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Sunday, August 2, 2026
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मध्यप्रदेश : डबरा में 167 करोड़ के विकास कार्यों का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
उप चुनावों की तारीख की घोषणा से पहले भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ग्वालियर चंबल संभाग के चार दिवसीय दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन 11 सितंबर को डबरा में मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की कि डबरा में एयर कार्गो बनाया जायेगा। जिससे ना सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि डबरा का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार डबरा क्षेत्र में एयर कार्गो हब (माल वाहक विमानों का अड्डा) स्थापित करेगी, जिससे डबरा का नाम प्रदेश व देश में ही नहीं पूरी दुनिया के मानचित्र पर स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि हम सब मिल-जुलकर डबरा क्षेत्र में विकास का नया अध्याय लिखेंगे। अगले तीन साल के भीतर दतिया की तरह डबरा को भी विकास में अग्रणी बनायेंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार शाम डबरा के स्टेडियम में आयोजित हुए विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने इस अवसर पर सौगातों का पिटारा खोलकर केन्द्रीय कृषि, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर तथा राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ लगभग 167 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सहायता भी वितरित की। कार्यक्रम में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डबरा में आज विकास कार्यों की जो श्रृंखला शुरू हुई है वह थमेगी नहीं। साथ ही कहा कि यहाँ के बहुप्रतीक्षित लदेरा बांध का निर्माण भी किया जायेगा। उन्होंने कहा अगले तीन साल के भीतर सरकार डबरा सहित समूचे मध्यप्रदेश में कोई भी कच्चा मकान नहीं रहने देगी। सरकार सभी जरूरतमंदों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनाकर देगी। उन्होंने इस अवसर पर जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 सितम्बर को लगभग पौने दो लाख जरूरतमंद लागों को ऑनलाइन कार्यक्रम के जरिए गृह प्रवेश करायेंगे।
लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार हर गरीब को एक रूपए किलो की दर से खाद्यान्न मुहैया कराने के लिये कटिबद्ध है। इस कड़ी में 16 सितम्बर को अभियान बतौर गरीबों को पात्रता पर्चियाँ वितरित की जायेंगी। उन्होंने जिला कलेक्टर को मंच पर बुलाकर कहा यह सुनिश्चित करें कि डबरा सहित पूरे जिले के भीतर कोई भी पात्र गरीब परिवार खाद्यान्न पर्ची मिलने से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिये कारगर कदम उठाए हैं। इस दिशा में सरकारी नौकरियों की भर्ती पर लगी रोक प्रदेश सरकार ने हटा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिये पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार ने बंद पड़ी योजनायें किसानों व गरीबों के हित में फिर से शुरू कर दी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 18 सितम्बर को किसानों के खाते में करोड़ों रूपए की बीमा राशि पहुँचाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार फुटपाथ पर काम करने वाले किसी भी भाई को परेशान नहीं होने देगी। इसके लिये सरकार द्वारा प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना के तहत पथ विक्रेताओं को 10 10 हजार रूपए की मदद बिना ब्याज के दी जा रही है।
डबरा में आयोजित कार्यक्रम में स्वागत की लंबी श्रृंखला के बाद मंच पर सबसे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं डबरा से संभावित भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी आई। उन्होंने मंच से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधा, इमरती देवी ने कहा कि उन्होंने जब भी कमलनाथ जी से डबरा के विकास के लिए पैसे मांगे तो उन्होंने कहा चलो चलो अभी टाइम नहीं है, कहकर वापस लौटा दिया। लेकिन ये महाराज की कृपा है और मेरा सौभाग्य है कि अब उस पार्टी में हूँ जहाँ विकास के लिए ना सिर्फ पैसा है बल्कि इच्छा शक्ति भी है। इमरती देवी ने कहा कि प्रदेश की नई सरकार के साथ जुड़कर हम डबरा क्षेत्र के विकास के सपने को पूरा करने में सफल हो रहे हैं। मैंने मुख्यमंत्री जी से कहा कि अब तो नारियल फोड़ दो वरना जनता मेरा नारियल फोड़ देगी इसलिए भाई साहब ने आज डबरा को करोड़ों रूपए लागत के विकास कार्यों की सौगातें दी हैं। मंत्री इमरती देवी ने कहा कि हम डबरा क्षेत्र के किसान, मजदूर एवं कारोबारियों सहित सभी जरूरतमंदों के हित में काम करके दिखायेंगे।
गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि नई सरकार बनते ही मध्यप्रदेश में 6 माह के भीतर ही मध्यप्रदेश का परिदृश्य बदल गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूरे प्रदेश को अपना घर व मंदिर मानते हैं। जबकि कमलनाथ केवल छिंदवाडा तक सोचते थे। जिस मुख्यमंत्री के पास अपने विधायक अपने मंत्री के लिए समय नहीं हो उसके लिए जनता के पास भी समय नहीं होगा। डॉ मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री की विकास की इच्छा शक्ति की बदौलत प्रदेश का तेजी से विकास हो रहा है। डॉ. मिश्र ने कहा कि मंत्री श्रीमती इमरती देवी के साथ मिलकर हम डबरा की तस्वीर बदलेंगे। गृह मंत्री डॉ. मिश्र ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान से डबरा में एयर कार्गो हब स्थापित करने के लिये पहल करने का आग्रह किया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
कार्यक्रम में मौजूद राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक अलग ही मूड में दिखाई दिये उन्होंने मंच ने कहा कि हमनें एक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विकास की लकीर से बड़ी लकीर खींचने की कल्पना की थी लेकिन कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के साथ मिलकर ना सिर्फ हमें धोखा दिया। आज आप इमरती देवी और मुझे गद्दार कह रहे ही जबकि असली में गद्दार तो आप हो जिसने जनता के साथ गद्दारी की। और जो सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर सके उसे सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। आज मेरा अपमान किया जा रहा है, अपशब्द कहे जा रहे हैं। मैं ये सब सह लूंगा लेकिन अपने क्षेत्र की जनता का अपमान बर्दाश्त नहीं करूँगा। उन्होंने कहा कि आज सबकुछ बदल गया है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हम सब मिलजुलकर डबरा क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखेंगे। उन्होंने गृह मंत्री डॉ मिश्रा की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि डबरा में एयर कारगो हब स्थापित करने की पहल इस क्षेत्र के विकास में नए आयाम स्थापित करेगी। साथ ही पूरी दुनिया में डबरा की पहचान कायम होगी। श्री सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सच्चे जनसेवक हैं। इसलिये मध्यप्रदेश का विकास तेजी के साथ हो रहा है।
