केंद्र ने दी जम्मू-कश्मीर सरकार को हिदायत, कहा, “जेलों की सुरक्षा हो पुख्ता”
पारुल पाण्डेय| Navpravah.com
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने महबूबा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। गृह मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय ने इस मसले को गंभीरता से लिया है और सरकार को सलाह दी है कि वह जेलों की सुरक्षा को पुख्ता करे, ताकि ऐसे घटनाएं भविष्य में न हो सकें। अधिकारी ने आगे बताया कि गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से श्रीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा को पुख्ता करने को कहा है, जिसमें तमाम खूंखार आतंकी बंद हैं। इसके अलावा उन्हें जम्मू, उधमपुर और लेह की जेलों में भेजा जाए। इसके अलावा अन्य लोगों को किन जेलों में शिफ्ट किया जाए, इस पर भी चर्चा चल रही है।
विपक्ष ने जज लोया मामले में राष्ट्रपति से की मुलाकात
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
न्यायाधीश लोया की मौत को लेकर 15 विपक्षी दलों के नेताओं ने आज राष्ट्रपति से मुलाकात की है। इन सभी पार्टियों के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपना मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने न्यायाधीश लोया की संदिग्ध मौत के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के नेतृत्व वाली एसआईटी जांच की मांग की है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 15 पार्टियों के 114 सांसदों ने इस मांग पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एक काफी गंभीर मामला है और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र एसआईटी ही इसकी जांच कर सकती है। राहुल ने कहा कि न्यायाधीश लोया की मौत संदिग्ध है। मीडिया ने इसकी रिपोर्टिंग की है। देश में इस बार में चर्चा हुई है। इसके अलावा भी दो और संदिग्ध मौतें हुई हैं। अगर इस मामले की सही तरीके से जांच हो, तो उनके परिवार को न्याय मिलेगा। राष्ट्रपति ने हमारे मांग के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया है।
बता दें कि जज लोया चर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस की सुनवाई कर रहे थे। 1 दिसंबर 2014 को अपने सहयोगी की बेटी की शादी में नागपुर गए लोया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले ने पिछले साल नवंबर में तूल तब पकड़ा, जब उनकी बहन ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया और इसे सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस से जोड़ा।
अब तक के प्रमुख समाचार
विपक्ष ने जज लोया के मौत के मामले में राष्ट्रपति से की मुलाकात।
फरीदाबाद में रॉबर्ट वाड्रा के सहयोगी के परिसरों पर ED का छापा
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
बीकानेर में एक भूमि घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले के जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने रॉबर्ट वाड्रा से कथित तौर पर जुड़े एक व्यक्ति के फरीदाबाद स्थित परिसरों पर आज छापेमारी की। नागर एमएस स्काइलाइट हॉस्पिटालिटी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के रॉबर्ट वाड्रा से कथित ताल्लुकात हैं। पिछले साल दिसंबर में एजेंसी ने नागर के करीबी सहयोगी अशोक कुमार और एक अन्य जयप्रकाश भार्गव को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले बीते साल 22 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय ने कथित राजस्थान भूमि घोटाले से जुड़े दो ‘मुख्य जालसाजों’ को गिरफ्तार किया था। इस घोटाले में एक आतिथ्य कंपनी भी शामिल है, जिसके निदेशकों में रॉबर्ट वाड्रा का नाम भी शामिल है। ईडी अधिकारियों ने कहा था कि अशोक कुमार, स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के महेश नागर के सहायक के करीबी हैं। दिल्ली स्थित आतिथ्य कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि वाड्रा 2007 से उसके निदेशकों में से एक रहे हैं।
एजेंसी ने कहा कि कुमार को महेश नागर के लिए इस्तेमाल किया गया था। बयान में दावा किया गया है कि स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 69.55 हेक्टेयर जमीन को 72 लाख रुपये में खरीदा था और फिर एलेगेंनी फिनलीज नामक कंपनी को 5.15 करोड़ रुपये में बेचकर 4.43 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था।
राहुल ने साधा जेटली पर निशाना, कहा, “राफेल डील में कुछ काला है”
राजेश सोनी | Navpravah.com
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मूड से लगता नहीं कि वह राफेल डील के मुद्दे को जल्दी ठंडे बस्ते में डालेंगे। वह लगातार इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने आज फिर ट्वीटर के माध्यम से राफेल डील को लेकर अरुण जेटली के बयान पर पलटवार किया है।
