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Saturday, August 29, 2026
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श्रीदेवी से पहले यह बॉलीवुड सितारे हुए हार्ट अटैक के शिकार 

पारुल पांडेय |Navpravah.com

अपने अभिनय से बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमाने वाली अदाकारा श्रीदेवी की खूबसूरती का हर कोई दीवाना था। श्रीदेवी के निधन के बाद बॉलीवुड से लेकर आम जनता भी सदमे में है। आपको बता दें कि श्रीदेवी सिर्फ 54 साल की थीं और बेहद फिट रहती थीं। ख़बरों के अनुसार श्रीदेवी आमतौर पर खुदको रोजाना  2 घंटे देती थीं।  साल 2017 में श्रीदेवी ने ‘मॉम’ में बेहतर अभिनय का एक बार फिर परिचय दिया। अब वह आखिरी बार शाहरूख खान की फिल्म ‘जीरो’ में एक छोटे से किरदार में नजर आएंगी।श्रीदेवी की मौत कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हुई। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि बॉलीवुड के और कितने दिग्गजों की मौत हार्ट अटैक से हुई है।  

पिछले साल 45 वर्षिय अभिनेता  इंदर कुमार की  मौत हार्ट अटैक से हो गई थी। अभिनेता इंदर कुमार ने  28 जुलाई 2017 को आखरी सांस ली. इंदर ने अपने करियर का आगाज साल 1996 में आई फिल्म ‘मासूम’ से किया था। 2017 में आई ‘हु इज द फर्स्ट वाइफ ऑफ माई फादर’ उनकी आखिरी फिल्म थी।इंद्र कुमार को सलमान खान की पॉपुलर फिल्म ‘वांटेड’ में निभाये गए किरदार के लिए काफी सराहा गया था।  

फिल्मी पर्दे पर मां का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री रीमा लागू ने भी 18 मई 2017 को अलविदा कहा।रीमा का निधन 59 साल की उम्र में कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हुई थी।  रीमा लागू ने हिन्दी के अलावा मराठी फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। रीमा लागू ने ‘हम आपके हैं कौन’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘हम साथ साथ हैं’ जैसी कई फिल्मों में उनकी मां का किरदार निभा चुकी हैं।

66 साल के मशहूर अभिनेता ओमपुरी की मौत 6 जनवरी 2017 को हुई। डॉक्टर्स ने उनकी मौत का कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया था, लेकिन बाद में यह खबर भी आई कि उनके सिर में चोट भी लगी थी।हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं हुई है, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने इस मामले में एक्सिडेंटल डेथ का मामला यानि एडीआर दर्ज किया।

रज्जाक खान सहायक रोल में कॉमेडियन के लिए काफी प्रसिद्ध हुए थे। खान ने अपने कॉमिक रोल के लिए अब्बास-मस्तान की फ़िल्म ‘बादशाह’ से लोगों के दिल में राज किया। 62 साल के रज्जाक ने 1 जून 2016 को निधन हो गया। रज्जाक खान को अचानक हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया लेकिन डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में बताया गया कि रज्जाक कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हुई थी।

27 दिसंबर 2013 को बड़े और छोटे दोनों पर्दों पर अपने काम के लिए जाने जाना वाले शख्स अभिनेता फारूक शेख दुनिया से रुखस्त हो गए। उनका निधन भी दुबई में कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हुआ।उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों जैसे ‘शतरंज के खिलाड़ी’, ‘चश्मे बद्दूर’ ‘ये जवानी है दीवानी’ आदि में काम किया।

जानी-मानी अभिनेत्री और कोरियोग्राफर जोहरा सहगल ने 10 जुलाई साल 2014 में 102 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा। साल 1935 में एक नृत्यांगना के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाली जोहरा को पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। महज सात साल की उम्र में मोतियाबिंद ने उनकी बाईं आंख की रौशनी छीन ली, बावजूद इसके उन्होंने बॉलीवुड में अपने अभिनेय का नायाब नजारा पेश किया।

भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में से एक सुचित्रा सेन की मौत भी कार्डिएक अरेस्ट की वजह से 17 जनवरी 2014 को हुई थी। सुचित्रा सेन काफी लंबे समय से लंग्स इंफेक्शन से पीड़ित थी, जिसका ट्रीटमेंट कई दिनों से चल रहा था ।

1950 के दशक के अंत में बाल कलाकार के रूप में अभिनेय की शुरुआत करने वाले बॉलीवुड अभिनेता विनोद मेहरा की मौत मात्र 45 साल में कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हुई थी। 30 अक्टूबर 1990 में उनकी मौत से पूरा बॉलीवुड सदमे में आ गया था।

 

श्रीदेवी की मौत पर ये क्या कह दिया रामू ने!

