मध्य पुर्तगाल के जंगलों में लगी भीषण आग में कम से कम 62 लोगों की मौत हुई है और कई अन्य झुलस गये हैं. सरकार ने आज कहा कि हाल के समय में इस सबसे बुरे हादसे में अधिकांश की मौत कार में लोगों के जलने से हुई है.
कोइंब्रा से करीब 50 किलोमीटर दूर पेड्रोगाओ ग्रांडे म्यूनिसिपलिटी के जंगल में कल अपराहन आग भड़क उठी थी.अग्निशमन दल के 900 कर्मचारी और 300 वाहनों को आग पर काबू पाने के लिए भेजा गया है. आग बेहद तेजी से कई जगहों पर फैल गयी.
लिस्बन के निकट सिविल प्रोटेक्शन मुख्यालय में प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने कहा, दुर्भाग्य से जंगलों में लगी आग के संदर्भ में हाल के वर्षों में हमारे द्वारा देखी गयी सबसे बड़ी दुर्घटनाओं में से यह एक लगती है. उन्होंने आज से देश में तीन दिन के शोक का ऐलान किया गया है.
राष्ट्रीय मोटरमार्ग के दोनों तरफ धुएं की मोटी परत करीब 20 किलोमीटर के दायरे में फैली हुई थी जबकि जमीन पर कई पेड़ गिरे पड़े थे. जली हुई कारों और जले हुये बर्बाद और परित्यक्त घरों के बीच कुछ दूरी पर मास्क लगाये पुलिसकर्मी एक शख्स का शव सफेद चादर से ढक रहे थे.
गोम्स ने कहा, ‘चार जगहों पर आग अब भी भड़की हुई है. ‘उन्होंने कहा कि इनमें से दो जगह यह बेहद तेजी से फैल रही है. ‘यह कहना मुश्किल है कि वे लपटों से दूर जा रहे थे या फिर अचानक लपटों ने उन्हें घेर लिया. ’50 से ज्यादा लोग झुलसे हुए हैं जिनमें से एक बच्चे और एक दमकलकर्मी समेत पांच की हालत गंभीर है. कोस्टा ने कहा, ‘हताहतों की संख्या बढ़ सकती है. प्राथमिकता उन लोगों को बचाने की है जो अब भी खतरे में हो सकते हैं.’
18 जून (आईएएनएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने घोषणा की है कि यमन में हैजा फैलने के कारण मृतकों की संख्या 1,054 हो गई है। इसके साथ ही हैजा के संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 1,51,000 हो गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, 27 अप्रैल के बाद से केवल सात सप्ताहों में 22 में से 20 प्रशासनिक क्षेत्रों में हैजा फैल चुका है। डब्ल्यूएचओ ने पिछले महीने कहा था कि हैजा के संदिग्ध मामलों की संख्या अगले छह महीनों में तीन लाख तक पहुंच सकती है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यमन में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली चरमरा चुकी है। वर्तमान में जारी संघर्ष के कारण कई अस्पताल बंद हो चुके हैं। उनमें से केवल 45 प्रतिशत का संचालन हो रहा है और वे भी सामान और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं।
देश की कुल आबादी के दो तिहाई यानी करीब 1.9 करोड़ लोगों को मानवीय और सुरक्षा सहायता की जरूरत है। करीब 1.03 करोड़ लोग भुखमरी की कगार पर हैं और 1.45 करोड़ को पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है।
बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर और कैटरीना कैफ इन दिनों अपकमिंग फिल्म ‘जग्गा जासूस’ के प्रमोशन में बिजी हैं. कटरीना कैफ और रणबीर कपूर का रिश्ता भले ही खत्म हो गया हो लेकिन अपनी आने वाली फिल्म प्रमोशन के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. हाल ही में रणबीर और कैटरीना कैफ ने फेसबुक लाइव के जरिए फैन्स से बातचीत की और उनके सवालों का जवाब दिया. बातों-बातों में कैटरीना ने ऐश्वर्या राय बच्चन को लेकर ऐसा कमेंट कर दिया, जिसे सुन ऐश्वर्या का नाराज होना लाजमी है.
