वर्ल्ड डेस्क। फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने भारतीय नागरिक शेख मोहम्मद मुनीर अंसारी को Star of Jerusalem से सम्मानित किया है। Star of Jerusalem फलस्तीन अधिकारियों द्वारा विदेशी नागरिकों को दिए जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
गुरुवार रात आयोजित समारोह में राष्ट्रपति अब्बास ने फलस्तीन और यरुशलम को दी गई सेवाओं के लिए अंसारी का शुक्रिया अदा किया। फलस्तीन के राष्ट्रपति ने कहा कि यरुशलम के पुराने शहर में अंसारी के परिवार की मौजूदगी भारतीय और फलस्तीनी लोगों के बीच मजबूत पारंपरिक संबंधों को दर्शाती है।
अंसारी यहां इंडियन हास्पिस (भारतीय आश्रम) के निदेशक हैं, जो पिछले 800 साल से भारत की विरासत और यरुशलम के पुराने शहर में उनकी मौजूदगी का प्रतीक है। इंडियन हास्पिस में गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की देखरेख की जाती है।
उनके पिता शेख नजीर हसन अंसारी हास्पिस में नियुक्त किए गए पहले शेख थे। गौरतलब है कि अंसारी को 2011 में भारत में भी प्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान किया गया था, विदेश में रहने वाले भारतीयों को दिए जाने वाला यह भारत का सर्वोच्च सम्मान है।
Washington। अपने पांच बच्चों की हत्या के जुर्म में दोषी ठहराए गए एक अमेरिकी व्यक्ति को बृहस्पतिवार को मौत की सजा सुनाई गई। हालांकि उसकी पत्नी ने यह कहते हुए अपने पति की जान बख्शे जाने की मांग की थी कि बच्चे अपने पिता से बहुत प्यार करते थे।
आरोपी टिमोथी जोन्स (37) के मामले की सुनवाई के दौरान दलील दी थी कि उनका मुवक्किल ‘सीजोफ्रेनिक’ है इसलिए वह इस हालत में नहीं है कि उसके खिलाफ मामला चलाया जा सके। जोन्स को 2014 में अपने पांच बच्चों, जिनकी उम्र एक से आठ साल के बीच थी, की हत्या का दोषी पिछले साल ठहराया गया था।
दोषी की पूर्व पत्नी ने जब दक्षिण कैरोलीना की अदालत में ज्यूरी से अपने पूर्व पति को जिंदा रहने देने की अपील की तो पूरी अदालत स्तब्ध रह गई। खबरों के मुताबिक उसकी पूर्व पत्नी अंबर केजर ने कहा,‘‘उसने मेरे बच्चों पर किसी तरह की कोई दया नहीं दिखाई लेकिन बच्चे उसे प्यार करते थे और अगर मैं अपनी ओर से नहीं, बच्चों की तरफ से बोलूं तो मुझे बस यही कहना है।
केजर ने कहा कि उसने बच्चों का संरक्षण जोन्स को इसलिए दिया था क्योंकि एक कंप्यूटर इंजीनियर के तौर पर वह उससे ज्यादा कमाता था। ज्यूरी को अपना फैसला सुनाने में दो घंटे से भी कम वक्त लगा।
गौरतलब है कि जोन्स ने अदालत में कहा था कि उसे शक था कि उसका छह साल का बच्चा अपनी मां के साथ मिल कर उसके खिलाफ साजिश रच रहा है इसलिए उसने बच्चे से तब तक कसरत कराई जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इसके बाद उसने चार अन्य बच्चों की गला घोट कर हत्या कर दी और मासूम बच्चों के शवों को अल्बामा में पहाड़ी के निकट फेंकने से पहले नौ दिन तक कार में लिए घूमता रहा जोन्स की कार से क्षत-विक्षत शवों की दुर्गंध आने से उसे एक यातायात चौकी पर गिरफ्तार किया गया था।
गोरखपुर. IIT सहित देश की नामचीन इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित JEE Advanced परीक्षा में दिल्ली जोन के गोरखपुर के हिमांशु गौरव सिंह ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। IIT रुड़की ने ज्वॉइंट इंट्रेंस टेस्ट (JEE) एडवांस परीक्षा का आज परिणाम घोषित किया। महाराष्ट्र के कार्तिकेय गुप्ता ने परीक्षा में टॉप किया। दिल्ली जोन के ही अर्चित बुबना ने तीसरा स्थान हासिल किया है। इस रिजल्ट JEE एडवांस्ड की ऑफिशल वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
गोरखपुर के हिमांशु गौरव सिंह को JEE एडवांस में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। हिमांशु ने JEE मेन के जनवरी व अप्रैल सत्र में उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया था। हिमांशु गौरव के पिता लवकुश सिंह राजकीय पालीटेक्निक कौशांबी में इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष हैं। हिमांशु मूलरूप से चित्रकूट के रहने वाले हैं, लेकिन हिमांशु की पूरी पढ़ाई गोरखपुर से हुई है।
