30 C
Mumbai
Tuesday, September 1, 2026
Home Blog Page 530

परमाणु हथियार रखने के मामले में पाकिस्तान बना 5वां बड़ा देश

पाकिस्तान बना 5वां बड़ा देश
पाकिस्तान बना 5वां बड़ा देश

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाले लेखकों के एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में इस समय 140 से 150 परमाणु हथियार हैं।

अमेरिका के रक्षा खुफिया एजेंसी ने 1999 में अनुमान लगाया था कि 2020 में पाकिस्तान के पास 60 से 80 परमाणु हथियार होगा जो इससे 60 से 80 अधिक होकर इस समय अनुमान के मुताबिक 140 से 150 के बीच है।

‘पाकिस्तान परमाणु बल 2018’ में हंस एम क्रिस्टेनसेन, रॉबर्ट एस नोरिस और जुलिया डायमंड ने कहा, हमारा अनुमान है कि अगर वर्तमान स्थिति जारी रही तो 2025 तक देश का परमाणु भंडार वास्तविकता से बढ़ कर कहीं अधिक 220 से 250 के बीच जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा परमाणु हथियार संपन्न देश हो जाएगा।

इसी साल 14 फरवरी को अमेरिका ने पाकिस्तान के परमाणु हथियार के प्रति चिंता जता चुका है, पिछले साल सितंबर में पाकिस्‍तान के तत्कालीन पीएम शाहिद खकान अब्‍बासी ने कहा था कि भारतीय सेना की ‘कोल्ड स्टार्ट नीति’ के जवाब में पाकिस्तान ने कम दूरी वाले परमाणु हथियार विकसित किए हैं।

अमेरिका ने कहा था कि, पाकिस्‍तान ने जो नए किस्म के परमाणु हथियार विकसित किए हैं, इन परमाणु हथियारों में समुद्र से छोड़ी जाने वाली क्रूज मिसाइलें, हवा से छोड़ी जाने वाली क्रूज मिसाइल और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं।

आपको बता दें कि पाकिस्‍तान के परमाणु हथियारों को लेकर यह बयान यूएस की नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक डान कोट्स ने अमेरिकी उच्च सदन में दिया है, उनके मुताबिक पाकिस्‍तान ना सिर्फ परमाणु हथियार बना रहा है बल्कि नए किस्म के कम दूरी के परमाणु हथियारों को विकसित करने में लगा है।

भीमा कोरेगांव केस: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को लगाई फटकार

CBI vs CBI विवाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू
CBI vs CBI विवाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

भीमा कोरेगांव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज एक अहम फैसला सुनाया है, मुख्‍य न्‍यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि पुलिस कौन होती है ये कहने वाली कि सुप्रीम कोर्ट दखल न दें।

कोर्ट ने सरकार को आदेश देते हुए कहा है कि, अगली सुनवाई तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, लेकिन आरोपियों की घर में नजरबंदी जारी रहेगी, उच्चतम न्यायालय ने कोरेगांव-भीमा मामले में पांच कार्यकर्ताओं की नजरबंदी को 12 सितंबर तक आगे बढ़ाने का आदेश दिया है।

उच्चतम न्यायायल ने कहा कि जब मामले की सुनवाई अदालत में रहो रही हो तो महाराष्ट्र सरकार अपनी पुलिस को ज्यादा जिम्मेदार होने का निर्देश दे, महाराष्ट्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि इन कार्यकर्ताओं को नजरबंद रखने से इस मामले की जांच प्रभावित होगी।

भीमा कोरेगांव केस में महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि गिरफ्तार किए गए पांचों एक्टिविस्ट समाज में अराजकता फैलाने की योजना बना रहे थे, पुलिस के पास इसके पुख्ता सबूत हैं।

राज्य सरकार ने कहा कि एक्टिविस्ट को उनके सरकार कर प्रति अलग सोच या विचारों की वजह से गिरफ्तार नहीं किया गया है, उनके खिलाफ पक्के सबूत पुलिस के पास हैं, उन्हें पुलिस हिरासत में दिया जाना चाहिए।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और पांचों एक्टिविस्टों को राहत देते हुए उन्हें 6 सितंबर तक हाउस अरेस्ट यानी घर में ही नजरबंद रखने का आदेश दिया था।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि असहमति लोकतंत्र का सेफ्टी वॉल्व है, इसे रोका तो यह फट जाएगा, वहीं, दूसरी ओर याचिकाकर्ता के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि एफआईआर में गिरफ्तार किए लोगों का नाम तक नहीं है।

