पूर्वोत्तर नाइजीरिया में आतंकी संगठन बोको हराम की हिंसा से बेघर हुए लोगों के एक शिविर के पास आत्मघाती हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई. आपातकालीन सेवा विभाग ने आज यह जानकारी दी.
राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि हमले बोर्नो प्रांत की राजधानी मैदुगुरी के पास कोफा गांव में डालोरी शिविर के पास कल (रविवार) स्थानीय समयानुसार करीब पौने नौ बजे हुए. एजेंसी के पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रवक्ता अब्दुलाकादिर इब्राहिम ने कहा कि दो महिला आत्मघाती हमलावरों ने शिविर में घुसने का प्रयास किया जिसे सुरक्षाबलों द्वारा नाकाम कर दिया गया.
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘दो अन्य महिला आत्मघाती हमलावरों ने भी डालोरी कोफा गांव के पास खुद को बम से उड़ा लिया, जहां इसमें 16 लोगों की मौत हुई.’ इससे पहले स्थानीय लोगों ने मरने वालों की संख्या कम से कम 12 या 13 बताई थी, लेकिन अब्दुलकादिर ने कहा कि तीन अन्य घायलों ने भी दम तोड़ दिया. उन्होंने कहा, ‘मरने वाले 16 लोगों में हमलावर शामिल नहीं हैं.’
मधुर भंडारकर की आने वाली फिल्म ‘इंदु सरकार’ का ट्रेलर शुक्रवार को रिलीज़ किया गया. फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ के बाद हो रहे बवाल पर डायरेक्टर मधुर भंडारकर ने कहा है कि इससे बड़ा मजाक नहीं हो सकता कि इस तरह की बात हो रही है कि मैंने पैसे लेकर फिल्म बनाई है. मैं कल का आया हुआ फिल्ममेकर नहीं कि अचानक फिल्म बना रहा हूं. मैं रियल ईशु पर फिल्म बनाता हूं.
जब रजनीतिक फिल्में बनाई जाती हैं तो ऐसा ही होता है. मैंने पहले ही कहा है कि ये फिल्म 70% फिक्शन है और 30% रियल बैकड्रॉप पर है . मैंने फिल्म में किसी का नाम नहीं लिया है. सिफ ट्रेलर से फिल्म को नहीं आंकना चाहिए . सेंसर इस फिल्म को लेकर लिनियंट रहे. सेंसर में जाने के बाद इंतजार करूंगा. NOC लेने कहेंगे तब हम देखेंगे.
बता दें कि इमरजेंसी की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘इंदू सरकार’ का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी. ये फिल्म 28 जुलाई को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी. कांग्रेस ने कहा कि फिल्म विरोधियों द्वारा प्रायोजित है और पार्टी इसका हर संभव विरोध करेगी.
कांग्रेस पार्टी के मुताबिक गांधी परिवार को लेकर इस फिल्म में कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं. कांग्रेस को आशंका है कि फिल्म में गांधी परिवार के दो सदस्यों पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी और संजय गांधी को गलत प्रदर्शित रूप में दिखाया गया है.
कांग्रेस के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिल्म के पीछे कौन लोग है ये सभी जानते हैं और इसी वजह से फिल्म में तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है. सिंधिया ने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि ये एक प्रायोजित फिल्म है.
इमरजेंसी को लेकर बनी फिल्मों पर कांग्रेस और गांधी परिवार का विरोध नया नहीं है. इससे पहले 1975 में मशहूर फिल्मकार गुलज़ार की फिल्म ‘आंधी’ में भी इंदिरा गांधी के किरदार को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने विरोध किया था.
अभी तक यह साफ नहीं है कि कांग्रेस इस मामले को कोर्ट में ले जाएगी या नहीं लेकिन फिलहाल इस संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता.
आयकर विभाग ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बच्चों की संपत्ति जब्त कर ली है. सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने फौरी तौर पर वो सारी बेनामी संपत्ति जब्त कर ली है. जो लालू यादव के बच्चों से जुड़ी हुई बताई जाती रही है.
