पूर्व विश्व चैंपियन फ्रांसिस चेका 17 दिसंबर को होने वाली डब्लूबीओ एशिया पैसिफिक सुपर मिडिलवेट चैंपियनशिप जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
उनका इरादा पेशेवर सर्किट में विजेंदर सिंह को मात देने का है। चेका ने कहा है कि वे डब्लूबीओ एशिया पैसिफिक सुपर मिडिलवेट चैंपियनशिप के लिए इतनी कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं कि प्रत्येक दिन वे 40 राउंड तक खेल रहे हैं।चेका ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वे विजेंदर को उनके ही देश में पराजित करेंगे। उन्होंने अति विश्वास भरे लहजे में कहा, “मेरे ट्रेनर जे मसांगी ने मुझे कुछ कड़ी ट्रेनिंग में रखा हुआ है। इससे मेरी मजबूती और ताकत प्रतिदिन बढ़ेगी। विजेंदर ने भले ही अपनी सारी पेशेवर बाउट जीती हों, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि मैंने 300 राउंड खेले हैं और अपने 17 प्रतिद्वंद्वियों को नाकआउट किया है। विजेंदर को नहीं पता कि वह 17 दिसंबर को किससे भिड़ने वाला है। मैं उसे पराजित कर दूंगा।”
तंजानियाई मुक्केबाज के ट्रेनर जे मसांगी ने कहा, ” मैं चेका को इन दिनों कड्री ट्रेनिंग करा रहा हूं, हालांकि वह विजेंदर से काफी ज्यादा अनुभवी है लेकिन उसे हर चीज के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि यह आखिरकार खिताब जीतने का मामला है।
आपको बता दें कि 34 वर्षीय चेका तंजानिया के मोरोगोरो में रहे हैं और वह अफ्रीकाई खिताब भी जीत चुके हैं। उन्होंने मैथ्यू मैकलिन और पॉल स्मिथ जैसे मुक्केबाजों को परास्त कर विश्व चैलेंजर खिताब अपने नाम किया है। उन्होंने अभी तक 43 बाउट खेली हैं जिसमें 17 बाउट नाकआउट के जरिए जीती हैं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलीमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की बातें कटाक्ष बाणों से भरी होती हैं। इसीलिए यह पता करना मुश्किल हो जाता है कि वे साधारण तौर पर कोई बात कह रहे हैं या व्यंग कर रहे हैं। अब एक तरफ तो ओवैसी ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय के इस आदेश का स्वागत किया कि देश भर के सिनेमाघरों को फिल्म की शुरूआत से पहले राष्ट्रगान निश्चित तौर पर बजाना होगा, वहीं दूसरी और ओवैसी ने सवाल भी उठा दिया कि क्या इससे देशभक्ति की भावना मजबूत करने में मदद मिलेगी?
ओवैसी ने सरकार को सुझाव दिया कि वह कानून में संशोधन कर परामर्श का पुनर्निरीक्षण करे। संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकथाम कानून, 1971 और राष्ट्रगान के बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय का परामर्श नागरिकों से यह नहीं कहता कि राष्ट्रगान के वक्त खड़ा होना जरूरी है। हैदराबाद के सांसद ने कहा, “मेरा मानना है कि बच्चों को बहुत कम उम्र से ही राष्ट्रगान के बारे में सिखाया जाना चाहिए। सरकार को 1971 के कानून में संशोधन और गृह मंत्रालय के परामर्श को ठीक करने की जरूरत है।”
ओवैसी ने सवाल किया, ” मैं देशभक्ति के पक्ष में हूं।इस आदेश का पालन करना है, लेकिन सवाल यह है कि क्या राष्ट्रगान के वक्त लोगों का खड़ा होना जरूरी है? क्या इससे देशभक्ति या राष्ट्रवाद बढ़ाने में मदद मिलेगी?” पिछले महीने गोवा के एक सिनेमाघर में राष्ट्रगान गाते वक्त खड़े नहीं होने पर एक दिव्यांग व्यक्ति की पिटाई की घटना की तरफ इशारा करते हुए ओवैसी ने सवाल किया, ‘‘इस बाबत क्या किया जा सकता है? उल्लेखनीय है कि ‘राष्ट्रीय सम्मान का अपमान रोकथाम कानून’ भारत के संविधान, राष्ट्रगान, राष्ट्रध्वज और देश के मानचित्र की बेअदबी या अपमान को प्रतिबंधित करता है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि सभी सिनेमा घरों में फिल्म के शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाना होगा। साथ ही कहा गया है कि राष्ट्रगान के वक्त स्क्रीन पर तिरंगा भी दिखाना होगा और राष्ट्रगान के सम्मान में सभी दर्शकों को खड़ा होना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसे देशभर में लागू करने के लिए 10 दिनों का समय दिया है।
