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Sunday, August 23, 2026
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आम बजट 2018: देश में मौजूद 100 स्मारकों को आदर्श बनाया जाएगा -अरुण जेटली

अरुण जेटली ने स्मार्ट सिटी पर की बात

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

वित्त मंत्री अरुण जेटली आज संसद में आम बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, आय इत्यादी विषयों पर अहम् घोषणाएं की है। स्मार्ट सिटी पर उन्होंने कहा कि देश में मौजूद 100 स्मारकों को आदर्श बनाया जाएगा। आगे उन्होंने इसपर कुछ अहम् घोषणाएं की, जो इस प्रकार हैं:

-स्मार्ट सिटी से 2 लाख करोड़ से काम हो रहा है।
-10 पर्यटन स्थल विकसित किए जाएंगे।
-100 स्मारकों को आदर्श बनाया जाएंगे।
-हर 5 संसदीय क्षेत्र में 1 मेडिकल कॉलेज।
-छोटे मझलों उद्योगों को ऑनलाइन लोन मिलेगा।
-2020 तक 50 लाख युवाओं को स्कॉलरशिप।
-गोल्ड के लिए सरकार लाएगी नई नीति।
-डिफेंस सेक्टर में विदेशी निवेश आसान किया जाएगा।

आम बजट 2018: रेलवे के सुधार और विकास पर दिया जाएगा ध्यान -अरुण जेटली

रेलवे के विकास पर दिया जाएगा ध्यान -अरुण जेटली

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

आज भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली देश का आम बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने इस बार के बजट में रेलवे के सुधार और विकास के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं की हैं। आइये जानते है रेलवे को क्या मिल सकता है इस बजट
रेल बजट:

इस साल 700 नए रेल इंजन बनाए जाएंगे।
रेल व्यवस्था पर 1लाख 48करोड़ रुपए खर्च करे जाएंगे।
3600 किलोमीटर का नवीकरण किया जाएगा।
सभी ट्रेनों में वाईफ़ाई और सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
600 स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा।
मुंबई लोकल का दायरा बढ़ाया जाएगा।
मुंबई में 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा।
मुंबई रेल्वे नेटवर्क के लिए 11000 करोड़ दिए जाएंगे।
देशभर में 4000 से ज्यादा मानव क्रासिंग बंद की जायेगी।
बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क को 17000 करोड़ रुपये दिए जायेंगे।
रेलवे की बेकार बड़ी ज़मीन को इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने बुलेट ट्रेन को लेकर भी बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कुछ सालों में भारत को पहली हाई स्पीड ट्रेन  बुलेट के तौर पर मिल जायेगी। बता दें कि बुलेट ट्रेन की परियोजना का उद्घाटन पिछले वर्ष भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान के प्रधान मंत्री शिंजो आबे के साथ किया थी।

आम बजट 2018: वित्त मंत्री अरुण जेटली पेश कर रहे हैं बजट, जानिए अब तक की अहम बातें

वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करते हुए

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

संसद में वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश कर रहे हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि देश में शिक्षा का स्तर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता अब भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने  आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल बनाने का प्रस्ताव रखा। 

स्वास्थ्य क्षेत्र पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना हर भारतीय के लिए है। जो गरीबों को हेल्थ से संबंधित समस्याओं से लड़ने में कारगर साबित होगा। स्वास्थ्य के लिए 1.5 लाख अयोग्य सेंटर खोले जायेंगे। गरीबों को 5 लाख स्वास्थ्य बीमा हर साल सरकार देगी। हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए 12 सौ करोड़ रुपये दिए जायेंगे। 10 करोड़ परिवारों को 5 रुपयों की बीमा योजना का लाभ मिलेगा।  

कुछ महत्तवपूर्ण फैसले

४ करोड़ गरीब घरों को बिजली कनेक्शन।
2022 तक हर गरीब के पास अपना घर होगा। 
देश की 40% को सरकारी हेल्थ बीमा।
पशुपालन को भी किसान क्रेडिट मिलेगा।
शहरी क्षेत्रों में 37 लाख नए मकान बनाएंगे। 
तीन सदस्यीय क्षेत्रों में 1 मेडिकल कॉलेज होगा।
24 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। 
नमामी गंगे के तहत 187 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। 
150 जिलों को सरकार विकसित करेगी।
नमामी गंगे के तहत 47 योजनाएं पूरी हुई।
मुद्रा योजना में 3 लाख करोड़ का लक्ष्य। 

 

