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Sunday, August 23, 2026
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आज के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
headlines of the day

मालदीव में राजनीतिक संकट, 15 दिन के लिए आपातकाल घोषित।

यूपी: मथुरा और मुज्जफर नगर में मुठभेड़, 4 बदमाश ढ़ेर।

जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में सेना के कैम्प पर हुआ हमला, कोई हताहत नहीं।

सेना ने पाक को दी युद्ध की चेतावनी, कहा, “बातचीत नहीं, अब एक्शन होगा”

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आज लोकसभा में होगी चर्चा।

यूपी बोर्ड: 10वीं और 12वीं की परीक्षा आज से शुरू, 67 लाख छात्र होंगे शामिल।

हाफ़िज़ सईद ने पाकिस्तान सरकार को दी धमकी, कहा, “हिम्मत हो तो गिरफ्तार करके बताए सरकार”

दिल्ली: दिलशाद गार्डेन से किडनैप बच्चे को पुलिस ने छुड़ाया, मुठभेड़ में 1 बदमाश ढ़ेर।

प्रीमियर लीग में हुआ बड़ा उलटफेर, वाटफोर्ड ने चेल्सिया को 3-1 से दी शिकस्त।

कल केप्टाउन में खेला जाएगा भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका तीसरा एकदिवसीय मैच।

राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने मालदीव में की आपातकाल की घोषणा

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने देश में आपातकाल लगाने की आज घोषणा की है। राष्ट्रपति के दफ़्तर की ओर से जारी सूचना में कहा गया है केि अगले 15 दिनों के लिए राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन अब्दुल ग़यूम ने आपातकाल का एलान किया है। आपातकाल के दौरान कुछ अधिकार सीमित रहेंगे, लेकिन सामान्य हलचल, सेवाएं और व्यापार इससे बेअसर रहेंगे।

बता दें केि सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेताओं के एक समूह की रिहाई का आदेश दिया था, लेकिन राष्ट्रपति अब्दुल्ला ने मानने इस आदेश को मानने से मना कर दिया। जिसके बाद राष्ट्रपति अब्दुल्ला ने आपातकाल का ऐलान किया। राष्ट्रपति ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेताओं के एक समूह की रिहाई का आदेश देने में अपने अधिकारों की सीमा रेखा लांघ ली है। राष्ट्रपति यामीन अब्दुल गयूम ने अदालत को लिखे एक पत्र में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने सरकार की शक्तियों का अतिक्रमण किया है।

उन्होंने अदालत से सरकार की चिंताओं पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। यह पत्र उनके कार्यालय द्वारा जारी किया गया है। कानून मंत्री अजीमा शकूर ने कहा कि सरकार यह नहीं मानती है कि राजनीतिक बंदियों को रिहा करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जा सकता है।

आपातकाल की घोषणा केे साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि मालदीव का मौजूदा राजनीतिक हालात और कानून-व्यवस्था की स्थिति भारत के लिए चिंता का विषय है। सभी भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक गैर जरूरी यात्राओं से बचने की सलाह दी जाती है।

अरविंद केजरीवाल का पर्दाफ़ाश

आप का पर्दा फाश

राजेश सोनी | Navpravah.com 

आम आदमी पार्टी का एक वीडियो आजकल वायरल हो रहा है। यह वीडियो आम आदमी पार्टी के चुनाव लड़ने से पहले का लग रहा है। इस वीडियो में आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास एडिटिंग के मदद से किसी और जनसभा की भीड़ को अपने जनसभा की भीड़ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं और इस दरम्यान उस कमरे में केजरीवाल भी मौजूद थें।

इस वीडियो में आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास वीडियो एडिटर से कहते नजर आ रहे हैं कि इस फोटो को लीजिए, इसमें चारों तरफ लोग नजर आ रहे हैं। विश्वास आगे इस वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं कि उम्मीदवारों की सूची और पढ़ दे इसमें। इसके बाद कोई व्यक्ति बोलता है, झाड़ू पर बटन दबाना। यह बात सुनकर केजरीवाल और उनके साथी जोर-जोर से हँसने लगते हैं।

