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Tuesday, September 15, 2026
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Corona virus: PM मोदी ने 22 मार्च को की जनता कर्फ्यू की अपील, पूरा देश करे समर्थन

नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना को रोकने के लिए कई बड़े ऐलान किए थे, जिसमें 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को घर से न निकलने की सलाह भी शामिल है। सरकार ने एडवाइजरी भी जारी की है। इस एडवाइजरी पर सवाल उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन ने पूछा कि संसद क्यों चल रही है? डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को कहा सरकार की एडवाइजरी है कि 65 साल से अधिक उम्र के लोग घर में रहें। रविवार को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया गया है। और फिर भी संसद क्यों चल रही है? यह भ्रामक संदेश क्यों? राज्यसभा में करीब 44 फीसदी सांसद और लोकसभा में 22 फीसदी सांसद 65 और उससे अधिक साल के हैं। आप खुद संसद भवन से गायब हैं।कोरोना वायरस के बढ़ते केस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जाहिर करते हुए लोगों से अपील की थी। उन्होंने 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था और कहा था कि अगर बहुत जरूरी हो तो तभी घर से बाहर निकले। उन्होंने 65 साल से अधिक के बुजुर्गों और 10 साल से कम बच्चों को घर में रहने की सलाह दी थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि प्रत्येक भारतवासी सजग रहे, सतर्क रहें, आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी न हो अपने घर से बाहर न निकलें।

60 से 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति घर के भीतर ही रहें। इस रविवार यानि 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, जनता-कर्फ्यूं का पालन करें। रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से बचें, जो सर्जरी बहुत आवश्यक न हो, उसकी तारीख आगे बढ़वाएं। देशवासियों से अपील करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री के नेतृत्व में गठित कोविड-19 एकनामिक रिस्पांस टास्कफोर्स से आवश्यक फैसले लेने का आग्रह किया गया है। पीएम मोदी ने व्यापारी जगत से, उच्च आय वर्ग से, दूसरों का वेतन न काटने का आग्रह किया गया है। देशवासियों से सामान संग्रह न करने, पैनिक बाइंग न करने का आग्रह किया और आशंकाओं और अफवाहों से बचने की भी अपील की है।

ब्रेकिंग न्यूज: कच्चे तेल के भाव में भारी गिरावट, कंपनियों नहीं कर रही कीमतों में कोई बदलाव?

नई दिल्ली।। कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है। कच्चे तेल की मांग दिनों दिन घटती जा रही है। जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। कच्चे तेल के दाम 17 साल के निचले स्तर पर आ गए हैं लेकिन आज चैथा दिन है, तेल कंपनियों ने तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सभी मेट्रो शहरों में तेल की कीमतें स्थिर हैं। जनवरी में अब तक पेट्रोल की कीमत में 6 रुपए तक की गिरावट आ चुकी है।आपको बता दे, शुक्रवार 20 मार्च को दिल्ली में आज चौथा दिन है जब पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं। पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 62.29 रुपए प्रति लीटर है। इसी तरह मुंबई में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में स्थिरता है। पेट्रोल की कीमत 75.30 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 65.21 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पेट्रोल के दाम 72.29 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 64.62 रुपए प्रति लीटर हैं। चेन्नई में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। पेट्रोल की कीमत 72.28 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 65.71 रुपए प्रति लीटर है।

UP से बड़ी खबर: कोरोना के बीच अलीगढ़ में अचानक तड़प-तड़पकर मर गए सैकड़ों बगुले, मौत के कारणों का नहीं चला पता

उत्तर प्रदेश।। दुनियाभर में कोरोना जैसी महामारी चल रही है और इससे मरने वालों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है. उत्‍तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में अचानक सैकड़ों बगुलों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. बगुलों की मौत की खबर मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी यहां पहुंचे और बगुलों के नमूने जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब में भेजे गए हैं. खेतों और पेड़ों पर मरे सैकड़ों बगुलों के शवों को देखकर हर कोई हैरान रह गया. आखिर उनकी मौत कैसे हुई इसकी जांच की जा रही है. फिलहाल करीब 100 से अधिक मृत बगुलों को दफना दिया गया है.आपको बता दे, जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इन बगुलों की मौत का असली कारण क्या है. हालांकि बगुलों की रहस्यमय मौतों से लोगों के बीच डर का माहौल है, जिस इलाके में इन बगुलों की मौत हुई है वहां पर दूर- दूर तक गंदगी देखी जा सकती है और यहां पर मीट की काफी फैक्ट्रियां हैं. इन मौतों के पीछे गंदगी को एक बड़ी वजह भी माना जा रहा है.