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि कोरोना संकट के बाबजूद मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान डबरा के लिये लगभग 167 करोड़ रूपए की सौगातें लेकर डबरा की धरती पर आए हैं। उन्होंने कहा मध्यप्रदेश में वर्ष 2003 में नई सरकार बनने के बाद प्रदेश में बिजली उत्पादन एवं सिंचाई सुविधा के विस्तार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है। ग्वालियर – चंबल अंचल सहित पूरे मध्यप्रदेश की तस्वीर बदली है। आगे आने वाले समय में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।
बीओटी के तहत 19 किमी. लम्बाई में बना ग्वालियर झाँसी मार्ग से ग्राम घोंघा वाया बिलौआ सड़क मार्ग लागत 7652 लाख, मुख्यमंत्री नल जल योजना के तहत ग्राम जौरासी में 461 परिवारों को नल कनेक्शन लागत लगभग 110 लाख, ग्राम पंचायत वीरमढ़ाना में गवंड और रपटा निर्माण वीरमढ़ाना से गढ़ी की ओर लागत 34.48 लाख, ग्राम पंचायत गढ़ी में गवंड और रपटा निर्माण गढ़ी से बंजारा का पुरा लागत 34.38 लाख, ग्राम पंचायत लदेरा में गवंड और रपटा निर्माण लखनपुरा से कब्रिस्तान लागत 33.16 लाख, ग्राम पंचायत जौरासी में गौशाला निर्माण लागत 27.72 लाख, ग्राम पंचायत कुम्हर्रा में गौशाला निर्माण लागत 27.72 लाख, ग्राम पंचायत लखनौती में गौशाला निर्माण लागत 27.72 लाख, ग्राम पंचायत मेहगांव में गौशाला निर्माण लागत 27.72 लाख, ग्राम पंचायत मिलघन में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 18 लाख, ग्राम पंचायत खडवई में सामुदायिक भवन निर्माण खजुरिहाई लागत 18 लाख, ग्राम पंचायत सिरसा में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 18 लाख, ग्राम पंचायत जनकपुर में पंचायत भवन निर्माण लागत 14.48 लाख, ग्राम पंचायत बडेराबुजुर्ग में सीपी डब्ल्यू निर्माण शाला प्रांगण एवं पंचायत भवन परिसर लागत 10.90 लाख, ग्राम पंचायत धई में सीपीडब्ल्यू निर्माण प्रा.वि. धई लागत 10.90 लाख, ग्राम पंचायत जनकपुर चैकडेम निर्माण 10.86 लाख, शा. प्रा. वि. बुजुर्ग भवन लागत 10.23 लाख, ग्राम पंचायत झाडोली में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 10 लाख, ग्राम पंचायत सिरसा में उचित मूल्य की दुकान निर्माण लागत 10 लाख, ग्राम पंचायत रजियावर में उचित मूल्य की दुकान निर्माण लागत 10 लाख, शा.प्र.वि. किटोरा भवन लागत 8.80 लाख, शा.प्र.वि. जंगीपुर भवन लागत 8.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण चौमो लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण देवरा लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण नुन्हारी लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण सेकरा लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन पुट्टी लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण गिजोर्रा लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण किटोरा लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण सिली (कुम्हरी) लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण चीनोर भागीरथ का पुरा लागत 7.80 लाख, आंगनबाड़ी भवन निर्माण बिलौआ 6+7 लागत 7.80 लाख एवं आंगनबाड़ी भवन निर्माण बिलौआ 1+9 लागत 7.80 लाख के कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं। इसके अलावा अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
100 बिस्तर सिविल अस्पताल भवन में उन्नयन एवं निर्माण कार्य लागत 650 लाख, लोहगढ़ पहुँचमार्ग डामरीकृत रोड़ 2.50 किमी. लागत 276.57 लाख, खेल मैदान निर्माण, वार्ड क्र.-28 चांदपुरा लागत 228 लाख, भितरवार रोड़ से कंचनपुर मार्ग 2 किमी. लागत 204.81 लाख, अर्रू पहुँच मार्ग डामरीकृत रोड़ 1.40 किमी. लागत 166.94 लाख, सिविल अस्पताल में आवासीय भवनों का निर्माण लागत 164 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम सिंहपुर में 164 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 49.47 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम महारापुर में 443 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 71.98 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम सकेरा में 240 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 56.61 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम गोबरा में 209 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 54.32 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम सेथोल में 195 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 59.86 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम खेडी रायमल में 276 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 75.99 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम लिधोरा में 256 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 63.65 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम खजुराई में 178 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 82.15 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम चौमो में 226 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 60.26 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम छोटी अकबई में 211 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 60.87 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम मिलघन में 234 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 56.17 लाख, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन अंतर्गत ग्राम छीमक में 969 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 160.48 लाख, जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्राम बरखेड़ा में 197 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदाय लागत 48.20 लाख एवं जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्राम उदलपाडा में 148 परिवारों को नल कनेक्शन प्रदायलागत 37.21 लाख सहित अन्य विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल है।

