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Friday, August 7, 2026
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आम आदमी पार्टी का ‘विजय रथ’ तैयार, जीत के बाद जश्न के साथ रोड शो करेंगे केजरीवाल

नई दिल्ली. दिल्ली चुनाव के शुरुआती रुझानों में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिल गया है. सुबह 8.20 बजे तक आम आदमी पार्टी 37 सीटों पर आगे चल रही है और भाजपा काफी पीछे सिर्फ 10 सीटों पर आगे है. कांग्रेस अभी तक सिर्फ 2 सीटों पर ही बढ़त बनाती दिख रही है. रुझानों के हिसाब से AAP की सरकार बनना तय है और अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनते दिख रहे हैं. जीत के बाद सेल‍ेब्रेशन की भी तैयारी हो गई है. रोड शो करने के ल‍िए एक ओपन जीप भी सजा दी गई है. जिसपे केजरीवाल सवार होकर रोड शो करेंगे.

आदमी पार्टी के अमानतुल्लाह खान, मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल आगे चल रहे हैं. जबकि कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली पीछे चल रहे हैं. नतीजों से पहले ही आम आदमी पार्टी के दफ्तर में जश्न का माहौल है. AAP कार्यकर्ताओं ने पूरे दफ्तर को गुब्बारों से सजाया है. नतीजों के दौरान अरविंद केजरीवाल समेत बड़े नेता यहां पर ही रहेंगे.

रविवार को दिल्ली चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि चुनावों में 62.59 प्रतिशत वोटिंग हुई है, जो लोकसभा चुनाव 2019 से 2 प्रतिशत ज्यादा है. इससे पहले आम आदमी पार्टी ने वोटिंग प्रतिशत में देरी करने को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप लगाया था. दिल्ली में 81,05,236 पुरुष मतदाता, 66,80,277 महिला मतदाता और 869 तीसरे लिंग के मतदाताओं के लिए कुल 13,570 मतदान बूथ बनाए गए थे.

नतीजे आने से पहले ही बीजेपी ने मानी हार, दफ्तर में लगे पोस्टरों से पराजय हुई साफ

नई दिल्ली. दिल्ली चुनाव होने के बाद आज वोटो की गिनती हो रही है. जिसमे AAP पार्टी काफी सीटों से आगे है. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव में 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. विपक्ष में बीजेपी मैदान में है जो अभी तक अपनी जीत का दावा कर रहा थी. लेकिन जब सुबह नतीजे आने लगे तो आम आदमी पार्टी आगे है. जिसको लेकर अब बीजेपी के दफ्तरों में ऐसे पोस्टर लग गए है जिनपर ये साफ तौर पर पता चलता है कि बीजेपी ने अपनी पराजय मान ली है.

ये पोस्टर जिसमें लिखा है- विजय से हम अहंकारी नहीं होते और पराजय से हम निराश नहीं होते. दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती शुरू हो गई है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश कार्यालय पर लगा एक पोस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस पोस्टर के सामने आने के बाद अटकलें लगनी लगी है कि क्या बीजेपी वोटों की गिनती से पहले ही अपनी पराजय को स्वीकार कर चुकी है?

बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि मैं नर्वस नहीं हूं. मुझे विश्वास है कि यह बीजेपी के लिए अच्छा दिन होगा. हम आज दिल्ली में सत्ता में आ रहे हैं. अगर हम 55 सीटें जीतते हैं तो आश्चर्यचकित न हों. इससे पहले मनोज तिवारी ने ट्वीट करके कहा था कि हम 48 सीटें जीत रहे हैं गिनती से पहले बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य विजय गोयल कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर पहुंचे हैं. विजय गोयल ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनेगी. बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल करेगी.

दिल्ली में प्रदर्शनकारी को आगे बढ़ने से रोका, पुलिस ने की सख्त बैरिकेडिंग

नई दिल्ली. CAA को लेकर दिल्ली में आज मार्च निकलने के लिए बहुत से लोग शामिल हुए.ये लोग जामिया मिल्लिया इस्लामिया से संसद भवन तक मार्च करने जा रहे थे.लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी. लेकिन बिना इजाजत के ये लोग मार्च निकल रहे थे. जिसको दिल्ली पुलिस ने रोक दिया और एक मजबूत बैरिकेटिंग लगाई. जिसे तोडा न जा सके और प्रदर्शनकारियो को रोका जा सके. जिसमे दिल्ली पुलिस कामयाब हुई और उस मार्च को रोक दिया.

