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Tuesday, July 28, 2026
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आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं: सुषमा स्वराज

अमित द्विवेदी@नवप्रवाह.कॉम,

अमित द्विवेदीशनिवार को संवाददाता सम्मलेन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कश्मीर मुद्दे को खींचने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को आड़े हाथो लिया। सुषमा स्वराज ने सम्मलेन में NSA बातचीत मामले में पाकिस्तान को साफ़ जवाब दिया।

संवाददाता सम्मलेन में स्वराज ने स्पष्ट कर दिया कि जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर विदेश सचिव ही बात करेंगे। साथ ही अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत के लिए विभिन्न लोग तय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। NSA वार्ता केवल आतंकवाद के ही मुद्दे पर होनी चाहिए।

सुषमा ने स्पष्ट किया कि भारत ने किसी भी समय वार्ता को लेकर अड़ंगा नहीं लगाया बल्कि हर बार पाकिस्तान ने ही विवाद खड़ा किया है। मुम्बई में हुए आतंकी हमले के बाद भी आतंकियों की संलिप्तता की वजह से ही वार्ता में अड़चन आई थी।

सुषमा ने पाकिस्तान की गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए कहा कि NSA वार्ता के न्योते पर पाकिस्तान ने 22 दिनों में जवाब दिया। इससे स्पष्ट हो जाता है कि पाकिस्तान कितना गंभीर है। उन्होंने कहा कि उफा में प्रधानमंत्रियों की मुलाक़ात से लेकर अबतक 91 बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ है। इसका जवाब कौन देगा।

स्वराज ने यह भी कहा कि भारत-पाक समझौते में किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं होगा ।

खतरे में बातचीत? दो अलगाववादी हिरासत में, पाक ने कहा- भारत की नहीं सुनेंगे

इंद्रकुमार विश्वकर्मा@नवप्रवाह.कॉम

Indrakumarपाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के साथ बैठक से पहले कश्मीर के हुर्रियत नेताओं से प्रस्तावित मुलाकात के मामले में किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है। वहीं, भारत ने साफ कह दिया है कि अगर पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज और दिल्ली स्थित हाई कमिश्नर अब्दुल बासित कश्मीरी अलगाववादियों से मिले तो ठीक नहीं होगा।

भारत ने पाकिस्तान को मैसेज भिजवाया है कि उसके एनएसए सरताज अजीज जब बातचीत के लिए भारत आएं, तो उन्हें हुर्रियत नेताओं से मुलाकात नहीं करनी चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने शुक्रवार को अपने टवीट्स में इसकी जानकारी दी। भारत ने कहा है कि अजीज का हुर्रियत नेताओं से मिलना ठीक नहीं होगा।

एक तरफ भारत सरकार सख्ती दिखा रही है तो वहीं हुर्रियत नेता शब्बीर शाह ने साफ कहा कि वो तय समय पर पाकिस्तान के एनएसए से मुलाकात करने के लिए दिल्ली आएंगे।

शब्बीर शाह ने कहा कि इस बार भारत सरकार बातचीत चाहती है तो हम सबको भी बातचीत में शामिल करे, वरना दक्षिण एशिया में कभी अमन कायम नहीं होगा। अगर बातचीत नहीं करेंगे तो जंग होगी, दोनों के पास न्यूक्लियर हथियार हैं।

इस बीच, खबर है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी और शब्बीर शाह को हिरासत में ले लिया है।

पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज और भारत के एनएसए अजीत डोवाल के बीच दिल्ली में 23-24 अगस्त को बातचीत होनी है। इसे दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

भारत की तरफ से ऐसे संकेत भी मिले हैं कि अगर अजीज, हुर्रियत नेताओं से मिले तो बातचीत रद्द भी की जा सकती है।

पाकिस्तान में बैन हुयी फैंटम

ख़ुशबू मिश्रा @ नवप्रवाह कॉम 

सैफ अली खान और कैटरीना कैफ स्टारर फ़िल्म फैंटम को लेकर पकिस्तान में चल रहा विवाद थामने का नाम नहीं ले रहा । निर्देशक कबीर खान की फैंटम को पाकिस्तान में बैन करने के लिए आतंकी सईद ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और अब याचिका की सुनवाई के बाद प्रदर्शन पर रोक लगा दी गयी है।

