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Thursday, August 6, 2026
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टिक टॉक का बड़ा फैसला, मोटे और बदसूरत लोगों के वीडियो को पर लगाया बैन

मनोरंजन डेस्क।। वीडियो शेयरिंग एप टिक टॉक ना सिर्फ भारत बल्कि अन्य देशों में भी काफी लोकप्रिय है। क्या बच्चा क्या बूढ़ा हर किसी के लिए टिकटॉक पहली पसंद बन गया है। अकेलेपन में साथ देने के साथ पैसे कमाने का मौका देता है। टिकटॉक पर वीडियो अपलोड कर लाखों रुपए कमा रहे हैं। लेकिन अब यहां दिखने में बदसूरत, गरीब या फिर दिव्यांग की वीडियो नहीं दिखाई देने वाले है। क्योंकि टिकटॉक इन पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक टिकटॉक की ​कुछ गाइडलाइन द इंटरसेप्ट के हाथ में लग गई है। इसमें यह बात सामने आई है कि टिक टॉक असामान्य बॉडी शेप, मोटापा, अलग दिखने वाले लोग और ज्यादा रिंकल फेस वाले लोगों के वीडियोज को बैन करने जा रहा है। टिकटॉक ने अपने मॉडरेटर्स को दिए निर्देश में स्पष्ट लिखा कि जब भी यूजर्स अपनी टाइमलाइन पर जाए उस ऐसा कंटेंट नज़र आना चाहिए जो उस ऐसा फील कराए कि वहां उसके लिए ही बनाया जा रहा है। इसी के तहत बेकार के कंटेंट को फ़िल्टर कर देने के भी निर्देश हैं।

टिक टॉक गाइडलाइन के मुताबिक ख़राब दिखने वालों का वीडियो भी ख़राब दिखेगा और नए यूजर्स को आकर्षित नहीं कर पाएगा। इस पर टिकटॉक के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य सिर्फ ख़राब कंटेंट जो कि समाज के लिए नुकसानदायक हैं उन्हें हटाना है। टिकटॉक के मुताबिक उन्हें लगातार ऐसी रिपोर्ट्स मिल रही हैं कि प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल भी हो रहा है और कंपनी बस इसे ही रोकना चाहती है।

साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान का बड़ा बयान- बोले 20 बार OUT कर चुका है ये भारतीय गेंदबाज!

स्पोर्ट डेस्क॥ साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डीविलियर्स जिसे आमतौर पर एबी डिविलियर्स के नाम से जाना जाता है। साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर हैं जो साउथ अफ्रीकी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते थे। उन्हें वर्तमान पीढ़ी के बेस्ट बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। इनको OUT करने के लिए अच्छे-अच्छे गेंदबाजों के पसीने छूट जाते थे।

अपनी शानदार बल्लेबाजी के चलते क्रिकेट जगत में एक अलग पहचान बनाई थी। एबी डी विलियर्स ऑफ क्रिकेट नहीं खेलते क्योंकि उन्होंने क्रिकेट से संयास ले लिया है। और अभी विश्व भर में खेले जाने वाली अलग-अलग लीगो में खेलते हुए नजर आएंगे।

एबी डी विलियर्स ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि हमको OUT करना किसी भी गेंदबाज के लिए इतना आसान काम नहीं था। इनको OUT करने के लिए अच्छे-अच्छे गेंदबाजों के पसीने छूट जाते थे। एक ऐसे गेंदबाज के बारे में बताने वाला हूं, जो एबी डी विलियर्स का दुश्मन बनकर रहा उसने एबी डी विलियर्स को सबसे ज्यादा बार 20 बार OUT भी किया।

एबी डी विलियर्स ने कहा कि हमारे नाम एक दिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। यही नहीं एक दिवसीय की एक पारी में सबसे ज्यादा 16 छक्के लगाने का विश्व रिकॉर्ड भी एबी डी विलियर्स के नाम ही है। क्रिकेट जगत का हर बॉलर एबी डी विलियर्स को अपनी गेंदों पर से OUT करना चाहता है.