इस मार्च में यूनिवर्सिटी में बैठे छात्रों और स्थानीय लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की जा रही है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया से संसद भवन तक मार्च निकाला जा रहा है। इस बीच संभावित बवाल के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन पर एंट्री बैन कर दी है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी है।

जंतर मंतर पर छात्र नेता उमर खालिद ने कहा कि 11 फरवरी को दिल्ली के चुनावी नतीजों से साफ हो जाएगा कि दिल्ली शाहीन बाग के साथ है या भाजपा के साथ उन्होंने कहा कि एनपीआर का भी विरोध करने के लिए महिलाओं के आगे रहने की अपील की प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या ज्यादा होने के कारण महिला पुलिस कर्मियों को लाया गया है.

सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी फोर्स की गई है। दिल्ली पुलिस के अलावा पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन के पास तैनात किए गए हैं. सीएए के खिलाफ जंतर-मंतर के बाहर भी प्रदर्शन हो रहा है। देखिए नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करते लोग।

कर्नाटक में भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। यहां भी लोग इस कानून के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।
विश्वविद्यालय परिसर में छात्र डफली और माइक अनाउंसमेंट के जरिए छात्रों से मार्च में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।
मंडी हाउस से संसदप भवन तक छात्र मार्च निकाल रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून, नेशनल रजिस्टर ऑफ सीटिजन्स और नेशनल पॉप्यूलेशन रजिस्टर के खिलाफ यह मार्च निकाला जा रहा है।

कोरोना वायरस से चीन का सबसे बड़ा शहर बना शमशान, देखिए उसकी तस्वीर

हेल्थ डेस्क. कोरोना वायरस से चीन में कई शहर आज वीरान हो गए है. चीन का सबसे बड़ा शहर की ऐसी हालत है की लोग कहि नजर नहीं आते है. इस वायरस से चीन में बहुत ही नुकसान हुआ है. अब तक बहुत लोगो को इस वायरस की वजह से जान जा चुकी है.

कोरोना वायरस की वजह से अब तक पूरी दुनिया में 40,614 लोग बीमार हो चुके हैं. इनमें से 910 की मौत हो चुकी है. इनमें से सिर्फ 40,171 संक्रमित लोग चीन में ही हैं. चीन में अब तक कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 908 हो चुकी है. कोरोना वायरस का डर इतना फैल गया है कि चीन की आर्थिक राजधानी और इसका सबसे बड़ा शहर और शंघाई वीरान हो चुका है.

कोरोना वायरस के डर से शंघाई की सड़के वीरान हो चुकी हैं. गलियों और चौराहों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, बाजार सब बंद हो चुके हैं. सड़कों पर इक्का-दुक्का गाड़ियां या लोग ही दिखाई दे रहे हैं. करीब 70 फीसदी की रोक लगा दी गई है. चीन में 23 से 26 जनवरी तक लूनर ईयर की छुट्टियां होती हैं. इस बार कोरोनावायरस के फैलने के कारण चीन के लोग कहीं घूमने नहीं गए.

चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान से जो लोग निकले वो कम संक्रमित हेनान, हुनान, अनहुई और जियांसी प्रांतों में चले गए. चीन की सरकार ने घोषणा की है कि वह शंघाई , चॉन्गक्विंग और बीजिंग के कुछ इलाकों को भी क्वारंटीन करेगी.

चीन के 15 शहरों में आने-जाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. शंघाई में भी यह प्रतिबंध लगा हुआ है. यह के लोगो से भरा ये शहर अब वीरान हो गया है. यहां से लोग निकल कर दूसरे स्थानों पर चले गए है. अब वहां किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है.

बॉलीवुड की ये एक्ट्रेस पहुंची तिरुपति, नंगे पैर पहाड़ी चढ़ किया दर्शन

मनोरंजन डेस्क. फिल्म एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर एक मॉडर्न एक्ट्रेस है. जाह्नवी कपूर सोशल मिडिया पर भी बहुत एक्टिव रहती है. और वह एकनए कल्चर में रही है. उन्होंने सोमवार को तिरुपति मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं. जहां वह नंगे पैर पहाड़ी पर चढ़ कर मंदिर गई और दर्शन किया.

