मुखर्जी का RSS मुख्यालय जाना इतिहास की महत्वपूर्ण घटना है
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय जाने पर इसे देश के समसामयिक इतिहास की ‘‘महत्वपूर्ण घटना” बताया।
आडवाणी ने कहा कि इस प्रकार खुलेपन की भावना और आपसी सम्मान के साथ विचारों के आदान प्रदान से सहिष्णुता और सौहार्द की भावना तैयार करने में मदद मिलेगी।
आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का निमंत्रण स्वीकार करने के लिए प्रणब मुखर्जी और उन्हें आमंत्रित करने के लिये सरसंघचालक मोहन भागवत की सराहना की और कहा, दोनों के विचार अपने आप में महत्वपूर्ण विषय को परिलक्षित करते हैं।
आरएसएस के आजीवन स्वयंसेवक आडवाणी ने कहा कि उनका मानना है कि प्रणब मुखर्जी और भागवत ने विचारधाराओं एवं मतभेदों से परे संवाद का सही अर्थो में सराहनीय उदाहरण पेश किया है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘इस प्रकार खुलेपन की भावना और आपसी सम्मान के साथ विचारों के आदान प्रदान से सहिष्णुता, सौहार्द और सहयोग की भावना तैयार करने में मदद मिलेगी जो हमारे साझा सपनों के भारत के निर्माण में सहायक होगा।
दुनिया में कई बल्लेबाजों के बड़े शॉट मारने के अंदाज और स्टाइल की बड़ी चर्चा होती है इसमें बाएं हाथ के बल्लेबाजों की छोटी सूची नहीं है, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक दो साल का बच्चा बड़े बड़े क्रिकेट दिग्गजों को मात देता दिख रहा हैं।
भारत में भी अनेक बाएं हाथ के बल्लेबाजों की धूम है। इनमें सबसे आगे भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का नाम है, उनके अलावा भी कई नाम ऐसे हैं जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी की अदाओं से दुनिया भर में धूम मचा दी है।
इनमें युवराज सिंह का नाम सबसे आगे है, जब भी किसी मैच में युवराज खेलते हैं तो उनके चाहने वाले बेसब्री से उनके छक्के देखने को बेकरार रहते हैं, युवराज ने 2007 में हुए आईसीसी टी 20 वर्ल्डकप में एक ही ओवर में छह छक्के लगाए थे जिससे वे दुनिया भर में छा गए थे।
बिलकुल ऐसा ही इस वीडियो में दिखाई दे रहा है जब दो साल की उम्र में छक्के लगाते इस बच्चे को देखते हैं, बल्लेबाजी की स्टाइल में यह बच्चा सौरव गांगुली की ही याद दिलाता है, जिस तरह से वे हटकर लॉन्ग ऑन पर छक्का लगाते थे।
यह बच्चा भी उसी अंदाज में छक्का जैसा शॉट लगाता दिखाई दे रहा है, इतना ही नहीं उसके बैट पकड़ने का तरीका, उसका स्टांस, सटांस लेते वक्त जमीन पर बल्ले मारने का अंदाज सभी देख कर ऐसा नहीं लगता कि कोई छोटा बच्चा खेल रहा है।
लेकिन अगर दुनिया की बात की जाए तो ब्रायन लारा का नाम शायद सबसे पहले लिया जाएगा, वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 100, 200, 300 और 400 रन बनाए हैं।
हरियाणा सरकार ने दिया फरमान- कमाई का 33% हिस्सा सरकारी खजाने में दें खिलाड़ी
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
मनोहर लाल खट्टर सरकार का राज्य के खिलाड़ियों से संबंधित एक आदेश विवादों में घिरता नजर आ रहा है। सरकार ने आदेश दिया है कि राज्य के खिलाड़ियों को विज्ञापनों और प्रोफेशनल स्पोर्ट के जरिए जो कमाई होती है उस कमाई का 33 फीसदी हिस्सा हरियाणा स्पोर्ट्स काउंसिल में जमा करवाना होगा।
इसके अलावा इस खट्टर सरकार द्वारा जारी किए गए इस आदेश में एक बात का जिक्र और है। नए आदेश के मुताबिक सरकारी नौकरी कर रहे खिलाड़ी अब अगर विज्ञापन या स्पोर्ट्स इवेंट के लिए छुट्टी लेते हैं तो उनका वेतन भी काटा जाएगा।
यही नहीं आदेश का दूसरा बिन्दु खिलाड़ियो के और परेशान करने वाला है। आदेश के दूसरे बिन्दु में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि अगर कोई भी खिलाड़ी बिना सरकार की आज्ञा लिए किसी कंपनी का विज्ञापन करता है या फिर प्रोफेशनल स्पोर्ट्स में हिस्सा लेता है तो उससे होने वाली सारी आमदनी सरकारी खाते में ही जमा करवानी होगी।
खट्टर सरकार ने यह आदेश 30 अप्रैल, 2018 के सरकारी गजट के नोटिफिकेशन में जारी किया है। यह आदेश हरियाणा सरकार में खेल और युवा मामलों के विभाग के प्रमुख सचिव अशोक खेमका द्वारा जारी किया गया है।