शोपियां फायरिंग मामला: सेना ने क्रॉस FIR से दिया पुलिस के FIR का जवाब

राजेश सोनी | Navpravah.com

कश्मीर के शोपियां में 27 जनवरी को सेना के फायरिंग में 2 पत्थरबाजों की मौत हो गई थी। जिसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा सेना पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अब सेना ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस के एफआईआर का जवाब क्रॉस एफआईआर से दिया है।

बता दें कि सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, सेना के इस एफआईआर में हमलावर लोगों का नाम नहीं हैं, जिन्होंने सेना पर जानलेवा हमला किया था। यह एफआईआर पुलिस द्वारा जांच करने के लिए है और संदिग्ध लोगों की पहचान करने के लिए है। जिन्होंने गुजर रहे सेना के काफिले पर हमला किया था।

गौरतलब है कि इस फायरिंग के बाद कश्मीर में माहौल खराब है। सेना के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लोगों को सेना के खिलाफ केस दर्ज करने को लेकर आश्वत किया था। वहीं सेना के प्रवक्ता ने भी साफ किया था कि भीड़ द्वारा सेना पर जान लेवा हमला किया गया था और सेना ने अपनी आत्मरक्षा के लिए भीड़ पर फायरिंग की थी।

अगर आप अलसी का ज्यादा सेवन करते हैं, तो हो जाएं सतर्क

पारुल पांडेय | Navpravah.com

ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर के गुणों से भरपूर अलसी (Flaxseeds) वजन घटाने में काफी लाभकारी मन जाता है। आए दिन बढ़ते वज़न को देखते हुए बाज़ार में इसकी मांग भी तेज़ी से बढ़ी है। अलसी के बीज महिलाओं के लिए तो और भी लाभकारी माने जाते हैं, लेकिन इसके कई साइड-इफेक्‍ट्स  भी हैं, जिसपर किसी का ध्यान नहीं जाता है।अलसी का ज्यादा सेवन भी आपकी सेहत को नुकसान पहुुँचा सकता है।

अगर आप ने अलसी ज्‍यादा मात्रा में खा ली है , तो आप लूज़-मोशन का शिकार हो सकते हैं।जबकि अलसी का सेवन सही मात्रा में हो, तो आपको कब्‍ज से छूटकारा मिलता है और अच्‍छी तरह पेट की सफाई भी होती है।हालांकि, जरूरत से ज्‍यादा खाने पर आप को बार-बार वॉशरूम भी जाना पड़ सकता है।यही नहीं डायरिया की आशंका भी रहती है। 

ज्‍यादा अलसी खाने से आप एलर्जी के श‍िकार भी हो सकते हैं। घबराहट, पेट में दर्द और उल्‍टी की श‍िकायत होने के साथ ही आपको ज्यादा अलसी के सेवन से सांस लेने में रुकावट, लो ब्‍लड प्रेशर और तीव्रग्राहिता जैसे एलर्जिक रिएक्‍शन भी हो सकते हैं।

जो महिलाएं रोजाना अलसी के बीज खाती हैं, उनके पीरियड साइकिल में बदलाव आ सकता है। अलसी के बीज एस्‍ट्रोजन की तरह काम करते हैं। वहीं जो महिलाएं हार्मोनल परेशानियों से जूझ रही हैं, यानि पॉलिसिस्‍टिक ओवरी सिंड्रोम, यूटरिन फायब्रॉयड्स, यूटरिन कैंसर और ओवरी कैंसर, उन्‍हें अलसी को अपनी डाइट में शामिल करते वक्‍त सावधानी बरतनी चाहिए। ज्‍यादा मात्रा में अलसी खाने से इन दिक्‍कतों की वजह से बांझपन का खतरा बढ़ सकता है। इतना ही नहीं, अलसी के बीजों में एस्‍ट्रोजन होने के चलते इससे पीरियड्स आ सकते हैं। प्रेग्‍नेंट महिलाओं को अलसी के बीज खाने की सलाह नहीं दी जाती है, क्‍योंकि इन्‍हें खाने से पीरियड्स आ सकते हैं। जो होने वाले बच्‍चे और मां दोनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

विशेषज्ञों की मानें, तो पर्याप्‍त मात्रा में तरल पदार्थ लिए बिना जरूरत से ज्‍यादा अलसी खाने से आंतों में ब्‍लॉकेज आ सकता है। जिन्‍हें पहले से ही इस तरह की श‍िकायत रही है, उन्‍हें अलसी के बीज नहीं खाने चाहिए। खासतौर से Scleroderma के मरीजों को इन्‍हें नहीं खाना चाहिए, क्‍योंकि इससे भयानक कब्‍ज हो सकता है। हालांकि अलसी के तेल का इस्‍तेमाल Scleroderma के इलाज के लिए किया जाता है।