आगे इस वीडियो में केजरीवाल कहते नजर आ रहे हैं कि तुम लोगों ने फिलोसोफी में इस बार लिख दिया है कि इस बार चलेगी झाड़ू, यह किसी को समझ में नहीं आ रहा है, इसके बदले तुम लिख देते झाड़ू पर बटन दबाओ। आगे केजरीवाल ने कहा कि मैं बार-बार कह रहा था और तुमने लिख दिया सारी औरतों के पीछे इस बार चलेगी झाड़ू।

केजरीवाल के इस बयान के बाद कुमार विश्वास केजरीवाल तंज कसते हुए कहते हैं कि आप गंभीर नहीं हो आंदोलन के लिए, हमें गंभीर बनाकर खुद मझे ले  रहे हो। आगे विश्वास ने कहा कि हम अच्छे खासे अपने काम धंधे में लगे हुए थे। तभी विश्वास के इस बात को सुनकर कमरे में बैठे सारे लोग जोर-जोर से हँसने लगे। बता दें कि विश्वास भाषण के वॉइस ओवर की रिहर्सल कर रहे होते हैं। विश्वास के भाषण का वॉइस ओवर सुनकर कमरे में बैठे सारे लोग हँसने लगते हैं। जिस वजह से वह अपने भाषण के तरफ ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे थे। तभी केजरीवाल कमरे से उठकर चले जाते हैं।

केजरीवाल के कमरे से बाहर जाने के बाद विश्वास ने कहा कि केजरीवाल के लिए लोग मार्किट में सोचते होंगे कि यह कभी हस्ते भी होंगे कि नहीं, पर उनको क्या पता कि यह कितने बदमाश हैं।

अब तक के प्रमुख समाचार

आज के प्रमुख समाचार
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भारतीय सेना पाकिस्तान को माकूल जवाब देगी -राजनाथ सिंह

राजस्थान: हार के बाद भाजपा नेता ने सीएम वसुंधरा राजे को हटाने के लिए अमित शाह को लिखा खत।

1984 के दंगे में जगदीश टाइटलर का हाथ होने का पुख्ता सबूत -अकाली दल

महबूबा सरकार ने की भारत-पाकिस्तान शांति को फिर से शुरू करने की वकालत।

सीलिंग मुद्दा: क्या तबाही का इंतेजार कर रही है दिल्ली सरकार -सर्वोच्च न्यायालय

हिंदुओं ने बनाई ताज महल की इमारत, ताजमहल को तेजो मंदिर बना देंगे -विनय कटियार

बिहार में मिली आतंकी संगठन आईएसआईएस जॉइंट करने के पोस्टर।

बिहार में तेज होगा निषाद आरक्षण के लिए आंदोलन -मुकेश साहनी

भारत में सभी राम की संतानें, कोई बाबर की औलाद नहीं -गिरिराज

सीएम विजय रूपानी ने अक्षय कुमार के साथ देखी फ़िल्म पैडमैन

कासगंज: गंजडुंडवारा में आगजनी, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

कासगंज में फिर आगजनी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

कासगंज हिंसा को अभी ज्यादा समय नही हुआ है कि इसकी लपट आस-पास के स्थानों तक पहुंच रही हैं। ताजा खबर अब जनपद के कस्बा गंजडुंडवारा से आ रही है, जहाँ कुछ अराजक तत्वों द्वारा फिज़ा खराब करने की कोशिश की गई। इसके पीछे की चाल शहर के अमन चैन में दखल देना है। जानकारी के अनुसार, सब्जी मंडी के पास एक वर्ग विशेष के धर्म स्थल को निशाना बनाया गया है। धर्म स्थल में आगजनी की गई। धर्म स्थल के किवाड़ में आग लगाईं गई। पुलिस प्रशासन ने इस घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में दो सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। दोषी दोनों सिपाहियों की डयूटी गंजडुंडवारा में कोबरा मोबाइल बाइकों पर थी। 

जैसे ही इसकी जानकारी सुबह लोगों को हुई, तो तनाव का माहौल पैदा हो गया है। फौरन सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचना शुरू कर दिया है। पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस अलर्ट होकर नजर रखे हुए है। सूचना पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी कर्मवीर सिंह ने शांति का माहौल बनाने की कोशिशें शुरू कर दी है। लोगों से कह रहे हैं कि जांच के बाद दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कस्बे में तनाव का माहौल है।