हरियाणा एक ऐसा राज्य हैं जहां से क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों के भी कई खिलाड़ी निकले हैं जिन्होंने ओलंपिक समेत अन्य खेलों में भारत का नाम रोशन किया है। इनमें बॉक्सर विजेंद्र सिंह, पहलवान सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त, बबीता फोगाट, गीता फोगाट जैसे बड़े नाम हैं।
नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, और इसे रोकने का कोई उपाय समझ नहीं आता है, यही कारण है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी इन विकृत मानसिकता के लोगों से ये बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं।
इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में ऐसा ही एक शर्म से सिरा झुका देने वाला मामला सबके सामने आया है, इसमें एक शख्स एक बच्ची के साथ भरे बाजार में बद्तमीजी करता हुआ दिख रहा है।
इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल के चिनसुराह का है।
इस वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वीडियो किसी मेले वाली जगह का है, इसमें एक बच्ची अपनी मां के साथ खड़ी है, उसके पीछे एक शख्स भी खड़ा हुआ है।
जहां ये शख्स लड़की को पीछे से गंदे ढंग से छूने की कोशिश कर रहा है, वहां काफी भीड़भाड़ है, कोई शख्स इसका वीडियो भी बना रहा है, पहले तो बच्ची उसकी हरकत को समझ नहीं पाती, लेकिन जैसे ही उसे अहसास होता है, वह अपनी मां से इस बारे में कहती है, तो मां उसे उसे उस जगह से हटा देती है।
विकृत सोच वाले इस व्यक्ति को जैसे ही अहसास होता है कि कोई उसका वीडियो बना रहा है, वह वहां से हट जाता है, अब इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।
हालांकि कहा जा रहा है कि इस अज्ञात शख्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है, पश्चिम बंगाल पुलिस इसकी तलाश में जुटी है, कई लोग इस शख्स को जल्दी पकड़ने को कह रहे हैं।
रेलवे ने यात्रियों से जुर्माना वसूलने की योजना को फिलहाल अभी टाल दिया है, इसके बाद ट्रेन में यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी, योजना पर यू-टर्न लेते हुए रेलवे की तरफ से कहा गया कि इस योजना का मकसद यात्रियों के बीच जागरुकता बढ़ाना था।
हाल ही में रेलवे ने तय मात्रा से ज्यादा सामान ले जाने पर जुर्माना लगाने की बात कही थी, करीब 30 साल पुराने इस नियम को रेलवे ने सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया था।
रेलवे ने ज्यादा सामान की जांच के लिए 1 जून से छह दिन का अभियान शुरू किया था, रेलवे की तरफ से छह गुना जुर्माना वसूलने के नियम की सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना की गई थी।
ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि, चुनाव नजदीक होने और सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद सरकार ने इस पर यू-टर्न लिया है, रेल मंत्रालय के प्रवक्ता राजेश बाजपेयी ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से लोगों के बीच जागरुकता लाना था कि ज्यादा सामान लेकर चलने से दूसरे यात्रियों को असुविधा होती है।
इस नियम के तहत यात्रियों को अधिक सामान ले जाने पर निर्धारित राशि से छह गुना अधिक राशि बतौर जुर्माना देने का प्रावधान था, नियमानुसार स्लीपर क्लास और सेकेंड क्लास में आप बिना अतिरिक्त भुगतान किए क्रमश: 40 किलो और 35 किलो सामान तक ले जा सकते हैं।
इससे ज्यादा सामान ले जाना है तो आप पार्सल कार्यालय में अतिरिक्त भुगतान कर 80 किलो और 70 किलो सामान तक ले जा सकते हैं, अतिरिक्त सामान को मालगाड़ी में रखा जाता है।
राष्ट्रपति भवन के सर्वेंट क्वार्टर के अंदर एक व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। शव को देखने से लगता है कि मौत दो से तीन दिन पहले ही हो चुकी है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सर्वेंट कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में लिया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय त्रिलोकचंद के रूप में हुई है।
