32 C
Mumbai
Wednesday, September 9, 2026
Home Blog Page 198

IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार के बाद कप्तान विराट कोहली ने दिया ये जवाब

स्पोर्ट्स डेस्क. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीनों ओपनर्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल कर सबको चौंकाया। मैच में टीम को शर्मनाक हार मिली और हार के बाद कोहली ने बताया कि आखिरी क्यों तीनों ही ओपनर्स को मैच में खिलाया गया। कोहली का खुद नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए उतरना भारत को उलटा पड़ गया, जिसके बाद भारतीय कप्तान को कहना पड़ा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ राजकोट में दूसरे वनडे से पहले उन्हें अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

भारत ने बल्लेबाजी में कुछ बदलाव किए तथा शिखर धवन और केएल राहुल दोनों को अंतिम एकादश में जगह देने के लिए कोहली नंबर चार पर उतरे। भारतीय बल्लेबाज नहीं चले और गेंदबाज भी प्रभाव नहीं छोड़ पाए। ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच 10 विकेट से जीता

कोहली ने मैच के बाद नंबर चार पर उतरने के फैसले के बारे में कहा, “हम पूर्व में भी इस पर कई बार चर्चा कर चुके हैं। जिस तरह से राहुल बल्लेबाजी कर रहा था, हमने उसे बल्लेबाजी क्रम में फिट करने की कोशिश की। लेकिन जब भी मैं नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए उतरा तो मुझे लगता है कि यह हमारे लिए सही नहीं रहा, इसलिए इस पर पुनर्विचार करना होगा।

यह कुछ खिलाडि़यों को मौका देने से जुड़ा है। लोगों को सहज रहना चाहिए और एक मैच के बाद ही घबराने की जरूरत नहीं है। मुझे थोड़ा प्रयोग करने की अनुमति है और कुछ अवसरों पर मैं नाकाम रहा। इनमें से यह एक था।

कोहली ने मैच के बारे में कहा, ‘हम तीनों विभागों में कमतर साबित हुए। यह ऑस्ट्रेलिया की बेहद मजबूत टीम है और अगर आप अच्छा नहीं खेलते हो तो वे तुम्हें आहत करेंगे और हमने ऐसा देखा।

तरणजीत सिंह संधू बनाए गए यूएस के नए भारतीय राजदूत, ये है इनका अनुभव

वर्ल्ड डेस्क. अमेरिका में तरणजीत सिंह संधू नए भारतीय राजदूत के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इसकी जानकारी एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआइ को दी है। वह हर्षवर्धन श्रृंगला की जगह लेंगे, जो अब भारत में विदेश सचिव का पदभार संभालेंगे। हाल ही में वह दिल्ली पहुंचे। संधू के पास यूएन में भी काम करने का अनुभव है। साथ ही वह वाशिंगटन में जाने माने चेहरा हैं।

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार राजदूत की नियुक्ति से संबंधित फाइल को सक्षम अधिकारी ने मंजूरी दे दी है। लेकिन सरकार को इसके बारे में आधिकारिक घोषणा करना बाकी है। आधिकारिक सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है।

श्रीलंका में भारत के वर्तमान उच्चायुक्त हैं सिंधू

संधू 24 जनवरी, 2017 से श्रीलंका में भारत के वर्तमान उच्चायुक्त हैं। इससे पहले वह 2013 से 2017 तक वाशिंगटन डीसी में भारत के दूतावास में मिशन के उपप्रमुख के रूप में कार्य कर चुके हैं। संधू ने इससे पहले 1997 से 2000 के बीच वाशिंगटन डीसी में भारतीय मिशन में भी काम किया था और आमतौर पर यह वाशिंगटन डीसी सर्कल में एक जाने माने चेहरा हैं।

श्रीलंका से रिश्ते में अहम योगदान

संधू को विदेश मंत्री एस जयशंकर का पसंद माना जाता है। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नवनिर्वाचित श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे गोटाबाया के बीच नए रिश्ते बनाने में उनका अहम योगदान था। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।

