लाइफस्टाइल डेस्क। हर मौसम की अपनी कुछ जरूरतें और फायदे होते हैं। इन्हीं के मद्देनजर इस मौसम के नियम तय होते हैं। आयुर्वेद में अभ्यांगम यानी मसाज को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है।
आयुर्वेद में हर रोज शरीर की मालिश करने की सलाह दी गई है। पर ज्यादातर लोगों को लगता है कि मालिश सिर्फ सर्दियों में ही करवानी चाहिए। लेकिन गर्मी के मौसम में इसका क्या लाभ होता है आइये जानते हैं।
क्यों जरूरी है मालिश
आयुर्वेद में दैनिक नियमों में मालिश को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। वहां हर रोज मालिश यानी मसाज करने की सलाह दी गई है। जब आप बहुत थक जाते हैं तब मालिश आपको फिर से तरोताजा करने में मदद करती है। इससे मालिश मांसपेशियो की सिकुड़ने और फैलने की क्षमता में बढोत्तरी करती है। वहीं मेटाबॉलिजम को सही रखने में भी मालिश का बहुत अहम योगदान है।
जानें इसके फायदे
इससे ब्लड सर्कुलेशन सुचारु रूप से काम करता है।
मसाज करने से दिन भर की थकान उतर जाती है जिससे नींद अच्छी आती है।
जिसके चलते आंखों की रोशनी बढ़ती है और स्किन चमकदार बन जाती है।
मसाज करने के दौरान लंबी-लंबी सांसें लेने से शरीर के अंदर मौजूद कई विकार बाहर निकल जाते हैं। इसके बाद शरीर में स्फूर्ति आ जाती है।
मसाज रोज करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
मसाज से मस्तिष्क में तरावट एवं मानसिक शक्ति का अनुभव होता है।
मसाज के बाद स्किन के छिद्रों में तेल भरे रहने से जीवाणुओं शरीर के अंदर जाने का खतरा नहीं रहता है।
लखनऊ। प्रदेश में इस साल MBBS की सीटों में 700 की बढ़ोतरी होने जा रही है। इसके अलावा 300 सीटें निम्न आय वर्ग के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के पास भेजा है। इस तरह अभी पूरे प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 1920 MBBS सीटें हैं। लेकिन एक साल में ही एक हजार और सीटें बढ़ जाएंगी। यूपी देश का पहला ऐसा राज्य हो जाएगा, जहां एक साल में एक हजार सीटें बढ़ जाएंगी।
यह जानकारी गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ‘गोपाल’ ने लोकभवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि पीजी में भी अगले साल तक 870 सीटें बढ़ जाएंगी। इनमें 45 सीटें बढ़ चुकी हैं। 640 का प्रस्ताव एमसीआई के पास गया है।
पांच नए मेडिकल कालेज इस साल होंगे शुरू
चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि इस साल पांच नए राजकीय मेडिकल कॉलेज अयोध्या, बहराइच, शाहजहांपुर, बस्ती और फिरोजाबाद में चालू हो जाएंगे। निर्माणाधीन ग्रेटर नोएडा और बदायूं में भी MBBS की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। आठ अन्य मेडिकल कालेजों का शिलान्यास हो चुका है। ये भी 2021 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। यह मेडिकल कॉलेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के तहत खुल रहे हैं। जिसके तहत पूरे देश में 80 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। इनमें अकेले 13 मेडिकल कॉलेज तो प्रदेश में खुल रहे हैं। इस साल खुल रहे पांच नए मेडिकल कॉलेज नई सोसाइटी बनाकर शुरू किए जा रहे हैं।
पुराने छह मेडिकल कॉलेजों में सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक
टंडन ने बताया कि छह पुराने मेडिकल कालेज आगरा, प्रयागराज, झांसी, मेरठ, गोरखपुर और मेरठ में निर्माण कर अमूलचूल परिवर्तन किया जा रहा है। प्रयागराज और गोरखपुर में यह काम हो चुका है। इन पुराने मेडिकल कालेजों में केन्द्र सरकार की मदद से 200 बेड के सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। गोरखपुर में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर चुके हैं।
पीजीआई में बढ़ेंगे 800 बेड
मंत्री टंडन ने बताया कि लखनऊ ही पूरे प्रदेश के मरीजों का भार उठा रहे एसजीपीजीआई में 200 नए बेड की सुविधा बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने एक नए ब्लॉक का शिलान्यास भी किया गया है, जहां 400 बेड होंगे। 60 बेड का एपेक्स ट्रामा सेंटर शुरू हो चुका है जिसे जल्द 200 बेड का किया जाएगा। इस तरह वहां 800 बेड बढ़ जाएंगे। पीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा की शुरुआत भी की गई है। क्वीन मेरी अस्पताल का भार कम करने के लिए केजीएमयू में 100 बेड का मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल शुरू हो रहा है।