आपको बता दें कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान चलाने की याचिका श्याम नारायण चौकसे नाम के शख्स ने कोर्ट में डाली थी। याचिका में मांग की गई थी कि देशभर में सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान बजाया जाना चाहिए और इसे बजाने तथा सरकारी समारोहों और कार्यक्रमों में इसे गाने के संबंध में उचित नियम और प्रोटोकॉल तय होने चाहिए, जहां संवैधानिक पदों पर बैठे लोग मौजूद होते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय तेल बाज़ारों में आये दिन होने वाले बदलावों से भारतीय तेल कंपनियों को भी अपनी कीमतों में आये दिन बदलाव करना पड़ता है। इसी के तहत एक बार फिर डीजल और पेट्रोल के दामों में बदलाव किया गया है। नयी कीमतों के अनुसार पेट्रोल 13 पैसे प्रति लीटर महंगा और डीजल 12 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा। नयी कीमतें आज रात 12 बजे के बाद से लागू हो जाएंगी।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से की गई बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत 66.10 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी। वहीं मुंबई में यह दाम 72.46 रुपए प्रति लीटर होगा। चेंन्नई में नई कीमत 65.58 रुपए प्रति लीटर होगी और कोलकाता में दाम 68.81 रुपए प्रति लीटर हो जायेगा।
आपको बता दें कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से हर 15 दिन पर की जाने वाली समीक्षा में आज यह निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि देश की तीन बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों के आधार पर ईधन कीमतों की हर 15 दिन पर समीक्षा करती हैं। कच्चे तेल की कीमतों आए उतार-चढ़ाव के आधार पर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय की जाती हैं।
इससे पहले 16 नवंबर को सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कंपनी (आइओसी) ने पेट्रोल के मूल्य में 1.46 रुपए और डीजल में 1.53 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी। पिछले सितंबर से पेट्रोल की कीमत में लगातार छह बार बढ़ोतरी के बाद पहली बार गिरावट आई। डीजल के मामले में तीन बार की बढ़ोतरी के बाद राहत दी गई थी। पिछले दो महीनों में पेट्रोल छह बार में 7.53 रुपए महंगा हुआ जबकि डीजल का मूल्य तीन बार में 3.90 रुपए बढ़ा।
बॉलीवुड के हॉटेस्ट कपल रणबीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने शायद निश्चय कर लिया है कि ‘खुल्लम खुल्ला प्यार करेंगे हम दोनों, इस दुनिया से नहीं डरेंगे हम दोनों।’ जी हां! तभी तो ‘मैन ऑफ द ईयर’ का अवार्ड लेने दुबई गए रणवीर ने सबके सामने पहले अपनी लेडी लव दीपिका को किस किया।
पहले तो इन दोनों प्रेमियों को बिंदास हाथों में हाथ डाले मुकेश अंबानी की पार्टी एन्जॉय करते पाया गया। फिर सोमवार को दोनों साथ उड़ चले दुबई के लिए, एक अवार्ड फंक्शन में शिरकत करने। वहाँ जैसे ही अवार्ड के लिए रणवीर का नाम पुकारा गया, मंच पर जाने से पहले उन्होंने अपनी बेइंतहां ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए दीपिका को किस किया।
आपको बता दें कि ‘एस्क्वायर अवार्ड्स 2016’ में जहां रणवीर को ‘इंटरनेशनल मैन ऑफ द ईयर’ चुना गया, वहीं दीपिका को भी ‘इंटरनेशनल वुमैन ऑफ द ईयर’ का अवार्ड दिया गया। अवार्ड लेने से पूर्व रणवीर द्वारा दीपिका के गालों पर दिया गया वह किस उन सभी लोगों के गालों पर करारा तमाचा है, जो दीपिका और रणवीर के ब्रेकअप की अफवाहें उड़ा रहे थे।
