श्रीदेवी की मौत पर ये क्या कह दिया रामू ने!
एनपी न्यूज़ डेस्क |Navprah.com
श्रीदेवी के अचानक दुनिया छोड़कर जाने से सभी सदमे में हैं। इसी कड़ी में रामगोपाल वर्मा ने भी श्रीदेवी की मौत के बाद एक पत्र लिखा है, जिसे पढ़कर सबकी आंखे नम हो जाएंगी। राम गोपाल वर्मा ने लेटर में लिखा कि मेरी यह पुरानी आदत है कि मैं रात में कई बार सपने देखते हुए जाग जाता हूं और इस बीच अपना मोबाइल भी चेक करता रहता हूं। इसी दौरान रात को मैंने एक मैसेज पढ़ा कि श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं रहीं, मुझे लगा यह कोई बुरा सपना है या किसी ने कोई अफवाह उड़ाई है। यह सोच कर मैं फिर सो गया, फिर जब मैं जागा तो ऐसे बहुत मैसेज थे, जिसमें यह बताया गया कि श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं हैं और उनका निधन हो गया है।
मुझे याद है जब मैं विजयवाड़ा में इंजीनियरिंग कॉलेज में था। तब मैंने पहली बार उनकी तेलुगु फिल्म देखी थी- ‘Padaharella Vayasu’. मैं उनकी खूबसूरती देख कर दंग रह गया था। उसके बाद मैंने उनकी कई फिल्में देखीं, उनकी खूबसूरती और टैलेंट का मुझपर काफी गहरा असर पड़ा।
बीते दिनों को याद करते हुए वर्मा ने लिखा कि श्रीदेवी के साथ मेरी यात्रा तब शुरू हुई जब मैं अपनी पहली फिल्म ‘शिवा’ की तैयारी कर रहा था,मैं तब नागार्जुन के चेन्नई वाले दफ्तर के बगल वाली गली में जाता था, जहां उन दिनों श्रीदेवी रहती थीं। मुझे यह बिल्कुल भी विश्वास नहीं होता कि सौंदर्य की यह देवी इस बेकार से घर में रहती हैं। मैं इस घर को बेकार इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मेरा मानना था कि ऐसा कोई भी मानव निर्मित मकान हो ही नहीं सकता जो श्रीदेवी के रहने लायक बनाया जा सके।
उन्होंने लिखा कि जब मेरी फिल्म ‘शिवा’ रिलीज हुई और एक बड़ी हिट साबित हुई। तब एक फिल्म निर्माता मेरे पास आये और पूछा कि क्या मैं श्रीदेवी के साथ एक फिल्म बनाना चाहूंगा? मैंने कहा आप पागल हैं क्या? मैं उनकी एक झलक देखने के लिए अपनी जान तक दे सकता हूं, हां, हम फिल्म बनाते हैं।
वर्मा ने लिखा कि किरदार और अभिनय की बारीकियां मैंने उनसे सीखीं, मेरे लिए वो सिनेमाई अभिनय की एक मिसाल हैं।उनका स्टारडम और लोकप्रियता ऐसा कि विश्वास करना मुश्किल है, वो बहुत ही खूबसूरत और गुणवान थी।
उन्होंने आगे लिखा कि, ऐसा सुपरस्टार मैंने नहीं देखा और अब वो हमारे बीच नहीं हैं ! श्रीदेवी ईश्वर की एक ऐसी अमूल्य कृति थीं जो वो हजारों साल में एक बार ही आते हैं। हम निर्देशकों के लिए यह एक उपलब्धि है कि हमने उन्हें कैमरे में कैद किया है।
अंत में रामगोपाल वर्मा ने लिखा कि, मैं अभी तक उम्मीद कर रहा हूं कि यह सब बस एक बुरा सपना है, लेकिन मैं जानता हूं यह नहीं है।
मैं श्रीदेवी से नफरत करता हूं।
मुझे नफरत है कि जिंदा रहने के लिए उनके दिल को भी धड़कना पड़ता है..
मुझे नफरत है कि मैं उनके मरने की खबर का वह संदेश देख पाने के लिए जिंदा हूं।
मुझे ईश्वर से नफरत है, जिन्होंने उन्हें छीन लिया..
