहीं उठाया सवाल- अरुण जेटली
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गुजरात चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की पाकिस्तानी अधिकारीयों के साथ की गई बैठक पर सवाल उठाए थे। आज उसी मामले पर देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सफाई देते हुए कहा कि मोदी ने मनमोहन सिंह के देशभक्ति पर कभी सवाल नहीं उठाया था।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से संसद में इस मामले को लेकर विपक्ष द्वारा जोरदार हंगामा किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है की पीएम मोदी ने गुजरात चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने पाकिस्तान से मिलकर गुजरात में भाजपा को चुनाव हराने के लिए साजिश रची थी। जिसके कारण पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की छवि धूमिल हुई है। इसी वजह से आज अरुण जेटली ने इस मामले पर पीएम मोदी का पक्ष रखते हुए कहा कि मोदी ने मनमोहन सिंह के देशभक्ति पर कभी सवाल नहीं उठाया था, न ही कभी मोदी ने देश के लिए मनमोहन की प्रतिबद्धता को लेकर कोई सवाल ही नहीं उठाया था। जेटली ने आगे कहा कि पीएम मोदी पर भी कांग्रेस के मंत्री द्वारा गुजरात चुनाव के दौरान कई तरह के बयान दिए गए थे।
जबसे संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हुई है, तबसे विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर माफ़ी की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसके कारण संसद में अब तक कोई गंभीर मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है और संसद को बार-बार स्थगित करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई भी बयान कांग्रेस को स्वीकार नहीं है। जेटली और आजाद के बयानों के बाद सदन में सामान्य ढंग से कामकाज चलने लगा।
नरेश अग्रवाल के बयान पर मचा बवाल, संसद सदस्यता ख़त्म करने की उठी मांग
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नई दिल्ली: पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के परिवार के साथ पकिस्तान में हुई बदसलूकी की निंदा पूरा देश कर रहा है, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल के विवादित बयान ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। नरेश अग्रवाल ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार जाधव को एक आतंकवादी मानती है, इसलिए उसके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार कर रही है।
नरेश अग्रवाल के इस बयान की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि नरेश अग्रवाल की जाधव पर की गई टिप्पणी बेहद शर्मनाक और अवांछनीय है। इतना ही नहीं मीडिया से बात करते हुए गिरिराज ने जाधव मामले को एक राष्ट्रीय सम्मान का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि नीतिगत मसलों पर विवाद और टीका टिप्पणी तो चलती है, लेकिन राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विषयों पर यह राजनीतिक करना शर्मनाक और अवांछनीय है।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि जब सारा देश और सभी राजनीतिक दल एक स्वर से जाधव की पत्नी और माता के साथ पाकिस्तान में हुए दुर्व्यवहार की अवहेलना कर रहे हैं, तब समाजवादी पार्टी के नेता का इस तरह का बयान अवांछनीय है। उन्होंने कहा कि जाधव के परिजनों के साथ जो किया गया वह कूटनीति के नजरिए से भी सही नहीं था। इसलिए इसे किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता।
बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने नरेश अग्रवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि संसदीय कार्यमंत्री को सदन में अग्रवाल के खिलाफ प्रस्ताव लाना चाहिए और एक कमेटी बनाकर उनकी सदस्यता की समीक्षा करना चाहिए।
वहीं नरेश अग्रवाल ने इसपर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। अग्रवाल ने सफाई दी कि मैंने कहा था सिर्फ कुलभूषण नहीं, पाकिस्तान की जेल में बंद बाकी हिंदुओं का मुद्दा भी उठाना चाहिए। अग्रवाल ने किसी एजेंसी को अपने ऐसे बयान देने को झुठलाया है, जबकि न्यूज एजेंसी ने उनके बयान का जो वीडियो जारी किया है, उसमें वो ऐसा बोलते हुए नजर आ रहे हैं। अग्रवाल ने कहा है कि वो कल राज्यसभा में इस पर बयान देंगे।
…न होते ग़ालिब, तो क्या होता
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