संयुक्त राष्ट्र में भी काम करने का अनुभव

1988 बैच के आईएफएस अधिकारी, संधू को संयुक्त राष्ट्र में भी काम करने का अनुभव है। उन्हें मार्च 2009 से अगस्त 2011 तक संयुक्त सचिव (यूएन) के रूप में तैनात किया गया था। वह जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक संयुक्त राष्ट्र, न्यूयॉर्क में भारत के स्थायी मिशन में भी रहे।

संधू की नियुक्ति की जल्द होगी घोषणा

आधिकारिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआइ को यह भी बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फरवरी के अंत में भारत आने की संभावना है। इसके मद्देनजर संधू की नियुक्ति की जल्द ही घोषणा की जाएगी। अधिकारी ने यह भी कहा कि वाशिंगटन डीसी में नई नियुक्ति की प्रक्रियाएं भी चल रही हैं।

पाकिस्तान में जुल्म और ज्यादती के शिकार मुसलमानों को भी मिलनी चाहिए नागरिकता: मायावती

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती बुधवार को अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती अपना 64वां जन्मदिन ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस दौरान मायावती ने CAA पर कहा कि पाकिस्तान के उन मुसलमानों को भी नागरिकता मिलनी चाहिए जो जुल्म और ज्यादती के शिकार हुए हैं।

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बसपा सु्प्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस की आलोचना छोड़कर देश हित और गरीबी हटाने का कार्य करे तो ज्यादा बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश भर में अशांति और कानून व्यवस्था बिगड़ गई है, जो राष्ट्रीय चिंता का विषय है। बीजेपी सरकार अगर कांग्रेस के रास्तों पर चलती रही तो धीरे-धीरे अन्य राज्यों की सत्ता भी उसके हाथ से चली जाएगी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि देश की स्थिति कांग्रेस काल से भी ज्यादा खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस की सरकारों ने काम किया अब उसी राह पर केंद्र की बीजेपी सरकार चल रही है। भाजपा तो कांग्रेस से दो कदम आगे है। देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गई है, तनाव और भय का माहौल है।

मायावती ने CAA पर कहा कि यहां से जो मुसलमान पाकिस्तान गए हैं, वे भी जुल्म और ज्यादती के शिकार हैं, उन्हें भी यहां लाना चाहिए। मायावती ने पुलिस कमिश्नर प्रणाली का स्वागत तो किया, लेकिन यह भी कहा कि सिर्फ नीतियां बनाने से कुछ नहीं होगा। जब तक कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती नहीं होगी, तब ऐसी ही हालत रहेगी। बसपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं होता था, यहां तक कि एम-एमएलए के खिलाफ भी कार्रवाई होती थी।

आपको बता दें, लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस के बाद वह दिल्ली रवाना हो जाएंगी और अपने परिवार के साथ जन्मदिन मनाएंगी। वहीं, जिलों के पहले से ही निर्देश जारी हो चुके हैं। वहां हर वर्ष की तरह कार्यकर्ता जनकल्याणकारी दिवस के रूप में अपनी नेता का जन्मदिन मनाकर समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करें।

मायावती का जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मना रहे हैं बसपा के कार्यकर्ता

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी की मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती बुधवार को अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती अपना 64वां जन्मदिन ‘जनकल्याणकारी दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। इस दौरान मायावती ने CAA पर कहा कि पाकिस्तान के उन मुसलमानों को भी नागरिकता मिलनी चाहिए जो जुल्म और ज्यादती के शिकार हुए हैं।

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बसपा सु्प्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस की आलोचना छोड़कर देश हित और गरीबी हटाने का कार्य करे तो ज्यादा बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश भर में अशांति और कानून व्यवस्था बिगड़ गई है, जो राष्ट्रीय चिंता का विषय है। बीजेपी सरकार अगर कांग्रेस के रास्तों पर चलती रही तो धीरे-धीरे अन्य राज्यों की सत्ता भी उसके हाथ से चली जाएगी।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि देश की स्थिति कांग्रेस काल से भी ज्यादा खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस की सरकारों ने काम किया अब उसी राह पर केंद्र की बीजेपी सरकार चल रही है। भाजपा तो कांग्रेस से दो कदम आगे है। देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गई है, तनाव और भय का माहौल है।