और जाह्नवी कपूर मॉडर्न होने के साथ अपनी संस्कृति से भी जुड़ी रहती हैं. उन्होंने वह फोटो खींचे और उन्हें सोशल मिडिया पर पोस्ट किया. जिसको उनके फैन्स काफी पसंद किया है.

जाह्नवी कपूर नंगे पैर ही करीब 12 किलो मीटर पहाड़ी पर चढ़कर तिरुपति मंदिर में माथा टेकने पहुंचीं. जाह्नवी कपूर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं. फोटो में जाह्नवी मंदिर पहुंचने के दौरान बीच में रेस्ट लेती हुई नजर आ रही हैं.

जाह्नवी व्हाइट सलवार कमीज में तिरुपति मंदिर दर्शन करने पहुंचीं. व्हाइट सलवार सूट के साथ जाह्नवी ने यैलो दुपट्टा टीमअप किया. एक दूसरी तस्वीर में जाह्नवी कपूर अपनी दोस्त के साथ सोफे पर आराम करती हुई नजर आ रही हैं.

जाह्नवी जल्द ही गुंजन सक्सेना में नजर आने वाली हैं. इस फिल्म में जाह्नवी एक फाइटर पायलट की भूमिका निभाती नजर आएंगी. फिल्म के कई पोस्टर जारी किए जा चुके हैं और जाह्नवी इस रोल में काफी कमाल की लग रही हैं. करण जौहर के निर्देशन में बनने वाली तख्त में भी अहम रोल प्ले करती दिखेंगी. वहीं, जाह्नवी इन फिल्मों के अलावा दोस्ताना के सीक्वल में कार्तिक आर्यन के साथ काम कर रही हैं

हार्दिक पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज, पुलिस कर रही तलाश

नई दिल्ली. हार्दिक पटेल जो कांग्रेस के नेता है. आंदोलन के दौरान पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमों को लेकर जारी वारंट व पुलिस के बढ़ते शिकंजे के चलते हार्दिक भूमिगत हो गए। उनकी पत्‍नी किंजल ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभालते हुए गुजरात सरकार व पुलिस पर बेवजह प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

आरक्षण आंदोलन से कांग्रेस के युवा नेता बने हार्दिक पटेल की पत्‍नी किंजल पटेल बीते कुछ दिनों से हार्दिक के ट्वीटर हेंडल से ट्वीट करते हुए गुजरात सरकार व पुलिस पर ज्‍यादती का आरोप लगा रही है। गत 29 जनवरी को किंजल लिखती हैं कि कुछ दिन पहले जेल से रिहा होने के बावजूद हार्दिक घर नहीं पहुंचे हैं।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के अधिकारी व जवान बार बार घर आते हैं ओर हार्दिक के घर पर नहीं होने की जानकारी देने के बावजूद रात को 10 बजे भी घर में जबरदस्ती घुसकर तलाशी लेते हैं। किंजल इससे पहले भी पुलिस को आड़े हाथ लेते हुए लिखती हैं कि किसी को मार डालना ही आतंकवाद नहीं होता है, किसी को डराकर कोने में बिठा देने की कोशिश करना भी आतंकवाद होता है।

इससे पहले 24 जनवरी को रिहा होते ही हार्दिक ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि 7 दिन बाद तानाशाही की कैद से आजाद हुआ हूं, मेरा गुनाह क्‍या है, क्‍या में किसान, युवा , छात्रों के अधिकार तथा शिक्षा व रोजगार की बात करता हूं इसलिए इनके निशाने पर हूं।

अपने एक ट्वीट में हार्दिक लिखते हैं कि मैं न्‍याय व कानून व्‍यवस्‍था का सम्‍मान करता हूं लेकिन कभी कभी यहां से भी निराशा हाथ लगती है। हार्दिक के खिलाफ अहमदाबाद सत्र न्‍यायालय तथा मोरबी के टंकारा कोर्ट की ओर से वारंट निकला हुआ है, पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही है लेकिन हार्दिक कुछ दिनों से भूमिगत हो गए हैं।

