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Friday, August 7, 2026
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अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: पाक PM इमरान खान

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा की निन्दा करते हुए आगाह किया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रविवार से हो रही हिंसा में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा ‎कि मैं अपने लोगों को आगाह करना चाहता हूं कि जो भी हमारे गैर मुस्लिम नागरिकों या उनके धर्मस्थलों को निशाना बनाएगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा। हमारे अल्पसंख्यक इस देश के बराबर के नागरिक हैं। खान ने दिल्ली में हुई हिंसा की निन्दा की।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट किया ‎कि अब भारत में 20 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। विश्व समुदाय को अब कार्रवाई करनी चाहिए। जब भी घृणा आधारित नस्लवादी विचारधारा हावी होती है तो खूनखराबा होता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पिछले साल के अपने संबोधन का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के भारत के फैसले की अनदेखी न करने को कहा था।

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा की निन्दा करते हुए आगाह किया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रविवार से हो रही हिंसा में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा ‎कि मैं अपने लोगों को आगाह करना चाहता हूं कि जो भी हमारे गैर मुस्लिम नागरिकों या उनके धर्मस्थलों को निशाना बनाएगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा। हमारे अल्पसंख्यक इस देश के बराबर के नागरिक हैं। खान ने दिल्ली में हुई हिंसा की निन्दा की।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट किया ‎कि अब भारत में 20 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। विश्व समुदाय को अब कार्रवाई करनी चाहिए। जब भी घृणा आधारित नस्लवादी विचारधारा हावी होती है तो खूनखराबा होता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पिछले साल के अपने संबोधन का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के भारत के फैसले की अनदेखी न करने को कहा था।

Delhi Violence: हिंसा के बाद लोग छोड़ रहे दिल्ली, तो रिश्तेदारों ने शादियों से दूरी बनाई

नई दिल्ली. उत्तर पूर्वी दिल्ली में 4 दिनों तक चली हिंसा का असर पड़ना शुरू हो गया है। हिंसा के चलते शादियों का रंग भी फिका पड़ गया है। लड़की वालों को जहां शादी की तैयारियों को लेकर दिक्कत हो रही है। वहीं लड़के वालों की तरफ से भी बाराती भी आने को तैयार नहीं है। उधर, हजारों लोगों ने अपना घर छोड़ना शुरू कर दिया है।चांदबाग, मूंगा नगर, करावल नगर, घोंडा और गोकलुपर से बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां पनाह ले रहे हैं। दूसरे राज्यों से रोजगार की तलाश में आए परिवार जो यहां किराये पर रह रहे थे, उन्होंने ने भी कमरे खाली करने शुरू कर दिए हैं। मौजपुर में रहने वाले दीपक की बहन का बुधवार को शादी थी। शादी का आयोजन कृष्णा मंदिर धर्मशाला में आयोजित की गई थी। बारात नागलोई से आने वाली थी।

दीपक का कहना है कि पहले दूल्हे वालों ने पहले 500 बाराती लाने के लिए कहां था, लेकिन हिंसा के चलते बाराती मौजपुर आने को तैयार नहीं थे। ऐसे में लड़के वालों की ओर से उन्हें फोन कर सूचना दी गई कि अब 50 से भी कम बाराती ही आ सकेंगे। मंगलवार को भी कृष्णा मंदिर धर्मशाला में एक लड़की की शादी का आयोजन किया गया था। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि हिंसा के चलते मंगलवार को बारात में कुल 12 बाराती ही पहुंच सके थे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हिंसा के मौहाल को देखते हुए बारातियों ने आने से मना कर दिया। ऐसे में सिर्फ दूल्हा और उसके घर वाले ही पहुंचे थे। यह हाल केवल एक शादी समारोह का नहीं है, बल्कि हर समारोह में यही स्थिति है। मौजपुर के रहने वाले जितेंद्र के यहां सगाई का कार्यक्रम था। सगाई में करीब 150 लोग पहुंचने वाले थे, लेकिन हिंसा के चलते 60 की संख्या में ही लोग पहुंचे। इससे भारी मात्रा में बना हुआ खाना नुकसान हुआ। साथ ही इलाके के कम ही लोग सगाई में पहुंचे।

लॉ छात्रा से गैंगरेप करने वाले 11 दरिंदे दोषी करार, किडनैप कर हुआ था सामूहिक दुष्कर्म

