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Thursday, September 10, 2026
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लम्बे समय बाद एक साथ नजर आएंगे, ये महान कलाकार

मनोरंजन डेस्क.काफी समय बाद अब दो सुपरस्टार एक साथ आने वाले है. ये दो स्टार सलमान खान और अजय देवगन है. बहुत दिनों से ये एक साथ नहीं नजर आये. लेकिन अब लगता है की दोनों एक साथ काम करेंगे.
सलमान और अजय को रोहित-फराह की फिल्म हम पांच के लिए अप्रोच किया गया है. सलमान खान जहां पिछले कुछ वक्त से कई स्क्रिप्ट्स सुन चुके हैं वहीं अजय देवगन भी इन दिनों नई स्क्रिप्ट्स पर विचार कर रहे हैं.

बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई बार बड़े संयोग हो जाते हैं. एक संयोग होने जा रहा है सुपरस्टार सलमान खान और अजय देवगन के साथ. अजय और सलमान अभी ठीक उसी पोजीशन में हैं जहां वह 25 साल पहले थे. जब अजय देवगन ने इस फिल्म को करने से मना कर दिया तब सलमान खान ने इस फिल्म को साइन कर लिया था.

रोहित शेट्टी और फराह खान की आने वाली एक फिल्म के लिए सलमान खान और अजय देवगन दोनों को एक रोल ऑफर किए गए हैं. दोनों को फिल्म की कहानियां और उनके रोल की डिटेल्स दे दी गई हैं और अब एक बार फिर से दोनों को फिल्म के लिए हां कहना है.

वैसे ये दोनों कलाकार रियल लाइफ में काफी अच्छे दोस्त हैं और कहा ये भी जाता है कि सलमान ने केसरी करने से इसलिए मना कर दिया था क्योंकि अजय उसी विषय पर फिल्म बनाने जा रहे थे.जिसमे दोनों को काम करने का मौका मिल रहा है. अब देखना ये है कि क्या दोनों एक साथ काम करेंगे. अगर दोनों कलाकार एक साथ काम करते है तो 25 साल बाद ये नया सयोग देखने को मिलेगा.

पुलवामा में शहीद जवान के परिवार को नहीं मिली मदद, लाचार परिजन लगा रहे दप्तरों के चक्कर

ऐसी घटना जिससे पूरा देश शोक में डूब गया था.जब हमारे देश के 42 जवान एक साथ शहीद हुए. ऐसा दिन था जब हर भारतीय के आँख में आँसू थे. हमने अपने देश के जाबाज सिपाही खोये थे.इस घटना से कई परिवारों का सब कुछ छिन गया.लेकिन आज सरकार को उन शहीदों के परिवार से कोई लगाव नही.

ऐसी ही कहानी है सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवान कौशल कुमार रावत की. कौशल कुमार रावत 14 फरवरी 2019 को उस बस में सवार थे जिसे आतंकियों ने आत्मघाती हमले में उड़ा दिया था.

पुलवामा हमले को एक साल होने वाले हैं लेकिन उस हमले में मारे गए शहीदों को अब तक सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है. केंद्र सरकार ने सिर्फ वादे किए लेकिन उन्हें अब तक पूरा नहीं किया. सरकार का रवैया भी इतना लचर है कि शहीदों के परिजन दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं.

कौशल कुमार रावत आगरा के रहने वाले हैं. यहां उनका पैतृक आवास सूना है. शहीद कौशल रावत की मां सुधा रावत आज भी बेटे के बारे में बात करती हैं तो आंखों से आंसू निकल आते हैं. सरकार, प्रशासन और सामजिक संगठनों को आंसू पोंछने चाहिए तो वह उस बूढ़ी मां को दफ्तरों के चक्कर लगवा रही है.

शहीद की माँ सुधा कहती हैं कि जब बेटे की अंतिम यात्रा निकली थी, तब बड़े-बड़े अधिकारी, नेता आए थे. सबने बड़े-बड़े वादे किए थे. लेकिन एक साल पूरा होने वाला है लेकिन आज तक कोई वादा पूरा नहीं हुआ है.