किंजल कहती हैं कि आंदोलन से हमने कोई पैसा नहीं कमाया, हम करोड़पति नहीं बन गये, हार्दिक ने निर्दोष भाव से काम किया लेकिन आज लोग उनके साथ खड़े नजर नहीं आते। वे कहती हैं चुप होकर बैठना अन्‍याय सहना है, हम मजबूत हैं ओर अपने हक के लिए पूरी ताकत के साथ लड़ते रहेंगे।

किंजल पटेल बीते एक माह से हार्दिक का ऑफिसियल ट्वीटर हेंडल संभाल रही हैं, वे लिखती हैं कि हार्दिक बताते रहते हैं कि समाज के लिए कितना भी काम करो वक्‍त आने पर लोग भूल जाते हैं।

बॉक्स ऑफ़िस पर ये फिल्म, कलेक्शन में ‘कबीर सिंह’ की कर रही बराबरी

मनोरंजन डेस्क. अजय देवगन की फिल्म तानाजी की कमाई 200 करोड़ हो गयी है. तानाजी का अगला निशाना फ़िल्म कबीर सिंह है जो 2019 में रिलीज़ हुई थी और 278 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था।

अजय देवगन की फ़िल्म तानाजी- द अनसंग वॉरियर ने बॉक्स ऑफ़िस पर चौंकाने वाला प्रदर्शन किया है। पहले 100 करोड़ और फिर 200 करोड़ का पड़ाव पार करने के बाद तानाजी रेस में बनी हुई है। फ़िल्म पिछले साल रिलीज़ हुई विक्की कौशल की उरी- द सर्जीकल स्ट्राइक से भी बेहतर कलेक्शन कर चुकी है। वीकेंड्स पर तानाजी की कमाई में उछाल आने की वजह से कलेक्शंस मजबूत हो रहे हैं।

 

रविवार को तानाजी ने सिनेमाघरों में 31 दिनों का पूरा कर लिया और फ़िल्म ने 3.45 करोड़ का कलेक्शन किया, जिसके साथ 31 दिनों का नेट कलेक्शन 266.88 करोड़ हो गया है। तानाजी का यह पांचवां हफ़्ता चल रहा है और पांचवें वीकेंड में फ़िल्म ने 7.36 करोड़ का कलेक्शन किया है। पांचवें शुक्रवार को फ़िल्म ने 115 करोड़ और शनिवार को 2.76 करोड़ जमा किये थे।

200 करोड़ क्लब में तानाजी का अगला निशाना शाहिद कपूर और कियारा आडवाणी की फ़िल्म कबीर सिंह है, जो 2019 में रिलीज़ हुई थी और 278 करोड़ का नेट कलेक्शन किया था। इस कलेक्शंस तक पहुंचने के लिए तानाजी को अब 11.12 करोड़ और चाहिए। फ़िल्म की मौजूदा रफ़्तार से लग रहा है कि कबीर सिंह भी पीछे छूटेगी।

तानाजी ने चौथे शुक्रवार को 2.77 करोड़ का कलेक्शन किया था। शनिवार और रविवार को कलेक्शंस में जंप आया। शनिवार को फ़िल्म ने 4.48 करोड़ का कलेक्शन किया, जबकि रविवार को 6.28 करोड़ कमाये थे। सोमवार को फ़िल्म ने 2.32 करोड़, मंगलवार को 2.05 करोड़, बुधवार को 1.90 करोड़ और गुरुवार को 1.85 करोड़ जमा किये थे।

चौथे हफ़्ते के पहले दिन शुक्रवार को रणवीर सिंह की सिम्बा और रितिक रोशन की कृष 3 की कमाई को पीछे छोड़ दिया। शनिवार को विक्की कौशल की उरी- द सर्जिकल स्ट्राइक के लाइफ़ टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ा। 2019 में रिलीज़ हुई उरी ने 244 करोड़ का कलेक्शन किया था।

मैच जीतने के बाद इन खिलाड़ियों ने किया ये काम, जिससे क्रिकेट हुआ शर्मशार

स्पोर्ट्स डेस्क. अंदर 19 वर्ल्ड कप 2020 के फाइनल में बांग्लादेश टीम ने भारत को 3 विकेट से हरा दिया. मैच जितने के बाद पिच पर ऐसा हुआ जो क्रिकेट को शर्मिदा कर दिया. जीत के बाद बांग्लादेश टीम के खिलाड़ियों ने भारतीय टीम से बतमीजी की. जिसके बाद पिच पर मौजूद एम्पायर ने बीच बराव करवाया.