क्राइम डेस्क. रांची की एक अदालत ने कांके लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ गैंगरेप के मामले में 12 में से 11 आरोपियों को दोषी करार दिया है। 12वां आरोपी नाबालिग है। अदालत अब इन दोषियों को सजा देने पर 2 मार्च को सुनवाई करेगी। इस खौफनाक घटना के 90 दिन के अंदर ही अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। सुनवाई के दौरान 21 गवाहों ने गवाही दी। नाबालिग आरोपी के मामले की सुनवाई अब विशेष कोर्ट में चलेगी।

सजा सुनाते समय प्रधान न्‍यायायुक्‍त नवनीत कुमार की अदालत ने कहा कि इस हैवानियत के लिए सभी 11 दुष्‍कर्म, अपहरण करने, साजिश रचने समेत 5 धाराओं में दोषी पाया गया है। गौरतलब है ‎कि ‎कि 26 नवंबर को इस घटना को अंजाम दिया गया था और 27 नवंबर को गैंगरेप का मामला दर्ज हुआ था।

जिन आरोपियों को दोषी पाया गया है, उनमें कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्‍छप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा और ऋषि उरांव शामिल हैं। इस वीभत्‍स घटना के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने मामले की रोजाना सुनवाई का निर्देश दिया था। घटना के 24वें दिन जांच पूरी करके 20 दिसंबर का चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी।

बता दें कि गत वर्ष 26 नवंबर की शाम को झारखंड की राजधानी रांची में लॉ की एक स्टूडेंट का अपहरण कर उसके साथ 12 लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया था।

ICC T20 Women WC: शेफाली वर्मा की तूफानी बल्लेबाजी के साथ सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया, लगाई जीत की हैट्रिक

स्पोर्ट्स डेस्क. शेफाली वर्मा की शानदार बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन से भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC T20 Women’s World Cup में न्यूजीलैंड को 4 रन से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। इस मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शेफाली के 46 रनों की बदौलत 8 विकेट पर 133 रन बनाये। इसके बाद जीत के लिए मिले 134 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड टीम निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट पर 129 रन ही बना पायी। कीवी टीम भारतीय स्पिनरों के सामने बेबस नजर आयीं। एमिलिया केर ने 19 गेंदों पर नाबाद 34 रन बनाकर टीम को जीत दिलाने का प्रयास किया पर वह सफल नहीं हो पायीं। केर के अलावा केटी मार्टिन ने 25 व मैडी ग्रीन ने 24 रन बनाये। वहीं भारतीय टीम की ओर से दीप्ति शर्मा, शिखा पांडे, राजेश्वरी गायकवाड़, पूनम यादव और राधा यादव ने एक-एक विकेट लिया।

भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 17 रन से जबकि दूसरे मैच में बांग्लादेश को 18 रन से हराया था। न्यूजीलैंड को हराने के साथ ही भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरा मैच जीतकर हैट्रिक बनायी है। अब भारतीय टीम का मुकाबला अगले लीग मैच में शनिवार को श्रीलंका से होगा। इस मैच में कीवी टीम ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। भारतीय टीम की ओर से शेफाली ने 34 गेंदों पर 4 चौकों और 3 छक्कों को लगाकर तेजी से 46 रन बनाये।

वहीं सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने वापसी करते हुए पारी की शुरुआत की पर वह 8 गेंद पर 11 रन बनाकर ही पेवेलियन लौट गयीं। मंधाना के आउट होने के बाद भी शेफाली ने तेजी से बल्लेबाजी जारी रखी। भारतीय टीम ने पावरप्ले के ओवरों में 49 रन बनाए। शेफाली और तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरीं तानिया भाटिया 23 ने दूसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी बनायी। तानिया दसवें ओवर में आउट हुईं।

तानिया के आउट होने के बाद उतरी युवा बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स इस बार 10 रन ही बना पायीं। कप्तान हरमनप्रीत कौर अपने खराब फार्म से उबर नहीं पायी हैं और वह केवल एक रन ही बना पायीं। बायें हाथ की बल्लेबाज दीप्ति शर्मा आठ और वेदा कृष्णमूर्ति भी छह रन ही बना पायीं। राधा यादव ने अंतिम क्षणों में 14 रन बनाए जबकि शिखा पांडे दस रन बनाकर नाबाद रही। इस मैच में भारतीय टीम में दो बदलाव किए करते हुए स्मृति मंधाना और राधा यादव को शामिल किया। वहीं अरुंधती रेड्डी और ऋचा घोष को बाहर किया गया है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड ने जेस केर और रोजमैरी की जगह माइर औ एमा पेटरसन को शामिल किया।

दिल्ली हिंसा की सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट जज एस मुरलीधर का आधी रात तबादला

