इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हो चुकी है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच 9 महत्त्वपूर्ण समझौते होने हैं। कल पीएम मोदी ने अपना प्रोटोकॉल तोड़कर उनका स्वागत किया था, जिसके बाद इजरायली पीएम ने मोदी को विश्व के महानतम नेताओं में से एक बताया था।
आज इस बैठक में 9 महत्त्वपूर्ण समझौतों में पर बातचीत की जायेगी। जिनमें से एक भारत और इजराइल के बीच पहली बार तेल और गैस क्षेत्र में निवेश हो सकता है। दोनों देशों के बीच उड्डयन क्षेत्र को लेकर भी समझौता हो सकता है, जिससे भारत-इजरायल के बीच और करीबी रिश्ते बनेंगे। जुलाई 2017 में नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे के दौरान हुए साइबर सिक्योरिटी समझौते को और व्यापक बनाया जाएगा। इन समझौते से दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे।
इसके साथ-साथ अंतरिक्ष शोध और औद्योगिक रिसर्च को लेकर भी भारत और इजरायल के बीच नए समझौते होंगे। इजरायल में फिल्मों की शूटिंग को प्रोत्साहन देने को लेकर भी समझौता करेगा। दोनों देशों के बीच निवेशकों को लेकर भी अहम् फैसले लिए जाएंगे। आतंकवाद आज विश्व में सभी देशों के लिए गंभीर मुद्दा है इसलिए इससे निबटने के लिए भी दोनों देशों के बीच वार्तालाप हो सकता है। दोनों देश ही हमेशा आतंकवाद के खिलाफ हमेशा एक स्वर में बोलते रहे हैं। इतना ही नहीं नेतन्याहू मुंबई दौरे के दैरान वर्ष 2008 के आतंकी हमले में मारे गए लोगों की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।भारत इजरायली हथियारों का दुनिया में सबसे बड़ा खरीदार देश है। तकनिकी में निवेश को लेकर भी बात हो सकती है।
इजराइली पीएम नेतन्याहू का भारत दौरा 6 दिन का है। अपने दौरे के दौरान वह आगरा, मुंबई और अहमदाबाद भी जाएंगे। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। 15 साल के बाद कोई इजराइली पीएम भारत दौरे पर आए हैं। नेतन्याहू भारत का दौरा करने वाले इजराइल के दूसरे प्रधानमंत्री हैं।
फरीदाबाद से सामूहिक बलात्कार का दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली-आगरा हाईवे पर 23 साल की युवती को कार से अगवा कर 4 लड़कों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और उसके बाद सड़क किनारे फेंक दिया।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवती फरीदाबाद के एनआईटी इलाके की रहने वाली है। 13 जनवरी की शाम 6 बजे ओल्ड फरीदाबाद के नजदीक राजीव चौक से युवती अपने ऑफिस से लौट रही थी। पीड़ित युवती दिल्ली-आगरा हाईवे पर पैदल चल रही थी और किसी से फोन पर बात कर रही थी। तभी एक स्कोर्पियो कार आई और उस गाड़ी में सवार चारों लड़कियों ने इस युवती को अगवा कर लिया। अगवा करने के बाद इन लड़कों ने लड़की की बुआ को फोन कर बताया कि तुम्हारी लड़की अगवा हो गई है। बुआ ने जल्द से जल्द यह जानकारी पीड़ित युवती के घरवालों को दे दी और उन्होंने समय न गंवाए होते हुए इस पूरी वारदात की जानकारी पुलिस को दे दी। एक चश्मदीद ने लड़की की अगवा होने की बात की पुष्टि पुलिस से की है।
पुलिस को जैसे ही युवती के अगवा होने की खबर मिली। उन्होंने जल्द से जल्द हाईवे पर नाकाबंदी लगा दी। पुलिस को उस कार और लड़कों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। युवती के साथ सामुहिक बलात्कार को अंजाम देने के बाद उन चारों आरोपी लड़कों ने लड़की को दिल्ली-पलवल हाइवे पर सिकरी गांव के नजदीक फेंक दिया और इसके बाद ही पुलिस को पीड़ित युवती के बारे में जानकारी मिल पाई।
