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Wednesday, September 2, 2026
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धारा 497 हटाकर कोर्ट ने दिया अवैध संबंधों का खुला लाइसेंस -दिल्ली महिला आयोग

स्वाति मालीवाल
स्वाति मालीवाल

एनपी न्यूज़ डेस्क | navpravah.com

आज प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने व्यभिचार के प्रावधान से संबद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 497 को सर्वसम्मति से निरस्त कर दिया गया है।

कोर्ट ने कहा कि, यह पुरातन है और समानता के अधिकारों तथा महिलाओं को समानता के अधिकारों का उल्लंघन करता है, व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के उच्चतम न्यायालय के आए फैसले पर कुछ विशेषज्ञों ने आगाह करते हुए इसे महिला विरोधी बताया है और अवैध संबंधों के लिए लोगों को लाइसेंस प्रदान करेगा ये भी कहा है।

दिल्ली महिला आयोग प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि, व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से बाहर करने से देश में महिलाओं की पीड़ा और बढ़ने वाली है, उन्होंने कहा, व्यभिचार पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से पूरी तरह से असमत हूं, फैसला महिला विरोधी है‌।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, 497 को लैंगिक रूप से तटस्थ बनाने, उसे महिलाओं और पुरूषों दोनों के लिए अपराध करार देने के बजाय इसे पूरी तरह से अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।

कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने भी इस मुद्दे पर और अधिक स्पष्टता लाने की मांग करते हुए कहा, यह तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में डालने जैसा है, उन्होंने ऐसा किया लेकिन अब पुरूष हमें महज छोड़ देंगे या हमें तलाक नहीं देंगें, वे बहुविवाह या निकाह हलाला करेंगे, जो महिला के तौर पर हमारे लिए नारकीय स्थिति पैदा करेगा।

राहुल गांधी का चित्रकूट दौरा: कामतानाथ मंदिर में किया दर्शन, मोदी सरकार को कहा लुटेरा

सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com

दो दिवसीय मध्‍य प्रदेश दौरे के लिए कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी आज चित्रकूट पहुंचे, राहुल इलाहाबाद से हेलि‍कॉप्टर से चित्रकूट गये, वहां से सीधे कामतानाथ मंदिर में दर्शन किया और फिर राहुल ने राजौला में नुक्‍कड़ सभा को संबोधि‍त किया।
राहुल के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, महासचिव दीपक बावरिया, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी मौजूद रहे, इस पखवाड़े में यह उनका मध्य प्रदेश का दूसरा चुनावी दौरा होगा, इससे पहले उन्होंने 17 सितंबर को भोपाल में मंत्रोच्चारण के बाद अपना करीब 14 किलोमीटर का रोड शो किया था और फिर रैली को संबोधित किया था।
राजौला में नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, पीएम ने देश से झूठे वादे किए हैं, राफेल सौदे पर राहुल गांधी ने कहा कि PM मोदी ने  पुराना कॉन्ट्रैक्ट बदला और HAL से छीनकर डील अपने दोस्त को दे दी।
राहुल गांधी ने कहा कि राफेल डील में बड़ा घोटाला हुआ है और पीएम मोदी ने अंबानी को फायदा पहुंचाया है, उन्होंने कहा कि, राफेल डील को लेकर जब मैंने फ्रांस के राष्ट्रपति से बात की तो उन्होंने कहा कि डील में कोई सीक्रेट वाली बात नहीं है, आपकी सरकार बताना चाहे तो वह बता सकती है।
राहुल गांधी ने एमपी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि शिवराज चौहान दौ हजार योजनाएं लाए, योजनाएं में किसान आत्महत्या में नंबर वन प्रदेश बन गया, बेरोजगारी, कुपोषण, भ्रष्टाचार में नंबर 1 बना, राहुल ने आगे कहा कि, हमारी सरकार आएगी तो किसानों का कर्जा माफ कर देंगें।
राहुल गांधी के दौरे के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कंडे इंतजाम किए हैं, राहुल प्रदेश के सतना और रीवा शहर में जगह-जगह सभा और रोड-शो करेंगे, उनकी सुरक्षा व्यवस्था में 15 आईपीएस अधिकारी, 28 एडिशनल एसपी, 45 डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात किए गए हैं।