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो मरे हुए बगुलों के संपर्क में आने से बचें और घटनास्थल से दूरी बनाए रखें. इससे कुछ बड़ी बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है. DFO सतीश कुमार ने कहा कि एक मरे और एक बेहोशी की हालत में मिले बगुले को जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है. बगुलों की मौत का असली कारण तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा. लेकिन खेतों में डाली गई कीटनाशक दवाई भी इसकी एक बड़ी वजह समझी जा रही है. प्रशासन ने किसानों से अपील है कि वह कीटनाशक दवाओं का कम इस्तेमाल करें.

निर्भया कांड: 3 गुनहगारों ने जेल में कमाए थे इतने लाख, जानिए किसे मिलेगी ये पैसा

क्राइम डेस्क।। निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के चारों आरोपी अक्षय कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और मुकेश कुमार को दिल्ली के तिहाड़ जेल में सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी पर लटका दिया गया है. 16 दिसंबर 2012 को हुई थी यह घटना।7 साल बाद निर्भया को आज इंसाफ मिल गया है. गैंगरेप और मर्डर केस के चारों गुनहगारों अक्षय कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और मुकेश कुमार को दिल्ली के तिहाड़ जेल में सुबह ठीक 5.30 बजे फांसी पर लटका दिया गया है. फांसी के तख्ते पर लटकने से पहले चारों दोषी कई साल तक जेल में बंद रहे. इस दौरान दोषियों ने जेल में काम कर करके 1 लाख 37 हजार कमाए थे. अब सवाल उठता है कि यह पैसे किसे मिलेंगे.

तिहाड़ जेल प्रशासन ने बताया कि निर्भया के दोषियों ने जेल में काम करके 1 लाख 37 हजार कमाए थे. इसमें मुकेश ने कोई काम नहीं किया था, जबकि अक्षय ने 69 हजार रुपये, पवन ने 29 हजार रुपये और विनय ने 39 हजार रुपये कमाए थे. इन पैसों को उनके परिवार वालों को दिया जाएगा. इसके साथ ही चारों दोषियों के कपड़े और सामान को भी परिवारवालों को सौंपा दिया जाएगा.

तिहाड़ जेल के बाहर इकट्ठा हुई भीड़ ने दोषियों को फांसी दिए जाने पर मिठाई बांटकर जश्न मनाया और ‘निर्भया जिंदाबाद’ के नारे लगाए. मामले के चारों दोषियों को तय समय के अनुसार फांसी के तख्ते पर लटाकाया गया. इंसाफ करने के लिए कोर्ट का शुक्रिया अदा करते हुए तिहाड़ जेल के बाहर इकट्ठा हुए लोगों ने कहा कि यह न्याय की सुबह है.

फांसी पर लटकाने के बाद चारों दोषियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भेज दिया गया है. यहां डॉक्टर बीएन मिश्रा की अगुवाई में पांच सदस्यीय मेडिकल टीम शवों का पोस्टमार्टम करेगी. इसके बाद लाशों को उनके परिवारवालों को सौंपा जाएगा. अगर परिवार वाले शव नहीं लेते हैं तो तिहाड़ जेल प्रशासन ही उनका अंतिम संस्कार करेगा.

7 साल 3 महीने और 3 दिन पहले यानी 16 दिसंबर 2012 को देश की राजधानी दिल्ली में हुई इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. सात साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद चारों दोषियों अक्षय, पवन, मुकेश और विनय को आज फांसी दी गई. इस मामले एक दोषी राम सिंह ने पहले ही खुदकुशी कर ली थी.

Corona का खौफनाक मंजर: इटली में 48 घंटे में मरने वालों की संख्या जानकर उड़े होश?

हेल्थ डेस्क।। Corona के कहर से चीन मौत का सिलसिला थम गया है लेकिन इटली में यह महामारी भयावह रूप ले चुकी है. यहां मौत की संख्या ने चीन में मरने वाले लोगों की संख्या को पीछे छोड़ दिया है. चीन में पिछले दो दिनों में एक भी मौत नहीं हुई है. वहीं इटली में इन दो दिनों में 902 लोगों की मौत हुई है. चीन में अब तक 3248 लोग Corona से मौत के मुंह में समा चुके हैं. इटली में यह संख्या 3405 के पार चली गई है. भारत में Corona से 4 मौत हो चुकी हैं और 178 लोग संक्रमित हैं.