कोरोना के खौफ से बुजुर्ग व्यक्ति ने की फांसी लगा कर आत्महत्या

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
लगातार बुखार, जुकाम और ठंड से ग्रस्त एक बुजुर्ग को जब डॉक्टर ने कोरोना टेस्ट करवाने के लिए कहा तो डर के मारे का उस बुजुर्ग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसके लिखे सुसाइड नोट से यह जानकारी सामने आयी है। शुक्रवार की सुबह यह चौंकाने वाला मामला पुणे के पड़ौसी शहर पिंपरी चिंचवड़ के भोसरी इलाके में सामने आया है। शिवाजी मारुती होलकर (67, निवासी गव्हाणे बस्ती भोसरी, पुणे) ऐसा आत्महत्या करनेवाले बुजुर्ग का नाम है।
भोसरी पुलिस के अनुसार, भोसरी की गव्हाणे बस्ती में अपने परिवार के साथ रहनेवाले शिवाजी होलकर गत आठ दिन से ठंड, जुकाम, बुखार और खांसी से त्रस्त थे। उन्होंने पास के एक निजी डॉक्टर को दिखाया तो उसने उन्हें कोरोना का टेस्ट कराने की सलाह दी क्योंकि उनमें सभी लक्षण कोरोना के नजर आ रहे थे। आज तड़के उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को उनका लिखा सुसाइड नोट मिल गया है जिसमें उन्होंने कहा है कि आठ दिन से वे बीमार थे। जब डॉक्टर के पास गए तो उसने उन्हें कोरोना के लक्षण बताकर टेस्ट कराने की सलाह दी। कोरोना के डर से आत्महत्या करने और अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार न ठहराने की बात भी सुसाइड नोट में लिखी गई है। हालांकि वे किस डॉक्टर के पास इलाज के लिए गए थे और किसने उन्हें कोरोना टेस्ट करने की सलाह दी थी? इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। भोसरी पुलिस छानबीन में जुटी है।