हिमांशु गौरव सिंह मूलत: बांदा जिले के रहने वाले है। वह इसी साल गोरखपुर के एकेडमिक हाइट्स स्कूल से 12वीं उत्तीर्ण किया है। हिमांशु केमिस्ट्री और एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड के टॉपर हैं। फिजिक्स ओलंपियाड में आठवां स्थान प्राप्त कर चुके हैं। वह रीजनल मैथ ओलंपियाड भी टॉप कर चुके हैं। दसवीं में भी मेधावी हिमांशु ने 10 सीजीपीए हासिल किया था। हिमांशु गौरव के पिता लवकुश सिंह गवर्नमेंट पॉलिटैक्निक कौशांबी में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष हैं, जबकि मां रुपा सिंह गृहणी हैं। हिमांशु का इरादा IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक करना है। इसके बाद उसकी रिसर्च करना चाहते हैं।
JEE एडवांस में गोरखपुर के लिए इतिहास रचने वाले हिमांशु की इस सफलता की उम्मीद JEE मेन परिणाम आने के बाद से ही सभी को थी। एकेडमिक हाइट्स स्कूल के चेयरमैन संजीव कुमार ने छात्र की उपलब्धि पर उसे बधाई देते हुए कहा है कि JEE में हिमांशु की सफलता गोरखपुर के लिए रिकॉर्ड है। हिमांशु की सफलता से गदगद पिता लवकुश कहते हैं कि बेटे से माता-पिता की पहचान हो, यह कौन नहीं चाहता। पहले ही प्रयास में हिमांशु ने सफलता का परचम लहराया है।
JEE Advanced result 2019: ऐसे देखें परिणाम
स्टेप 1- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeeadv.ac.in पर जाएं।
लखनऊ. इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने फिल्म अभिनेत्री तथा पूर्व सांसद जया प्रदा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें रामपुर लोकसभा से आजम खां के चुनाव को चुनौती दी गई थी। याचिका जया प्रदा ने दायर की थी और तर्क उनके वकील अमर सिंह ने दिया था।
याचिका पर न्यायमूर्ति राजन रॉय और एन के जौहरी ने सुनवाई की। कोर्ट ने जया प्रदा की याचिका को न्यायिक क्षेत्राधिकार के आधार पर खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि रामपुर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में है। इस कारण याचिका की लखनऊ खंडपीठ में सुनवाई नहीं हो सकती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिट याचिका खुद कायम नहीं है और ऐसी परिस्थितियों में केवल चुनाव याचिका ही स्थानांतरित की जा सकती है।
इससे पहले आज दिन में लोकसभा चुनाव 2019 में रामपुर से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी रहीं फिल्म अभिनेत्री तथा पूर्व सांसद जयाप्रदा ने आजम खां के चुनाव को चुनौती दी । भाजपा नेता जया प्रदा ने अपनी याचिका में कहा है कि आजम खां रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय के चांसलर हैं। वह रामपुर से सांसद भी चुने गए हैं। ऐसे में वह लाभ के दो पद पर हैं। लिहाजा आजम खां का निर्वाचन रद करते हुए उन्हें यहां का सांसद घोषित किया जाए।
लाभ के दो पद पर होने का आरोप
वकील अशोक पांडेय के माध्यम से दाखिल याचिका में जया प्रदा ने कोर्ट से गुजारिश की, आजम खां से यह पूछा जाए कि मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी के कुलपति होने के नाते वह जब लाभ के दूसरे पद के लिए अयोग्य हैं, तब किस कानूनी अधिकार से संसद सदस्य का पदभार संभाले हुए हैं। इसके साथ ही याचिका में दलील दी गई है कि यह तय नियम है कि लाभ के दो पदों पर एक ही व्यक्ति नहीं रह सकता। लिहाजा आजम खां का निर्वाचन रद कर याचिकाकर्ता को रामपुर लोकसभा सीट का सांसद घोषित किया जाए।
अमर सिंह हैं जया प्रदा के वकील
जया प्रदा की इस याचिका के लिए राज्यसभा सांसद अमर सिंह भी वकील हैं। वकील अशोक पांडेय ने बताया कि अमर सिंह ने याचिका पर दस्तखत करने के साथ ही वकालतनामा भी दाखिल किया है। अमर सिंह ने वर्ष 1984 में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया था और वो पहली बार बतौर वकील कोर्ट में पेश होंगे।