आपको बता दे, भारत में 5वीं मौत दर्ज की गई है. राजस्थान में यह मौत हुई है. मरीज इटली से आया था. वो सवाई मानसिंह अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती था. भारत में कुल 200 मामले सामने आए हैं. इटली ने चीन को पछाड़ाइटली में Corona के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. यहां मौत का आंकड़ा चीन के आंकड़े को पार कर चुका है. पिछले 48 घंटे में इटली में 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. गुरुवार को इटली में 427 लोगों की मौत हुई. इससे पहले बुधवार को यहां 475 लोगों की मौत हुई थी. कुल आंकड़े की बात करें तो इटली में 3,405 लोगों की मौत हो चुकी है.

Corona के मामले में भारत 48वें नंबर परकोरोना वायरस से पीड़ित देशों में भारत 48वें नंबर पर है. दो दिन पहले भारत 43वें नंबर पर था. यह जानकारी जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजिनियरिंग ने जारी किया है. 81,155 संक्रमित लोगों की संख्या के साथ चीन नंबर एक पर है. वहीं, इटली में 41,035 लोग, ईरान में 18,407 लोग और स्पेन में 17,395 लोग संक्रमित हैं.

कोरोना के कहर से देश में 5वीं मौत, संक्रमित मरीजों की संख्या 200

हेल्थ डेस्क।। देश में कोरोना वायरस संक्रमण से गुरुवार को पांचवी मौत होने के साथ ही इसमें मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. वहीं, इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए कई राज्यों में पाबंदियां लगाई जाने के चलते वे बंद जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात 8 बजे देश के नाम अपने संबोधन में इस संकट का मजबूती से मुकाबला करने के लिए 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ‘‘जनता कर्फ्यू ’’ का आह्वान किया. उन्होंने लोगों से अपील की कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के अलावा अन्य शख्स इस दौरान घर से बाहर नहीं निकले.
आपको बता दे, अब तक देश भर में 200 मामले सामने आए हैं. कोरोना वायरस से अब तक भारत में 5 मरीजों की मौत हो चुकी है. राजस्थान में इटली के नागरिक की मौतराजस्थान में कोरोना वायरस पॉजिटिव का पहला मरीज इटालियन की आज डेथ हो गई. सवाई मानसिंह अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती था. हालांकि कुछ दिन पहले उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आ गई थी. मगर किडनी और लंग इन्फेक्शन काफी ज्यादा हो चुका था.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना के चार नए केस सामने आए हैं. इससे देशभर में मरीजों की संख्या 200 हो गई है. अभी तक लखनऊ के केजीएमयू में 9 मरीजों का इलाज चल रहा है.

MP में कांग्रेस के गाल पर लगा जोर से तमाचा, इस्तीफा दे सकते हैं कमलनाथ!

नई दिल्ली।। MP में कमलनाथ की सरकार बचेगी या वहां बीजेपी का कमल खिलेगा, इसका फैसला आज शाम 5 बजे तक हो जाएगा। विधानसभा का विशेष सत्र 20 मार्च को दोपहर दो बजे बुलाया गया है। लेकिन इससे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार के पास नंबर नहीं है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि पैसे और सत्ता के दम पर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाया गया है। दिग्विजय ने कहा कि यह मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है कि वे इस्तीफा देते हैं या फ्लोर टेस्ट में जाते हैं। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना बहुमत साबित करने के लिए शुक्रवार को विधानसभा में शाम पांच बजे तक का समय दिया है। मध्यप्रदेश की सियासत बीते 10 दिन में कई करवट ले चुकी है।MP कांग्रेस विधायक दल ने अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया। इसमें कहा गया है कि वे सभी 20 मार्च को विधानसभा में मौजूद रहें और बहुमत परीक्षण के दौरान कमलनाथ सरकार के पक्ष में मतदान करें। वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने भी अपने विधायकों को व्हिप जारी कर कमलनाथ सरकार के खिलाफ मतदान करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य बीजेपी विधायकों की कमलनाथ सरकार के बहुमत परीक्षण की मांग वाली याचिकाओं पर दो दिन से सुनवाई कर रही थी। पीठ ने विधानसभा के स्पीकर को विशेष सत्र बुलाने और राज्य सरकार को सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया। पीठ ने विधायकों से अपना हाथ उठाकर मत प्रकट करने का निर्देश दिया। विधानसभा की पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग का भी आदेश दिया गया है। पीठ ने कहा कि वह बागी विधायकों को यह आदेश नहीं दे सकती कि वे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हो या नहीं। यह उन विधायकों की इच्छा पर निर्भर करता है।
विधानसभा की स्थिति- कुल सदस्य- 222, कांग्रेस- 92, बागी- 22, बीजेपी- 107

देश की बेटी निर्भया को 7 साल बाद आज मिला इंसाफ, फांसी पर लटके दोषी

क्राइम डेस्क।। निर्भया गैंगरेप के करीब 7 साल बाद निर्भया के 4 गुनहगारों को आज तमाम कानूनी अड़चनों के खत्म होने पर फांसी के फंदे पर लटका दिया गया. तिहाड़ जेल के फांसी घर में पवन, विनय, मुकेश और अक्षय को फांसी की सजा दी गई. जब यह मामला सामने आया था तो इसके कुल 6 दोषी पाए गए थे. ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि चार को तो फांसी दे दी गई फिर बाकी के दो दोषियों का क्या हुआ और उन्हें क्या सजा मिली?