भगवान राम राजनीति का मुद्दा नहीं है, भगवान श्रीराम देश की अस्मिता के प्रतीक हैं – रामदेव

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्‍या विवाद की रोजाना सुनवाई की याचिका की रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्‍या विवाद की रोजाना सुनवाई की याचिका की रद्द

सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com 

1994 में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम व्‍यवस्‍था देते हुए कहा था कि मस्जिद, इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है, अब इस मामले में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद मालिकाना हक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के 1994 के फैसले पर बड़ी पीठ द्वारा पुनर्विचार करने की मांग करने वाली मुस्लिम समूह की याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट के अपना फैसला सुनाएगी।

इस मसले पर एक निजी चैनल से बात करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि, भगवान राम राजनीति का मुद्दा नहीं है, भगवान श्रीराम देश की अस्मिता के प्रतीक हैं और देश का स्वाभिमान उनसे जुड़ा है, इसलिए धर्म के नाम के पर जहर न फैलाया जाए।
उन्होंने कहा सृष्टि के कण कण में परमात्मा है, अल्लाह है, मुसलमान भाई कहते हैं अल्लाह एक ही है, सारी कायनात में है, उसके लिए एक जगह विशेष का महत्व नहीं है, उन्होंने कहा देश के सिंघासन के लिए उस राम के नाम पर घमासान हो रहा है, जो मर्यादा में जीए, जिन्होंने माता- पिता के लिए सिंघासन का त्याग कर दिया।
उन्होंने गीता का हवाला देते हुए कहा कि गीता में लिखा है कि अच्छे कर्म करो, उन्होंने कहा कि राम, शिव, कृष्ण की पूजा करने का मतलब उनकी छवि को धारण करना मात्र नहीं होता, पूजा करने काम मतलब है जीवन को उनकी तरह जियो।
बता दें कि प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अशोक भूषण तथा न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ आज मालिकाना हक को लेकर अपना फैसला सुना सकती है, पीठ ने 20 जुलाई को इसे सुरक्षित रख लिया था।
अयोध्या मामले के एक मूल वादी एम सिद्दीक ने एम इस्माइल फारूकी के मामले में 1994 के फैसले में इन खास निष्कर्षों पर ऐतराज जताया था जिसके तहत कहा गया था कि मस्जिद इस्लाम के अनुयायियों द्वारा अदा की जाने वाली नमाज का अभिन्न हिस्सा नहीं है, सिद्दीकी की मृत्यु हो चुकी है और उनका प्रतिनिधित्व उनके कानूनी वारिस कर रहे हैं।

 