लालू के बच्चों से जुड़ी बेनामी संपत्ति जब्त करने के आदेश आज ही जारी किए गए हैं. लालू यादव की बड़ी बेटी और राज्यसभा की सांसद मीसा भारती को आयकर विभाग ने तलब किया है. उन्हें जुलाई के पहले हफ्ते में आयकर विभाग के दफ्तर में पेश होकर बेनामी लेनदेन पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.
इससे पहले भी आयकर विभाग ने पचास करोड़ की संपत्ति जब्त की थी. बेनामी एक्ट के मुताबिक विभाग को 90 दिन का समय स्पष्टीकरण देने के लिए देना होता है. अगर संबंधित पक्ष इसमें विफल रहता है तो जब्ती और कुर्की की कार्रवाई की जाती है.
गौरतलब है कि मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार को आयकर विभाग ने दो बार समन भेजा लेकिन वे पेश नहीं हुए. उनके वकील ने इसके पीछे मीडिया और सुरक्षा कारणों को वजह बताया. इससे पहले 6 जून को पेश न होने पर आयकर विभाग ने मीसा भारती पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया था. पिछले माह 23 मई को आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के मामले में लालू यादव और उनके करीबियों से जुड़े 22 ठिकानों पर छापेमारी की थी हालांकि लालू ने छापेमारी की बात से इनकार किया था.
बिहार के लखीसराय में दिल्ली के निर्भया कांड की तर्ज पर गैंगरेप का मामला सामने आया है. नाबालिग से मनचलों ने गैंगरेप किया करने के बाद उसे चलती ट्रेन से फेंक दिया. पीड़िता फिलहाल पटना के एक अस्पताल में भर्ती है जहां उसका इलाज किया जा रहा है. गैंग रेप के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
घटना लखीसराय के चानन थाना क्षेत्र के लाखोचक गांव की है. गुरुवार देर रात ही मैट्रिक की एक छात्रा के साथ युवक ने दुष्कर्म किया गया. दुष्कर्म के बाद युवक द्वारा अपने आधा दर्जन साथियों के साथ पीड़िता को वंशीपुर स्टेशन पर पहले तो एक ट्रेन में चढ़ाया गया, फिर गैंगरेप किया, फिर किऊल स्टेशन के पास चलती ट्रेन से फेंक दिया गया.
शुक्रवार की सुबह यात्रियों द्वारा पीड़िता को घायल अवस्था में देखे जाने के बाद उसे उठाकर प्लेटफार्म पर रखा गया जहां उसे खोजते हुए उसके परिजनों पहुंचे. परिजनों ने उसे इलाज के लिये एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों द्वारा उसे इलाज के लिये भागलपुर रेफर कर दिया गया.
परिजन उसे लेकर शनिवार की शाम सदर अस्पताल पहुंचे जहां पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किये जाने की बात सामने आई, सदर अस्पताल में इलाज के बाद शाम को ही उसे पटना रेफर कर दिया गया़. पीड़िता ने बताया कि गुरुवार की रात वह अपने घर से शौच के लिए निकली थी उसी दौरान गांव के एक युवक ने उसे पकड़ लिया और हथियार के बल पर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक लखीसराय पुलिस ने एक आरोपी संतोष को गिफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही है. गिरफ्तार आरोपी नाबालिग है. इस केस में 2 को नामजद और 6 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है.
उधर, लखीसराय के जिलाधिकारी सुनील कुमार ने सोमवार को पीड़िता को एक लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है. जिले के सीनियर पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने मदद की घोषणा की.
लखीसराय में निर्भया कांड जैसा ही गैंगरेप का मामला सामने के बाद राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीड़िता के मामले में खुद संज्ञान लिया है. उन्होंने इसके लिए अधिकारियों को उचित निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि पीड़िता के देखभाल व इलाज में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. साथ ही रेपिस्ट को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को कहा है.
लंदन में 24 मंजिला इमारत में भीषण आग की घटना में कम से कम 79 लोगों के मारे जाने की आशंका है. यह जानकारी देते हुए स्काटलैंड यार्ड ने आज (सोमवार) कहा कि मृतको की संख्या और बढ़ने की सम्भावना हैं.