निर्भया से बस में गैंगरेप के मामले में कोर्ट ने 33 साल के राम सिंह को भी दोषी ठहराया था. इसके बाद राम सिंह ने शर्मिंदगी की वजह से साल 2013 में तिहाड़ जेल में ही आत्महत्या कर ली थी. राम सिंह उस बस का ड्राइवर था जिसमें 6 दोषियों ने निर्भया के साथ दरिंदगी को अंजाम दिया था. वो दिल्ली के रविदास कैंप का रहने वाला था.

वहीं निर्भया गैंगरेप केस में कोर्ट ने 17 साल के एक नाबालिग को भी दोषी पाया था. ऐसा माना जाता है कि निर्भया के साथ सबसे ज्यादा क्रूरता इसी नाबालिग ने की थी लेकिन 18 साल से कम उम्र होने की वजह से उसे फांसी की सजा नहीं दी गई. हालांकि उसे 3 साल बाल सुधार गृह में रखा गया था और सजा खत्म होने के बाद उसे अज्ञात जगह भेज दिया गया ताकि वो सुरक्षित रह सके.

आपको बता दें कि चारों दोषियों के वकील एपी सिंह जब कानूनी हथकंडे से इस बार इन्हें बचाने में नाकाम हो गए तो वो निर्भया और उसकी मां को ही भला बुरा कहने लगे. एपी सिंह दोषियों को बचाने की आखिरी कोशिश को लेकर देर रात सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे लेकिन वो दोषियों को बचाने में नाकाम साबित हुए.

निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को सुबह 5.30 बजे फांसी के फंदे से लटका दिया गया. तमाम कानूनी अड़चनों के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल के फांसी घर में सुबह 5.30 बजे फांसी दी गई.

निर्भया के चारों दोषी पवन, विनय, मुकेश और अक्षय को फांसी घर में फांसी दी गई. मेरठ से आए पवन जल्लाद ने चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर चढ़ाया.

कोरोना- मुश्किल समय में इस वायरस को रोकने हर कोई कर रहा कड़ी मेहनत: केजरीवाल

नई दिल्ली. कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में जारी है। हर कोई खतरनाक वायरस की वजह से खौफ में जी रहा है तो वहीं कुछ की हालत बेहद खराब चल रही है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये मुश्किल समय है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी इस संकट से निकलने में जरूर सफल होगी क्योंकि हर कोई घातक बीमारी को रोकने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘माननीय उपराज्यपाल से मिला और चर्चा की कि आगे क्या उपाय किए जाने की जरूरत है। हर कोई वायरस को रोकने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। ये कठिन समय है। लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है। हम सब इस संकट से निकल जाएंगे।’ दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 10 हो गए हैं, जिनमें एक विदेशी नागरिक शामिल है।

Corona virus को लेकर UP सरकार बड़ा फैसला, काम नहीं करने पर भी कर्मचारियों को मिलेगी सैलरी

हेल्थ डेस्क।। कोरोना वायरस ने देश में दहशत का माहौल बना हुआ है, जिसके बाद कई प्रदेशों की सरकार इस पर बड़ा फैसला ले रही हैं. आपको बता दें कि ऐसे में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही है। प्रदेश में बीजेपी सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद की गई प्रेस वार्ता में सरकार की ओर से घोषणा की गई है कि होम क्वारंटाइन सरकारी कर्मचारियों को पेड लीव दी जाएगी।

गौरतलब है कि सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि होम क्वारंटाइन या आइसोलेशन में रखे गए कर्मचारियों को सरकार पेड लीव की सुविधा देगी। वहीँ बता दें कि इससे पहले मंगलवार को सरकार ने दिहाड़ी मजदूरों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि उनके भरण-पोषण के लिए निश्चित धनराशि मुहैया करवाई जाएगी।

आपको बता दें कि इससे पहले सीएम आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रदेश में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों का मुफ्त में जांच और इलाज कराया जाएगा। इस जांच और इलाज में जो भी खर्च होगा, उसे राज्य सरकार वहन करेगी। साथ ही सरकारी कर्मचारियों के इलाज के लिए लिए गए अवकाश के दौरान वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी।