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Friday, August 21, 2026
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मोटापा कम करने में बेहद फायदेमंद है जीरा

हेल्थ डेस्क | Navpravah.com

मोटापा एक ऐसी समस्या है जो सभी की चिंता का कारण है। लड़का हो या लड़की, बूढ़ा हो या जवान हर कोई चाहता है कि वह एक दम फिट एंड फाइन दिखें, लेकिन हर किसी की यह इच्छा पूरी नहीं हो पाती।  

जीरा एक ऐसा मसाला है, जिसकी खूशबू और स्वाद दोनों ही लाजवाब होते हैं। इसका इस्तेमाल ज्यादातर सब्जी बनाते समय तड़के में किया जाता है, लेकिन स्वाद के साथ साथ यह सेहत के लिए काफी लाभकारी है। इसका इस्तेमाल वजन घटाने में मददगार है। जीरे का नियमित इस्तेमाल शरीर के शोधन की प्रक्रिया को तेज करता है। मोटापा कम करने के अलावा भी जीरा कई तरह की बीमारियों में लाभदायक है।

ऐसे इस्तेमाल करें तो होंगे फायदे-

एक गिलास पानी में एक बड़ा चम्मच जीरा रात भर भिगोकर रख दें। सुबह इसे उबालें और चाय की तरह इस पानी को पीएं। बचा हुआ जीरा खा लें। इसके रोजाना सेवन से शरीर में फालतू चर्बी निकल जाती है, लेकिन इस बात को ध्यान में रखें कि इस पानी को पीने के बाद 1 घंटें तक कुछ न खाएं। भुनी हुई हींग, काला नमक और जीरा समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। इसे 1-3 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 बार दही के साथ लेने से भी मोटापा कम होता है। इससे शरीर में फालतू चर्बी तो निकलती ही है, साथ ही कोलेस्ट्रॉल भी घटता है और शरीर में रक्तसंचार भी तेजी से होता है। 

जीरा से बनी इस दवाई को लेने के बाद रात को कोई दूसरी खाद्य सामग्री न खाएं। अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तम्बाकू-गुटखा या मांसाहारी भोजन खाता है तो  उसे यह चीजें छोड़ने पर ही दवा फायदा पहुचाएंगी। शाम का भोजन करने के कम-से-कम दो घंटे बाद जीरे से बने चूर्ण का सेवन करना फायदेमंद है। 

आज के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
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CBI जज लोया की मौत की जांच करे सुप्रीम कोर्ट -राहुल गांधी

गोरखपुर महोत्सव: मालिनी अवस्थी के कार्यक्रम में लाठीचार्ज।

मदरसों पर बयान देकर फंसे वसीम रिज़वी, जमीयत उलेमा ने भेजा कानूनी नोटिस।

सुप्रीम कोर्ट के नाराज जजों से आज बात करेंगे CJI -सूत्र

देश मे खुदरा महंगाई दर 4.88% से बढ़कर 5.21% हुई।

कर्नाटक चुनाव को देखते हुए आज नेताओं से मिलेंगे राहुल गांधी।

आज सेंचुरीयन में खेला जाएगा भारत-दक्षिण अफ्रीका दूसरा टेस्ट मैच, भारत के लिए करो या मरो का मुकाबला।

ISL 4: एटीके ने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड को हराकर दर्ज की तीसरी जीत, प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार।

फेसबुक कर रहा है न्यूजफीड में बदलाव, खबरों में होगी कमी।

चीन ने नेपाल में इंटरनेट के मामले में भारत का एकाधिकार किया खत्म।

गणतंत्र द‍िवस पर इस बार म‍हि‍ला बाइकर्स खतरनाक स्‍टंट द‍िखायेगीं

महिला बाइकर्स करेंगी परेड

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

26 जनवरी को हर साल दिल्‍ली के राजपथ पर होने वाली परेड में पुरुष जवान हैरतअंगेज स्‍टंट दिखाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। जी हां, पुरुषों की जगह इस बार महिलाएं स्‍टंट करेंगी। गणतंत्र दिवस की परेड में महिलाएं 350 सीसी की 26 रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलों पर सवार होकर एरोबेटिक्स और दूसरी तरह की कलाबाजी में अपने कौशल और साहस का परिचय देने वाली हैं।

जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में बीएसएफ की सब इंस्पेक्टर स्टैन्जीन नॉरयांग (28) की अगुआई में 20 से 31 वर्ष आयु वर्ग की महिला बाइकर्स का झुंड पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करेगा।नॉरयांग के मुताबिक, ‘मैंने बाइक चलाने के बारे में कभी नहीं सोचा था, क्योंकि मुझे डर लगता था, लेकिन अब मैं रॉयल एनफील्ड बुलेट पर करतब दिखा सकती हूं।’

महिलाओं की टीम 26 जनवरी के कार्यक्रम से पहले राजपथ पर अभ्यास कर रही है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ इस बार बतौर विशिष्ट अतिथि 10 एशियन देशों के प्रमुख गणतंत्र दिवस परेड का निरीक्षण करेंगे।

डिप्टी कमांडेंट रमेश चंद्र मुख्य कोच हैं और उन्होंने बताया कि इस टीम में एक अनोखी बात यह है कि इसमें देश के लगभग सभी प्रदेशों के सदस्य शामिल हैं। सबसे ज्यादा 20 सदस्य पंजाब से हैं, उसके बाद पश्चिम बंगाल से 15 सदस्य हैं, इसी तरह सभी राज्यों से कोई न कोई टीम में शामिल है।

अब तक के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
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मीडिया के सामने पहली बार आज आए SC के 4 जज, कहा, “अगर SC को बचाया नहीं गया, तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।” 

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीशों की प्रेस वार्ता काफी दर्दनाक और दुखद- पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद 

समीक्षा यात्रा के दौरान बक्सर में बिहार के मुख्यमंत्री सीएम नितीश के काफिले पर पथराव, कई सुरक्षा कर्मी घायल। 
 
पाकिस्तान आतंकवादी लगातार भेजता ही रहेगा, आप जितने मारोगे वह फिर भेज देगा-थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत 

आंध्र प्रदेश के श्री हरिकोटा से इसरो ने अपना 100वां सैटेलाइट किया लॉन्च, रक्षा और कृषि क्षेत्र को फायदा होगा।

मेरी जान को खतरा है पर मैं डरूंगा नहीं -शिया वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष वसीम रिजवी 

दूरसंचार में धूम मचाने के बाद अब क्रिप्टो करेंसी में हाथ आजमाने को तैयार रिलायंस, बाजार में जल्द लाएगी जियोकॉइन। 


अंतरष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे गिरा, डॉलर की कीमत 63.66 हुई। 

 
राजस्थान के बाद अब पद्मावत फिल्म गुजरात में भी नहीं चलेगी, सीएम रुपाणी ने लिए फैसला। 
 
प्रदर्शन में निरंतरता नहीं होना ईशांत शर्मा की प्रमुख समस्‍या -पूर्व तेज गेंदबाज राजू कुलकर्णी  

अस्पताल की मनमानी पर कोर्ट ने कहा, “भुगतान न करने पर मरीजों को रोकना गैरकानूनी” 

बॉम्बे हाईकोर्ट अस्पतालों पर सख्त

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com

शुक्रवार को बंबई उच्च न्यायालय ने मरीजों के लिए एक राहत भरा फैसला सुनाया है। इस फैसले के अनुसार अब कोई भी निजी अस्पताल मरीजों को पूरा बिल भुगतान होने तक अस्पताल में जबरदस्ती नहीं रोक सकता है। यदि कोई भी अस्पताल ऐसा करेगा, तो उसे गैरकानूनी माना जाएगा। 

बंबई उच्च न्यायालय के न्यायाधिश एस सी धर्माधिकारी और न्यायाधिश भारती डोगरा की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग को मरीजों के कानूनी अधिकार और दोषी अस्पतालों के खिलाफ लागू होने वाले दंडनीय प्रावधानों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने का आदेश दिया है। पीठ ने इसपर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि कोई भी अस्पताल किसी भी व्यक्ति को केवल इस आधार पर कैसे रोककर रख सकता है कि बिल का भुगतान नहीं हुआ है, जबकि मरीज पूरी तरह ठीक हो गया है। इस तरह के अस्पताल किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत आजादी का हरण करते हैं। पीठ के अनुसार जनता के प्रत्येक सदस्य को पता होना चाहिए कि अस्पताल की ओर से इस तरह की कार्रवाई गैरकानूनी है।

