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Thursday, August 6, 2026
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Corona virus के बीच मास्क और हैंड सैनिटाइजर पर हो रही कालाबाजारी शुरू, सरकार ने उठाया सख्त कदम

नई दिल्ली।। Corona virus के चलते देश में मास्क और हैंड सैनिटाइजर की मांग बढ़ गई है। मांग बढ़ने के कारण इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है और कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट कर कहा कि हैंड सैनिटाइजर की 200 ml की बोतल की खुदरा कीमत 100 रुपए से अधिक नहीं होगी। ये कीमतें 30 जून 2020 तक पूरे देश में लागू रहेंगी। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 2 और 3 प्लाई मास्क में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक की कीमत वही रहेगी जो 12 फरवरी 2020 को थी। 2 प्लाई मास्क की खुदरा कीमत 8 रुपए और 3 प्लाई की कीमत 10 रुपए से अधिक नहीं होगी। पिछले दिनों उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने मास्क और हैंड सैनिटाइजर को जरूरी उत्पादों की लिस्ट में शामिल किया था।आपको बता दे, कोरोना वायरस के फैलने के साथ इन दोनों उत्पादों की कमी और कालाबाजारी के कारण यह कदम उठाया गया था। जरूरी उत्पाद कानून के तहत राज्य सरकारों को अब इन उत्पादों की कीमतें तय करने का अधिकार है। अब अगर कोई भी विक्रेता इसे MRP से ज्यादा कीमत पर बेचेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। असेशिंयल कमोडिटी ऐक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा, जुर्माना और दोनों का प्रावधान है। सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि मास्क और सैनिटाइजर की सप्लाई में कोई कमी नहीं आए।

जानिए! शरीर में पानी की कमी से ये चीज हो जाती है कम….

हेल्थ डेस्क।। शरीर का स्टैमिना कम होने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार पानी की कमी से भी स्टैमिना कम हो जाता है। हमारे शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना है फिर भी शरीर को थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी की जरूरत पड़ती है। अगर शरीर में पानी पर्याप्त नहीं है तो भले ही खूब प्रैक्टिस करें मगर आपका स्टैमिना मेनटेन नहीं होगा। इसलिए शरीर में पानी की कमी न होने दें और दिन में कम से कम 4-5 लीटर पानी जरुरी। एक्सर्साइज के दौरान भी थोड़ा रुककर पानी पीया जा सकता है। अगर आप रोज सुबह रनिंग करते हैं तो शरीर के लिए पानी बहुत जरूरी है। रनिंग से पहले कम से कम दो-तीन ग्लास पानी पीकर जाएं और साथ में पानी की बोतल भी ले जाएं। कार्बोहाइड्रेट बॉडी को एनर्जी देता है। सामान्य तौर पर हम जो आहार लेते हैं उससे मिलने वाले कार्बोहाइट्रेट से इतनी ऊर्जा मिल जाती है कि पूरा दिन काम किया जा सके।आपको बता दे, अगर आप जिम जाते हैं तो अतिरिक्त मेहनत के कारण शरीर को ज्यादा कार्बोहाइड्रेट की जरूरत पड़ती है। इसलिए जिम में वर्कआउट से करीब 40 मिनट पहले कार्बोहाइड्रेट रिच डाइट जरूर लें। इससे आपकी परफॉर्मेंस पर बहुत असर पड़ेगा।अगर आपने अभी-अभी स्टैमिना बढ़ाना शुरू किया है, तो शुरुआत में छोटे-छोटे स्टेप लें, न कि एकदम से बहुत कठिन और सख्त कार्यक्रम बनाएं। स्टैमिना बढ़ाने के चक्कर में अपनी शारीरिक क्षमताओं को न भूलें। जो आप नहीं कर सकते हैं, उस काम का दबाव अपने शरीर पर मत डालें, इससे आप चोटिल हो सकते हैं या मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है। हालांकि वे थोड़ी सी एक्ससाइज के बाद ही हांफ कर थक जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा है तो इसका मतलब है कि आपका स्टैमिना कम है। कम स्टैमिना के कारण आप जिम का पूरा लाभ नहीं उठा पाते और फिटनेस पर भी असर इसका पड़ता है।