शहीद कौशल की पत्नी ममता परिवार सहित अब गुरुग्राम के मानेसर इलाके में रहता है. शहीद की पत्नी ममता का आरोप है कि सरकार और अधिकारी उनकी कोई मदद नहीं की है. घर की हालत देख कर किसी के भी आँखो में आँसू आ जाते है. लेकिन सरकार हाथ पे हाथ रखे बैठी है.

आइलैंड में फैमली बीच पर ये कपल कर रहा था गंदा काम, लोगो ने किया पुलिस के हवाले ने

आप को बता दे कि आइलैंड में काफी अच्छी जगह है. जहाँ लोग समुद्र के किनारो पर खूब मस्ती करती है. यह पर कई फैमली बीच है. यहां लोग अपने परिवार के साथ मस्ती करने जाते है. लोग यह पर अपने पूरी फैमली के साथ मस्ती करने के लिए आते है.

एक कपल फैमिली बीच पर शारीरिक संबंध बनाता रहा. कपल की आपत्तिजनक हरकत देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी. ये मामला फिलीपीन्स के पॉपुलर बोरेके आइलैंड की है

घटना के बाद ब्रिटिश महिला जस्मीन नेली और ऑस्ट्रेलियन पुरुष एंथनी कारिओ को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कहा है कि दोनों की उम्र 26 साल है.
बाद में पुलिस ने कपल को जमानत पर छोड़ दिया. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना बीते गुरुवार की शाम की है. शाम के वक्त काफी संख्या में बच्चों के साथ फैमिली वाले भी वहां मौजूद थे.

स्थानीय पुलिस अधिकारी जोएल बांगरा ओरा ने सोमवार को बताया कि महिला और पुरुष, दोनों नशे में थे. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद भी वे पुलिस की गाड़ी में इन्टिमेट होने की कोशिश कर रहे थे.

सार्वजनिक जगह पर सेक्स के साथ-साथ पुलिस के ऑर्डर नहीं मानने के आरोप भी लगाए गए हैं. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद पुरुष ने घटनास्थल से भागने की कोशिश भी की थी.

पुलिस ने कहा कि फरवरी में ही इस मामले में ट्रायल शुरू किया जाएगा. अगर कपल ट्रायल के दौरान कोर्ट में पेश नहीं होते हैं तो फिलीपीन्स में उनकी यात्रा पर बैन लगा दिया जाएगा.

पार्टनर की तलाश में शख्स ने किया बिलबोर्ड को बुक, महिलाओं की लग गई लंबी लाइन

वर्ल्ड डेस्क. परफेक्ट पार्टनर की तलाश में ब्रिटेन में शेफिल्ड के रहने वाले एक युवक मोटी रकम देकर सड़क किनारे एक बिलबोर्ड को बुक किया और इस पर लंबा-चौड़ा विज्ञापन दिया है। इस विज्ञापन में शख़्स ने अपनी फोटो के साथ डेट पर चलने का प्रपोजल दिया है। इसके नतीजे चौकाने वाले आए है, युवक को डेट करने के लिए महिलाओं की लंबी लाइन लग गई।

एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्क रोफ (30) ने डेटिंग ऐप्स से तंग आकर मैनचेस्टर में एक व्यस्त सड़क के किनारे बिलबोर्ड पर डेटिंग के लिए विज्ञापन देने फैसला लिया। शख़्स को उम्मीद है कि इस विज्ञापन के जरिए उसकी परफेक्ट पार्टनर की तलाश पूरी हो जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक शख़्स के पास अब तक 1000 से ज्यादा महिलाओं के एप्लीकेशन आ चुके हैं।

मार्क द्वारा शेयर किये गए डाटा के मुताबिक उनके पास अब तक 1004 महिलाओं के एप्लीकेशन आ चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्क रोफ ने बिलबोर्ड पर विज्ञापन देने के लिए 425 पाउंड (करीब 40 हजार रुपए) का पेमेंट किया। मार्क ने यह विज्ञापन अपने ट्विटर अकाउंट पर भी साझा किया और लिखा, डेटिंग ऐप्स से काम नहीं बन पा रहा था, इसलिये मैंने डेट के लिए बिलबोर्ड की मदद ली और एक वेबसाइट बनाई है।

