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Thursday, August 13, 2026
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पार्टी से अब कोई लेना-देना नहीं: अमर सिंह

amar singh's statement before gujrat election
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने कहा है कि समाजवादी पार्टी से उनको दो बार निकाला जा चुका है, इसलिए अब उन्हें पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘समाजवादी पार्टी ने मुझको दो बार दुलत्ती मारकर निकाला है। एक बार माननीय मुलायम सिंह ने दुलत्ती मारी, फिर अखिलेश यादव ने मुझे दुलत्ती मारी। दुलत्ती खाने के बाद समाजवादी पार्टी से दूर-दूर तक मेरा कोई लेना देना नहीं हैं, समाजवादी पटरी से मैं उतर चुका हूं।’
उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट देने की अपील करते हुए कहा था कि ‘मैं सभी से रामनाथ कोविंद जी को समर्थन देने की अपील करता हूं। त्रेतायुग में जैसे राम और शबरी, द्वापर में कृष्ण और सुदामा वैसे ही कलियुग में मोदी जी और कोविंद जी हैं।’
उन्होंने मीरा कुमार को राष्ट्रपति कैंडि‍डेट बनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘ मैं सोनिया जी से पूछना चाहता हूं कि, जब उनके पास आंकड़े नहीं होते तभी दलित को क्यों बलि का बकरा बनाती हैं, पहले शेखावत जी के खिलाफ शिंदे को बनाया था, अब मीरा कुमार जी को।
मुलायम सिंह के करीबी माने जाने वाले अमर सिंह ने किसी तरह सपा में वापसी तो कर ली थी, लेकिन सपा में उनकी राह आसान नहीं रही, अमर सिंह को अखिलेश यादव बिल्कुल पसंद नहीं करते, इसी तरह सपा नेता आजम खान से भी अमर सिंह के छत्तीस के आंकड़े रहे हैं। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमर सिंह ने यादव परिवार में मचे घमासान को ड्रामा बताया था, उनके मुताबिक यह सब अखिलेश की छवि चमकाने का एक तरीका था। सपा से नाराजगी के बाद अमर सिंह पीएम मोदी की जमकर तारीफ करते रहे हैं।

भाजपा ने वैंकैया नायडू को बनाया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

वन्देमातरम गाने में क्या है समस्या
शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
भारतीय जनता पार्टी ने आज संसदीय दल की बैठक में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड़्डा ने उपराष्ट्रपति पद के लिए नायडू के नाम का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद नायडू ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। मंगलवार सुबह 11 बजे वेंकैया नायडू पर्चा भरेंगे। बैठक के बाद वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलेंगे। वे कल सुबह मंत्री पद से देंगे इस्तीफा दे सकते हैं।
वेंकैया नायडू 18 विपक्षी पार्टियों के उपराष्ट्रपति पद के संयुक्त किंतु विवादित उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी से मुकाबला करेंगे। आंकड़ों पर गौर करें तो नायडू को जीतने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर सब कुछ सही रहा तो देश के अगले उपराष्ट्रपति नायडू हो सकते हैं। गौरतलब है कि मौजूदा उपराष्ट्रति हामिद अंसारी का कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो रहा है। अंसारी लगातार दो बार देश के उपराष्ट्रपति रहे हैं।
राष्ट्रपति पद के लिए उत्तर प्रदेश के रहने वाले रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा के बाद बीजेपी उपराष्ट्रपति पद के लिए दक्षिण से किसी उम्मीदवार की घोषणा करना चाहती थी। उपराष्ट्रति के पास ही राज्यसभा के संचालन की भी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में बीजेपी की रणनीति के लिहाज से भी वेंकैया सर्वोत्तम उम्मीदवार पाए गए। दरअसल बीजेपी इस दांव से दक्षिण में अपना आधार मजबूत करना चाहती है, क्योंकि दक्षिण में कर्नाटक ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां बीजेपी मजबूत स्थिति में है।
उल्लेखनीय है कि मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो रहा है। उपराष्ट्रपति चुनाव 2017 के लिए 4 जुलाई 2017 को अधिसूचना जारी की गई थी। नामांकन की आखिरी तारीख 18 जुलाई है। 19 जुलाई को नामंकन पत्रों की समीक्षा की जाएगी। नामांकन वापस लेने की तारीख 21 जुलाई है। 5 अगस्त को सुबह 10 बजे से 5 बजे तक वोटिंग होगी। मतगणना भी 5 अगस्त को ही कराई जाएगी।
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार वेंकैया नायडू का संक्षिप्त परिचय
1 जुलाई, 1949 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में पैदा हुए वेंकैया नायडू ने वहीं से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने वीआर कॉलेज से राजनीति विज्ञान में बीए किया। उन्होंने विशाखापट्टणम के आंध्र विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री भी हासिल की। 1974 में वे आंध्र विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने गए थे।
68 वर्षीय वेंकैया नायडू फिलहाल केंद्र में आवास और शहरी मामलों के मंत्री हैं। इसके अलावा सूचना और प्रसारण मंत्रालय भी उन्हीं के जिम्मे है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। 2002 से 2004 तक वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे हैं। छात्र नेता के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले वेंकैया नायडू ने जयप्रकाश आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान वाजपेयी सरकार में वेंकैया ग्रामीण विकास मंत्री भी बनाए गए और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क जैसी लोकप्रिय योजनाओं की कामयाबी का सेहरा भी उनके सिर बंधा।