भीमा कोरेगांव केस में महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को हलफनामा दाखिल कर बताया था कि गिरफ्तार किए गए पांचों एक्टिविस्ट समाज में अराजकता फैलाने की योजना बना रहे थे, पुलिस के पास इसके पुख्ता सबूत हैं।

राज्य सरकार ने कहा कि इस बात के सबूत पुलिस को मिले हैं कि पांचों एक्टिविस्ट प्रतिबंधित आतंकी (माओवादी) संगठन के सदस्य हैं, ये न केवल देश मे हिंसा की योजना बना रहे थे, बल्कि इन्होंने बड़े पैमाने पर देश मे हिंसा और तोड़फोड़ व आगजनी करने की तैयारी भी शुरू कर दी थी, इससे ये समाज मे अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते थे, इनके खिलाफ गंभीर अपराध का केस बनाया गया है।

समलैंगिकता के फैसले पर फिल्मीजगत के लोगों ने दिया अपना रियेक्शन

समलैंगिकता के फैसले पर फिल्मीजगत के लोगों ने दिया अपना रियेक्शन
समलैंगिकता के फैसले पर फिल्मीजगत के लोगों ने दिया अपना रियेक्शन
समाज में भले ही समलैंगिक रिश्‍तों को उतनी आसानी से स्‍वीकार्यता नहीं मिली हो, लेकिन अभी तक अपराध की श्रेणी में गिने जाने वाले यह रिश्‍ते अब भारत में वैध हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 377 (समलैंगिकता) को अवैध करार दिया है, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही बॉलीवुड में भी खुशी की लहर दौड़ गई है, अपनी फिल्‍मों में ‘गे’ किरदारों को प्रमुखता से दिखा चुके फिल्‍ममेकर करण जौहर से लेकर स्‍वरा भास्‍कर, आयुष्‍मान खुराना समेत बॉलीवुड के कई सितारों ने इस फैसले पर अपनी खुशी जाहिर की है।
करण जौहर ने इस फैसले के आते ही ट्वीट किया, एतिहासिक फैसला! आज बहुत गर्व हो रहा है, समलैंगिता को अपराध की श्रेणी से हटाना और सेक्‍शन 377 को हटाना समान अधिकारों और मानवता के लिए एक बड़ा सकारात्‍मक फैसला है।
वहीं एक्‍टर आयुष्‍मान खुराना ने लिखा, आज की सूरज की किरण एक प्रगतिशील भारत में उजाला कर रही है, सभी को प्‍यार, एक्‍ट्रेस स्‍वरा भास्‍कर ने लिखा, सभी याचिका कर्ताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने यह बधाई दी है, इस फैसले ने भारत को आज हर किसी के लिए एक मुक्‍त देश बना दिया है।
वहीं लेखक चेतन भगत ने लिखा है कि, भारत एक ऐसा देश है, जहां हर 100 किलोमीटर पर संस्‍कृति बदल जाती है, विविधता को स्‍वीकार करना हमारी भारतीय संस्‍कृति के मूल में शामिल है।

 

