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Thursday, August 6, 2026
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साक्षी ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला पदक

ब्यूरो,

भारतीय महिला कुश्ती खिलाड़ी साक्षी मलिक ने 58 किलोग्राम स्पर्धा में रेपेचेज के जरिये कांस्य पदक जीतकर, रियो ओलंपिक खेलों में 11 दिनों के बाद भारत को पदक तालिका में स्थान दिलाया। साक्षी की इस जीत के बाद पूरे देश में खुशी का माहौल है।

ओलम्पिक में पहलवान विनेश फोगाट क्वार्टर फाइनल में चोटिल होने के कारण बाहर हो गई। बैडमिंटन पुरुष एकल में किदांबी श्रीकांत के बेहतरीन खेल के बावजूद पिछले चैम्पियन चीन के लिन डैन के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा। साक्षी ने कांस्य पदक के मुकाबले में कमज़ोर शुरुआत से उबरते हुए किर्गिस्तान की ऐसुलू ताइनीबेकोवा को 8-5 से शिकस्त देकर भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया।

क्वार्टर फाइनल मुकाबले में साक्षी को रूस की वालेरिया कोबलोवा के खिलाफ 2-9 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन रूस की खिलाड़ी के फाइनल में जगह बनाने के बाद उन्हें रेपेचेज राउंड में खेलने का मौका मिला।

कांस्य पदक मुकाबले में साक्षी की भिड़ंत ताइनीबेकोवा से थी। साक्षी की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। पहले राउंड में 0-5 से पिछड़ रही साक्षी ने बेहतरीन वापसी करते हुए 8 अंक जुटाए और देश को रियो ओलंपिक खेलों में पहला पदक दिलाया।

पंचतत्व में विलीन हुए प्रमुख स्वामी महाराज

अमित द्विवेदी,

स्वामी नारायण समुदाय के प्रमुख स्वामी महाराज का बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रमुख स्वामी महाराज का शनिवार शाम निधन हो गया था। महाराज के पार्थिव शरीर को जीवनदास महाराज ने मुखाग्नि दी। प्रमुख स्वामी महाराज के अंतिम दर्शन के लिए आम जनमानस के साथ तमाम गणमान्य उपस्थित रहे।

प्रमुख स्वामी महाराज के अंतिम संस्कार के दौरान अमित शाह, अरुण जेटली, अहमद पटेल, कथाकार मोरारी बापू, योग गुरु बाबा रामदेव, लालकृष्ण आडवाणी और अनिल अंबानी उपस्थित थे।

प्रमुख स्वामी के पार्थिव शरीर को लोगों के दर्शनों के लिए चार दिनों तक सुरक्षित रखा गया था। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार भगवान स्वामीनारायण और उनके गुरु शास्त्री जी की प्रतिमा के समक्ष किया गया।

देश-विदेश के 21 लाख लोगों ने किया दर्शन-

प्रमुख स्वामी के अंतिम दर्शन के लिए दूर दराज़ से आए लोगों ने मंगलवार रात से ही मंदिर में जगह लेना शुरू कर दिया था। ‘ॐ स्वामी नारायण नम:’ के नाद के बीच प्रमुख स्वामी के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि के लिए लाया गया। इससे पहले उनका पंचामृत से अभिषेक कराया गया, बाद में उनके मुख में गंगा जल दिया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए देश-विदेश के 21 लाख लोग पहुंचे।

प्रमुख स्वामी महाराज ने 21 मई, 1950 को बोचासणवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संप्रदाय की कमान संभाली थी। उन्होंने देश के बाहर न्यूयॉर्क में पहले स्वामीनारायण मंदिर की स्थापना की थी। स्वामी महाराज ने देश-दुनिया में 1100 मंदिर बनवाए, करीब 70 हजार गांवों-शहरों में घूमकर 55 हजार हरिभक्त तैयार किए। हजारों लोगों को व्यसन मुक्त कराया।

शादीशुदा हैं अभिनेता सलमान ख़ान!

