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Friday, September 11, 2026
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Delhi Violence- ताहिर हुसैन की फैक्टरी में फॉरेंसिक टीम, जुटाए जा रहे हिंसा से जुड़े सबूत

नई दिल्ली. दिल्ली फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (Delhi Forensic Science Laboratory) की एक टीम शुक्रवार दोपहर आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन की चांद बाग स्थित फैक्टरी में पहुंची है। दिल्ली हिंसा में आइबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) के कांस्टेबल अंकित शर्मा की हत्या के आरोपों से घिरे AAP पार्षद ताहिर हुसैन के घर से बृहस्पतिवार को तबाही का सामान बरामद हुआ है। ताहिर के घर की छत से पेट्रोल बम, तेजाब के पाउच, गुलेल के साथ काफी संख्या में बोतलें भी मिली हैं। पुलिस ने घर को सील कर दिया है और अंकित के पिता की शिकायत पर पार्षद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार से अब तक 39 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने पूर्वी दिल्ली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर सुरक्षा और बढ़ा दी है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसा प्रभावित इलाके ब्रह्मपुरी में हर गली के बाहर सुरक्षा बल तैनात हैं। वहीं कुछ इलाकों में तेजी से हालात सामान्य हो रहे हैं। भजनपुरा में शुक्रवार सुबह से दुकानें खुली हैं और दुकान घरों से बाहर निकल रहे हैं।

मनोज तिवारी का ट्वीट, ताहिर हुसैन के आका को भी मिले सजा

इंटेलिजेंस ब्यूरो में तैनात कांस्टेबल अंकित शर्मा की क्रूर हत्या के मामले में AAP पार्षद ताहिर हुसैन पर मामला दर्ज होने के बाद राजनीति भी गरमा गई है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ट्वीट कर इशारों-इशारों में पूरी AAP पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट किया है- दुगुनी सज़ा मतलब अब ताहिर के साथ-साथ उसके आका को भी सज़ा मिलनी चाहिए कड़ी से कड़ी। निर्धारित समय सीमा में इस केस के आरोपियों और साज़िशकर्ताओं को फांसी की सज़ा मिलनी चाहिए। 400 बार चाकू से गोदना एक IB अफ़सर को ?? धार्मिक असहिष्णुता ने आप को कितना गिरा दिया।

दिल्ली हिंसा का क्रूर चेहरा आया सामने, अंकित शर्मा पर चाकू से 400 वार

नई दिल्ली. नागिरकता संसोधन कानून (CAA) को लेकर दिल्ली में हुई हिंसा का क्रूर चेहरा सामने आया है जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर दे। भीड़ की क्रूरता का शिकार हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जिस तरह के खुलासे किए हैं वह मानवता को शर्मसार कर देने वाला है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अंकित शर्मा पर चार घंटे में चाकू से 400 वार किए गए। अंकित को काफी देर तक तड़पा-तड़पा कर मारा गया। उनके सीने-पेट पर चाकू के निशान हैं। अंकित शर्मा के पिता के द्वारा जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसके मुताबिक इस मामले में आईपीसी की धारा 302, 201, 365, 34 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस एफआईआर में आम आदमी पार्टी से निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन का भी नाम है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि ताहिर हुसैन ने अपने घर पर गुंडे इकट्ठे किए थे, दफ्तर के ऊपर से फायरिंग की गई, पेट्रोल बम फेंके गए।

दर्ज एफआईआर में लिखा गया है कि अंकित 25 फरवरी की शाम 5 बजे घर से बाहर सामान लेने गया था, काफी देर के बाद बाद जब उसकी तलाश की गई तो वो नहीं मिला। 26 फरवरी को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस को गोताखारों की मदद से अंकित की लाश मिली थी। अब इस एफआईआर को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया।

