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Friday, August 14, 2026
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प्रशांत किशोर को लगा ज़ोर का झटका, नितीश ने दिखाया बाहर का रास्ता

विकास कुमार तिवारी । Navpravah.com
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को बिहार की नई एनडीए सरकार ने बड़ा झटका देते हुए उन्हें सलाहकार पद से निरस्त कर दिया है |
लालू और नीतीश के नेतृत्व वाले महागठबंधन को मिली जीत के पीछे भी प्रशांत किशोर थे जिसके बाद से बिहार सरकार में उनका कद बढ़ गया था | जिसके बाद प्रशांत किशोर को नीतीश ने सलाहकार बनाते हुए राज्य मंत्री का दर्जा भी दिया था|
प्रशांत किशोर ही वह रणनीतिकार थे जिन्होंने राजनीति के दो धुर विरोधी लालू और नीतीश को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया था| मोदी और शाह की नेतृत्व वाली बीजेपी का बिहार में जीत के रथ को रोक दिया था|
इस चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद प्रशांत राजनीतिक रणनीति के चाणक्य कहलाने लगेे|
प्रशांत किशोर बिहार चुनाव में नेता के भाषण और कहा कहा रैली करनी है , प्रचार का तरीका क्या होगा सबका चुनाव वो खुद करते थे |
बता दें कि यूपी चुनाव के बाद से ही प्रशांत किशोर साख गिर गई थी परंतु सलाहकार के पद से हटाए जाने की वजह नई एनडीए सरकार को माना जा रहा है| हालाकि प्रशांत पिछले एक साल से बिहार से बाहर है|
गौरतलब है कि अभी 26 जुलाई को मुख्यमंत्री नीतीश ने आरजेडी के नेता और लालू के सुपुत्र तेजस्वी यादव के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था, और महागठबंधन से खुद को किनारा कर लिया था| पर सुबह होते होते बीजेपी के साथ गठबंधन कर 6ठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी| जिसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि आरजेडी और कांग्रेस के करीबीयों पर गाज गिर सकती है| जिसका पहला शिकार प्रशांत किशोर हुए हैं |

 प्रधानमंत्री ने की ‘मन की बात’, कहा, इस स्वतंत्रता दिवस को संकल्प दिवस बनाएं, देश में सुधार का लें संकल्प

