कोरोना के खौफ से बुजुर्ग व्यक्ति ने की फांसी लगा कर आत्महत्या
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
लगातार बुखार, जुकाम और ठंड से ग्रस्त एक बुजुर्ग को जब डॉक्टर ने कोरोना टेस्ट करवाने के लिए कहा तो डर के मारे का उस बुजुर्ग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसके लिखे सुसाइड नोट से यह जानकारी सामने आयी है। शुक्रवार की सुबह यह चौंकाने वाला मामला पुणे के पड़ौसी शहर पिंपरी चिंचवड़ के भोसरी इलाके में सामने आया है। शिवाजी मारुती होलकर (67, निवासी गव्हाणे बस्ती भोसरी, पुणे) ऐसा आत्महत्या करनेवाले बुजुर्ग का नाम है।
भोसरी पुलिस के अनुसार, भोसरी की गव्हाणे बस्ती में अपने परिवार के साथ रहनेवाले शिवाजी होलकर गत आठ दिन से ठंड, जुकाम, बुखार और खांसी से त्रस्त थे। उन्होंने पास के एक निजी डॉक्टर को दिखाया तो उसने उन्हें कोरोना का टेस्ट कराने की सलाह दी क्योंकि उनमें सभी लक्षण कोरोना के नजर आ रहे थे। आज तड़के उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को उनका लिखा सुसाइड नोट मिल गया है जिसमें उन्होंने कहा है कि आठ दिन से वे बीमार थे। जब डॉक्टर के पास गए तो उसने उन्हें कोरोना के लक्षण बताकर टेस्ट कराने की सलाह दी। कोरोना के डर से आत्महत्या करने और अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार न ठहराने की बात भी सुसाइड नोट में लिखी गई है। हालांकि वे किस डॉक्टर के पास इलाज के लिए गए थे और किसने उन्हें कोरोना टेस्ट करने की सलाह दी थी? इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। भोसरी पुलिस छानबीन में जुटी है।
ड्रोन से सीमा पर रसद पहुंचाने की मॉक ड्रिल कर रहा चीन, भरोसे के लायक नहीं
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
लद्दाख में ताजा तनाव के बीच भारत-चीन विवाद सुलझाने के लिए 5 पॉइंट के प्लान पर सहमति बनी है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की गुरुवार शाम मॉस्को में बातचीत हुई। दोनों शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की मीटिंग में हिस्सा लेने मॉस्को गए हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार सुबह बयान जारी कर विदेश मंत्रियों की बातचीत की डिटेल दी। इसी शुक्रवार को ही चीन ने सीमा पर तैनात अपने सैनिकों को ड्रोन की सहायता से रसद पहुंचाने का मॉक ड्रिल किया. ऐसे में माना जा रहा है कि भले ही दुनिया को दिखाने के लिए चीन ने पांच मुद्दों पर समझौता किया हो, लेकिन फिर भी भारतीय सेना पूरी तरह से सतर्क है, क्योंकि चीन पर किसी भी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता.
– इन पांच मुद्दों पर बनी सहमति
1. बॉर्डर के इलाकों में मौजूदा स्थिति किसी के हित में नहीं है। दोनों देशों के जवानों को बातचीत जारी रखते हुए तेजी से डिसएंगेजमेंट (विवादित इलाकों से सैनिक हटाने का काम) करना चाहिए। एक-दूसरे से तय दूरी रखते हुए तनाव कम करना चाहिए।
2. रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के नेताओं के बीच पहले जो एकराय (कन्सेन्सस) बनी थी, उससे गाइडेंस लेना चाहिए। मतभेदों की वजह से तनाव नहीं होना चाहिए।
3. दोनों देशों को सीमा से जुड़े मामलों में सभी मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल को मानना चाहिए। बॉर्डर के इलाकों में शांति रखते हुए ऐसी कार्रवाई से बचना चाहिए, जिससे माहौल बिगड़ने की आशंका हो।
4. बॉर्डर पर स्थिति सुधरते ही दोनों देशों को तेजी से काम करना चाहिए, ताकि शांति बनाए रखने और आपसी भरोसा बढ़ाने के लिए नए उपाय पूरे किए जा सकें।
5. स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव (SR) मैकेनिज्म के जरिए बातचीत होती रहेगी। वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड को-ऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठकें भी जारी रहेंगी।
– 4 दिन में 2 बार घुसपैठ की कोशिश की थी
भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वैसे तो मई से ही तनाव बना हुआ है, लेकिन 29-30 अगस्त की रात चीन की घुसपैठ की कोशिश से माहौल और बिगड़ गया। चीन के सैनिकों ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के आर्मी अफसरों के बीच बातचीत का दौर चला, लेकिन इसी बीच चीन ने 4 दिन में दूसरी बार घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन हर बार नाकाम रहा।
रिया चक्रवर्ती की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल सामने आने के बाद गिरफ्तार हुईं रिया चक्रवर्ती की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है. रिया के साथ ही शोविक चक्रवर्ती, अब्दुल बासित, जैद विलात्रा, दीपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा की याचिका भी खारिज हो गई। फैसला सुनाते समय जज जेबी गुरव ने कहा कि यह गंभीर अपराध है और इसकी जांच की जरूरत है। कोर्ट के फैसले पर रिया के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि ऑर्डर की कॉपी मिलने के बाद हम आगे के कदम उठाएंगे। हम अगले हफ्ते हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। उधर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रिया के खिलाफ नया केस दर्ज कर सकता है।