आजम खां के साथ सीतापुर जेल में बंद बेटे अब्दुल्ला आजम की विधायकी भी गई

लखनऊ. आजम खान के बेटे और समाजवादी पार्टी (एसपी) से विधायक रहे अब्दुल्ला आजम की विधानसभा से सदस्यता समाप्त कर दी गई है। फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट में दोषी पाए जाने पर पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम की विधायकी खारिज कर दी थी। अब विधानसभा ने भी हाई कोर्ट के आदेशानुसार अब्दुल्ला आजम की विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी है।गौरतलब है कि फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट केस में कुर्की का नोटिस जारी होने के बाद आजम खान, उनकी पत्नी और विधायक तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम ने बुधवार को रामपुर की अदालत में सरेंडर किया था। यहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। गुरुवार को इन तीनों को रामपुर जेल से सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

आजम खान के खिलाफ 80 मुकदमे दर्ज

दूसरी ओर अब्दुल्ला आजम के पिता आजम खान के खिलाफ अब तक करीब 80 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। दो मामलों में बुधवार भी उनके खिलाफ धारा-82 के तहत कुर्की नोटिस अदालत से जारी हुए थे। इनमें एक मामला पड़ोसी को धमकाने और दूसरा आचार संहिता उल्लंघन का था।

दिल्ली हिंसा के दौरान देशी तमंचों का इस्तेमाल, सिर्फ गोली से हुईं 20 लोगों की मौत

नई दिल्ली. दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान अवैध हथियारों का जमकर इस्तेमाल किया गया। यमुनापार इलाके में सड़कें और गलियां 3 दिन गोलियां की आवाज से गूंजती रहीं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अभी तक मरने वालों में 20 की मौत गोली लगने से हुई है। पुलिसकर्मी के ऊपर भी तमंचा ताना गया। उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में अवैध हथियारों की भूमिका ने पुलिस और खुफिया विभाग को चिंता में डाल दिया है। पहली बार सड़कों पर जमकर अवैध असलहे चले। देश की राजधानी में इस तरह अवैध हथियारों का इस्तेमाल पुलिस के लिए नई चुनौती है।

 

अब पुलिस अधिकारी हिंसा थमने का दावा कर रहे हैं, लेकिन लोगों में अवैध हथियारों की पहुंच ने सभी को हैरत में डाल दिया है। अस्पतालों में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों में से अधिकांश गोली लगने से ही घायल हुए हैं। गुरुवार दोपहर तक हिंसा में मरने वाले 33 लोगों में से 20 को गोली लगी थी।

60 घायलों को लगी गोली

राजधानी में दंगे में 202 घायल हुए हैं। इनमें से 60 को गोली लगी है। घायलों में सबसे ज्यादा संख्या गोली लगने वालों की है। इसके बाद मारपीट, जलाना, पत्थर लगने की घटनाएं हैं। दिल्ली में लगातार अवैध हथियारों की संख्या बढ़ रही है। अवैध हथियार बरामदगी के मामलों में वर्ष 2016 से 2017 के बीच 53 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह 2017 से 2018 के बीच यह वृद्धि 37 फीसदी से ज्यादा थी।

दिल्ली पुलिस के लिए भी चिंता का विषय

दिल्ली के आसपास के इलाकों से अवैध हथियारों की आपूर्ति राजधानी में की जाती है। यमुनापार इलाके में बड़ी संख्या में अवैध हथियार हैं। मेरठ और आसपास के इलाकों से कई बार अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है, लेकिन लगातार बढ़ रहे अवैध हथियार पुलिस अफसरों के लिए भी चिंता का विषय है।

दिल्ली हिंसा- PFI के प्रमुख लोगों पर बड़ी कार्रवाई के मूड में मोदी सरकार

नई दिल्ली. नागरिकता संसोधन कानून (CAA) के खिलाफ होने वाली हिंसा में PFI का नाम सामने आने के बाद केंद्र की मोदी सरकार सख्त हो गई है।
केंद्र सरकार नागरिकता संसोधन कानून (CAA) के खिलाफ हिंसा में कई जगहों पर PFI का नाम आने के बाद संगठन को प्रतिबंधित करने की तैयारी कर रही है। साथ ही सरकार इसके बैनर तले काम कर रहे प्रमुख लोगों के खिलाफ UAPA ऐक्ट के तहत कार्रवाई कर सकती है।