एबी डी विलियर्स ने कहा कि वह गेंदबाज कोई और नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर गेंदबाज इरफान पठान है। इस वक्त क्रिकेट दुनिया में केवल एक ही गेंदबाज ऐसा है। जिसने अपनी गेंदों पर एबी डी विलियर्स को 20 बार OUT किया है। इरफान ने इण्डियन क्रिकेट टीम के लिए कई बार अहम भूमिका निभाई है। इरफान इण्डियन क्रिकेट टीम के महान खिलाड़ियों में से एक है।

एबी डी विलियर्स ने आगे कहा कि इरफान पठान ने एक दिवसीय क्रिकेट में एबी डी विलियर्स को 7 बार OUT किया है। अंतरराष्ट्रीय T20 क्रिकेट करियर में 2 बार OUT किया है। और टेस्ट क्रिकेट करियर में 4 बार OUT किया है और IPL में 7 बार अपना शिकार बनाया है।

कोरोना का खौफ से इस कम्पनी ने बंद किये सभी स्टोर, कर्मचारियों और कस्टमर्स नहीं होगी…

नई दिल्ली।। कोरोना वायरस का खौफ समय के साथ-साथ पूरी दुनिया में बढ़ता ही जा रहा है। इसे देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट ने अपने सभी स्टोर बंद करने का निर्णय लिया है। माइक्रोसॉफ्ट ने एक ट्वीट में बताया कि सभी स्टोरों को बंद किया जा रहा है। इस बात की जानकारी सभी कर्मचारियों को ई-मेल के जरिए दी गई है। इस ईमेल में माइक्रोसॉफ्ट ने लिखा है कि कोराना वायरस के कारण कर्मचारियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए हम सभी स्टोर्स बंद कर रहे हैं। हम इस समय जिस तरीके से भी आपकी सेवा हो सकेंगे जरूर करेंगे। माइक्रोसॉफ्ट के सभी स्टोर्स 17 मार्च से लेकर 3 अप्रैल 2020 तक बंद रहेंगे।

आपको बता दे, ऐसे में कस्टमर्स को ऑनलाइन सुविधाएं मिलती रहेंगी। इसके साथ ही कम्पनी ने यह भी कहा है कि भले ही स्टोर्स बंद रहेंगे लेकिन कर्मचारियों को वेतन मिलता रहेगा। जिससे किसी को दिक्क्त न हो।

कोरोना की दहशत के बीच PM मोदी ने इन नियमों में किया बड़ा फेरबदल, 75 करोड़ लोग होंगे प्रभावित

नई दिल्ली।। दुनियाभर में कोरोना की महामारी ने कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया है. आपको बता दें कि ऐसे में कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में दहशत फैलाई हुई है. ऐसे में लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं और राशन को स्टॉक कर रहे हैं. वहीं इन हालातों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है.

आपको बता दें कि इसकी जानकारी देते हुए खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि नए नियम का फायदा देश के 75 करोड़ लोगों को मिल सकेगा. वहीं रामविलास पासवान के मुताबिक सस्ता आनाज पाने के हकदार 75 करोड़ लोगों को छह माह का राशन एक साथ उठाने की छूट दी जाएगी. अभी उन्हें ज्यादा से ज्यादा दो माह का अनाज समय से पहले उठाने की छूट है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रामविलास पासवान ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘हमारे गोदामों में अनाज का पर्याप्त भंडार है. हमने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे गरीब लोगों को छह माह के अनाज का कोटा एक साथ उठाने की छूट दें.’’ वहीं पासवान ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के बीच यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि आगे किसी प्रकार की पाबंदी के लागू होने पर गरीब लोगों को अनाज पाने में दिक्कत न हो.

भारत में लगातार बढ़ रही कोरोना मरीजों की संख्या, 84 फ्लाइट हुई रद्द

हेल्थ डेस्क।। दुनियाभर में कोरोना की महामारी ने कर्फ्यू जैसा माहौल बना दिया है. आपको बता दें कि ऐसे में कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में दहशत फैलाई हुई है.देशभर में कोरोना वायरस के कारण चेन्नई एयरपोर्ट पर 50 इंटरनेशनल और 34 डोमेस्टिक फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया गया है.रीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. संक्रमित लोगों की संख्या 170 हो गई है. इसमें तीन लोगों की मौत और 16 सही होकर घर जा चुके हैं.

भारत में अभी पॉजिटिव केस 151 हैं. कोरोना से महाराष्ट्र में पीड़ितों का आंकड़ा बढ़कर 45 हो गया है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 2, दिल्ली में 10, हरियाणा में 17, कर्नाटक में 14 ,केरल में 27, पंजाब में 2, राजस्थान में 7, तमिलनाडु में एक, तेलंगाना में 13, जम्मू-कश्मीर में 4, लद्दाख में 8, उत्तर प्रदेश में 17, उत्तराखंड में एक, ओडिशा में एक और पश्चिम बंगाल में एक केस सामने आए हैं.

आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस का दूसरा पॉजिटिव केस आया है. प्रकाशम जिले में एक मरीज कोरोना से संक्रमित पाया गया. इससे पहले नेल्लोर जिले में एक संक्रमित शख्स मिला है. अब तक भारत में 170 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है. दिल्ली से सटे नोएडा में अब तक 4 पॉजिटिव केस मिले है. इसके बाद प्रशासन ने कोरोना से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. नोएडा में बंद पड़े दो प्राइवेट अस्पताल में मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगे.

जानिए! कैसे फैलता है शरीर में कोरोना वायरस, क्या है इसके आम लक्षण

हेल्थ डेस्क।। पूरी दुनिया में कोरोना का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. भारत में कोरोना वायरस का मामला 170 तक पहुंच चुका है. कोरोना वायरस के लक्षण आम सर्दी जुकाम की ही तरह हैं. खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत इसके आम लक्षण हैं.

कोरोना के लक्षण आम सर्दी जुकाम की तरह ही है. इस वजह से ही लोगों को इस महामारी की पहचान करने में दिक्कत हो रही है. वैसे तो पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर कई महीनों से जारी है लेकिन वैज्ञानिकों ने अब यह बताया है कि दिनों के हिसाब से कोरोना वायरस के लक्षण कैसे उभरते जाते हैं और कब ये मरीज के शरीर में पूरी तरह से दिखना शुरू होते हैं. जल्द ही में वुहान विश्वविद्यालय के झोंगनान अस्पताल में 138 मरीजों पर एक स्टडी की गई जिसमें कुछ विशिष्ट लक्षणों की पहचान की गई.

स्टडी में पाया गया कि लगभग 99 फीसदी मरीजों के शरीर का तापमान बहुत ज्यादा था जबकि आधे से ज्यादा लोगों में थकान और सूखी खांसी थी. वहीं एक तिहाई लोगों को मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. इस बीमारी को दो मुख्य चरणों में बांटा जा सकता है- पहला चरण, जो आम तौर पर सात दिनों तक रहता है और दूसरा चरण, जो और दो सप्ताह तक रहता है.

राहत की बात है कि 85 फीसदी मरीज कोरोना वायरस के केवल पहले चरण का अनुभव करते हैं. जबकि सात में से एक मरीज पूरे तीन सप्ताह के लक्षणों से गुजरता है.

यहां हम डॉक्टरों के अनुसार दिनों के हिसाब से कोरोना वायरस के लक्षण बता रहे हैं साथ ही इन लक्षणों के दिखने पर आपको क्या करना चाहिए, ये जानकारी भी दे रहे हैं.

पहला दिन- वायरस से संक्रमित अधिकांश मरीजों में पहले बुखार होता है. इसके अलावा थकान, मांसपेशियों में दर्द और सूखी खांसी भी हो सकती है. कुछ लोगों को एक या दो दिनों के लिए उल्टी या डायरिया का भी अनुभव हो सकता है.

दूसरा दिन- दूसरे दिन आपको बहुत थकान महसूस होगी और आप कुछ भी कर पाने में खुद को असहाय महसूस करेंगे.

सातवां दिन- सातवें दिन यानी पहला चरण खत्म होने तक 85 फीसदी मरीजों में ये लक्षण कम होने लगते हैं. अगर आप अकेले रहते हैं और आपका बुखार ठीक हो गया है साथ ही आप खुद को बेहतर महसूस कर रहे हैं तो आप अपने काम पर वापस लौट सकते हैं.

अगर आप दूसरों के साथ रहते हैं तो आपको और सात दिनों के लिए आइसोलेशन में रहना चाहिए ताकि दूसरों तक आपका संक्रमण ना पहुंचे. हालांकि सातवें दिन तक अगर आपको सांस लेने में समस्या होने लगती है तो आप उन मरीजों में से हैं जो इस बीमारी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुके हैं. इस चरण पर कुछ मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत महसूस हो सकती है.

सत्रहवां दिन- आमतौर पर 17वें दिन के आसपास कोरोना वायरस से मरीज की मौत हो जाती है, हालांकि यह बात ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस चरण पर आकर मरने वालों का आंकड़ा अभी एक से दो फीसदी ही है.

इक्कीसवां दिन- 21वें दिन तक गंभीर कोरोना वायरस के मामले भी नियंत्रण में आ सकते हैं और आप अपने काम पर वापस लौट सकते हैं.