एनपी न्यूज़ डेस्क |Navprah.com

श्रीदेवी के अचानक दुनिया छोड़कर जाने से सभी सदमे में हैं। इसी कड़ी में रामगोपाल वर्मा ने भी श्रीदेवी की मौत के बाद एक पत्र लिखा है, जिसे पढ़कर सबकी आंखे नम हो जाएंगी। राम गोपाल वर्मा ने लेटर में लिखा कि मेरी यह पुरानी आदत है कि मैं रात में कई बार सपने देखते हुए जाग जाता हूं और इस बीच अपना मोबाइल भी चेक करता रहता हूं। इसी दौरान रात को मैंने एक मैसेज पढ़ा कि श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं रहीं, मुझे लगा यह कोई बुरा सपना है या किसी ने कोई अफवाह उड़ाई है। यह सोच कर मैं फिर सो गया, फिर जब मैं जागा तो ऐसे बहुत मैसेज थे, जिसमें यह बताया गया कि श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं हैं और उनका निधन हो गया है।

मुझे याद है जब मैं विजयवाड़ा में इंजीनियरिंग कॉलेज में था। तब मैंने पहली बार उनकी तेलुगु फिल्‍म देखी थी- ‘Padaharella Vayasu’. मैं उनकी खूबसूरती देख कर दंग रह गया था। उसके बाद मैंने उनकी कई फिल्‍में देखीं, उनकी खूबसूरती और टैलेंट का मुझपर काफी गहरा असर पड़ा।

बीते दिनों को याद करते हुए वर्मा ने लिखा कि श्रीदेवी के साथ मेरी यात्रा तब शुरू हुई जब मैं अपनी पहली फिल्‍म ‘शिवा’ की तैयारी कर रहा था,मैं तब नागार्जुन के चेन्नई वाले दफ्तर के बगल वाली गली में जाता था, जहां उन दिनों श्रीदेवी रहती थीं। मुझे यह बिल्कुल भी विश्वास नहीं होता कि सौंदर्य की यह देवी इस बेकार से घर में रहती हैं। मैं इस घर को बेकार इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मेरा मानना था कि ऐसा कोई भी मानव निर्मित मकान हो ही नहीं सकता जो श्रीदेवी के रहने लायक बनाया जा सके।

उन्होंने लिखा कि जब मेरी फिल्‍म ‘शिवा’ रिलीज हुई और एक बड़ी हिट साबित हुई। तब एक फिल्‍म निर्माता मेरे पास आये और पूछा कि क्या मैं श्रीदेवी के साथ एक फिल्‍म बनाना चाहूंगा? मैंने कहा आप पागल हैं क्या? मैं उनकी एक झलक देखने के लिए अपनी जान तक दे सकता हूं, हां, हम फिल्‍म बनाते हैं।

वर्मा ने लिखा कि किरदार और अभिनय की बारीकियां मैंने उनसे सीखीं, मेरे लिए वो सिनेमाई अभिनय की एक मिसाल हैं।उनका स्टारडम और लोकप्रियता ऐसा कि विश्वास करना मुश्किल है, वो बहुत ही खूबसूरत और गुणवान थी।

उन्होंने आगे लिखा कि, ऐसा सुपरस्टार मैंने नहीं देखा और अब वो हमारे बीच नहीं हैं ! श्रीदेवी ईश्वर की एक ऐसी अमूल्य कृति थीं जो वो हजारों साल में एक बार ही आते हैं। हम निर्देशकों के लिए यह एक उपलब्धि है कि हमने उन्हें कैमरे में कैद किया है।

अंत में रामगोपाल वर्मा ने लिखा कि, मैं अभी तक उम्‍मीद कर रहा हूं कि यह सब बस एक बुरा सपना है, लेकिन मैं जानता हूं यह नहीं है।

मैं श्रीदेवी से नफरत करता हूं।

मुझे नफरत है कि जिंदा रहने के लिए उनके दिल को भी धड़कना पड़ता है..

