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Thursday, August 6, 2026
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हिलेरी ने रचा इतिहास, बनी पहली महिला उम्मीदवार

अब्दुल फ़हद,

अमेरिका में होने वाली राष्ट्रपति चुनाव के लिए हिलेरी क्लिंटन डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से उम्मीदवार होंगी। अमेरिका के इतिहास में ये पहली बार है जब कोई महिला राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी जीती हैं। उन्होंने मंगलवार को पार्टी की तरफ से अपनी उम्मीदवारी जीत ली।

हिलेरी की ताजपोशी के लिए मंच पर अमेरिका की फर्स्ट लेडी आईं। उनके भावुक भाषण को सुनकर पार्टी रिप्रेसेन्टेटिव रोने लगे। सोशल मीडिया में भी स्पीच के दो घंटे बाद ही मिशेल के बारे में सवा चार लाख से ज्यादा ट्वीट किए गए। यह अमेरिका की फर्स्ट लेडी की पहली भागीदारी थी। मिशेल ने कहा कि हिलेरी की वजह से मेरी बेटियां, देश की बेटियां यह मानने लगी हैं कि एक महिला अमेरिका की प्रेसिडेंट बन सकती है, वो मुसीबत में परेशान नहीं होतीं, न ही हार मानती हैं।

ट्रंप का नाम लिए बगैर मिशेल ने कहा कि ‘इस बारे में कोई गलती नहीं करें, इस बार नवंबर में होने वाले चुनाव में हम डेमोक्रेटिक या रिपब्लिकन, वाम या दक्षिण पंथ में से चयन नहीं करेंगे। इस चुनाव में और हर चुनाव में हम यह निर्णय लेंगे कि आगामी चार या आठ वर्षों के लिए हमारे बच्चों के भविष्य को आकार देने की ताकत किसके पास होगी।’

उम्मीदवारी जीतने के बाद अब हिलेरी नवंबर को होने वाली चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप से भिड़ेंगी। अगर इस चुनाव में हिलेरी ट्रंप को हरा देती हैं तो वो देश की पहली महिला राष्ट्रपति होंगी।

गोमांस को लेकर हुई महिलाओं की पिटाई, स्वाभाविक जनाक्रोश- भूपेंद्र सिंह

अमित द्विवेदी,

मध्य प्रदेश के मन्दसौर ज़िले में गोमांस रखने के शक में कुछ लोगों ने दो महिलाओं की पिटाई कर दी। जिसपर राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने बड़ा विचित्र बयान दे डाला। मंत्री ने इसे स्वाभाविक जनाक्रोश बताया, फिर खुद को बचाते हुए यह भी कह डाला कि किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।

इन दो अल्पसंख्यक महिलाओं को पीटने का मामला आज संसद में भी गूंजा। संसद में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना बेहद गलत है। इसी मामले में स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन महिलाओं ने इस सम्बन्ध में कोई शिकायत नहीं दर्ज़ कराई है, जिनके बार में यह बातें कही जा रहीं हैं।

सरकार को घेरते हुए गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि वे गोरक्षा का विरोध नहीं कार्टर बल्कि वे इसका समर्थन करते आए हैं। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि आप गोरक्षा के नाम पर दलितों और मुसलामानों को प्रताड़ित करते रहें।

गौरतलब है कि मंदसौर स्टेशन पर दो महिलाओं की कथित हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं इन महिलाओं की पिटाई उनके पास गोमांस होने के शक में की। हालाँकि महिलाओं के पास जो मांस मिला उसकी जांच के बाद पता चला कि वो गोमांस था ही नहीं।

मंदसौर के टीआई कोतवाली, एमपी सिंह परिहार ने कहा कि महिलाओं के पास 30 किलो मांस पाया गया, जो जांच में भैंस का पाया गया। इस मामले में धारा 4,5,6 (गोवंश वध अधिनियम) के तहत 2 गिरफ्तारी हुई हैं।