पीड़ित युवती ने पुलिस को बताया कि स्कार्पियो गाड़ी में 4 लड़के सवार थे। जिनमें से 3 लड़कों ने उसके साथ रेप किया और एक लड़का गाड़ी चला रहा था। पीड़ित युवती ने आगे कहा कि उन लड़कों ने उसे बुरी तरह मारा और कहा कि अगर इस वारदात का जिक्र तूने किसीसे से भी किया तो तुझे जान से मार डालेंगे। पीड़ित युवती ने कहा कि गाड़ी बिल्कुल नई थी और लड़की ने उनका हुलिया भी पुलिस के सामने बताया है।
बलात्कार के बाद पुलिस ने युवती को मेडिकल के लिए भेज दिया गया था और मेडिकल रिपोर्ट से यह पुष्टि हो गई कि युवती के साथ सामूहिक बलात्कार को अंजाम दिया गया है।
रिएलिटी शो ‘बिग बॉस’ 11 की विजेता शिल्पा शिंदे बन गई हैं, शिल्पा शिंदे और हिना खान टॉप 2 में पहुंचीं थी और हिना खान को मात देते हुए शिल्पा विनर बन गई हैं।
शिल्पा शिंदे टीवी सीरियल ‘भाभी जी घर पर हैं’ में अंगूरी भाभी बनी नजर आईं शिल्पा इसी शो की वजह से पिछले साल काफी सुर्खियों में आईं थी, ‘बिग बॉस’ 11 में शिल्पा की सादगी से लेकर उनके अनोखे अंदाज को दर्शकों ने खूब पसंद किया गया।
शिल्पा को बिग बॉस के घर में शुरू से ही काफी पसंद किया जा रहा था, शिल्पा विकास गुप्ता के साथ इस घर में दाखिल हुई थीं, जो कि एंडटीवी के प्रोग्रामिंग हेड हैं।
विकास गुप्ता के साथ निभाई दुश्मनी
शुरुआती एपिसोड से ही उनके अंदाज को देखकर यह साफ लगने लगा था कि शिल्पा और विकास ‘बिग बॉस’ में अपना रंग जमाएंगे और उन्होंने ऐसा किया भी।
बिग बास की शुरुआत में शिल्पा बिल्कुल तीखे तेवर में दिखीं और फिर उनका चेहरा धीरे-धीरे ऐसा बदला कि कंटेस्टेंट्स ने उन्हें मां बुलाना शुरू कर दिया, और सबके दिलों में शिल्पा राज करने लगी।
बिग बॉस सीजन 11 में शिल्पा शिंदे ने इतिहास दोहराया है, क्योंकि इसके पहले श्वेता तिवारी, जूही परमार और उर्वशी ढोलकिया और गौहर खान बिग बॉस की विनर बन चुकी हैं, इस सीजन में हिना खान दूसरे और विकास गुप्ता तीसरे नम्बर पर थे।
बिटकॉइन एक ऐसा शब्द है, जिसकी चर्चा आज दुनियाभर में है। तेज़ी से अपना पैर पसार रही बिटकॉइन एक ऐसी वर्चुअल करेंसी है, जिसे न तो कोई देख सकता है न ही कोई छू सकता है। जहाँ शुरुआत में 1 बिटकॉइन का मूल्य शून्य था, वहीं 9 साल बाद यह ख़बर लिखे जाने तक 1 बिटकॉइन की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में लगभग 13,675 अमेरिकन डॉलर के बराबर है। यही वजह है कि इस करेंसी ने महज 8 सालों में दुनियाभर के निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।
भारतीय रूपए के हिसाब से देखा जाए, तो आज 1 बिटकॉइन की कीमत लगभग 8,69,710 रूपए है। आख़िर किस तरह यह करेंसी शून्य से शिखर तक पहुंची, क्या कारण है कि आज विश्वभर के निवेशकों की इसमें दिलचस्पी बढ़ती ही जा रही है, इसके दिन-ब-दिन प्रचलित होने के पीछे का रहस्य क्या है? आईये जानते हैं क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन के बारे में-
PC: Google.com
क्या है बिटकॉइन?
बिटकॉइन डिजिटल मुद्रा है, जिसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से लॉन्च किया गया है। यह करेंसी आम मुद्रा की तरह न दिखाई देती है और न ही कोई इसे छू सकता है, ऐसा माना जाता है कि यह नियंत्रण से बाहर है। कॉइन्स मुद्रित नहीं हैं, जैसे कि डॉलर या यूरो, वे लोगों द्वारा उत्पादित किए जाते हैं और तेजी से व्यवसाय करते हैं। जो दुनिया भर में कंप्यूटर चला रहे हैं, सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए गणितीय समस्याओं का समाधान करते हैं, उन्हें इसके बदले कुछ बिटकॉइन्स प्राप्त होते हैं।
बिटकॉइन को किसने बनाया?