मुझे नफरत है कि मैं उनके मरने की खबर का वह संदेश देख पाने के लिए जिंदा हूं।

मुझे ईश्‍वर से नफरत है, जिन्‍होंने उन्‍हें छीन लिया..

और मुझे नफरत है श्रीदेवी से जो चल गईं…

मुझे आपसे प्‍यार है श्रीदेवी, आप जहां भी हैं.. मैं आपको हमेशा प्‍यार करुंगा।

जिस वजह से गई श्रीदेवी की जान, उसमें बचने के होते हैं कम चांस

Death in bathtub is not easy -Study

 सौम्या केसरवानी | Navpravah.com 

बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी की कार्डिएक अरेस्ट की वजह से शनिवार देर रात दुबई में मौत हो गई। उनके अचानक मौत से बॉलीवुड से लेकर सभी लोग शॉक में हैं। सभी ने शोक जताना शुरू कर दिया है श्रीदेवी काफी एक्टिव सोशल लाइफ जीती थीं।
वे हाल ही में दुबई में अपने भांजे की शादी में पहुंची थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी अपनी फोटो शेयर की थीं। जानकारों के मुताबिक,जिस वजह से श्रीदेवी का निधन हुआ उसमें बचने की संभावनाएं काफी कम होगई थी।
कार्डिएक अरेस्ट के दौरान अचानक से दिल खून पंप करना बंद कर देता है, इससे सांस बंद हो जाती है और व्यक्ति बेहोश हो जाता है। खून सप्लाई नहीं होने से शरीर के अहम अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देता है। यदि जल्द से जल्द एक्शन नहीं लिया जाए तो व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
दिल की धमनियों में इलेक्ट्रिक सिग्नल में दिक्कत आना कार्डिएक अरेस्ट की जड़ होता है। यूं तो कार्डिएक अरेस्ट अचानक ही आता है, लेकिन कभी-कभी इसके लक्षण भी नजर आते हैं,जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कार्डिएक अरेस्ट के लक्षण छाती में दर्द,सांसों की कमी,चक्कर आना,बेहोशी,थकान आदि लक्षण हैं। अगर कोई कार्डिएक अरेस्ट से पीड़ित है तो उसे इलेक्ट्रिक शॉक ही बचा सकता है, जिस डिवाइस से इलेक्ट्रिक शॉक दिए जाते हैं उसे डिफिब्रिलेटर कहते हैं और कार्डिएक अरेस्ट के मरीज की ये आखिरी उम्मीद होती है।

अर्जुन कपूर के बाद अब जाह्नवी को भी होगा इस बात का मलाल

Actress Sridevi

 पारुल पाण्डेय |Navpravah.com

54 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत हो गई।रविवार दोपहर उनका पार्थिव शरीर दुबई से मुंबई लाया जाएगा। आज शाम उनका अंतिम संस्कार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल, श्रीदेवी भतीजे और अभिनेता मोहित मारवाह की शादी अटेंड करने के लिए अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी कपूर के साथ दुबई पहुची थीं। वहीँ उनकी बड़ी बेटी जाह्नवी डेब्यू फिल्म ‘धड़क’ की शूटिंग में व्यस्त होने की वजह से कजिन भाई की शादी में शामिल नहीं हो पाई थीं।  

21 वर्षीय धर्मा प्रोडक्शन्स की आगामी फिल्म ‘धड़क’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली हैं। आपको बता दें कि मराठी फिल्म ‘सैराट’ की हिंदी रीमेक ‘धड़क’ में जाह्नवी शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान खट्टर के साथ नज़र आएंगी।पिछले कई महीनों से जाह्नवी फिल्म की शूटिंग में लगी हैं। शशांक खेतन के निर्देशन में बननेवाली यह फिल्म आगामी 6 जुलाई को रिलीज होगी, लेकिन बेटी की डेब्यू फिल्म देखने के 5 महीने पहले ही श्रीदेवी ने दुनिया से अलविदा कह दिया।बेशक जाह्नवी को इस बात का जिंदगीभर मलाल रहेगा कि उनकी मां बेटी की डेब्यू फिल्म देख नहीं पाईं। 