महाराष्ट्र में फिर मिला बीफ, दो गाड़ियों से 4 टन गोमांस बरामद

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

गोहत्या पर प्रतिबंध कानून लागू होने के बाद भी बीफ मिलने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। पुणे-अहमदनगर हाईवे में दो मिनी ट्रक से पुलिस ने कथित रुप से भारी मात्रा में बीफ बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि दोनों गाड़ियों से करीब 4 टन बीफ बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बरामद मांस को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। गौर करने वाली बात यह है कि सूबे में बूचड़खाने बंद होने के बावजूद इतनी मात्रा में बीफ मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि वह ये बीफ कहां से ला रहे थे और इसे कहां सप्लाई किया जाना था।
महाराष्ट्र में गोहत्या पर प्रतिबंध कानून के तहत यदि कोई भी व्यक्ति गोहत्या करते हुए अथवा बीफ रखते या बेचते हुए पकड़ा गया तो उसे 5 साल की सजा और 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। हाल ही में नागपुर में बीफ ले जा रहे बीजेपी नेता सलीम शाह को प्रहार सेना के सदस्यों ने बुरी तरह से पीटा था। शाह अपने स्कूटर पर 15 किलो बीफ ले जा रहा था।
इसके बाद पुलिस ने सोमवार सुबह शाह को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सलीम काटोल तहसील की बीजेपी की अल्पसंख्यक इकाई का पूर्व प्रभारी था। इस मामले के सामने आने के बाद शाह को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
[7/17, 20:57] Amit Sir: भाजपा ने वैंकैया नायडू को बनाया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

 

फिर से आ रहा है सलमान खान का फेमस गाना ‘ओ ओ जाने जाना’

कोमल झा| Navpravah.com

सलमान खान के ‘ओ ओ जाने जाना’ को भला कौन भूल सकता है? ऐसे समय में जब बॉलीवुड में रिमिक्स का जोर है, गायक कमाल खान इस गीत को नए तरीके से पेश करने पर विचार कर रहे हैं.

कमाल ने न्यूयॉर्क में आईफा में अपने परफॉर्मेंस के बाद कहा, “मैं वास्तव में इस समय ‘ओ ओ जाने जाना’ के नए एक संस्करण पर काम कर रहा हूं. यह किसी फिल्म के लिए या किसी अल्बम के लिए हो सकता है.”

वहीं उन्होंने कहा, “जब मैंने ‘ओ ओ जाने जाना’ गाया. तो कई पुरानी यादें ताजा हो गईं.” उन्होंने कहा कि यह अलग बात है कि उन्होंने ज्यादातर सलमान की फिल्मों के लिए काम किया है, लेकिन उनकी अगली फिल्म किसी अन्य के साथ है.

आवाज को सुरीला करने के लिए गायकों द्वारा ऑटो-ट्यूनिंग का इस्तेमाल करने के सवाल पर कमाल ने कहा, “टेक्नोलॉजी कोई बुरी चीज नहीं है. कलाकार सीजीआई का इस्तेमाल करते हैं, तो गायक इसका इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकते?”

चीनी सेना की ओर से तिब्बत में फायरिंग का अभ्यास, कर चीन ने दिखाई ताकत

कोमल झा| Navpravah.com

चीन की सेना ने तिब्बत में गोली चलाने का अभ्यास किया. सिक्किम सेक्टर के डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सेना के बीच जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में यह अभ्यास हुआ है.

सैन्य अभ्यास के समय की जानकारी दिए बगैर शुक्रवार को चीन के सरकारी टेलीविजन सीसीटीवी ने अपनी खबर में कहा कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने दक्षिण-पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में गोली चलाने का अभ्यास किया.