राहुल गांधी ने अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए लिखा कि आपने कहा कि यूपीए सरकार ने कभी रक्षा क्षेत्र के डील को सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने आगे सबूत के तौरपर कांग्रेस सरकार में किए गए 3 रक्षा डील के दस्तावेज अपने ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट किए हैं। इस डील के वक़्त देश के रक्षा मंत्री एके अन्थोनी थे। उन्होंने आगे कहा कि इससे आपके द्वारा दिए गए झूठ का पता चलता है। हमारी सरकार ने हमेशा रक्षा डील में पारदर्शिता दिखाई है।
https://twitter.com/OfficeOfRG/status/961930076668473344
अब आप अपने रक्षा मंत्री को बोलिए कि देश को बताए कि एक राफेल जेट की कीमत क्या है? वहीं चारा घोटाला के मामले में जेल में बंद लालू प्रसाद यादव ने भी राफेल डील को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। लालू ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि राफेल डील की कीमत का देश के समक्ष खुलासा क्यों नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह वंशवाद और भ्रष्टाचार का मामला है। क्यों नए सौदे को गोपनीय रखा जाता है? नए सौदे को इसलिए गोपनीय रखा गया, क्योंकि यह भ्रष्टाचार है। भाजपा ऐसे गोपनीय सौदों के द्वारा चुनावी फण्ड जमा कर रही है।
दिल्ली में आज भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने राहुल गांधी को जवाब दिया है। हमारी सरकार राफेल डील के महत्वपूर्ण पॉइंट्स बता चुकी है, और भी बताएंगे, लेकिन हर डील के हर एक कॉम्पोनेन्ट को बताना कितना उचित होगा, यह देश हित में है क्या? ये बात राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बैठक में कही है।
दीपिका पादुकोण ने देसी गर्ल को पछाड़ा, सोशल मीडिया में सबसे पॉप्युलर
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
हॉलीवुड में नाम कमा रही देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा को अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने पॉपुलैरिटी मामले में पीछे छोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स और पॉपुलैरिटी पर किए गए एक सर्वे में बॉलीवुड से दीपिका और प्रियंका के नाम चुने गए थे। इस सर्वे के रिजल्ट से यह खुलासा हो गया है कि भले ही प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड के बाद हॉलीवुड में अपना जलवा बिखेर रहीं हैं, लेकिन वह ‘पद्मावत’ फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से पीछे ही हैं।
‘पद्मावत’ फिल्म विवाद के चलते देश ही नहीं, बल्कि विदेश में भी दीपिका को लोग जानने लगे हैं। इसके अलावा वह विन डीजल के साथ एक फिल्म भी कर चुकी हैं। इस वजह से पॉपुलैरिटी के मामले में दीपिका ने प्रियंका चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि अंग्रेजी वेबसाइट ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर्स’ के मुताबिक, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, यू-ट्यूब और गूगल प्लस पर पॉपुलैरिटी को देखते हुए ‘मोस्ट पॉपुलर एक्टर्स’ चार्ट में टॉप 10 रैंकिंग दी गई है, जिसमें दीपिका पादुकोण तीसरे स्थान पर हैं, वहीं प्रियंका चोपड़ा को 8वां स्थान मिला है। इस रैंक में पहला स्थान ड्वेन जॉनसन को मिला है। एक्टर की हाल ही में आई फिल्मों ने दुनियाभर में उनकी फैन फॉलोइंग बढ़ाई है। उन्होंने जुमांजी 2, जुरासिक पार्क, बेवॉच, द फेट ऑफ द फ्यूरियस, सैन एंड्रियाज जैसी फिल्में की हैं।
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर केविन हार्ट, चौथे पर मिली बॉबी ब्राउन, पांचवें पर विल स्मिथ, छठवें पर डव कैमरून, सातवें पर जेनिफर लोपेज, नौंवे पर गाल गाडोट और दसवें नोह श्नैप हैं। वेबसाइट के मुताबिक, यह ग्लोबल डाटा सोशल मीडिया एनेलेटिक्स कंपनी MVPindex द्वारा उपलब्ध कराया गया है।
ओडिशा: पुलिस कस्टडी में हुई युवक की मौत, लोगों ने थाने में किया हंगामा
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
ओडिशा के संबलपुर में पुलिस कस्टडी में एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गयी, जिसके बाद हिंसा भड़क गई है। नाराज लोगों ने ऐंठापली पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ करने के बाद उसे आग लगा दी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना में कई लोग व पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। घटना के बाद इलाके में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। मामले में कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, गुरूवार रात को ऐंठापली पुलिस स्टेशन में 22 वर्षीय युवक अविनाश मुंडा को चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया था। शुक्रवार तड़के उसे फंदे से लटका पाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही करीब 150 से 200 लोग थाने पहुंचे और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दिया।