रणबीर और कैटरीना दोनों प्रमोशन के लिए फेसबुक लाइव कर रहे थे और इस दौरान दोनों ने बहुत से गेम्स खेले. गेम्स के दौरान दोनों ने मस्ती की, साथ ही कुछ अपमानजनक जवाब भी दिए. दरअसल रणबीर ने कैटरीना को एक जानवर के साथ किसी स्टार का नाम जोड़ने के लिए कहा. जब रणबीर ने लोमड़ी कहा तो कैटरीना ने झट से ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम ले लिया. वैसे, कैटरीना ने ऐश्वर्या को लोमड़ी क्यों कहा? इसका जवाब वहीं बता सकती हैं.
उसके बाद एक फैन ने रणबीर से उनके जिंदगी के पांच सबसे करीबी लोगों के नाम पूछे. इस पर रणबीर ने कहा- मॉम-डैड, भतीजी, अयान. मैं तुम्हारा (कटरीना) का नाम भी ले लेता अगर मैं तुम्हें खुश रख पाता. इसलिए मैं अपने दो कुत्तों का नाम लूंगा.
बता दें कि ‘जग्गा जासूस’ 14 जुलाई को रिलीज होने वाली है.
अफगानिस्तान के गर्देज शहर में तालिबान के आतंकियों ने पुलिस मुख्यालय पर हमला कर पूरे पूर्वी अफगानिस्तान को दहला दिया है। बताया जा रहा है कि 5 पुलिस कर्मी की मौत हो गई है, जबकि 15 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े छह बजे एक हमलावर ने विस्फोटकों से भरी हुई एक कार को पुलिस मुख्यालय के गेट के पास उड़ा दिया। नजीब दानिश के अनुसार, विस्फोट के उपरांत चार अन्य हमलावर गेट के मुख्यालय से भीतर घुस आए। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने दो हमलावरों को तुरंत मार गिराया। शेष दो हमलावर अफगान विशेष सुरक्षाबल के जवानों से भिड़ गए।
शहर के अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार इस हमले में कम से कम पांच पुलिसकर्मियों की मौत हुई है और 20 नागरिकों समेत कम से कम 30 लोग से अधिक घायल हए हैं|
हमलें के बाद आतंकवादी संगठन तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए, तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद के मुताबिक इस हमले में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। बता दें कि इस्लामिक आतंकवादी संगठन तालिबान आम तौर पर इस प्रकार के हमलों में मृतकों की संख्या को बढ़ा चढ़ाकर बताता है चाहे फिर कहीं भी हमला हो। इसलिए इस पर ज्यादा विश्वास नहीं किया जा सकता, पर प्रशासन और अस्पताल के डॉक्टर में भी अभी मतभेद है कि कितने पुलिस कर्मी की मौत हुई है।
दार्जिलिंग आज (रविवार) भी तनाव से घिरा रहा, जहां हजारों प्रदर्शनकारी जीजेएम के एक कार्यकर्ता के शव को लेकर चौक बाजार में जमा हुए और उन्होंने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की. पुलिस के साथ संघर्ष में जीजेएम कार्यकर्ता मारा गया था.
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कल हुई झड़पों के बाद पश्चिम बंगाल के इस पर्वतीय जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. शहर के बीचोंबीच स्थित चौकबाजार में प्रदर्शनकारी काले झंडे और तिरंगा लेकर एकत्रित हुए. उन्होंने नारेबाजी की और दार्जिलिंग से तत्काल पुलसकर्मियों और सुरक्षा बलों को हटाने की मांग की.जीजेएम ने दावा किया है कि पुलिस ने कल (शनिवार) सिंगमारी में उनके दो समर्थकों की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने अपने कर्मियों द्वारा गोलीबारी करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई है.
वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में हिंसा से कभी हल नहीं निकलेगा. आपसी बातचीत से मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं. मैंने ममता बनर्जी से बात की, उन्होंने कहा है कि दार्जिलिंग में हालात सुधर रहे हैं। अपील है कि लोग हिंसा का सहारा न लें. GJM चीफ, बिमल गुरुंग ने कहा है कि अगर पुलिस हमें रोकेगी तो हम आंदोलन जारी रखेंगे। हम और दिक्कतें पैदा करेंगे। सरकार ने शनिवार को हुई हिंसक घटनाओं को देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.