शुरू होगा लखनऊ कैंसर संस्थान
लखनऊ में सुपरस्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में रेडियोलॉजी विभाग चलाने के लिए बंकर बनकर तैयार हैं। संस्थान के संचालन की तकनीकी निगरानी रखने व स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए मुंबई के टाटा कैंसर संस्थान के साथ एमओयू साइन किया है। संस्थान को भी तीन माह के अंदर शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर एक मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण शीघ्र शुरू होने जा रहा है। उसके लिए भूमि ढूंढी जा रही है।
काठमांडू. नेपाल की काठमांडू घाटी में सदियों से रहने वाले मुसलमान, स्थानीय नेवार समुदाय की सनातन हिन्दू संस्कृति के संरक्षण की मांग के समर्थन में आ गए हैं।
दरअसल, सरकार ने सार्वजनिक और निजी न्यासों का राष्ट्रीयकरण करने के लिए एक विधेयक पेश किया है, जिसके बाद से यह मांग की जा रही है। स्थानीय मुसलमानों के समूह नेवार मुस्लिम सोसाइटी के सदस्यों ने सनातन हिन्दू धर्म और संस्कृति के संरक्षण की मांग को लेकर सोमवार को काठमांडू में निकाली गई रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने हाथों में तख्तियां पकड़ी हुई थी।
समूह ने कहा, ‘‘ कम्यूनिस्ट पार्टी की ओर से संसद में रखे गए विधेयक को समर्थन मिलता है तो सनातन हिन्दू धर्म खतरे में पड़ सकता है।’’ केपी शर्मा ओली नीत कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार ने गुथी (न्यास) अधिनियम को संशोधित करने और सभी सार्वजनिक और निजी गुथियों का राष्ट्रीयकरण करने एवं एक शक्तिशाली आयोग के तहत सभी धार्मिक स्थलों को नियंत्रित करने के लिए संसद में एक विधेयक पेश किया है। विधेयक के विवादित प्रावधानों पर नेवार समुदाय और प्रमुख गुथियों के न्यासियों ने चिंता जताई है।
लखनऊ। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने पर तल्ख टिप्पड़ी की। कहा कि अखिलेश सपा संभालें उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की चिंता छोड़ दें। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर है।
गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिला योजना की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा कि सपा अध्यक्ष को अपनी पार्टी देखनी चाहिए। कानून व्यवस्था प्रदेश सरकार देख रही है। पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहतर है और चुस्त दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के कांग्रेस के वर्ष 2022 का चुनाव अकेले लड़ने के ऐलान पर मौर्य ने कहा कि कांग्रेस क्या सभी पार्टियां मिलकर भी लड़ लें लेकिन जीतेगी भाजपा ही। कांग्रेस चाहे जो भी कर ले, हारती ही रहेगी। उन्होंने कहा कि इसका प्रमाण देश की जनता ने लोकसभा चुनाव में दे दिया है।
बंगाल में जय श्रीराम के नारे पर उन्होंने कहा कि बंगाल क्या पूरे देश और दुनिया में जय श्रीराम के नारे लगेंगे। बंगाल में भाजपा की ही सरकार बनेगी। बंगाल सरकार हमारे कार्यकर्ताओं का चाहे जितना उत्पीड़न कर ले लेकिन उनका मनोबल बहुत ऊंचा है। बंगाल की जनता सरकार से त्रस्त है और उसका जवाब चुनाव में देगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि पूरे प्रदेश में निराश्रित पशु आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि कोई भी पशु भूख से न मरे। यह भी नहीं होने दिया जाएगा कि किसानों की फसल को नुकसान करें।
Lucknow. शाहजहांपुर जिले के बंडा ब्लॉक के ठुर्रा बेला गांव की ममता और अजय ने जहर खाकर जान दे दी। दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे। एक ही बिरादरी के थे। वह शादी करना चाहते थे। लेकिन ममता के परिजन शादी को तैयार नहीं थे। जब शादी की उम्मीद टूट गई तो बुधवार रात ममता और अजय घर से निकले। गांव के बाहर जाकर दोनों मिले, फिर सिंगापुर खास गांव के पास नहर किनारे दोनों ने जहर खा लिया।