महामारी से लड़ने को पूरी तरह तैयार उत्तर प्रदेश, CM योगी का बड़ा ऐलान- 35 लाख मजदूरों को भत्ता मुहैया करायेंगी सरकार

लखनऊ।। उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में 23 लोग कोरोना से पीड़ित हैं. CM ने ऐलान किया कि राज्य में 15 लाख दिहाड़ी मजदूरों और 20.37 लाख निर्माण श्रमिकों को उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए 1000 रुपये प्रत्येक को दिया जाएगा. साथ ही रेहड़ी वालों को 1000 रुपये की राशि दी जाएगी. ये मदद राशि मजदूरों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी.लेबर सेस से मदद मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है.CM ने कहा कि जनता कर्फ़्यू का आह्वान है, कृपया घरों में रहें. रविवार को मेट्रो, बसें, सिटी बसें बंद रहेंगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी कोरोना से बचाव और लड़ने के लिए पूरी सतर्कता बरती है. 2 दिन पहले PM मोदी ने भी जनता से भीड़ न लगाने की अपील की है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे देश में कोरोना वायरस सेकंड स्टेज पर है और अगर हम इसे यहीं रोकने में कामयाब होते है तो ये पूरी दुनिया के लिए एक मैसेज होगा. इसके संक्रमण को रोकने के लिए हमारी तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है. सभी जिलों के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है और पर्याप्त चिकित्साकर्मी तैनात किए गए हैं.

‘जनता कर्फ्यू’ का अनुपालन पर भारतीय रेलवे विभाग का बड़ा फैसला, 22 मार्च देश में बंद रहेगी ट्रेने

नई दिल्ली।। देशभर में कोरोना वायरस का मामला तेजी से बढ़ रहा है. Covid-19 के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए तमाम ऐहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च रविवार के दिन घोषित जनता कर्फ्यू के मद्देनजर मुंबई समेत देश भर में शनिवार मध्यरात्रि से रविवार रात दस बजे के बीच किसी भी स्टेशन से कोई यात्री ट्रेन सफर शुरू नहीं करेगी. मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी रविवार तड़के थम जाएंगी. सभी उपनगरीय ट्रेन सेवाएं भी बहुत कम कर दी जाएंगी.वहीं IRCTC ने Covid-19 को ध्यान में रखते हुए, मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा के दौरान खान-पान सेवाएं अगली नोटिस तक बंद रखने का आदेश दिया है. इससे पहले पश्चिम रेलवे ने ऐलान किया था कि ट्रेन में कंबल नहीं मिलेगी क्योंकि इसकी रोजाना सफाई नहीं होती है। इसलिए यात्रियों से अपने लिए कंबल घर से लाने की अपील की गई थी। भारतीय रेलवे कोरोना वायरस के चलते गैर-जरूरी यात्रा पर रोक लगाने के मकसद से अबतक 245 से अधिक ट्रेनें रद्द कर चुका है. PM मोदी ने दो दिन पूर्व राष्ट्र को संबोधित करते हुए कोरोना वायरस से निपटने के लिये रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ का अनुपालन करने की अपील की थी.

आपको बता दे, ‘जिन लोगों ने इन ट्रेनों में टिकट बुक कराए थे, उन्हें व्यक्तिगत रूप से इसकी जानकारी दी जा रही है। इन ट्रेनों में टिकट रद्द होने का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यात्रियों को पूरा पैसा वापस मिलेगा।’ सामाजिक दूरी सुनिश्चित करना जरूरी है। हम केवल कम यात्रियों वाली ट्रेनें ही रद्द कर रहे हैं।

