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Sunday, August 9, 2026
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मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रामनरेश यादव की हालत नाज़ुक!

अनुज हनुमत,

समाजवादी विचारधारा के अनुयायी, मध्य प्रदेश के पूर्व राज्यपाल व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव (90) की तबीयत गंभीर है। बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है। रामनरेश यादव की तबियत की जानकारी देते हुए उनके छोटे भाई डा. सुरेश यादव ने बताया कि उन्हें पीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया गया है।

राम नरेश यादव के छोटे भाई डॉ. सुरेश ने बताया कि सांस लेने में हो रही परेशानी के चलते कुछ दिन पहले डाक्टरों ने उनका आपरेशन किया था। लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। आपको बता दें कि फूलपुर तहसील के आंधीपुर गांव निवासी रामनरेश यादव 1977 में जनता दल की सरकार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद आठ सितंबर 2011 में मध्य प्रदेश के राज्यपाल बने और आठ सितंबर 2017 को कार्यकाल समाप्त हुआ।

आजमगढ़ में वकालत करने वाले राम नरेश यादव 1977 में जनता पार्टी सरकार आने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाये गए। बाद में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनका जन्म एक जुलाई 1928 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के गांव आंधीपुर में किसान परिवार में हुआ। बचपन खेत-खलिहानों में गुजरा। माता भागवंती देवी गृहिणी और पिता गया प्रसाद थे। पिताजी प्राइमरी पाठशाला में अध्यापक थे। अपने राजनैतिक जीवन में समाजवादी विचारधारा के तहत जाति तोड़ो, विशेष अवसर के सिद्धान्त, बढ़े नहर रेट, लगान माफी, समान शिक्षा, आमदनी-खर्चा सीमा बांधना, वास्तविक रूप से जमीन जोतने वालों को अधिकार दिलाने, अंग्रेजी हटाओ आदि आंदोलनों को लेकर गिरफ्तारियां दीं।

आपातकाल के दौरान रामनरेश मीसा और डीआईआर के तहत जून 1975 से फरवरी 1977 तक आजमगढ़ जेल और केन्द्रीय कारागार नैनी इलाहाबाद में निरूद्ध रहे। राम नरेश के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में विभिन्न दलों एवं संगठनों तथा संस्थाओं से संबद्ध रहे। राज्यसभा सदस्य तथा संसदीय दल के उपनेता भी रहे। अखिल भारतीय राजीव ग्राम्य विकास मंच, अखिल भारतीय खादी ग्रामोद्योग कमीशन कर्मचारी यूनियन और कोयला मजदूर संगठन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में ग्रामीणों और मजदूर तबके के कल्याण के लिये लम्बे समय तक संघर्षरत रहे। बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय में एक्सिक्यूटिव कॉसिंल के सदस्य भी थे ।

रामनरेश यादव 23 जून 1977 को उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री निर्वाचित हुए। मुख्यमंत्रित्व काल में आपने सबसे अधिक ध्यान आर्थिक, शैक्षणिक तथा सामाजिक दृष्टि से पिछड़े लोगों के उत्थान के कार्यों पर दिया तथा गांवों के विकास के लिये समर्पित रहे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों के अनुरूप उत्तरप्रदेश में अन्त्योदय योजना का शुभारम्भ किया।

राम नरेश 1988 में संसद के उच्च सदन राज्यसभा के सदस्य बने एवं 12 अप्रैल 1989 को राज्यसभा के अन्दर डिप्टी लीडरशिप, पार्टी के महामंत्री एवं अन्य पदों से त्यागपत्र देकर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। 8 सितम्बर 2011 को मध्यप्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ ग्रहण की।

बैंक कर्मचारी आज लेंगे राहत की सांस, बस बुज़ुर्ग ही बदल सकेंगे नोट

अनुज हनुमत,

तकरीबन डेढ़ हफ्ते की जद्दोजहद के बाद आज बैंक कर्मचारियों को थोड़ी राहत मिलेगी। लगातार काम के कारण एक तो बैंक कर्मचारी थक गए हैं और दूसरा बैंक अपना दूसरा कोई कार्य तब से नहीं कर पाया है। इसीलिए आज शनिवार की छुट्टी के दिन अगर आप 500 और एक हजार के नोट बदलने के लिए बैंक जाने का प्लान बना रहे तो इस खबर से आपको निराशा होगी।