वहीं अदालत ने अस्पतालों के खिलाफ विशेष नियम आदेश जारी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह सरकार का काम है। अदालत ने कहा कि हम इन मुद्दों पर नियम जारी करके न्यायिक अधिकारों से परे नहीं जा सकते।अदालत ने आगे कहा कि सरकार को इस तरह के मरीजों और उनके परिवार को संरक्षण प्रदान करने की प्रणाली बनानी चाहिए। वहीं अस्पताल भी अपने बकाया बिल वसूलने के लिए हमेशा कानूनी तरीके अपना सकते हैं।

उच्च न्यायालय एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें दो मामलों का जिक्र किया गया। जिनमें निजी अस्पतालों में रोगियों को कथित तौर पर बिलों पर विवाद के चलते रोककर रखा गया।

ऐड्रेस प्रूफ के तौर पर अब नहीं काम आएगा पासपोर्ट

अब एड्रेस प्रूफ के तौर पर नहीं चलेंगे पासपोर्ट

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

जल्‍द ही आपका पासपोर्ट आपके ऐड्रेस प्रूफ के तौर पर काम नहीं आएगा। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार अब पासपोर्ट का आखिरी पन्‍ना प्रिंट नहीं किया जाएगा। भारतीय पासपोर्ट के आखिरी पन्‍ने पर नाम, पिता या कानूनी अभिभावक का नाम, माता का नाम, पत्‍नी का नाम और पता छपा होता है, लेकिन अब से यह नहीं होगा। 
 
य‍ह निर्णय विदेश मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा गठित तीन सदस्‍यीय समिति की रिपोर्ट के बाद लिया गया है। समिति ने उन बातों की समीक्षा की, जिनमें कहा गया था कि क्‍या पासपोर्ट में से पिता का नाम हटाया जा सकता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने बताया कि समिति द्वारा जारी इस रिपोर्ट को स्‍वीकार कर लिया गया है और अब पासपोर्ट के नए वर्जन में इसका आखिरी पन्‍ना खाली रखा जाएगा। हालांकि यह जरूरी जानकारीयां विदेश मंत्रालय के सिस्‍टम में सेव रहेंगी, इसलिए इस नए वर्जन से सरकारी स्‍तर पर कोई दिक्कत नहीं होगी।

प्रवक्‍ता ने आगे बताया कि आखिरी पन्ने की जानकारी प्रिंट नहीं होने के बाद से नए इसीआर (इमिग्रेशन चेक रिक्‍वायर्ड) स्‍टेटस वाले पासपोर्ट धारकों के लिए नारंगी रंग के पासपोर्ट जैकेट वाले पासपोर्ट जारी किए जाएंगे। नॉन इसीआर स्‍टेटस वालों के लिए नियमित नीले पासपोर्ट ही जारी होंगे।
 
ज्ञात हो कि वर्त्तमान में पासपोर्ट तीन रंगों में जारी होते हैं। सरकारी अधिकारियों को सफेद रंग के पासपोर्ट जारी होते हैं और राजनयिकों को लाल रंग के बाकि अन्‍य लोगों को नीले रंग के कवर वाले पासपोर्ट दी जाते हैं। नए पासपोर्ट को नासिक स्थित इंडियन सिक्‍योरिटी प्रेस द्वार डिजाइन किया जाएगा।

SC के न्यायाधीशों की प्रेस वार्ता पर कांग्रेस ने बुलाई बैठक, कई वरिष्ठ नेता पहुंचे

कांग्रेस नेताओं की बैठक

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आज शाम पांच बजे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की प्रेस वार्ता पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपने घर पार्टी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस पार्टी से जुड़े वकील सलमान खुर्शीद, मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा शामिल होंगे। 
 
मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक के बाद कांग्रेस पार्टी अपनी प्रतिक्रिया देश के सामने रखेगी। वहीं इस बैठक से पहले पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने न्यायाधीशों की प्रेस वार्ता को काफी दर्दनाक और दुखद बताया था। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च न्यायालय की यह हालत हो गई है कि वहां के न्यायाधीशों को मीडिया में आकर अपनी बात कहनी पड़ रही है। भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमणियम स्वामी ने कहा कि न्यायाधीशों ने बेहद गंभीर मुद्दा उठाया है। स्वामी ने कहा कि मुद्दे को उठाने वाले चारों न्यायाधीश ईमानदार हैं और हमें उनके इरादों पर शक नहीं करना चाहिए। उन्होंने पीएम मोदी को इस मामले में दखल देने की मांग की।
 
