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Friday, September 4, 2026
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पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर छात्रा के अपहरण का मुकदमा दर्ज, VIDEO हुआ था वायरल

लखनऊ। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री व मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद पर उन्हीं के कॉलेज की छात्रा के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। बीते दिनों छात्रा ने एक वीडियो वायरल कर शारीरिक शोषण व दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। उसके बाद से वह लापता है।

मंगलवार देर शाम एसपी डॉ। एस चिनप्पा ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि 22 अगस्त को स्वामी चिन्मयानंद के वाट्सएप नंबर पर मैसेज आया, जिसमें उनसे 5 करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। उस प्रकरण में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। 24 अगस्त को एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक छात्रा स्वामी पर आरोप लगा रही।

रविवार को छात्रा के परिजनों ने चौक कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद ने उनकी बेटी को अगवा करा दिया है। तहरीर के आधार पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

जरूरत पड़ी तो करेंगे पूछताछ

एसपी ने कहा कि जरूरत पड़ी तो स्वामी से पूछताछ भी की जाएगी। पहले रंगदारी मांगे जाने की तहरीर आयी थी, जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई। उसके बाद छात्रा के परिजनों की तहरीर आयी तो उसी दिन से उसे तलाशने के लिए तीन टीमें लगा दीं। अब मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

छात्रा के पिता को सुरक्षा दी

एसपी ने बताया कि छात्रा को सुरक्षित बरामद करने का प्रयास हो रहा है। छात्रा के पिता को सुरक्षा दे दी गई है। रिपोर्ट दर्ज करने में किसी तरह की लापरवाही या देरी नहीं की गई है। रंगदारी मांगने के मामले में भी जांच चल रही है। इस प्रकरण में एक को हिरासत में लिया गया है। उस युवक का कहना है कि उसके नाम से जारी फोन नंबर से दोस्त ने वाट््सएप मैसेज भेजकर रंगदारी मांगी थी।

24 अगस्त को वायरल हुआ था वीडियो

24 अगस्त की शाम एसएस लॉ कालेज की एलएलएम की छात्रा ने वीडियो वायरल किया, जिसमें उसने स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाये थे। इसके बाद से छात्रा लापता है। इस मामले में छात्रा के परिवारीजन ने चौक कोतवाली में रविवार को तहरीर दी थी, जिसमें स्वामी चिन्मयानंद व अन्य लोगों पर वीडियो के आधार पर दुष्कर्म, शारीरिक शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाये थे। उन लोगों ने स्वामी चिन्मयानंद पर बेटी को गायब करने की आशंका जतायी थी।

इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। इस बीच स्वामी चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह की तहरीर पर एक मोबाइल नंबर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया था। तहरीर में कहा गया था कि रुपये न देने पर स्वामी को वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई है।

शिष्या ने दर्ज कराया था दुष्कर्म का मुकदमा

पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद आठ साल बाद फिर विवादों में फंस गए हैं। पहले उनकी शिष्या ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। इस बार उनके कॉलेज की छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए। वह लापता हुई, जिसके बाद स्वामी चिन्मयानंद पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है।

जून 2011 में उनकी उनकी शिष्या ने दुष्कर्म व शोषण का आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। वह मामला विचाराधीन है। स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे मिला हुआ है। तब यह मामला खूब चर्चा में रहा था। अब आठ साल बाद उनके ही कॉलेज की छात्रा ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर गंभीर आरोप लगाए। जिसके बाद एक बार फिर स्वामी की मुश्किलें बढ़ गई है।

अब पेड़ चोरी के आरोप में फंसे आजम खां, वन विभाग ने जारी किया नोटिस

रामपुर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं रामपुर से सांसद आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले भू-माफिया, फिर किताब चोरी और अब पेड़ चोरी के आरोप में भी फंस गए हैं।

आजम खां पर जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में कोसी नदी क्षेत्र की जमीन पर लगे कत्थे के 2173 पेड़ काटने का आरोप है। वन विभाग ने भी उन्हें नोटिस जारी कर दिया है।

जौहर यूनिवर्सिटी में कोसी तट की पांच हेक्टेयर जमीन है। यह जमीन लीज पर ली गई है। आरोप है कि इस जमीन में कत्थे के 2173 पेड़ लगे थे, जो बिना अनुमति के चोरी से काट लिए गए।