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में नागरिकता संशोधित कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा मामले में कड़ा रवैया अपनाने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एस मुलरीधर का बुधवार देर रात तबादला कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एस बोबड़े ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ चर्चा कर एस मुरलीधर का दिल्ली हाईकोर्ट से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट तबादला कर दिया गया है। राष्ट्रपति भवन ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।आपको बता दें, बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि CAA हिंसा के सिलसिले में भाजपा के तीन नेताओं द्वारा कथित तौर पर दिए गए नफरत भरे भाषण के लिए प्राथमिकी दर्ज करने में ‘सोच समझकर निर्णय’ करे। अदालत ने निर्देश दिया कि इस बारे में गुरुवार तक सूचित किया जाए। भाजपा के ये तीन नेता हैं- कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा। जिस पीठ ने यह फैसला सुनाया, उसमें एस मुरलीधर भी शामिल थे। जस्टिस एस. मुरलीधर और जस्टिस तलवंत सिंह की पीठ ने विशेष आयुक्त प्रवीर रंजन के आश्वासन को रिकॉर्ड में लिया कि वह आज ही पुलिस आयुक्त के साथ बैठक करेंगे और सभी वीडियो क्लीप देखेंगे और प्राथमिकियां दर्ज करने पर सोच समझकर निर्णय करेंगे।

दिल्ली की कमान अजीत डोभाल को सौंपी

वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तर पूर्व क्षेत्र में दो दिन की सांप्रदायिक हिंसा में अब तक 34 लोगों की मौत हो गई है। फिलहाल गुरुवार को राजधानी में शांति बनी हुई है और पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) में 2 लोगों की मौत हुई, वहीं अन्य दो अस्पतालों में दो लोगों की मौत हुई है। घायलों की संख्या 200 के पार बताई जा रही है। मालूम हो कि इससे पहले बुधवार को पुलिस ने बताया था कि 27 लोगों की मौत हुई है।

इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने हिंसा में कथित भागीदारी को लेकर 106 लोगों को गिरफ्तार किया है और 18 प्राथमिकियां दर्ज की हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मणदीप सिंह रंधावा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि बुधवार को कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई और उत्तर पूर्व दिल्ली से पीसीआर कॉल घट गए हैं। खूफिया ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा का शव बुधवार को नाले से बरामद किया गया। वह मंगलवार रात को अपनी ड्यूटी पूरी करके घर लौट कहे थे।

अमेरिका की बियर फैक्ट्री में अंधाधुंध फायरिंग, 7 की मौत

वर्ल्ड डेस्क. अमेरिका के विस्कोन्सिन प्रांत में बियर बनाने वाली एक कंपनी में हुई गोलीबारी में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई। मैवोकी शहर में दुनिया के सबसे बड़े बियर बनाने वाली यूनिट में से एक मोलसन कूर्स के कैंपस में हुई इस गोलीबारी को शहर के मेयर ने भयावह बताया है। टॉम बेरेट के मुताबिक गोलीबारी में कई लोग मारे गए हैं। हमलावर भी ढेर किया जा चुका है। हालांकि, मेयर ने मरने वालों का आंकड़ा नहीं दिया।

बुधवार दोपहर को एक बंदूकधारी ने मोलसन कूर्स कॉम्पलेक्स में अंधाधुंध फायरिंग करने लगा। जब तक हमलावर को मार गिराया जाता, तब तक उसने कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया। शहर के मेयर टॉम बेरेट ने बताया, यह बहुत ही भयावह था। कई लोगों की मौत हुई है, मुझे लगता है कि हमलावर भी मारा गया है।

इस बियर बनाने वाली यूनिट में कम से कम 600 लोग काम करते हैं। मौवाकी में जिस जगह पर गोलीबारी की घटना हुई उसे मिलर वेली के नाम से जाना जाता है। उसका नाम बियर बनाने वाली कंपनी मिलर के नाम पर पड़ा है जो अब मोलसन कूर्स का ही हिस्सा है। मिलर वेली में 160 साल पुरानी बियर बनाने वाली कंपनियां हैं। यहां पर पैकेजिंग सेंटर है जहां हर मिनट हजारों केन्स पैक होती हैं। यहां बियर डिस्ट्रब्यूशन सेंटर का आकार फुटबॉल के 5 मैदानों के बराबर है।

कोरोना वायरस: जापान के तट पर खड़े क्रूज शिप में फंसे थे 138 भारतीय, भारत ने कराया एयरलिफ्ट