गाय की वजह से बेरहमों ने महिला की काटी अंगुलियां

अब्दुल फ़हद,

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से भीड़तंत्र द्वारा न्याय का एक भयावह मामला सामने आया है। शनिवार की शाम को भीड़ ने एक मध्यम आयु वर्ग की महिला को नंगा कर बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं भीड़ ने उसके बाएं हाथ की दो अंगुलियां भी काट ली। महिला का कसूर बस इतना था कि उसके गाय ने पड़ोसी के खेत में लगी फसल को चर लिया था।

पीड़िता ने अपने गाय को एक खेत के बगल में रस्सी से बांधा था। यह खेत हारुन शेख नाम के एक शख्स का था, लेकिन गाय रस्सी तोड़कर शेख के खेत में चली गई और वहां लगी फसल को चर लिया। गाय को फसल चरता देख हारुन अपने साथी लालू शेख, इफ्तार शेख, अहमद शेख और अन्य तीन गुर्गों के साथ खेत में पहुंचा और गाय को पीटने लगा। गाय को पैरों में गंभीर चोटें आई हैं।

गाय को पिटते देख पीड़ित महिला उसे बचाने के लिए गई। इसके बाद उन लोगों ने महिला को नंगा कर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। बाद में, उसकी बाएं हाथ की दो अंगुलियां भी काट ली। जब महिला के बेटे ने अपनी मां को बचाने की कोशिश की, तब उन लोगों ने उसके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में पीड़िता के बेटे को भी गंभीर चोटें आई है।

सौर विमान इंपल्स-2 ने रचा इतिहास, भरी ऊँची उड़ान

अब्दुल फ़हद,

सौर ऊर्जा से संचालित विमान इंपल्स-2 चालीस हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद दुनिया का पहला चक्कर पूरा कर, मंगलवार को आबू धाबी में उतरा। इस तरह इस विमान ने इतिहास रच दिया है। सौर विमान ने अपनी यह यात्रा एक साल से अधिक समय पहले शुरू की थी।

विमान ने मार्च 2015 में उड़ान भरी थी। बिना एक बूंद ईंधन खर्च किए सोलर इंपल्स 2 समूची दुनिया में 16 पड़ावों पर रुका, जिसका मकसद यह दिखाना था कि इस तरह की प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर दुनिया की ईंधन खपत को आधा किया जा सकता है और प्राकृतिक संसाधानों को बचाने के साथ जीवन स्तर में सुधार किया जा सकता है।

सोलर इंपल्स के अध्यक्ष और पायलट बट्र्रांड पिकार्ड ने आबू धाबी में विमान के उतरने से पहले एक बयान में कहा, लोगों, प्राधिकरणों और सरकारों को इस समाधान का इस्तेमाल जमीनी स्तर पर शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से यह अभियान जारी रहने वाला है।

अपने इस ऐतिहासिक मिशन के दौरान सोलर इंपल्स 2 का पड़ाव ओमान, भारत, म्यांमार, चीन, जापान, अमेरिका, स्पेन, इटली, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात में रहा। उत्तर अमेरिका के इसके पड़ाव में कैलिफोर्निया, एरिजोना, ओकलाहोमा, ओहायो, पेनसिलवेनिया और न्यूयार्क शामिल हैं।

जापान: सिरफिरे चाकूबाज ने 19 दिव्यांगो की ली जान

अब्दुल फ़हद,

जापान के टोक्यो के पास सागमिहारा शहर के दिव्यांगो के सेंटर ( डिसेबल्ड केयर सेंटर) में एक आदमी चाकू लेकर घुस गया। 26 साल के हमलावर ने 19 दिव्यांगो की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी और 28 को घायल कर दिया। जापान में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा सामूहिक नरसंहार है। स्थानीय समय के मुताबिक ढाई बजे रात में वह चाकू दिखाते हुए सेंटर में घुसा और बेक़सूर 19 दिव्यांगों की चाकू गोदकर हत्या कर दी। इसमें 28 लोग जख्मी भी हुए हैं।