उर्दू के लोकप्रिय शायर मिर्जा गालिब का जन्म 1797 में हुआ था। ग़ालिब उर्दू और पारसी भाषा के सबसे प्रसिद्ध कवि थे। उन्होंने ऐसे समय में लिखना शुरू किया, जब देश में मुगल साम्राज्य अपने अंतिम चरण में था और भारत, ब्रिटिश हुकूमत में जकड़ना शुरू हो गया था। गालिब की जयंती पर पेश है उनके कुछ चुनिंदा शेर:
ग़ालिब-ए-ख़स्ता के बग़ैर कौन-से काम बंद हैं,
रोइए ज़ार-ज़ार क्या, कीजिए हाय-हाय क्यों।
हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले,
बहुत निकले मेरे अरमां, लेकिन फिर भी कम निकले।
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का,
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले।।
तुम सलामत रहो हजार बरस,
हर बरस के हों दिन पचास हजार।
निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए हैं लेकिन,
बहुत बे-आबरू हो कर तिरे कूचे से हम निकले।
दिल-ए-नादां, तुझे हुआ क्या है,
आखिर इस दर्द की दवा क्या है।
मेहरबां होके बुलाओ मुझे, चाहो जिस वक्त
मैं गया वक्त नहीं हूं, कि फिर आ भी न सकूं।
या रब, न वह समझे हैं, न समझेंगे मेरी बात,
दे और दिल उनको, जो न दे मुझको जबां और।
कैदे-हयात बंदे-.गम, अस्ल में दोनों एक हैं,
मौत से पहले आदमी, .गम से निजात पाए क्यों।
रंज से खूंग़र हुआ इंसां तो मिट जाता है गम,
मुश्किलें मुझपे पड़ीं इतनी कि आसां हो गईं।
रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं काइल,
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है।
इस कदर तोड़ा है मुझे उसकी बेवफाई ने गालिब,
अब कोई प्यार से भी देखे तो बिखर जाता हूं मैं।
कुलभूषण की घर वापसी मामले में कल संसद में सुषमा स्वराज देंगी जवाब
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव के परिवार के साथ हुई बदसलूकी का मुद्दा आज संसद में भी उठाया गया। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जाधव को वापस लाने की मांग संसद में रखी है। विपक्ष के इस मांग के बाद भारत की विदेशमंत्री सुषमा स्वराज कल संसद के सामने कुलभूषण जाधव मामले पर सरकार का पक्ष रखेंगी।
सुषमा स्वराज ने कहा कि वे इस बारे में कल जवाब देंगीं। वे कल राज्यसभा में दोपहर 11 बजे और लोकसभा में 12 बजे जवाब पेश करेंगी। अनंत कुमार हेगड़े के विवादित बयान के विरोध में आज कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया।
खबरों के अनुसार, भाजपा नेता और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री हेगड़े ने हाल ही में कर्नाटक के कोप्पल जिले में एक समारोह में कथित तौर पर कहा था कि जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष और बुद्धिजीवी मानते हैं, उनकी अपनी कोई पहचान नहीं होती और वे अपनी जड़ों से अनजान होते हैं। इसी बयान पर कांग्रेस ने आज जमकर हंगामा किया।
सुबह 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जैसे ही प्रश्नकाल आरंभ कराया, वैसे ही शिवसेना के कुछ सदस्यों ने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए, जिनका साथ भाजपा के कुछ सदस्यों ने भी दिया। संसद में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुलभूषण जाधव के परिवार के साथ की गई बदसलूकी का मसला उठाते हुए पाकिस्तान की निंदा करते हुए मांग की कि कुलभूषण जाधव को देश वापस लाया जाये।
दिल्ली और मुंबई को तबाह कर कश्मीर जीतना चाहता है अलकायदा
राजेश सोनी | Navpravah.com
खूंखार आतंकवादी संगठन अलकायदा भारत के खिलाफ एक नापाक साजिश को अंजाम देने की कोशिश कर रहा है। इस साजिश के तहत अलकायदा भारत के प्रमुख शहरों जैसे की मुंबई और दिल्ली में तबाही मचाकर कश्मीर जीतने की नापाक योजना बना रहा है।
इसके लिए आतंकवादी संगठन अलकायदा ने एक वीडियो जारी किया है और इस वीडियो में अलकायदा का एक आतंकवादी जिहादियों को भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए उकसा रहा है। यह वीडियो अलकायदा ने जिहादी ऑनलाइन प्लेटफार्म पर जारी किया है। खबरों के अनुसार इस वीडियो में अलकायदा का सेकंड-इन-कमांड उसामा महमूद बोलते हुए नजर आ रहा है।
महसूद इस वीडियो में जिहादियों को भड़काते हुए कह रहा है कि भारत अपनी कश्मीर में पकड़ बनाए रखने के लिए 6 लाख से ज्यादा सैनिकों का इस्तेमाल कर रहा है। अगर अलकायदा के आतंकी और जिहादी मिलकर भारत के प्रमुख शहर जैसे मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई पर हमला करते हैं तो, भारत का ध्यान अपने प्रमुख शहरों की रक्षा करने के तरफ केंद्रित हो जाएगा। जिसके कारण भारत के सेना की कश्मीर में पकड़ कमजोर हो जाएगी। जिहादियों को अपने आंदोलन को अंजाम तक पहुँचाने का सही समय आ गया है। इसलिए अब जिहादी आंदोलन को मजबूत होने की जरुरत है।