देश में बहुत तेजी से फैल रही ये महामारी, मरीजों की संख्या- 258 के पार

हेल्थ डेस्क।। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 258 हो गई है। इनमें से 231 लोगों का इलाज चल रहा है। 23 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। इससे मरने वालों की संख्या 4 है। 258 में से 219 भारत के लोग हैं, जबकि 39 विदेश के हैं। भारत में सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं। यहां तक 52 मामलों की पुष्टि हुई है। एक व्यक्ति की मौत भी हुई है।भारत में सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं। यहां अभी तक 52 मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें से एक की मौत भी हो गई है। वहीं केरल में 40 मामलों की पुष्टि हुई है। तीन मरीज ठीक हो गए हैं। दिल्ली में 26 मामलों की पुष्टि हुई है। 5 मरीज ठीक हो गए हैं। एक मरीज की मौत हो गई है। उत्तर प्रदेश में 24 मरीजों की पुष्टि हुई है। 9 मरीज ठीक हो गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 258 हो गई है। इनमें से 231 लोगों का इलाज चल रहा है। 23 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। इससे मरने वालों की संख्या 4 है। 258 में से 219 भारत के लोग हैं, जबकि 39 विदेश के हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल में एक और कोरोना वायरस का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला हाल ही में स्कॉटलैंड से लौटी है। राज्य में मरीजों की संख्या 3 हो गई है। भारत में मरीजों की कुल संख्या 258 हो गई है। वहीं चार लोगों की अभी तक मौत हो गई है।

भारत में सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं। यहां अभी तक 52 मरीजों की पुष्टि हो गई है। वहीं केरल में 40, उत्तर प्रदेश में 23, तेलंगाना में 19, दिल्ली में 17, हरियाणा में 17, राजस्थान में 16 मामले सामने आए हैं। वहीं कर्नाटक में 15, लद्दाख में 10, गुजरात में 7, पंजाब में 3, ओडिशा में 2, चंडीगढ़ में 5, म्‍मू-कश्‍मीर में 4, मध्‍य प्रदेश में 4, उत्‍तराखंड में 3, आंध्र प्रदेश में 3, तमिलनाडु में 3, और पश्‍चिम बंगाल में 2 मामले समाने आए हैं।

Corona virus: इटली में कोरोना से हाहाकार, एक ही दिन में 627 मौतें

नई दिल्ली।। दुनियाभर में कोरोना से मरने वालो की संख्‍या 10 हजार को पार कर गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने चेताया है कि यदि सख्‍त कदम नहीं उठाए गए लाखों लोगों की मौत होगी। इटली में कोरोना वायरस के प्रकोप से हाहाकार मच गया है। इटली में एक ही दिन में रिकॉर्ड 627 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही अकेले इटली में मरने वालों की संख्‍या बढ़कर 4,000 हो गई है। इटली में संक्रमित मरीजों की संख्‍या 41,035 से बढ़कर 47,021 पर पहुंच गई है। लोम्बार्डी का उत्तरी क्षेत्र इस वायरस से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। इस क्षेत्र में 2,549 मौतें हुई हैं जबकि 22,264 लोग संक्रमित हुए हैं। इटली के तमाम उपायों के बावजूद महामारी पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।आपको बता दे, चीन के बाद वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा इटली ने विदेशी क्रूज के लिए अपने पोर्ट बंद कर दिए हैं। लॉकडाउन की अविध भी अगले माह तक बढ़ा दी गई है। यूरोप और अमेरिका भी कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत की करीब चार करोड़ आबादी को घरों में ही रहने के लिए कह दिया गया है। कोरोना के मरीजों की संख्या में भारी इजाफे के बाद न्यूयॉर्क के मेयर बिल डी ब्लासिओ ने सेना तैनात करने की मांग की है।

इटली में चीन से भी ज्यादा मौत हो चुकी हैं। जबकि पूरी दुनिया में मरने वालों का संख्या दस हजार के पार पहुंच गया है। कैलिफोर्निया को गुरुवार शाम से लॉकडाउन कर दिया गया। न्यूयॉर्क के मेयर ब्लासिओ ने कहा कि पूरा शहर महामारी से जूझ रहा है। संकट का सामना करने के लिए सेना को तैनात किया जाना चाहिए। अकेले न्यूयॉर्क में ही 3,615 मामले सामने आ चुके हैं। पड़ोसी देश मेक्सिको से अमेरिका में आवाजाही पर भी अंकुश लगा दी गई है।

कोरोना का खौफ: IPL ना खेलें जाने पर देश को होने वाले नुकसान को झेलने तैयार रहे सभी खिलाड़ी- फिंच