पश्चिम लंदन के ग्रेनफेल टावर ब्लॉक में आग की घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी और 74 लोग लापता थे. आशंका है कि उनकी भी मौत हो चुकी है. मेट्रोपोलिटन पुलिस कमांडर स्टुअर्ट कंडी ने इस बात की पुष्टि की कि कम से कम 79 लोगों की मौत हो गई या लापता हैं और उनके मारे जाने की आशंका है.
उन्होंने कहा, ‘परिवारों के लिए यह बहुत दुखद समय है. आग से हुए नुकसान को बयां करना वाकई मुश्किल है.’ मेट्रोपोलिटन पुलिस ने व्यापक जांच शुरू कर दी है.
खबर आ रही है कि फ्रांस में संसदीय चुनाव में इमैनुअल मैक्रो की पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है । फिलहाल इस बात की पुष्टि फ्रांस के गृहमंत्री ने ही की है|
अभी तक मिली जानकारी के अनुसार मतों की गिनती का काम लगभग पूरा किया जा चुका है और मैंक्रों की लॉ रिपब्लिक एन मार्श और सहयोगी डेमोक्रेटिक मूवमेंट पार्टी को तीन सौ से अधिक सीटों पर जीत मिली है| आपको बता दें कि दूसरी और अंतिम दौर के संसदीय चुनाव के रविवार को आए नतीजों ने फ्रांस की इस सबसे नई पार्टी के लिए देश की शीर्ष राजनीतिक सत्ता तक पहुंचने और अगले पांच साल के लिए वहां बने रहने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। फ़्रांस में राष्ट्रपति पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
दरअसल , इससे पहले आए रूझान मे मैक्रों की पार्टी को 60 प्रतिशत से अधिक सीटे मिलने का अनुमान लगाया जा रहा था। बहरहाल अभी संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव में मैक्रों की प्रतिद्वंद्वी रहीं धुर दक्षिणपंथी मरीन ली पेन की पार्टी नेशनल फ्रंट (एफएन) ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए छह सीटें जीती हैं। सदन में पार्टी के दो सांसद थे। वहीं, आपको बता दे कि देश में निवर्तमान सत्तारूढ़ सोशलिस्ट पार्टी को चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी को सिर्फ 32 सीटों पर ही जीत मिली है।
मई महीने मे यहां राष्ट्रपति का चुनाव हुआ था जिसमें 39 साल के पूर्व में बैंकर रहे इमैनुएल को 66.06 फ़ीसदी वोट मिले थे। इमैनुएल ने राष्ट्रपति बनने के बाद कहा था कि वो विचारों के आधार पर बंटे हुए देश को जोड़ेंगे और चरमपंथ और जलवायु परिवर्तन के खतरों का मुकाबला करेंगे।
सबसे खास बात यह है कि मैक्रों की पार्टी साल भर पहले ही अस्तित्व में आई थी और इसके कई सदस्यों ने पहले किसी सरकारी पद पर काम नहीं किया था। संसदीय चुनावों में बहुमत के साथ जीत से मैक्रों अब अपने सुधारवादी कार्यक्रमों को लागू करने की दिशा में पहल कर सकते हैं। इमैनुअल मैक्रों की पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष कैथरीन बार्बाडू ने कहा है कि देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पास अब साफ तौर पर नेशनल असेंबली में बहुमत है और इमैनुएल मैक्रों ने लोगों से जो वादा वायदे किए थे उसे वह पूरा कर सकेंगे।
लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट को लेकर योगी सरकार एक्शन में है, रिवर फ्रंट की जांच के लिए बनी खन्ना समिति ने मुख्यमंत्री योगी को स्टेटस रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी ने मामले की सीबीआई को जांच करने की अनुमति दे दी है। लेकिन, आधिकारिक तौर पर इसका आदेश नहीं किया गया है।
रिवर फ्रंट में अनियमितताओं की जांच के लिए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कमेटी बनाई थी, जांच कमेटी की रिपोर्ट सुरेश खन्ना ने दो दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी।
सौंपी गयी रिपोर्ट में कई अनियमितताओं का जिक्र किया गया है, साथ ही प्रोजेक्ट का बजट जरूरत से ज्यादा होने का दावा किया गया है। इसके अलावा जांच रिपोर्ट में कई बड़े अधिकारियों और प्रोजेक्ट इंजीनियर्स की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