मार्क रोफ के इस यूनिक आईडिया पर सोशल मीडिया पर रोचक कमेंट्स भी आ रहे हैं। कोई उनकी इस आईडिया की तारीफ कर रहा है, तो कोई पूछ रहा है कि क्या अब तक कोई बात बनी? मार्क रोफ का कहना है कि कुछ लोग इस विज्ञापन पर 425 पाउंड खर्च करने पर मुझे बेवकूफ समझ सकते हैं, लेकिन अगर मुझे परफेक्ट पार्टनर मिल गया तो ये पैसा कुछ भी नहीं है।

बता दें कि लोग सही पार्टनर ढूंढने के लिए मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स या डेटिंग एप्स का सहारा लेते हैं, लेकिन उसके परिणाम ज्यादा अच्छे नहीं आते हैं। यही वजह है कि इस युवक ने एकदम नया तरीका यूज किया।

इंडोनेशिया में सुग्रीव के नाम पर खुला पहला हिंदू विश्वविद्यालय, राष्ट्रपति ने दिया आदेश

वर्ल्ड डेस्क. हिंदुओं के महान धार्मिक ग्रंथ श्रीरामचरित मानस रामायण काल के बलशाली योदधा बाली के छोटे भाई सुग्रीव के नाम पर इंडोनेशिया में पहली हिंदू यूनिवर्सिटी खोली गई है। वहां के राष्ट्रपति जोको ‘जोकोवी’ विडोडो ने एक प्रेजिडेंशियल रेगुलेशन के तहत बाली के देनपासर में स्थित हिंदू धर्म स्टेट इंस्टीट्यूट (IHDN) को देश की पहली हिंदू स्टेट यूनिवर्सिटी बना दिया है।

इस यूनिवर्सिटी में ‘एडमिनिस्टर हिंदू हायर ऐजुकेशन प्रोग्राम’ के साथ-साथ ‘हिंदू हायर ऐजुकेशन प्रोग्राम को सपॉर्ट करने वाले’ दूसरे हायर ऐजुकेशन प्रोग्राम भी होंगे।

इस रेगुलेशन के मुताबिक, नई यूनिवर्सिटी का नाम आई गुस्ती बागस सुग्रीव स्टेट हिंदू यूनिवर्सिटी (यूएचएन) रखा गया है। पिछले हफ्ते ही लागू किए गए इस नियम के मुताबिक सभी मौजूदा IHDN विद्यार्थियों को यूएचएन में कनवर्ट कर दिया गया है। इस इंस्टीट्यूट के सभी प्रॉपर्टी और कर्मचारियों को भी नई बनाई गई यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर कर दिया गया है।

इंस्टीट्यूट की ऑफिशल वेबसाइट पर IHDN के रेक्टर ने कहा, ‘इंस्टीट्यूट के स्टेटस में एक नए रेगुलेशन के जरिए बदलाव किया गया है और अब सिर्फ केंद्र सरकार के हैंडओवर करने का इंतजार है। मैं बहुत खुश और शुक्रगुजार हूं।’ उन्होने बताया कि इंडोनेशिया में हिंदू मान्यताओं के लिहाज से यह ऐतिहासिक पल है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट है कि राष्ट्रपति जोकोवी ने बाली में हिंदू ऐजुकेशन संस्थानों पर विशेष ध्यान दिया है।

बता दें कि यह इंस्टीट्यूट 1993 में हिंदू धर्म के अध्यापन के लिए एक स्टेट अकादमी के तौर पर शुरू हुआ था। इससे बाद इसे 1999 में हिंदू रिलीजन स्टेट कॉलेज में बदला गया और फिर 2004 में IHDN में बदला गया।

शाहीन बाग में हुई 4 महिने के बच्‍चे की मौत, फिर भी नहीं डिगा मां-बाप का हौसला

नई दिल्ली. 4 माह के मोहम्मद जहां को उसकी मां रोज शाहीन बाग के प्रदर्शन में ले जाती थी। वहां प्रदर्शनकारी उसे अपनी गोद में लेकर खिलाते रहते थे। वह शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन का अनिवार्य हिस्सा बन गया था। मोहम्मद अब कभी शाहीन बाग में नज़र नहीं आएगा। पिछले सप्ताह ठंड लगने के कारण उसकी मौत हो गई है।