दरअसल, भारतीय बैंक संघ ने निर्णय लिया है कि वे आज यानी 19 नवंबर को एक दिन के लिए नोट बदलने का काम बंद रखेंगे। बस सीनियर सिटीजन ही कल पुराने नोट बदल सकेंगे। बैंक कल अपने वो जरूरी काम निपटाएंगे, जो नोटबंदी के ऐलान के बाद से वे नहीं कर पा रहे हैं।

आपको बता दें कि नोटबंदी के ऐलान के 10 दिन बीत जाने के बावजूद बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और इन कतारों में बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो नोट बदलने के लिए आए हैं। माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं, जो बार-बार अलग-अलग आईडी लेकर नोट बदलने आ रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए सरकार ने कई उपाय किए, लेकिन हालात में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है।

कल एक बयान जारी करते हुए संघ की ओर से राजीव ऋषि ने कहा कि बैंक नोटबंदी के ऐलान के बाद से लगातार काम कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हम कल ब्रेक लेकर अपने पेंडिंग काम निपटा सकेंगे। हमने अपने फैसले से वित्त मंत्रालय को अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि नोट बदलने पर रोक केवल कल के लिए है। कैश की कोई किल्लत नहीं है। हमें आरबीआई से लगातार कैश मिल रहा है।

उधर 2000 के नए नोट के हिसाब से एटीएम मशीनों में भी युद्ध स्तर पर बदलाव हो रहा है। तकरीबन 36000 मशीनों को अब तक नए नोटों के साइज के हिसाब से ढाला जा चुका है, जिससे जनता को राहत मिलेगी। बहरहाल, अभी स्थिति कुछ ही सामान्य हुई है और आज नोट न बदले जाने के कारण इस भीड़ में इजाफा हो सकता है, क्योंकि कल रविवार भी है।

जल्द ही पर्दे पर नज़र आएगी ‘मुन्ना भाई’ सीरीज की तीसरी फिल्म

शिखा पाण्डेय,

बॉलीवुड के ‘मुन्नाभाई’ संजय दत्त के फैंस के लिए एक अच्छी खबर है। संजय दत्त ने मुन्नाभाई की तीसरी कड़ी के जल्द ही परदे पर आने का संकेत दे दिया है। संजय दत्त ने मुन्नाभाई सीरीज को अपने जीवन का अहम् हिस्सा बताया है।

जी हां! प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ‘मुन्नाभाई 3’ साल 2018 में फ्लोर पर जायेगी, संजय दत्त पर बन रही रणबीर कपूर स्टारर बायोपिक के ठीक बाद। ये फिल्म भी 2003 में आई मुन्नाभाई एमबीबीएस और उसके तीन साल बाद आई ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ की तरह किसी सामाजिक सन्देश को जोड़ते हुए कॉमिक तरीके की कहानी कहेगी।

मुन्नाभाई को लेकर अब तक आई खबरों के मुताबिक संजय दत्त और अरशद वारसी की जोड़ी को नहीं छेड़ा जाएगा और राजू हिरानी के फेवरिट बमन ईरानी भी फिल्म में होंगे। बाकी स्टारकास्ट का चयन समय पर ही होगा।

संजय दत्त के मुताबिक इस फिल्म को लेकर राजकुमार हिरानी से लेकर विधु विनोद चोपड़ा तक किसी को कोई जल्दी नहीं है, क्योंकि सब पिछली फिल्मों का स्टैंडर्ड मेंटेन करना चाहते हैं। सही कहानी और उसका ट्रीटमेंट पूरी तरह तय होने के बाद ही फिल्म शुरू होगी, लेकिन 2018 तक ये काम हो जाएगा।