वर्ल्ड डेस्क. कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद पिछले कई दिनों से जापान के तट पर खड़े क्रूज शिप डायमंड प्रिंसेज में फंसे 119 भारतीयों को एयरलिफ्ट कर लिया गया है। एयर इंडिया की एक स्पेशल फ्लाइट से इन भारतीयों और 5 विदेशी नागरिकों को गुरुवार सुबह दिल्ली लाया गया। ये 5 विदेशी श्रीलंका, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका और पेरू के हैं। भारत ने इन लोगों को एयरलिफ्ट करने में मदद के लिए जापान को शुक्रिया कहा है।

खास बात यह है कि इंडियन एयर फोर्स का एक विमान चीन के वुहान शहर से भी 112 भारतीयों को विदेशियों को लेकर आ रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्वीट किया, तोक्यो से एयर इंडिया की फ्लाइट 119 भारतीयों और श्रीलंका, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका व पेरू के 5 नागरिकों को लेकर अभी-अभी दिल्ली उतरी है। ये सभी कोरोना वायरस की वजह से डायमंड प्रिंसेज पर अलग-थलग रखे गए थे। जापानी अधिकारियों के सहयोग काबिले तारीफ है। एयर इंडिया को एक बार फिर धन्यवाद।

बता दें कि क्रूज शिप डायमंड प्रिंसेज पर कुल 3,711 लोग सवार थे जिनमें 138 भारतीय थे। भारतीयों में 132 तो चालक दल के सदस्य थे और बाकी 6 यात्री। बाकी भारतीयों का जापान में ही इलाज चल रहा है। सवार लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की आंशका की वजह से शिप को जापान के तट पर 5 फरवरी को अलग-थलग कर दिया गया था। बाद में आशंका सही साबित हुई और जहाज पर सवार कुछ भारतीयों समेत कई लोग कोरोना वायरस के टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए। बता दें कि दुनिया भर में 37 देशों के 80000 लोगों को इस घातक वायरस ने अपनी चपेट में लिया है जबकि 2600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

चीन के वुहान से भी लाए जा रहे हैं भारतीय

दूसरी तरफ, इंडियन एयर फोर्स का सी-17 ग्लोबमास्टर विमान चीन के वुहान शहर से 112 भारतीयों और विदेशियों को लेकर आ रहा है। यह विमान कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित चीन के वुहान शहर के लिए भारत से जरूरी चिकित्सकीय सामग्री लेकर पहुंचा था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राहत सामग्री की खेप को मुश्किल की घड़ी में चीन के लोगों के साथ भारत की एकजुटता की मजबूत अभिव्यक्ति करार दिया। सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य विमान करीब 15 टन मेडिकल सहायता लेकर चीन पहुंचा जिनमें मास्क, ग्लब्स और अन्य चिकित्सा उपकरण थे। इस अभियान में तालमेल का काम देख रहे भारतीय दूतावास ने कहा कि राहत सामग्री उतारने के बाद उड़ान 112 भारतीयों एवं विदेशियों को लेकर रवाना हो गई।

 अगल-अलग भाषाएं सीख कर आप भी पा सकते हैं एक अच्छी नौकरी

करियर डेस्क. अगर आप तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं तो हिंदी और अंग्रेजी के साथ ही अलग-अलग भाषाएं सीखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। अलग-अलग और नई तरह की भाषा आपको एक अच्छी नौकरी भी दिला सकती है। अगर इन भाषाओं का ज्ञान हिंदी के साथ हो तो आपको नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

स्पेनिश

अगर किसी भाषा को वाकई वैश्विक भाषा का दर्जा मिल सकता है तो वो स्पेनिश है। दुनिया भर में इस भाषा से जुड़े रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। अमेरिका में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जो स्पेनिश बोलते हैं। इसके अलावा मुसाफिरों की तादाद भी काफी है। इसे सीखना तुलनात्मक रूप से आसान है। स्पेन के अलावा ये भाषा दक्षिण अमेरिका के कई देशों और मेक्सिकों में भी बोली जाती है।

जर्मन

जर्मनी के अलावा स्विटजरलैंड में भी ये भाषा काफी प्रचलित है और ये दोनों देश यूरोप में कारोबार का केंद्र माने जाते हैं। ऐसे में ये भाषा कारोबार के लिहाज से अहम है।

फ्रेंच

दुनिया भर में 20 करोड़ से ज्यादा लोग यह भाषा बोलते हैं। दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में आप फ्रेंच बोल-सुन सकते हैं। ये 8 देशों की भाषा है और संयुक्त राष्ट्र में इसे आधिकारिक दर्जा हासिल है।