उसके परिवार में पत्नी, एक बेटा और बुजुर्ग मां है। त्रिलोकचंद के कुल्हे की हड्टी टूटी हुई थी, जिससे उसे चलने-फिरने में काफी दिक्कत होती थी। वह गत दो मई को गांधीनगर से अपने नाम से राष्ट्रपति भवन में आवंटित सर्वेंट क्वार्टर नम्बर 44 में आ गया था।
सर्वेंट क्वार्टर में रहने वाले उसके पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें लगा कि त्रिलोकचंद वापस गांधीनगर चला गया है। मगर गुरुवार रात करीब 10 बजे जब त्रिलोकचंद के कमरे से दुर्गंध उठी तो पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब वहां के एक क्वार्टर का दरवाजा खोला तो उसमें 44 साल के अधेड़ का शव पड़ा हुआ है।
और उसका शव सड़ने लगा था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
दक्षिण सीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह के आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में दो अधिकारी समेत सरकार समर्थित 22 लड़ाकों की मौत हो गई। सूत्रों की माने तो ब्रिटेन की सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स निगरानी समूह ने बताया कि दक्षिणी प्रांत स्वेदिया में हुए हमले में 12 जिहादियों की भी मौत हुई है।
इस निगरानी समूह के प्रमुख रामी अब्देल रहमान ने बताया कि इस क्षेत्र में इस तरह का यह पहला हमला है क्योंकि एक साल से ज्यादा समय से यहां इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों की मौजूदगी दर्ज नहीं की गई है।
वहीं दूसरी ओर पश्चिमोत्तर सीरिया में आज (8 जून) को सीरियन ऑबजर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है, एक हवाई हमले में दो बच्चों सहित 18 नागरिकों की मौत हो गयी। यह हमला पश्चिमोत्तर इदलिब प्रांत के आवासीय क्षेत्र जरदाना किया गया। हमले में 50 लोग घायल भी हुए हैं।
माना जा रहा है कि हमले सीरियाई सरकार के मित्र देश रूस ने किये हैं। ऑबजर्वेट्री के प्रमुख रामी आब्देल रहमान का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग मलबे में दबे हुए हैं।
जम्मू कश्मीर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए बड़ी दुविधा की स्थिति है, आलम यह है कि आतंकियों के हमदर्द उनको चोट पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं, वहीं दूसरी तरफ आतंकियों से किसी तरह अपनी जान बचाकर निकले CRPF के जवानों को मुजरिमों की तरह पुलिस के सवालों का सामना करना पड़ता है।
हाल में कुछ ऐसी ही बानगी श्रीनगर से महज चार किलोमीटर की दूरी पर बसे नौहट्टा हर में हुई घटना में देखने को मिली है, यहां हुई वहशियाना घटना में पत्थरबाजों की भीड़ ने जिप्सी में सवार CRPF के कमांडेंट सहित छह जवानों को जिंदा जलाने की कोशिश की थी।
इस मामले में जान लेने पर उतारू पत्थरबाजों के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई तो नहीं हुई, लेकिन किसी तरह से अपनी जान बचाकर निकले इन CRPF कर्मियों के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत दो FIR दर्ज कर ली है।
इसी FIR के सिलसिले में गुरुवार को नौहट्टा थाना पुलिस ने CRPF के कमांडेंट, जिप्सी के ड्राइवर और चार अन्य जवानों से लंबी पूछताछ की, सूत्रों के अनुसार पुलिस की पूछताछ का यह पहला चरण था।
सुरक्षाबल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक जून को CRPF की 28वीं बटालियन की दो कंपनियों की तैनाती सेकेंड इन कमांड (कमांडेंट) एसएस यादव के नेतृत्व में नौहट्टा की कानून-व्यवस्था को बरकार रखने के लिए की गई थी।
1 जून की दोपहर कमांडेंट एसएस यादव अपनी सरकारी बुलटप्रूफ जिप्सी से डिप्लॉयमेंट के निरीक्षण के लिए निकले हुए थे। दोपहर करीब 3:45 बजे कमांडेंट एसएस यादव की जिप्सी जैसे ही नौहट्टा के ख्वाजा बैआर इलाके में पहुंची, पहले से मौजूद 400 से 500 पत्थरबाजों की भीड़ ने गाड़ी पर हमला कर दिया।
कमांडेंट की जिप्सी को बुरी तरह से किया क्षतिग्रस्त सुरक्षाबल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पत्थरबाजों की इस भीड़ ने कमांडेंट एसएस यादव की जिप्सी पर हमले के लिए हर उस चीज का इस्तेमाल किया, जो उस समय मौके पर मौजूद थी।