बांग्लादेश की टीम ने भले ही वर्ल्ड कप जीत लिया हो लेकिन फाइनल के बाद भारतीय खिलाड़ियों के साथ उन्होंने जो हरकत की उसे कोई भूल नहीं सकता. बांग्लादेश की युवा टीम ने आइसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप 2020 के फाइनल में भारत को रोमांचक मुकाबले में तीन विकेट से हरा दिया। इसी के साथ बांग्लादेश की टीम ने पहली बार अंडर-19 विश्व कप खिताब जीत लिया, लेकिन बांग्लादेश ने जैसे ही विजयी रन लिया, बांग्लादेशी खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ियों से भिड़ गए।

बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने अपना पहला विश्व कप जीतते ही जोरदार जश्न मनाना शुरू कर दिया था। टीम के डगआउट से सभी खिलाड़ी दौड़ते हुए पिच के पास आ गए। इसी दौरान किसी बात पर बांग्लादेशी खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ियों से उलझ गए और जमकर बहस हुई। बाद में मैदानी अंपायरों ने खिलाड़ियों का बीच-बचाव किया। यहां तक कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने भारतीय खिलाड़ियों से हाथ भी नहीं मिलाया।

दक्षिण अफ्रीकाई टीम के पूर्व क्रिकेटर जेपी डुमिनी ने मैच के बाद का एक वीडियो ट्विटर पर पोस्ट किया है। इस वीडियो के कैप्शन में उन्होंने जीत के जश्न के बारे में लिखा है, लेकिन उस वीडियों में साफ देखा जा सकता है कि पिच के पास पहुंचते ही बांग्लादेशी खिलाड़ी हार से निराश भारतीय खिलाड़ियों के बीच घुसकर जश्न मना रहे थे। इस बीच बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने भारतीय खिलाड़ियों से हाथ तक नहीं मिलाया।

फाइनल मैच को जीतने के बाद बांग्लादेश की अंडर 19 टीम के कप्तान अकबर अली ने कहा, “हमारे टीम के खिलाड़ी भावुक थे और जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था। हमारे कुछ गेंदबाज काफी जोश में थे और भावुक थे। मैच के बाद जो हुआ वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था और ऐसा नहीं होना चाहिए था।

दिल्ली के एक कॉलेज में छात्राओ से छेड़छाड़ पर धरना, पुलिस को नहीं मिली घटना की कोई शिकायत

क्राइम डेस्क. दिल्ली में गार्गी कॉलेज जहां लड़कियों से छेड़छाड़ का मामला आये दिन हो रहा है. जिसको लेकर आज कॉलेज की स्टूडेंट्स धरना कर रही है. इस कॉलेज में लड़कियों से हमेशा ये हरकत होती रहती है. जिससे तंग आकर ये धरना कर रही है.

इस मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में चर्चा के लिए नोटिस दिया है. इसके साथ ही गार्गी कॉलेज की स्टूडेंट्स आज धरना प्रदर्शन करेंगी. वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले पर संज्ञान लेते हुए आज एक प्रतिनिधि मंडल भेजने का फैसला किया है.

गार्गी कॉलेज की छात्राओं का हंगामाशराब पीकर बदसलूकी का आरोप लगया है. डीसीपी साउथ के मुताबिक गार्गी कॉलेज मामले में अब तक किसी भी तरह की कोई भी शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस खबर का संज्ञान लिया है. आज महिला आयोग की एक टीम गार्गी कॉलेज जाकर छात्राओं से बात करेगी.

इस मामले में ताजा अपडेट यह है कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए केस की जांच शुरु कर दी है. पुलिस की एक टीम कॉलेज भेजी गई थी, जैसे ही शिकायत मिलती है तुरंत केस रजिस्टर करके कार्रवाई की जाएगी.

छात्राओं ने कहा कि जब कॉलेज में फेस्टिवल चल रहा था उस दौरान कुछ शराबी कॉलेज का गेट फांदकर अंदर आ गए. उन्होंने लड़कियों को दबोच लिया और उनके साथ बदतमीजी की. लड़कियों ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है.

आखिर कब दिल्ली की लड़किया अपने आपको सुरक्षित महसूस करेगी. जहां हर जगह पे ये कांड हो रहे है और राजनीतिक पार्टियाँ कहते है कि दिल्ली बहुत ही सुरक्षित है. लेकिन सच तो ये है कि यहां बदमाशों को कोई खौफ नहीं है. पुलिस सिर्फ हाथ पे हाथ धरे बैठी है.