ड्रोन से सीमा पर रसद पहुंचाने की मॉक ड्रिल कर रहा चीन, भरोसे के लायक नहीं

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क

लद्दाख में ताजा तनाव के बीच भारत-चीन विवाद सुलझाने के लिए 5 पॉइंट के प्लान पर सहमति बनी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की गुरुवार शाम मॉस्को में बातचीत हुई। दोनों शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की मीटिंग में हिस्सा लेने मॉस्को गए हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार सुबह बयान जारी कर विदेश मंत्रियों की बातचीत की डिटेल दी। इसी शुक्रवार को ही चीन ने सीमा पर तैनात अपने सैनिकों को ड्रोन की सहायता से रसद पहुंचाने का मॉक ड्रिल किया. ऐसे में माना जा रहा है कि भले ही दुनिया को दिखाने के लिए चीन ने पांच मुद्दों पर समझौता किया हो, लेकिन फिर भी भारतीय सेना पूरी तरह से सतर्क है, क्योंकि चीन पर किसी भी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता.

– इन पांच मुद्दों पर बनी सहमति
1. बॉर्डर के इलाकों में मौजूदा स्थिति किसी के हित में नहीं है। दोनों देशों के जवानों को बातचीत जारी रखते हुए तेजी से डिसएंगेजमेंट (विवादित इलाकों से सैनिक हटाने का काम) करना चाहिए। एक-दूसरे से तय दूरी रखते हुए तनाव कम करना चाहिए।
2. रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के नेताओं के बीच पहले जो एकराय (कन्सेन्सस) बनी थी, उससे गाइडेंस लेना चाहिए। मतभेदों की वजह से तनाव नहीं होना चाहिए।
3. दोनों देशों को सीमा से जुड़े मामलों में सभी मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल को मानना चाहिए। बॉर्डर के इलाकों में शांति रखते हुए ऐसी कार्रवाई से बचना चाहिए, जिससे माहौल बिगड़ने की आशंका हो।
4. बॉर्डर पर स्थिति सुधरते ही दोनों देशों को तेजी से काम करना चाहिए, ताकि शांति बनाए रखने और आपसी भरोसा बढ़ाने के लिए नए उपाय पूरे किए जा सकें।
5. स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव (SR) मैकेनिज्म के जरिए बातचीत होती रहेगी। वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड को-ऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठकें भी जारी रहेंगी।

– 4 दिन में 2 बार घुसपैठ की कोशिश की थी
भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वैसे तो मई से ही तनाव बना हुआ है, लेकिन 29-30 अगस्त की रात चीन की घुसपैठ की कोशिश से माहौल और बिगड़ गया। चीन के सैनिकों ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के आर्मी अफसरों के बीच बातचीत का दौर चला, लेकिन इसी बीच चीन ने 4 दिन में दूसरी बार घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन हर बार नाकाम रहा।