बड़े हादसे से बाल-बाल बचे शाहरुख़ ख़ान

शिखा पाण्डेय

अक्सर आपने खतरनाक एक्शन सीन्स की शूटिंग के दौरान हुए हादसों के बारे में तो सुना होगा, पर फिल्म ‘डीयर ज़िन्दगी’ की शूटिंग के दौरान एक साधारण सा सीन शूट करते हुए एक बड़ा हादसा होने से टल गया, और ‘किंग खान’ शाहरुख़ बाल बाल बचे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोवा में फिल्म के एक सीन की शूटिंग के दौरान यह दुर्घटना घटी। फिल्म के दोनों लीड एक्टर्स, आलिया और शाहरुख़ को सीने के मुताबिक एक संकरे रास्ते पर साइकिल चलाना था, जहाँ शूटिंग के बड़े इक्विपमेंट्स के साथ शूट करना मुश्किल हो रहा था। इसलिए इस इक्विपमेंट के लिए एक टेम्पो मंगाया गया व शूटिंग के दौरान क्रू मेंबर्स ने इक्विपमेंट सहित दोनों एक्टर्स को फॉलो किया।
सीने के अनुसार जैसे ही दोनों ने अपनी अपनी साइकिल रोकी, उन्हें फॉलो करते हुए टेम्पो के ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया, और टेम्पो जाकर शाहरुख़ की साइकिल से टकरा गया। प्रोडक्शन टीम के एक मेंबर ने सारी जानकारी देते हुए बताया, “टकराते ही टेम्पो रुक गया और डायरेक्टर गौरी शिंदे सहित  पूरी टीम उस ओर यह देखने दौड़ी की शाहरुख़ सही सलामत हैं या नहीं। राहत की बात यह रही की शाहरुख़ बिना किसी खरोंच के वहां से अपने आप को बचाकर निकलने में सफल रहे।”

उन्होंने बताया, “इस घटना पर शाहरुख़ हंसने लगे और तुरंत रिटेक के लिए भी तैयार हो गए, लेकिन हम लोग दोबारा कोई रिस्क नहीं लेना चाहते थे। वैसे भी हमारी ज़रूरत के मुताबिक सीन परफेक्टली शूट हो चुका था।”

नोटबंदी मामले पर पीएम मोदी को मिला राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का साथ

अनुज हनुमत,

विपक्ष के लगातार चल रहे विरोध के बीच पीएम नरेंद्र मोदी को 500 और 1000 के नोटों की बंदी पर राष्ट्रपति का साथ मिल गया है। मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी ऐलान के बाद शुक्रवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने नोटबंदी के फैसले पर सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि मैं खुद वित्तमंत्री रहा हूं और ऐसे फैसलों का रिजल्ट एक दिन में नहीं मिलता है, इसके लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत है। मुखर्जी ने केंद्र सरकार के इस फैसले को सराहते हुए कहा कि इसमें लगातार काम की जरुरत है, ताकि आम जनता को राहत मिले।

सूत्रों की मानें तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एक सोच समझ कर उठाया गया कदम है और इस पर रोलबैक का सवाल ही नहीं उठता।

कुल मिलाकर एक तरफ विपक्ष नोटबंदी के फैसले पर मोदी सरकार के विरोध में लगी है, तो दूसरी ओर सरकार को राष्ट्रपति का साथ मिलने के बाद पीएम मोदी का पलड़ा भारी होता दिख रहा है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने मोदी को बताया हीरो, साथ ही कहा, “लेकिन टीम के कुछ लोग नहीं हैं सही”

शिखा पाण्डेय,

अक्सर भाजपा के खिलाफ बयान देने वाले अभिनेता, पटना साहिब से भाजपा के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने नोट बंदी मामले पर अब जाकर अपना मुंह खोला है। एक तरफ तो उन्होंने प्रधानमंत्री के फैसले को बिलकुल सही ठहराते हुए कहा कि कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए प्रधानमंत्री ने सही समय पर सही निर्णय लिया है। दूसरी ओर उन्होंने केंद्र सरकार के इस फैसले को एकदम कमज़ोर तैयारी वाला कदम करार दिया है।

शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कर नोटबैन पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि नोटबंदी पर अंकुश लगाने वाले प्रधानमंत्री हीरो हैं लेकिन टीम में कुछ लोग सही नहीं हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि मैं अपने तेज-तर्रार हीरो प्रधानमंत्री का सम्मान करता हूं। कालेधन पर अंकुश के लिए उनके द्वारा उठाया गया यह साहसिक और बुद्धिमत्तापूर्ण कदम है।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, ” मैं अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर बधाई देता हूं और उन्हें सलाम करता हूं। हालांकि, मैं अपनी टीम में शामिल कुछ लोगों की कमजोर योजना के कुप्रबंधन से निराश हूं।” उन्होंने लिखा है कि हम लोगों को आम आदमी को नुकसान पहुंचाये बिना एक योजना को कैसे लागू किया जाये, इसके लिए तैयार हो जाना चाहिए था।