यह मामला एनजीटी तक पहुंचा। एनजीटी के आदेश पर टीम ने यहां आकर जांच की तो पाया कि पेड़ गायब हैं। इस पर वन विभाग ने यूनिवर्सिटी के कुलपति को नोटिस जारी कर दिया है।

चोरी से काटे गए पेड़

जिला वन अधिकारी एके कश्यप का कहना है कि 2173 पेड़ लगाए गए थे। इसकी पुष्टि लीज पर देने संबंधी आदेश से भी होती है। इन पेड़ों के कटान के संबंध में वन विभाग में कोई रिकार्ड नहीं है। अगर अनुमति नहीं ली गई है तो पेड़ चोरी से काटे गए हैं। यूनिवर्सिटी के कुलपति को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि अगर पेड़ों की लकड़ी बेची गई तो उसका रवन्ना है या नहीं।

आजम खां पर पिछले दो माह से तमाम आरोप लग रहे हैं। अब तक 50 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जबकि 10 मुकदमे उनके खिलाफ पहले से ही दर्ज हैं। इनमें 30 मुकदमे तो जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने के ही दर्ज कराए हैं।

मायावती बनी रहेंगी बसपा सुप्रीमो, यूपी उपचुनाव को लेकर बनाई रणनीति

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी समिति की बुधवार को आयोजित बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को एक बार फिर से बसपा का सुप्रीमो चुन लिया गया है। लखनऊ स्थित बसपा कार्यालय में राष्ट्रीय स्तर की बैठक के दौरान देश भर से आये प्रतिनिधियों ने मायावती को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना।

इस दौरान बैठक में यह भी तय किय गया कि बसपा उत्तर प्रदेश की सभी 13 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव लड़ेगी। उपचुनाव के प्रत्याशियों के नामों पर मुहर भी लगी। इसके साथ ही तय किया गया कि पार्टी दिल्‍ली, हरियाणा, महाराष्‍ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव लडेगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मायावती ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग में जन्में महापुरुषों के मानवतावादी मिशन को बीएसपी के मूवमेंट के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए वह हर कुर्बानी देने को तैयार रहती हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इनकी सरकारों में बहुजन समाज की इतनी उपेक्षा हुई है, जिसे भुला पाना मुश्किल है। कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को न तो संसद में चुनकर जाने दिया और न ही भारत रत्न से सम्मानित किया।

यूपी उपचुनाव के लिए घोषित किए गए प्रत्याशी

बैठक में मायावती ने सभी 13 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। यह पहला अवसर है जब बसपा उपचुनाव लड़ने जा रही है। बसपा ने उत्तर प्रदेश के 13 में से 12 सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। हमीरपुर सीट से नौशाद अली, रामपुर की रामपुर सदर सीट से जुबैर मसूद खान, अलीगढ़ की इगलास सीट से अभय कुमार, बहराइच की बलहा सीट से रमेश चंद्र, फीरोजाबाद की टूंडला सीट से सुनील कुमार चित्तौड़ लखनऊ कैंट से अरुण द्विवेदी, कानपुर के गोविंद नगर देवी प्रसाद तिवारी, चित्रकूट के मानिकपुर सीट से राजनारायण निराला, प्रतापगढ़ सदर से रंजीत सिंह पटेल, बाराबंकी की जैदपुर सीट से अखिलेश कुमार अंबेडकर। अंबेडकर नगर की जलालपुर सीट से राकेश पांडेय और मऊ की घोसी सीट से कय्यूम अंसारी मैदान में हैं।सहारनपुर की गंगोह सीट से अभी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। इन सीटों के लिए इनको प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि बसपा में सीटों के प्रभारी ही प्रत्याशी होते हैं।

मजबूती से चुनाव लड़ने की अपील

मायावती ने कहा कि बीएसपी सरकार के बेहतरीन कार्य के ऐसे उदाहरण हैं, जिसके बल पर पार्टी अन्य राज्यों में भी वोट मांग सकती है। उन्होंने कहा कि हाल में दिल्‍ली, हरियाणा, महाराष्‍ट्र और झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में मजबूती पार्टी लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी को इन चुनावों में बैलेंस आफ पावर बन कर आगे बढ़ना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में होने वाले उप चुनाव में भी अच्छा परिणाम लाना है।

बुलंदशहर हिंसा के आरोपियों का फूल-मालाओं के स्वागत पर केशव मोर्या बोले- राई का पहाड़ बना रहा विपक्ष

लखनऊ. बुलंदशहर हिंसा के आरोपियों का फूल-मालाओं से स्वागत को लेकर प्रदेश पर जारी सियासत पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने विपक्ष को नसीहत दी है। उप मुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा है कि ‘राई का पहाड़’ बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी आरोपी के समर्थक जेल से उसके बाहर आने पर स्वागत करते हैं तो इससे सरकार और बीजेपी का कुछ भी लेना देना नहीं है। विपक्ष इस बात को बेवजह तूल न दे।

गौरतलब है कि यूपी के बुलंदशहर के स्याना में हुई हिंसा के आरोपी जीतू फौज़ी समेत सात आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आ गए हैं। जेल से बाहर आने पर लोगों ने उनका फूल माला पहनाकर स्वागत किया। राजद्रोह, हत्या और बलवा के आरोपियों के स्वागत की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब शेयर हुई।

3 दिसंबर 2018 को भड़की हिंसा के मामले में रविवार को सात आरोपी जेल से बाहर आ गए। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू फौजी समेत सात आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे।

पिछले साल दिसंबर में हुई थी हिंसा

बता दें 03 दिसंबर 2018 को स्याना के चिगरावठी में गोकशी के बाद हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा के दौरान सुबोध कुमार की हत्या और सुमित कुमार नाम के एक युवक की मौत हो गई थी। जेल में बंद सातों आरोपियों को हाल ही में हाइकोर्ट से जमानत मिली है। इस मामले में एसआई सुभाष चंद्र ने 27 नामजद और 50- 60 अज्ञात के खिलाफ स्याना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ​

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अब पार्टी की दिल्ली ईकाई को किया भंग !

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को तत्काल प्रभाव से पार्टी की दिल्ली इकाई को भी भंग कर दिया। यह जानकारी समाजवादी पार्टी की ओर से राम गोपाल यादव ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

इससे पहले अखिलेश यादव ने शुक्रवार को यूपी में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को छोड़कर समाजवादी पार्टी की सभी जिला/महानगर कार्यकारिणी इसके अध्यक्षों सहित भंग कर दिया है। समस्त विधानसभा क्षेत्रों की कमेटियां, विधानसभा अध्यक्षों सहित तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है।

लोकसभा चुनाव में केवल पांच सीटों तक ही सिमट गई समाजवादी पार्टी ने चुनाव के बाद यह बड़ा कदम उठाया था। समाजवादी पार्टी के चारों युवा संगठनों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी भी इसके राष्ट्रीय अध्यक्षों सहित भंग कर दी गई। इसके अतिरिक्त समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी युवा संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों सहित उनकी कार्यकारिणी भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दी।

बसपा के कद्दावर नेता घूरा राम यादव सपा में शामिल !

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। बलिया के कद्दावर बसपा नेता घूरा राम यादव ने आज समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। घूरा राम यादव आज अपने सैकड़ों समर्थकों के संग सपा मुखिया अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा में शामिल हो गए हैं।

घूरा राम बसपा सरकार में स्वास्थ्य राज्यमंत्री थे। इसके अलावा फूलन सेना के अध्यक्ष गोपाल निषाद समेत कई नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ किसान आत्महत्या कर रहा है, दूसरी ओर भ्रष्टाचार बढ़ रहा है।

अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इन्वेस्टर समिट और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट का प्रचार जोरशोर से हुआ, कई उद्योगपति भी बुलाये गए पर जमीन पर कुछ नहीं हुआ। राजनीतिक विश्लेषक और अर्थशास्त्री सच बता रहे। सबसे ज्यादा बेरोजगारी आज देश में हैं। इसी का कारण है कि बांग्लादेश का पैसा आज भारत के पैसे से आगे निकल गया है। सरकार ईडी और सीबीआई की मदद से लोगों को डरा रही है। जातियों के खिलाफ एक दूसरे को भड़काकर लोकतंत्र का हनन किया जा रहा है।

आपको बता दें, घूरा राम यादव के राजनीतिक करियर की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से हुई है। वह बसपा सरकार में राज्यमंत्री रहे हैं। वह आज सैकड़ों समर्थकों संग सपा में शामिल हो गए हैं। ये बलिया से आते हैं।

आजम खां के विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम आज होंगे हाईकोर्ट में पेश, ये है मामला