सीएम योगी ने रिवर फ्रंट का दौरा किया था, जिसके बाद इसकी जांच के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया गया था। इस मामले में अधिकारियों और इंजीनियरों पर बेहिसाब खर्च के आरोप हैं, खन्ना समिति ने माना है कि न सिर्फ रिवर फ्रंट के बजट को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया गया, बल्कि 65 फीसदी काम होने के बावजूद 90 फीसदी भुगतान किया जा चुका है। खन्ना कमेटी ने ठेके बांटने को लेकर भी मनमानी के आरोप लगाए हैं।
जांच रिपोर्ट में अधिकारियों और इंजीनियरों पर सीधे-सीधे उंगली उठाई गई है, बताया जा रहा है इस रिपोर्ट में दो प्रमुख सचिवों का भी नाम है। ऐसे में अगर मामले की सीबीआई जांच होती है तो कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं, गोमती रिवर फ्रंट पूर्व सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट था।
भारतीय जनता पार्टी ने अब तक अपनी ओर से किसी भी राष्ट्रपति उम्मीदवार का नाम जाहिर नहीं किया है। इसी बीच कल पार्टी अध्यक्ष अमित शाह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से राष्ट्रपति चुनाव के विषय में समर्थन लेने पहुंच तो गए, लेकिन ठाकरे ने उन्हें दो टूक जवाब दे दिया। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि राष्ट्रपति के चुनाव में उम्मीदवार का नाम जाने बिना शिवसेना भाजपा के साथ नहीं खड़ी होगी।
अमित शाह रविवार को उद्धव से मिलने उनके बांद्रा स्थित निवास ‘मातोश्री’ पहुंचे। उनके साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रावसाहब दानवे भी थे। करीब सवा घंटे चली बैठक में उद्धव के साथ उनके पुत्र आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, शाह ने उद्धव से कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए राजग उम्मीदवार की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे व उनकी पार्टी शिवसेना से समर्थन की उम्मीद रखती है। इसके जवाब में उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहले आपकी पार्टी उम्मीदवार का नाम घोषित करे। तभी शिवसेना निर्णय कर पाएगी कि समर्थन देना है या नहीं।
एक तो केंद्र और राज्य की सरकारों में साथ रहने के बावजूद शिवसेना प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस और भाजपा सरकारों की आलोचना का कोई मौका नहीं छोड़ रही, दूसरी बात यह, कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए शिवसेना ने अपनी तरफ से संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम आगे बढ़ाया था। लेकिन, दो दिन पहले उद्धव ने कहा कि यदि मोहन भागवत के नाम पर कोई अड़चन हो, तो हरित क्रांति लानेवाले 91 वर्षीय कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए। हाल ही में उसने यह भी कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव में वह स्वतंत्र रास्ता अख्तियार कर सकती है।
आपको बता दें कि भाजपा से एकदम अलग होने की दिशा में बढ़ रही शिवसेना राष्ट्रपति चुनाव में पहले भी राजग से अलग मत दे चुकी है। पिछले दो चुनावों में भी इसने भाजपा का साथ नहीं दिया था। पहली बार उसने संप्रग उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल को मराठावाद के नाम पर समर्थन दिया था। दूसरी बार संप्रग के ही उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को बालासाहब ठाकरे से पुरानी मित्रता के कारण समर्थन दे चुकी है। अब तो हालात और भी गंभीर हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा से अलग होकर लडऩे के बाद से पार्टी 25 साल पुरानी सहयोगी भाजपा की मुखर आलोचक बन गई है।