अधिकारी ने कहा कि संगठन को प्रतिबंधित करने पर नाम बदलकर गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। लिहाजा हम संगठन के मुखिया सहित ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर सकते हैं, जो देश में हिंसा फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। अधिकारी ने कहा कि दिल्ली हिंसा में भी PFI की भूमिका की जांच एजेंसियां करेंगी। फिलहाल यूपी के कई हिस्सों में इस संगठन से जुड़े लोगों की भूमिका पर सरकार के पास रिपोर्ट है। अन्य तथ्य एकत्र किए जा रहे हैं। सरकार कानूनी पहलुओं को भी खंगाल रही है। जिससे कार्रवाई पर सवाल न उठाया जा सके। UAPA के तहत लोगों पर कार्रवाई का अधिकार एजेंसियों को दिया गया है।
पहले संगठन को ही प्रतिबंधित किया जाता था, लेकिन कानून में संशोधन के बाद यह रास्ता साफ हो गया है कि अगर कोई व्यक्ति देश को नुकसान पहुंचाने के लिए उग्रवादी या आतंकी गतिविधियों में शामिल है तो उसे आतंकी घोषित करके उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ऐसे व्यक्तियों की संपत्ति जब्त करने का अधिकार भी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पास है।

अभी तक UAPA संशोधन का केवल विदेशी आतंकियों के खिलाफ उपयोग किया गया है। मसूद अजहर, हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम को संशोधित कानून के तहत आतंकी घोषित किया था। सूत्रों ने कहा कि मामला पेचीदा है, इसलिए कार्रवाई में देरी हो रही है। एजेंसियों को कहा गया है कि वे व्यक्तिगत गतिवधियों पर पूरी रिपोर्ट तैयार करें। एजेंसियां दिल्ली में PFI मुख्यालय की गतिविधियों और उसके प्रदेश अध्यक्ष परवेज मुहम्मद की गतिविधियों को भी खंगाल रही हैं।

दिल्ली हिंसा- AAP पार्षद ताहिर हुसैन पर हत्या का केस दर्ज, पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के एक कर्मचारी की हत्या में शामिल रहने का आरोप लगने के बाद दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने अपने पार्षद ताहिर हुसैन को पुलिस जांच पूरा होने तक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आप सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। गुप्तचर ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा दिल्ली के दंगा प्रभावित चांद बाग इलाके में एक नाले में बुधवार को मृत पाये गये थे, जहां वह रहते थे।

अंकित शर्मा के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। हालांकि हुसैन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, ‘मुझे खबरों से पता चला कि मुझ पर एक व्यक्ति की हत्या का आरोप लगाया जा रहा है। यह झूठ और निराधार है। हमारी सुरक्षा के लिए मेरा परिवार और मैं सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में अपने घर से चले गए थे।’ गुरुवार को हुसैन के घर की छत से पेट्रोल बम, पत्थर और ईंटे मिली हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैंने हिंसा को रोकने का काम किया। मैं निर्दोष हूं। मैंने लोगों को अपनी दीवार पर चढ़ने से रोका। 24 फरवरी को पुलिस ने मेरे घर की तलाशी ली और हमें वहां से हटा दिया। बाद में हम एक सुरक्षित स्थान पर चले गए। 25 फरवरी शाम चार बजे तक पुलिस इमारत में मौजूद थी।

अमेरिका का पाकिस्तान पर दबाए बनाए रखना बहुत जरुरी, भारत ने बताई ये वजह

नई दिल्ली. भारत ने अमेरिका से कहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान के साथ शांति समझौते के लिए पाकिस्तान का सहयोग अहम है, लेकिन उसे पाकिस्तान पर उसकी सरजमीं से अपनी गतिविधियां चल रहे आतंकवादी नेटवर्क पर कार्रवाई करने के लिए दबाव बनाए रखना चाहिए।