ग्लोबल टाइम्स में आज प्रकाशित खबर के अनुसार, इस अभ्यास में पीएलए के तिब्बत मिलिट्री कमान की एक ब्रिगेड ने और चीन की पठारी-पहाड़ी ब्रिगेड ने हिस्सा लिया. पीएलए का तिब्बत विंग भारत-चीन सीमा की नियंत्रण रेखा पर तिब्बत सहित कई दूसरे इलाकों की सुरक्षा करता है. सीसीटीवी की खबर के अनुसार, ब्रिगेड लंबे समय से ब्रह्मपुत्र नदी के मध्य और निचले हिस्से में तैनात है.

चीनी सैन्य अभ्यास में संयुक्त हमलों में साथ काम कर रही सैनिकों की टुकड़ियों और अन्य सैन्य इकाइयों को जल्दी गंतव्य पर पहुंचाना शामिल था. ऑनलाइन पोस्ट किए गए वीडियो में सैनिकों को एंटी-टैंक ग्रेनेड, बंकरों पर मिसाइलों और तोपखाने के लिए होवित्जर का इस्तेमाल करते दिखाया गया है.

अभ्यास में रडार यूनिट दुश्मन के विमानों की पहचान करते और सैनिक एंटी-क्राफ्ट मिसाइलों से निशाना लगाते दिख रहे हैं. सैन्य अभ्यास करीब 11 घंटे चला.

मायावती ख़ुश, बोली, “जीते कोई भी इस बार दलित होगा राष्ट्रपति”

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
नए राष्ट्रपति चुनने के लिए देश की संसद समेत सभी विधानसभा में वोटिंग की जा रही है। मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच है। वोटिंग शुरू होते ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यह पहली बार है कि सत्ता और विपक्ष की ओर से दलित उम्मीदवार मैदान में उतारा गया है, जीत या हार किसी की भी हो लेकिन राष्ट्रपति दलित ही होगा।
मायावती की पार्टी बसपा के लोकसभा में कोई सांसद नहीं हैं, वहीं यूपी में बसपा के 19 विधायक हैं। हालांकि बसपा की ओर से राज्यसभा में 6 सासंद हैं। एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद मूलत: रूप से उत्तर प्रदेश से ही आते हैं। रामनाथ कोविंद दलित जाति से हैं, कोविंद के उम्मीदवार बनाए जाने के बाद विपक्ष ने भी दलित कार्ड चलते हुए पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है, जिसके अगले दिन यानी 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति पदभार ग्रहण करेंगे। राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल दोनों उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार दलित समुदाय से आते हैं।
आंकड़ों की बात की जाए तो बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद की दावेदारी मजबूत नजर आ रही है, क्योंकि उन्हें एनडीए के अलावा जेडीयू और बीजू जनता दल (बीजेडी) जैसे विपक्षी दलों का भी समर्थन हासिल है। यहां जेडीयू के पास निर्वाचक मंडल का कुल 1.91 फीसदी वोट है, जबकि बीजेडी के पास 2.99 फीसदी वोट है।
राष्ट्रपति चुनाव में हर सांसद के वोट का वैल्यू 708 है, जबकि विधायकों के वोटों का मूल्य उनके राज्यों की आबादी के अनुसार होगा, जैसे उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का वैल्यू 208, जबकि अरुणाचल जैसे कम आबादी वाले राज्य के विधायक के वोट का मूल्य 8 बैठता है। ऐसे में कोविंद को निर्वाचक मंडल के कुल 10,98,903 मतों में से 63 फीसदी से ज्यादा मत मिलने की संभावना है, वैसे ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा कि देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा।

बिहार: शिकारपुर में 8.70 करोड़ रुपये मूल्य का चरस बरामद

कोमल झा| Navpravah.com

 

भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने रविवार की देर रात एक कार से 58 किलोग्राम चरस बरामद किया। बरामद मादक पदार्थ की कीमत 8.70 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

एसएसबी के एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि रात में मादक पदार्थो की एक बड़ी खेप नेपाल से बिहार की सीमा में पहुंचने वाली है। इसी सूचना के आधार पर एसएसबी के जवानों द्वारा कई स्थानों पर वाहनों की जांच की जा रही थी।

एसएसबी 40वीं बटालियन के उप सेनानायक अजय कुमार रजक ने बताया कि इसी क्रम में भसुरारी गांव के पास पुलिस बल को देखकर तस्कर अपनी कार को छोड़कर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि तलाशी के दौरान जब्त की गई इंडिका कार से 58 किलोग्राम चरस जब्त किया गया, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 8.70 करोड़ रुपये आंकी गई है।

उन्होंने बताया कि कार के मालिक के संबंध में जानकारी इकट्ठा की जा रही है।

मोदी बोले- GST मतलब ‘ग्रोइंग स्ट्रॉंगर टुगेदर’