गौरतलब है कि मुंबई में अपने तीन दिन के प्रवास के दौरान अमित शाह ने महाराष्ट्र में भाजपा के लगभग सभी सहयोगी दलों से राष्ट्रपति चुनाव को लेकर चर्चा की। सिर्फ स्वाभिमानी पक्ष के किसान नेता एवं सांसद राजू शेट्टी से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। शेट्टी भी इन दिनों भाजपा से नाराज चल रहे हैं। वह किसानों की बैठक के लिए फिलहाल दिल्ली में हैं।
इलाहाबादः उत्तर प्रदेश के पूर्व कद्दावर मंत्री सपा नेता गायत्री प्रजापति को बलात्कार के एक मामले में मिली जमानत पर बड़ा खुलासा हुआ है। जो उनकी मुश्किलें बढ़ा सकता है। आज एक जांच के बाद सामने आया है कि प्रजापति को साजिश रचकर जमानत दी गई थी, जिसमें एक वरिष्ठ जज के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। बता दें कि यह बड़ा खुलासा इलाहाबाद हाईकोर्ट की खास रिपोर्ट के आधार पर हुआ है। इस मामले में अब गायत्री प्रजापति पर शिकंजा कसता जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक प्रजापति को जमानत देने के लिए 10 करोड़ रुपए की वसूली की गई थी। आपको बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बी भोसले ने प्रजापति को जमानत मिलने की जांच के आदेश दिए थे। इस जांच में संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाली अदालतों में जजों की पोस्टिंग में हाई लेवल भ्रष्टाचार की बात निकल कर आई है।
सबसे अहम बात ये है कि जमानत देने वाले जज की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध हुई। अपनी रिपोर्ट में जस्टिस भोसले ने बताया है कि अतिरिक्त जिला और सेसन जज ओपी मिश्रा 7 अप्रैल को रिटायर होने से ठीक 3 सप्ताह पहले ही पोक्सो (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस) जज के रूप में तैनात किए गए थे। जज ओपी मिश्रा ने ही गायत्री प्रजापति को 25 अप्रैल को बलात्कार के मामले में जमानत दी थी। बता दें कि ओपी मिश्रा की नियुक्ति नियमों की अनदेखी करते हुए एक जज को हटाकर की गई थी।
इंटेलिजेंस ब्यूरो ने जज की पोक्सो पोस्टिंग में घूसखोरी की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक गायत्री प्रजापति को 10 करोड़ रुपए लेकर जमानत दी गई थी। इस रकम से 5 करोड़ रुपए उन 3 वकीलों के बीच बांटे गए जो मामले में दलाल की भूमिका निभा रहे थे, बाकी के 5 करोड़ रुपए ओपी मिश्रा और उनकी पोस्टिंग संवेदनशील मामलों की सुनवाई करने वाली कोर्ट में करने वाले जिला जज राजेंद्र सिंह को दिए गए।
ये रहे रिपोर्ट के खास पहलू –
अपनी गोपनीय रिपोर्ट में जस्टिस भोसले ने कहा है कि 18 जुलाई 2016 को पोक्सो जज के रूप में लक्ष्मी कांत राठौर की तैनाती की गई थी और वह काफी अच्छा काम कर रहे थे। उन्हें अचानक से हटाने और उनके स्थान 7 अप्रैल 2017 को ओपी मिश्रा की पोस्को जज के रूप में तैनाती के पीछे कोई औचित्य या उपयुक्त कारण नहीं था। मिश्रा की तैनाती तब की गई, जब उनके रिटायर होने में मुश्किल से 3 सप्ताह का वक्त बचा था।
गौरतलब है कि अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापित के खिलाफ बलात्कार के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने 17 फरवरी को एफआईआर दर्ज की थी। जिसके बाद उन्हें 15 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था। 24 अप्रैल को उन्होंने जज ओपी मिश्रा की अदालत में जमानत की अर्जी दी और उन्हें मामले की जांच जारी रहने के बावजूद जमानत दे दी गई। फिलहाल अब गायत्री प्रजापति की मुश्किलें बढ़ सकती हैं । लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर न्यायपालिका की कार्यप्रणाली ही सन्देह के घेरे में आ जायेगी, तो लोगों को इंसाफ कहाँ मिलेगा !