वीडियो में आतंकी आगे बोलते नजर आ रहा है कि कश्मीर के लोगों के साथ उनकी मदद और उनको आजादी की लड़ाई में हर एक मुसलमान साथ खड़ा है। भारतीय सेना और हिन्दू सरकार कश्मीर के शांतिपूर्ण क्षेत्रों को युद्ध क्षेत्र में बदल देना चाहती है। इससे पहले भी कई बार अलकायदा भारत के विरोध में कई वीडियो जारी कर चुका है। जिसमें साफ़-साफ़ अलकायदा भारत के मुसलमानों को अपने देश से ही विद्रोह करने के लिए उकसा रहा है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा मामले में भारी चूक, काफिले से भटके पीएम
पारुल पाण्डेय | Navpravah.com
नोएडा: हाल ही में क्रिसमस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजेन्टा लाइन मेट्रो का उद्घाटन किया। मौके पर पहुँचते वक्त पीएम के काफिले का रास्ता भटकने का मामला सामने आया है, जिससे सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस चूक के मामले में पुलिस ने अपने दो सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को मेट्रो की मजेन्टा लाइन का उद्घाटन करने नोएडा आये थे। उद्घाटन समारोह के बाद पीएम ने एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। जनसभा स्थल से बोटेनिकल गार्डेन स्थित हेलीपैड पर वापसी के दौरान उनका काफिला एक्सप्रेस-वे पर रास्ता भटक गया।
कुमार ने बताया कि सोमवार दोपहर 2.35 मिनट पर प्रधानमंत्री का काफिला एक्सप्रेस-वे के र्सिवस रोड से होते हुए बोटेनिकल गार्डेन की तरफ जा रहा था। काफिले में आगे चल रहे एन्टी डेमो वाहन का चालक निर्धारित रास्ते को छोड़, अलग रास्ते पर चल पड़ा, जिससे पीएम का पूरा काफिला रास्ता भटक गया। गलत रास्ता होने के चलते इस रास्ते पर सुरक्षा बलों की तैनाती नहीं थी, जिससे बड़ी घटना घर कर सकती थी।
लव कुमार ने आगे बताया कि जैसे ही पीएम काफिला रास्ता भटक कर निर्धारित रूट से पहले एक्सप्रेस-वे पर चढ़ा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उधर से आ रहे वाहनों को आनन-फानन में रोका और प्रधानमंत्री के काफिले को आगे रवाना किया। अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच नगर पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार को सौंपी गयी थी। जांच में एन्टी डेमो वाहन के चालक और उसके प्रभारी उपनिरीक्षक इस गलती के दोषी मिले हैं। कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक की ओर से मिली रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिस वालों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने कहा कि रास्ता भटकने की वजह से प्रधानमंत्री का काफिला करीब दो मिनट तक रुका रहा। प्रधानमंत्री के साथ चल रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काफिले का रास्ता भटकने की घटना पर सख्त नाराजगी जतायी है। कुमार ने बताया कि इस काफिले के प्रभारी आईपीएस अधिकारी नितिन तिवारी थे। इस मामले की शासन स्तर से भी जांच की जा रही है।
दाऊद इब्राहीम ने छोटा राजन को मारने की दी सुपारी
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
तीन दशकों से मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर राज करने वाले और मुंबई बम ब्लास्ट के मुख्य दोषी दाउद इब्राहीम ने तिहाड़ जेल में बंद छोटा राजन को मारने की सुपारी दी है। ख़बरों के मुताबिक यह सुपारी दिल्ली के गैंगस्टर नीरज बवाना को दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने दो हफ्ते पहले इस तरह की सूचना तिहाड़ जेल के साथ साझा की थी।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक खुफिया एजेंसियों को इस बात के इनपुट मिले थे कि दाऊद इब्राहीम छोटा राजन को नीरज बवाना के जरिये रास्ते से हटाने की योजना बना रहा है। गैंगस्टर नीरज बवाना के एक सहयोगी ने शराब के नशे में यह बात अपने साथी से कही, यह सूचना खुफिया एजेंसियों तक पहुंची और उसके बाद छोटा राजन की चाक-चौबंद सुरक्षा के इंतजामों के बारे में विचार किया जा रहा है।
छोटा राजन और नीरज बवाना तिहाड़ की जेल नंबर 2 के अलग-अलग सेल में बंद हैं। अलर्ट के बाद नीरज बवाना को इस जेल से हटाकर दूसरे सेल में डाला गया है। 1993 में मुंबई बम धमाकों के बाद छोटा राजन ने दाऊद गैंग को छोड़ दिया था, उसके बाद से ही दाऊद का ‘डी’ गैंग उसको ठिकाने लगाने की कोशिशों में लगा है।
