लाइफस्टाइल डेस्क। बॉयफ्रेंड के Breakup के बाद लड़कियां बेहद तनाव में आ जाती है। जिसके बाद Breakup से बाहर आने के लिए कई तरह के रास्ते अपनाती है। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि Breakup के दर्द से उबरने के लिए लड़कियां क्या-क्या करतीं है। बेशक लड़कियां इस गम से उबरने के लिए लडक़ों की तरह शराब न पीती हों लेकिन इनके तरीके जानकर आप भी लड़कियों की तारीफ करना शुरु कर देने वाले है।
दिल टूटने के गम से उबरने के लिए लड़कियां अपने दोस्तों के साथ शॉपिंग करना पसंद करती हैं। अपनी पसंद की चीजें खरीदने से उनका स्ट्रेस कम हो जाती है। कुछ लड़कियां तो इस गम से उबरने के लिए स्पा, पार्लर और जिम में भी अपना टाइम स्पेंड करती हैं। अपने पार्टनर को जैलेस फील करवाने के लिए लड़कियां खुद पर ध्यान देती हैं।
इसके अलावा लड़कियां सोशल साइट्स पर भी काफी एक्टिव रहती है, ताकि उनका पार्टनर यह देखकर जैलेस फील करें। पार्टनर को जलाने के लिए लड़कियां सोशल एक्टिविटी बढ़ा देती हैं। अपने पार्टनर से Breakup होने के बाद लड़कियां अपने लिए पति की तलाश करने लगती हैं। वह जानना चाहती हैं कि आखिर वहां कौन है जो उसे पूरी तरह समझेगा और वाकई में ऐसा कोई है भी या नहीं।
हेल्थ डेस्क। अगर आप भी पैंट की पिछली जेब में पर्स रखते हैं तो सावधान हो जाइए। आमतौर पर माना जाता है कि जिसका पर्स जितना ज्यादा मोटा होगा, उसका रूतबा भी उतना ही बड़ा होगा। लोग पर्स में रुपयों के अलावा क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, विजिटिंग कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आईडी प्रूफ और न जाने क्या-क्या चीजें रखकर निकल पड़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पैंट की पिछली जेब में रखे इस पर्स से कितनी गंभीर परेशानियों को बुलावा दे रहे हैं?
डॉक्टरों के अनुसार पिछली जेब में आराम फरमा रहा पर्स हमारे शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। पिछली जेब में रखा हुआ भारी-भरकम पर्स आपके हिप ज्वाइंट और कमर के निचले हिस्से में दर्द पैदा करता है। कूल्हे में एक नस होती है, जिस साइटिका कहते हैं। जब पिछली जेब में पर्स रखकर हम ज्यादा देर तक बैठते हैं, तो साइटिका दब जाती है। इसके दबने से हिप ज्वाइंट और कमर के निचले हिस्से में दर्द शुरू होता है, जो बढ़ते-बढ़ते पंजे तक पहुंच जाता है।इस आम भाषा में पैर का सुन्न हो जाना या पैर का सो जाना कहते हैं। लेकिन साइंस की भाषा में इस शूटिंग पेन कहा जाता है।
पिछली जेब में मोटा पर्स रखने की वजह से कूल्हा एक तरफ झुका रहता है, जिसकी वजह से रीढ़ की हड्डी पर और ज्यादा दबाव पड़ता है। सीधे बैठने के बजाय कमर के निचले हिस्से में इंद्रधनुष जैसा आकार बन जाता है। पर्स जितना ज्यादा मोटा होगा, शरीर उतना ज्यादा एक तरफ झुकेगा और उतना ही ज्यादा दर्द होगा। मोटा पर्स रखने से रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन आ सकता है।
