यह घटना अमेरिका के टेक्सास शहर की है, जहाँ एक भारतीय रूम मेट ने दूसरे भारतीय छात्र संकीर्थ की हत्या कर दी। संकीर्थ अमेरिका में मास्टर ऑफ़ साइंस की पढाई पूरी कर के 3 माह से टेक्सास में संदीप गौड़ के साथ रहता था। दोनों के बीच आपसी विवाद होने के कारण संदीप ने संकीर्थ की हत्या कर दी।
पुलिस ने संदीप से पूछताछ करने के लिए उसे हिरासत में ले लिया है और उसके परिजनों को भी संकीर्थ की मौत की खबर दे दी है। मृतक के पिता भारत में सरकारी कर्मचारी हैं, परिवार वालों ने बताया कि इस हफ्ते संकीर्थ के शव को भारत लाने की तैयारी की जा रही है।
संकीर्थ को H1B वीसा मिल गया था और वो अमेरिका में ही बसना चाहता था। उसकी रोज़ उसके परिवार से बात होती थी। 2 दिन बात ना हो पाने पर परिवार वाले चिंतित हो गए थे। मौत की खबर से पूरा परिवार सदमे में है।
अयोध्या में बाबरी मस्जिद के पैरोकार रहे हाशिम अंसारी का निधन हो गया है। वह 96 साल के थे। आज सुबह साढ़े पांच बजे उन्होंने फैजाबाद स्थित घर में अंतिम सांस ली। दरअसल, हाशिम अंसारी 22-23 दिसंबर, 1949 को अयोध्या अधिगृहित परिसर में प्रकट हुए रामलला के मुकदमे में गवाह थे।
असल में हाशिम अंसारी 1950 से लगातार बाबरी मस्जिद की पैरवी कर रहे थे और हाल ही में उनको लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी में एडमिट भी कराया गया था। लेकिन उनकी तबियत में ज्यादा सुधार नही हुआ।
बता दें कि 96 साल के अंसारी बाबरी मस्जिद मामले के सबसे बुजुर्ग पैरोकार थे और 1959 से इस मामले का मुकदमा अदालत में लड़ रहे थे और इस बाबत उन्होंने कई बार कोर्ट से बाहर जाकर भी हिन्दू धर्मगुरुओं से मिलकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया लेकिन उन प्रयासों के नतीजे नहीं निकल पाए। हाशिम अंसारी का परिवार कई पीढ़ियों से अयोध्या में रह रहा है। हाशिम साल 1921 में पैदा हुए लेकिन जब वे सिर्फ ग्यारह साल के थे कि सन् 1932 में उनके पिता की मृत्यु हो गई।
सन 1949 में जब विवादित मस्जिद के अंदर मूर्तियां रखी गई, उस समय प्रशासन ने शांति व्यवस्था के लिए जिन लोगों को गिरफ़्तार किया, उनमे हाशिम भी शामिल थे।
हाशिम का कहना था कि क्योंकि उनका सभी के साथ सामाजिक मेलजोल था, इसलिए लोगों ने उनसे मुकदमा करने को कहा और इस तरह वो बाबरी मस्जिद का पैरोकार बन गए। बाद में 1961 में जब सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने मुक़दमा किया तो उसमे भी हाशिम एक मुद्दई बने। पुलिस प्रशासन की सूची में नाम होने की वजह से 1975 की इमरजेंसी में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें आठ महीने तक बरेली सेंट्रल जेल में रखा गया।
कुछ सालों पहले हाशिम का कहना था कि वो फ़ैसले का भी इंतज़ार कर रहे हैं और मौत का भी, लेकिन वो चाहते हैं कि मौत से पहले बाबरी मस्जिद और राम जन्मभूमि का फैसला देख लें लेकिन ऐसा नही हो सका।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार की छाया तले अपराधी इतने मनबढ़ हो चुके हैं कि अब लगातार नेताओं को आपराधिक धमकी दे रहे हैं। मोहनलालगंज के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष मोहम्मद अली शाह को धमकी भरा ख़त देने के बाद अब लखनऊ शहर अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष जीशान मेंहदी के मोबाइल पर धमकी भरा कॉल आया है।