गुस्साई भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद लोगों ने थाने और वहां मौजूद वाहनों में आग लगा दी। आईजी सुशांत नाथ ने जानकारी देते हुए बताया कि ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल कस्टडी में हुई युवक की मौत के मामले की जांच करेगी, जिससे ये सामने आ सकेगा कि युवक की मौत पुलिस की मार से हुई है या फिर उसने सुसाइड किया है।
आईसीसी की पहली महिला स्वतंत्र निदेशक बनी इंदिरा नूई
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
पेप्सिको की चेयरमैन और सीईओ इंदिरा नूई को शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है। नूई आईसीसी की पहली स्वतंत्र महिला निदेशक होंगी। इस प्रस्ताव को स्वतंत्र निदेशक के महिला होने की शर्त के साथ मंजूरी दी गई थी। उनकी नियुक्ति 2 साल के लिए की गई है, लेकिन उन्हें दोबारा नियुक्त किया जा सकता है।
इंदिरा नूई ने कहा, ‘मैं क्रिकेट को प्यार करती हूं, मैंने अपने कॉलेज के दिनों में क्रिकेट खेला है और इससे बहुत कुछ सीखा है। इस भूमिका के लिये आईसीसी से जुड़ने वाली पहली महिला बनकर मैं रोमांचित हूं। बोर्ड, आईसीसी साझेदारों और क्रिकेटरों के साथ काम करने का मुझे इंतजार है।’
आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर ने कहा, ‘एक और स्वतंत्र निदेशक और वह भी महिला को नियुक्त करना देश के संचालन को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम है। उनकी नियुक्ति दो साल के लिये की गई है, लेकिन उन्हें दोबारा नियुक्त किया जा सकता है। वे लगातार छह साल तक ही इस पद पर रह सकती हैं।’
मनोहर ने आगे कहा, ‘हमने इस पद के उपयुक्त उम्मीदवार के लिए दुनियाभर में तालाश की। इस पद के लिए क्रिकेट प्रेमी होना, कमर्शल सेक्टर का अनुभवी होना और आईसीसी या किसी भी सरकारी संगठन के साथ नहीं जुड़े होने की शर्त रखी गई थी और हमे इस बात की खुशी है कि इंदिरा को हमने ऐसे ही उम्मीदवार के तौर पर चुना है।
इंदिरा नूई का जन्म चेन्नई में हुआ था। शिक्षा चेन्नई में ही हुई, बाद में इंदिरा ने कोलकाता के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मैनेजमेंट की पढ़ाई की और कुछ वर्षों तक काम करने के बाद इंदिरा पढ़ाई करने के लिए अमरीका गईं और वहां से मैनेजमेंट की पढ़ाई की।
कई कंपनियों में काम करने के बाद 1994 में इंदिरा ने पेप्सिको ज्वाइन किया। 10 साल के बाद 2004 में कंपनी की मुख्य फाइनेंस अधिकारी और 2006 में वो कंपनी की सीईओ बनीं। 60 साल की इंदिरा पेप्सिको का नेतृत्व करने वाली पहली महिला हैं। 2006 के बाद से वो दुनिया की शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल रही हैं।
अमेरिका ने फिर किया पाकिस्तान पर ड्रोन हमला, 3 आतंकी ढेर
राजेश सोनी | Navpravah.com
अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान में फल-फूल रहे आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अमेरिका ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों को ट्रेस कर उनपर ड्रोन हमला किया है। यह हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सीमा पर किया गया और इस हमले में 3 आतंकी मारे गए हैं।
बता दें कि पाकिस्तान के मीडिया द्वारा अमेरिका के हमले की पुष्टी की गई है। पाकिस्तान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को उत्तरी वाजीरिस्तान में पाक-अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर अमेरिका ने ड्रोन के मदद से हमला किया। हमले में तीन आतंकी मारे गए हैं। हमले में मारे गए आतंकियों में तहरीक-ए-तालिबान का प्रमुख सजना महसूद और प्रतिबंधित आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के 2 आतंकी शामिल थे। मारा गया आतंकी सजना महसूद काफी समय से अमेरिका के रडार पर था।
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका ने 25 जनवरी को भी अफगान-पाक सीमा पर ड्रोन हमला किया था। इस हमले में भी हक्कानी नेटवर्क के 2 आतंकी सहित और 2 अन्य आतंकी मारे गए थे। अमेरिका में ट्रम्प सरकार के आने के बाद से ही पाकिस्तान पर आतंकवादियों को अपने देश में सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने के लिए कई बार फटकार लगा चुका है। अमेरिका ने पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए पाक को दी जाने वाली सैन्य मदद को भी बंद कर दिया था।

