मायावती ने CAA पर कहा कि यहां से जो मुसलमान पाकिस्तान गए हैं, वे भी जुल्म और ज्यादती के शिकार हैं, उन्हें भी यहां लाना चाहिए। मायावती ने पुलिस कमिश्नर प्रणाली का स्वागत तो किया, लेकिन यह भी कहा कि सिर्फ नीतियां बनाने से कुछ नहीं होगा। जब तक कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती नहीं होगी, तब ऐसी ही हालत रहेगी। बसपा शासनकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं होता था, यहां तक कि एम-एमएलए के खिलाफ भी कार्रवाई होती थी।

आपको बता दें, लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस के बाद वह दिल्ली रवाना हो जाएंगी और अपने परिवार के साथ जन्मदिन मनाएंगी। वहीं, जिलों के पहले से ही निर्देश जारी हो चुके हैं। वहां हर वर्ष की तरह कार्यकर्ता जनकल्याणकारी दिवस के रूप में अपनी नेता का जन्मदिन मनाकर समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करें।

वीजा खत्म होने के बाद भी श्रीलंका में रह रहे 7 भारतीय गिरफ्तार

वर्ल्ड डेस्क. श्रीलंका में वीजा खत्म हो जाने के बाद भी अवैध रुप से रह रहे 7 भारतीयों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, आव्रजन अधिकारियों ने यहां मजदूर के तौर पर काम कर रहे 7 भारतीय नागरिकों को वीजा समाप्त होने के बाद भी तय अवधि से ज्यादा समय तक रुकने की वजह से गिरफ्तार कर लिया है।

भारतीय नागरिकों की गिरफ्तार पिछले हफ्ते उस समय की गई, जब आव्रजन और उत्प्रवास विभाग के अधिकारियों ने वटला में एक निर्माण स्थल पर छापा मारा।

आव्रजन सूत्रों के अनुसार, भारतीय नागरिक 30 दिनों के बिजनेस वीजा के साथ श्रीलंका आए थे। वह शर्तों का उल्लंघन करते हुए काम करने लगे और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी श्रीलंका में ही रुके रहे। उन्हें मिरिहाना स्थित डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है। अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है।

गौरव चंदेल हत्याकांड: 8 दिन बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लगा अब तक कोई सुराग

क्राइम डेस्क. दिल्ली एनसीआर गुडगांव की निजी कंपनी में कार्यरत रीजनल मैनेजर गौरव चंदेल की हत्या के 8 दिन बाद भी पुलिस को कोई सराग हाथ नहीं लगा हैं। वहीं, बिसरख पुलिस ने जांच में लूटपाट के साथ कई और बिंदुओं को भी शामिल किया है।

पुलिस अब लूटपाट से अलग पारिवारिक या सोसायटी में किसी से दुश्मनी और कंपनी में किसी से विवाद समेत कई अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। आशंका है कि कहीं पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए तो हत्या को लूट का रूप देने की कोशिश नहीं की गई। हालांकि पुलिस की जांच किस ऐंगल पर सही बैठती है, यह हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और कार व दोनों मोबाइल बरामद होने पर पता चल सकेगा।

एसपी देहात रणविजय सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है। बदमाशों ने जिस तरह घटना को अंजाम दिया है, उसे देखकर लग रहा है कि कार व कैश लूटने के लिए गौरव की हत्या की गई है। ग्रेनो वेस्ट में ज्यादातर लूट की घटनाओं में बदमाश ड्राइवर को बंधक बनाकर लूटपाट के बाद फेंककर फरार हुए हैं। इस मामले में गौरव की लूट के बाद हत्या कर दी गई।