21वीं सदी भारत की होगी
शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 34वें संस्करण के जरिये देशवासियों को संबोधित किया। पीएम ने आज अपनी बात पर्यावरण के मुद्दे से शुरू की। उन्होंने कहा कि वर्षा हमें ख़ुशी तो देती है, परंतु पानी के पास विनाश की भी ताकत है। पर्यावरण में आ रहे बदलाव से हमें प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार मदद का भरसक प्रयास कर रही है। आम जनता भी सेवा भाव से आगे आ रही है।  भारत सरकार की ओर से सेना, एनडीआरएफ के जवान सेवा में लगे हैं। पीएम ने कहा कि बाढ़ में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान होता है। सरकार ने इंश्योरेंस कंपनियों को एक्टिव करने की योजना बनाई है, ताकि किसानों को समय पर क्लेम मिल सके। उन्होंने कहा कि मौसम को जो पूर्वानुमान मिल रहा है, वह सही साबित हो रहा है। हम अपने कार्यकलाप मौसम के अनुसार करें, तो नुकसान से बचा जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने जीएसटी पर भी चर्चा की। एक श्रोता द्वारा जीएसटी के विषय में पूछे गए प्रश्न पर पीएम ने कहा कि जीएसटी को लागू हुए एक महीना हो रहा है। इससे फायदा हुआ है। चीजें सस्ती हुई हैं। पीएम ने कहा कि उत्तर पूर्व से लोगों की प्रतिक्रिया भी आई है कि अब काम आसान हो गया है। ट्रांसपोर्ट पर इसका अच्छा असर पड़ा है।  सामान की आवाजाह बढ़ी है। लोगों का सामान जल्द पहुंच रहा है, जबकि पहले इस सेक्टर का काफी समय पेपर वर्क पर लगता था।
मोदी ने कहा कि अर्थशास्त्र के पंडित जीएसटी को दुनिया के लिए जरूर लिखेंगे। इतने बड़े देश में सफलता पूर्वक इस सुधार को लागू करना अपने आप में सफलता की ऊंचाई है। मोदी ने कहा, GST भारत में सामूहिक शक्ति की सफलता का एक उदाहरण है, यह सामाजिक सुधार का अभियान है।
‘अगस्त क्रांति’ व ‘स्वतंत्रता दिवस’ का महत्त्व समझाते हुए मोदी ने कहा कि अगस्त क्रांति का महीना है। इस दौरान भारत में आजादी की क्रांति हुई। इस महीने में कई घटनाएं आजादी से जुड़ी हैं। इस वर्ष देश ‘भारत छोड़ो’  आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं। इतिहास की तमाम घटनाओं व महात्मा गांधी के नेतृत्त्व पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा कि इतिहास के पन्ने भारत की आजादी की प्रेरणा हैं। मोदी ने कहा कि 1947 में हमे स्वतंत्रता मिली व अब 2017 चल रहा है। इन 70 सालों में देश में रोजगार बढ़ाने, गरीबी हटाने के लिए कई प्रयास हुए। उन्होंने अपील की कि 2017 के 15 अगस्त को संकल्प दिवस के रूप में मनाएँ। उन्होंने कहा कि लोग अपने देश में सुधार के लिए संकल्प लें। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें पिछले तीन बार से भाषण लंबा हो जाने की शिकायत मिल रही थी, जिसपर संज्ञान लेते हुए इस बार वे उसे छोटा रखेंगे। उन्होंने देशवासियों से अन्य देश हित के मुद्दों पर भी सुझाव मांगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय पर्व खुशहाली के साथ साथ लोगों को रोज़गार भी देते हैं, चाहे वह रक्षाबंधन हो, गणेशोत्सव हो, या दीपावली, लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। पीएम ने कहा कि त्योहारों में उत्साह, उमंग के साथ पर्यावरण का संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने मुझे इस संबंध में चिट्ठी लिखी है। उन्होंने बताया कि लोगों को ईको फ्रेंडली गणेश मूर्ति बनाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है। पीएम ने भी देशवासियों से त्योहारों को इको फ्रेंडली तरीके से मानाने की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने जिस सामाजिक एकता के लिए गणेशोत्सव को आरंभ किया था, उस भावना को फिर से प्रबल बनाए जाने की आवश्यकता है। पीएम ने कहा कि मिट्टी से बने हुए ही गणेश का इस्तेमाल हो। पीएम ने देशवासियों को आने वाले उत्सवों की शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बेटियां देश का नाम रोशन कर रही हैं। देशवासियों को उन पर गर्व है। उन्होंने महिला क्रिकेट विश्वकप का जिक्र कर कहा कि महिला क्रिकेट टीम से मिलकर बहुत अच्छा लगा। वे वर्ल्ड कप में हारने का बोझ महसूस कर रही थीं। मैंने उनसे कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि देशवासियों ने हार का बोझ टीम पर नहीं, बल्कि अपने ऊपर लिया। उन्‍होंने कहा, देश की महिला क्रिकेट टीम ने महिला विश्वकप में शानदार प्रदर्शन किया, देश का मान बढ़ाया। मोदी ने कहा, आप भले ही विश्वकप नहीं जीत पायीं लेकिन आपने देश का दिल जीत लिया है।

नीतीश ने ‘विश्वासमत’ नहीं, ‘विश्वासघात’ मत हासिल किया है, जनता सबक सिखाएगी-दिग्विजय सिंह

 शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
कुछ दिनों से ख़ामोशी की चादर ओढ़े मौन पड़े कांग्रेस के बड़बोले सांसद व कांग्रेस महासचिवदिग्विजय सिंह उर्फ दिग्गी फिर एक बार बोल पड़े हैं। नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन में सेंध लगाकर भाजपा का दामन थाम लेना उन्हें भी झकझोर गया है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में ‘विश्वासमत’ नहीं, बल्कि ‘विश्वासघात मत’ हासिल किया है। दिग्विजय ने इंदौर प्रेस क्लब में नीतीश कुमार पर व्यंग बाण चलाते हुए संवाददाताओं से कहा, “यह व्यक्ति पहले कहता था कि मिट्टी में मिल जाउंगा, पर भाजपा से हाथ नहीं मिलाउंगा। अब इस व्यक्ति ने भाजपा से हाथ मिलाकर बिहार की जनता को धोखा दिया है, लेकिन बिहार की जनता क्रांतिकारी है और वह नीतीश को जरुर सबक सिखायेगी।”
दिग्विजय ने कहा कि बिहार के ताजा घटनाक्रम के बाद भाजपा की चाल, चरित्र और चेहरा भी बेपर्दा हो गया है। विपक्षी एकता पर गिरी गाज पर पूछे गए प्रश्न पर दिग्विजय ने कहा कि नीतीश के भाजपा के पाले में जाने से वर्ष 2019 के आम चुनावों में विपक्षी एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “भारत का प्रजातंत्र और जनता बहुत परिपक्व हैं। इसलिए वर्ष 2019 के आम चुनावों को लेकर अभी से कोई अनुमान लगाना उचित नहीं है।”
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दबाव में कृष्णा-गोदावरी बेसिन के गैस ब्लॉक में गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (जीएसपीसी) की 80 फीसद हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। दिग्विजय ने कहा कि जीएसपीसी पर 20,000 करोड़ रुपये की देनदारी है. लेकिन इसके बावजूद ओएनजीसी जैसी मजबूत कंपनी को जीएसपीसी की हिस्सेदारी खरीदने पर विवश किया गया, जो कथित तौर पर भ्रष्टाचार का नमूना है।
दिग्विजय ने आरोप लगाया कि सरदार सरोवर बांध के कारण आने वाली बाढ़ के इलाके में रह रहे मध्यप्रदेश के करीब 16,000 परिवारों का अब तक पुनर्वास नहीं किया गया है,लेकिन प्रदेश सरकार ने इन्हें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से हटाने के लिए 31 जुलाई की समय-सीमा तय कर दी है। उन्होंने मांग की कि बाढ़ प्रभावितों को वहां से हटाये जाने की समय-सीमा में दो-तीन माह का इजाफा किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारे देश का कोई मुस्लिम युवा कभी अल-कायदा में भर्ती नहीं हुआ था, लेकिन युवा आज आईएसआईएस में क्यों भर्ती हो रहे हैं? कारण यह है कि वर्ष 2014 के बाद से उनके मन में यह बात आ रही है कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है।” उन्होंने जीएसटी के मौजूदा स्वरुप पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कर की अलग-अलग दरों और कारोबारियों के लिए इसके पालन की जटिलताओं के कारण नयी कर प्रणाली सफल नहीं हो सकेगी।

संजय दत्त के बर्थडे पर लांच हुआ ‘भूमि’ का धमाकेदार पोस्टर

कोमल झा| Navpravah.com

संजय दत्त बॉलीवुड में कमबैक करने को तैयार हैं. ओमुंग कुमार की फिल्म ‘भूमि’ से वापसी कर रहे संजय का फिल्म से दूसरा लुक पोस्टर जारी किया गया है. फिल्म के पोस्टर में संजय खून से लथपथ एक गंभीर लुक देते हुए नजर आ रहे हैं.

‘भूमि’ एक पिता और बेटी के अनमोल रिश्ते को दर्शाती है. इससे पहले फिल्म का एक पोस्टर जारी किया जा चूका है. उस पोस्टर को देखकर ये मालूम हो रहा था कि फिल्म एक्शन से भरी है. अब फिल्म का ये नया पोस्टर दर्शकों को उत्सुकता से भर देगी.

इस फिल्म के लिए संजय पिछले कुछ महीनो से कड़ी मेहनत कर रहे हैं. फिल्म की टाइट शेड्यूल के चलते वो परिवार को भी खास समय नहीं दे पा रहे थे. इसलिए जब वो आगरा में शूट कर रहे थे तब उनकी पत्नी मान्यता और उनके बच्चे उनसे मिलने फिल्म के सेट पर पहुंचे थे.

इस फिल्म में अदिति राव हैदरी संजय की बेटी के किरदार में नजर आएंगी. ये एक रिवेंज ड्रामा फिल्म है. इस फिल्म के बारे में बात करते हुए ओमंग कुमार ने बताया था कि इस फिल्म में संजय ने अपना अब तक का सबसे बेस्ट परफॉरमेंस दिया है.

ये फिल्म 22 सितम्बर को रिलीज हो रही है.