एंटरटेनमेंट डेस्क,

बॉलीवुड के मोस्ट एलिजिबल बैचलर कहलाने वाले सुपर स्टार सलमान खान शादी कर चुके हैं, ऐसा कहना है एक रोमानियन अखबार का। अखबार ने दावा किया है कि सलमान खान ने बेहद गुपचुप तरीके से गर्लफ्रेंड लूलिया वंतूर से शादी कर ली है।

इस रोमानियन टेब्लायड के अनुसार रोमानिया में लूलिया को ‘डोएमना खान’ कहकर बुलाया जाता है। डोएमना खान’ का मतलब है ‘रॉयल मिसेज खान’। वैसे भी काफी दिनों से दोनों के करीब होने की खबरें मीडिया में सुर्खियों में बनी हुई हैं।

गौरतलब है कि बीते समय में कई कार्यक्रमों में सलमान से शादी को लेकर कई सवाल पूछे गये लेकिन उन्‍होंने हंसी में टाल दिया था। कुछ दिनों पहले ऐसी खबरें आई थी कि दोनों इस साल के अंत तक शादी कर सकते हैं जबकि उनके पिता सलीम खान ने अपने बयान में बीते दिनों कहा था कि खुदा भी नहीं जानता कि सलमान कब शादी करनेवाले हैं।

जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को मिल सकता है ‘खेल रत्न’ पुरस्कार!

शिखा पाण्डेय ,

रियो ओलंपिक के वॉल्ट फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट दीपा कर्माकर को खेल रत्न पुरस्कार दिए जाने की संभावना है। रियो ओलंपिक में मामूली अंतर से कांस्य पदक से चूकने वाली दीपा को राजीव गांधी खेल रत्‍न पुरस्‍कार दिया जा सकता है, क्योंकि भारतीय ओलंपिक के इतिहास में 120 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई भारतीय एथलीट जिमनास्टिक स्‍पर्धा के फाइनल तक पहुंचा।

सूत्रों के मुताबिक स्‍पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआई) ने जिमनास्‍ट दीपा कर्माकर और शूटर जीतू राय को खेल रत्‍न पुरस्‍कार देने को सिफारिश की है। इस पर फैसला गुरुवार को किया जाएगा।

वैसे इस वर्ष भारतीय टेस्ट क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली देश के इस सबसे बड़े खेल पुरस्कार के प्रबल दावेदार हैं, लेकिन विशेष नियमों के मुताबिक विशेष परिस्थितियों में यह पुरस्कार एक से ज्यादा खिलाड़ी को भी दिया जा सकता है।

आपको बता दें कि जिम्नास्टिक स्पर्धा में वॉल्‍ट फाइनल में दीपा चौथे स्‍थान पर रही थीं। महिलाओं के वॉल्‍ट फाइनल में दीपा का स्कोर 15.266 था और वह स्विटजरलैंड की जिउलिया स्टेनग्रबर से पीछे रहीं जिसने 15.216 के साथ कांस्य पदक जीता।

अगर दीपा को खेल रत्न दिये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो उन्हें राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन यह पुरस्कार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों मिलेगा। गौरतलब है कि हर साल 29 अगस्‍त को खेल रत्‍न पुरस्‍कार दिया जाता है। दीपा कर्माकर के कोच को द्रोणाचार्य पुरस्कार देने की भी अनुशंसा की गयी है।

जिम्नास्ट दीपा कर्माकर को मिल सकता है ‘खेल रत्न’ पुरस्कार!

शिखा पाण्डेय ,

रियो ओलंपिक के वॉल्ट फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट दीपा कर्माकर को खेल रत्न पुरस्कार दिए जाने की संभावना है। रियो ओलंपिक में मामूली अंतर से कांस्य पदक से चूकने वाली दीपा को राजीव गांधी खेल रत्‍न पुरस्‍कार दिया जा सकता है, क्योंकि भारतीय ओलंपिक के इतिहास में 120 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब कोई भारतीय एथलीट जिमनास्टिक स्‍पर्धा के फाइनल तक पहुंचा।

सूत्रों के मुताबिक स्‍पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआई) ने जिमनास्‍ट दीपा कर्माकर और शूटर जीतू राय को खेल रत्‍न पुरस्‍कार देने को सिफारिश की है। इस पर फैसला गुरुवार को किया जाएगा।