सबसे खास बात यह है कि ये वही गंजडुंडवारा कस्बा है, जहां 4 दिसबंर वर्ष 1990 में दंगा भड़का था। इतना नही, गंजडुंडवारा के दंगे के बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में दंगे भड़क उठे थे। तब से गंजडुंडवारा की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहता है। कासगंज दंगे के बाद से ही प्रशासन गंजडुंडवारा को लेकर अंदर ही अंदर अलर्ट रह रहा था। ऐसे में सोमवार को धर्म स्थल में आगजनी की घटना से माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ पुलिस भी पूरी तरह से चौकन्ना है ।

गंजडुंडवारा में धर्म स्थल में आगजनी की घटना के बाद कासगंज शहर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पुलिस और आरएएफ एवं पीएसी को अलर्ट कर दिया गया है। दिन में पैदल मार्च किया जाएगा। अब देखना होगा कि पुलिस ऐसे सभी अराजक तत्वों को कब गिरफ्तार कर पायेगी।

अधिकारी जनता की समस्याओं को जल्द से जल्द निबटाएँ -केशव प्रसाद मौर्य

जनता की समस्याओं को सुलझाये अधिकारी -केशव प्रसाद मौर्य

अनुज हनुमत | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने इलाहाबाद भ्रमण के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के विकास के सम्बन्ध में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक किए। उन्होंने बैठक में विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए, तथा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे गरीबों को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं से लाभाविन्त किया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ब्लाक एवं थाने पर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे कि लोगों को अपनी समस्याओं के निदान के लिए और कहीं भटकने की जरूरत न पड़े। 
 
उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यो की समीक्षा करते हुए चिकित्सकों की उपस्थिति पर गहन चर्चा की, तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग से सम्बन्धित कार्यो की एक कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करे, जिससे स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओ को दूर करके स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर किया जा सके। इसी तरह उन्होंने अस्पतालोँ में दवाओं की उपलब्धता पर भी जोर दिया और कहा कि अस्तपतालों में दवायें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक केन्द्रो, आगनवाडी केन्द्रों, अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया जाए तथा औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को देखा जाए, तथा चिकित्सको के द्वारा दी जा रही सेवाओं का भी मौके पर देखा जाए।

उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ओडीएफ के कार्यो को तीव्र गति से किया जाए, इसके किसी प्रकार की हीलाहवाली न किया जाए। उन्होंने कहा कि ओडीएफ घोषित हो रहे क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया जाए, तथा कागजों पर ओडीएफ घोषित होने एवं स्थल पर ओडीएफ न होने की दशा मे सम्बन्धित लोगों के खिलाफ कार्रवाही की जाए। उप मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पात्र व्यक्तियों को ही पेंशन दी जाए, उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों की सूची बनाते हुए उन्हें पेशन योजनाओ से लाभान्वित किया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उन्हें भी पेशन योजनाओ से लाभाविन्त किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में लुप्त हो रही नदियों को चिन्हित कर मनरेगा के माध्यम से कार्य कराये जाए। उन्होंने कहा कि नहरो में पर्याप्त मात्रा में पानी रहे, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नलकूप चल रहे इस बात की भी चर्चा उन्होंने अभियनताओं से की और उन्होंने निर्देशित किया कि रिबोर कराने के लिए प्रस्ताव भेजे जाए, जिससे नलकूपों का लाभ लोगों को मिल सके। 

उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनायी जा रही सड़को की भी समीक्षा की और कहा कि सड़को की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार कोई समस्या न हो। उन्होने यह भी कहा कि गुणवत्ता के साथ खिलवाड करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाही भी की जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योजनाओ के प्रगति की जानकारी जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराये जाये, जिससे वे आने वाले लोगों को इसके बारे मे बता सके।
 
उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि राशन का वितरण नही रूकना चाहिए, तथा राशन की दुकानों के शिकायतों का भी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। लोक निर्माण विभाग के द्वारा कराये जा रहे कार्यो की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण की जा रही सड़कों का तेजी से कार्य किया जाए, तथा कार्यो को पूरा करने में समय के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

सेतु निगम के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों को तीव्र गति से किया जाए, तथा इस बात का भी ध्यान दिया जाए कि कार्यो से आवागमन में लोगों समस्यायें न उत्पन्न न हो। बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा में स्कूलों मे बच्चों की उपस्थिति पर चर्चा की तथा बच्चो को दी जा रही शिक्षा एवं मिड वे मील पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मिड वे मील में कराये जा रहे भोजन की जांच स्वयं अधिकारी बच्चों के साथ भोजन कर करे, जिससे कि भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
 