विदित हो कि 2001 में बैंकाक में छोटा राजन पर इसी कड़ी में जानलेवा हमला हुआ था, उस वक्त जिस फ्लैट में छोटा राजन छुपा था, वहां पर चार लोगों ने पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी। राजन तो किसी तरह भाग निकला था, लेकिन उसका सहयोगी रोहित वर्मा उस फायरिंग में मारा गया था। इससे साफ़ नजर आ रहा है कि दाउद कराची में बैठकर भी भारत में अपने गुनाहों की दुनिया को कितने सक्रीय तरीके से चला रहा है। वहीं केंद्र सरकार और भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ, दाउद को भारत में लेन की पूरी कोशिश कर रही है।
कुलभूषण जाधव के साथ पाकिस्तान का रवैया सही- सपा नेता नरेश अग्रवाल
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
सपा के नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल अपने विवादित बयानों के लिए हमेशा सुर्ख़ियों में रहते हैं। इस बार उन्होंने पाकिस्तान के प्रवक्ता की तरह बात करते हुए कुलभूषण जाधव के साथ पाकिस्तान में किये जा रहे अन्याय को सही ठहराते हुए कहा कि कुलभूषण जाधव के साथ पाकिस्तान का रवैया सही है। अग्रवाल के इस बयान के बाद विवाद पैदा हो गया है और उन्हें अब चौतरफा विरोधियों का हमला सहना पड़ रहा है। पहले से ही जाधव के परिवार के साथ पाकिस्तान द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार के लिए पूरे देश में गुस्से का माहौल है।
अग्रवाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को आतंकवादी माना है, तो वो उस हिसाब से ही उनके साथ व्यवहार करेंगे। भारत में अगर कोई आतंकवादी हो, तो उसके साथ भी ऐसा ही कड़वा व्यवहार करना चाहिए। नरेश अग्रवाल ने जाधव को आतंकवादी मानते हुए आगे कहा कि भारत को भी आतंकवादियों के साथ ऐसा कड़वा व्यवहार करना चाहिए। अग्रवाल ने कहा कि भारत के कई कैदी पाकिस्तान के जेल में बंद हैं, हम सिर्फ कुलभूषण की बात क्यों करते हैं। हमें उन कैदियों की रिहाई के लिए बात करनी चाहिए।
भाजपा नेताओं का अग्रवाल पर निशाना-
इस बयान के बाद अग्रवाल भाजपा नेताओं के निशाने पर हैं। भाजपा नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने नरेश अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में ऐसे लोग ही पाकिस्तान के प्रतिक हैं, जो उनके साथ खाना-खाना चाहते हैं और शराब पीना चाहते हैं। यह ऐसे लोग हैं, जो भारतीय सेना को गालियां देते हैं, सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल करते हैं और जाधव को आतंकवादी कहते हैं।
भाजपा नेता और सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि अग्रवाल के इस बयान को कोई भी देश भक्त पसंद नहीं कर सकता है। ऐसे लोगों के मन में हमदर्दी रोहिंग्या और कश्मीर में सेना पर पत्थर फेंकने वालों के प्रति है, लेकिन कुलभूषण जाधव के साथ यह लोग कभी खड़े नजर नहीं आएंगे।
अग्रवाल ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, मैंने सिर्फ कहा कि कुलभूषण जाधव के साथ बाकि उन हिन्दू कैदियों की भी बात होनी चाहिए, जो पाकिस्तान की जेलों में काफी समय से बंद हैं। जिस न्यूज़ एजेंसी को अग्रवाल ने यह बयान दिया था, उस न्यूज़ एजेंसी ने इसका वीडियो सार्वजनिक किया है और उसमें साफ़ नरेश अग्रवाल ऐसा बयान देते हुए नजर आ रहे हैं। कल अग्रवाल अपने इस बयान को लेकर राज्यसभा में सफाई देंगे।
यूपी में नेताओं के अच्छे दिन, मुकदमों की वापसी प्रक्रिया शुरू
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
यूपी की योगी सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा फैसला लिया है। यूपी में अपराध पर रोक लगाने के लिए योगी सरकार ने 21 दिसंबर को यूपीकोका कानून का बिल विधानसभा में सबके सामने पेश किया था। इसी के चलते सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सहित कई राजनेताओं के खिलाफ दर्ज करीब 20 हजार राजनीतिक मुकदमों की वापसी लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विधानसभा में यूपीकोका बिल को लेकर योगी ने कहा था कि 20 हजार राजनीतिक मुकदमे वापस होंगे। जिसके बाद 21 दिसंबर को ही उत्तर प्रदेश दंड विधि विधेयक, 2017 भी पेश कर दिया है। सरकार के आदेश में कहा गया है कि 27 अक्टूबर को जिला मजिस्ट्रेट से प्राप्त पत्र के आधार पर और मामले के तथ्यों की छानबीन के बाद, यूपी सरकार ने इस मामले को वापस लेने का निर्णय लिया है।
