बिजनेस डेस्क. केंद्र ने कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के तहत किए जाने वाले योगदान को वेतन के 6.5% से घटाकर 4% करने का निर्णय किया है। इसमें नियोक्ता का योगदान 4.75% से 3.25% और कर्मचारियों का योगदान 1.75% से घटकर 0.75% रह जाएगा। यह बदलाव एक जुलाई से लागू होगा।
केंद्र के इस फैसले से करीब 3.6 करोड़ कर्मियों एवं 12.85 लाख नियोक्ताओं को राहत मिलेगी। ईएसआई के तहत आने वाले निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन से कम कटौती होगी। यदि दस हजार रुपये पाने वाले कर्मचारी की मासिक कटौती पहले 175 रुपये हो रही थी तो अब यह सिर्फ 75 रुपये ही प्रतिमाह होगी। इसी प्रकार नियोक्ता को भी अपनी हिस्सेदारी कम देनी होगी।
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केंद्रीय श्रम मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि कर्मचारी एवं नियोक्ता की ओर से किए जाने वाले योगदान की वर्तमान दरें एक जनवरी 1997 को तय की गई थीं। इसके बाद से ही इसमें कोई बदलाव नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि 2017 में ईएसआई का दायरा 15 हजार महीना वेतन पाने वालों से बढ़ाकर 21 हजार रुपये महीना कमाने वालों तक कर दिया गया था।
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को बिश्केक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान मोदी ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक पाक आतंक मुक्त माहौल नहीं बनाता तब तक उससे बात नहीं होगी। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यह द्विपक्षीय वार्ता की।
गौरतलब है कि एक महीने पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया। इससे पहले पाकिस्तान का करीबी मित्र चीन कई बार इस प्रस्ताव पर वीटो कर चुका था, लेकिन अंतत: बीजिंग ने अजहर के आतंकवादी घोषित करने पर लगे तकनीकी प्रतिबंध को वापस ले लिया।
बैठक के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में पाकिस्तान पर संक्षिप्त चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संबंध में भारत का रुख समान है और वह पड़ोसी देश के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है। गोखले ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी से कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार के लिए कदम उठाए थे, लेकिन उन सभी पर पानी फेर दिया गया।
विदेश सचिव के अनुसार, मोदी ने राष्ट्रपति शी से कहा, ”पाकिस्तान को आतंकवाद मुक्त वातावरण तैयार करने की जरूरत है, लेकिन फिलहाल हमें ऐसा कुछ होता नजर नहीं आ रहा है। हम पाकिस्तान से आशा करते हैं कि बातचीत बहाल करने के लिए वह ठोस कदम उठाएगा।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ आज की मुलाकात के बाद राष्ट्रपति शी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने वाले हैं। खान भी एससीओ की बैठक के लिए बिश्केक में मौजूद हैं। मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद खान कश्मीर सहित अन्य मुद्दों पर बातचीत बहाल करने के लिए दो बार उन्हें चिट्ठी लिख चुके हैं। इसपर प्रधानमंत्री मोदी ने खान से कहा कि क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए विश्वास बहाली और आतंकवाद तथा हिंसा मुक्त वातावरण तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर अब कुछ महीनों तक सरकार व संगठन की दोनों जिम्मेदारियों का भार रहेगा। पार्टी लोकसभा चुनाव से बने माहौल को इस साल के आखिर में होने वाले तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव तक बरकरार रखना चाहती है। इन तीनों राज्यों महाराष्ट्र, झारखंड व हरियाणा में भाजपा की अपनी सरकारें हैं।
amit shah