प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता एवं रामपुर से सांसद आजम खां के विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खां के खिलाफ दायर चुनाव याचिका पर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। अब्दुल्ला आजम खां अपना बयान दर्ज करवाने के लिए आज इलाहाबद हाईकोर्ट में हाजिर होंगे।

गौरतलब है कि 31 जुलाई को इस मामले में सुनवाई हुई थी जिसके बाद हाईकोर्ट ने उन्हें 26 अगस्त को कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराने को कहा। इससे पहले इस मामले में आजम खां की पत्नी ताजीन फातिमा, लखनऊ के क्वीन मैरी हॉस्पिटल में कां करने वाली डॉक्टर उमा सिंह और सेंट पॉल स्कूल (रामपुर) के पूर्व प्रधानाचार्य, डायरेक्टर व अन्य लोगों के बायन दर्ज किए जा चुके हैं।

स्वार से विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ रामपुर के नवाब काजिम अली ने चुनाव याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि आजम खां ने गलत जन्मतिथि दर्ज करवा कर चुनाव लड़ा है। इस आधार पर उनका निर्वाचन रद्द किया जाए। इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस एसपी केशरवानी की एकलपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।

ये है पूरा मामला

दरअसल आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां की दो जन्म तिथि आए हैं। पहले में उनका जन्म लखनऊ का तो वहीं दूसरे में रामपुर दिखाया गया है। अब्दुल्ला आजम का जन्म प्रमाण पत्क रामपुर नगर पालिका परिषद ने 28 जून 2012 को जारी किया था। उस समय उनकी जन्मतिथि का साल 1993 दिखाया गया था। इसके बाद दूसरे में उनका जन्म लखनऊ का क्वीन मैरी हॉस्पिटल दिखाया गया। जहां उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दिखाई गई।

बिना अनुमति कांग्रेस नेताओं को कश्मीर जाने पर मायावती ने दी नसीहत

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बिना अनुमति के जम्मू-कश्मीर जाने पर कांग्रेस नेताओं को बड़ी नसीहत दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर लिखा कि बिना अनुमति के कांग्रेस और अन्य पार्टियों के नेताओं कश्मीर जाने से पहले विचार कर लेना चाहिए था, जबकि वहां अभी हालात सामान्य नहीं हैं।

 

बसपा सुप्रीमो मायावती ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर मोदी सरकार का समर्थन कर एक बार फिर से सबको चौंका दिया है। बसपा सुप्रीमो ने सवाल उठाया कि कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं का कश्मीर जाना क्या केंद्र व वहां के गवर्नर को राजनीति करने का मौका देने जैसा कदम नहीं है?

बसपा प्रमुख मायावती ने आज सुबह लगातार तीन ट्वीट किए उन्होंने अपने पहले ट्वीट में लिखा कि ‘जैसाकि विदित है कि बाबा साहेब डॉ। भीमराव अम्बेडकर हमेशा ही देश की समानता, एकता व अखंडता के पक्षधर रहे हैं, इसलिए वे जम्मू-कश्मीर राज्य में अलग से धारा 370 का प्रावधान करने के कतई भी पक्ष में नहीं थे। इसी खास वजह से बीएसपी ने संसद में इस धारा को हटाये जाने का समर्थन किया।

वहीं दूसरे ट्वीट में मायावती ने लिखा कि ‘लेकिन देश में संविधान लागू होने के लगभग 69 वर्षों के उपरान्त इस धारा 370 की समाप्ति के बाद अब वहां पर हालात सामान्य होने में थोड़ा समय अवश्य ही लगेगा। इसका थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर है, जिसको माननीय कोर्ट ने भी माना है।

आगे मायावती लिखती हैं।।।’ऐसे में अभी हाल ही में बिना अनुमति के कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं का कश्मीर जाना क्या केंद्र व वहां के गवर्नर को राजनीति करने का मौका देने जैसा इनका यह कदम नहीं है? वहां पर जाने से पहले इस पर भी थोड़ा विचार कर लिया जाता, तो यह उचित होता।

स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से आपके दिमाग पर डालता है बुरा असर

लाइफस्टाइल डेस्क। अक्सर लोगों को इस विषय पर बात करते देखा या सुना होगा कि स्मार्टफोन पर अधिक समय तक बने रहने या इंटरनेट पर ज्यादा देर तक काम करने से हमारी मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है लेकिन एक नए शोध इस बात पर सवाल खड़े किए हैं।