जापानी पुलिस के मुताबिक हमलावर ने कहा कि वह इस दुनिया से दिव्यांगों को खत्म करना चाहता है। 26 साल का सतोषी उमात्सु हमले के 30 मिनट बाद एक पुलिस स्टेशन पर पहुंचा। उसने चाकू पास की एक कार में छोड़ दिया था। उसके बैग में खून से सना एक चाकू था। पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि इससे पहले वह इस सेंटर में काम करता था। बाद में उसे वहां से निकाल दिया गया था। वह सेंटर में हथौड़े से खिड़की तोड़कर घुसा था। जब वह घुसा तब आठ लोग इस सेंटर की सुरक्षा में तैनात थे।

पुलिस के मुताबिक 19 लोग मारे गए हैं। अभी विस्तृत जानकारी आनी बाकी है, लेकिन हाल के वर्षों का यह सबसे बड़ा चाकू हमला है। हथियारबंद पुलिस ने स्थानीय सरकार समर्थित इस सेंटर को अपने कब्जे में ले लिया है। इस सेंटर में 19 से 75 साल के बीच 150 लोग रहते हैं।

गौरतलब है कि जापान में 2 इंच से ज्यादा बड़ा चाकू लेकर चलने पर मनाही है। ऐसा होने पर तीन साल तक की जेल का प्रावधान है। वैसे इस ताज़ा हमले से जापान हैरान है। दुनिया में जापान ऐसा देश है, जहां क्राइम रेट सबसे कम है। इससे पहले 2001 में एक आदमी ने 8 बच्चों को चाकू मार जान ले ली थी। ऐसा उसने एक स्कूल में किया था, जिसमें 15 बच्चे जख्मी भी हुए थे।

प्रधानमंत्री मोदी दिखाएंगे ‘रन फॉर रियो’ को हरी झंडी

अब्दुल फ़हद,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रियो ओलंपिक की तैयारियों को मजबूती देने के लिये 31 जुलाई को यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम से ‘रन फॉर रियो’ को हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल ने सोमवार को यहां नेशनल स्टेडियम में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

गोयल ने कहा कि ओलंपिक तैयारियों को मजबूती देने के लिये 31 जुलाई की सुबह सात बजे नेशनल स्टेडियम से जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम तक रन फॉर रियो का आयोजन किया जा रहा है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी हरी झंडी दिखाएंगे।

इस दौड़ में सरकारी और निजी स्कूलों के 20 हजार बच्चे हिस्सा लेंगे। गोयल ने बताया कि भारत रियो में अब तक का अपना सबसे बड़ा 119 सदस्यीय दल उतारने जा रहा है, जिसे देखते हुए खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण ने इस दौड़ का आयोजन किया है।

उन्होंने बताया कि मोदी इस अवसर पर ‘भारतीय ओलंपिक सफर’ पर खेल प्राधिकरण की एक पुस्तिका का विमोचन भी करेंगे, जिसमें देश की ओलंपिक उपलब्धियों और भविष्य की तैयारियों की जानकारी होगी। खेल मंत्री ने कहा, यह पहली बार है, जब देश में ओलंपिक भावना का जश्न मनाने के लिये ऐसी दौड़ का आयोजन किया जा रहा है।

इस दिन सोनीपत, कोलकाता, भोपाल, गांधीनगर और तिरुवनंतपुरम के साई सेंटरों में इसी स्तर पर ऐसी दौड़ का आयोजन किया जायेगा। गोयल ने इस अवसर पर दौड़ की टी शर्ट का भी अनावरण किया, जिस पर लिखा हुआ था, रियो के लिये दौड़ो-खेलो और जियो।

ICC टेस्ट रैंकिंग में अश्विन शीर्ष पर पहुंचे

अब्दुल फ़हद,

भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन एंटीगा में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन की बदौलत आईसीसी की टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में फिर से शीर्ष पर पहुंच गए हैं।