इन चीजों में लोहे की रॉड, डंडे, फर्नीचर, साइकिल सहित अन्य सामान भी शामिल था, पत्थरबाजों ने अपने इस हमले में कमांडेंट की जीप का बुलटप्रूफ ग्लास, आइरन ग्रिल, साइड मिरर और फॉग लाइन को बुरी तरह से चकनाचूर कर दिया, चार अन्य जवानों को लहुलुहान करने के इरादे से पत्थरबाज लगातार बड़े-बड़े पत्थर जिप्सी पर फेंकते रहे।
सुरक्षाबल से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इंटेलीजेंस द्वारा दी गई रिपोर्ट में बताया गया है, कि जिप्सी का गेट न खोल पाने की नाकामी ने पत्थरबाजों को बुरी तरह से झुंझला दिया, वह किसी भी तरह जिप्सी में बैठे CRPF के अधिकारी और जवानों को अपना शिकार बनाना चाहते थे।
इसी बीच, कुछ पत्थरबाजों ने जिप्सी को आग के हवाले करने की कोशिश भी की, पत्थरबाज अपनी इस कोशिश में कामयाब रहते तो शायद जिप्सी के भीतर मौजूद CRPF के कमांडेंट और जवानों का गाड़ी के भीतर से जिंदा निकलना नामुमकिन सा था।
शाहरुख खान की चचेरी बहन नूरजहां पाकिस्तान के पेशावर से चुनाव लड़ेंगी। नूरजहां खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा सीट के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरेंगी। वह पाकिस्तान में ही रहती हैं और शाहरुख खान के काफी करीब हैं। वह पिछले कुछ वक्त में दो बार शाहरुख से मिलने भी आई थीं।
एनपी डेस्क न्यूज़ | Navpravah.com
शाहरुख खान की चचेरी बहन नूरजहां पाकिस्तान के पेशावर से चुनाव लड़ेंगी। नूरजहां खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा सीट के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरेंगी। वह पाकिस्तान में ही रहती हैं और शाहरुख खान के काफी करीब हैं। वह पिछले कुछ वक्त में दो बार शाहरुख से मिलने भी आई थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक नूरजहां ने कहा- मैं महिला सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहती हूं। मैं मेरे चुनाव क्षेत्र में इस समस्या पर फोकस करूंगी। उन्होंने कहा कि वह उम्मीद करती हैं कि लोग उन्हें वैसे ही सपोर्ट करेंगे जैसे उनके चचेरे भाई को करते हैं।
शाहरुख कई बार इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि वह पेशावर से हैं और अब भी उनके कई रिश्तेदार वहां रहते हैं। नूरजहां के चचेरे भाई पहले से ही राजनीति में हैं। अब नूरजहां चाहती है की लोग उन्हें वैसे ही स्पोर्ट करें जैसे उनके चचेरे भाई को करते हैं। नूरजहां महिला सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहती हैं।
शाहरुख खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह जल्द ही आनंद एल। राय की फिल्म जीरो में नजर आएंगे। फिल्म में शाहरुख एक बौने का किरदार निभा रहे हैं और उनके साथ इस फिल्म में अनुष्का शर्मा और कैटरीना कैफ भी नजर आएंगी।
कानपुर के हैलट अस्पताल में प्रबंधन की लापरवाही 5 मरीजों की मौत का कारण बन गई है। बताया जा रहा है कि आईसीयू का एसी फेल होने के चलते ये मौते हुई हैं। जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई, देर रात एडीएम खुद जांच करने अस्पताल पहुंचे।
हालांकि, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का दावा है कि आईसीयू में मरने वाले लोग पहले से ही सीरियस थे। चार लोगों की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया जिसके बाद डीएम कानपुर ने आनन-फानन में आईसीयू में दो पावर एसी लगवाए।
बता दें, आईसीयू में भर्ती मरीज अब घर से पंखा लाकर इलाज करवा रहे हैं। आईसीयू में तैनात नर्सों का कहना है कि कई दिनों से ही एसी खराब है, हमने लिखित शिकायत दी है लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि पिछले 5 दिन से एसी काम नहीं कर रहा है लेकिन प्रशासन की नींद भी तब खुली जब एसी न चलने से 24 घंटों में 4 मरीजों की मौत हो गई। हैरानी तो ये है कि डॉक्टरों को इस बारे में कुछ पता ही नहीं है।
वही इस पर पूरे मामले पर अपर जिलाधिकारी सतीश पाल का भी जवाब आया है उनका कहना है कि जैसे ही ये मामला डीएम के संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल दो एसी की व्यवस्था कराई है। वही इस संबंध में डॉक्टरों से बात भी की गई है।
यह नन्हा बल्लेबाज अच्छे-अच्छे खिलाड़ियों को दे रहा मात