दार्जिलिंग में कुछ साल के अंतराल के बाद बीते आठ जून को फिर से हिंसक प्रदर्शनों की शुरुआत हुई और तब से मौत का यह पहला मामला है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा था कि दार्जिलिंग में चल रहे आंदोलन में गहरी साजिश है और इसे पूर्वोत्तर और कुछ अन्य देशों के विद्रोही समूहों का समर्थन प्राप्त है.
जीजेएम ने ममता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह अस्मिता के लिए चल रही गोरखाओं की लड़ाई को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। शनिवार की हिंसा और आगजनी के बाद से पुलिस हाई अलर्ट पर है और उसने सेना के साथ मिलकर पर्वतीय क्षेत्र के कई इलाकों में मार्च किया. पुलिस ने सरकारी और जीटीए के कायार्लयों के बाहर तथा पहाडि़यों में आने और निकलने के विभिन्न स्थानों पर चौकियां एवं अवरोधक लगाए हैं. बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है.
जीजेएम के नेता बिनय तमांग ने कहा, हम पश्चिम बंगाल सरकार के साथ वार्ता करने को तैयार नहीं है. ममता बनर्जी ने हमारा अपमान किया है उन्होंने हमें आतंकवादी कहा है. उन्होंने कहा, हम अपने अधिकारों और आजादी को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. हम केवल केंद्र सरकार के साथ वार्ता करेंगे. ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ वार्ता करने में हमारी दिलचस्पी नहीं है.
अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से अशांत चल रहे दार्जिलिंग में शनिवार को जीजेएम कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच व्यापक झड़प देखने को मिली. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) का एक सहायक कमांडेंट समेत 35 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सहायक कमांडेंट गंभीर रूप से घायल हो गए.
देश के सियासी मैदान में इस समय राष्ट्रपति पद का चुनाव है, और चारों तरफ इसी को लेकर हल्ला है कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा। इन सबके बीच एक बड़ी खबर यह आई कि हिमाचल प्रदेश के निकाय चुनाव में बीजेपी ने अपना लगातार जीत का सिलसिला जारी रखा। एक बार फिर अमित शाह और मोदी के नेतृत्व में इस चुनाव में भी केसरिया रंग मे शिमला को रंग दिया।
बीजेपी ने बीते तीन दशक में पहली बार शिमला नगर निगम में सबसे ज्यादा सीटें जीतकर इतिहास रच दिया, लेकिन वह 18 सदस्यों के सामान्य बहुमत के आंकड़े को हासिल करने में नाकाम रही। यह खबर इसलिए भी बड़ी है क्योंकि यह कांग्रेस का गढ़ था। 26 सालों से कांग्रेस का वहाँ पर कब्जा था, पर इस बार वह केवल 12 वार्डों में सीमित रह गई, जबकि बीजेपी और उसकी समर्थित सदस्यों ने 17 वार्डों पर जीत हासिल की है।
एक वार्ड पर सीपीएम समर्थित उम्मीदवार ने जीत हासिल की है। वहीं 4 वार्डों पर निर्दलीयों ने कब्जा किया है। बता दें कि मतदान शुक्रवार को किया गया था,जिस में 58 फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया था। चुनाव में निर्वासित तिब्बतियों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चेन्नई और कोलकाता के बाद शिमला सबसे पुराना नगर निगम है। चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी के बीच था। हालांकि उम्मीदवारों ने पार्टी के चुनाव चिन्हों पर चुनाव नहीं लड़ा।
शिमला निकाय चुनाव में कुल 126 उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले 2012 में सीपीएम ने सभी दलों को चौंका दिया था। खैर बीजेपी ने उन जगहों पर खासकर जीत हासिल की है जहाँ पर सीधे टक्कर मे कांग्रेस से थी। कांग्रेस अपनी रणनीति मे कोई खास परिवर्तन न कर पाने के कारण लगातार चुनाव दर चुनाव हार रही है।