शाहीन बाग में खुले में प्रदर्शन में हिस्सा लेने के दौरान चार माह के इस बच्‍चे को ठंड लग गई थी, जिससे उसे भयंकर जुकाम और सीने में जकड़न हो गई थी। बच्चे की मौत भी उसकी मां के प्रदर्शन में हिस्सा लेने के हौसले को कमजोर नहीं कर पाई है। उनका कहना है यह मेरे बच्चों के भविष्य के लिए है। बच्चे के माता-पिता नाजिया और आरिफ बाटला हाउस इलाके में प्लास्टिक और पुराने कपड़े से बनी छोटी सी झुग्गी में रहते हैं। उनके दो और बच्चे हैं- पांच साल की बेटी और एक साल का बेटा।

मूल रुप से उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले दंपति मुश्किल से अपना रोज़मर्रा का खर्च पूरा कर पाते हैं। आरिफ कढ़ाई का काम करते हैं और ई-रिक्शा भी चलाते हैं। उनकी पत्‍नी नाजिया कढ़ाई के काम में उनकी मदद करती हैं। आरिफ ने कहा कढ़ाई के काम के अलावा, ई-रिक्शा चलाने के बावजूद मैं पिछले महीने पर्याप्त नहीं कमा सका। अब मेरे बच्चे का इंतकाल हो गया है। उन्होंने कहा हमने सब कुछ खो दिया। उन्होंने मोहम्मद की एक तस्वीर दिखाई, जिसमें उसे एक ऊनी कैप पहनाई गई है, जिसपर लिखा है-आई लव माई इंडिया। दुख से बेहाल नाज़िया ने बताया कि उनके नन्‍हे बेटे की मौत 30 जनवरी की रात को प्रदर्शन से लौटने के बाद नींद में ही हो गई। उन्होंने बताया मैं शाहीन बाग से देर रात 1 बजे आई थी। उसे और अन्य बच्चों को सुलाने के बाद मैं भी सो गई। सुबह मैंने देखा कि वह कोई हरकत नहीं कर रहा था। उसका इंतकाल सोते हुए हो गया।

दंपति 31 जनवरी की सुबह उसे नज़दीकी अल शिफा अस्पताल ले गए। अस्पताल ने उसे मृत घोषित कर दिया। नाज़िया 18 दिसंबर से रोज़ शाहीन बाग के प्रदर्शन में जाती थीं। उन्होंने कहा कि बच्‍चे को सर्दी लगी थी, जो जानलेवा बन गई और उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कोई खास कारण नहीं लिखा है।

नाज़िया ने कहा कि उसका मानना है कि CAA और एनआरसी सभी समुदायों के खिलाफ है और वह शाहीन बाग के प्रदर्शन में शामिल होंगी, लेकिन इस बार अपने बच्चों के बिना। उन्होंने कहा CAA मज़हब के आधार पर बांटता है और इसे कभी स्वीकार नहीं करना चाहिए। मुझे नहीं पता है कि क्या इसमें राजनीति शामिल है, लेकिन बस इतना जानती हूं कि जो मेरे बच्चों के भविष्य के खिलाफ है, उस पर मैं सवाल करूंगी। आरिफ ने अपने बच्चे की मौत के लिए एनआरसी और CAA को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा अगर सरकार CAA और एनआरसी नहीं लाई होती तो लोग प्रदर्शन नहीं करते और मेरी पत्नी उनमें शामिल नहीं होती और मेरा बेटा जीवित होता।

CAA: बोरिया-बिस्तर लेकर भारत आए 200 पाक हिंदू, मोदी सरकार से मागेंगे शरण

नई दिल्ली. पाकिस्तान से करीब 200 हिंदू सोमवार को आगंतुक वीजा पर भारत पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि इनमें से कई खुद को पाकिस्तान में असुरक्षित बताते हुए वापस नहीं जाना चाहते। इन लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के बाद भारत की नागरिकता मिलने की उम्मीद है। अटारी बॉर्डर पर अकाली नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष मजिंदर सिंह सिरसा ने पाकिस्तान से आए चार परिवारों का स्वागत किया।

मजिंदर सिंह सिरसा का दावा है कि ये लोग धार्मिक उत्पीड़न की वजह से पाकिस्तान चले गए थे। सीमा सुरक्षा अधिकारियों का दावा है कि बीते माह अटारी-वाघा से होकर देश में आने वाले पाकिस्तानी हिंदू पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। सोमवार को भारत पहुंचे अधिकांश पर्यटक पाकिस्तान के सिंध और कराची से हैं। उनमें से कई बोरिया-बिस्तर लेकर आए हैं और कहा कि भारत सरकार से देश में शरण मांगेंगे।