आज भारत तीन जगहों पर अलग अलग खेल के लिए मैदान पर उतरी थी, जहाँ क्रिकेट और हॉकी में पाकिस्तान के साथ, वहीं बैटमिन्टन में जापान के खिलाफ। हॉकी में भारत ने पाकिस्तान को 7-1 से और बैडमिंटन में जापान को 21-11, 21-19 से शिकस्त देकर तिरंगा लहराया, जबकि क्रिकेट में भारत को पाकिस्तान ने 180 रनों से हराकर कर चैम्पियन ट्राफी अपने नाम की।
क्रिकेट में मैच के शुरूआत से ही पाकिस्तान ने भारत पर दबदबा बनाए रखा था। फ़खर की शतकीय 114 रनों की पारी और अमीर की ठोस गेंदबाजी ने भारत से मैच छीन लिया। इस मैच में अजहर अली और फखर जमान ने शतकीय साझेदारी निभाते हुए 128 रन जोड़े। आईसीसी के वनडे इवेंट में पाकिस्तान की टीम ने दूसरी बार भारत के खिलाफ शतकीय साझेदारी बनाई। इससे पहले मोहम्मद युसूफ और शोएब मलिक, 2009 में यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर चुके हैं।
पाकिस्तान की तरफ से अजहर, फखर, बाबर , शोएब और मोहम्मद हाफ़िज ने क्रमशः 59, 114, 46, 12, 57 ने मिलकर 338 रनों का विशाल लक्ष्य भारत के सामने रखा। जिसके जवाब में भारत की तरफ से हार्दिक पाड्ंया (76) को छोड़कर सारे महारथी धराशायी हो गए। रोहित , विराट, शिखर ,धोनी, युवराज, जाधव ,जडेजा, अश्विन ,भुवनेश्वर, बुमराह ने क्रमशः 02, 05, 22, 04, 22, 09, 15, 01, 01, 01 मिलकर 158 रन ही जोड़ सके।
बॉलिंग में भी पाकिस्तानी आगे रहे अामिर ने 6 ओवर में 16 रन देकर 3 विकेट चटकाए। जबकि भारत की तरफ से रविचंद्रन अश्विन ने इस मैच में 10 ओवर की गेंदबाज़ी करते हुए बिना कोई विकेट लिए 70 रन दे डाले और जडेजा और बुमराह ने क्रमशः 67 रन 8ओवर , 68 रन 9 ओवर देकर सबसे मंहगे गेंदबाज साबित हुए। हसन अली ने टूर्नामेंट में 13 विकेट लेकर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने जबकि शिखर धवन 338 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
रविवार को वहीं इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज टूर्नामेंट के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए किदांबी श्रीकांत ने जापान के काजूमासा साकाई को 21-11, 21 -19 से शिकस्त दी। फाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करते ही किदांबी श्रीकांत इंडोनेशिया ओपन जीतने वाले पहले भारत के पुरुष खिलाड़ी बन गए है।
एक तरफ और भारत और पाकिस्तान का भिड़ंत हुआ जहां भारत ने अपने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी है। लंदन के ली वैली हॉकी ऐंड टेनिस सेंटर में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने वर्ल्ड हॉकी लीग सेमीफाइनल टूर्नामेंट में पाकिस्तान पर जबर्दस्त जीत दर्ज की। इस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान पर शुरू से ही दबाव बना रखा और 7-1 से जीत हासिल की। भारत की तरफ से पहले हाफ़ में भारत के हरमनप्रीत सिंह ने पेनॉल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए पाक के खिलाफ पहला गोल दाग दिया। फिर तलविंदर सिंह ने भारत के लिए दूसरा गोल दागा। उन्होंने ही तीसरा गोल भी पाक के खिलाफ किया, जिससे भारत पाकिस्तान पर 3 गोल से बढ़त बना ली। इसके बाद हरमनप्रीत सिंह ने फिर पेनॉल्टी कॉर्नर को गोल में तबदील कर दिया। जिससे टीम इंडिया 4-0 से आगे हो गई।
आकाश दीप सिंह ने 5वां और प्रदीप मोर ने 6वां गोल दागा। पाकिस्तान की तरफ से उमर भुट्टा ने पहला गोल दागा, जिससे स्कोर 6—1 हो गया। तभी आकाश दीप ने अपना दूसरा गोल दागा, जिससे स्कोर 7—1 हो गया।