रणवीर ने इस अवसर पर कहा कि वे अभी और बेहतर आदमी बनने की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा,” मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि जल्द ही आप मुझे बेटर से बेस्ट बना हुआ पाएंगे। आपको मेरा वह रूप देखना बाक़ी है।” लेकिन अगर अभी आप मुझमें वह शख्स देखना चाहते हैं, तो सीधा मुझसे डांस फ्लोर पर मिलिए, क्योंकि यह पार्टी का समय है।”
इससे पहले अपनी फिल्म ‘बेफिक्रे’ के प्रोमोशन्स के दौरान रणवीर ने एक सवाल के जवाब में रणबीर कपूर द्वारा ‘कॉफ़ी विथ करण’ शो में दिए गए एक विवादित कमेंट पाए भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ‘कॉफ़ी विथ करण’ एक टाइम पास शो है, जिसमें तमाम तरह की अनाप शनाप बातें होती रहती हैं। मैं उन बातों पर उतना ध्यान नहीं देता , जितना कि आप सब।” आपको बता दें कि रणबीर ने शो में कहा था कि दीपिका और रणवीर ऑन स्क्रीन परफेक्ट कपल हैं, असल जीवन में भी वो एक दूसरे के लिए ही बने हैं। मैं आशा करता हूँ कि दोनों मिलकर अद्भुत बच्चे पैदा कर सकेंगे, और वो बच्चे मुझे एक कलाकार के रूप में पसंद करेंगे।” उस वक़्त रणवीर ने जवाब में बस एक स्माइल दी थी।
केंद्र सरकार के नोटबन्दी के फैसले का लगातार विरोध कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब खुद भ्रष्टाचार के एक मामले में घिरते नजर आ रहे हैं। योगेंद्र कुमार की अगुवाई वाली ‘स्वराज इंडिया पार्टी’ ने मंगलवार को दावा किया कि वित्त माफिया (फाईनेंसर) और दिल्ली सरकार की साठगांठ से आॅटो दोगुनी कीमत पर बेचे जा रहे हैं।
पार्टी के मुताबिक, दिल्ली में 1.85 लाख का आॅटो गरीब आॅटो चालक को 4.50 लाख रुपए में बेचा जा रहा है। पार्टी ने इस मामले में मुख्यमंत्री से सफाई देने और सीबीआइ जांच कराने की मांग की है। दरअसल, पार्टी ने इस बाबत बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए आॅटो परमिट की खरीद-फरोख्त धड़ल्ले से जारी है।
दिल्ली सरकार की नाक के नीचे चल रहे इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए स्वराज इंडिया ने घोटाले से संबंधित कागजात भी पेश किए। पार्टी ने दावा किया कि दुगने से भी ज्यादा पैसों में आॅटो मिलने का कारण दिल्ली सरकार और फाइनेंस माफिया के बीच मोटी कमाई के लिए साठ-गांठ है।
इस विषय में और अधिक खुलासा करते हुए पार्टी प्रवक्ता अनुपम ने कहा कि जिनके समर्थन से आम आदमी पार्टी आज सत्ता में बैठी है, वही लोग छले जा रहे हैं। फाइनेंस माफिया और दिल्ली सरकार के गठजोड़ से सबसे पहले किसी पुराने आॅटो को किसी और के लाइसेंस,बैज के नाम किया जाता है। फिर उस पुराने आॅटो को स्क्रैप करा कर स्क्रेपिंग सर्टिफिकेट लिया जाता है। इसके बाद परिवहन विभाग ‘नो ड्यू सर्टिफिकेट’ देता है। इसके बदले नया आॅटो खरीदने के लिए दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की मिलीभगत से एलओआइ (लेटर आॅफ इंटेंट) जारी करवा दिया जाता है और कानून की आंखों में धूल झोंकते हुए, सभी नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को धता बताते हुए गरीब आॅटो चालक को नया आॅटो फाइनेंस करा दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में हर कदम पर दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों की साठ-गांठ होती है। दिल्ली में लगभग सभी आॅटो फाइनेंस पर ही बिकते हैं। इस पूरे गोरखधंधे में फाइनेंसर की मुख्य भूमिका होती है, जो सरकारी अधिकारियों, नेता, मंत्री से साठ-गांठ करके आॅटो चालक का शोषण करता है। उन्होंने कहा कि आॅटो रिप्लेसमेंट स्कीम की आड़ में हो रहे इस घोटाले के कारण 1.85 लाख रुपए के नए आॅटो की कीमत दिल्ली में 4.50 लाख से 4.70 लाख रुपए कर दी गई है।