रिया के वकील की दलीलें : एनसीबी ने पूछताछ के दौरान रिया पर आरोप कबूलने का दबाव बनाया था। रिया से पूछताछ के दौरान कोई महिला अधिकारी मौजूद नहीं थी। रिया की गिरफ्तारी की जरूरत नहीं थी। उनकी आजादी पर मनमाने तरीके से रोक लगाई गई, उन्हें फंसाया जा रहा है।
एनसीबी की दलीलें : रिया से पूछताछ के दौरान प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा गया। रिया के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक्स एविडेंस हैं। ड्रग्स मामले में गिरफ्तार कई लोगों ने रिया से संपर्क की बात कबूली है। इस केस में जब्त की गई ड्रग्स की मात्रा भले ही कम है, लेकिन कीमत 1 लाख 85 हजार 200 रुपए है।
सीबीआई, नारकोटिक्स के बाद अब ईडी का शिकंजा
सुशांत केस में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा ईडी नया मामला दर्ज कर सकता है। ईडी के एक अफसर का कहना है कि, नया केस दर्ज करने के लिए कानूनी सलाह ले रहे हैं। पहले हमने सुशांत के पिता केके सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया था, जो सुशांत के बैंक खाते से पैसे निकालने से जुड़ा था। जबकि, नया मामला एनसीबी की जांच के नतीजों के आधार पर होगा, क्योंकि ड्रग्स मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। ईडी ड्रग तस्करी और ड्रग खरीद से कमाए गए पैसे का एंगल भी देखेगा।
कोरोना : पूरे विश्व में गरीबी-भुखमरी का खतरा, शिक्षा क्षेत्र पर संकट के बादल
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
चीन से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया की अर्थ व्यवस्थ को तहत नहस कर दिया है. विश्व के सभी देश अपनी अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. पूरे विश्व में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में संयुक्त राष्ट्र के टॉप अधिकारियों ने सचेत किया है कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने भेदभाव और अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों को बढ़ा दिया है, जिससे संघर्ष और बढ़ सकते हैं। दुनिया के सबसे कमजोर देशों में इनके अप्रत्यक्ष परिणाम वायरस के प्रभाव से भी अधिक हो सकते हैं।
_ कमजोर देशों की आर्थिक स्थिति सबसे खराब
संयुक्त राष्ट्र की राजनीतिक प्रमुख रोजमैरी डिकार्लो और संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी मामलों के प्रमुख मार्क लोकॉक ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने महामारी के कारण दुनियाभर में पड़ने वाले असर की गंभीर समस्या के बारे में बात की। लोकॉक ने परिषद को सचेत किया कि कमजोर देशों में कोविड-19 संकट की वजह से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले अप्रत्यक्ष प्रभावों के कारण “गरीबी बढ़ेगी, औसत आयु कम होगी, भुखमरी बढ़ेगी, शिक्षा की स्थिति खराब होगी और अधिक बच्चों की मौत होगी। “
अब तक 8.60 लाख लोगों की मौत हो चुके है
इस वैश्विक महामारी के कारण दुनिया भर में 8,60,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और दो करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों के इससे संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। संक्रमण के लगभग एक तिहाई मामले मानवतावादी या शरणार्थी संकटों से जूझ रहे देशों या कमजोर देशों में सामने आए हैं, लेकिन ये देश महामारी से असल में कितने प्रभावित हैं, इस बात का अभी पता नहीं चल पाया है।लोकॉक
कम जांच के कारण बढ़ रहा संक्रमण
लोकॉक ने कहा कि इसका कारण यह है कि इन देशों में जांच कम हो रही है, कुछ स्थानों पर लोग मदद नहीं मांगना चाहते, क्योंकि उन्हें शायद पृथक-वास में रहने की आशंका है या उन्हें इस बात का डर है कि उन्हें उपयोगी चिकित्सकीय उपचार नहीं मिलेगा, एक अच्छा समाचार यह है कि इन देशों में कोविड-19 के कारण मरने वाले लोगों की संख्या आशंका से कम है, लेकिन इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव कहीं अधिक हैं।
महाराष्ट्र : मुंबई सहित नाशिक में फिर भूकंप के झटके
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं. हालांकि ये सभी झटके कम तीव्रता के होने के कारण किसी प्रकार के जान_माल के नुकसान की खबर नहीं है. आज फिर मुंबई और नाशिक में भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र मुंबई के उत्तर दिशा में 98 किलोमीटर दूर था। भूकंप के झटके करीब सुबह सवा चार बजे महसूस किए गए।
नाशिक के नजदीक सुबह सात बजकर छह मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 रही।

