आज के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
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बजट 2018: आज सुबह 11 बजे पेश होगा बजट, मिडिल क्लास, किसानों पर रहेगा जोर।

चुनाव, बेरोजगारी, खेती, सुस्त अर्थव्यवस्था जैसी कई चुनौतियां हैं सरकार के सामने।

जज लोया मामला: जज के दो कारोबारियों की भी हुई संदिग्ध मौत -कांग्रेस

जांच एजेंसियों का दुरुपयोग होने से भय का माहौल -यशवंत सिन्हा

एक साथ चुनाव होने की अभी सम्भावना नहीं -नितीश कुमार

दिल्ली में सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक में शरीक नहीं होंगी ममता बनर्जी।

मध्यप्रदेश: बैतूल में जिला अस्पताल की लापरवाही से नवजात की मौत।

गूगल ने मलयालम की लेखिका कमला दास का बनाया डूडल।

डरबन: आज होगा भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहला एकदिवसीय मैच, भारत वापसी को तैयार।

प्रीमियर लीग: मैनचेस्टर सिटी ने वेस्ट ब्रोम को 3-0 से दी शिकस्त।

फेसबुक के सीईओ हैं मिसाल, चंद्रग्रहण के दिन जन्म लेना नहीं होता अशुभ 

फेसबुक सीईओ हैं मिसाल

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

चंद्रग्रहण को लेकर इस दौरान कई बातें चल रहीं हैं। इस दौरान कई सावधानियां बरतने के आश्वासन लोगों को दिए जाते हैं। इसी कड़ी में ग्रहण में बच्चों के जन्म लेने को लेकर भी कई ग़लतफ़हमियां हैं। लकिन इस पुरानी रुढ़िवादी मान्यताओं को मिट्टी में मिलाती कई मिसालें हमारे समक्ष हैं, जिसमें से एक Facebook के CEO मार्क जुकरबर्ग भी हैं। इनका जन्म 14 मई, 1984 को हुआ था, इस दौरान चंद्र ग्रहण था।

मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक की शुरुआत 4 फरवरी, 2004 को हारवर्ड यूनिवर्सिटी के अपने डोरमिटरी रूम से की थी। इस काम में उनके कॉलेज के दोस्तों ने उनका साथ दिया था। पहले फेसबुक की शुरुआत उन्होंने कैंपस में ही की थी, लेकिन 2012 में फेसबुक के एक अरब यूजर हो गए। जनवरी, 2018 में उनकी नेट वर्थ 7.66 अरब डॉलर बताई गई है।

बता दें कि मार्क जुकरबर्ग इस दुनिया के पांचवें सबसे अमीर शख्स हैं। दिसंबर, 2016 में फोर्ब्स ने मार्क जुकरबर्ग को दुनिया के 10 सबसे ताकतवर लोगों की सूची में शामिल किया था। द सोशल नेटवर्क के नाम से हॉलीवुड में मार्क पर फिल्म भी बन चुकी है। 
 

आप मोहन भागवत की तस्‍वीरों को देखेंगे, तो वह पुरुषों से घिरे हुए नज़र आएंगे -राहुल गाँधी

राहुल गाँधी ने आरएसएस प्रमुख पर दिया विवादित बयान

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक बार फिर आरएसएस में महिलाओं के नेतृत्व को लेकर तंज कसा है। इस बार आरएसएस पर निशाना साधने के लिए राहुल ने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नाम का इस्तेमाल किया है। उन्होंने मेघालय में एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि आप महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर देखेंगे, तो आप उनके दाएं और बाएं ओर महिलाओं को पाएंगे। लेकिन, यदि आप मोहन भागवत की तस्‍वीरों को देखेंगे, तो या तो वह अकेले नजर आएंगे या फिर पुरुषों से घिरे हुए।

उन्होंने आगे कहा कि आरएसएस के विचार का उद्देश्‍य महिलाओं को निशक्‍त बनाने से है। क्‍या कोई जानता है कि आरएसएस में कितने प्रमुख पदों पर महिलाएं हैं? एक भी नहीं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष अक्टूबर महीने में राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान आरएसएस पर निशाना साधते हुए सवाल पूछा था कि कभी आपने आरएसएस की शाखाओं में महिलाओं को शॉर्ट में देखा है, मैंने तो कभी नहीं देखा है। आखिर संघ में महिलाओं को आने की अनुमति क्‍यों नहीं है। बीजेपी में कई महिलाएं हैं, लेकिन आरएसएस में मैंने किसी महिला को नहीं देखा।