रिया चक्रवर्ती की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल सामने आने के बाद गिरफ्तार हुईं रिया चक्रवर्ती की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है. रिया के साथ ही शोविक चक्रवर्ती, अब्दुल बासित, जैद विलात्रा, दीपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा की याचिका भी खारिज हो गई। फैसला सुनाते समय जज जेबी गुरव ने कहा कि यह गंभीर अपराध है और इसकी जांच की जरूरत है। कोर्ट के फैसले पर रिया के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद हम आगे के कदम उठाएंगे। हम अगले हफ्ते हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। उधर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रिया के खिलाफ नया केस दर्ज कर सकता है।
रिया के वकील की दलीलें : एनसीबी ने पूछताछ के दौरान रिया पर आरोप कबूलने का दबाव बनाया था। रिया से पूछताछ के दौरान कोई महिला अधिकारी मौजूद नहीं थी। रिया की गिरफ्तारी की जरूरत नहीं थी। उनकी आजादी पर मनमाने तरीके से रोक लगाई गई, उन्हें फंसाया जा रहा है।
एनसीबी की दलीलें : रिया से पूछताछ के दौरान प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा गया। रिया के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक्स एविडेंस हैं। ड्रग्स मामले में गिरफ्तार कई लोगों ने रिया से संपर्क की बात कबूली है। इस केस में जब्त की गई ड्रग्स की मात्रा भले ही कम है, लेकिन कीमत 1 लाख 85 हजार 200 रुपए है।
सीबीआई, नारकोटिक्स के बाद अब ईडी का शिकंजा
सुशांत केस में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा ईडी नया मामला दर्ज कर सकता है। ईडी के एक अफसर का कहना है कि, नया केस दर्ज करने के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं। पहले हमने सुशांत के पिता केके सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया था, जो सुशांत के बैंक खाते से पैसे निकालने से जुड़ा था। जबकि, नया मामला एनसीबी की जांच के नतीजों के आधार पर होगा, क्योंकि ड्रग्स मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। ईडी ड्रग तस्करी और ड्रग खरीद से कमाए गए पैसे का एंगल भी देखेगा।

कोरोना : पूरे विश्व में गरीबी-भुखमरी का खतरा, शिक्षा क्षेत्र पर संकट के बादल

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
चीन से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया की अर्थ व्यवस्थ को तहत नहस कर दिया है. विश्व के सभी देश अपनी अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. पूरे विश्व में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में संयुक्त राष्ट्र के टॉप अधिकारियों ने सचेत किया है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने भेदभाव और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों को बढ़ा दिया है, जिससे संघर्ष और बढ़ सकते हैं। दुनिया के सबसे कमजोर देशों में इनके अप्रत्यक्ष परिणाम वायरस के प्रभाव से भी अधिक हो सकते हैं।
_ कमजोर देशों की आर्थिक स्थिति सबसे खराब
संयुक्त राष्ट्र की राजनीतिक प्रमुख रोजमैरी डिकार्लो और संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी मामलों के प्रमुख मार्क लोकॉक ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने महामारी के कारण दुनियाभर में पड़ने वाले असर की गंभीर समस्या के बारे में बात की। लोकॉक ने परिषद को सचेत किया कि कमजोर देशों में कोविड-19 संकट की वजह से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले अप्रत्यक्ष प्रभावों के कारण “गरीबी बढ़ेगी, औसत आयु कम होगी, भुखमरी बढ़ेगी, शिक्षा की स्थिति खराब होगी और अधिक बच्चों की मौत होगी। “
अब तक 8.60 लाख लोगों की मौत हो चुके है
इस वैश्विक महामारी के कारण दुनिया भर में 8,60,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और दो करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों के इससे संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। संक्रमण के लगभग एक तिहाई मामले मानवतावादी या शरणार्थी संकटों से जूझ रहे देशों या कमजोर देशों में सामने आए हैं, लेकिन ये देश महामारी से असल में कितने प्रभावित हैं, इस बात का अभी पता नहीं चल पाया है।लोकॉक
कम जांच के कारण बढ़ रहा संक्रमण
लोकॉक ने कहा कि इसका कारण यह है कि इन देशों में जांच कम हो रही है, कुछ स्थानों पर लोग मदद नहीं मांगना चाहते, क्योंकि उन्हें शायद पृथक-वास में रहने की आशंका है या उन्हें इस बात का डर है कि उन्हें उपयोगी चिकित्सकीय उपचार नहीं मिलेगा, एक अच्छा समाचार यह है कि इन देशों में कोविड-19 के कारण मरने वाले लोगों की संख्या आशंका से कम है, लेकिन इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव कहीं अधिक हैं।