कुछ ऐसा ही 6 साल पहले जाह्नवी कपूर के सौतेले भाई अर्जुन कपूर के साथ हुआ था। बोनी कपूर और उनकी पहली पत्नी मोना कपूर के बेटे अर्जुन कपूर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत मई 2012 में फिल्म ‘इश्कजादे’ के जरिए की थी।हालांकि, डेब्यू से दो महीने पहले मार्च, 2012 में उनकी मां मोना कपूर का निधन हो गया था। अर्जुन अपने कई इंटरव्यूज में कह चुके हैं कि उन्हें जिंदगीभर इस बात का मलाल रहेगा कि उनकी मां उन्हें सिल्वर स्क्रीन पर नहीं देख पाईं।   

बता दें कि, बोनी कपूर ने पहली शादी मोना कपूर से साल 1983 में की थ। बेटे अर्जुन कपूर और बेटी अंशुला कपूर के जन्म के बाद साल 1996 में बोनी ने मोना को तलाक दिया। इसी साल उन्होंने श्रीदेवी के साथ शादी रचाई थी। बोनी और श्रीदेवी की दो बेटियां हैं जाह्नवी और खुशी कपूर।

पीएम मोदी ने 41वीं बार देश से की ‘मन की बात’

फिर बढ़ सकता है लॉकडाउन!
फिर बढ़ सकता है लॉकडाउन!

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

पीएम मोदी ने आज 41वीं बार मन की बात की। पीएम ने इस बार भी स्वच्छता और विकास से जुड़ी कई बातें कही, पीएम ने कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की बधाई देते हुए की।

पीएम मोदी ने महर्षि अरबिन्दो को याद करते हुए कहा, “उन्होंने एक क्रांतिकारी के रूप में ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और एक ऋषि के रूप में जीवन के हर पहलू के उत्तर भी खोजे।” पीएम ने महिला दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक, सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी हम सब की जिम्मेदारी है। पीएम ने  झारखंड की उन 15 लाख महिलाओं का जिक्र किया, जिन्होंने एक महीने तक स्वच्छता अभियान चलाया था।

पीएम ने आगे कहा, 8 मार्च को ‘अन्तरराष्ट्रीय महिला-दिवस’ मनाया जाता है, इस दिन देश में ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से ऐसी महिलाओं को सत्कार भी किया जाता है, जिन्होंने भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किये हों।

पीएम ने कहा, इस बार बजट में ‘स्वच्छ भारत’ के तहत गाँवों के लिए बायोगैस के माध्यम से वेस्ट टू हेल्थ और वेस्ट टू एनर्जी बनाने पर ज़ोर दिया गया। पीएम ने कहा, ‘गोबर धन योजना’ के तहत ग्रामीण भारत में किसानों, बहनों, भाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वो गोबर और कचरे को सिर्फ वेस्ट (waste) के रूप में नहीं, बल्कि आय के स्रोत के रूप में देखें और अधिक से अधिक धन अर्जित कर सकें।

पीएम ने आगे कहा कि लोगों को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना होगा, क्योंकि अपनी सुरक्षा ही समाज की सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन ज्यादातर जिंदगी को खतरे में डालने के लिए लोग खुद जिम्मेदार होते हैं।

अभिनेत्री श्रीदेवी का दिल का दौरा पड़ने से निधन

Actress Sridevi

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

अभिनेत्री श्रीदेवी को दिल का दौरा पड़ने के कारण दुबई में उनका निधन हो गया है। फिल्मफेयर.कॉम की खबर के अनुसार, श्रीदेवी अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी कपूर के साथ दुबई में एक फैमिली वेडिंग अटेंड करने पहुंची थी।

इस खबर के बाद से ही बॉलीवुड में शोक की लहर है। श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर उनके आखिरी समय में उनके साथ नहीं थी, जाह्नवी यहीं शूटिंग के सिलसिले में मुंबई में ही थी।

बॉलीवुड की ओर से श्रीदेवी को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। सभी श्रीदेवी की मौत पर शोक जता रहे हैं। इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में श्रीदेवी का काफी बड़ा योगदान रहा है, श्रीदेवी ने हिंदी फिल्मों के अलावा तेलगु, तमिल, कन्नड़ और मलयाली फिल्मों में भी काम किया है।