जमात-उद-दावा प्रमुख और मुंबई आतंकी हमलों के साजिशकर्ता हाफिज सईद ने  कोर्ट से यह भी कहा था कि उनकी और उनके  सहयोगियों को फिल्म के ट्रेलर की विषय वस्तु से जान का खतरा है। साथ ही शिकायत है कि फिल्म को पाकिस्तान में रिलीज किए जाने के लिए प्रचार किया जा रहा। आतंकी सईद की माने तो भारतीय अभिनेता और अभिनेत्रियों के मुंह से निकलने वाले संवाद पाकिस्तान अवाम के मन में जहर घोलेंगे और उन्हें आतंकवादी के रूप में चित्रित किया जाएगा। जबकि, जमात-उद-दावा को प्रतिबंधित संगठन नहीं घोषित किया गया है।

लाहौर कोर्ट में दलील दी गयी थी कि संयुक्त राष्ट्र ने स्वीकार किया है कि जमात उद दावा एक धर्मार्थ संस्था है और यह न सिर्फ पाकिस्तान में बल्कि देश के बाहर भी काम कर रही है। फिल्म 28 अगस्त को भारत और पाकिस्तान में प्रदर्शित होने वाली है। सईद ने आरेाप लगाया, ‘यह फिल्म 2008 के मुंबई हमले के बारे में है और फ़िल्म में आतंकवाद  के तहत पाकिस्तान के खिलाफ दुष्प्रचार किया गया है।’
बता दें कि यह फिल्म क्राइम लेखक हुसैन जैदी के उपन्यास ‘मुंबई अवेंजर्स’ पर आधारित है।

(लेखिका एक निजी चैनल में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं।)

शानदार और ज़बरदस्त नहीं लगी मांझी

अमित द्विवेदी@नवप्रवाह.कॉम,

अमित द्विवेदीफ़िल्म समीक्षा– फ़िल्म मांझी
निर्देशक– केतन मेहता
मुख्य कलाकार– नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी, राधिका आप्टे,तिग्मांशु धुलिया, गौरव द्विवेदी

रेटिंग: 2. 5 / 5

केतन मेहता की रंगरसिया देखने के बाद उनसे लगभग उतनी ही समृद्ध फ़िल्म की अपेक्षा की जाती है। और हम तब और अपेक्षित होते हैं जब उनकी फ़िल्म में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी जैसा मझा हुआ कलाकार हो। लेकिन केतन फ़िल्म मांझी को मजधार से बाहर निकालते नज़र नहीं आए। हाँ, नवाज़ अपने ज़बरदस्त अभिनय से हंसाने और भावुक करने में सफल ज़रूर हुए हैं।

फ़िल्म सत्यकथा पर आधारित है। दशरथ मांझी के जीवन का अल्हड़पन अचानक से तब गाम्भीर्य और जूनून में बदल जाता है, जब पहाड़ से गिर कर उसकी पत्नी फगुनिया का इंतकाल हो जाता है। उसके गाँव से कस्बे के बीच का ऊँचा पहाड़ जिसे पार करने में उसे काफी समय लग जाता है और अस्पताल पहुँचने में देर हो जाती है, जो बन जाता है फगुनिया के मौत का कारण। पत्नी के वियोग में दुखी मांझी पहाड़ को काटकर एक नया रास्ता बनाने का प्रण करता है, जिसे वह पूरा भी करता है। तमाम दुनियावी दिक्कतों को सहते हुए मांझी अपनी ज़िद और प्रण को यथार्थ में बदल देता है। एक नया रास्ता तैयार करता है। यही संघर्ष यात्रा है दशरथ मांझी का, जिन्होंने असल ज़िन्दगी में भी दिया देश को प्रेरणा।

भाषा को लेकर केतन मेहता चूक गए। मुखिया के किरदार में तिग्मांशु जंचते तो बहुत हैं लेकिन डायलॉग राइटर ने यह ध्यान नहीं दिया कि तिग्मांशु भोजपुरी की जगह अवधी के शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। तिग्मांशु ने इलाहाबादी का बेधड़क इस्तेमाल किया है। पत्रकार के रूप में गौरव ने सधा अभिनय किया। राधिका भी निराश नहीं करती, लेकिन फ़िल्म शानदार और ज़बरदस्त नहीं लगी।

कई जगह पर तकनीकी कमज़ोरी नज़र आई है। पटकथा और भी सशक्त हो सकता था। निसंदेह केतन मेहता इसे और भी बेहतर दिशा दे सकते थे।