धमकी देने वाले ने जीशान को भाजपा छोड़ने को कहा है, वरना वो जीशान और सांसद लल्लू सिंह को गोली मार देगा। जीशान मेंहदी के मोबाईल में ये मैसेज मिलने के बाद अब भाजपा में आक्रोश पैदा हो गया है। मामले के सम्बन्ध में एसएसपी और एसपी से शिकायत की गई है, जिसके बाद सोमवार को सिटी कोतवाली में फोन रिकॉर्डिंग के साथ तहरीर दर्ज़ करवाई गई। बतौर जीशान 15 जुलाई रात लगभग सवा नौ बजे उन्हें विदेशी नम्बर से धमकी भरा कॉल आया था।
कोतवाल अरविन्द मोहन के मुताबिक़ मोबाईल नम्बर के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराधिक धमकी का मामला दर्ज़ कर लिया गया है, तथा इससे सम्बंधित छानबीन भी जारी है।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के महानिदेशक बीके बंसल, जिन्हें दो दिन पहले रिश्वत लेने के लिए गिरफ्तार किया गया था इनकी पत्नी और बेटी ने पूर्वी दिल्ली स्थित आवास में आत्महत्या कर ली।
पुलिस के मुताबिक उनकी पत्नी 57 वर्षीया सत्यबाला और 27 वर्षीय बेटी नेहा ने अलग अलग सुसाइड नोट छोड़े हैं, जिनमें उन्होंने अपनी आत्महत्या के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया है। पुलिस ज्वाइंट कमिश्नर (पूर्व रेंज) सतीश गोलचा के अनुसार दोपहर 1 बजे के बाद पुलिस को घटना सम्बंधित फोन कॉल मिला, जिसके बाद मौका-ए-वारदात में टीम को भेजा गया।
Prima Facie इसमें कुछ संदिग्ध नहीं लगा। शवों को पोस्ट मॉर्टेम के लिए भेज दिया गया है। गौरतलब है कि बंसल को दवा कंपनी से कथित तौर पे रिश्वत लेने के लिए 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
सीबीआई ने इस केस में कई जगहों पर छापेमारी भी की थी जिसमें नकदी बरामद की थी। बतौर सीबीआई बंसल को कुछ नकदी रिश्वत के तौर पर लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।
साफ़ सुथरी छवि का ढोंग करने वाली आम आदमी पार्टी का खोखलापन एक बार फिर सामने आया है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता ने मंगलवार को अपने घर में खुदकुशी कर ली है। महिला पार्टी के ही एक कार्यकर्ता द्वारा छेड़खानी से त्रस्त थी। अंततः उसने जहर खाकर जान दे दी। बताया जाता है कि वह पार्टी द्वारा आरोपी पर कार्रवाई नहीं करने से नाराज थी।
महिला ने जून में पार्टी के कार्यकर्ता रमेश भारद्वाज पर छेड़खानी करने और अश्लील टिप्पणी करने का मामला नरेला थाने में दर्ज कराया था। मगर रमेश भारद्वाज पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आप की महिला वर्कर ने अपने आखिरी बयान में कहा, “मैं रमेश भारद्वाज की वजह से आत्महत्या कर रही हूं। मेरा शोषण किया गया है और मैं अब जी नहीं सकती। इसमें किसी और का कोई दोष नहीं है।” अब देखना होगा कि महिला की जान जाने के बाद भी आम आदमी पार्टी उचित कार्रवाई के लिए हरकत में आती है या नहीं।
अंततः अपने प्रतिद्वंदियों को पछाड़ते हुए रियल एस्टेट दिग्गज डोनाल्ड जॉन ट्रंप ने बाजी मार ही ली। पार्टी ने औपचारिक रूप से घोषणा कर दी है कि डोनाल्ड ट्रम्प रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अमेरिका में नवंबर में होने वाले आम चुनाव के लिए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे।
बता दें कि ट्रंप को राजनीति में कदम रखें अभी एक साल ही हुआ है, उन्होंने पार्टी की उम्मीदवारी जीतने के लिए 17 शीर्ष जीओपी नेताओं को हराकर सभी को हैरान कर दिया। अब वह क्लीवलैंड में कल होने वाले कन्वेंशन में उम्मीदवारी स्वीकार करते हुए भाषण देंगे।