इस तरह की सबसे ज्यादा समस्या कोचिंग स्टूडेंट्स को होती है, क्योंकि वह पिछली जेब में पर्स डालकर 8-8 घंटे तक क्लासेज में बैठे रहते हैं। हमारे पास इस तरह के एक महीने में कम से कम 20 से 25 मरीज आते हैं। कॉलेज स्टूडेंट्स में इस लेकर ज्यादा खतरा नहीं होता और वह इसलिए, क्योंकि वह ज्यादातर समय क्लास के बाहर ही बिताते हैं। वह ज्यादा देर तक बैठते नहीं हैं, जबकि उनकी तुलना में कोचिंग स्टूडेंट्स कई घंटे तक बैठे रहते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि यह परेशानी नौजवानों, ओवर वेट और लंबे समय तक बैठने वालों में पाई जा रही है और इसके शिकार लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। हालांकि, सही इलाज लेने से यह समस्या ठीक हो जाती है। लेकिन कहीं न कहीं यह समस्या रीढ़ की हड्डी को कमजोर कर देती है, इसलिए हम अस्पताल आने वाले लोगों को यही सलाह देते हैं कि कभी भी पर्स को पिछली जेब में न रखें।
वर्ल्ड डेस्क। ऑस्ट्रेलिया से एक बड़ी खबर सामने आई है। पिछले कई महीनों तक जंगलों में आग का भीषण कहर झेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर सोमवार को आंधी तूफान और ओलावृष्टि ने कहर ढह दिया। वहीं देश के दक्षिण और दक्षिण-पूर्व के क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग का प्रकोप जारी है, जिसमें करोड़ों जानवर मर चुके है, 2000 से अधिक मकान तबाह हो चुके हैं और कम से कम 29 लोगों की जान गई है।
राजधानी कैनबरा में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई, इलाके की वीडियो फुटेज में पेड़ जड़ से उखड़े नजर आ रहे हैं। आपात सेवाओं ने लोगों से अपने वाहनों को पेड़ों तथा विद्युत तारों से दूर और किसी छत्त के नीचे रखने को कहा है। मौसम विज्ञान ब्यूरो ने सिडनी सहित न्यू साउथ वेल्स के दक्षिण-पूर्व में लोगों को आने वाले तूफान के लिए तैयार रहने को कहा है।
मौसम विज्ञान ब्यूरो ने कहा आंधी तूफान से भारी नुकसान होने, भीषण हवाएं चलने, जबरदस्त ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है,जिससे अगले कुछ घंटों में उन इलाकों में बाढ़ आ सकती है। इस बीच, मशहूर पर्यटक स्थल ‘ब्लू माउंटेन्स’ गए दो लोगों को घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। ‘एम्बुलेंस न्यू साउथ वेल्स’ के ड्यूटी मैनेजर ग्रेग मार्शल ने कहा,ये लोग किस्मत वाले थे जो बच गए।
बिजनेस डेस्क. भारत में Credit Card का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि इससे सुविधा है और यह उपयोग करने में आसान है। लेकिन सभी को Credit Card नहीं मिल सकता है, क्योंकि Credit Card के लिए आपके पास अच्छे क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है तो उसे Credit Card नहीं मिल सकता है।
जिन लोगों को जीरो क्रेडिट हिस्ट्री या खराब क्रेडिट हिस्ट्री की वजह से Credit Card नहीं मिलता है, उन्हें अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट के बदले Credit Card मिल सकता है, जिसे सुरक्षित Credit Card भी कहा जाता है। सुरक्षित Credit Card प्राप्त करने के लिए आपको क्रेडिट स्कोर की आवश्यकता नहीं है। फिक्स्ड डिपॉजिट इस मामले में खाताधारक की ओर से सुरक्षा के रूप में काम करता है।
FD के बदले Credit Card की सुविधाएं
क्रेडिट सीमा
एक सुरक्षित Credit Card में लेन-देन की सीमा फिक्स्ड डिपॉजिट की राशि के आधार पर तय की जाती है। आमतौर पर बैंक कार्ड पर क्रेडिट सीमा के रूप में फिक्स्ड डिपॉजिट के मूल्य का 80-85% देते हैं। इसका मतलब है कि अगर आपके पास 1 लाख रुपये की एफडी है तो आप उस एफडी के बदले 85,000 रुपये तक का Credit Card प्राप्त कर सकते हैं।
कौन ले सकता