पद्मश्री से सम्मानित हिंदी के इस महान साहित्यकार ने, दुनिया से ली अलविदा

नई दिल्ली. हिंदी साहित्य के महान आत्मा ने इस दुनिया से विदा ले ली. साहित्यकार गरिराज किशोर को कोण नहीं जानता है. उन्होंने अपना सारा जीवन हिंदी साहित्य को अर्पित कर दिया.

पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार गिरिराज किशोर का रविवार सुबह कानपुर में उनके आवास पर हृदय गति रुकने से निधन हो गया. वह 83 वर्ष के थे. उनकी रचनाएं आज भी हिंदी साहित्य में मील का पत्थर हैं. 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति से पद्मश्री लेते गिर‍िराज किशोर
हिंदी के प्रसिद्ध उपन्यासकार कथाकार, नाटककार और आलोचक गिरिराज किशोर ने 83 वर्ष की आयु में दुनिया को अलव‍िदा कह दिया. अपने लोकप्रिय उपन्यासों जैसे‘ढाई घर’ और ‘पहला गिरमिटिया’ आदि के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा.

गिरिराज किशोर का रविवार 9 फरवरी को सुबह कानपुर में उनके आवास पर हृदय गति रुकने से निधन हो गया. वह 83 वर्ष के थे. उनके निधन से साहित्य के क्षेत्र में शोक की लहर छा गई. बता दें, मूलत: मुजफ्फरनगर निवासी गिरिराज किशोर कानपुर में बस गए थे. वो कानपुर के सूटरगंज में रहते थे. गिरिराज किशोर के परिवारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपना देहदान किया है इसलिए सोमवार को सुबह 10:00 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा. उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है. तीन महीने पहले गिरने के कारण गिरिराज किशोर के कूल्हे में फ्रैक्चर हो गया था जिसके बाद से वह लगातार बीमार चल रहे थे.

गिरिराज किशोरके सम-सामयिक विषयों पर विचारोत्तेजक निबंध विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होते रहे. साल 1991 में प्रकाश‍ित उनके उपन्यास ‘ढाई घर’ को 1992 में ही ‘साहित्य अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था. गिरिराज किशोर द्वारा लिखा गया ‘पहला गिरमिटिया’ उपन्यास भी काफी चर्चा में रहा, इसी उपन्यास ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई थी. इस उपन्यास महात्मा गांधी के अफ्रीका प्रवास पर आधारित था.

गिरिराज का जन्म 8 जुलाई 1937 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फररनगर में जमींदार परिवार में हुआ था. उन्होंने कम उम्र में ही घर छोड़कर स्वतंत्र लेखन शुरू कर दिया था. वो जुलाई 1966 से 1975 तक कानपुर विश्वविद्यालय में सहायक और उपकुलसचिव के पद पर रहे. इसके बाद दिसंबर 1975 से 1983 तक आईआईटी कानपुर में कुलसचिव पद की जिम्मेदारी संभाली. राष्ट्रपति द्वारा 23 मार्च 2007 में साहित्य और शिक्षा के लिए गिरिराज किशोर को पद्मश्री पुरस्कार से विभूषित किया गया.
ये थे लोकप्रिय कहानी संग्रह-
‘नीम के फूल’, ‘चार मोती बेआब’, ‘पेपरवेट’, ‘रिश्ता और अन्य कहानियां’, ‘शहर -दर -शहर’, ‘हम प्यार कर लें’, ‘जगत्तारनी एवं अन्य कहानियां’, ‘वल्द’ ‘रोजी’, और ‘यह देह किसकी है?’ प्रमुख हैं. इसके अलावा, ‘लोग’, ‘चिडियाघर’, ‘दो’, ‘इंद्र सुनें’, ‘दावेदार’, ‘तीसरी सत्ता’, ‘यथा प्रस्तावित’, ‘परिशिष्ट’, ‘असलाह’, ‘अंर्तध्वंस’, ‘ढाई घर’, ‘यातनाघर’, उनके कुछ प्रमुख उपन्यास हैं. ये कहानिया उनको हिंदी साहित्य में हमेशा जीवित रखेगी.