स्वराज्य पार्टी ने इस आॅटो घोटाले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए उनसे सफाई मांगी है, लेकिन अभी तक आम आदमी पार्टी की तरफ से कोई बयान नही आया है । कल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्वराज इंडिया अध्यक्ष मंडल के सदस्य पुरुषोत्तम ने इस मौके पर कहा कि दिल्ली में हर आॅटो की खरीद में 2.65 लाख से 2.85 लाख रुपए के कालेधन का लेन-देन हो रहा है। वकील सुशील कुमार ने कहा कि आॅटो चालकों का यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट में विचाराधीन है जिसकी अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होनी है। स्वराज इंडिया ने मांग की है कि आॅटो घोटाले की सीबीआई जांच हो और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही 324 आॅटो चालकों की गाड़ियों का तुरंत पंजीकरण किया जाए।
बहरहाल , नोटबन्दी के फैसले के बाद जिस तरीके से विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेर रखा था, ऐसे समय में अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ स्वराज्य पार्टी के ऐसे आरोप मुसीबत खड़ी कर सकते हैं ।
भारतीय रिजर्व बैंक ने जनधन खातों को लेकर बड़ा फैसला किया है। रिज़र्व बैंक ने अपने फैसले में एक महीने में इन खातों से दस हजार रुपए से ज्यादा की निकासी पर रोक लगा दी है। बैंक ने यह फैसला नोटबंदी के बाद जनधन खातों में खूब पैसा जमा कराए जाने को देखते हुए लगाया है।
RBI ने बैंकों के मैनेजर से कहा है कि अगर किसी खाताधारक को दस हजार से ज्यादा निकालने हैं,
तो उसे अपनी जरुरतों का पूरा ब्यौरा देना होगा कि वह इन पैसों का कहां इस्तेमाल करेगा। सरकार द्वारा नोटबंदी करने के बाद अचानक जनधन खातों में ज्यादा रकम जमा होने लगी है।
RBI के इस फैसले से अपना कालाधन सफेद कर रहे लोगों पर शिकंजा कस सकता है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, नोटबंदी के बाद जनधन खातों के जरिए कालेधन सफेद हो रहा है। नोटबंदी के बाद से अब तक इन खातों में 65 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए जमा हुए हैं। वित्त मंत्रालय की नजर ऐसे संदिग्ध खातों पर है और इनपर कभी भी कार्रवाई की जा सकती है।
सिनेमा हॉल में हर फिल्म के पहले राष्ट्रगान चलाने की अनिवार्यता का मामला कई दिनों से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजने के समय सभी दर्शकों को उसके सम्मान में खड़ा होना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रगान बजते समय सिनेमाघर के पर्दे पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाया जाना भी अनिवार्य होगा। श्याम नारायण चौकसी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि सिनेमा हॉल में प्रत्येक फिल्म के प्रदर्शन से पहले हर बार राष्ट्र गान बजाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रगान भारत की आजादी का अभिन्न अंग है। इससे जनमानस की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। सिनेमा हॉल में फिल्म के प्रदर्शन से पहले, मनोरंजन के कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्र गान चलाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि राष्ट्र गान को बजाने और गाने को लेकर दिशा निर्देश बनाए जाए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को लोक भवन में आज पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क का शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर बाबा रामदेव भी मौजूद रहेंगे। यह फूड पार्क यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में बनाया जाएगा। पार्क के लिए 455 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। पार्क में पतंजलि ग्रुप 1600 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रहा है। इस प्रॉजेक्ट से 8,000 लोगों को सीधे तौर पर और 80,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