सातोशी नाकामोतो नामक एक सॉफ़्टवेयर डेवलपर ने 2009 में बिटकॉइन का प्रस्ताव रखा, जो गणितीय प्रमाण पर आधारित एक इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली थी। हालाँकि बिटकॉइन के शोधकर्ता के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है।
pc: moneyweb
बिटकॉइन किस प्रकार अन्य मुद्राओं से अलग है?
बिटकॉइन का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऑनलाइन ख़रीददारी के लिए किया जा सकता है। इस अर्थ में यह परंपरागत डॉलर, यूरो या येन की तरह है, जिससे डिजिटल रूप से भी कारोबार किया जाता है। हालांकि, बिटकॉइन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका विकेंद्रीकृत होना है, जो इसे परंपरागत पैसों से अलग बनाता है। इस क्रिप्टोकरेंसी का कोई एकल संस्थान नहीं है, जो बिटकॉइन नेटवर्क को नियंत्रित नहीं करता हो। दुनिया भर के बड़े कम्यूटर और सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने वाले लोग, इसके चलन पर नजर रखते हैं। लोगों को इसमें निवेश करने में आसानी होती है, क्योंकि बड़े बैंकों का इन पैसों पर कोई कंट्रोल नहीं होता।
कैसे बनते हैं बिटकॉइन?
बिटकॉइन को अन्य मुद्राओं की तरह प्रिंट नहीं किया जा सकता। इसे बाकी मुद्राओं की तरह बैंक में सेव करके नहीं रख सकते। बिटकॉइन पर किसी बैंक का स्वामित्व नहीं होता। यह एक वर्चुअल करेंसी है, जो कि मैथेमेटिक्स पर आधारित होती है, जिसे माइनर्स बड़े कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर मैथेमेटिकल फॉर्मूले के द्वारा इसे बनाते हैं। इसे माइंड करना भी कहा जाता है। बिटकॉइन को डिजिटली माइनर्स का एक ग्रुप (जिसमें कोई भी हो सकता है) इसे माइंड करता है। इसके बाद उसे कुछ बिटकॉइन मिलते हैं। यही ग्रुप दुनिया भर में बिटकॉइन से हो रही तमाम ट्रांजेक्शन पर नज़र भी रखता है। हालांकि ये माइनर्स भी केवल 21 मिलियन बिटकॉइन ही क्रिएट कर सकते हैं, क्योंकि इसके बाद यह खत्म हो जाएगी।
लोग बिटकॉइन में क्यों इन्वेस्ट करना चाहते हैं?
ट्रांजेक्शन में बिटकॉइन बेहद फ़ास्ट है। किसी एक बैंक से दूसरे बैंक में चेक के द्वारा मनी ट्रांजेक्शन में हमें कुछ दिन लग जाते हैं। इंटरनॅशनल बैंकों के ट्रांजेक्शन में भी काफी समय लगता है, पर बिटकॉइन के साथ ऐसा नहीं है। यह बेहद आसानी से और केवल 10 मिनटों में एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर हो जाती है।
pc: google.com
सेंट्रल बैंक भी नहीं छीन सकता-
बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी है। बिटकॉइन पर किसी सेंट्रल अथॉरिटी का स्वामित्व नहीं होता। इसलिए इसे कोई भी बैंक किसी धारक से छीन नहीं सकता। भारत सरकार के अनुसार, अगर किसी बैंक के एकाउंट में एक सीमा से ज्यादा पैसा हो, तो उसे कालाधन मानकर बेनामी संपत्ति घोषित कर दी जाती है, लेकिन बिटकॉइन के साथ ऐसा नहीं है। बिटकॉइन कितनी भी हो, कोई सरकार या बैंक इसे आपसे छीन नहीं सकता। यह एक बड़ी वजह है, जो लोगों को बिटकॉइन में इन्वेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
बिटकॉइन के क्या नुकसान हैं?
-इसमें कोई नियंत्रण प्राधिकार, बैंक या कोई सरकार नहीं है, जिसकी वजह से इसकी कीमत कम ज्यादा होती रहती है। -अगर आपका बिटकॉइन अकाउंट है, तो आप बिटकॉइन वापस नहीं ले सकते हैं और इसमें सरकार आपकी किसी भी तरह से मदद नहीं करेगी।
बिटकॉइन को कहां खरीद और बेच सकते हैं?