Corona virus: PM मोदी ने अपने सांसदों से करने को कहा ये काम…

नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना वायरस के खतरे से निपटने में डाक्टरों और नर्सो सहित चिकित्सा कर्मियों की भूमिका तथा जागरूकता फैलाने के लिए मीडिया की सराहना करते हुए सभी से रहने को कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के सांसदों से कोरोना वायरस के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए भी कहा। प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी संसदीय दल की बैठक में यह बात कही है। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि बजट सत्र की अवधि कम नहीं की जाएगी और यह पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तीन अप्रैल तक चलेगा। जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस से मुकाबला करने में डॉक्टरों, नर्सो और स्वास्थ्य कर्मियों की कड़ी मेहनत एवं योगदान की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के संबंध में जागरूकता फैलाने एवं सकारात्मक योगदान के लिए मीडिया की काफी प्रशंसा की।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजीव प्रताप रूडी का कहना है कि बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के संदर्भ में किए गए कार्यो को सामने लाने से डाक्टरों, नर्सो, नगरपालिका कर्मियों, हवाई अड्डा कर्मियों, सीआईएसएफ एवं अग्रिम मोर्चे पर जुटे लोगों का मनोबल बढ़़ता है। PM मोदी ने कहा कि ऐसे में हमें कोविड-19 से मुकाबला करने के विभिन्न आयामों को रेखांकित करने वाले विभिन्न लोगों का भी अभिनंदन करना चाहिए। PM मोदी ने कहा कि सभी स्तर पर विभिन्न प्राधिकार समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चत हो कि कोविड -19 नहीं फैले। रूडी के कहा कि बैठक में प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से कहा कि शनिवार एवं रविवार को जब वे अपने क्षेत्र में जाएं तो कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता फैलाने का काम करें। उन्होंने प्रधानमंत्री के हवाले से बताया कि मीडिया ने काफी सकारात्मक रूप से इस अभियान को आगे बढ़ाने का काम किया है।

Corona virus से बचने के लिए बिहार की जेल में कैदियों ने चलाई नई मुहीम?

पटना।। बिहार की जेलों में कोरोना से बचने के ‎लिये काफी को‎शिशे की जा रही हैं। इसके चलते पूर्णिया स्थित केन्द्रीय कारागार में कैदियों द्वारा खुद मास्क बनाए जा रहे है। कैदियों द्वारा उजले रंग के खादी के कपड़े से मास्क बना रहे हैं। जेल अधीक्षक जितेन्द्र कुमार और जेल उपाधीक्षक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पूर्णिया का केन्द्रीय कारागार बिहार का पहला कारागार है जहां के कैदी कोरोना के लिये मास्क बनाते है। जेल में मास्क बनाने के लिये दस मशीनें उपलब्ध हैं। इन मशीनों से प्रतिदिन 20 से 25 कैदी मास्क बनाने का काम कर रहे हैं। दो दिनों में करीब एक हजार मास्क बनकर तैयार हो गया है। जेल उपाधीक्षक ने बताया कि कैदी प्रतिदिन करीब पांच सौ मास्क बना लेते हैं। मास्क बनाने में जो कपड़ा होता है वो खादी का होता है साथ ही मेटेरियल का उपयोग होता है वो भी पूर्णिया केन्द्रीय कारागार के कैदियों द्वारा ही बनाया जाता है।

जेल उपाधीक्षक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि इस तरह काफी कम लागत में कैदियों और जेल के कर्मचारियों के लिये कैदियों द्वारा मास्क बनाया जा रहा है और जहां से भी जेल के लिये मास्क की मांग होगी वहां के जेल को मास्क की आपूर्ति की जायेगी। जेल उपाधीक्षक ने बताया कि पूर्णिया केन्द्रीय कारागार में इस समय 51 महिला कैदी समेत कुल 1435 कैदी बंद हैं। फिलहाल पुरुष कैदियों द्वारा मास्क बनाने का काम चल रहा है लेकिन जल्द ही महिला कैदियों द्वारा भी मास्क बनाया जायेगा। इसके लिये उन्हें ट्रेनिंग भी दी गयी है। इसके साथ ही जेल के सभी कैदियों को मास्क दिया गया है साथ ही सारे स्टाफ औऱ सुरक्षाकर्मियों को भी मास्क दिया गया है। हालां‎कि सरकार के निर्देश पर जेल में कैदियों से मुलाकात पर एक सप्ताह तक रोक लगा दी गई है।