यह कार्ड आपके खुद के पैसे के बदले उधार लेने जैसा है। रिटायर लोग, गृहिणी और छात्र, जिनके पास कोई आय या क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, ऐसे कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अगर आपने कार्ड की बकाया राशि का भुगतान नहीं तो बैंक के पास फिक्स्ड डिपॉजिट लेने का पूरा अधिकार है।
ब्याज दर
इस कार्ड की अधिकांश अन्य सुविधाएं सामान्य Credit Card की तरह ही रहती हैं, इस कार्ड पर ली जाने वाली ब्याज दर आमतौर पर सामान्य कार्ड से कम होती है क्योंकि यह एक सुरक्षित कार्ड है और बैंक के लिए डिफ़ॉल्ट का कोई जोखिम नहीं है।
सामान्य Credit Card पर चार्ज किए गए 36-42% की तुलना में इन कार्डों पर ब्याज दर 26-30% के बीच है। यह ब्याज दर तब लागू होगी जब आप नियत तारीख के भीतर अपने कार्ड का भुगतान नहीं करेंगे।
मनोरंजन डेस्क. बॉलीवुड के खिलाड़ी Akshay Kumar की फिल्म Good Newwz ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। साल के आखिरी दिनों में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘गुड न्यूज’ (Good Newwz) नए साल के चौथे हफ्ते में भी बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर जबरदस्त पकड़ बनाई हुई हैं।
फिल्म को रिलीज हुए 24 दिन बीत चुके हैं और फिल्म ने रविवार को 1.89 करोड़ का कलेक्शन अपने नाम कर लिया हैं। इसके साथ ही इन 24 दिनों में बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने जो किया, वो किसी गुड न्यूज से कम नहीं है।
Akshay Kumar की फिल्म ‘गुड न्यूज’ (Good Newwz) ने 24वें दिन यानी रविवार को बॉक्स ऑफिस पर 201।14 करोड़ रूपये का शानदार बिजनेस किया है।मूवी क्रिटिक और ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने आधिकारिक आकड़ें शेयर करते हुए इसकी जानकारी अपने फैंस को दी है। Akshay Kumar के अलावा फिल्म में अहम किरदार में करीना कपूर, दिलजीत दोसांझ और कियारा अडवाणी की अदाकारी लोगों को काफी पसंद आ रही है।
फिल्म को न सिर्फ भारत बल्कि विदेश में पसंद किया जा रहा है। Akshay Kumar की गुड न्यूज ने समीक्षकों का दिल जीतने के साथ-साथ दर्शकों का भी खूब दिल जीता। इतना ही नहीं, फिल्म ने कॉमेडी के मसाले के साथ दर्शकों को एक संदेश भी दिया है।
टेक डेस्क. स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Samsung भारतीय बाजार में बड़ा धमाका करने जा रही है। Samsung 21 जनवरी को Galaxy Note 10 Lite को इंडिया में लांच करने जा रही है। वहीं कंपनी भारत में जल्द ही Galaxy A51 और Galaxy A71 को भी लॉन्च करने की तैयारी में है और इसके लिए प्रमोशनल पोस्टर भी लगाने शुरू कर दिए हैं।
बताया जा रहा है साल 2020 में Galaxy A सीरीज के तहत और भी स्मार्टफोन पेश किए जा सकते हैं जिनमें Galaxy A41 और Galaxy A31 शामिल हैं। इन स्मार्टफोन के कुछ फीचर्स का भी खुलासा हुआ है। हालांकि ऑफिशियल तौर पर कंपनी ने इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।
जानकारी के मुताबिक, Samsung Galaxy A31 और Galaxy A41 की बैटरी और कैमरा फीचर्स से जुड़ी जानकारी शेयर की गई है। रिपोर्ट के अनुसार Galaxy A31 फोटोग्राफी के लिए 48MP का प्राइमरी सेंसर और 5MP का मैक्रो लेंस दिया जा सकता है। वहीं इसमें पावर बैकअप के लिए 5,000mAh की बैटरी उपलब्ध होगी। इसे Galaxy A30 का अपग्रेड वर्जन माना जा रहा है और Galaxy A30 में 4,000mAh की बैटरी दी गई थी।