कल प्रतिनिधि सभा के स्पीकर और रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के अध्यक्ष पॉल रेयान ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को बहुमत मिलने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार चयनित किया जाता है। ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने को एक बड़ा सम्मान बताया और कड़ी मेहनत करने का संकल्प लिया। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए लिखा कि अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार बनना ही बहुत सम्मान की बात है। मैं कड़ी मेहनत करूंगा और आपको निराश नहीं करूंगा। अमेरिका पहले आता है।’
अपने बयानों को लेकर आये दिन मीडिया में बने रहने वाले डोनाल्ड ट्रम्प की आगे की आगे लड़ाई और भी कठिन होने वाली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या ट्रम्प रिपब्लिकन पार्टी को सत्ता का स्वाद चखा पाते हैं या अमेरिका की राजनीति में महज एक ट्रम्प कार्ड ही बनकर रह जायेंगे।
जोधपुर के अनितेश गिरि गोश्वामी पर घूमने का ऐसा भूत चढ़ा कि वह अपराधी बन गया। वह भी साइबर क्रिमिनल। मात्र 23 साल के आईटी एक्सपर्ट बीसीए डिग्रीधारी इस नौजवान ने पहले किंगफिशर और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइन कंपनियों में नौकरी की।
अनितेश ने पहले टिकट बुक होने की सारी बारीकियां समझीं, फिर एयर इंडिया की साइट में सेंधमारी कर सैकड़ों टिकट बनाईं। दिल्ली की साइबर क्राइम सेल (एनफोर्समेंट ऑफेंस विंग) ने 15 जुलाई को जयपुर से उसे गिरफ्तार कर लिया।
साइबर सेल के अनुसार अनितेश काफी समय से उनके सर्विलांस पर था। लेकिन वह बार-बार ठिकाना बदल देता था। जयपुर से सूचना मिली कि वह निर्माण नगर में है। सेल ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक लैपटॉप, कई मोबाइल और एयर इंडिया से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए।
पुणे से बीसीए किया, वहीं ट्रैवल एजेंसी में नौकरी की। यहां उसे ऑनलाइन एयर ट्रैवलिंग और टिकट खरीदने-बेचने की जानकारी हुई। पुणे में किंगफिशर में टिकटिंग एक्जिक्यूटिव के रूप में काम किया। यहीं टिकिटिंग की बारीकी सीखी। जोधपुर में एयर इंडिया में 24 दिसंबर 2011 से 2 जून 2012 तक काम किया। और महज़ 23 साल की उम्र में बन गया एक अपराधी।
महिलाओं के प्रति बढ़ते गुनाहों की एक ऐसी घटना सामने आई, जिसे बताने में भी हमें शर्म आ जाए। देश भर में आये दिन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनायें आम बात हो चली हैं, कुछ मामले पुलिस संज्ञान में आते हैं, तो कुछ अनदेखे कर दिए जाते हैं। लेकिन ये एक ऐसा मामला है, जिसमे हमारी ही भारतीय बेटी के साहस के दम पर मनचले गन्दी हरकत करने वाले बदमाश को पुलिस ने धर दबोचा है।
देश की फाइनेंसियल कैपिटल मानी जाने वाली मायानगरी मुम्बई के बांद्रा इलाके में दोपहर के वक़्त एमके कॉलेज में पढ़ने वाली 3 लड़कियां ऑटो रिक्शा में बैठकर घर वापस जा रही थीं। एक सिग्नल पर ऑटो रुका तो बगल में बाइक से चल रहे एक बदमाश युवक ने लड़कियों को दिखाकर हस्त मैथुन करने लगा साथ ही गंदे इशारे किए और फब्तियां कसता रहा। इस सड़क छाप बदमाश ने अपना सारा मनोरोग प्रदर्शित किया।
बाइक पर बैठकर इन सारी घटिया हरकतों के साथ वो मुह में सिगरेट दबाकर पीता रहा और उसने हेलमेट पहनना भी उचित नहीं समझा। अपनी ये घटिया हरकतें बदमाश कई मिनट तक करता रहा लेकिन किसी ने न उसे रोका न टोका।
उन तीनों लड़कियों में से एक लड़की ने बेहद साहसिक कदम उठाते हुए अपने मोबाइल फोन से उस आदमी की तस्वीर ले ली साथ ही उसके वाहन का नम्बर नोट कर लिया। अगले ही दिन उन बहादुर लड़कियों ने अपनी एक दोस्त से ये वाक़या बताया तो उनकी दोस्त ने फौरन कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया।