जानकारी के मुता‎बिक मंगलवार 25 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच भेंटवार्ता के दौरान सीमापार आतंकवाद का खतरा तथा अमेरिका एवं तालिबान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते के मुद्दे प्रमुखता से उठे थे। भारतीय पक्ष ने अमेरिका से कहा कि अमेरिकी सैनिकों के हटने से आतंकवादी कार्रवाई नहीं बढ़ना चाहिए और अमेरिका को यह ध्यान में रखना चाहिए कि संविधान, महिलाओ और अल्पसंख्यकों के संदर्भ में पिछले 19 सालों में मिली उपलब्धियां धूल न फांकने लगे। लंबी वार्ता के बाद अमेरिका और तालिबान शनिवार 29 फऱवरी को एक शांति समझौते पर दस्तखत करने वाले हैं जिससे अफगानिस्तान से अमेरिकी सैन्यबलों की वापसी होने लगेगी।

अमेरिका का मानना है कि अफगानिस्तान में दशकों से जारी लड़ाई की समाप्ति तथा वहां शांति एवं स्थायित्व लाने के लिए पाकिस्तान का सहयोग अहम है। हम समझते हैं कि अमेरिका को अफगानिस्तान में पाकिस्तान का सहयोग चाहिए लेकिन साथ ही भारत मानता है कि अमेरिका को आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान पर दबाव जारी रखने की जरूरत है। वहीं दूसरी ओर, भारत और अमेरिका एक विशाल व्यापार समझौते के पहले चरण पर शीघ्र ही दस्तखत करने वाले हैं। यह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा चीन के साथ किए गए करार की तर्ज पर ही होगा।

दिल्ली हिंसा- भड़काऊ भाषण मामले में ओवैसी-पठान समेत गांधी परिवार के खिलाफ दर्ज FIR

नई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्‍ली सरकार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के पीछे राष्ट्र विरोधी ताकतों का हाथ होने की जांच की याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि हिंसा के पीछे किसी विशेष संगठन का हाथ है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को हिंदू सेना की अपील पर एआइएमआइएम नेता अबरुद्दीन औवेसी, असदुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान को भड़काऊ भाषण देने के आरोप में एफआइआर दर्ज करने की मांग पर नोटिस जारी किया है।इधर, हिंसा भड़काने के आरोप में अमानतुल्लाह खान, स्वरा भास्कर के खिलाफ कार्रवाई और दिल्ली हिंसा की एनआइए से जांच करने की मांग वाली याचिका पर भी दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

बता दें कि हिंदू सेना की ओर से हाईकोर्ट से दायर याचिका में एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी, वारिस पठान, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया, गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, आप नेता मनीष सिसोदिया और अमानतुल्लाह खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि अकबरुद्दीन ओवैसी, वारिस पठान, सोनिया, गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, आप नेता मनीष सिसोदिया और अमानतुल्लाह खान पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में एफआईआर दर्ज की जाए। हिंदू सेना के अलावा लॉयर्स वॉयस ने भी याचिका दाखिल की है. उन्होंने कहा कि इन बयानों की जांच के लिए एसआईटी गठित कर उचित कार्रवाई की जाए।