BJP के इस नेता कहीं ये बात- वायरस में सांसें ढूंढ रही है कमलनाथ सरकार

नई दिल्ली।। मध्य प्रदेश में चल रहे सत्ता के सियासी संग्राम में कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि कमलनाथ सरकार अल्पमत की सरकार है। ये गवर्नर ने पहली चिट्ठी में ही लिख दिया था। कोरोना क्या केवल भोपाल के लिए आ गया है, विश्व की सांसों को बाधित करने वाले कोरोना में सरकार अपनी सांसें ढूंढ रही है। कमलनाथ सरकार बचेगी नहीं। उन्होंने आगे कहा कि, मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी और सेक्रेटरी जो आदेश निकाल रहे हैं, वो ऐसा नहीं करें, सरकारें तो आती-जाती रहती हैं। सरकार अपना बहुमत खो चुकी है, ये कुंहासा जल्द छंटना चाहिए। ये करोना वायरस की गाइडलाइन है। इसमें ऐसा नहीं है, जो कहा गया है वह गलत है।


मध्य प्रदेश विधानसभा में कमलनाथ सरकार का मंगलवार को फ्लोर टेस्ट नहीं होगा। राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट कर बहुमत साबित करने के लिए कहा था, लेकिन स्पीकर कोरोना वायरस के ख़तरे की वजह से 16 मार्च को विधानसभा की कार्यवाही 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर चुके हैं। ऐसे में विधानसथा में फ्लोर टेस्‍ट को लेकर कोई तैयारी भी नहीं की गई है न ही मंगलवार के लिए विधानसभा की कार्यसूची जारी हुई है। उधर, मुख्यमंत्री कमलनाथ भी कह चुके हैं कि अगर भाजपा को फ्लोर टेस्ट कराना है तो सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्ताव लाए, हम बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं।

इससे पहले राज्यपाल लालजी टंडन ने कमलनाथ सरकार को 17 मार्च को फ्लोर टेस्ट कराने के लिए कहा था। राज्यपाल ने सोमवार शाम CM कमलनाथ को भेजी चिट्ठी में लिखा था कि सरकार 17 मार्च को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट करवाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो माना जाएगा कि सरकार को सदन में बहुमत हासिल नहीं है। उधर, सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भाजपा की याचिका पर सुनवाई है, जिसमें 48 घंटे के अंदर कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट की मांग की गई है।

Corona का कहर: इटली के हालात चीन से बत्तर, मरने वालों की संख्या जानकर उड़े होश

हेल्थ डेस्क।। चीन में कोहराम मचाने के बाद अब कोरोना वायरस ने यूरोप को अपने शिकंजे में ले लिया है। इटली यूरोप के सबसे अधिक प्रभावित देशों में है। यहां के हालात चीन से भी बदतर हो गए हैं। यहां एक दिन में ही 349 लोगों की मौत हो गई। यानी 48 घंटे की बात करें तो 700 से ज्यादा लोग मौत की नींद सो गए। इसके साथ ही वहां मरने वालों का आंकड़ा 2000 के पार चला गया है। इतनी जल्दी चीन में भी इतनी बड़ी संख्या में लोग नहीं मरे थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इटली में 28000 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। उत्तरी इटली और मिलान इलाके में ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। इटली की वित्तीय राजधानी के लोंबार्डी रीजन में 1420 मौतें हो चुकी हैं। यह कुल डेथ टोल का 65 प्रतिशत है। रोम के आसपास के इलाके में 19 लोगों की मौत हुई है वहीं 523 लोग इस संक्रमण के चपेट में आ गए हैं।

दुनियाभर में एक लाख साठ हजार से ज्यादा लोग इस खतरनाक वायरस की चपेट में हैं। वहीं मरने वालों का आंकड़ा 7000 के पार चला गया है। पाकिस्तान में भी एक ही दिन में आंकड़ा 183 तक पहुंच गया है। भारत में वायरस से प्रभावित कुल 115 लोग हैं। देश के 15 राज्यों में कोरोना दस्तक दे चुका है। पश्चिमी एशिया की बात करें तो सबसे ज्यादा ईरान प्रभावित है। खाड़ी देशों ने अपने यहां आवागमन पर रोक लगा दी है। फ्रांस में भी मरने वालों का आंकड़ा 100 के करीब पहुंच गया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि लोग घर में ही रहें और अगर नियमों का पालन नहीं किया गया तो सजा दी जाएगी। स्पेन, कजाखिस्तान और अमेरिका सहित कई देशों में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। रूस ने भी अपने बॉर्डर सील कर दिए हैं। भारत ने बॉर्डर पर आवागमन रोकने के साथ 32 देशों से आने जाने पर रोक लगा दी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि कोरोना के सात विभिन्न कारणों से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ जा सकती है।