ऐसे में आशंका है कि कहीं हत्याकांड को लूटपाट का रूप देने की कोशिश तो नहीं गई है। पुलिस जांच कर रही है कि रीजनल मैनेजर की किसी से रंजिश या पारिवारिक दुश्मनी और ऑफिस में उनका किसी से विवाद तो नहीं था। पुलिस ऐसे तमाम एंगल से मामले की जांच में जुटी है। ग्रेनो वेस्ट में रविवार को पकड़े गए 4 कैब लुटेरे लूटपाट की वारदात करने के बाद 130 मीटर रोड के पास किराये पर लिए कमरे में जाकर छिप जाते थे।

अगले दिन लूट की घटना पर पुलिस की प्रतिक्रिया जानने के लिए ठेली लगाकर सामान बेचने लगते थे। कहीं, इसी तरह रीजनल मैनेजर की हत्याकांड को अंजाम देने के बाद बदमाश ग्रेनो वेस्ट में रहकर पुलिस की जांच और लोगों की प्रतिक्रियाएं देखकर सबूत मिटाने से लेकर बचने के रास्ते तो नहीं तलाश रहे? हालांकि पुलिस की एक टीम ग्रेनो वेस्ट व आसपास के एरिया में भी उनकी तलाश में जुटी है।

P. Chidambaram बोले- बेरोजगारी बढ़ी और आय कम हुई तो युवाओं में पैदा होगा गुस्सा !

नई दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री P. Chidambaram ने मंगलवार को अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व वित्त मंत्री P. Chidambaram ने कहा कि यदि बेरोजगारी बढ़ती है और आय घटती है तो युवाओं और विद्यार्थियों में गुस्से की भावना उत्पन्न होने का खतरा है।

कांग्रेस नेता P. Chidambaram ने ट्वीट कर कहा कि देश CAA और NPR के विरोध में लगा हुआ है। दोनों एक स्पष्ट और वर्तमान खतरे को प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि तेजी से नीचे जा रही अर्थव्यवस्ता देश के लिए एक बड़ा खतरा है। P. Chidambaram ने कहा कि यदि बेरोजगारी इसी तरह बढ़ती है और लोगों की आय में कमी आती है तो युवाओं और विद्यार्थियों में गुस्से की भावना उत्पन्न होने का खतरा है।

इसके साथ ही पूर्व वित्त मंत्री P. Chidambaram ने बढ़ती उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खाने की चीजों की ज्यादा कीमतों की वजह से दिसंबर 2019 में खुदरा मुद्रास्फीति 7.35 प्रतिशत तक बढ़ गई जो रिजर्व बैंक द्वारा तय की गई सामान्य सीमा से अधिक है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति दिसंबर 2018 में 2.11 प्रतिशत थी। वहीं, नवंबर 2019 में 5.54 प्रतिशत थी।

P. Chidambaram ने कहा कि अक्षम प्रबंधन का चक्र पूरा हो गया है। नरेंद्र मोदी की सरकार ने जब जुलाई 2014 में सरकार संभाली थी, तो CPI मुद्रास्फीति 7.39 प्रतिशत पर थी। दिसंबर 2019 में यह 7.35 फीसदी थी। उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति 14.12 प्रतिशत है। सब्जियों की कीमत 60 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। प्याज की कीमतें 100 रुपये किलो तक पहुंच चुके हैं। यही अच्छे दिन हैं जिसका भाजपा ने वादा किया था।

दिल्ली चुनाव 2020: मुख्यमंत्री केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं कपिल मिश्रा !

नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होते ही नेताओं की बयानबाजी और तेज हो गई है। वहीं दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपने प्रत्याशियों के नामों को फाइनल करने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी ने भी शनिवार की रात को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आवास पर मैराथन बैठक की थी। 7 घंटे तक चली इस बैठक में करीब 40 उम्मीदवारों के नामों पर सहमति बन गई है। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची 16 या फिर 17 जनवरी को जारी कर सकती है। इस लिस्ट में एक चौंका देने वाला नाम दिखाई देने की भी संभावना जताई जा रही है। इस बार भाजपा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली विधानसभा सीट से कपिल मिश्रा को लड़ा सकती है।

आम आदमी पार्टी से बागी होकर भाजपा में आए कपिल मिश्रा भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सीधेतौर पर अरविंद केजरीवाल से टक्कर लेते रहते हैं। वह साल 2015 के चुनाव में ‘आप’ की टिकट पर करावल नगर से विधायक बने थे। सूत्रों ने बताया कि केजरीवाल के खिलाफ मिश्रा संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि उन्हें करावल नगर से भी टिकट देने के बारे में विचार किया जा रहा है। फिलहाल इस मामले में कोई भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शिखर धवन ये कारनामा करने वाले बनें 5वें भारतीय बल्लेबाज !