बिटकॉइन की दुनिया भर में बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, बहुत सी कंपनियों में आज इसका चलन है। कॉइनबेस, लोकल बिटकॉइन्स, बिटक्विक, कॉइनकॉर्नर, बिटबार्गेन, झेपो, बिटकॉइन को लेकर ये कुछ अधिक बार यूज़ की गई वेबसाइट्स हैं। यहां आसानी से बिटकॉइन को सेल अथवा परचेज़ किया जा सकता है। इनमें से कुछ साइट्स विक्रेताओं को बोनस इत्यादि भी देती हैं। भारत में भी इन दिनों बिटकॉइन से लेन-देन में बढ़ोत्तरी आई है। बिटकॉइन से आसानी से ग्राहक बिना किसी हेर-फेर के खरीददारी कर रहे हैं। इसके बढ़ते चलन को देखते हुए भारतीय ऑनलाइन बाजारों ने भी बिटकॉइन को स्वीकारना शुरू कर दिया है। बिटकॉइन से किए हुए इन्वेस्टमेंट की जानकारी गुप्त होने से लोग इसका अधिक पैमाने पर इस्तेमाल कर रहें हैं।
क्या बिटकॉइन लीगल है?
आज विश्व के सभी देशों में बिटकॉइन का चलन है, लेकिन जापान और ऑस्ट्रेलिया को छोड़ किसी अन्य देश ने अब तक बिटकॉइन को लीगल नहीं किया है। सभी देशों ने इसमें इन्वेस्ट करने को लेकर सतर्कता बरतने को कहा है। आपकी बिटकॉइन गतिविधियों की वैधता यह निर्भर करती है कि आप कौन हैं, आप कहाँ हैं और आप इसके साथ क्या कर रहे हैं? भारतीय रिजर्व बैंक भी बिटकॉइन के बढ़ते मामलों को देखते हुए दो बार ज्ञापन दे चुकी है। भारत सरकार ने इस करेंसी में अपने रिस्क पर निवेश करने को कहा है।
pc: google.com
हमने इस मामले के जानकार अधिवक्ता आनंद रूप से बात की और उनसे बिटकॉइन द्वारा किये जाने वाले अपराधों पर संवैधानिक सजा के प्रावधान के बारे में विस्तार से जाना, आइये जानते हैं-
बिटकॉइन एक प्रामणिक मुद्रा है, जिसका उपयोग विश्वभर में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। भारत में भी इसका चलन है, पर इसके लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने कोई गाइडलाइन्स नहीं तैयार की है। हालाँकि इसके बढ़ते चलन को देखते हुए रिज़र्व बैंक ने दो बार नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि निवेशक अपने जोखिम पर इस मुद्रा में निवेश कर सकते हैं। इस निवेश से जुड़ी भविष्य में अगर कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो इसके लिए आरबीआई और भारत सरकार जिम्मेदार नहीं होगी।
अमेरिका में बिटकॉइन से टेररिस्ट फंडिंग के मामले भी सामने आये हैं, अगर भारत में ऐसा होता है तो इसपर भारत सरकार क्या कदम उठाएगी? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “भारत में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन अगर ऐसा कोई केस आता है, तो फिर बिटकॉइन को भारत में अवैध घोषित कर दिया जायेगा।
इसी से सम्बंधित सवालों पर मुंबई के एडवोकेट श्रीनिवास चक्रवर्ती से हमारी बात-चीत हुई,
बिटकॉइन में बढ़ते निवेश को लेकर अगर भारत में कहीं कोई धोखाधड़ी का मामला सामने आता है, तो क्रिमिनल को किस धारा के तहत सजा मिलेगी?