SC के चार न्यायाधीशों ने CJ दीपक मिश्रा के कामकाज पर उठाया सवाल-

सर्वोच्च न्यायालय के 4 न्यायाधीशों (चेलामेश्वर, रंजन गोगोई, मदन भीमराव और कुरियन जोसेफ) ने शुक्रवार को ऐतिहासिक प्रेस वार्ता की। ये प्रेस वार्ता न्यायाधीश चेलामेश्वर के घर पर हुई। चेलामेश्वर ने कहा कि पिछले 2 महीनों से सर्वोच्च न्यायालय का प्रशासन ठीक से नहीं चल रहा है। चेलामेश्वर ने इस तरह मुख्य न्यायाधीश के कामकाज पर ही सवाल उठा दिए। इस प्रेस वार्ता के बाद सर्वोच्च न्यायालय के चार जजों का मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा से मतभेद का मामला सार्वजनिक हो गया है।

चेलामेश्वर के कहा कि हम लोगों ने मुख्यन्यायाधीश से कहा था कि चीजें सही से नहीं चल रही हैं और मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुधार के लिए कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। इसलिए हमारे पास देश को जानकारी देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। हमने ऐसा इसलिए किया, ताकि इस संस्थान की अहमियत बरकार रखी जा सके। 
   

चप्पल में कैमरा छुपाकर बनाता था अश्लील वीडियो

अश्लील वीडियो बनाने वाला शख्स गिरफ्तार

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

देश में लगातार महिलाओं से जुड़ी घिनौनी घटनाएँ खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी कड़ी में एक व्यक्ति ने अश्लील वीडियो बनाने के लिए अपनी हद पार कर दी। केरल राज्य के त्रिशूर का रहनेवाला यह शख्स लड़कियों की स्कर्ट के नीचे से तस्वीरें लेता था, जो अब पोलिस के हत्थे चढ़ गया है।

यह शख्स अपनी चप्पल में मोबाइल को ऐसे फिट कर लेता था कि मिलने वाली लड़कियों को कुछ भी भनक नहीं लग पाती थी और बातचीत की आड़ में वह उनकी अश्लील फोटो निकाल लेता था। केरल के त्रिशूर जिले में रहनेवाला बैजू ने कलोलसवम (स्कूल ऑर्ट फेस्टीवल) के दौरान अपनी चप्पल में छुपे कैमरे से लड़कियों की स्कर्ट के नीचे से तस्वीरें खींचने लगा।

मिली जानकारी के अनुसार बैजू ने अपनी चप्‍पल के किनारे एक छेद करके यहां मोबाइल का कैमरा जमा रखा था। उसने अंगूठे के पास चप्‍पल के सोल और उसके ऊपरी सतह के बीच मोबाइल फोन रखा था। यह कैमरा उस छेद के जरिये ऊपर की ओर रखा गया था, जिससे उसने यह कारनामा किया। 

आपको बता दे कि लड़कियों को तो इस बात का पता नहीं चला, लेकिन इस शख्स पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने इसे धर दबोचा। पुलिस के मुताबिक उसने शख्स को कई अजीबो-गरीब हरकतें करते देखा तो उन्हें पहले ही शक हो गया कि वो अपने पैरों से जरूर कुछ अलग करने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले 2015 में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। दिल्ली के एक वकील ने अपने जूते में कैमरा फिट कर लिया। ताकि वो लड़कियों के स्कर्ट के अंदर की तस्वीरें खींच सके। जापान में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी है।

CBSE ने जारी किया 10 वीं-12 वीं बोर्ड परीक्षा का टाइम-टेबल, परिक्षार्थीं हो जाएं तैयार

CBSC ने जारी किया टाइम-टेबल

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने साल 2018 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए तारीख घोषित कर दी है। 10 वीं और 12 वीं बोर्ड की परीक्षा 5 मार्च से शुरु होगी। 10 वीं की परीक्षाएं 04 अप्रैल तक चलेंगी और 12 वीं की परीक्षाएं 12 अप्रैल तक चलेंगी। पिछले साल सीबीएसई ने 9 जनवरी को बोर्ड एग्जाम्स की डेटशीट जारी कर दी थी। इस बार एक दिन की देरी से डेटशीट जारी की गई है।