शोध के मुताबिक, टीनएजर्स यदि फोन पर ज्यादा वक्त बिता रहे हैं तो उनके स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा बुरा असर नहीं होता। नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर माइकेलिन जेन्सन ने कहा है, आम धारणा के विपरीत कि स्मार्टफोन और सोशल मीडिया युवक-युवतियों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है, हम इस विचार के लिए ज्यादा सपोर्ट नहीं देख रहे हैं कि फोन और ऑनलाइन बिताए गए वक्त का संबंध मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़े जोखिम से है।”

क्लिनिकल साइकोलॉजिकल साइंस पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 10 से 15 वर्ष तक के आयु वर्ग के बीच 2,000 से अधिक टीनएजर्स पर परीक्षण किया।

शोधकर्ताओं ने दिन में तीन बार इन किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित लक्षणों के रिपोर्ट को इकट्ठा किया और इसके साथ ही हर रोज वे फोन या ऑनलाइन जितना समय बिताते थे उसके बारे में भी रात को रिपोर्ट तैयार किया जाता था।

इन रिपोर्ट को जब बाद में देखा गया तो शोधकर्ताओं ने पाया कि डिजिटल तकनीक के अत्यधिक उपयोग का संबंध खराब मानसिक स्वास्थ्य से नहीं है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि रिपोर्ट में जिन युवाओं के अधिक टेक्सट मैसेज भेजने की सूचना मिली वे उन युवाओं की तुलना में अच्छा महसूस कर रहे थे जिन्होंने कम मैसेज भेजा। तकनीक के अत्यधिक उपयोग के खिलाफ सलाह देते हुए विशेषज्ञों ने इसका उपयोग जिम्मेदारी के साथ करने पर जोर दिया।

मनोवैज्ञानिक और नोएडा में फोर्टिस मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के निदेशक समीर पारेख के मुताबिक, एक युवा की जिंदगी इनडोर और आउटडोर गतिविधियों के साथ अच्छी तरह से संतुलित होना चाहिए और पढ़ाई व मस्ती के बीच भी संतुलन का होना बेहद आवश्यक है।

अच्छी सेहत और चेहरे पर ग्लो चाहिए तो जानें लें दूध के इस्तेमाल का ये तरीका

हेल्थ डेस्क। दूध पीने के कई फायदे तो हम जानते ही है लेकिन ठंडे दूध के फायदे कम ही लोगों को पता होता है। ठंडा दूध पीने से जहां एसिडिटी से तुरंत राहत मिलती है वहीं इसे लगाने से आपकी त्वचा नर्म व मुलायम हो जाती है। ठंडे दूध के ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में जानते हैं। आज हम आपको ठंडे दूध के बारे में बताने जा रहे हैं।

एसिडिटी से राहत

एसिडिटी के दौरान पेट में होने वाली जलन से बचने के लिए ठंडा दूध पीना बहुत लाभकारी होता है। दूध में लेक्टिक एसिड (lactic acid) होते हैं जो पेट की एसिटिडी को शांत कर देते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद कैल्शियम की उच्च मात्रा एसिड बनने से रोकती है और अतिरिक्त एसिड को अवशोषित कर लेती है।दो चम्मच इसबगोल को ठंडे दूध में मिलाकर खांे के बाद पी लें। इससे एसिडिटी नहीं होगी।

पाचन क्रिया में मददगार

ठंडे दूध में वातहर यानि एसिडिटी दूर करने वाले तत्व होते हैं, जो कि पाचन क्रिया में बहुत मदद करते हैं। इसकी मदद से फूड पाइप के अंदर जमा फैट यानी घी-तेल भी साफ हो जाता है। आप दूध को पाचन क्रिया बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं तो उसमें अदरक या काली मिर्च भी मिला लें।

नेचुरल फेस क्लेंज़र

दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड तत्व त्वचा को एक्सफोलिएट (exfoliate) करते हैं। ये ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और त्वचा से अतिरिक्त तेल निकालता है।

इस्तेमाल का तरीका

ठंडे दूध में रूई डुबाएं। इससे अपना चेहरा साफ करें और पांच मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अब ठंडे पानी से धो लें।

इसके अलावा, आप ठंडे दूध में पका पपीता मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं। इससे मृत कोशिकाएं यानि डेड सेल्स निकल जाते हैं।