राफेल डील पर पीएम मोदी की नीयत पर कोई शक नहीं करना चाहिए – शरद पवार

राफेल डील पर पीएम मोदी की नीयत पर कोई शक नहीं करना चाहिए - शरद पवार
राफेल डील पर पीएम मोदी की नीयत पर कोई शक नहीं करना चाहिए - शरद पवार
सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com 
राफेल डील में पूरा विपक्ष मोदी सरकार को घेरने में जुटा हुआ है, वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा कि, राफेल डील पर प्रधानमंत्री मोदी की नीयत पर कोई श‍क नहीं करना चाहिए।
उन्‍होंने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से लगातार मांग की जा रही है कि राफेल जेट से जुड़ी तमाम तकनीकी जानकारियों को सार्व‍जनिक किया जाए, लेकिन इसका कोई औचित्‍य नहीं है।
हालांकि पूर्व रक्षा मंत्री और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने यह भी साफ किया कि, सरकार अगर राफेल डील की कीमतें सार्वजनिक करती है तो इससे उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा, इसलिए राफेल डील की कीमतें सार्वजनिक कर देनी चाहिए।
शरद पवार ने कहा कि, मुझे लगता है कि जनता के दिमाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत को लेकर कोई शंका नहीं है, हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से रखे गए सरकार के पक्ष के बाद जनता के मन में शंका उत्‍पन्‍न हो गई है।
बता दें कि इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने राफेल विमान सौदे को लेकर बीजेपी पर हमला बोला था, पवार ने कहा था कि राफेल विमान की कीमत सार्वजनिक करने में कोई नुकसान नहीं है, मैं यूपीए सरकार के समय संसद में रहा हूं, उस समय बीजेपी ने बोफोर्स मुद्दा उठाया था, सुषमा स्वराज ने उस समय बोफोर्स मामले से जुड़ी सभी जानकारियों को सार्वजनिक करने की मांग कई बार की थी।

 

 

मुंबई में ठगस ऑफ़ हिन्दोस्तान के ट्रेलर लॉंन्च के लिए पहुंचे सितारे 

मुंबई में ठगस ऑफ़ हिन्दोस्तान के ट्रेलर लॉंन्च के लिए पहुंचे सितारे 
मुंबई में ठगस ऑफ़ हिन्दोस्तान के ट्रेलर लॉंन्च के लिए पहुंचे सितारे 

ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.com

आमिर खान की मच अवेटेड फिल्म ठगस ऑफ़ हिन्दोस्तान के ट्रेलर के लिए सभी बेहद एक्ससाइटेड है।  हर कोई सुबह से इस फिल्म के ट्रेलर के लिए वेट कर रहा है। बस चंद घंटों में इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ कर दिया जायेगा। 

इस फिल्म का ट्रेलर मुंबई के वडाला कार्निवाल सिनेमैक्स में लॉंन्च किया जा रहा है।  ऐसे में फिल्म ठगस ऑफ़ हिन्दोस्तान के ट्रेलर लॉंन्च के लिए सुपरस्टार अमिताभ बच्चन , आमिर खान, कटरीना कैफ, फातिमा सना शैख़ पहुँच चुके है। 
 
बता दे की अब तक इस फिल्म से सुपरस्टार्स के लुक और उनके कॅरेक्टर रिलीज़ कर दिया गया है और जल्द ही इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ कर दिया जायेगा। इस फिल्म को विजय कृष्ण आचार्य ने डायरेक्ट किया है और यह फिल्म 8 नवंबर को रिलीज़ होनेवाली है।

 

 

व्‍यभिचार अब अपराध नहीं है, धारा 497 खारिज -सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, कैबिनेट मंत्री है फरार और किसी को पता नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, कैबिनेट मंत्री है फरार और किसी को पता नहीं

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

व्यभिचार (धारा 497) पर दंडात्मक कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुनाया है, पत्नी अगर पति की बजाय किसी दूसरे पुरुष से अवैध संबंध बनाए तो उस पर भी पुरूष की तरह IPC की धारा 497 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा या नहीं, इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है।

पीठ ने कहा कि चीन, जापान और ब्राजील में व्‍यभिचार अपराध नहीं है व्यभिचार अपराध नहीं, लेकिन तलाक़ का आधार हो सकता है, पीठ ने हुए इस धारा को मनमाना और असंवैधानिक बताते हुए इसे गलत ठहराते हुए खारिज कर दिया है।

पांच जजों की संवैधानिक बेंच में सबसे पहले चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा व जस्टिस खानविलकर ने अपना संयुक्त फैसला सुनाते हुए आईपीसी की धारा 497 के उस प्रावधान को रद्द कर दिया है। इसके तहत व्यभिचार में केवल पुरुष को सजा दिए जाने का प्रावधान है, चीफ जस्टिस और जस्टिस खानविलकर ने कहा कि व्यभिचार अपराध नहीं हो सकता है, दोनों न्‍यायाधीशों ने कहा, 497 IPC कानून मनमाना है, सही नहीं है।