इस पार्क में कृषि आधारित उत्पादों, खाद्य उत्पाद, हर्बल उत्पाद, पशु आहार, दुग्ध उत्पाद और औषधीय उत्पाद की इकाइयां लगाई जाएंगी। यहां रिसर्च एंड डिवेलपमेंट सेंटर भी बनाया जाएगा। पार्क में स्थापित फूड प्रोसेसिंग यूनिट रोजाना 400 टन फल और सब्जियों का प्रसंस्करण करेगी।
पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क का निर्माण नोएडा के करीब यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी में किया जाना है। मगर मुख्यमंत्री नोएडा जाने के बजाय लखनऊ से ही परियोजना का शिलान्यास करेंगे।
जब से 2000 रुपये का नया नोट मार्केट में आया है, तभी से उसको लेकर एक के बाद एक खबर सामने आ रही है। ऐसी ही एक खबर में कहा जा रहा है कि 2000 रुपये का नया नोट 3 साल के बाद खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा।
वायरल मैसेज के जरिए दावा किया जा रहा है, ”ये कोई मजाक नहीं है। ये रंग छोड़ने वाला नोट है। मतलब नोट का रंग धीरे-धीरे उड़ता जाएगा और लगभग तीन साल के भीतर नोट का गुलाबी रंग पूरी तरह उड़ जाएगा और ये सिर्फ एक सफेद कागज रह जाएगा, जो नोट नहीं माना जाएगा।”
अगर आप इस नोट को स्टॉक रखेंगे, तो भी ये 3 साल बाद अमान्य हो जाएगा। अगर आप अपने नोट को मान्य बनाए रखना चाहते हैं, तो 2 साल के भीतर नोट को बैंक लाना होगा। मतलब हर तीन साल पर 2 हजार का नोट का अपने आप विमुद्रीकरण हो जाएगा।
अनुज हनुमत,
एक तरफ टीम इंडिया मेहमान टीम इंग्लैण्ड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में जीत की दहलीज पर थी और वहीं दूसरी ओर उसी मैच में कमेंट्री कर रहे टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने एक ऐसा खुलासा किया, जिसने चयनकर्तायों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
दरअसल, मौजूदा टेस्ट कप्तान और स्टार खिलाड़ी विराट कोहली को लेकर वीरेंद्र सहवाग ने एक बड़ा खुलासा किया है। इंग्लैंड के खिलाफ मोहाली में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में कमेंट्री के दौरान सहवाग ने बताया कि साल 2012 में जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी, तो उस वक़्त चयनकर्ता विराट की जगह टीम में रोहित शर्मा को शामिल करना चाहते थे।
ये पूरा वाकया चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सिरीज के पहले दो मैच में कोहली का प्रदर्शन के दौरान का है। इस सीरीज में कोहली का प्रदर्शन बहुत ख़राब रहा था। कोहली दो मैचों की चार पारियों में महज 43 रन ही बना पाए थे। जिसकी वजह से विराट को टीम से बाहर करने का फैसला किया गया था।
वीरेंद्र सहवाग ने कहा, “उस वक़्त मैं टीम का उपकप्तान था और महेंद्र सिंह धोनी टीम को लीड कर रहे थे, हम दोनों ने विराट कोहली को पर्थ टेस्ट में टीम शामिल कराया और आगे जो हुआ वो इतिहास है।
हालाँकि, पर्थ में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में कोहली ने पहली पारी में 44 और दूसरी पारी में 75 रन बनाए थे। इसके बाद एडिलेड टेस्ट में कोहली ने शानदार शतक भी जमाया। कोहली ने 213 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौकों और 1 छक्के की मदद से 116 रनों की पारी खेली थी।
इस मैच के बाद से कोहली टेस्ट टीम के स्थाई सदस्य भी बन गए और दो साल के अंदर उन्हें टीम के कप्तानी भी मिल गई। पूर्व टेस्ट कप्तान के इस खुलासे ने बीसीसीआई की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा कर दिया।