फीचर्स की बात करें तो Galaxy A31 स्मार्टफोन दो स्टोरेज वेरिएंट में उपलब्ध होगा। एक वेरिएंट 64 जीबी स्टोरेज और दूसरे वेरिएंट में 128 जीबी स्टोरेज दी जाएगी। जबकि Galaxy A41 को स्मार्टफोन बाजार में एक ही स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया जाएगा और इसमें 64 जीबी की इंटरनल मेमोरी दी गई है।
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में देश भर के छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नए साल 2020 की शुभकामनाएं दी।
पीएम मोदी ने कहा कि 2020 सिर्फ नया वर्ष नहीं है, बल्कि ये नया दशक भी है। ये दशक आपके लिए जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही देश के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। इस दशक में देश जो भी करेगा। उसमें इस समय 10वीं, 12वीं के जो छात्र हैं, उनका बहुत योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुझे कहे कि इतने कार्यक्रमों के बीच वो कौन सा कार्यक्रम है जो आपके दिल के सबसे करीब है, तो मैं कहूंगा वो कार्यक्रम है परीक्षा पे चर्चा। मुझे इस कार्यक्रम में बहुत आनंद की अनुभूति होती है। युवा मन क्या सोचता है, क्या करना चाहता है, ये सब मैं भली-भांति समझ पाता हूं। उन्होंने कहा कि जैसे आपके माता-पिता के मन में 10वीं, 12वीं को लेकर टेंशन रहती है, तो मुझे लगा आपके माता-पिता का भी बोझ मुझे हल्का करना चाहिए। मैं भी आपके परिवार का सदस्य हूं, तो मैंने समझा कि मैं भी सामूहिक रूप से ये जिम्मेदारी निभाऊं।
चंद्रयान-2 बारे में की बात
प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रयान-2 की विफलता का जिक्र करते हुए कहा कि विफलता दिखाती है कि आप सफलता की ओर बढ़ गए है। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के समय इसरो मुख्यालय में बिताए अपने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मैं वहां मौजूद था। मुझे कुछ लोगों ने कहा कि मुझे वहां नहीं जाना चाहिए, क्योंकि मिशन की सफलता की कोई गारंटी नहीं है। तब मैंने उनसे कहा कि इसलिए मैं वहां गया था। मैं कुछ वैज्ञानिकों के साथ वहां बैठा, उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि मोटिवेशन और डिमोटिवेशन का सवाल है, जीवन में कोई व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसे ऐसे दौर से न गुजरना पड़ता हो। चंद्रयान को भेजने में आपका कोई योगदान नहीं था, लेकिन आप ऐसे मन लगाकर बैठे होंगे कि जैसे आपने ही ये किया हो। जब सफलता नहीं मिली तो आप भी डिमोटिवेट हुए। उन्होंने कहा कि हम विफलताओं मैं भी सफलता की शिक्षा पा सकते हैं। हर प्रयास में हम उत्साह भर सकते हैं और किसी चीज में आप विफल हो गए तो उसका मतलब है कि अब आप सफलता की ओर चल पड़े हो।
परीक्षाओं में आने वाले अंक ही नहीं जिन्दगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जाने अनजाने में हम लोग उस दिशा में चल पड़े हैं जिसमें सफलता -विफलता का मुख्य बिंदु कुछ विशेष परीक्षाओं के मार्क्स बन गए हैं। उसके कारण मन भी उस बात पर रहता है कि बाकी सब बाद में करूंगा, एक बार मार्क्स ले आऊं। उन्होंने कहा कि आज संभावनाएं बहुत बढ़ गई हैं। सिर्फ परीक्षा के अंक जिंदगी नहीं हैं। कोई एक परीक्षा पूरी जिंदगी नहीं है। ये एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लेकिन यही सब कुछ है, ऐसा नहीं मानना चाहिए। मैं माता-पिता से भी आग्रह करूंगा कि बच्चों से ऐसी बातें न करें कि परीक्षा ही सब कुछ है।