स्पोर्ट डेस्क॥ आस्ट्रेलियाई एक दिवसीय टीम के कप्तान आरोन फिंच ने कहा कि कोरोना महामारी जिस प्रकार बढ़ रही है ऐसे में शायद वे लोग IPL नहीं खेल पाये। ऐसे हालत में IPL खेलने वाले सभी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को राजस्व में होने वाले नुकसान को झेलने तैयार रहना चाहिये।IPL नीलामी में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा रकम मिली थी। अब नहीं खेलने पर खिलाड़ियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। फिंच ने कहा कि सभी को इस स्थिति का सामना मिलकर करना होगा। इससे पहले क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने कहा था कि वह IPL के लिये अपने खिलाड़ियों को दिये गये अनापत्ति प्रमाणपत्र की एक बार और समीक्षा करेगा। इसके अलावा यात्रा प्रतिबंध भी अभी लगाये गये हैं।

फिंच ने कहा कि ऐसे में IPL के 15 अप्रैल के बाद में शुरू होने पर भी उसमें आस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों का भाग लेना कठिन हो सकता है। फिंच ने कहा, ‘‘जब आप राजस्व साझा करने के मॉडल का हिस्सा होते हैं तो ऐसे में संगठन के परेशानी में पड़ने पर आप भी प्रभावित होते है। हम समझते हैं कि इसमें हम सब एक साथ है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि लंबे समय में सब कुछ ठीक हो जाएगा पर अभी यह कहना कठिन है कि ऐसा कब होगा। ’’आस्ट्रेलिया के कम से कम 17 क्रिकेटरों का IPL के साथ अनुबंध है। फिंच को IPL में रायल चैलेंजस बेंगलोर से खेलना है।

जानिए: अब MP में सीएम बनने की होड़ हुई तेजी, ये तीन चहरे है प्रमुख दावेदार

नई दिल्ली।। मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेता कमलनाथ के इस्तीफे की पेशकश के साथ ही वहां पर नई सरकार के गठन के लिए बीजेपी नेताओं के नामों पर चर्चा तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में सरकार को लेकर चल रही उठापठक का शुक्रवार को पटाक्षेप हो गया। कमलनाथ ने राज्यपाल को इस्तीफा देने की पेशकश कर दी, इसी के साथ अब मध्य प्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अब भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री बनाए जाने के लिए तीन नामों पर प्रमुख रूप से चर्चा चल रही है। इनमें शिवराज सिंह चौहान का नाम सबसे आगे चल रहा है, जहां शुक्रवार को उनके नाम पर मौहर लग सकती है। इसके अलावा नरेंद्र सिंह तोमर, नरोत्तम मिश्रा भी सीएम बनने की रेस में शामिल हैं।

आपको बता दे, कि जिस तरह से बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पार्टी ने अब तक सभी मोर्चो में आगे किया हुआ है, उसी तरह सरकार बनने पर प्रदेश की कमान भी उन्हें सौंपी जा सकती है। ऐसा हुआ तो चौहान प्रदेश में चौथी बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले राजनेता होंगे। चौहान को सीएम की दावेदारी में पहले स्थान पर रखने वालों का दावा है कि प्रदेश में बड़ी तादाद में उपचुनाव होना है, ऐसी परिस्थितियों में चौहान ही उपचुनाव में विजय दिलवा सकते हैं।

बीजेपी सरकार के दौरान लंबे समय तक संकटमोचक की जिम्मेदारी निभाने वाले पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल हैं। मिश्रा पहले भी बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष और मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में शामिल रहे हैं। कुछ समय पहले तक नरोत्तम मिश्रा और शिवराज सिंह चौहान के बीच गहरे मतभेद रहे हैं लेकिन सरकार के लिए जोड़-तोड़ के दौरान दोनों नेताओं के बीच अघोषित समझौता हो गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक चुनाव के बाद भी शिवराज ने नरोत्तम के नाम का विरोध किया था और इसी वजह से नेता प्रतिपक्ष का पद गोपाल भार्गव को दिया गया। मिश्रा का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी प्रस्तावित था लेकिन RSS के करीबी माने जाने वाले वीडी शर्मा को जिम्मेदारी मिली।