चीफ जस्टिस ने फैसले में कहा कि, पति पत्नी का मालिक नहीं है, महिला की गरिमा सबसे ऊपर है, महिला के सम्‍मान के खिलाफ आचरण गलत है, महिला और पुरुषों के अधिकार समान है, वहीं, तीसरे जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने भी इस कानून को ग़लत बताया, लिहाजा बहुमत से में ये कानून खारिज करने का फैसला सुनाया गया।

एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

एक्ट्रेस तनुश्री दत्त ने नाना पाटेकर पर लगाए सनसनीखेज आरोप, कहा - मेरे साथ की बदसलूखी 
एक्ट्रेस तनुश्री दत्त ने नाना पाटेकर पर लगाए सनसनीखेज आरोप, कहा - मेरे साथ की बदसलूखी 

ज्योति विश्वकर्मा | Navpravah.com 

बॉलीवुड में आए दिन सेलिब्रिटीज के बयान से हंगामा होता रहता है। लेकिन एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता के एक बयान से पूरे बॉलीवुड गलियारों में हंगामा मचा हुआ है। कुछ दिन पहले खबर थी कि एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता अपनी बहन इशिता दत्ता के साथ बिगबॉस 12 में एंट्री करेंगी। 
 
हाल ही में तनुश्री दत्ता के एक इंटरव्यू के बयान से तहलका मचा हुआ है, जिसकी वजह से वह एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गई हैं।  ‘आशिक बनाया आपने’ फेम ऐक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है कि उन्होंने उनका यौन शोषण किया था। उन्होंने #MeToo कैंपेन के तहत आपबीती सुनाई। 
तनुश्री का कहना है कि नाना का व्यवहार केवल उनके साथ ही नहीं, बल्कि सेट पर बाकी ऐक्ट्रेसेस के साथ भी अजीब होता था। उन्होंने कहा है कि लोग इस बारे में बातें करते थे कि नाना ऐक्ट्रेससेस पर हाथ भी उठाया करते थे, लेकिन किसी ने भी उनके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं की।
 
तनुश्री की मानें तो फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट पर वह सोलो आइटम नंबर की शूटिंग करने आई थीं। तनुश्री का आरोप है कि नाना पाटेकर सेट पर उनके साथ बेहद बदतमीजी से पेश आते थे। उन्होंने प्रोड्यूसर्स से शिकायत भी की, लेकिन किसी ने भी तनुश्री की बात पर विश्वास नहीं किया। इतना ही नहीं, शूटिंग स्टूडियो से बाहर निकलते वक्त उन पर हमला भी हुआ था। फिर पुलिस ने आकर तनुश्री और उनके परिवार को बचाया था।
 
बता दें, साल 2004 में ‘मिस इंडिया’ का टाइटल जीतने वाली तनुश्री ने 2005 में फिल्म ‘आशिक बनाया आपने’ से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने ‘ढोल’, ‘गुड बॉय बैड बॉय’, ‘स्पीड’ जैसी फिल्मों में काम किया। तनुश्री को आखिरी बार साल 2010 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘अपार्टमेंट’ में देखा गया था।  

आधार को बैंक से लिंक करना जरूरी नहीं – सुप्रीम कोर्ट

आधार को बैंक से लिंक करना जरूरी नहीं - सुप्रीम कोर्ट

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com

केंद्र के महत्वपूर्ण आधार कार्यक्रम और इससे जुड़े 2016 के कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दिया है, आधार को संवैधानिक मान्‍यता दे दी गती है।