भारत ने पहले टेस्ट मैच में पारी और 92 रन से जीत दर्ज की थी। अश्विन 2015 में साल के अंत में शीर्ष रैंकिंग पर थे। उन्होंने टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 83 रन देकर सात विकेट चटकाए थे, जिससे वह गेंदबाजों की रैंकिंग में पहला स्थान हासिल करने में सफल रहे। साथ ही 113 रन की पारी खेलकर बल्लेबाजों की रैंकिंग में भी उन्हें फायदा हुआ और वह ऑलराउंडर की सूची में शीर्ष स्थान मजबूत करने में सफल रहे।

अश्विन ने आल राउंडर्स की सूची में भी अपना अच्छा स्थान पा लिया हैं। अश्विन वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरूआती टेस्ट में अपने तीसरे टेस्ट शतक (113) से बल्लेबाजों की रैंकिंग में तीन पायदान ऊपर चढ़कर 45वें स्थान पर पहुंच गये।

आल राउंडरों की सूची में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले अश्विन तीसरे भारतीय हैं, उनसे पहले वीनू माकंड और कपिल यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। अश्विन ने दूसरे स्थान पर काबिज बांग्लादेश के शकिबुल हसन से अंतर बढ़ा लिया है। अश्विन के 406 से बढ़कर करियर के सर्वश्रेष्ठ 427 अंक हो गये हैं, इससे उन्होंने शकिबुल पर 43 अंक का अंतर कर लिया है।

उत्तर प्रदेश में पोस्टर युद्ध, मायावती शूर्पणखा और स्वाति को बनाया दुर्गा

प्रमुख संवाददाता,

चुनावी बादलों के घिरते ही उत्तर प्रदेश में पोस्टरों की वर्षा शुरू हो गई है। अब इलाहाबाद में एक ऐसा पोस्टर सामने आया है, जिसमें बसपा सुप्रीमो मायावाती को शूर्पणखा और बीजेपी के पूर्व नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह को दुर्गा रुप में दिखाया गया है।

बता दें कि दरअसल ये पोस्टर ‘आरक्षण मुक्त महासंग्राम’ नामक एक संगठन की तरफ से अनुराग शुक्ला नाम के छात्र नेता ने लगाया है। इलाहाबाद के ‘सिविल लाइन्स’ इलाके में लगे इस पोस्टर का टाइटल है, ‘बेटी के सम्मान में समाज उतरा मैदान में’। इस पोस्टर में मायावती, नसीमुद्दीन सिद्दिकी पूर्व बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पर निशाना साधा गया है।

इस पोस्टर के माध्यम से मायावती पर निशाना साधते हुए, उन्हें शूर्पणखा कहा गया है। वहीं बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी को रावण बताया गया है। बसपा के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद को पोस्टर में विभीषण कहा गया है। पोस्टर में बसपा की बुराई की गई है।

पोस्टर में यूपी के बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को राम बताया है। बीजेपी के पूर्व नेता दयाशंकर सिंह को लक्ष्मण बताया गया है व उनकी पत्नी स्वाति सिंह को दुर्गा बताया गया है।

…तो सरकार से गठबंधन तोड़ देगी शिवसेना

अमित द्विवेदी,

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को अब जाकर इस बात का एहसास हुआ है कि उनकी पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन में 25 साल ‘बर्बाद’ कर दिए। उद्धव ने आज यहाँ तक कह दिया कि जैसे ही उनकी पार्टी को लगेगा कि उसका अपमान किया जा रहा है, वह सरकार से गठबंधन तोड़ देगी।

शिवसेना प्रमुख ने कहा, “जून में हमारी पार्टी के 50 साल पूरे हुए और आधे से अधिक समय अर्थात लगभग 25 साल, हम भाजपा के साथ गठबंधन में रहे हैं।” ठाकरे ने कहा, “25 साल बड़ा लंबा समय होता है और हम एक दूसरे का हाथ थामे बड़े हुए। लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जितनी भी चीजें हुईं, उससे मुझे लगता है कि हमने गठबंधन में 25 साल बर्बाद कर दिए।”