अंग्रेजी

अंगेजी का महत्‍व आपको पता ही है। लंदन, अमेरिका समेत यूरोप में प्रमुख तौर पर बोली जाने वाली भाषा है। इससे करियर की असीम संभावनाएं आपके लिए खुलती हैं।

जापानी

अंग्रेजी में कई ऐसे शब्द हैं, जो इसी भाषा में पहुंचे हैं। अगर एशिया के रोबोटिक केंद्र में जगह बनानी है तो जापानी सीखना अनिवार्य समझ लीजिए।
अरबी

30 करोड़ लोग यही भाषा बोलते हैं। दुबई और आबु धाबी जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों की भाषा है। ये भाषा कई क्षेत्रों में रोजगार दिला सकती है। पश्चिम एशिया और अफ्रीका के कई देशों में ये भाषा इस्तेमाल होती है।

खुद को तरोताजा रखने के लिए रोजाना पीजिए 3 कप कॉफी, दिल भी रहेगा तंदुरुस्त

हेल्थ डेस्क. हम सब थकान मिटाने और खुद को तरोताजा रखने के लिए कॉफी पीते हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि काफी का नियमित इस्तेमाल दिल को भी दुरुस्त रखता है। यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाओलो में हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि रोजाना तीन कप कॉफी पीने से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा घट जाता है और धमनियां भी सुरक्षित रहती हैं।

अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि अधिक कॉफी का इस्तमाल करने वाले लोगों की धमनियां सख्त नहीं हुई थीं। यह अध्ययन जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित हुआ है। विशेषज्ञों ने इसके लिए 4400 लोगों के खानपान व कोरोनरी आर्टरी कैल्शियम (सीएसी) के आंकड़े भी जुटाए। प्रमुख शोधकर्ता एंड्रिया मिरांडा ने अपने शोध में पाया कि आदतन तीन कप कॉफी पीने वालों की धमनियों में कैल्शियम जमने से सख्त होने का खतरा कम पाया गया। हालांकि ज्यादा कॉफी पीने के प्रति चेतावनी भी दी है।

यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबरा के वैज्ञानिकों का कहना है कि कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट तत्व सेहत के लिए लाभकारी होते हैं। रोस्टेड कॉफी में एक हजार बायोएक्टिव कम्पाउंड होते हैं, इसमें कुछ लाभ पहुंचाने वाले एंटीऑक्सिडेंट हैं, जिसके सूजनरोधी, रेशारोधी और कैंसररोधी प्रभाव होते हैं। उन्होंने देखा कि इससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा 15 फीसदी तक कम हो जाता है। साथ ही हृदय संबंधी बीमारियों के कारण होने वाली मौतों की आशंका 19 फीसदी तक कम हो जाती है। इसके अलावा कॉफी पीने वालों में लिवर कैंसर का खतरा 34 फीसदी, आंतों के कैंसर का खतरा 17 फीसदी तक घट जाता है।

ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को नहीं ब्रेस्ट कैंसर की जानकारी, रिसर्च में खुलासा

हेल्थ डेस्क. भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली ज्यादातर महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जानकारी ही नहीं है। यह दावा स्वीडन की एक यूनिवर्सिटी के रिसर्च में किया गया है। ऊमेओ विश्वविद्यालय के छात्र नीतिन गंगाने ने ये रिसर्च की है।रिसर्च में पाया गया कि ज्यादातर भारतीय महिलाओं को अपने ब्रेस्टे में होने वाली गांठों का खुद से पता लगाने का तरीका नहीं मालूम है। देश के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में काफी देर करती है और ज्यादातर मामलों में इसका कारण इलाज महंगा होना होता है। अशिक्षा, नजरअंदाज करना, गरीबी और अंधविश्वास के कारण भी कई महिलाएं अस्पताल जाने में बहुत देर करती हैं। महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का इलाज इसीलिए भी नहीं करवाती क्योंकि उन्हें ब्रेस्ट में होने वाली गांठ में कोई दर्द महसूस नहीं हुआ।

गंगाने के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर के सफल इलाज के लिए समय रहते उसके बारे में पता चलना अहम होता है। महिलाओं को इसके लक्षणों और इसके इलाज के बारे में जागरूक करना महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र के ग्रामीण जिले वर्धा में महिलाओं पर दो रिसर्च की गई। जिसमें पाया गया कि महिलाओं को ब्रेस्ट में गांठों का पता लगाने का तरीका मालूम ही नहीं था। रिसर्च में ये भी पाया गया कि हर तीसरी महिला ने कभी भी ब्रेस्ट कैंसर के बारे में नहीं सुना था।