हिंसा के बाद पहला जुमा, दिल्ली पुलिस के लिए परीक्षा का दिन

नई दिल्ली. दिल्ली में हिंसा के बाद आज पहला जुमापुलिस के लिए आज का दिन चुनौतीभराबीते 2 दिनों से हिंसा की कोई खबर नहीं है. दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट इलाकों में हुई हिंसा के बाद आज शुक्रवार को पहला जुमा है. पुलिस के लिए आज का दिन किसी परीक्षा से कम नहीं होने वाला है. दिल्ली पुलिस के सामने सुरक्षा-व्यवस्था की बड़ी चुनौती होगी. जुमे की नमाज ऐसे समय पढ़ी जाएगी जब दिल्ली में तनाव का माहौल है. ऐसे में पुलिस की कोशिश होगी कि आज सब कुछ शांतिपूर्वक निपट जाए, जिसके बाद ही पुलिस राहत की सांस ले पाएगी.आपको बता दे, बीते दिनों देश की राजधानी के कुछ इलाकों में हिंसा भड़कने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे. यहां तक की सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस पर सख्त टिप्पणी की और कहा कि उसे Out of the box जाकर काम करना चाहिए. जुमे की नमाज ऐसे समय पढ़ी जाएगी जब दिल्ली में तनाव का माहौल है. ऐसे में पुलिस की कोशिश होगी कि आज सब कुछ शांतिपूर्वक निपट जाए, जिसके बाद ही वह राहत की सांस ले पाएगी. दिल्ली पुलिस के लिए आज दोहरी परीक्षा का दिन है. एक ओर जहां पुलिस का सारा फोकस नॉर्थ-ईस्ट इलाके में होगा तो वहीं साउथ दिल्ली के जामिया में जुमे की नमाज पढ़ने के बाद मार्च निकाला जाएगा. ये मार्च जामिया के जामा मस्जिद से सेंट्रल कैंटीन तक निकाला जाएगा. पुलिस की कोशिश होगी कि ये मार्च शांतिपूर्वक निकल जाए और कोई भी अप्रिय घटना न हो.

नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में तीन दिनों की हिंसा के बाद हालात अब काबू में हैं. बीते दो दिनों से हिंसा की कोई खबर नहीं आई है जो पुलिस के लिए बड़ी राहत की बात है. दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने गुरुवार को कहा कि पुलिस ने 48 एफआईआर दर्ज की है और 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने हिंसा के कई सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं. कई लोगों की पहचान हो चुकी है. गिरफ्तारी के लिए रेड चल रही है. उन्होंने कहा कि नार्थ ईस्ट दिल्ली में फिलहाल शांति है. 38 लोगों की मौत के बाद दिल्ली पुलिस अब हरकत में आई है. गुरुवार को हिंसा की जांच के लिए दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के तहत एक विशेष जांच दल का गठन किया गया. सभी एफआईआर को एसआईटी को ट्रांसफर कर दिया गया है.

दिल्ली हिंसा में आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन घिर गए हैं. उनके खिलाफ हत्या, आगजनी और हिंसा फैलाने का केस दर्ज हुआ है. ताहिर हुसैन पर आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या का आरोप है. हत्या का केस दर्ज होने के बाद ताहिर चौधरी को आम आदमी पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने उनके घर को भी सील कर दिया है. यह कार्रवाई तब हुई जब उनके घर के छत से पत्थर, पेट्रोल बम, तेजाब के पैकेट और गुलेल पाए गए. आरोप है कि ताहिर हुसैन के घर के छत से ही पत्थरबाजी हुई.

बॉलीवुड के दंबग सलमान खान ने फिर गोद लिया गांव

मनोरंजन डेस्क. बॉलीवुड के दंबग खान सलमान खान अपनी दरियादिली के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने एक बाढ़ पीडि़त गांव को गोद लेने का फैसला लिया है। गांव का नाम है खिदरापुर और यह कोल्हापुर जिले में है। 2019 में यहां भीषण बाढ़ आई थी।

बाढ़ प्रभावित इलाके में सलमान खान और ऐलान फाउंडेशन मिलकर लोगों के लिए आश्रय और आवास का जिम्मा लिया है। सलमान सोशल मीडिया पर भी बाढ़ पीडि़तों के लिए दुख जता चुके हैं। उन्हें लगता है कि घर बुनियादी जरूरत है और वह लोगों की इसमें मदद करना चाहते हैं।वहीं ऐलान फाउंडेशन के निदेशक रवि कपूर ने कहा कि वह इस नेक काम में सलमान खान का साथ पाकर खुश हैं।