 जो नहीं हैं फिट, उन्हें नहीं मिलेगी नौकरी

एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com

आज के दौर में नौकरी पाना बहुत मुश्किल है, ऐसे में हर संस्थान नियुक्ति के अपने नियम तय करता है। इसी कड़ी में कोल इंडिया लिमिटेड ने भी अपने यहां भर्ती के कुछ नियम तय किए हैं। इस मामले में कंपनी ने कहा कि अगर आप कोल इंडिया में नौकरी करना चाहते हैं, तो फिर आपको शारीरिक रूप से फिट जरूरी होगा। जो उम्मीदवार शारीरिक जांच के पैमाने पर खरे नहीं उतरते हैं, उन्हें नौकरी नहीं दी जाएगी।

कंपनी के मेडिकल अटेंडेंस नियम के प्रावधानों के मुताबिक, नौकरी से पूर्व कंपनी के मेडिकल अफसर बोर्ड उम्मीदवारों की जांच करेंगे। इस प्रावधान के मुताबिक, उम्मीदवार की लम्बाई कम से कम 159 सेमी., सीना बिना फुलाए कम से कम 75 सेमी. और फूलने के बाद 81 सेमी. होना चाहिए।

इतना ही नहीं, उम्मीदवार का ब्लड प्रेशर सामान्य होना चाहिए, वहीं हाथ, अंगुली, तलवों के जोड़ पूरी तरह ठीक होने चाहिए। यदि फिटनेस को लेकर उम्मीदवार में कमी पाई गई, तो उन्हें नौकरी नहीं दी जाएगी। यही नहीं उम्मीदवार को क्रोनिक अल्सर, त्वचा की विकृति, लकवा और मिरगी की बीमारी भी नहीं होनी चाहिए।

कोल इंडिया के ट्रेड यूनियनों ने इस नियम का विरोध करते हुए कहा कि नौकरी पाने का अधिकार सभी को है। ऐसे में शारीरिक विकलांगता की वजह से योग्य उम्मीदवारों को नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता। हालांकि प्रावधानों में यह भी स्पष्ट बताया गया है कि कोल इंडिया के चेयरमैन और सभी कोयला कंपनियों के सीएमडी को विशेष परिस्थिति में नियम में छूट देने का अधिकार होगा।

अब हिन्दी में बोलेगा गूगल असिस्टेंट

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com

इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कंपनी की तरफ से बताया गया कि गूगल असिस्टेंट एप इस साल के अंत तक हिंदी समेत 30 से ज्यादा नई भाषाओं में उपलब्ध हो जाएगा। गूगल के एक वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

यह गूगल का एक आधिकारिक एप है, जो स्मार्टफोन के होमपेज पर बटन दबाने या ओके गूगल बोलने पर स्मार्टफोन को वर्चुअल असिस्टेंट में बदल देता है। अभी यह एप आठ भाषाओं अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, इतालियन, जापानी, कोरियन, स्पेनिश और पुर्तगीज में उपलब्ध है।

शानदार उत्पाद मुहैया कराने का करार-

गूगल के उपाध्यक्ष (उत्पाद) निक फॉक्स ने कहा कि एंड्रॉयड की तरह हमने जहां मोबाइल करियर और डिवाइस निर्माताओं से हर जगह उपभोक्ताओं को शानदार उत्पाद मुहैया कराने का करार किया है। हम वहां मोबाइल असिस्टेंट के लिए पारिस्थितिकी तैयार करने पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक यह 30 से अधिक नई भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे इसकी पहुंच 95 प्रतिशत एंड्रायड उपभोक्ताओं तक हो जाएगी।

फॉक्स ने ब्लॉग पर लिखा कि अगले कुछ महीने में हम असिस्टेंट को एंड्रॉयड और आईफोन के लिए डेनिश, डच, हिंदी, इंडोनेशियन, नॉर्वेजियन, स्वीडिश और थाई भाषाओं में लाने वाले हैं। हम साल के दौरान और भी भाषाएं जोड़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम बाद में इसी साल असिस्टेंट को बहुभाषीय बनाने वाले हैं। इससे वैसे परिवार, जो एक से अधिक भाषाएं बोलते हैं, वह इस असिस्टेंट का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके बाद इस साल में अन्य भाषाओं में भी गूगल असिस्टेंट लाया जाएगा।