ठाकरे ने कहा, “उन दिनों हमारे गठबंधन का आधार हिन्दुत्व था, लेकिन इस समय हमें अपने गठबंधन के आधार पर काम करना होगा। बाक़ी मैं मुख्यमंत्री के संपर्क में हूं। मुख्यमंत्री नए हैं। मैंने उनकी प्रतिबद्धता पर करीब से नजर बनाए रखी है और मैं उन्हें भविष्य में अच्छे काम के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

यह पूछे जाने पर कि उनकी पार्टी क्यों सरकार में शामिल होने के बावजूद उसपर आरोप लगाती है, ठाकरे ने कहा, ” शिवसेना ने कभी भी बेबुनियाद और बेकार के आरोप नहीं लगाए हैं और न ही कभी व्यक्तिगत टिप्पणी की है। इस वजह से ही मैं, हमारे गठबंधन के मूल सिद्धांतों पर काम करने और उन्हें एक बार फिर स्पष्ट करने पर जोर देता हूं। “

हालांकि शिवसेना प्रमुख ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए अपने साक्षात्कार के अंत में कहा कि वह भाजपा को कभी भी ब्लैकमेल नहीं करेंगे, कभी उसकी पीठ में छुरा नहीं भोकेंगे।

शिक्षामित्र मामला: सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार आज रखेगी अपना पक्ष

डॉ. जितेंद्र पाण्डेय,

उत्तर प्रदेश में प्राथमिक पाठशालाओं में कार्यरत शिक्षामित्रों की सेवा को स्थायी रूप से बहाल करने को लेकर राज्य सरकार आज अपना पक्ष रखेगी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा सचिव और विशेष सचिव को हाज़िर रहने की हिदायत दी है। साथ ही जस्टिस दीपक मिश्रा और सी. नागप्पन की पीठ ने यह चेतावनी दी है कि सुनवाई के दौरान यदि एक भी शिक्षामित्र कोर्ट में घुसा तो मामले की सुनवाई नहीं की जाएगी।

शिक्षामित्रों के लिए आज का दिन काफी अहम हो सकता है, क्योंकि आज सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के पक्ष में अपनी बात रखेगी। कयास यह भी लगाया जा रहा है कि भारी संख्या में शिक्षामित्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए उच्चतम न्यायालय इनकी सेवा को स्थायी रूप से बहाल भी कर दे।

गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का विकल्प तैयार किया। शुरुआती दौर में तो मामूली रकम पर ही शिक्षामित्रों ने काम किया लेकिन कुछ समय के बाद जब शिक्षामित्रों ने वेतन बढ़ाने और स्थायी सेवा बहाल करने की तो विवाद शुरू हुआ। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के समायोजन को दो चरणों में पूरा किया। पहले चरण में 58726 और दूसरे चरण में 77000 शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाया गया था।

इसी मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इस प्रकार के समायोजन को निरस्त करने का आदेश दिया, साथ ही नियुक्ति के संदर्भ में “शिक्षक योग्यता परीक्षा”(TET) को अनिवार्य बताया था। उच्च न्यायालय के इस फैसले ने शिक्षामित्रों की मुश्किलें बढ़ा दी। छिटफुट शिक्षामित्रों की आत्महत्याएं सुर्ख़ियों में बनी रहीं। ऐसी घड़ी में राज्य सरकार शिक्षामित्रों के साथ खड़ी नज़र आई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया का सभी को इंतज़ार है। देखना यह है कि एक लाख बहत्तर हज़ार शिक्षामित्रों के समायोजन पर सुप्रीम कोर्ट अपनी मुहर लगाता है या इसे अवैध करार देते हुए निरस्त करता है।