मिलिंद देवड़ा: जनता के द्वारा चुना गया मेयर ही मुंबई को ‘गड्ढे’ से निकाल सकता है

कोमल झा| Navpravah.com

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई आम लोगों की जिंदगी के लिए लगातार खतरनाक होती जा रही है. कूड़े-कचरे से निजात पाने की अप्रभावी व्यवस्था, जगह-जगह जल भराव, कई तरह के जल प्रदूषण और खराब स्वास्थ्य सेवाएं शहर में राजनीतिक और नागरिकीय उदासीनता के जीते जागते उदाहरण बन गए हैं. इस उदासीनता और जवाबहीनता के चलते मुंबई का ऊर्जावान चरित्र धीरे-धीरे ढह रहा है. इसका ताजा उदाहरण घाटकोपर इलाके में देखने को मिला जहां एक इमारत गिरने से 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई.

मॉनसून दर मॉनसून मुंबई की सड़कों पर उभर आने वाले गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन जाते हैं, इन गड्ढों के शिकार होकर बड़ी तादाद में लोग जख्मी होते रहते हैं, कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है. हादसों की इस कड़ी में एक 35 वर्षीय महिला भी शामिल है, पिछले दिनों डहाणू-जवाहर रोड पर जिसकी बाइक एक गड्ढे में गिर जाने से उसकी मौत हो गई. पिछले हफ्ते चेंबूर इलाके में नारियल का पेड़ गिरने से एक महिला बुरी तरह कुचल गई और उसने दम तोड़ दिया. आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में साल 2015 से अबतक इस तरह के हादसों में करीब 9 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

हालात की गंभीरता को देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि अब इस तरह की लचर व्यवस्था और उदासीन शासन के खिलाफ सख्त आवाज उठाने का वक्त आ गया है. इसके अलावा जरूरी जन सेवाओं के निरीक्षण तंत्र के पुनर्गठन पर भी जोर देने की जरूरत है. जैसे- आवास, कानून व्यवस्था और यातायात. इन सेवाओं के लिए महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में अलग-अलग मंत्रालय हैं. लिहाजा मुंबई में सरकार की नीतियों के कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन का काम अलग-अलग एजेंसियों को सौंपा जाना चाहिए. ऐसा करने से शायद इन जरूरी जन सेवाओं के बीच समन्वय स्थापित हो सके.

मुंबई में एक मनगढ़ंत बात लोकतंत्र के लिए काफी अवांछनीय परिणाम लेकर आ रही है, और वो ये है कि मुंबईवासी नहीं जानते हैं कि खराब व्यवस्था के लिए किसे उत्तरदायी ठहराया जाए. कायदे से मुंबई के मेयर चुनाव में सीधे तौर पर शहरवासियों की भागीदारी होनी चाहिए. हमें लोगों को उत्साहित करना होगा कि वो सत्ता और शक्ति के हस्तांतरण में हिस्सा लें और एक ऐसे व्यक्ति को कुर्सी सौंपें जिसने मुंबई की संस्कृति और राजनीति में उचित योगदान दिया हो. हम योग्य और जिम्मेदार व्यक्ति को जनादेश देकर कार्यकारी अधिकारियों पर दबाव बना सकते हैं ताकि वो शहर की व्यवस्था में जरूरी बदलाव लाए. इस तरह से हम ये भी सुनिश्चित कर सकते हैं कि चुना गया व्यक्ति ही किसी भी तरह की असुविधा या अव्यवस्था का जिम्मेदार होगा. हमें मुंबई को यहां के लोगों की सोच और जज्बे के मुताबिक बनाना होगा.

मुंबई का ऐसा हाल संरचनात्मक मुद्दा होने के साथ-साथ राजनीतिक उदासीनता का भी मुद्दा है. बीएमसी यानी बृहन्न मुंबई महानगरपालिका पर बीते दो दशकों से काबिज राजनीतिक दलों ने मुंबई को दर्द देने वाले मुद्दों के टिकाऊ समाधान खोजने के लिए बहुत कम ही प्रयास किए हैं. बीएमसी एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका निगमों में से एक गिनी जाती है, लेकिन वहां संसाधनों का जबरदस्त कुप्रबंधन है. ऐसा लगता है कि महानगरपालिका के काम और योजनाएं इलाके के रहने वालों की माली हालात को देखकर बनाई जाती हैं. यही वजह है कि शहर के पॉश इलाकों में गड्ढे न के बराबर नजर आते हैं, जबकि बाकी इलाके में गड्ढों के बीच सड़कें हैं. इनके अलावा सरकारी विभागों के हेडक्वार्टर्स को भी चकाचक रखा जाता है, शहर के भीतरी की ओर रास्तों का भी कुछ ऐसा ही हाल है, वहीं बाकी इलाके भगवान भरोसे हैं.