जहर खाने के बाद ममता ने फोन से अजय के पिता कालीचरन को पूरी बात बताई। इसके बाद कालीचरन भागकर ममता के परिवार वालों के पास गया। बताया कि दोनों ने जहर खा लिया है। ममता के परिवार वालों ने कहा कि वह ममता को लेकर अस्पताल नहीं जाएंगे, फिर कालीचरन पुलिस के साथ सिंगापुर खास गांव की नहर पटरी पर पहुंचे। वहां ममता और अजय दोनों बेहोश थे। तुरंत यूपी 100 टीम दोनों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों के शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर अब कुछ महीनों तक सरकार व संगठन की दोनों जिम्मेदारियों का भार रहेगा। पार्टी लोकसभा चुनाव से बने माहौल को इस साल के आखिर में होने वाले तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव तक बरकरार रखना चाहती है। इन तीनों राज्यों महाराष्ट्र, झारखंड व हरियाणा में भाजपा की अपनी सरकारें हैं।
भाजपा में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत की परंपरा के चलते अमित शाह गृहमंत्री बनने के बाद ज्यादा समय तक पार्टी अध्यक्ष नहीं रहेंगे। वैसे भी वह अपना पहला कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। पार्टी ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनका कार्यकाल लोकसभा चुनावों तक बढ़ाया था।
सूत्रों के अनुसार अब भाजपा चाहती हैं कि तीन राज्यों के चुनाव तक भी शाह पार्टी की कमान संभाले रहें, ताकि लोकसभा चुनाव में मिली जीत की लय इन राज्यों के चुनावों तक बरकरार रह सके। तब तक संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।
भाजपा में पहले भी कई अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव व अन्य कारणों से काफी दिनों तक अध्यक्ष बने रहे थे। हालांकि राजनाथ सिंह ने 2014 में गृहमंत्री बनने के बाद अध्यक्ष पद छोड़ दिया था, जिसके बाद अमित शाह को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। शाह ने पहले राजनाथ सिंह के बचे कार्यकाल को पूरा किया और उसके बाद अपना पहला अध्यक्षीय कार्यकाल शुरू किया था।
भाजपा में किसी व्यक्ति को लगातार दो कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुना जा सकता है। उसे देखते हुए शाह के पास एक कार्यकाल बाकी है। हालांकि शाह गृहमंत्री रहेंगे और दूसरा कार्यकाल नहीं लेंगे।
New Delhi। पश्चिम बंगाल से शुरू हुआ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और डॉक्टरों के बीच हुए विवाद की आंच राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। यहां के अधिकांश निजी और सरकारी डॉक्टरों ने आज पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन कर रहे अपने साथियों के समर्थन में आज हड़ताल का ऐलान किया है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के भी रेजीडेंट डॉक्टर आज हड़ताल पर रहेंगे। पश्चिम बंगाल में आज करीब 10 हजार डॉक्टर हड़ताल पर हैं। महाराष्ट्र के भी रेजीडेंट डॉक्टर शाम 5 बजे तक सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। इसके अलावा देश के अधिकांश हिस्सों में डॉक्टर आज हड़ताल कर रहे हैं।
डॉक्टरों की हड़ताल की गूंज दिल्ली तक पहुंच गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बृहस्पतिवार को मरीजों और उनके तीमारदारों से संयम बरतने का अनुरोध किया और घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि कि वह सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के समक्ष डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा उठाऐंगे।
राष्ट्रीय राजधानी में कई निजी एवं सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने शुक्रवार को काम का बहिष्कार करने का फैसला किया है जिससे सेवाओं के प्रभावित होने का अंदेशा है। राष्ट्रीय राजधानी स्थित एम्स के रेजीडेंट डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए अपने सिर पर पट्टियां बांधकर काम किया।