Narendra Modi

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो गया है, सत्र शुरू होते ही अमरनाथ यात्रा के दौरान हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं पूर्व लोकसभा सांसद विनोद खन्ना, अनिल माधव दवे को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया।

इससे पहले संसद सत्र की शुरुआत से पहले पीएम मोदी ने कहा कि आज मानसून सत्र का प्रारंभ हो रहा है, यह मानसून सत्र जीएसटी की सफल वर्षा के कारण, पूरा सत्र नई सुगंध और नई उमंग से भरा हुआ होगा। ‘Growing Stronger Together’ यह जीएसटी की स्पिरिट का दूसरा नाम है. यह सत्र भी उस जीएसटी स्पिरिट के साथ आगे बढ़े।

15 अगस्‍त को आजादी के सात दशक यात्रा पूर्ण कर रहे हैं, 09 अगस्‍त को सत्र के दरम्‍यान ही अगस्‍त क्रांति के 75 साल हो रहे हैं। ‘Quit India’ Movement के 75 साल का यह अवसर है, यही सत्र है जब देश को नए राष्‍ट्रपति और नए उपराष्‍ट्रपति चुनने का अवसर मिला है। इसलिए देशवासियों का ध्‍यान हमेशा की तरह इस मानसून सत्र पर विशेष रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि, जब हम मानसून सत्र का प्रारंभ कर रहे हैं तो उस प्रांरभ में, हम देश के उन किसानों को नमन करते हैं जो इस ऋतु में कठोर परिश्रम करके देशवासियों के खाद्य सुरक्षा का इंतजाम करते हैं और उन्‍हीं को नमन करते हुए यह सत्र का प्रारंभ होता है, इस मानसून सत्र में मुझे विश्‍वास है कि सभी राजनीतिक दल, सभी मान्‍य सांसद गण राष्‍ट्रहित के महत्‍वपूर्ण फैसले ले करके, उत्‍तम स्‍तर की चर्चा करके, हर विचार में value-addition करने का प्रयास हम सब मिल करके करेंगे।

मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, सभी पार्टियों के नेताओं के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर असामाजिक लोग हिंसा कर रहे हैं। इन सभी के खिलाफ राज्य सरकारें कड़ी कार्रवाई करें, प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में गोमाता की रक्षा होनी चाहिए और उसके लिए कानून है, लेकिन जो तत्व इसका नाजायज फायदा उठा रहे है।

राष्ट्रपति चुनाव पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों का धन्यवाद किया, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आम सहमति रहती, तो अच्छा रहता।

GST इफ़ेक्ट: सोना ख़रीदने का सपना अब होगा पूरा!

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

अगर आप लंबे समय से सोना खरीदने के सुनहरे मौके की तलाश में हैं, तो बहुत जल्द वह सुनहरा मौका आपको मिलने वाला है। जी हां! जीएसटी के तहत सोने पर 3 फीसदी और मेकिंग चार्ज पर 5 फीसदी टैक्स लगाए जाने से सोने की डिमांड में कमी आई है, जिसका असर इसकी कीमतों पर पड़ा है।

जीएसटी लागू होने के बाद सोना पहले ही 1000 रुपए तक सस्ता हो गया है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने की कीमतों पर आगे भी दबाव बना रहेगा और 1 से 2 महीने में सोना 1000 रुपए और गिरकर  27000 के लेवल पर आ सकता है। वैसे फिलहाल बाजार में सोने की कीमत 27996 रुपए प्रति 10 ग्राम है।

ग्लोबल लेवल पर कमजोर डिमांड द्वारा आगे भी ब्याज दरों में वृद्धि के संकेत दिए जाने से सोने की कीमतें रेंज बाउंड में आ गई हैं। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले 2 महीने के लिए सोने का आउटलुक निगेटिव दिख रहा है। एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी के डिप्टी वीपी अनुज गुप्ता के मुताबिक, इस समय डोमेस्टिक के साथ ग्लोबल स्तर पर स्टॉक मार्केट अच्छा परफॉर्म कर रहा है। कमोडिटी में गिरावट का ट्रेंड जारी है।

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने एक निजी अख़बार को बताया कि यूएस फेडरल रिजर्व आगे भी ब्याज दरें बढ़ाने को लेकर पॉजिटिव है। लेकिन कमजोर अमेरिकी डाटा इसको सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। इससे सोने की कीमतों में आगे भी कमजोरी देखी जा सकती है। दूसरी ओर ‘प्रेस्टलोन डॉट कॉम’ के सीईओ अशोक मित्तल का कहना है कि प्रायः इस समय सोने की डिमांड बाक़ी सिज़न्स से कम रहती ही है। साथ ही डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार मजबूत हो रहा है। इन वजहों से सोने की कीमतें और गिर सकती है।