और मुझे नफरत है श्रीदेवी से जो चल गईं…
मुझे आपसे प्यार है श्रीदेवी, आप जहां भी हैं.. मैं आपको हमेशा प्यार करुंगा।
जिस वजह से गई श्रीदेवी की जान, उसमें बचने के होते हैं कम चांस
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
अर्जुन कपूर के बाद अब जाह्नवी को भी होगा इस बात का मलाल
पारुल पाण्डेय |Navpravah.com
54 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत हो गई।रविवार दोपहर उनका पार्थिव शरीर दुबई से मुंबई लाया जाएगा। आज शाम उनका अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल, श्रीदेवी भतीजे और अभिनेता मोहित मारवाह की शादी अटेंड करने के लिए अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी कपूर के साथ दुबई पहुची थीं। वहीँ उनकी बड़ी बेटी जाह्नवी डेब्यू फिल्म ‘धड़क’ की शूटिंग में व्यस्त होने की वजह से कजिन भाई की शादी में शामिल नहीं हो पाई थीं।
21 वर्षीय धर्मा प्रोडक्शन्स की आगामी फिल्म ‘धड़क’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली हैं। आपको बता दें कि मराठी फिल्म ‘सैराट’ की हिंदी रीमेक ‘धड़क’ में जाह्नवी शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान खट्टर के साथ नज़र आएंगी।पिछले कई महीनों से जाह्नवी फिल्म की शूटिंग में लगी हैं। शशांक खेतन के निर्देशन में बननेवाली यह फिल्म आगामी 6 जुलाई को रिलीज होगी, लेकिन बेटी की डेब्यू फिल्म देखने के 5 महीने पहले ही श्रीदेवी ने दुनिया से अलविदा कह दिया।बेशक जाह्नवी को इस बात का जिंदगीभर मलाल रहेगा कि उनकी मां बेटी की डेब्यू फिल्म देख नहीं पाईं।
कुछ ऐसा ही 6 साल पहले जाह्नवी कपूर के सौतेले भाई अर्जुन कपूर के साथ हुआ था। बोनी कपूर और उनकी पहली पत्नी मोना कपूर के बेटे अर्जुन कपूर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत मई 2012 में फिल्म ‘इश्कजादे’ के जरिए की थी।हालांकि, डेब्यू से दो महीने पहले मार्च, 2012 में उनकी मां मोना कपूर का निधन हो गया था। अर्जुन अपने कई इंटरव्यूज में कह चुके हैं कि उन्हें जिंदगीभर इस बात का मलाल रहेगा कि उनकी मां उन्हें सिल्वर स्क्रीन पर नहीं देख पाईं।
बता दें कि, बोनी कपूर ने पहली शादी मोना कपूर से साल 1983 में की थ। बेटे अर्जुन कपूर और बेटी अंशुला कपूर के जन्म के बाद साल 1996 में बोनी ने मोना को तलाक दिया। इसी साल उन्होंने श्रीदेवी के साथ शादी रचाई थी। बोनी और श्रीदेवी की दो बेटियां हैं जाह्नवी और खुशी कपूर।
पीएम मोदी ने 41वीं बार देश से की ‘मन की बात’
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
पीएम मोदी ने आज 41वीं बार मन की बात की। पीएम ने इस बार भी स्वच्छता और विकास से जुड़ी कई बातें कही, पीएम ने कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बधाई देते हुए की।
पीएम मोदी ने महर्षि अरबिन्दो को याद करते हुए कहा, “उन्होंने एक क्रांतिकारी के रूप में ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और एक ऋषि के रूप में जीवन के हर पहलू के उत्तर भी खोजे।” पीएम ने महिला दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक, सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी हम सब की जिम्मेदारी है। पीएम ने झारखंड की उन 15 लाख महिलाओं का जिक्र किया, जिन्होंने एक महीने तक स्वच्छता अभियान चलाया था।
पीएम ने आगे कहा, 8 मार्च को ‘अन्तरराष्ट्रीय महिला-दिवस’ मनाया जाता है, इस दिन देश में ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से ऐसी महिलाओं को सत्कार भी किया जाता है, जिन्होंने भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किये हों।