पश्चिम बंगाल में हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश को नहीं माना और कहा कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर बरसते हुए विपक्षी भाजपा और माकपा पर उन्हें भड़काने तथा मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया।
डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से कई सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों अस्पतालों में तीसरे दिन भी आपातकालीन वार्ड, ओपीडी सेवाएं, पैथोलॉजिकल इकाइयां बंद रही। वहीं निजी अस्पतालों में भी चिकित्सकीय सेवाएं बंद रहीं। डॉक्टर कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भीड़ द्वारा अपने दो सहकर्मियों पर हमले के मद्देनजर प्रदर्शन कर रहे हैं।
भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने घटना के खिलाफ तथा हड़ताली डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए शुक्रवार को ‘अखिल भारतीय विरोध दिवस’ घोषित किया है। इस बीच एनआरएस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधानाचार्य साइबल मुखर्जी तथा चिकित्सा अधीक्षक एवं उप प्रधानाचार्य प्रो सौरभ चटोपाध्याय ने संस्थान के संकट से निपटने में विफल रहने की वजह से इस्तीफा दे दिया है।
आज का राशिफल: 14 जून 2019, आज इन राशियों पर बरसेगी धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा
आज का राशिफल
मेष
आपके फ़ैसले में माता-पिता की मदद अहम साबित होगी। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। कुछ कामों में फालतू पैसा भी खर्च हो सकता है।
वृष
भले ही आप उत्साह से लबरेज़ हों, फिर भी आज आप किसी ऐसे की कमी महसूस करेंगे जो आज आपके साथ नहीं है। आज के दिन संबंधी आपके उदार स्वभाव का ग़लत फ़ायदा उठाने की कोशिश करेंगे। चौकन्ने रहें, नहीं तो बाद में आप ठगा हुआ महसूस करेंगे।
मिथुन
बेकार की बात पर बहस करके अपकी ऊर्जा ज़ाया न करें। याद रखें कि वाद-विवाद से कुछ भी हासिल नहीं होता, लेकिन खोता ज़रूर है। अपने जीवनसाथी के साथ प्यार-मुहब्बत के लिए काफ़ी वक़्त मिलेगा, लेकिन सेहत गड़बड़ हो सकती है।
कर्क
काम का दबाव बढ़ने के साथ ही आप मानसिक उथल-पुथल और दिक़्क़त महसूस करेंगे। भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें। आपके माता-पिता की सेहत चिंता और घबराहट का कारण बन सकती है।
सिंह
शारीरिक बीमारी के सही होनी की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें।
कन्या
आपकी सेहत ठीक रहेगी, लेकिन यात्रा आपके लिए थकाऊ और तनावपूर्ण साबित हो सकती है। दीर्घावधि मुनाफ़े के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा।
तुला
सेहत को लेकर ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत है। आपको कई स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। आप माता-पिता को ख़ुश करने में कठिनाई महसूस करेंगे। उन्हें समझने और उनके नज़रिए से चीज़ों को देखने की कोशिश करें, आपको सकारात्मक परिणाम मिलेगा।
वृश्चिक
यह शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक है। आपको प्रेम की गहराई का अनुभव करेंगे। काम टालने से कभी किसी का भला नहीं होता। पूरे हफ़्ते बहुत-सा काम इकट्ठा हो गया है, इसलिए अब बिना देरी शुरू हो जाएँ।
धनु
आज आपको महत्वपूर्ण मामलों पर ध्यान लगाने की ज़रूरत है। आज आप अपने जीवनसाथी से काफ़ी आत्मीय बातचीत कर सकते हैं। अकेलेपन का एहसास बहुत अखरता है और यह आज आपको जकड़ने की कोशिश कर सकता है। इसे ख़ुद पर क़ाबू न करने दें, बाहर जाकर कुछ दोस्तों के साथ समय बिताएँ |
मकर
आज हर कोई आपसे दोस्ती करना चाहता है और आप उनकी ये इच्छा पूरी करने में ख़ुशी महसूस करेंगे। जो भी बोलें, सोच-समझकर बोलें। क्योंकि कड़वे शब्द शांति को नष्ट करके आपके और आपके प्रिय के बीच दरार पैदा कर सकते हैं।
कुंभ
आपके ख़र्चे बजट को बिगाड़ सकते हैं और इसलिए कई योजनाएँ बीच में अटक सकती हैं। दिन के दूसरे हिस्से में आप आराम करना और अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करेंगे।
मीन