महाराष्ट्र : मुंबई सहित नाशिक में फिर भूकंप के झटके

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं. हालांकि ये सभी झटके कम तीव्रता के होने के कारण किसी प्रकार के जान_माल के नुकसान की खबर नहीं है. आज फिर मुंबई और नाशिक में भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र मुंबई के उत्तर दिशा में 98 किलोमीटर दूर था। भूकंप के झटके करीब सुबह सवा चार बजे महसूस किए गए।

नाशिक के नजदीक सुबह सात बजकर छह मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 रही।

लोन मोरेटोरियम पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब, अंतिम सुनवाई के पहले दाखिल करने के निर्देश

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मोरेटोरियम (Moratorium) अवधि के दौरान टाली गई EMI पर ब्याज न लेने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 2 हफ्ते सुनवाई टाल दी है। कोर्ट ने कहा  कि अब इस मामले को फाइनल सुनवाई के लिए आखिरी बार टाला जा रहा है। इस दौरान सब अपना जवाब दाखिल करें और ठोस योजना के साथ अदालत आएं। कोर्ट ने रिजर्व बैंक और सरकार को इस मसले पर ठोस निर्णय लेने के लिए दो हफ्ते का समय दिया। कोर्ट ने 31 अगस्त को खत्म मोरेटोरियम अवधि को बढ़ाने पर विचार की भी बात कही।
एनपीए घोषित होने से कर्जदार की बढ़ जाती हैं दिक्कतें
बता दें ​कि अगर किसी लोन की ईएमआई लगातार तीन महीने तक न जमा की जाए तो बैंक उसे एनपीए यानी गैर निष्पादित परिसंपत्ति घोषित कर देते हैं। एनपीए का मतलब यह है कि बैंक उसे फंसा हुआ कर्ज मान लेते हैं। ऐसे कर्जधारकों की रेटिंग खराब हो जाती है और आगे उन्हें लोन मिलने में काफी दिक्कत होती है। तीन सितंबर को लोन मोरेटोरियम मामले की सुनवाई 10 सितंबर के लिए टल दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि फिलहाल किश्त भुगतान न होने के आधार पर किसी भी एकाउंट को NPA घोषित न किया जाए।
लोगो की आर्थिक स्थिति मे अभी भी सुधार नहीं
सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने माना था कि जितने लोगों ने भी समस्या रखी, वह सही हैं. हर सेक्टर की स्थिति पर विचार जरूरी है. लेकिन बैंकिंग सेक्टर का भी ध्यान रखना होगा. बैंकिंग अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और संकटग्रस्त परिसंपत्तियों का पुनर्निर्माण करने के लिए मजबूत बैंकों का होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न प्रकार के बैंक हैं, एनबीएफसी भी हैं।
मोरेटोरियम की अवधि का ब्याज वसूलना उचित नहीं
कोविड-19 का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों पर अलग-अलग है। उन्होंने ये बातें उस वक्त कहीं जब रियल एस्टेट, बिजली क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई और अन्य उद्योगों की ओर से कहा गया कि मार्च के बाद से आय कम होती जा रही है, ऐसे में मोरेटोरियम (रियायत) अवधि के लिए ब्याज वसूलना अनुचित और अतार्किक है। मेहता ने पीठ से कहा कि हम यहां प्रतिकूल वाद को लेकर नहीं हैं। आप यहां हैं। हम सब यहां हैं। सभी संकट का समाधान निकालने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए कुछ विकल्प उपलब्ध हैं। पहला, ब्याज को माफ करना। दूसरा, व्यापक है।
पुनर्भुगतान के बोझ को कम करना प्राथमिकता
इसके तहत पहला कदम ऋणों के पुनर्भुगतान के बोझ को कम करना होगा। अगली प्राथमिकता विभिन्न क्षेत्रों को फिर से पटरी पर लाने की है ताकि अर्थव्यवस्था चलती रहे। परिसंपत्तियों का पुनर्गठन हो और फिर बैंकिंग क्षेत्र सुचारू तरीके से काम करें।