उप मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर की उपलब्धता बढायी जाए, जिससे कि बिजली की कटौती को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि कैम्प लगाकर लोगों को कनेक्शन दिये जाए। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद को आदर्श एवं माडल जिला के रूप में विकसित करे।

उन्होंने आगे कहा कि शिकायतों का निस्तारण निचले स्तर पर सुनिश्चित की जाए। पुलिस और लोगो के बीच एक अच्छा माहौल स्थापित हो। उन्होंने समस्यों के लिए कैम्प लगाकर समस्याओं को दूर करने का निर्देश दिया। किसानों की समस्या पर विस्तार से चर्चा की गयी, तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओ को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने आवारा पशुओं के लिए भी एक अलग से व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। 

सीलिंग को लेकर ‘आप सरकार’ को कोर्ट ने लगाई फटकार, कहा, “आप तबाही का इंतजार कर रहे हैं?”

सीलिंग को लेकर आप सरकार को कोर्ट की फटकार

अनुज हनुमत | Navpravah.com 

मौजूदा समय में देश कई विवादों से गुजर रहा है। जनता और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। मौजूदा समय मे दिल्ली में चल रही सीलिंग को लेकर विवाद के बढ़ने के आसार हैं, क्योंकि आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने दिल्ली सीलिंग पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पूरी दिल्ली में अवैध निर्माण हो रहा है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और नगर निगम से कहा कि आप लोग दिल्ली में तबाही का इंतजार कर रहे हैं।

बहरहाल, 31 जनवरी को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डीडीए और अन्य पार्टियों से दिल्ली का मास्टर प्लान लाने के निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा कि अगर एक बार यह मान लिया जाए कि मॉनिटरिंग कमेटी को भंग कर दें, तो क्या निगम ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं कर सकता? अदालत छतरपुर रोड स्थित मारबल की दुकानों की याचिका पर सुनवाई कर रही है।

गौरतलब है कि मास्टर प्लान पर चर्चा के दौरान पिछले दिनों दिल्ली सरकार और बीजेपी के बीच जमकर तकरार हुई थी और इस हंगामें के बाद दिल्ली के मास्टर प्लान में बदलाव को लेकर केंद्र ने सहमति जताई और केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्रालय के आला अधिकारियों की मीटिंग हुई। जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी व दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, निगम आयुक्त के सचिव डीएस मिश्रा व एनडीएमसी के प्रमुख नरेश कुमार व डीडीए के उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने हिस्सा लिया था। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार जल्द ही इस पूरी समस्या को खत्म करने के लिए जल्द ही अहम कदम उठाएगी।

डीडीए की बैठक में अहम फैसले

राजधानी में सीलिंग को लेकर हुई डीडीए की बैठक में तीन प्रस्ताव पास किए गए। इस बैठक में पास किए गए प्रस्तावों पर जनता की भी राय ली जाएगी। इस मीटिंग में दुकान और घर के FAR को बढ़ाकर 350 किया गया। FAR बढ़ने से बेसमेंट भी सीलिंग के दायरे से बाहर होंगे। 12 मीटर की सड़कों पर बने गोदाम रेगुलराइज किए जाएंगे। फ्लोर एरिया रेशो को 180 से बढ़ाकर 350 किया गया। अलग-अलग कैटगरी के लिए अलग-अलग कनवर्जन चार्ज होगा। कनवर्जन चार्ज पर पैनल्टी 10 गुना से घटाकर 2 की गई।

फिलहाल देश की राजधानी में हो रही सीलिंग के खिलाफ व्यापारियों ने पिछले शुक्रवार को दिल्ली बंद का ऐलान किया था। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दो दिन दिल्ली बंद का अह्वान किया था। वहीं चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज (CTI) ने तीन दिन के बंद की घोषणा की थी। इस बंद के चलते 8 लाख दुकानों और 1.5 लाख फैक्ट्रियों के पूरी तरह बंद रहीं। अब देखना होगा कि आप सरकार इस मूद्दे पर क्या रुख अख्तियार करती है।