भाजपा सांसद ने कटाक्ष करते हुए अपने ट्‌वीट में लिखा कि आज इतने दिनों बाद लोगों को राहत देने की घोषणाएं की गयी हैं, यह गरीब लोगों के जीवन की कीमत पर घोषित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा है कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे जो मतदाता हैं, उनमें ज्यादातर गरीब हैं।

संसद भवन के बाहर आज संवाददाताओं से बात करते हुए भी सिन्हा ने कालेधन पर रोक लगाने के साहसिक कदम के लिए मोदी की सराहना की, लेकिन नोटबंदी को त्रुटिपूर्ण तरीके से लागू किए जाने को लेकर सरकार को जिम्मेदार भी ठहराया।  सिन्हा ने नोटबंदी के बाद की स्थिति को अफरातफरी वाला बताया है और जवाबदेही तय किए जाने की मांग की।

यूपी के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार करेंगी प्रियंका गांधी वाड्रा!

शिखा पाण्डेय,
कांग्रेस के तमाम छोटे बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही है कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा सक्रिय राजनीति में आएं,अब उम्मीद है कि उनकी यह मांग पूरी होगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इसकी पुष्टि की है कि अगले साल की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में प्रियंका को बड़ी भूमिका मिलने जा रही है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रचार कमेटी के चेयरमैन संजय सिंह ने कहा है, “प्रियंका गांधी बड़ी भूमिका निभाएंगी। अभी सभी कुछ तय हो जाने दीजिए।”
यूपी कांग्रेस प्रमुख राज बब्बर ने भी कहा, “यह तय हो चुका है कि प्रियंका गांधी विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार करेंगी। उन्होंने प्रचार करने के लिए हमारी विनती को मान लिया है। हमें जब भी उनका शेड्यूल मिलेगा, हम उनके समय का पूरा उपयोग करेंगे।”

राज बब्बर ने कहा, “अगर प्रियंका गांधी समय दे पायीं तो वे उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करेंगीं।” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद हमारे प्रचार अभियान की योजनाओं में भी अधिक स्पष्टता आ जाएगी।” उन्होंने कहा, प्रियंका की मौजूदगी से न सिर्फ पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को ताकत मिलेगी, बल्कि राज्य की जनता को भी बल मिलेगा।

गौरतलब है कि पूर्व में प्रियंका ने मात्र अमेठी और रायबरेली लोकसभा क्षेत्रों में ही प्रचार किया है। वह इन दोनों क्षेत्रों में अपने भाई राहुल गांधी और मां सोनियां गांधी के लिए प्रचार करती रही हैं। कांग्रेस नेताओं के एक बड़े वर्ग को लगता है कि अगर वे पूरे प्रदेश में प्रचार करें तो इससे पार्टी को जबरदस्त फायदा हो सकता है।

ऋतिक-कंगना मामले में नया ट्विस्ट, जारी है इन्वेस्टीगेशन!

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शिखा पाण्डेय,

अभिनेता ऋतिक रोशन और अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच का घमासान आये दिन नया रूप ले रहा है।पहले खबर आयी कि पुलिस के पास कंगना-ऋतिक के झगड़े को लेकर चल रही जांच के लिए पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण पिछले एक साल से चल रही जांच बंद की जा रही है। बाद में बीती शाम को अचानक ऋतिक की टीम की ओर से खबर आयी कि इस लीगल वार की जांच बंद नहीं हुई है, बल्कि जो पुलिस इस जांच में लगी है, उन्होंने कहा है कि इंवेस्टिगेशन अभी चल रहा है।

कैसे आया मामले में ट्विस्ट

कल दिन में साइबर सेल के अधिकारी संजय सक्सेना ने ऋतिक-कंगना विवाद मामले में कहा था, “ऋतिक की मेल आइडी का सर्वर यूएस का है, जिसकी वजह से भारत में इस मेल आइडी से कुछ भी खोज पाने में हम असमर्थ हैं। ये पता लगाना मुश्किल है कि उसका इस्तेमाल कौन कर रहा था। इस केस से जुड़े जो भी सबूत हमारे पास थे उससे अब केस को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है।”

उधर शाम को ऋतिक रोशन की क़ानूनी टीम की तरफ़ से जारी एक बयान में ये जानकारी दी गयी कि मीडिया में इस केस के बंद होने को लेकर जो भी ख़बरें सामने आ रही है, वो बिलकुल झूठी हैं। जारी बयान में ये दावा किया गया है कि पुलिस ने ऋतिक के वकील महेश जेठमलानी को बताया है कि केस अभी तक बंद नहीं हुआ है और मामले में जांच जारी है।