21 सितंबर के बाद शुरू होंगे 9वीं से 12वीं तक के स्कूल

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
भारत (India) में कोरोना (Corona) का प्रकोप रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया था। इस कारण मार्च से देश के सभी स्कूल (School), कॉलेज (Collage) आदि बंद है। विद्यार्थियों की पढ़ाई का काफी नुकसान भी हुआ। बच्चों का वर्ष बेकार न जाए, इसलिए विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट भी कर दिया गया। लेकिन अब शिक्षा विभाग सहित बच्चों व पालकों का धैय जवाब दे रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा अनलॉक (Unlock) शुरू करने के बाद से अब स्कूलों को शुरू करने की आवाज उठने लगी है। मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग (School Education Department) 9वीं से 12वीं तक 3 फ़ीसदी सिलेबस (Syllabus) कम करके स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। स्कूल के 21 सितंबर के बाद खोले जाएंगे, विभाग ने इसके लिए रणनीति बनाना शुरु कर दी है।
– 3 प्रतिशत पाठ्यक्रम कटौती पर विचार
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की पढ़ाई पर रोक लगाने के बाद अब स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। लेकिन अभी तक विभाग द्वारा सिलेबस तय नहीं किया गया है, जबकि सीबीएसई ने जुलाई में 3 फ़ीसदी सिलेबस कटौती करने के आदेश जारी कर दिए थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सीबीएससी के अनुसार ही प्रदेश में 3 फ़ीसदी सिलेबस कम किया जाएगा, जिस पर चर्चा चल रही है। जल्द ही इस पर निर्णय ले लिया जाएगा।
– पालकों में चिंता का माहौल
वहीं स्कूल खोलने को लेकर केंद्र की गाइडलाइन के बाद विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग 21 सितंबर के बाद स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में बढ़ रहा कोरोना, पालक चिंतितप्रदेश में दिन-प्रतिदिन कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों को खोलने का अभी तक निर्णय नहीं लिया है। जबकि विभाग 21 सितंबर के बाद स्कूल खोलने की तैयारी कर रहा है। सवाल यह है कि स्कूली विद्यार्थियों को विभाग कोरोना से कैसे बचाएगा। इस संबंध में अधिकारी अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उधर पलकों में भी बच्चों को स्कूल भेजने के प्रशासन के निर्णय को लेकर अभी से चिंतित नजर आ रहे हैं।

कोरोना की वैक्सीन के ट्रायल पर भारत में भी रोक, सीरम इंस्टिट्यूट ने जारी किया बयान

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
 कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सभी को इस महामारी का प्रतिबंध करनेवाली वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने एस्ट्राजेनेका और पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर कोविशिल्ड वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर दिया है। इसके बाद कोरोना को रोकनेवाली वैक्सीन के जल्द बाजार में आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी बीच एस्ट्राजेनेका ने कोरोना वैक्सीन के इंग्लैड में हो रहे ट्रायल पर अस्थाई रोक लगा दी है। इसके बाद भारत में इसके ट्रायल पर रोक लगा दी गई है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने एक बयान के जरिए स्पष्ट किया कि हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और अस्त्राजेनेका के ट्रायल शुरू करने तक भारत में ट्रायल रोक रहे हैं।
एस्ट्राजेनेका ने इंग्लैंड में एक वॉलंटियर की तबीयत खराब होने के बाद वैक्सीन की स्टडी पर रोक लगाई है। सीरम ने कोरोना की संभावित वैक्सीन के 100 करोड़ डोज के उत्पादन के लिए एस्ट्राजेनेका से साझेदारी की है। इस संभावित वैक्सीन का सीरम भारत में क्लीनिकल ट्रायल कर रहा है। एस्ट्राजेनेका के वैक्सीन स्टडी पर रोक लगाए जाने के बाद सीरम ने एक बयान जारी कर कहा, हम इंग्लैंड ट्रायल पर टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने आगे समीक्षा के लिए ट्रायल पर रोक लगाई है और इसे जल्द फिर से शुरू किए जाने की उम्मीद है। देश में कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड का ट्रायल रोक दिया है। देशभर में 17 अलग-अलग जगहों पर इस टीके का परीक्षण हो रहा था। कंपनी ने एक बयान में कहा, हम स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और एस्ट्राजेनेका के ट्रायल शुरू करने तक भारत में ट्रायल रोक रहे हैं। हम ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
सीरम इंस्टीट्यूट ने यह फैसला ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से नोटिस पाने के बाद लिया है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने कारण बताओ नोटिस में कहा कि वैक्सीन के सामने आए गंभीर प्रतिकूल प्रभावों के बारे में अपना एनालिसिस भी उसे नहीं सौंपा। सीरम इंस्टिट्यूट ने वैक्सीन ट्रायल को लेकर ताजा अपडेट उसे नहीं दी। अगर कंपनी जवाब नहीं देती तो यह मान लिया जाएगा कि उसके पास सफाई में कहने को कुछ नहीं है और फिर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सीरम ने वैक्सीन की ट्रायल रोक दी है। जबकि कल तक सीरम ने ट्रायल जारी रखने की बात कही थी। कंपनी ने अपने पिछले बयान में कहा था, ब्रिटेन में चल रहे ट्रायल के बारे में हम कुछ ज्यादा नहीं कह सकते हैं। जहां तक भारत में चल रहे ट्रायल की बात है, यह जारी है और इसमें कोई समस्या सामने नहीं आई है।
भारत में पिछले महीने ऑक्सफर्ड वैक्सीन के फेज 2 और 3 के ट्रायल को मंजूरी दी गई थी। सीरम इंस्टिट्यूट ने एस्ट्राजेनेका के साथ कोविड-19 टीके की एक अरब डोज बनाने की डील कर रखी है। वही इस वैक्सीन का भारत में क्लिनिकल ट्रायल कर रही है। अबतक देश में करीब 100 लोगों को यह टीका लगाया जा चुका है। अब आगे का रास्ता क्या? सीरम इंस्टिट्यूट अपना जवाब डीसीजीआई को सौंपेगा। बहुत कुछ एस्ट्राजेनेका पर भी निर्भर करेगा कि उसकी जांच में क्या निकलकर आता है। ट्रायल अस्थायी तौर पर इसलिए रोका गया है ताकि बीमारी के बारे में और जाना जा सके। अभी यह साफ नहीं है कि इसमें कितना वक्त लगेगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार, किसी भी वैक्सीन के ट्रायल में ऐसी परेशानियां देखने को मिलती हैं।