सभी जगह दिखा भारत बंद का असर, लेकिन कहीं आगजनी तो कहीं हुआ पथराव

सभी जगह दिखा भारत बंद का असर, लेकिन कहीं आगजनी तो कहीं हुआ पथराव
सभी जगह दिखा भारत बंद का असर, लेकिन कहीं आगजनी तो कहीं हुआ पथराव
केंद्र सरकार के द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए SC/ST एक्ट में संशोधन कर मूल स्वरूप में बहाल करने पर सवर्णों ने आज भारत बंद किया है, ये भारत बंद कई सवर्ण संगठनों द्वारा बुलाया गया है।
सांसद उदित राज ने सवर्णों के भारत बंद पर कहा कि इसका कोई असर नहीं दिख रहा है, 10 लोग भी इकट्ठा होकर जाम लगा देते हैं और सड़कें रोक देते हैं, उन्होंने कहा कि इस बंद का असर सिर्फ उन इलाकों में है जहां पर चुनाव होना हैं।
बिहार के आरा में बंद समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई, और इस दौरान बंद समर्थकों ने पुलिस पर पथराव भी किया, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बंद समर्थकों लाठीचार्ज भी किया।
वहीं उत्तर प्रदेश के नोएडा में सवर्णों के समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान लोग काली पट्टी बांध सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी नारे लगाए और मुजफ्फरनगर में भी धारा 144 लागू कर दी गई है।
बंद का असर मध्य प्रदेश में भी है. ग्वालियर, भिंड, मुरैना समेत 10 जिलों में धारा-144 लागू कर दिया गया है,  यहां 2 अप्रैल को दलितों के बंद के दौरान इन इलाकों में भारी हिंसा हुई थी।
मध्यप्रदेश के भिंड, ग्वालियर, मोरेना, शिवपुरी, अशोक नगर, दतिया, श्योपुर, छत्तरपुर, सागर और नरसिंहपुर में धारा 144 लागू की गई है, इस दौरान यहां पर पेट्रोल पंप, स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे।
बता दें कि इससे पहले एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को ‘भारत बंद’ बुलाया था, तब सबसे ज्यादा हिंसा मध्य प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में हुई थी, इस वजह से इस बार प्रशासन ‘भारत बंद’ को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है।
एससी/एसटी एक्ट में संशोधन लाए जाने के विरोध में राजस्थान में अगड़ी जातियों ने सड़क पर उतरने का ऐलान किया है, भारत बंद का असर यहां भी दिखना शुरू हुआ और जयपुर के स्कूल, कॉलेज और मॉल सब बंद हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिसाहिक फैसला, समलैंगिकता अब अपराध की श्रेणी में नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिसाहिक फैसला, समलैंगिकता अब अपराध की श्रेणी में नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिसाहिक फैसला, समलैंगिकता अब अपराध की श्रेणी में नहीं
देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट आईपीसी की धारा 377 (समलैंगिकता) को अवैध करार दिया है, प्रधान न्यायधीश दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली संवैधानिक पीठ ने दो बालिगों के बीच सहमति से बनाए गए समलैंगिक संबंधों को आपराध की श्रेणी में नहीं रखा।
कोर्ट ने धारा 377 को मनमाना करार देते हुए व्यक्तिगत पसंद को सम्मान देने की बात कही है, सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिवर्तन जरूरी है।
जुलाई में हुई इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि वह सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच के विवेक पर इस बात को छोड़ते हैं कि वह खुद तय करे कि धारा-377 के तहत दो बालिगों के बीच बनें समलैंगिक संबंध को अपराध मानें या नहीं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई में 2 जुलाई 2009 को दो बालिगों में सहमति से अप्राकृतिक संबंध को अपराध नहीं माना था यानि कि इसे 377 IPC की धारा से बाहर कर दिया था।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की बेंच ने 11 दिसंबर 2013 को हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए इसे अपराध ही ठहराया था, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुनर्विचार याचिका को भी खारिज करते हुए अपराध ही माना।

फिर होगी प्यार की हार, प्रेमिका खुद को जान से मारने की दे रही है धमकी – Video  हुआ वायरल 

फिर होगी प्यार की हार, प्रेमिका खुद को जान से मारने की दे रही है धमकी - Video  हुआ वायरल 
फिर होगी प्यार की हार, प्रेमिका खुद को जान से मारने की दे रही है धमकी - Video  हुआ वायरल 
ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.com 
भले ही आज हम 21st सेंचुरी में जी रहे है या कहे भले ही हमारा जनरेशन काफी अपग्रेड हो गया हो। हर किसी के पास स्मार्टफोन, गाड़ी बंगला भले ही आ जाए लेकिन एक मामले में हमारा समाज कभी अपग्रेड नहीं हो सकता। 
 
वेल यह तो सभी बहुत अच्छी तरह से जानते है की हमारा समाज हमेशा से ही प्यार करनेवालों के खिलाफ रहा है। ऐसे में आज कोई नए चमत्कार की एक्सपेक्टेशंस हम कर ही नहीं सकते। दरअसल आपको बता दे की एक प्रेमी जोड़ा का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। 
 
इन जोड़ो के भाषा से यह साफ़ जाहिर हो रहा है की यह उत्तर प्रदेश या बिहार का मामला है। इस वीडियो में लड़की कहती नजर आ रही है की- “हम दोनों एक साथ भागे है और इसमें मेरी गलती है क्यूंकि लड़के को मैं लेकर भागी हूँ। जीना मरना मुझे इसके साथ ही है। “
 