गौरतलब है कि इस झगड़े की शुरुवात के बाद कंगना ने कहा था कि ऋतिक उनके साथ रिलेशनशिप में थे और ऋतिक ने उन्हें कई मेल भी भेजे थे। बाद में ऋतिक ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कर दावा किया था कि कंगना को उनके नाम से भेजे गए मेल किसी फेक आई डी से भेजे गए थे।

“नोट बैन मोदी का एक साहसिक कदम, कालेधन के साथ भ्रष्टाचार पर भी लगेगी लगाम”- बिल गेट्स

अनल आशीष
भारत में 500 और 1000 रुपये के नोटोंं पर प्रतिबंध लगाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले को  ‘माइक्रोसॉफ्ट’ के संस्थापक बिल गेट्स ने भी काफी सराहा हैै और फैसले की जम कर तारीफ की है। उन्होंने इसको साहसिक निर्णय बताया है। उनका कहना है कि पीएम के इस फैसले से देश में कालेधन के साथ-साथ भ्रष्टाचार में भी गिरावट आएगी।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक नीति आयोग द्वारा आयोजित ‘भारत का कायाकल्प’ सेमिनार में बोलते हुए गेट्स ने कहा कि डिजिटल तरीकों से लेनदेन से पारदर्शिता बढ़ेगी और कालाधन समेत नकली नोटों के चलन में अभूतपूर्व कमी आएगी।

उन्होंने भारत के प्रयासों को लेकर कहा कि देश जो प्रयास कर रहा है, वैसा दुनिया के किसी दूसरे देश ने पहले कभी नहीं किया है। भारत यह बात जानता है कि उसे कितनी अहम चुनौतियों को पार करना है। साथ ही सरकार भी इन समस्याओं से निपटने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल वित्तीय समावेश के सभी साधन मौजूद हैं। आधार से खाता खोलने की कागजी कार्रवाई कम होगी और यह काम 30 सेकेंड में हो जाएगा। आधार से एक एकीकृत डाटा भंडार भी बनेगा।

गेट्स के मुताबिक केंद्र सरकार के इस फैसले से देश में शैडो इकॉनमी को खत्म करने में मदद मिलेगी और साथ ही भारत कैशलेस इकॉनमी की ओर बढ़ सकेगा। बिल गेट्स ने तकनीक को अहम बताते हुए कहा कि वह कैशलेस इकॉनमी में विश्वास करते हैं, लेकिन यह तभी ताकतवर साबित होती है जब उसका इस्तेमाल करने वाले लोग भी मजबूत हों। उन्होंने कहा कि नियमन और तंत्र के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल बेहतर होता है, मगर तकनीक तभी लंबे समय तक काम कर सकती है जब उस दुनिया में स्थिरता और स्थायित्व हो जिसमें हम रह रहे हैं।

कॅश की किल्लत के दौरान अब पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल के साथ-साथ मिलेगा कॅश भी!

सौम्या केसरवानी

नोट बंदी का आज 11वां दिन है। हर बैंक और एटीएम के सामने लम्बी लम्बी कतारें दिख रही हैं। लम्बी कतारों की वजह से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन नोट बदलने में होने वाली दिक्कतों को कम करने के लिए सरकार ने एक और कोशिश की है। सरकार की नयी कोशिश के अनुसार अब पेट्रोल पंप से तेल ही नहीं कैश भी मिल सकेगा। सरकार ने आदेश दिया है कि अब आप पेट्रोल पम्प पर डेबिट कार्ड स्वाइप करके 2000 रु. तक के कैश ले सकते हैं।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आपको पेट्रोल पंप पर जाना होगा, जहाँ आप अपने डेबिट कार्ड को स्वाइप मशीन की सहायता से स्वाइप करके 2000 रु. तक निकाल सकते हैं। ये सुविधा शुरू में 2500 पेट्रोल पम्पों पर शुरू की गई है। 

आपको बता दें कि अगले 3 दिनों में ये सुविधा 22000 पेट्रोल पम्पों पर ये सुविधा उपलब्ध रहेगी। HDFC, सिटीबैंक और ICICI बैंक के कार्ड स्वाइप मशीन के इस्तेमाल की सहायता से ये कैश निकाले जा सकेंगे। सरकार ने ये कदम लम्बी कतारों में कड़ी भारी भीड़ को देखते हुए उठाया है।