मोदी सरकार में लंबे समय से केंद्रीय मंत्री पद संभाल रहे नरेंद्र सिंह तोमर को भी मुख्यमंत्री बनने का मौका मिल सकता है। तोमर पहले भी प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वे दो बार भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष की कमान संभाल चुके हैं। कार्यकर्ताओं और विधायकों से भी तोमर का गहरा नाता है। जहां आगे उपचुनाव होना हैं, उनमें से अधिकांश सीटें ग्वालियर-चंबल अंचल की हैं। तोमर भी इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए पार्टी उन पर भी दांव लगा सकती है।

Corona virus: PM मोदी ने 22 मार्च को की जनता कर्फ्यू की अपील, पूरा देश करे समर्थन

नई दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना को रोकने के लिए कई बड़े ऐलान किए थे, जिसमें 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को घर से न निकलने की सलाह भी शामिल है। सरकार ने एडवाइजरी भी जारी की है। इस एडवाइजरी पर सवाल उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन ने पूछा कि संसद क्यों चल रही है? डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को कहा सरकार की एडवाइजरी है कि 65 साल से अधिक उम्र के लोग घर में रहें। रविवार को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया गया है। और फिर भी संसद क्यों चल रही है? यह भ्रामक संदेश क्यों? राज्यसभा में करीब 44 फीसदी सांसद और लोकसभा में 22 फीसदी सांसद 65 और उससे अधिक साल के हैं। आप खुद संसद भवन से गायब हैं।कोरोना वायरस के बढ़ते केस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जाहिर करते हुए लोगों से अपील की थी। उन्होंने 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू का ऐलान किया था और कहा था कि अगर बहुत जरूरी हो तो तभी घर से बाहर निकले। उन्होंने 65 साल से अधिक के बुजुर्गों और 10 साल से कम बच्चों को घर में रहने की सलाह दी थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि प्रत्येक भारतवासी सजग रहे, सतर्क रहें, आने वाले कुछ सप्ताह तक, जब बहुत जरूरी न हो अपने घर से बाहर न निकलें।

60 से 65 वर्ष की आयु के ऊपर के व्यक्ति घर के भीतर ही रहें। इस रविवार यानि 22 मार्च को, सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक, जनता-कर्फ्यूं का पालन करें। रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से बचें, जो सर्जरी बहुत आवश्यक न हो, उसकी तारीख आगे बढ़वाएं। देशवासियों से अपील करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वित्त मंत्री के नेतृत्व में गठित कोविड-19 एकनामिक रिस्पांस टास्कफोर्स से आवश्यक फैसले लेने का आग्रह किया गया है। पीएम मोदी ने व्यापारी जगत से, उच्च आय वर्ग से, दूसरों का वेतन न काटने का आग्रह किया गया है। देशवासियों से सामान संग्रह न करने, पैनिक बाइंग न करने का आग्रह किया और आशंकाओं और अफवाहों से बचने की भी अपील की है।

ब्रेकिंग न्यूज: कच्चे तेल के भाव में भारी गिरावट, कंपनियों नहीं कर रही कीमतों में कोई बदलाव?

नई दिल्ली।। कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। शेयर बाजार में हाहाकार मचा हुआ है। कच्चे तेल की मांग दिनों दिन घटती जा रही है। जिसके चलते पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। कच्चे तेल के दाम 17 साल के निचले स्तर पर आ गए हैं लेकिन आज चैथा दिन है, तेल कंपनियों ने तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सभी मेट्रो शहरों में तेल की कीमतें स्थिर हैं। जनवरी में अब तक पेट्रोल की कीमत में 6 रुपए तक की गिरावट आ चुकी है।आपको बता दे, शुक्रवार 20 मार्च को दिल्ली में आज चौथा दिन है जब पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर हैं। पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 62.29 रुपए प्रति लीटर है। इसी तरह मुंबई में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में स्थिरता है। पेट्रोल की कीमत 75.30 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 65.21 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पेट्रोल के दाम 72.29 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 64.62 रुपए प्रति लीटर हैं। चेन्नई में भी पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। पेट्रोल की कीमत 72.28 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 65.71 रुपए प्रति लीटर है।