आज सुबह जस्टिस एके सीकरी ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस खानविलकर की तरफ से फैसला पढ़ना शुरू किया, जस्टिस सीकरी ने कहा कि ‘आधार देश में आम आदमी की पहचान बन गया है।
जस्टिस सीकरी ने कहा कि, आधार कार्ड और पहचान के बीच एक मौलिक अंतर है, बायोमैट्रिक जानकारी संग्रहीत होने के बाद यह सिस्टम में बनी हुई है, आधार से गरीबों को ताकत और पहचान मिली है, आधार आम आदमी की पहचान बन चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार से समाज के एक वर्ग को ताकत मिली है, आधार पर हमला संविधान के खिलाफ है, बेहतर होने से अच्‍छा कुछ अलग होना है, आधार अलग है।
SC ने अपने फैसले में कहा कि निजी कंपनियां आधार नहीं मांग सकतीं है, न्‍यायालय ने यह भी कहा कि, CBSE, NEET और UGC के लिए आधार जरूरी है, लेकिन स्‍कूलों में एडमिशन के लिए आधार जरूरी नहीं है।
Aadhaar Card को बैंक से लिंक करना जरूरी नहीं, लेकिन इसे पैन कार्ड से जरूरी लिंक करना होगा, मोबाइल सिम लेने के लिए आधार कार्ड देना जरूरी नहीं है।
सेवानिवृत जज पुत्तासामी समेत कई अन्य लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आधार कानून की वैधानिकता को चुनौती दी थी, याचिकाओं में विशेषतौर पर आधार के लिए एकत्र किए जाने वाले बायोमेट्रिक डाटा से निजता के अधिकार का हनन होने की दलील दी गई थी।
आधार की सुनवाई के दौरान ही कोर्ट मे निजता के अधिकार के मौलिक अधिकार होने का मुद्दा उठा था, जिसके बाद कोर्ट ने आधार की सुनवाई बीच में रोक कर निजता के मौलिक अधिकार पर संविधान पीठ ने सुनवाई की और निजता को मौलिक अधिकार घोषित किया था, इसके बाद पांच न्यायाधीशों ने आधार की वैधानिकता पर सुनवाई शुरु की थी।

 

40 लाख लोगों को मिलेगी टेलीकॉम क्षेत्र में नौकरी

नौकरी
नौकरी

सौम्या केसरवानी | Navpravah.Com

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज नई दूरसंचार नीति को मंजूरी दे दी है, इस नई नीति को राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी), 2018 का नाम दिया गया है, इसके तहत 2022 तक क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने और 40 लाख रोजगार के अवसरों के सृजन का लक्ष्य है।

नीति के मसौदे के तहत एनडीसीपी द्रुत गति की ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाने, 5 जी और आप्टिकल फाइबर जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी के उचित मूल्य में इस्तेमाल पर केंद्रित है, मसौदे में कर्ज के बोझ से दबे दूरसंचार क्षेत्र में नयी जान फूंकने के लिए स्पेक्ट्रम शुल्क आदि को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया गया है।

प्रस्तावित नयी दूरसंचार नीति में सभी को 50 मेगाबिट प्रति सेकेंड की गति वाले ब्रॉडबैंड की पहुंच उपलब्ध कराने, 5जी सेवाओं तथा 2022 तक 40 लाख नए रोजगार के अवसरों के सृजन का प्रावधान है।

इससे पहले दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने रविवार को कहा था कि 5जी सेवाओं के लिये स्पेक्ट्रम नीलामी 2019 की दूसरी छमाही में हो सकती है, सुंदरराजन ने कहा था कि, वर्तमान स्थिति के मुताबिक यह (5जी स्पेक्ट्रम आवंटन) अगले साल की दूसरी छमाही में होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि 5जी सेवाओं से दूरसंचार कंपनियों को तेजी से बदलती बाजार परिस्थिति और अगली पीढ़ी की मोबाइल सेवाओं में मौजूद बेहतर कारोबारी संभावनाओं का लाभ लेने में मदद मिलेगी और वह इस क्षेत्र में अपनी बेहतर उपस्थिति दर्ज करा सकेंगी।