एक्सपर्ट अनुज गुप्ता इस गिरावट के लिए मानसून को ज़िम्मेदार मानते हैं। उनके अनुसार मानसून के अच्छे रहने से रूरल इनकम बढ़ती है और सोने की डिमांड में तेजी आती है। इस बार न मानसून अच्छा रहा है, न रूरल इनकम।
साथ ही जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी आई है, जिससे सोने की कीमतें गिरी हैं।

कल मिलेगा राष्ट्र को अपना चौदहवां राष्ट्रपति

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

लंबे समय से चल रही राष्ट्रपति पद की खोज को कल, अर्थात सोमवार को पूर्ण विराम, व देश को अपना चौदहवां राष्ट्रपति मिलने वाला है। सोमवार को होने वाले राष्‍ट्रपति चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश के अगले राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए सोमवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। चुनाव से संबंधित सामग्री, जैसे मतपेटी, मतपत्र, पेन समेत अन्य सामग्रियां विधानसभा पहुंच चुकी हैं। इन सामग्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा के 751 नंबर कक्ष में रखवाया गया है और इसी कक्ष में ही मतदान भी होगा।

विधानसभा में मतदाताओं यानि विधायकों को किस तरह से मतदान करना है, उसके बारे में जानकारी देने का तरीका बताने वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी ना हो। वोटिंग के दौरान किस तरह से क्या सावधानियां रखनी हैं, यह जानकारी भी उन पोस्टर्स द्वारा दी गई है। इसके अतिरिक्त मत पत्र के लिए पेन भी दिए गए हैं। ये पेन निर्वाचन विभाग ने ही दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो सके।

चुनाव संपन्न होने के बाद मतपेटी को कड़े सुरक्षा घेरे में विधानसभा से एयरपोर्ट तक ले जाया जाएगा, वहां से फ्लाइट में दिल्ली के लिए मतपेटी को लोकसभा में ले जाकर जमा करवाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। राजग के अलावा कुछ अन्य राजनीतिक दल भी उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस नीत विपक्ष दलों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को इस चुनाव में कोविंद के सामने उतारा है।

जानें कैसे होता है राष्‍ट्रपति का चुनाव-

-भारत में राष्ट्रपति का चुनाव परोक्ष निर्वाचन द्वारा होता है। अर्थात, जनता अपने राष्ट्रपति का चुनाव सीधे नहीं करती, बल्कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि देश के लि‍ए राष्‍ट्रपति चुनते हैं। देश का राष्ट्रपति इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा चुना जाता है, जिसमें लोकसभा, राज्यसभा और अलग अलग राज्यों के विधायक होते हैं।

-भारत में राष्ट्रपति के चुनाव में एक विशेष तरीके से वोटिंग होती है। इसे ‘सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम’ कहते हैं। वोटर एक ही वोट देता है, लेकिन वह कई उम्मीदवारों को अपनी प्राथमिकी से वोट देता है। यानी वह बैलेट पेपर पर यह बताता है कि उसकी पहली पसंद कौन है, दूसरी कौन है व तीसरी कौन है।

– वोट डालने वाले सांसदों और विधायकों की वेटेज भी अलग अलग होती है। यह वेटेज राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय होती है।

– भारत में राष्ट्रपति के चुनाव में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने से ही जीत तय नहीं होती है। राष्ट्रपति वही बनता है, जो सांसदों और विधायकों के वोटों के कुल वेटेज का आधा से ज्यादा हिस्सा हासिल करे।

– सबसे पहले सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुने गए सदस्यों के वोटों का वेटेज जोड़ा जाता है। अब इस सामूहिक वेटेज को लोकसभा के चुने हुए सांसदों और राज्यसभा की कुल संख्या से भाग दिया जाता है। इस तरह जो अंक मिलता है, वह एक सांसद के वोट का वेटेज होता है। अगर इस तरह भाग देने पर शेष 0.5 से ज्यादा बचता हो, तो वेटेज में एक का इजाफा हो जाता है।

– काउंटिंग के वक़्त सबसे पहले सभी मतपत्रों पर वोटरों द्वारा दर्ज पहली प्राथमिकता के वोट गिने जाते हैं। यदि पहली गिनती में ही कोई कैंडिडेट जीत के लिए जरूरी मत हासिल कर ले, तो उसकी जीत मान ली जाती है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हो पाता है, तो फिर दूसरी वरीयता की गिनती की जाती है।