पीएम ने कहा, इस बार बजट में ‘स्वच्छ भारत’ के तहत गाँवों के लिए बायोगैस के माध्यम से वेस्ट टू हेल्थ और वेस्ट टू एनर्जी बनाने पर ज़ोर दिया गया। पीएम ने कहा, ‘गोबर धन योजना’ के तहत ग्रामीण भारत में किसानों, बहनों, भाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वो गोबर और कचरे को सिर्फ वेस्ट (waste) के रूप में नहीं, बल्कि आय के स्रोत के रूप में देखें और अधिक से अधिक धन अर्जित कर सकें।
पीएम ने आगे कहा कि लोगों को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना होगा, क्योंकि अपनी सुरक्षा ही समाज की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन ज्यादातर जिंदगी को खतरे में डालने के लिए लोग खुद जिम्मेदार होते हैं।
अभिनेत्री श्रीदेवी का दिल का दौरा पड़ने से निधन
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
अभिनेत्री श्रीदेवी को दिल का दौरा पड़ने के कारण दुबई में उनका निधन हो गया है। फिल्मफेयर.कॉम की खबर के अनुसार, श्रीदेवी अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी कपूर के साथ दुबई में एक फैमिली वेडिंग अटेंड करने पहुंची थी।
इस खबर के बाद से ही बॉलीवुड में शोक की लहर है। श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर उनके आखिरी समय में उनके साथ नहीं थी, जाह्नवी यहीं शूटिंग के सिलसिले में मुंबई में ही थी।
बॉलीवुड की ओर से श्रीदेवी को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। सभी श्रीदेवी की मौत पर शोक जता रहे हैं। इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में श्रीदेवी का काफी बड़ा योगदान रहा है, श्रीदेवी ने हिंदी फिल्मों के अलावा तेलगु, तमिल, कन्नड़ और मलयाली फिल्मों में भी काम किया है।
जो नहीं हैं फिट, उन्हें नहीं मिलेगी नौकरी
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
आज के दौर में नौकरी पाना बहुत मुश्किल है, ऐसे में हर संस्थान नियुक्ति के अपने नियम तय करता है। इसी कड़ी में कोल इंडिया लिमिटेड ने भी अपने यहां भर्ती के कुछ नियम तय किए हैं। इस मामले में कंपनी ने कहा कि अगर आप कोल इंडिया में नौकरी करना चाहते हैं, तो फिर आपको शारीरिक रूप से फिट जरूरी होगा। जो उम्मीदवार शारीरिक जांच के पैमाने पर खरे नहीं उतरते हैं, उन्हें नौकरी नहीं दी जाएगी।
कंपनी के मेडिकल अटेंडेंस नियम के प्रावधानों के मुताबिक, नौकरी से पूर्व कंपनी के मेडिकल अफसर बोर्ड उम्मीदवारों की जांच करेंगे। इस प्रावधान के मुताबिक, उम्मीदवार की लम्बाई कम से कम 159 सेमी., सीना बिना फुलाए कम से कम 75 सेमी. और फूलने के बाद 81 सेमी. होना चाहिए।
इतना ही नहीं, उम्मीदवार का ब्लड प्रेशर सामान्य होना चाहिए, वहीं हाथ, अंगुली, तलवों के जोड़ पूरी तरह ठीक होने चाहिए। यदि फिटनेस को लेकर उम्मीदवार में कमी पाई गई, तो उन्हें नौकरी नहीं दी जाएगी। यही नहीं उम्मीदवार को क्रोनिक अल्सर, त्वचा की विकृति, लकवा और मिरगी की बीमारी भी नहीं होनी चाहिए।
कोल इंडिया के ट्रेड यूनियनों ने इस नियम का विरोध करते हुए कहा कि नौकरी पाने का अधिकार सभी को है। ऐसे में शारीरिक विकलांगता की वजह से योग्य उम्मीदवारों को नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता। हालांकि प्रावधानों में यह भी स्पष्ट बताया गया है कि कोल इंडिया के चेयरमैन और सभी कोयला कंपनियों के सीएमडी को विशेष परिस्थिति में नियम में छूट देने का अधिकार होगा।
अब हिन्दी में बोलेगा गूगल असिस्टेंट
पारुल पाण्डेय | Navpravah.com
इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कंपनी की तरफ से बताया गया कि गूगल असिस्टेंट एप इस साल के अंत तक हिंदी समेत 30 से ज्यादा नई भाषाओं में उपलब्ध हो जाएगा। गूगल के एक वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
यह गूगल का एक आधिकारिक एप है, जो स्मार्टफोन के होमपेज पर बटन दबाने या ओके गूगल बोलने पर स्मार्टफोन को वर्चुअल असिस्टेंट में बदल देता है। अभी यह एप आठ भाषाओं अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, इतालियन, जापानी, कोरियन, स्पेनिश और पुर्तगीज में उपलब्ध है।
शानदार उत्पाद मुहैया कराने का करार-
गूगल के उपाध्यक्ष (उत्पाद) निक फॉक्स ने कहा कि एंड्रॉयड की तरह हमने जहां मोबाइल करियर और डिवाइस निर्माताओं से हर जगह उपभोक्ताओं को शानदार उत्पाद मुहैया कराने का करार किया है। हम वहां मोबाइल असिस्टेंट के लिए पारिस्थितिकी तैयार करने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक यह 30 से अधिक नई भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे इसकी पहुंच 95 प्रतिशत एंड्रायड उपभोक्ताओं तक हो जाएगी।
फॉक्स ने ब्लॉग पर लिखा कि अगले कुछ महीने में हम असिस्टेंट को एंड्रॉयड और आईफोन के लिए डेनिश, डच, हिंदी, इंडोनेशियन, नॉर्वेजियन, स्वीडिश और थाई भाषाओं में लाने वाले हैं। हम साल के दौरान और भी भाषाएं जोड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम बाद में इसी साल असिस्टेंट को बहुभाषीय बनाने वाले हैं। इससे वैसे परिवार, जो एक से अधिक भाषाएं बोलते हैं, वह इस असिस्टेंट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके बाद इस साल में अन्य भाषाओं में भी गूगल असिस्टेंट लाया जाएगा।
फॉक्स ने कहा कि इस नये फीचर के बाद असिस्टेंट लोगों को कई भाषाओं में समझने योग्य हो जाएगा। यदि आप काम की जगह पर जर्मन बोलना पसंद करते हैं, पर घर में फ्रेंच बोलते हैं, तो असिस्टेंट हर जगह आपके साथ रहेगा। बहुभाषीय असिस्टेंट सबसे पहले अंग्रेजी, फ्रेंच और जर्मन में उपलब्ध होगा तथा आने वाले समय में इसमें अन्य भाषाएं जोड़ी जाएंगी।
हाथी पर पेंटिंग बनाकर अमिताभ ने अपने पिता को किया याद
इत्र के शौक़ीन हो जाएं सावधान, हो सकते हैं ये भयंकर रोग
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
इत्र की खुशबू सबको पसंद होती है और बाजार में आज तरह-तरह के इत्र मौजूद हैं। मगर इत्र कई गंभीर बीमारियों की वजह भी है, हाँ सुनने में अजीब लग रहा है, पर सही है।
इस संबंध में कई अंतरराष्ट्रीय शोध हुए हैं और शोध के अनुसार, इत्र माइग्रेन के भयंकर सिरदर्द से लेकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण भी हो सकता है। इस बात का यकीन करना सच में सभी के लिए मुश्किल है। इस संबंध में विशेषज्ञों ने दावा किया है कि रोजमर्रा के कामकाज में इस्तेमाल होने वाली चीजों में मौजूद रसायन या सुगंध से भी कई गंभीर बीमारियों के होने का खतरा हो सकता है।
सफाई वाले स्प्रे, खुशबू वाले उत्पाद, पेंट, पेट्रोल, डिटरजेंट आदि से माइग्रेन और कैंसर हो सकता है। इस शोध के नतीजे साइंस पत्रिका में प्रकाशित भी हुए हैं। अध्ययन में पाया गया कि खुशबू के प्रति संवेदनशील लोगों को आंखों में जलन, पानी आना, बंद नाक, सिरदर्द और अस्थमा की शिकायत देखी गई।
विशेषज्ञों ने इस संबंध में यह निष्कर्ष 500 लोगों के आंकड़ों पर अध्ययन करने के बाद निकाला है। इसमें देखा गया कि 60 फीसदी मामलों में माइग्रेन का अटैक हुआ, जबकि 68 फीसदी मामलों में नाक और साइनस में परेशानी हुई।
