वैसे इस वर्ष भारतीय टेस्ट क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली देश के इस सबसे बड़े खेल पुरस्कार के प्रबल दावेदार हैं, लेकिन विशेष नियमों के मुताबिक विशेष परिस्थितियों में यह पुरस्कार एक से ज्यादा खिलाड़ी को भी दिया जा सकता है।

आपको बता दें कि जिम्नास्टिक स्पर्धा में वॉल्‍ट फाइनल में दीपा चौथे स्‍थान पर रही थीं। महिलाओं के वॉल्‍ट फाइनल में दीपा का स्कोर 15.266 था और वह स्विटजरलैंड की जिउलिया स्टेनग्रबर से पीछे रहीं जिसने 15.216 के साथ कांस्य पदक जीता।

अगर दीपा को खेल रत्न दिये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो उन्हें राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन यह पुरस्कार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों मिलेगा। गौरतलब है कि हर साल 29 अगस्‍त को खेल रत्‍न पुरस्‍कार दिया जाता है। दीपा कर्माकर के कोच को द्रोणाचार्य पुरस्कार देने की भी अनुशंसा की गयी है।

यूआरआई, कश्मीर में मारे गए आतंकवादी अफ़ज़ल गुरु ब्रिगेड से थे : सेना

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,
सेना ने अपने एक बयान में कहा है कि यूआरआई सेक्टर, कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास आतंकी आपरेशन के दौरान मारे गए पांच आतंकवादी  जैश-ए -मुहम्मद के अफ़ज़ल गुरु ब्रिगेड  से थे। सेना के मुताबिक आतंकी इस बार स्वतंत्रता दिवस के दौरान किसी बड़े हमले को अंजाम देने के मिशन पर थे।
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एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बारामूला आधारित 19 इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी , मेजर जनरल जे एस नैन ने कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादी भारी हथियारों से लैस थे। वे स्वतंत्रता दिवस के दौरान मीडिया का ध्यान हटाने के लिए यूआरआई और गुलमर्ग सेक्टर सहित घाटी के शांतिपूर्ण क्षेत्रों में किसी भी सैन्य या नागरिक स्थापना के खिलाफ एक बड़ा हमला करने के फ़िराक़ में थे।
उन्होंने कहा कि सभी आतंकवादी अत्याधुनिक शस्त्रों व हथियारों से लैस थे। सेना की इस कार्यवाही में भारी मात्रा में शस्त्र, हथियार और गोला बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है।
जीओसी ने कहा, ‘ इस हमले में दो एके 47 राइफल, 3 एके 56 राइफलें, 22 पत्रिका, तीन यूबीजीएल लांचर, 27 यूबीजीएल ग्रेनेड और 21 चीनी ग्रेनेड उनके पास से बरामद हुआ है’।

कश्मीर में आतंकवादियों का आर्मी काफिले पर हमला, सेना के दो जवान सहित एक पुलिसकर्मी की मौत

इंद्रकुमार विश्वकर्मा,
उग्रवादियों ने आज प्रातः 2:15 बजे के आसपास बारामूला के ख्वाजा बाग में सेना के एक काफिले पर घात लगाकर उस वक़्त हमला किया, जब रात के दौरान सेना के आवागमन की सुविधा के लिए क्षेत्र में  रात का कर्फ्यू लगाया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हमले में सेना के दो जवानों सहित एक जम्मू-कश्मीर पुलिसकर्मी  की मौत हो गई है।
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इस हमले में सेना के पांच अन्य जवान भी घायल हुए हैं। घायलों को इलाज़ के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस घटना के बाद सेना ने इलाके को घेर लिया है और बड़े पैमाने पर आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सर्च आपरेशन  शुरू कर दिया है। इस बीच, घाटी में आज ४० वें दिन भी कर्फ्यू जारी रहा।

दही हंडी प्रतियोगिता में 18 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं हो सकते शामिल -सुप्रीम कोर्ट

ब्यूरो,

सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दही हंडी प्रतियोगिता में 18 साल से कम उम्र के युवा हिस्सा नहीं लेने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बम्बई उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ऊंचाई पर भी मुहर लगाते हुए स्पष्ट किया कि दही हंडी के लिए बनाए जाने वाले पिरामिड की उंचाई 20 फुट से ज्यादा की नहीं होनी चाहिए।