कलाकारों के बेहतरीन अभिनय के लिए यह फ़िल्म एक बार अवश्य देखनी चाहिए।

एडम गिलक्रिस्ट भारत में आस्ट्रेलिया के पहले शिक्षा राजदूत के रूप में नियुक्त

इंद्रकुमार विश्वकर्मा @ नवप्रवाह.कॉम 

Indrakumarआस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान एडम गिलक्रिस्ट गुरुवार को भारत में आस्ट्रेलिया के पहले शिक्षा राजदूत के रूप में नियुक्त किये गए हैं। आस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री क्रिस्टोफर पाइन ने इसकी घोषणा वार्षिक मंत्रिस्तरीय वार्ता और 24 अगस्त को तीसरे भारत-आस्ट्रेलिया शिक्षा परिषद की बैठक में भाग लेने से पहले ही कर दी है।

पाइन ने कहा कि मुझे एडम गिलक्रिस्ट को पहले आस्ट्रेलिया-भारत शिक्षा राजदूत के तौर पर घोषित करते हुए काफी खुशी हो रही है। आस्ट्रेलिया और भारत के बीच द्विपक्षीय शिक्षा रिश्ते के विकास में एडम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारत के लोग उन्हें एक महान क्रिकेटर के रूप में देखते हैं और ये बात उनके साथ है। इस गरिमा को वो इस क्षेत्र में भी बनाए रखेंगे, इसकी मुझे पूरी उम्मीद है।

भारत में आस्ट्रेलिया का शिक्षा राजदूत बनाए जाने पर एडम काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि मुझे इस किरदार के लिए चुना गया, इससे मैं काफी सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मुझे भारत और आस्ट्रेलिया के रिश्ते को मजबूत करने का अवसर मिला है।उन्होंने ये भी कहा कि शिक्षा का किसी भी देश के विकास में काफी योगदान होता है और भारत भी उन्ही देशो में हैं जो दिन प्रतिदिन विकास की ओर बढ़ रहा है।

गिलक्रिस्ट अगले सप्ताह  शिक्षा मंत्री क्रिस्टोफर पाइन के साथ नई दिल्ली में होंगे।

FTII के छात्रों की गिरफ्तारी पर हैरान केजरीवाल, कहा दिल्ली में चलाओ क्लास, चौतरफा विरोध

अमित द्विवेदी@नवप्रवाह.कॉम,

अमित द्विवेदीपुणे स्थित भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) में पुलिस की कार्रवाई पर  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने हैरानी जताई। साथ ही छात्रों को अस्थायी तौर पर कक्षाओं के संचालन के लिए दिल्ली में ही जगह मुहैया कराने की पेशकश की। यही नहीं पूरे देश में पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया है।

एफटीआईआई के छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई पर हैरानी जताते हुए अरविन्द केजरीवाल ने तीन ट्वीट किया। केजरीवाल ने अपने ट्वीट के ज़रिए कहा कि विश्व प्रतिष्ठित संस्थान को गलत फैसले की वजह से बर्बाद किया जा रहा है।


केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार अस्थायी व्यवस्था को संपूर्ण संस्थान में बदलने के लिए भी तैयार है।


एनएसयूआई सहित देश के तमाम छात्र संगठनों ने इस कार्यवाही का घोर विरोध किया है। छात्र संगठनों ने इसे तानाशाही का नाम दिया है। विद्यार्थी संगठनों का कहना है कि ईद तरह से सरकार शिक्षा को भी भ्रष्ट करती नज़र आ रही है।

निदेशक प्रशांत पथराबे का घेराव करने के मामले में दंगा और अन्य अपराध के आरोप में आधी रात को पुलिस ने पुणे में एफटीआईआई के पांच छात्रों को गिरफ्तार किया। बता दें कि संस्थान के छात्र पिछले 69 दिन से हड़ताल पर हैं।

फिर फिसली नेताजी की ज़ुबान..

अमित द्विवेदी@नवप्रवाह.कॉम,

अमित द्विवेदीबलात्कार जैसे संवेदनशील मामले में भी नेताजी बड़ी बेफिक्री से बयान देते हैं। यह भी नहीं सोचते कि उनके बयान का मतलब क्या है। बलात्कार मामले में एक बार फिर से नेताजी की जुबान फिसली है। उन्होंने कहा कि रेप की कुछ घटनाएं जानबूझकर गैंगरेप की तरह पेश की जाती हैं और जानबूझकर ज्यादा लोगों को आरोपी बनाती हैं.