-भारत में इसके लिए सजा का कोई विशेष प्रावधान नहीं बनाया गया है। अभी बिटकॉइन यहाँ पूरी तरह हावी नहीं है, पर अगर भविष्य में ऐसा कोई मामला आता है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ साइबर एक्ट, सेबी एक्ट, मनीलॉन्डरिंग एक्ट के तहत मुकदमें चल सकते हैं। बिटकॉइन बाहरी करेंसी है, इसलिए अगर कोई ऐसे स्टॉक एक्सचेंज से बिटकॉइन एक्सचेंज करता है, जिसे सरकारी मान्यता प्राप्त नहीं है, फिर उस पर कार्रवाई की जा सकती है।
आतंकी संगठन ISI बिटकॉइन और क्रिप्टो मुद्रा की फंडिंग स्वीकार रहा है-
मेर अमीत इंटेलीजेंस एंड टेररिज्म सेंटर ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में पूरी दुनिया को सावधान करते हुए बताया गया कि अब आतंकी संगठन ISI से संबंधित वेबसाइट्स ने बिटकॉइन और क्रिप्टो मुद्रा में फंडिंग स्वीकारना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि नवंबर 2017 में बिटकॉइन की फंडिंग स्वीकारने के लिए आतंकवादी संगठन ISI ने अपने आतंकी संगठन से संबंधित अबू अल-मुसलमीन नाम की वेबसाइट बनाई है। इस वेबसाइट में एक लिंक भी दी गई, जिस पर लोग बिटकॉइन और क्रिप्टो करेंसी के ज़रिए पैसे दे सकते हैं। इस फंडिंग का आतंकवादी संगठन ISI हथियार खरीदने के लिए और पूरी दुनिया में आतंकवाद फैलाने के लिए इस्तेमाल करेगा।
pc: gettyimage
बता दें कि हाल ही में अमेरिका से ख़बर आई थी कि बिटकॉइन और क्रिप्टो मुद्रा का आतंकी गतिविधियों में दुरुपयोग हुआ है। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर से न्याय विभाग ने पाकिस्तान में जन्मी ज़ूबिआ शहनाज़ (27) नाम की महिला को 20 सितंबर को गिरफ्तार किया। इस महिला पर गंभीर आरोप है कि इसने लगभग 85,000 डॉलर की चोरी कर उस काले धन को वैध कराया है। इस धन को वैध कराकर इस महिला ने उन 85,000 डॉलर को बिटकॉइन और क्रिप्टो मुद्रा में बदलवा लिया, जिसका उपयोग इस महिला ने खूंखार आतंकी संगठन ISI को फंडिंग करने के लिए किया।
यह महिला अमेरिका में प्रयोगशाला टेक्नीशियन के तौर पर काम करती थी। शहनाज़ पर अमेरिका के न्याय विभाग ने बैंक धोखाधड़ी, काले धन को वैध करने की साज़िश के साथ आतंकवादी फंडिंग करने जैसे मुक़दमे दर्ज किए हैं। इस महिला पर सीरिया और ईराक में आतंकवाद फैला रहे आतंकी संगठन ISI को फंडिंग करने का गंभीर आरोप है। ISI को फंडिंग करने के बाद यह महिला ईराक भागने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाई और अमरीकी न्याय विभाग द्वारा पकड़ी गई।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्रा की अगुवाई में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चीफ जस्टिस से विवादों पर जस्टिस चेलमेश्वर से आज उनके आवास पर मुलाकात की।
एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने कल कोलकाता पहुंचे न्यायमूर्ति गोगोई से पूछा गया था कि संकट सुलझाने के लिए आगे का क्या रास्ता है, इस पर उन्होंने कहा कि कोई संकट नहीं है।
वहीं कोच्चि स्थित पैतृक आवास पर मीडिया से बात करते हुए न्यायमूर्ति जोसेफ ने कहा कि उन्होंने न्याय और न्यायपालिका के हित में काम किया, उन्होंने कहा, एक मुद्दे की ओर ध्यान गया है, ध्यान में आने पर निश्चित तौर पर यह मुद्दा सुलझ जाएगा।
दूसरी ओर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने फिर उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट के जज को लेकर शुरू हुआ विवाद जल्द ही सुलझ जाएगा, और शुक्रवार को केके वेणुगोपाल ने कहा था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस से बचा जा सकता था।
वहीं सुप्रीम कोर्ट में जज बीएच लोया की मौत के मामले पर सुनवाई टल गई है, क्योंकि सुनवाई करने वाली पीठ यानी जस्टिस अरुण मिश्र और एम शंतरनागौडर की बेंच सोमवार को उपलब्ध नहीं है।