हैशटैग विदआउट फिल्टर
जो बात आपके माता-पिता और अध्यापक करते हैं, वही बात मैं करता हूं और अलग तरीके से आपका दोस्त और साथी बनकर करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे और आपके बीच की ये बातचीत हैशटैग विदआउट फिल्टर है। यानी कि खुलकर बातें होनी चाहिए। दोस्त की तरह बातें करेंगे, तो गलती हो सकता है आपसे भी और मुझसे भी। मुझसे हुई तो टीवी वालों को मजा आएगा। क्या कभी हमने सोचा है कि मूड ऑफ क्यों होता है? अपने कारण से या बाहर के किसी कारण से। अधिकतर आपने देखा होगा कि जब मूड ऑफ होता है, तो उसका कारण ज्यादातर बाह्य होते हैं।
क्राइम डेस्क. दिल्ली के नरेला इलाके में एक शख्स ने अपने दोस्त के साथ मिलकर किशोरी दोस्त से गैंगरेप का मामला सामने आ रहा है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। पीसीआर को शनिवार रात साढ़े नौ बजे कॉल मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच आरंभ की तो पता चला कि किशोरी को सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
महिला अधिकारी को 16 वर्षीय पीड़िता का कहना है कि वह परिवार के साथ गांव तिर्की इलाके में रहती है जबकि पकड़े गए दोनों युवक भी उसी इलाके के हैं। बीते शनिवार दोपहर किशोरी ने अपने साथी को फोन कर चाऊमीन खाने के लिए मार्केट में बुलाया था। चाऊमीन खाने के बाद किशोरी के दोस्त ने उसे घर छोड़ने की बात कही और उसे बाइक पर बैठाकर खेतों में ले गया। वहां किशोरी के दोस्त ने साथी के मिलकर गैंगरेप किया है।
आरोपियों ने किसी को बताने पर किशोरी को जान से मारने की धमकी दी। धमकी से डरकर वह वापस घर आ गई और उसने किसी को कुछ नहीं बताया। हालांकि कुछ देर बाद जब परिजनों को पता चला कि उसे गांव के दो युवकों के साथ देखा गया था तो परिजनों ने इस बारे में उससे पूछा। इस पर वह रोने लगी। इसके बाद उसे समझा-बुझाकर पूछा गया तो उसने गैंगरेप की बात बताई है।
क्राइम डेस्क. नोएडा के एक गांव में रहने वाली 20 साल की लड़की की संदिग्ध हालात में मौत होने का मामला सामने आया है। दरअसल, उसे गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन वहां से उसे जीटीबी नगर अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद युवती ने वहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले में उसके पिता ने आरोप लगाया कि गैंगरेप के बाद बेटी की हत्या की गई है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस घटना को सड़क हादसा बता रही है।
पुलिस ने केस दर्ज करने से मना किया तो सैकड़ों लोगों ने थाने का घेराव किया, जिसके बाद गैंगरेप और हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। वहीं डीसीपी संकल्प शर्मा और अन्नपूर्णा गांगुली ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी कार की टक्कर से युवती घायल हुई थी। पिता ने आगे बताया कि मेरी बेटी सेक्टर 68 में घड़ी बनाने वाली एक कंपनी में काम करती थी और वह घर से ऑफिस के लिए निकली थी, लेकिन शाम को घर नहीं लौटी। इसके बाद उसकी तलाश शुरु कर दी। काफी तलाश के बाद रात करीब 10 बजे थाने में शिकायत करने जा रहे थे, तभी उसकी सहेली गढ़ी चौखंडी निवासी दीपा ने कॉल किया। उसने बताया कि उसका एक्सिडेंट हो गया है, हमने जेवर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया है। वे अस्पताल पहुंचे तो वहां दीपा, उसका भाई श्याम और सर्फाबाद निवासी सचिन था।