लखनऊ में ई-रिक्शा वितरण कार्यक्रम में बोलते हुए सपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें मात्र एक व्यक्ति ने अपराध किया था, लेकिन पीड़िता ने कई लोगों का नाम दर्ज़ करवाया। उन्होंने कहा, ‘मेरी जानकारी में है, रेप एक ने किया, नाम चार के लिखा दिए। चार ने रेप कर दिया, कभी ऐसा हो सकता है क्या? ऐसा प्रैक्टिकली संभव नहीं है। परिवार के चार भाई थे, चारों का नाम लिखवा दिया।

‘UP को किया जा रहा बदनाम’

कार्यक्रम के दौरान ही नेताजी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की छवि खराब करने के लिए बाक़ायदा अभियान चलाया जा रहा है। बदायूं मामले का ज़िक्र करते हुए मुलायम सिंह ने कहा कि इसे जानबूझकर बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया।

उन्होंने कहा, ‘सीबीआई ने केस की जांच की तो पता चला कि बदायूं केस में रेप हुआ ही नहीं था। प्रॉपर्टी विवाद में उनके चचेरे भाइयों ने हत्या की थी।

राहुल गांधी को भी बनाया निशाना

मुलायम सिंह ने अपने भाषण में कहा कि बदायूं मामले में टिल का ताड़ बनाने में राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता भी नहीं चूके। उन्होंने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर भी हमला बोला।

मुलायम सिंह ने कहा कि ‘जहां तक रेप का सवाल है, अगर कहीं भी रेप कम है, तो वह उत्तर प्रदेश है।’

2 वर्ष में स्नातक उत्तीर्ण छात्रों को बड़ी राहत

शिखा पाण्डेय@नवप्रवाह.कॉम,

Shikha pandeyसाल 1986 से पहले दो वर्षीय स्नातक की डिग्री पास करने वाले विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने बड़ी राहत दी है। आयोग ने कहा कि इस वर्ष के पहले उत्तीर्ण विद्यार्थियों की डिग्री उन उम्मीदवारों के बराबर मानी जाएगी जिन्होंने तीन वर्ष ग्रेजुएशन का पाठ्यक्रम पूरा किया है।

यूजीसी अधिनियम 1985 के मुताबिक जो छात्र तीन वर्ष के पाठ्यक्रम में उत्तीर्ण नहीं हुए हैं वे स्नातक नहीं माने जाएंगे। साथ ही ऐसे छात्र पोस्‍टग्रेजुएशन डिग्री पाठ्यक्रमों में नामांकन भी नहीं ले सकते। यूजीसी द्वारा जारी एक अधिसूचना के मुताबिक़ जिन छात्रों ने चार जून 1986 से पहले प्रथम डिग्री पाठ्यक्रम में नामांकन लिया और तब तक उसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया, चाहे पाठ्यक्रम की अवधि जो भी हो उन्हें तीन वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम के बराबर माना जाएगा।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ ऐसे छात्रों को फिर से एक साल का अतिरिक्त पाठ्यक्रम पूरा करने की जरूरत नहीं है। उस तारीख्‍ा से पहले हासिल डिग्री और उससे पहले नामांकन लिए हुए छात्र सभी उद्देश्यों के लिए वैध माने जाएंगे।

नेपाल में फिर से आया भूकंप, किसी तरह का नुकसान नहीं

न्यूज़ डेस्क@नवप्रवाह.कॉम,

नेपाल में एक बार फिर से मध्यम तीव्रता के भूकंप के चार झटके महसूस किए गए। हालाँकि भूकंप की वजह से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। राजधानी काठमांडू के पूर्व में 110 किलोमीटर दूर दोलखा जिले में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया जबकि 3.8 तीव्रता का एक और झटका दोपहर लगभग 3.30 पर आया।

काठमांडू से लगभग 300 किलोमीटर दूर तापलेजगंज में रविवार सुबह 4.5 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। इसके बाद दिन में दोलखा में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया।

अप्रैल में आए भीषण भूकंप के बाद से अभी तक चार या इससे ज्यादा तीव्रता के कुल 479 भूकंप आ चुके हैं। अप्रैल में आए भीषण भूकंप में तकरीबन 9,000 लोगों की मौत हो गयी थी।

AIPMT का परीक्षा परिणाम घोषित

शिखा पाण्डेय@नवप्रवाह.कॉम,

14386979845521सीबीएसई ने ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है. परीक्षार्थी सीबीएसई की अधिकृत वेबसाइट पर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं।

परिणाम की जांच के लिए विद्यार्थियों को डेट ऑफ बर्थ और रोलनंबर भरना होगा। बोर्ड एआईपीएमटी की ओएमआर शीट और ‘आंसर-की’ पहले ही जारी कर चुका है. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए करीब 6.23 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन किया था।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर 25 जुलाई को परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई थी। परीक्षा के लिए देश भर में कुल 1,065 सेंटर्स बनाए गए थे।

रिजल्ट चेक करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें।
http://cbseresults.nic.in/aipmt/aipmt_2015.htm