परीक्षा की डेट देखने से साफ जाहिर है कि बोर्ड मैनेजमेंट ने परीक्षार्थियों पर त्योहार का बोझ नहीं पड़ने दिया है। 1 और 2 मार्च को होली है, इसलिए सीबीएसई ने इसका ख्याल रखते हुए पांच मार्च से बोर्ड एग्जाम की तारीखें तय की हैं। इस बार 16,38,552 छात्र-छात्राएं कक्षा 10 की परीक्षा में बैठेंगे, वहीं 11,86,144 छात्र कक्षा 12 की परीक्षा देंगे। इस साल कक्षा 12 वीं और 10 वीं के कुल 28.24 लाख छात्र बोर्ड परीक्षा देंगे।

10 वीं का टाइम टेबल-
5 मार्च – बैंकिंग और इंश्योरेंस,
6 मार्च – हिंदी,
12 मार्च – अंग्रेजी,
16 मार्च – विज्ञान,
22 मार्च – सामाजिक विज्ञान,
24 मार्च – होम साइंस,
28 मार्च – गणित
4 अप्रैल – पेंटिंग

12 वीं का टाइम टेबल –
5 मार्च – अंग्रेजी,
7 मार्च – भौतिक विज्ञान,
9 मार्च – बिजनेस स्टडीज,
13 मार्च – रसायन विज्ञान,
15 मार्च – अकाउंटेंसी,
17 मार्च – भूगोल,
20 मार्च – इतिहास,
21 मार्च – गणित,
23 मार्च – इंफोर्मेटिक्स एवं कंप्यूटर साइंस,
26 मार्च – अर्थशास्त्र,
27 मार्च – जीवविज्ञान,
2 अप्रैल – हिंदी
5 अप्रैल – मनोविज्ञान,
9 अप्रैल – शारीरिक शिक्षा,
10 अप्रैल – समाजशास्त्र,
12 अप्रैल – होम साइंस

पीएम मोदी के कपड़ों के खर्च को लेकर दायर आरटीआई का पीएम कार्यालय ने दिया जवाब 

पीएम कार्यालय ने आरटीआई का दिया जवाब

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

एक आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभरवाल ने पीएमओ से जानकारी मांगी थी कि 1998 से लेकर अब तक देश के प्रधानमंत्री के कपड़ों पर कितना पैसा खर्च किया गया है। इस काल अवधि में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह भी आते हैं। पीएमओ ने अपने जवाब में आरटीआई एक्टिविस्ट सभरवाल को स्पष्ट रूप से कहा था कि मांगी गई सुचना व्यक्तिगत किस्म की है और इसे सरकारी रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया जाता है। पीएमओ ने अपना जवाब में आगे कहा कि पीएम के निजी लिबास पर खर्च की गई राशि सरकार वहन नहीं करती है। 
 
आरटीआई कार्यकर्त्ता पीएमओ द्वारा जवाब देने के बाद अब भाजपा ने भी विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी दलों को समझ जाना चाहिए कि वह सब बेकार में विवाद निर्माण कर रहे थे। भाजपा नेता जीवन गुप्ता ने एक निजी अख़बार से कहा कि अगर देश का प्रधानमंत्री अच्छे कपडे पहनता है, तो इससे देश की अच्छी छवि बनती है। उन्होंने मात्र एक बार देसजिनेर सूट पहना था, जिसे बाद में नीलाम कर दिया गया था। सूट की नीलामी से मिली धनराशि को स्वच्छ भारत अभियान में उपयोग किया गया था। पीएम मोदी ने यह सूट अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे के दौरान पहना था।  
 
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के कुछ समय बाद ही उनका सूट विवादों में आ गया था। उनके पूरे सूट पर उनका नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी छपा हुआ था। माना जाता है कि इस सूट की कीमत करीब 10 लाख रुपए तक थी। इस सूट को लेकर पीएम मोदी की कांग्रेस ने खूब आलोचना की थी। राहुल गाँधी ने उस समय केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए उन्हें सूट बूट की सरकार तक कह दिया था।