भाजपा में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत की परंपरा के चलते अमित शाह गृहमंत्री बनने के बाद ज्यादा समय तक पार्टी अध्यक्ष नहीं रहेंगे। वैसे भी वह अपना पहला कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। पार्टी ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए उनका कार्यकाल लोकसभा चुनावों तक बढ़ाया था। सूत्रों के अनुसार अब भाजपा चाहती हैं कि तीन राज्यों के चुनाव तक भी शाह पार्टी की कमान संभाले रहें, ताकि लोकसभा चुनाव में मिली जीत की लय इन राज्यों के चुनावों तक बरकरार रह सके। तब तक संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।
भाजपा में पहले भी कई अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव व अन्य कारणों से काफी दिनों तक अध्यक्ष बने रहे थे। हालांकि राजनाथ सिंह ने 2014 में गृहमंत्री बनने के बाद अध्यक्ष पद छोड़ दिया था, जिसके बाद अमित शाह को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। शाह ने पहले राजनाथ सिंह के बचे कार्यकाल को पूरा किया और उसके बाद अपना पहला अध्यक्षीय कार्यकाल शुरू किया था।
भाजपा में किसी व्यक्ति को लगातार दो कार्यकाल के लिए अध्यक्ष चुना जा सकता है। उसे देखते हुए शाह के पास एक कार्यकाल बाकी है। हालांकि शाह गृहमंत्री रहेंगे और दूसरा कार्यकाल नहीं लेंगे।
हेल्थ डेस्क। करेले खाने से होने वाले फायदों के बारे में तो आप जानते होंगे, लेकिन अगर करेले का अन्य तरीकों से इस्तेमाल करें तो यह कई और रोग भी मिटा सकता है। घुटने के दर्द में कच्चे करेले को आग में भूनकर मसलकर, भरता बनाकर रुई में लपेट कर घुटने में बांधने से फायदा होता है। साथ ही अगर आपके घुटने में सूजन या दर्द भी रहता है तो यह तरीका लाभदायक होता है।
कुछ इस तरह से करें सेवन
आपको बता दें मुंह के छालों के लिए करेला बहुत ही अचूक प्रयोग है। इसके लिए करेले की पत्तियों का रस निकालकर उसमें थोड़ मुलतानी मिट्टी मिलाकर पेस्ट बना लें और मुंह के छालों पर लगाएं। वहीं अगर मुलतानी मिट्टी ना मिले तो करेले के रस में रूई को डुबोकर छाले वाली जगह पर लगाएं और लाह को बाहर आने दें। इससे मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे। अगर आपको पत्तिया नहीं मिल रही है तो करेले के छिलके का रस निकालकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
इसी के साथ करेले की जल को घिसकर फोड़े पर लगाएं, एक दो बार ऐसा करने से आपका फोड़ा पक जाएगा और पस भी निकल जाएगी। वहीं ऐसा करने से फोड़ा जल्द और बिना किसी परेशानी के ठीक हो जाता है। साथ ही अगर आपके पास करेले की जड़ नहीं है तो करले के पत्तो को पीसकर थोड़ा गर्म करके पट्टी बांध लें। इससे फोड़ा पक जाएगा और पस भी निकल जाएगी, दर्द से तुरंत राहत मिलेगा।
हेल्थ डेस्क। हम आपको बता दें नारियल का पानी आपकी सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है। आपने सिर्फ ये ही सुना होगा कि नारियल के पानी से एनर्जी मिलती है, लेकिन आपको बता दें कि नारियल पानी से इसके अलावा कई अन्य फायदे होते हैं।
इस तरह से होता है फायदा
आपको बता दें नारियल पानी डीहाइड्रेशन के लिए एक दवा का काम करता है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स शरीर में जाकर डीहाइड्रेशन की स्थिति को ठीक कर देते हैं। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने की स्थिति में भी नारियल पानी शरीर को आवश्यक पोषण देता है, जिससे कि इस बीमारी में होने वाले डीहाइड्रेशन से बचाव होता है।
पथरी का करता है इलाज
इसी के साथ नारियल पानी में काफी मात्रा में मैग्नीशियम और पोटाशियम होता है। इस वजह से ये एक शक्तिशाली मूत्रवर्धक एजेंट होता है, जो कि उन लोगों के लिए अच्छा है जिनकी किडनी में पथरी होती है। सबसे अच्छी बात तो ये है कि किडनी की पथरी के मरीज़ों के लिए ये एक सस्ते उपचार का काम करता है। बता दें कि लगातार पानी पीने से धीरे-धीरे किडनी की पथरी बाहर निकलने लगती है।