आगे लड़की कहती -है ” एक दिन उस लड़की के पापा ने लड़की को देख लिए थे जिसके बाद लड़की को बेहद मार पड़ी थी।  साथ ही पढाई लिखे भी बंद कर रहे थे। ” लड़की को अपनी जिंदगी लड़के के साथ बितानी है। 
 
वेल ऐसा कई बार होता है की इंटरकास्ट के कारण या स्टेटस के चलते घरवाले प्यार करनेवालों के खिलाफ रहते है। जिसके चलते कपल्स कभी कभी गलत कदम भी उठा लेते है। वही सोशल मीडिया का भी काफी मिसयूज किया जाता है। 
 
ऐसे में यह वीडियो में कितनी सच्चाई है यह शायद कोई जानता। क्यूंकि अलग अलग सोशल साइट्स और ऍप्लिकेशन्स के जरिए लोग फेमस होने के  का वीडियो बनाते ही रहते है। 
 
इस बारे में आपकी राय हमें कमेंट कर बताईये ! 

फारूक अब्दुल्ला ने भी दी चेतावनी, 35(A) पर सरकार स्पष्ट करे अपनी स्थिति

फारूक अब्दुल्ला ने भी दी चेतावनी, 35(A) पर सरकार स्पष्ट करे अपनी स्थिति
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद फारूक अब्दुल्ला ने आज कहा है कि उनकी पार्टी पंचायत चुनाव में भाग नहीं लेगी जब तक अनुच्‍छेद 35ए पर केंद्र सरकार और राज्‍य सरकारों अपनी स्थिति साफ नहीं करतीं है।
साथ ही उन्‍हें इस अनुच्‍छेद के संरक्षण के लिए कोर्ट और बाहर दोनों जगह प्रभावी कदम उठाने होंगे, इससे पहले अलगाववादियों ने जम्मू-कश्मीर में पंचायत और स्थानीय निकाय के चुनावों का बहिष्कार करने का आह्वान किया था।
आज ही जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी धारा 370 और अनुच्छेद 35ए पर सरकार को चेतावनी दी थी, तथाकथित ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) की बैठक के बाद इस आशय का एक बयान जारी किया गया था।
उधर अब्‍दुल्‍ला ने कश्मीर पर केंद्र सरकार द्वारा कई गलतियां करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों का दिल जीतने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए, अब्दुल्ला ने कहा कि जब भी अनुच्छेद 35ए को हटाने जैसे मुद्दे उठते हैं, तब-तब राज्य के लोगों को ठेस पहुंचती है।
अलगाववादियों द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र कश्मीर में पंचायत चुनाव कराने और इस व्यवस्था को लागू करने पर जोर दे रही है लेकिन नयी दिल्ली का ध्यान जम्मू कश्मीर के लोगों को और यहां के संस्थाओं को सशक्त बनाने पर कभी नहीं रहा है।

 

बीएचयू आईआईटी नहीं चला रहा बहू बनने के लिए तीन महीने का कोर्स, इस खबर का किया खंडन

बीएचयू आईआईटी नहीं चला रहा बहू बनने के लिए तीन महीने का कोर्स, इस खबर का किया खंडन
पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर आदर्श बहू बनने के कोर्स को लेकर काफी खबरें सामने आ रही थी, खबर के अनुसार, काशी हिंदू  विश्वविद्यालय लड़कियों को आदर्श बहू बनने की ट्रेनिंग देने के लिए एक कोर्स करवाने वाला है।
पिछले दिनों काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आईआईटी विभाग की तरफ से लड़कियों को आदर्श बहू बनाने की ट्रेनिंग देने को लेकर यंग स्किल्ड इंडिया ने इस कोर्स का मॉड्यूल तैयार किया था।
यंग स्किल्ड इंडिया के सीईओ नीरज श्रीवास्तव ने इस पर कहा था कि, इस कोर्स की शुरुआत समाज में बढ़ती हुई समस्या को देखते हुए की जा रही है, उन्होंने कहा कि, कोर्स में आत्मविश्वास, पारस्परिक कौशल, समस्या को सुलझाने के कौशल, तनाव संभालने के गुण के साथ ही कंप्यूटर की जानकारी, फैशन के बारे में ज्ञान के अलावा मैरिज स्किल्स शामिल होंगे। 
इस खबर के आते ही सोशल मीडिया पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय को कई तरह के क्रिटिसिसम का भी सामना करना पड़ा था, सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय की किरकिरी होने पर बीएचयू के आईआईटी के डायरेक्टर पी के जैन ने एक बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने इस कोर्स को लेकर लगातार फैल रही अफवाह का खंडन किया है, और बताया कि, ऐसा कोई भी कोर्स बीएचयू की ओर से नहीं शुरू किया जा रहा है, यह खबर गलत है। 
उन्होंने कहा कि जिस यंग स्किल्ड इंडिया संस्था के बयान पर यह खबर चर्चा का विषय बनी, वह संस्था प्राइवेट है और उसका बीएचयू आईआईटी से कोई लेना देना नहीं है, यह खबर सही नहीं है।
बीएचयू आईआईटी से मिली इस फटकार के बाद अब यंग स्किल्ड इंडिया के सीईओ नीरज श्रीवास्तव ने भी इस बात को नकारा है। नीरज ने अपने बयान में कहा कि वो बेटी को आदर्श बहू बनाने जैसा कोई कोर्स नहीं चला रहे हैं।