दक्षिण अफ़्रीकी विकेटकीपर क्विंटन डि कॉक चोट के कारण हुए सीरीज से बाहर

क्विंटन डि कॉक चोट के कारण हुए सीरीज से बाहर

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

भारत के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में मेजबान साउथ अफ्रीका की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। टीम में चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट अब लंबी होती जा रही है। अब खबर है कि डि कॉक कलाई की चोट के कारण सीरीज के बाहर हो गए हैं। वह वनडे सीरीज के बचे चार मैचों के अलावा टी20 सीरीज में भी नहीं खेलेंगे। जिसके बाद दक्षिण अफ्रीका टीम को एक बड़ा झटका लगा है।

पहले से ही दक्षिण अफ्रीका के स्टार तेज गेंदबाज डेल स्टेन, बल्लेबाज एबी डि विलियर्स वनडे और नियमित कप्तान फाफ डु प्लेसिस चोट के कारण वनडे के साथ-साथ बाद में खेले जाने वाली टी-20 सीरीज से भी बाहर हो चुके हैं। क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस मामले की जानकारी दी है। बोर्ड की विज्ञप्ति में कहा गया है कि बायीं कलाई में चोट के कारण डि कॉक भारत के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। 

डि कॉक को रविवार को सेंचुरियन में खेले गए दूसरे वनडे इंटरनैशनल के दौरान कलाई में चोट लगी थी। उन्हें रिकवर होने में 2 से 4 सप्ताह का समय लग सकता है। डि कॉक को बल्लेबाजी करते समय बायीं कलाई पर गहरी चोट लगी है, जिसके चलते उन्हें काफी दर्द और असहजता महसूस हो रही है।

लखनऊ: लटकी पड़ी भर्तियाँ जल्द करे सरकार, नही तो हम करेंगें आत्मदाह

अभ्यर्थियों ने किया भारी प्रोटेस्ट

अनुज हनुमत | Navpravah.com 

अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन न होने से पिछले दो साल से ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक एवं सहायक लेखाकार की रूकी हुई भर्ती प्रक्रिया से परेशान होकर सोमवार को हज़ारों अभ्यर्थियों ने यहां पिकअप भवन पर धरना दिया। 

अभ्यर्थियों ने मांग की है कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र में 90 दिन में भर्ती प्रक्रिया कराने को कहा था, लेकिन भर्तियों पर रोक लगा दी गयी। अभ्यर्थियों का कहना है कि दो साल बीत जाने के बाद भी अभी तक सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। 

अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा जून 2016 में हो गयी थी। सितंबर में टाइपिंग और शारीरिक परीक्षा एवं दिसंबर में साक्षात्कार भी हो गया। बावजूद इसके 29 मार्च 2017 में रोक लगा दी गयी। अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार की लापरवाही के चलते 40,000 अभ्यर्थी मानसिक रूप से परेशान और बेरोजगार बने हुए हैं। अगर जल्द ही सरकार में कोई कदम नहीं उठाया तो प्रतियोगी छात्र आत्मदाह करने को बाध्य होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने खाप पंचायतों को फिर लगायी कड़ी फटकार

अयोध्या मामले में 14 मार्च को होगी सुनवाई

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 

उच्चतम न्यायालय ने ऑनर किलींग मामले में खाप पंचायतों पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए एक बार फिर दोहराया कि अगर दो बालिग शादी करने का फैसला करते हैं, तो उसमें कोई भी दखल नहीं दे सकता।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने गैर-सरकारी संगठन शक्ति वाहिनी की याचिका की सुनवाई के दौरान खाप की पैरवी कर रहे वकील से बेहद सख्त लहजे में कहा, ‘‘कोई शादी वैध है या अवैध, यह फैसला बस अदालत ही कर सकती है, आप इससे दूर रहें। इस दौरान न्यायालय ने केंद्र सरकार और याचिकाकर्ताओं से ऐसे उपाय बताने को कहा, जिससे ऐसे विवाहित जोड़ों को सुरक्षा प्रदान की जा सके। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को एेसे बालिग विवाहितों के सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सौंपी है।

खाप पंचायत की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी शादी को कानूनी या गैरकानूनी ठहराने पर फैसला सिर्फ कोर्ट कर सकती है। खाप इससे दूर ही रहे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तारीख तय की है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि प्रेम विवाह करने वालों के खिलाफ खाप के फरमान पूरी तरह से गैरकानूनी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही केंद्र सरकार से कहा है कि खाप पंचायतों को प्रतिबंधित किया जाए।