साल 2012 में सीपीएम ने मेयर, उप मेयर और साथ ही एक पार्षद की सीट जीती थी| सीपीएम ने पिछली निकाय चुनाव अपना दबदबा बनाया था जो इस बार नही हो सका|
शिमला नगर निगम पर कांग्रेस ने लगातार 26 सालों तक राज किया है। ऐसे में ये नतीजे कांग्रेस के लिए झटका देने वाले हैं। मोदी लहर अगर इस तरह से स्थानीय निकय चुनावों में भी अपना असर दिखा रही है, तो कांग्रेस को अपने हार पर समीक्षा करनी चाहिए|
आज भारत और पाकिस्तान की बीच चैंपियंस ट्रॉफी के सुपरफाइनल का दिन है। आज भारत न सिर्फ क्रिकेट, बल्कि हॉकी में भी अपने प्रतिद्वंद्वी से भिड़ेगा।
आज शाम साढ़े छह बजे हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल में ली वैली हॉकी सेंटर में भारत-पाकिस्तान आमने-सामने होंगे, लेकिन उससे पहले दोपहर 2.10 बजे भारत के लिए एक और खिताबी मुकाबला है।
जकार्ता में इंडोनेशिया ओपन के फाइनल में भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत अपने जापानी प्रतिद्वंद्वी का सामना करेंगे। उधर, विराट कोहली ने भारतीय हॉकी टीम को अपना शुभकामनाएं दी हैं।
भारत हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल में लगातार दो जीत हासिल कर चुका है, शनिवार को उसने कनाडा को 3-0 से मात दी, इससे पहले गुरुवार को भारतीय टीम ने स्कॉटलैंड को 4-1 से शिकस्त दी थी। हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल में भारत और पाकिस्तान एक ही पूल-बी में हैं, अब 18 जून को भारत का मुकाबला अपने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हैं।
भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने इंडोनेशिया ओपन सुपर सीरीज टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है, श्रीकांत ने शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के सोन वान हो को 21-15 14-21 24-22 से हराया था।
आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में बाबा रामदेव गुजरात के अहमदाबाद में एक भव्य योग शिविर ले रहे हैं।इस शिविर में 21 जून को, योग से संबंधित कई विश्व रेकॉर्ड भी बनने वाले हैं। इस शिविर में भारत के तमाम मंत्री , शिक्षक, छात्र , सेना के तमाम सैनिक और अधिकारी,तमाम शिक्षित-अशिक्षित वर्ग उपस्थित हो कर योग सीख रहे हैं। आस्था चैनल के माध्यम से इसका सीधा प्रसारण भी किया जा रहा है, जिससे इसे पूरे देश, विदेश में तमाम योग प्रेमी देख व सुन सकें।
आज के शिविर में योग की शिक्षा समाप्त करते समय बाबा ने योग की विशेषता का गुणगान करते हुए बताया कि योग करने से मनुष्य संसार का सबसे बड़ा बलवान ,सबसे बड़ा प्रतिभावान,स्वास्थ्यवान मानव बन सकता है। बाबा की इस शिक्षा से शायद योग करने वालों के मन में कुछ भाव जगें और लोग संसार का सबसे बड़ा बलवान , प्रतिभावान, महान, बुध्दिमान, धनवान व्यक्ति बनने की दौड़ में लग जाएं। इससे कम से कम यह लाभ तो होगा कि जिस दौड़ में आज लोग लगे हुए हैं, उनकी दौड़ को योग के माध्यम से थोड़ा और बल मिल जाएगा और ज्यादा से ज्यादा लोग अपने अहंकार की तृप्ति के लिए ही सही, योग करना प्रारंभ कर देंगे। आज के समाज में मानव का अहंकार वैसे ही चरम सीमा पर है। योग कर के सबसे बड़ा बलवान, सबसे बड़ा प्रतिभावन सबसे बड़ा सौन्दर्यवान, सबसे बड़ा धनवान, महान बनने की दौड़ में और लोग उत्साहित होंगे, जिस दौड़ के कारण आज इंसान इंसान नहीं रहा। आज का हर मानव अपनी संतानों को योग की शिक्षा तो नहीं, पर सबसे बड़ा बलवान, महान, रूपवान धनवान, गुणवान बनने की शिक्षा जरूर देता है।