पुणे की अस्थाई जेल से भागे कोरोना संक्रमित कैदी, पुलिस कर रही तलाश

न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
कैदियों में महामारी कोरोना का संक्रमण रोकने के लिहाज से पुणे के येरवडा में बनाई गई अस्थायी जेल पुलिस और जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द साबित हो रही है। क्योंकि इस अस्थायी जेल के शुरू होने के बाद से कैदियों के भाग निकलने का सिलसिला शुरू ही है। बुधवार की देर रात इन अस्थायी जेल से पुनः दो कैदी भाग निकले हैं। खास बात यह है कि ये दोनों भी महामारी कोरोना से संक्रमित हैं। उनके जेल से भाग निकल जाने से उनके जरिए महामारी का संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। नतीजन युद्धस्तर पर दोनों की तलाश जारी है।
गंभीर मामलों में न्यायीक हिरासत में थे दोनों कैदी
अनिल विठ्ठल वेताल (21, निवासी गणेश नगर, भीमा कोरेगांव, शिरूर, पुणे) और विशाल रामधन खरात (निवासी घर नं 5, फातिमा मस्जिद के सामने, श्री समर्थ हौसिंग सोसायटी, निगडी, पुणे) ऐसे जेल से भाग निकले कैदियों के नाम हैं। जेल प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दोनों भी गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपी हैं और न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं। उन्हें अस्थायी जेल की इमारत नँबर 104 की पहली मंजिल की रूम नँबर 1 में रखा गया था। ये दोनों भी बीती देर रात सवा एक बजे के करीब मौका पाकर जेल से भाग निकले हैं।
पहले भी भाग चुके है इस जेल से कैदी
इनमें से अनिल वेताल के खिलाफ पुणे के शिक्रापूर पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 394, 411, 34 के तहत मामला दर्ज है। वहीं विशाल खरात के खिलाफ पिंपरी चिंचवड़ के चिखली पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 323, 143, 147, 148, 149 के तहत मामला दर्ज है। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इसके बाद उन्हें अस्थायी जेल में रखा गया था, जहां से कल रात वे भाग निकले हैं। खास बात यह है कि दोनों भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। ज्ञात हो कि इससे पहले भी इस अस्थायी जेल से कुछ कैदी भाग निकले थे हालांकि बाद में उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया था।