फॉक्स ने कहा कि इस नये फीचर के बाद असिस्टेंट लोगों को कई भाषाओं में समझने योग्य हो जाएगा। यदि आप काम की जगह पर जर्मन बोलना पसंद करते हैं, पर घर में फ्रेंच बोलते हैं, तो असिस्टेंट हर जगह आपके साथ रहेगा। बहुभाषीय असिस्टेंट सबसे पहले अंग्रेजी, फ्रेंच और जर्मन में उपलब्ध होगा तथा आने वाले समय में इसमें अन्य भाषाएं जोड़ी जाएंगी।

हाथी पर पेंटिंग बनाकर अमिताभ ने अपने पिता को किया याद

पारुल पाण्डेय | Navpravah.com
अमिताभ बच्चन अब अपना खाली समय पेंटिंग को दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही टि्वटर पर तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें उनके हाथ की बनाई पेंटिंग दिख रही है। अमिताभ ने ये पेंटिंग मिट्टी के हाथियों पर की है।
एक्ट‍िंग और सिंगिंग के बाद अमिताभ शायद अब पेंटिंग में अपना हुनर आजमा रहे हैं। उन्होंने मिट्टी के हाथियों पर अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता लिखी है।
उन्होंने लिखा,
आज उठा मैं सबसे पहले!
सबसे कहता आज फिरूंगा,
कैसे पहला पत्ता डोला,
कैसे पहला पंछी बोला,
कैसे कलियों ने मुंह खोला,
कैसे पूरब ने फैलाए बादल पीले,
लाल, सुनहले!  
आज उठा मैं सबसे पहले!
                    – हरिवंश राय बच्चन
एक बार फिर टि्वटर पर बिग बी सक्रिय होते नज़र आए हैं। पिछले कुछ दिनों से अमिताभ बच्चन टि्वटर से नाराज़ थे और उसे छोड़ने की धमकी दी थी। दरअसल, टि्वटर ने  अमिताभ के दो लाख फॉलोअर्स कम कर दिए थे। उन्होंने टि्वटर पर आरोप लगाते हुए लिखा था, ‘ट्विटर? आपने मेरे फॉलोअर्स की संख्या कम कर दी? हाहाहाहा… यह मजाक है। समय आ गया है कि मैं आपसे अलविदा लूं। इस यात्रा के लिए शुक्रिया। समुद्र में और भी ‘मछलियां’ हैं, जो आपसे भी ज्यादा एक्साइटिंग हैं।

इत्र के शौक़ीन हो जाएं सावधान, हो सकते हैं ये भयंकर रोग

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

इत्र की खुशबू सबको पसंद होती है और बाजार में आज तरह-तरह के इत्र मौजूद हैं। मगर इत्र कई गंभीर बीमारियों की वजह भी है, हाँ सुनने में अजीब लग रहा है, पर सही है।

इस संबंध में कई अंतरराष्ट्रीय शोध हुए हैं और शोध के अनुसार, इत्र माइग्रेन के भयंकर सिरदर्द से लेकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का कारण भी हो सकता है। इस बात का यकीन करना सच में सभी के लिए मुश्किल है। इस संबंध में विशेषज्ञों ने दावा किया है कि रोजमर्रा के कामकाज में इस्तेमाल होने वाली चीजों में मौजूद रसायन या सुगंध से भी कई गंभीर बीमारियों के होने का खतरा हो सकता है।

सफाई वाले स्प्रे, खुशबू वाले उत्पाद, पेंट, पेट्रोल, डिटरजेंट आदि से माइग्रेन और कैंसर हो सकता है। इस शोध के नतीजे साइंस पत्रिका में प्रकाशित भी हुए हैं। अध्ययन में पाया गया कि खुशबू के प्रति संवेदनशील लोगों को आंखों में जलन, पानी आना, बंद नाक, सिरदर्द और अस्थमा की शिकायत देखी गई।

विशेषज्ञों ने इस संबंध में यह निष्कर्ष 500 लोगों के आंकड़ों पर अध्ययन करने के बाद निकाला है। इसमें देखा गया कि  60 फीसदी मामलों में माइग्रेन का अटैक हुआ, जबकि 68 फीसदी मामलों में नाक और साइनस में परेशानी हुई।