एक पाकिस्तानी हिंदू ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि CAA लागू होने के बाद पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के हिंदू और सिख भारतीय नागरिकता मिलने को लेकर बहुत आशान्वित हैं। इनमें से अधिकांश लोग राजस्थान में अपने रिश्तेदारों से मिलने आए हैं।

बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप: छात्रा को मिला न्याय, मुख्य आरोपी को 20 साल की सजा

देहरादून. 2 साल पहले देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में गैंगरेप की शिकार हुई छात्रा को आखिरकार स्पेशल पॉक्सो कोर्ट से न्याय मिल गया है। देहरादून के सहसपुर क्षेत्र के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में पिछले साल अगस्त माह में हुई इस घटना में अदालत ने दोषी छात्र सरबजीत को 20 साल की सजा सुनाई है।

इस मामले में स्कूल के चार अन्य छात्रों और स्कूल प्रबंधन को इस मामले को छिपाने की साजिश करने का दोषी पाया गया है। दोषी छात्रों में से 3 नाबालिग हैं, उन्हें तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने सरकारी गवाह बन गई आया को बरी कर दिया है। विशेष पॉक्सो जज रमा पांडेय की अदालत ने स्कूल की निदेशक लता गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दीपक, उनकी पत्नी तनु को अलग-अलग धाराओं में दोषी करार देते हुए सभी को 9-9 साल की सजा सुनाई है। प्रिसिंपल जितेंद्र शर्मा को ढाई साल की सजा दी गई है।

स्कूल प्रबंधन को गैंगरेप का सबूत छिपाने, साजिश करने और गर्भपात कराने का दोषी मानते हुए कोर्ट ने 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की यह राशि पीड़िता को दी जाएगी। इस मामले में दोषी तीनों नाबालिग छात्रों को पिछले साल किशोर न्याय बोर्ड ने बरी कर दिया था। पॉक्सो कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद तीन दिन के अंदर तीनों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश होने के आदेश दिए हैं।

यह घटना 14 अगस्त, 2018 की है, जब बोर्डिंग स्कूल में पॉर्न विडियो दिखाकर स्कूल के ही चार छात्रों ने 16 साल की नाबालिग छात्रा से गैंगरेप किया था। सितंबर 2018 में यह मामला सामने आने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया था। इस गैंगरेप की शिकायत पीड़ित छात्रा ने स्कूल प्रबंधन से की थी, लेकिन प्रबंधन ने न सिर्फ इसे छिपाया, बल्कि छात्रा पर भी चुप रहने का दबाव डाला। यहां तक कि कॉलेज प्रशासन की मिलीभगत से छात्रा का गर्भपात भी करवाया गया। मीडिया में यह मामला आने तक पीड़िता के घरवाले भी उसके साथ हुए इस जघन्य अपराध से अनजान थे। इस केस के सरकारी वकील जेपी रतूड़ी ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से जहां पीड़िता को इंसाफ मिलेगा वहीं, ऐसे स्कूलों के लिए भी यह सबक बनेगा।

लीची से नहीं होता इंसेफलाइटिस, जांच में हुआ खुलासा- आधे बच्चों ने कभी खाई ही नहीं थी

हेल्थ डेस्क. बिहार के मुजफ्फरपुर में पिछले साल इंसेफेलाइटिस के कारण बड़ी संख्या में मासूम बच्चों की मौत हुई थी। उस समय लीची को इंसेफलाइटिस फैलने की वजह बताया गया था। अब सामने आया है कि जो बच्चे इंसेफलाइटिस प्रभावित हुए हैं, उनमें आधे बच्चों ने लीची खाई ही नहीं थी। बाकी बच्चों में से ज्यादातर दो साल से कम उम्र के थे। वे लीची नहीं खा ही नहीं सकते थे। इस अध्ययन से स्पष्ट हो गया है कि लीची इंसेफलाइटिस फैलने का कारण नहीं है। इसके बाद इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने आगे की जांच के आदेश दिए हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि काउंसिल अप्रैल-मई माह में एक अध्ययन भी लांच करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की ज्यादातर जांचों में लीची के कारण मौत की संभावना को खारिज कर दिया गया है। इसलिए वजह का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर (बीमारी को) रोकना जरूरी हो गया है।