वरिष्‍ठ आरएसएस नेता मनमोहन वैद्य ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि राहुल गांधी पुरुष हॉकी मैच में महिला को देखना चाहते हैं। उन्‍हें महिला हॉकी मैच में जाना चाहिए। मालूम हो कि आरएसएस में महिलाओं की अलग विंग है, जिसे राष्‍ट्र सेविका समिति कहा जाता है। सिर्फ दिल्‍ली में ही इसकी 100 से ज्‍यादा शाखाएं हैं। 

अब तक के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
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कासगंज हिंसा: यूपी पुलिस ने चन्दन के हत्यारे सलीम को किया गिरफ्तार।

साल 2018 का सबसे पहला चंद्र ग्रहण, चंद्र ग्रहण से पहले ही उत्तर भारत में भूकंप के झटके।

मेघालय में राहुल गाँधी ने साधा आरएसएस और भाजपा पर निशाना, कहा, “मोहन भागवत के बगल में हमेशा पुरुष रहते हैं।  

राहुल भाई जैसी सादी जिंदगी जीने वाला इंसान नहीं देखा -नवजोत सिंह सिद्धू

बिहार में टीबी मरीजों को हर माह मिलेंगे 500 रुपये -सुशील मोदी

अगर गाय की हत्या करने वाले अखलाक को सरकार 50 लाख का मुआवजा दे सकती है, तो देशभक्त चंदन गुप्ता को क्यों नहीं -विश्व हिन्दू परिषद

बीफ के शक में गोरक्षकों ने ट्रक ड्राइवर को पीटा, बंद फैक्टरी में हो रहा था बीफ भेजने का कारोबार।

फेसबुक वाली शादियां नाकाम हो ही जाती हैं -गुजरात हाईकोर्ट

डरबन:कल खेला जायेगा भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका एक दिवसीय श्रृंखला का पहला मुकाबला।

U-19 विश्वकप: 3 फरवरी को खेला जाएगा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मैच। 

370 करोड़ रुपए आईटीबीपी और बीएसएफ को बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिए जाएंगे 

बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिए जाएंगे 370 करोड़ रुपए

राजेश सोनी | Navpravah.com 

भारत सरकार अपने सरहदों की सुरक्षा के लिए काफी गंभीर नजर आ रही है। इसके लिए सरकार ने चीन और पाकिस्तान से लगी हुई सरहदों का आधुनिकरण करने का फैसला लिया है। बुधवार को एक अफसर ने बताया कि भारतीय सरकार इस बार इंडो-पाक और सिनो-इंडो बॉर्डर पर बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर देने के लिए तैयार है। इसके लिए सरकार 370 करोड़ रुपए बीएसएफ और आईटीबीपी को देने जा रही है, ताकि सरहद पर नए बंकरों का निर्माण किया जा सकें और विशेष जलवायु नियंत्रण हट्स तैयार किया जा सके।

पीटीआई को एक अफसर ने बताया कि होम मिनिस्ट्री द्वारा 370 करोड़ रुपए बीएसएफ और आईटीबीपी स्वीकृत कर दिए गए हैं। इन पैसों का इस्तेमाल सरहदों का आधुनिकरण करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बता दें कि बीएसएफ करीब 2526.86 किलोमीटर लम्बी भारत पाक सरहद की सुरक्षा करती है और इसमें 237.2 नियंत्रण रेखा भी शामिल है। वहीं बीएसएफ 4096.7 किलोमीटर भारत-बांग्लादेश सरहद की भी सुरक्षा करती है।

बात की जाए आईटीबीपी जवानों की, तो वह करीब 3488 लम्बी भारत-चीन सरहद की सुरक्षा करते हैं। यह सरहद जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से गुजरती है। आईटीबीपी के जवानों को इस तरह के पहाड़ी माहौल के लिए विशेष ट्रैंनिंग दी जाती है। इन सीमाओं पर पोस्ट करीब 18750 फ़ीट के ऊंचाई पर है और सर्दियों में यहाँ का तापमान करीब (-)40% डिग्री तक गिर जाता है।

2017 में भारत-पाक सरहद पर पाक द्वारा काफी बार सीजफायर उल्लंघन किया गया था। इसी महीने में बीएसएफ के 4 जवान पाकिस्तान द्वारा फायरिंग में शहीद हो चुके हैं।