पिछला साल महिलाओं के लिए खास रहा है, क्योंकि पूरी दुनिया में महिलाओं को समानता का अधिकार, उनके हक और उनकी स्थिति में सुधार लाने की दिशा में कई अहम फैसले किए गए हैं। इस मामले में सऊदी अरब ने भी महिलाओं को कई नए अधिकार देकर अच्छी पहल की है। सऊदी अरब में शुक्रवार को पहली बार महिलाओं ने स्टेडियम में बैठकर फुटबॉल मैच देखा।
सऊदी अरब के लिए यह एक ऐतिहासिक समय था। यहां महिलाओं पर कई किस्म की पाबंदियां रही हैं, जिनमें से कुछ को हाल के दिनों में हटाया गया है। इस महीने कुल तीन स्टेडियम में जाकर सऊदी महिलाएं मैच देख सकेंगी। सऊदी अरब में एक और परिवर्तन हुआ। शुक्रवार को जेद्दाह में ही पूरी तरह महिला ग्राहकों के लिए समर्पित देश का पहला कार शोरूम खोला गया और इसी साल जून महीने से महिलाओं को पहली बार कार चलाने की इजाजत भी मिल जाएगी।
जेद्दाह की रहने वाली फुटबॉल फैन लामया ख़ालिद नासिर ने समाचार एजेंसी को बताया कि उन्हें इस पर गर्व है और वह मैच को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा साफ है कि हम बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में एक अजीब सा मामला सामने आया है, जिसने सभी लोगों के होश उड़ा दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में रहने वाली 11 साल की छोटी बच्ची के शरीर में अचानक कई तरह के बदलाव आने लगे। बच्ची का नाम चेरिश रोज लावेले है। चेरिश की मां लुइस ने बताया कि बीते 2 महीनों से चेरिश के स्वभाव में बहुत अंतर गया था। चेरिश के स्वास्थ्य में लगातार 2 महीने से बदलाव हो रहा था।
उसकी माँ ने बताया कि चेरिश का वज़न लगातार घट रहा था और उसके पेट का आकार बढ़ता जा रहा था। यह सब देखकर लुइस ने चेरिश को हर्वे बे अस्पताल में भर्ती कराया। चेरिश की हालत देखते ही डॉक्टरों ने समझा कि वो प्रेग्नेंट है। यह खबर सुनकर चेरिश की मां काफी घबरा गयी कि आखिर इतनी छोटी उम्र में चेरिश के साथ किसने संबंध बनाए होंगे। लेकिन जब चेरिश की पूरी जांच हुई तो पता चला कि चेरिश को कैंसर है। डॉक्टरों ने लुइस को बताया कि चेरिश की ओवरी में जर्म सेल कैंसर पनप रहा है।
डॉक्टरों ने बिना किसी देरी के चेरिश का इलाज शुरु कर दिया। इलाज के साथ ही चेरिश की कीमोथैरेपी भी शुरु हो गई, जिसकी वजह से चेरिश के सारे बाल उड़ गए। डॉक्टरों ने चेरिश के पेट से ट्यूमर निकाल लिया है और अब उसका पेट पहले की तरह सामान्य होता रहा है।
यह तो आप जानते ही होंगे कि चॉकलेट खाने के बेहद फायदे हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि चॉकलेट वजन घटाने में भी फायदेमंद है? आज लोग वजन घटाने के लिए चॉकलेट खाने से परहेज करते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि चॉकलेट न सिर्फ पतला होने में मदद करता है, बल्कि कई तरीकों से शरीर को फिट भी रखता है। स्वास्थ्य से जुड़ी बीबीसी फोकस मैगजीन में इस बात का दावा किया गया है।
आइये जानते है चॉकलेट खाने के विभिन्न फायदे,
मोटापा से रोकथाम- एक अध्ययन में सामने आया है कि जो नियमित रूप से चॉकलेट खाते हैं, वें लोग बाकियों के मुकाबले पतले होते हैं। यह 1000 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में पता चला है।
ब्लड प्रेशर को कम करता है चॉकलेट- चॉकलेट के ‘कोकोआ’ में ‘फ्लेवेनॉल्स’ नाम के तत्व होते हैं, जो ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करते हैं। फ्लेवेनॉल्स रक्त में नाइट्रस ऑक्साइड पैदा करते हैं, जो रक्त नलियों को खोलने का काम करता है।
सुरक्षित लिवर के लिए है चॉकलेट लाभदायक- एक अध्ययन के अनुसार डार्क चॉकलेट लिवर में रक्त संचार को बढ़ता है। कोकोआ में फ्लेवेनॉल्स तत्व ब्लड प्रेशर को कम करते हैं, जो लिवर की खराबी को भी रोकता है। हाई ब्लड प्रेशर लिवर की खराबी का बड़ा कारण होता है।
चॉकलेट मानसिक शक्ति के लिए फायदेमंद- एक अध्ययन में सामने आया है कि चॉकलेट मानसिक शक्ति यानि दिमाग को बढ़ाने में मदद करती है। यह अध्ययन 2000 लोगों पर किया गया, जिनकी उम्र 70 से 74 के बीच थी। इसमें पाया गया कि जो लोग चॉकलेट खाते हैं, उनकी मानसिक शक्ति दूसरे लोगों के मुकाबले मजबूत होती है।