निवेश करते समय जल्दबाज़ी में निर्णय न लें। आपसी संवाद और सहयोग आपके और आपके जीवनसाथी के बीच रिश्ते को मज़बूत बनाएगा। आज के दिन किसी के साथ छेड़खानी करने से बचें। दूसरों को राज़ी करने की आपकी प्रतिभा आपको काफ़ी फ़ायदा पहुँचाएगी।
लखनऊ. वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार हिंदुस्तान समाचार बहुभाषी एजेंसी के निदेशक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद राजनाथ सिंह “सूर्य” के निधन पर गुरुवार को यूपी प्रेस क्लब में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में रेलवे मेन्स यूनियन के महामंत्री कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा की पत्नी एवं पौत्री के आकस्मिक निधन पर भी उत्तर प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने गहरी शोकसंवेदना व्यक्त की है।
पूर्व राज्यसभा सांसद राजनाथ सिंह “सूर्य” का गुरुवार को राजधानी लखनऊ स्थित उनके आवास पर हृदयगति रुकने से निधन हो गया। इस मौ के पर शोक सभा मे बोलते हुए प्रेस क्लब के अध्यक्ष रविन्द्र सिंह ने राजनाथ जी के निधन पर प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राजनाथ जी के साथ जुड़े अपने पुराने संस्मरणों की याद सांझा की।
रविन्द्र सिंह ने कॉमरेड शिवगोपाल जी की पत्नी और पौत्री के भोपाल में हुई एक दुर्घटना हुए निधन पर भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया। महामंत्री पी के तिवारी ने भी राजनाथ जी और श्री मिश्र की पत्नी और पौत्री के निधन पर शोक प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी ।
वरिष्ठ पत्रकार अनूप श्रीवास्तव ने शोकसभा में वरिष्ठ पत्रकार राजनाथ जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए अपने संस्मरण बताए। उन्होंने राजनाथ जी एवं शिव गोपाल मिश्रा की पत्नी और पौत्री के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
वरिष्ठ पत्रकार मुदित माथुर ने भी तीनो मृत आत्माओं के प्रति अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह ने राजनाथ सिंह जी से अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए उनकी मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अपनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कामरेड शिवगोपाल मिश्र की पत्नी और पौत्री के एक दुर्घटना में हुए निधन पर भी दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया।
IFWJ के उपाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार गोपाल मिश्रा ने भी राजनाथ जी एवं कामरेड श्री मिश्र की पत्नी और पौत्री के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
वरिष्ठ पत्रकार गोपाल मिस्रा ने कहा कि पत्रकार को पार्टी विषेश से हट कर स्वाभिमानी पत्रकारिता करनी चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार हेमेन्द्र तोमर ने कहा कि राजनाथ सूर्य संघ की विचारधारा से ओतप्रोत थे, उन्होने कहा कि वे शेर दिल पत्रकार थे, यह वह सूर्य है जो कभी अस्त नही हो सकता।
महामंत्री के विश्वदेव राव ने कहा कि राजनाथ सिंह सूर्य जैसे व्यक्तिव वाले वरिष्ठ पत्रकारो पर एक स्मृति पुस्तिका तैयार करने का निर्णय लिया। हसीब सिद्दकी ने कहा कि पत्रकारिता मे निषपक्षधर थे राजनाथ सिंह सूर्य। उन्होने कहा कि राजनाथ सिंह सूर्य विचारधारा के कट्टर थे लेकिन दूसरो के विचारो से सहमत भी होते थे, यह गुण आज के युवा पत्रकारो मे नही है। सभा मे मौजूद लोगो ने राजनाथसिंह “सूर्य” व शिव गोपाल मिश्रा की पत्नी के चित्र पर पुष्प चढा कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में अपनी शोक संवेदना प्रकट कर श्रद्धांजलि प्रगट करने वालों में लखनऊ वर्किग जर्नलिस्ट के अध्यक्ष शिवशरण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र सिंह, इफ्तिदा भट्टी, एलजेयू के संयुक्त सचिव अमिताभ नीलम, सुजीत द्विवेदी, शिव विजय सिंह, अजय सिंह, सुभाष विश्कर्मा, विनीता रानी विन्नी, अर्चना गुप्ता, हिमांशु सिंह चौहान, शिकोह आज़ाद, राजकुमार उपाध्याय, अवतंस चित्रांश ,अमरेंद्र सिंह,कुमार पृथ्वी, सतेंद्र सिंह, अखंड शाही ,अंकित वर्मा, प्रिया भट्टाचार्या, सत्यजीत सिंह, मोहम्मद शरीफ, संदीप मिश्र आदि पत्रकार उपस्थित थे।