न्यायमूर्ति ए आर दवे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने एक याचिका पर नए सिरे से गौर करते हुए बुधवार को यह निर्णय किया। दरअसल कम उम्र के गोविंदाओं को किसी दुर्घटना का सामना न करना पड़े, इसलिए न्यायालय ने यह निर्णय लिया है।

सुनवाई करते हुए न्यायालय ने गोविंदाओं की उम्र जांचने के लिए 15 दिन पहले अनुमति लेने वाले मामले को भी निलंबित कर दिया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्तियों की पीठ प्रतिभागियों की न्यूनतम उम्र और पिरामिड की अधिकतम उंचाई के मुद्दे पर सहमत हो गई।

बिहार में 13 लोगों की संदिग्ध मौत, घिरी नितीश सरकार

ब्यूरो,

बिहार के गोपालकंज में संदिग्ध हालात में 13 लोगों की मौत ने राज्य सरकार की कलई खोल दी है। घटना नगर थाना के हरखुआ स्थित खजूरवारी की है। जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त की शाम शराब पीने के चलते इनकी तबियत खराब हुई, जिसकी वजह से इन लोगों की जान चली गई।

गौरतलब है कि बिहार में शराब पर बैन लगा हुआ है। ऐसे में सरकार पर सवाल खड़ा हो रहा है कि पूरे देश में शराब बैन की बात करने वाले नितीश अपने राज्य में भी इसपर नियंत्रण रख पाने में क्यों असफल हो रहे हैं।

इस मामले में स्थानीय लोग बताते हैं कि लोगों की मौत ज़हरीली शराब पीने की वजह से हुई है। लेकिन स्थायी प्रशासन इस पूरे मामले को शराब से अलग करते हुए बीमारी से हुई मौत करार दे रहा है। इस मामले पर गोपालगंज के एसपी रविरंजन ने कहा कि जहरीली शराब से मौत नहीं हुई है। हालांकि, हम जांच में जुटे हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि जिनकी मौत हुई है, उन सभी ने स्वतंत्रता दिवस की शाम शराब पी थी। जिसकी वजह से उनकी तबियत रात में बिगड़ गई। अस्पताल ले जाया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका।

दिल्ली: चाइनीज़ मांझे पर लगेगी रोक, मसौदे को लेकर भड़के सिसोदिया

प्रमुख संवाददाता,

राजधानी दिल्ली में चाइनीज़ मांझे से दो बच्चों और एक युवक की दर्दनाक मौत के दिन बाद दिल्ली की राज्य सरकार ने कांच मिश्रित मांझे के उत्पादन, भण्डारण और विक्री पर रोक लगा दी है। इन तीन लोगों की मौत के बाद सरकार ने संज्ञान लेते हुए इसे तत्काल प्रभाव से बंद करने की पहल कर दी है।

इस संबंध में पर्यवारण सचिव चंद्राकर भारती ने एक मसौदा जारी किया। इस मसौदे के मुताबिक, पतंग उड़ाने के लिए मात्र कपास के बने धागे और प्राकृतिक धागे का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। कांच मिश्रित मांझे का यदि प्रयोग किया जाता है, तो उसे जारी निर्देशों का उल्लंघन माना जाएगा, जिसके लिए पांच साल तक की क़ैद या एक लाख रूपए तक के जुर्माने या दोनों सज़ाओं का प्रावधान किया जाएगा।

हालाँकि इसी बीच मसौदे को जारी करने को राज्य सरकार और पर्यवारण विभाग में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने पर्यवारण विभाग के सचिव पर आरोप लगाया कि हमने तत्काल इस मसौदे को स्वीकृति दे दी इसके बावजूद पर्यवारण सचिव् ने इसे जारी करने में एक सप्ताह से अधिक समय लगा दिया।

इस मामले में एलजी ऑफिस के सूत्रों के मुताबिक, उपराज्यपाल ने मसौदा अधिसूचना को 8 अगस्त को ही स्वीकृति दे दी थी और उसे अगले दिन सरकार को भेज दिया था। एलजी ऑफिस के सूत्रों ने यह भी आरोप लगाया कि समय पर मसौदे को स्वीकृति देने के बावजूद राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी करने में देर कर दी।