उल्लेखनीय है कि जून 2019 में बिहार में इंसेफेलाइटिस से 125 से ज्यादा मौतें हो गई थीं। इस दौरान पूरे राज्य में 550 ज्यादा मामले सामने आए थे। राज्य सरकार ने इंसेफलाइटि फैलने की वजह हीट वेव और लीची में मौजूद तत्व को जिम्मेदारी ठहराया था, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने कुपोषण और खराब व्यवस्थाओं को रोग फैसने के लिए जिम्मेदार ठहराया था। केंद्र सरकार ने आईसीएमआर, एनसीडीसी, एनआईएन और अटलांट के सीडीसीपी की टीमों को मुजफ्फरपुर भेजकर कारण पता लगाने का काम सौंपा था। शुरुआती रिपोर्ट्स में पता चला कि इसके पीछे किसी वायरस, बैक्टीरिया, फंगस या जीवाणु से संक्रमण कारण नहीं था।

विशेषज्ञों के अनुसार लीची में एक खास तत्व होता है जो अगर खाली पेट बहुत सारी लीची खाई जाए तो खून में शुगर के लेवल को कम कर सकता है, लेकिन इसके साथ दूसरे फैक्टर्स होना भी जरूरी है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक बिहार सरकार जिले में बच्चों के पोषण और हेल्थकेयर को लेकर लापरवाह रही है। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 के मुताबिक मुजफ्फरपुर में करीब 48 फीसदी बच्चों का 5 साल की उम्र के बाद बढ़ना रुक जाता है। 17.5 फीसदी ज्यादा पतले होते हैं, जबकि 42 फीसदी का वजन कम होता है। ये सब कुपोषण के चिह्न हैं।

कार्तिक ने घायल लडकी को लगाया गले, मिलने के लिए अचानक कूद पड़ी थी फैन

मनोरंजन डेस्क. फिल्म ‘लव आज कल’ के प्रमोशन में बालीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन जुटे हैं। उनके साथ लीड एक्ट्रेस सारा अली खान भी एक टीवी शो में फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुंचीं थीं। इस दौरान कार्तिक को देखकर लड़कियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। सूत्रों के मुताबिक हर लड़की उनसे मिलने को बेताब दिखी।

इस बीच अचानक सेट के बीच में भीड़ लग गई। इस बीच एक लड़की इतनी उत्साहित हुई कि वह कार्तिक से मिलने के लिए भीड़ के बीच ही कूद पड़ी। पर, वह सीधे नीचे गिर गई और उसे चोट लग गई। फैन को गिरा देखकर कार्तिक तुरंत दौड़े। उन्होंने उसे उठाया और खुद गले लगा लिया। यह सीन देखकर अन्य दर्शक भी भावुक हो उठे।

कार्तिक का यह प्यार अक्सर अपने फैंस के प्रति दिख जाता है। कई बार एयरपोर्ट पर वह फैंस को सेल्फी लेने से मना नहीं कर पाते। वर्क फ्रंट पर बात करें तो उनकी फिल्म ‘लव आज कल’ आने वाली है। इस फिल्म में कार्तिक के साथ सारा अली खान लीड रोल में हैं। फिल्म को इम्तियाज अली डायरेक्ट कर रहे हैं। इस फिल्म में कार्तिक डबल रोल निभा रहे हैं। सारा और कार्तिक पहली बार बड़े पर्दे पर साथ आ रहे हैं इसलिए भी फैंस को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है।

बता दें कि 14 फरवरी को यह फिल्म रिलीज हो रही है। कार्तिक आर्यन आजकल बॉलिवुड के सबसे चहेते सितारे बने हुए हैं। खासकर लड़कियों में उनका जबरदस्त क्रेज है। ‘प्यार का पंचनामा’ फिल्म के बाद से ही वह लड़कियों के दिल में अपने लिए खास जगह बना चुके हैं। अक्सर यह दिख भी जाता है। एयरपोर्ट या कोई कार्यक्रम अगर कार्तिक वहां पहुंचें तो फिर वह लड़कियों से घिर ही जाते हैं।