लड़कियों ने ट्विटर पर उस अश्लील हरकत करने वाले नीच आदमी की फोटो डाल दी और मुम्बई पुलिस को टैग कर दिया। साथ ही उसकी बाइक का नम्बर भी डाल दिया। मुम्बई पुलिस ने संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और मात्र 24 घंटों में बाइक रजिस्ट्रेशन नम्बर की मदद से उस आदमी को धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक़ इस आदमी का नाम रईस कुरैशी, उम्र 35 साल है। फिलहाल ये पुलिस हिरासत में है। नवप्रवाह की पूरी टीम इन बहादुर लड़कियों के साहस और मुम्बई पुलिस की त्वरित कार्यवाई के लिए सलाम करती है।
गूगल की मजाल तो देखिये कि उसने पीएम मोदी को सर्च में वर्ल्ड के टॉप टेन क्रिमिनल की लिस्ट में डाल दिया। इलाहाबाद की जिला अदालत ने सर्च इंजन गूगल के सीईओ और भारत में गूगल के चेयरमैन को नोटिस जारी करते हुए इसके लिए तलब किया।
जुलाई 2015 में सर्च इंजन गूगल में दुनिया के टॉप टेन अपराधियों की तस्वीरों में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर मौजूद थी, जिसके बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता सुशील ने कोर्ट से 156/3 के तहत एक केस दाखिल किया था और कहा था कि अपराधियों के साथ पीएम की तस्वीर मौजूद होने से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
हालांकि इस अर्जी को सीजेएम ने खारिज कर दिया था और मामला ठंडे बस्ते में चला गया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने मंगलवार को जिला जज के सामने इसी मामले में पुनर्विचार याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए जिला जज ने गूगल के तत्कालीन सीईओ लैरी बेज और भारत में गूगल के चेयरमैन राजन आनंद को नोटिस जारी किया। दोनों को 31 अगस्त को तलब किया गया है।
संगम की सी पवित्रता और शालीनता समेटे साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की आत्मकथा “अस्ति और भवति” का चयन “महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य पुरस्कार” के लिए किया गया है।वर्ष 2016 के इस सम्मान की घोषणा कमला गोइन्का फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का की तरफ से की गई है। पुरस्कार की सम्मान राशि एक लाख है।
डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि, आलोचक और विगत 38 वर्षों से गोरखपुर से प्रकाशित होने वाली साहित्यिक पत्रिका दस्तावेज़ के संपादक हैं। तुलसीदास को अपना प्रिय कवि मानने वाले डॉ. तिवारी की आत्मकथा की प्रारम्भिक पंक्तियों में “कवित्त विवेक एक नहिं मोरे” की विनम्रता देखने को मिलती है।इन्होंने लिखा है -आत्मकथा लिखना एक प्रकार का अहंकार प्रदर्शन है।”
आगे अपनी बात को बढ़ाते हुए विश्वनाथ जी लिखते हैं -“और मैं चला हूं आत्मकथा लिखने! दो कौड़ी का आदमी और यह अहंकार !” कुल मिलाकर “अस्ति और भवति” एक एक बेजोड़ आत्मकथा है।ऐसी कृति का चयन साहित्य जगत के लिए शुभ और सम्मान प्रदाता संस्था के लिए गौरव की बात है।
इसके अलावा संग-संग फाउंडेशन द्वारा घोषित वरिष्ठ महिलाओं के लिए इक्यावन हजार रूपए का “रत्नीदेवी गोइन्का वाग्ददेवी पुरस्कार” 2016 के लिए कोलकाता की नामचीन लेखिका डॉ. कुसुम खेमानी जी का उनकी कृति “कुछ रेत ..कुछ सीपियां…विचारों की” के लिए चयन हुआ है। दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में चयनित साहित्यकारों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।