 

 

कानपूर : एसपी सुरेंद्र कुमार दास ने की आत्महत्या की कोशिश, हालत बेहद नाजुक 

कानपूर : एसपी सुरेंद्र कुमार दस ने की आत्महत्या की कोशिश, हालत बेहद नाजुक 
कानपूर : एसपी सुरेंद्र कुमार दस ने की आत्महत्या की कोशिश, हालत बेहद नाजुक 

ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.com

उत्तर प्रदेश से एक बेहद चौंका देनेवाला मामला सामने आया है। कानपुर के सिटी एसपी सुरेंद्र दास ने की जहर खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की है. फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उन्हें ICU में रखा गया है। हालांकि, अभी तक किन वजहों से उन्होंने खुदकुशी की कोशिश की है, इसका औपचारिक पता नहीं चल पाया है। 
 
रीजेंसी हॉस्पिटल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट राजेश अग्रवाल ने बताया कि एसपी सुरेंद्र दास को वेंटीलेटर पर रखा गया है। सुबह जब उन्हें लाया गया तो उनकी पल्स नही मिल रही थी। अगले कुछ घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं। शाम को 4 बजे फिर मेडिकल बुलेटिन जारी होगा। 
 

2014 बैच के आईपीएस अधिकारी सुरेंद्र कुमार दास बलिया के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक सुरेंद्र कुमार के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसके मुताबिक उन्होंने पारिवारिक तनाव के कारण यह कदम उठाया है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। 

सभी पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद है ,सुरेंद्र दास कानपुर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे ,उनकी पत्नी कानपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के पद पर तैनात है। इस पूरे मामले में अभी कोई जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नही है। 

तमिलनाडु में गुटखा स्कैम के तहत 40 जगहों पर CBI की रेड

तमिलनाडु में गुटखा स्कैम के तहत 40 जगहों पर CBI की रेड
तमिलनाडु में गुटखा स्कैम के तहत 40 जगहों पर CBI की रेड

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

कर्नाटक में करोड़ों रुपए के गुटखा स्कैम का खुलासा हुआ है, मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने बुधवार को चेन्नई के करीब 40 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।
यह घोटाला पिछल साल जुलाई में उस वक्त उजागर हुई थी जब आयकर विभाग ने गुटखा कारोबार से जुड़े कारोबारियों के गोदाम और दफ्तरों में छापेमारी की थी, गुटखा कारोबारियों पर 250 करोड़ के टैक्स की हेराफेरी के आरोप थे।
मालूम हो कि साल 2013 में तमिलनाडु सरकार ने गुटखा को बैन कर दिया था, इसके बाद आरोप लगे थे कि गुटखा ब्रांड MSM का निर्माण जारी रखने के एवज में बड़े पुलिस अफसरों और कई अन्य विभाग के अफसरों ने रिश्वत लिए थे।
आरोप है कि रिश्वत लेकर साल 2014-2016 तक मार्केट में गुटखे की सप्लाई जारी रखी गई, साल 2017 में गुटखा कारोबारियों के घर पर छापेमारी के दौरान इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ था।
साल 2016 में आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के आरोप में गुटखा कारोबारियों के घर पर छापेमारी की थी, इसी दौरान कारोबारी महादेव राव के घर से एक डायरी बरामद हुई थी, जिसमें सरकार और पुलिस महकमे के उन लोगों के नाम दर्ज थे जिन्होंने घूस लिया था।