स्पोर्ट्स डेस्क. टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले एकदिवसीय क्रिकेट मुकाबले में एक अहम उपलब्धि अपने नाम कर ली है। सलामी बल्लेबाज शिखर धवन एकदिवसीय क्रिकेट में 1000 रन बनाने वाले 5वें भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। वहीं विश्व के बल्लेबाजों में वह 32वें नंबर पर हैं। भारतीय बल्लेबाजों में सचिन तेंडुलकर के 3077 रन, महेंद्र सिंह धोनी के 1660, विराट कोहली के 1727 और रोहित शर्मा के 2047 रन हैं।

सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने यह मुकाम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 25वीं पारी के दौरान हासिल किया। धवन ने अब तक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार शतक लगाये हैं। धवन ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 66 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। इस मैच से पहले धवन के नाम 133 एकदिवसीय में कुल 5518 रन थे, जिसमें 17 शतक और 27 अर्धशतक शामिल हैं।

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर चुने गए माइकल पात्रा, जानें इनका कार्यकाल

नई दिल्ली. बैंकों की नियामक संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने माइकल पात्रा को डिप्टी गवर्नर बनाया है। माइकल पात्रा वर्तमान कार्यकारी निदेशक व मौद्रिक नीति समिति (MPC) के सदस्य है। वह 3 साल तक रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के पद पर रहेंगे। दरसअल विरल आचार्य के इस्तीफा देने के बाद से ही यह पद खाली पड़ा था।

आपको बता दें, डॉ. विरल आचार्य ने व्यक्तिगत कारणों से 23 जुलाई के बाद सेवाएं देने में असमर्थता जताते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था तब से लेकर के अभी तक यह पद खाली पड़ा हुआ था। विरल आचार्य से पहले उर्जित पटेल इस पद पर रहे थे। ज्ञात हो कि माइकल पात्रा ने आईआईटी मुंबई से इकोनॉमिक्स से पीएचडी किया है।

अक्टूबर 2005 में मॉनिटरी पॉलिसी डिपार्टमेंट में आने से पहले वह रिजर्व बैंक में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। इन्होंने 1985 में रिजर्व बैंक ज्वाइन की थी। पिछले तीन नीतिगत बैठकों में पात्रा ने अर्थव्यवस्था की गति को तेजी देने के लिए ब्याज दर में कटौती का समर्थन किया था।

RBI में चार डिप्टी गर्वनर होते हैं जिनमें से दो को पदोन्नति के ज़रिए बनाया जाता है बाकी दो में से एक कमर्शियल बैंकर होता है जबकि एक पोस्ट अर्थशास्त्री के हिस्से में होती है। RBI में तीन डिप्टी गवर्नर हैं, जिसमें एन एस विश्वनाथन, बी पी कानूगो और एम के जैन शामिल हैं। विश्वनाथन को सरकार ने एक साल का एक्सटेंशन दिया है। आम तौर पर मॉनेटरी पॉलिसी के प्रमुख की भूमिका निभाने वाला डिप्टी गवर्नर बाहरी अर्थशास्त्री होता है।

गौरतलब है कि देश में मौद्रिक नीति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) तय करता है। वहीं, राजकोषीय नीति सरकार बनाती है। जहां RBI का लक्ष्य होता है, महंगाई को कम से कम रखना। वहीं, सरकार विकास दर को बनाए रखना चाहती है, इसीलिए RBI और सरकार में बहुत-सी जगह पर तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है।