सचमुच योग और ध्यान करने से आज का मानव मानव बन सकता है, जिसकी आज के समाज को बड़ी आवश्यकता है। इंसानियत आज के समाज से लगभग विलुप्त होती जा रही है। आज सुबह एक न्यूज़ चैनल की 100 प्रमुख खबरें मैं सुन रहा था। उनमें से कम से कम 80% समाचार हत्या और बलात्कार से संबंधित थे, 10% समाचार ठगी बेईमानी और लूट से संबंधित थे, बाकी 10% में और सब। मानव की मानसिकता ही ऐसी बन गई है कि पूरे समाचार में यदि हत्या,बलात्कार,आतंक,ठगी बेईमानी चोरी,दो पार्टियों में कहा-सुनी देखने या सुनने को न मिले, तो समाचार ही नीरस लगता है। इसीलिए मीडिया ने भी जनता की कमज़ोर नस पकड़कर ऐसी ही ख़बरों की भरमार लगा रखी है। अगर समाचारों में मात्र देश विदेश की प्रगति, विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास इत्यादि से जुड़ी खबरें हों, तो लोग कहते हैं कि आज के समाचार में कुछ खास नहीं है। लोगों की मानसिकता ही हिंसक समाचार सुनने की हो चुकी है। समाचार पत्रों को भी ऐसे ही समाचार चाहिए क्योंकि उनको भी अपना धंधा चलाना है। समाचार ऐसे ही होने चाहिए जो लोगों को भाएँ, तभी लोग उनका अख़बार खरीदेंगे। यही हालत समाचार चैनलों की भी है। सबको अपना धंधा चलाना है। खासियत यह है कि जनता की मांग ही ऐसी है। प्रश्न यह है कि लोग इसे ही पसंद क्यों करते हैं ?
ऐसी पसंद एक रुग्ण मानसिकता को दर्शाती है। यह एक रुग्ण तन, रुग्ण मन की जरूरत को दर्शाती है। एक प्रकार के रोगी के मन में ही ऐसे विचार, ऐसे भाव उत्पन्न हो सकते हैं। इसी का परिणाम है कि आज पूरा मानव समाज ,समाज को एक दूसरे के प्रतियोगी की भांति देखता है। मैत्रीयता लोगों में ऊपर से देखने को भले ही मिले, लेकिन दिलों से गायब हो चुकी है। जो लोग व्यभिचार, भ्रष्टाचार,नीति-अनीति आदि से जुड़ी चीज़ें जो सुनने के इच्छुक होते हैं, उनमें ऊपरी तौर पर ये भाव देखने को भले ही न मिलें, लेकिन उनके अंदर ये भाव मौजूद होते हैं और यह एक मानसिक रोग है। अन्यथा ये चीजें सुनने या देखने में इनकी उत्सुकता इतनी प्रबल नहीं रहती।
योग वैश्विक दृष्टि में एक विज्ञान है। योग और ध्यान लोगों को स्वस्थ तन,स्वस्थ मन और स्वस्थ दिमाग दे सकता है, यह शत प्रतिशत सत्य है। अगर लोग योग करने के बाद 5 मिनट,10 मिनट साधारण मुद्रा में बैठकर, आँख बंद कर, अपने अंदर यह भाव जगाएं ,ऐसा ध्यान करें, कि हमें इंसान बनना है, तो लोगों का तन और मन पूर्ण स्वास्थ्य को अवश्य उपलब्ध होगा। सबसे बलवान ,सबसे प्रतिभावान,सबसे सौन्दर्यवान, सबसे धनवान बनने का भाव ही लोगों के अंदर से विलुप्त हो जायेगा। जहाँ पर लोग एक दूसरे को प्रतियोगी की भांति देखते या महसूस करते हैं, वहीं पर लोगों में ऐसा मित्रवत भाव जगे, कि लोग अपने मित्र को गिरते-तड़पते, मरते-बिलखते कतई न देख सकें, बल्कि मित्रवत भाव से लोगों का ऐसा सहयोग करेंगे कि यदि मैं आगे हूँ, तो मेरा मित्र पीछे कैसे रहेगा, वह भी मेरे साथ आगे बढ़ेगा। राजनीति से प्रेरित होकर नहीं, बल्कि जीवंत रूप से प्रधानमंत्री मोदी का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ सार्थक होगा और मात्र स्वस्थ तन और स्वस्थ मन से ही यह संभव है, जो इस समाज को मात्र योग और ध्यान ही दे सकता है। तब जाकर सार्थक होगा ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का स्वप्न।
आपको यकीन नहीं होगा अगर बॉलीवुड का कोई बड़ा सुपरस्टार कहे ‘मैं कैरेक्टर लेस हूं…मैं चीप हूं…मैं लड़कियों को गंदी नज़रों से देखता हूं…’. जी हां, ऐसा कोई और नहीं बल्कि खुद सुपरस्टार शाहरूख खान ने कहा है. ये उनकी अपकमिंग फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ का एक डायलॉग है जो वो अपनी हिरोईन अनुष्का शर्मा के सामने मारते हैं.