आरोप लगाया जा रहा है कि युवती के पिता अस्पताल पहुंचे तो दीपा समेत दोनों लड़के वहां से चले गए। बताया गया कि लड़की के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे, लेकिन रीढ़ की हड्डी, पैर और हाथ कई जगह से टूटे थे। हालांकि आरोप लगाये जा रहे हैं कि दीपा के भाई और दूसरे लड़के ने वारदात की। फिर विरोध करने पर हत्या कर दी। मरा हुआ समझकर अस्पताल ले गए, लेकिन सांस चलती मिली तो तीनों वहां से भाग गए। संबंधित मामले में युवती के परिवारीजनों ने कहा कि उसके निजी अंगों पर भी गहरे जख्म हैं।
डीसीपी संकल्प शर्मा ने कहा कि शुरुआती जांच में सड़क हादसे की बात सामने आई है। पूछताछ के लिए घटनास्थल पर भी एक टीम भेजी गई है। वहीं नामजद आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि युवती अपनी सहेली दीपा, उसके भाई श्याम और रिश्तेदार सचिव के साथ बाइक से मथुरा घूमने गए थे। लौटते समय यमुना एक्सप्रेसवे पर टॉइलट के लिए बाइक रोकी, तभी पीछे से एक कार ने युवती को टक्कर मार दी। इसके बाद तीनों एंबुलेंस बुलाकर उसे जेवर के पास कैलाश अस्पताल ले गए। पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद घटना की वजह पता चलेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
नई दिल्ली. नागिरकता संसोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) के लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। वहीं असम में हुई NRC का असर देखने को मिल रहा है। भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से हैरान कर देने वाले आंकड़ें सामने आए हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक गैरकानूनी तरीके से बांग्लादेश जाने वालों की संख्या में 50% का इज़ाफा हुआ है।
साल 2018 में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने 2971 लोगों को गैरकानूनी तरीके से बॉर्डर पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया था, जबकि साल 2017 में ये आंकड़ा सिर्फ 1800 था। बॉर्डर पार करने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। NCRB के मुताबिक साल 2018 में बांग्लादेश जाने वालों में 2971 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिसमें 1532 पुरुष, 749 महिलाएं और 690 बच्चे शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश से भारत आने वालों की संख्या में थोड़ी गिरावट आई है।
साल 2017 में ये आंकड़ा 1180 था, जबकि 2018 में ये संख्या 1118 पर पहुंच गई। हालांकि NCRB के डेटा से ये साफ नहीं होता है कि बॉर्डर पार करने के पीछे लोगों का क्या मकसद था। गौरतलब है कि साल 2017 से बॉर्डर पार करने वालों का आंकड़ा रखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बॉर्डर पार करने वालों की संख्या में ये इजाफा असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) की दूसरी लिस्ट आने के बाद आया है। दूसरी ड्राफ्ट की कॉपी 30 जुलाई 2018 को आई थी। इसके तहत 40 लाख लोगों को बाहर रखा गया था, जबकि NRC की फाइनल लिस्ट में करीब 20 लाख लोगों को बाहर रखा गया है। बताया जा रह है कि भारत से बाहर निकाले जाने के डर से गैरकानूनी तरीके से रह रहे लोग बाहर जा रहे हैं।