जल्द ही इसका प्रोमो रिलीज होने वाला है. उससे पहले ही शाहरूख खान ने कल इस फिल्म के डायरेक्टर इम्तियाज अली की बर्थडे पार्टी में फिल्म का ये डायलॉग वहां मौजूद लोगों को सुनाया. शाहरूख ने कहा, ‘मैं कैरेक्टर लेस हूं…मैं चीप हूं…मैं लड़कियों को गंदी नज़रों से देखता हू.
कल इम्तिजाय अली ने शाहरूख खान और अपनी फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ के स्टारकास्ट के साथ अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया. इस सेलिब्रेश के दौरान शाहरूख खान और इम्तिजाय अली का ब्रोमांस भी यहां देखने को मिला. शाहरूख खान ने यहां खुद इम्तियाज से केक कटवाया. यहां दोनों कभी एक दूसरे को हग करते तो कभी केक खिलाते नज़र आए.
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही ‘जब हैरी मेट सेजल’ फिल्म की शूटिंग शाहरूख और इम्तिजाय ने खत्म की है. इन दिनों इस फिल्म की डबिंग चल रही है. इम्तियाज अली के साथ शाहरूख पहली बार काम कर रहे हैं.
इस रोमांटिक फिल्म की शूटिग प्राग, एम्सटर्डम, लिस्बन और बुडापेस्ट में हुई है. इस फिल्म में शाहरूख खान के अपोजिट अनुष्का शर्मा भी हैं लेकिन इस सेलिब्रेशन में वो नज़र नहीं आईं.
अनुष्का और शाहरुख तीसरी बार साथ काम कर रहे हैं. इससे पहले दोनों ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और ‘जब तक है जान’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं. ये फिल्म इसी साल 4 चार अगस्त को रिलीज होगी.
विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने आज इन खबरों का खंडन करते हुए उसे अफवाह बताया कि वह राष्ट्रपति पद के चुनाव में एक दावेदार हैं. हालांकि सत्ता पक्ष और विपक्ष में से किसी ने राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है, इस पद के दावेदार के तौर पर सुषमा समेत कई लोगों के नाम चर्चा में हैं.
जब विदेशमंत्री से पूछा कि क्या राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उनके नाम पर गौर किया जा रहा है तो उन्होंने कहा, ”ये अफवाह हैं. मैं विदेश मंत्री हूं और आप मुझसे जो पूछ रहे हैं वह आंतरिक मामला है.”
सत्ताधारी बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार के चयन के लिए अरुण जेटली, राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू की कमेटी बनाई है. इस कमेटी के नेता शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी से भी मिले थे. बीजेपी आमसहमति से कैंडिडेट उतारने की कोशिश में है. हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान बीजेपी नेताओं ने कोई नाम सामने नहीं रखा बल्कि हमसे ही नाम पूछ रहे थे.
राष्ट्रपति पद का चुनाव 17 जुलाई को होने वाला है. अगर जरूरत पड़ी तो मतों की गणना 20 जुलाई को होगी. राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए नामांकन का पर्चा दाखिल करने की आखिरी तारीख 28 जून है. उम्मीदवार चुनावी रण से अपना नाम एक जुलाई तक वापस ले सकते हैं.