साफ कहा जाए तो ये तकनीक या क्षमताओं में कमी का मसला नहीं बल्कि ये इच्छाशक्ति का मुद्दा है. मुंबई की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए बीएमसी के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाहियों के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है.

लिहाजा मतदाताओं को अब अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और अपना वोट डालते वक्त जागरुक होना चाहिए. हमें धर्म, जाति और भाषा के आधार पर उम्मीदवारों को वोट डालने की प्रवृत्ति को खत्म करना होगा. वोट करते वक्त हमारी प्राथमिकता शहरवासियों की सुरक्षा और विकास होना चाहिए. जब हम इन बातों का ध्यान रखेंगे तभी हम उम्मीदवार की योग्यता परख पाएंगे. इस तरह से हम सही और ईमानदार व्यक्ति का चुनाव कर सकेंगे, जो कि शहर को विकास और सुविधाओं की और ले जा सकता है.

नीतीश कैबिनेट का विस्तार: कुल 26 मंत्रियों ने ली शपथ, मंगल पांडे ने नहीं ली शपथ

कोमल झा| Navpravah.com

बिहार में नई कैबिनेट के चेहरों का ऐलान कर दिया गया है. नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार में 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है. शनिवार की शाम इन लोगों को राजभवन में राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. सुरक्षा को लेकर भी हर जगह कड़ी निगरानी की जा रही है. रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से पशुपति पारस भी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे.

कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या पर नजर डालें तो जेडीयू से 14 और एनडीए से 12 लोगों को मंत्री पद की शपथ दिलायी गई. हालांकि बीजेपी कोटे से मंत्री पद की मंगल पांडे शिमला से समय पर नहीं लौटने के कारण शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सकें. उम्मीद की जा रही है कि अगले कैबिनेट विस्तार में अन्य बचे विभागों का बंटवारा किया जायेगा. इस कैबिनेट विस्तार के बाद शाम 7.30 बजे नये मंत्रिमंडल की बैठक होगी.

6:17 PM : पशुपति कुमार पारस लोजपा नेता हैं. पारस अभी बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. पशुपति कुमार पारस लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान के भाई हैं.

6:13 PM : कैमूर जिले के चैनपुर से भाजपा विधायक ब्रजकिशोर बिंद ने ली पहली बार मंत्री पद की शपथ.

6:11 PM : मधेपुरा के सिंहेश्वर विधानसभा सीट से जदयू विधायक रमेश ऋषिदेव बने मंत्री. पहली बार ली मंत्री पद की शपथ. 2005 में पहली बार बने थे विधायक.

6:09 PM : दिनेश चंद्र यादव सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर से जदयू विधायक हैं. दिनेश चंद्र यादव सहरसा से सांसद भी रह चुके हैं.

6:06 PM : मधुबनी जिले के बाबूबरही से जदयू विधायक कपिलदेव कामत ने ली मंत्री पद की शपथ. पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं. कामत मात्र आठवीं पास हैं. इन पर मात्र एक प्राथमिकी दर्ज है.
6:03 PM : भाजपा के कृष्ण कुमार ऋषि बने मंत्री. पूर्णिया के बनमनखी से भाजपा विधायक हैं.

6:01 PM : दरभंगा के गौरा बरम से जदयू विधायक मदन सहनी ने ली मंत्री पद की शपथ. खाद्य आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं.

5:58 PM : प्राणपुर सीट से भाजपा विधायक विनोद कुमार सिंह मंत्री बने.

5:56 PM : जदयू कोटे से खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद मंत्री बने. खुर्शीद अहमद ने सिर्फ दसवीं तक पढ़ाई की है. महागठबंधन की सरकार में गन्ना मंत्री रहे हैं. साथ ही खुर्शीद अहमद नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में इकलौते मुसलिम चेहरा हैं.

5:53 PM : पूर्वी चंपारण के मधुबन सीट से भाजपा विधायक राणा रणधीर सिंह पहली बार बने मंत्री. राणा के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है. बेदाग छवि के राणा सांसद सीताराम सिंह के पुत्र हैं.

5:51 PM : बक्सर के राजपुर सीट से विधायक संतोष निराला ने ली मंत्री पद की शपथ. एससी-एसटी कल्याण मंत्री रह चुके हैं.

5:49 PM : लखीसराय से भाजपा विधायक विजय कुमार सिन्हा ने ली पहली बार मंत्री पद की शपथ.

5:46 PM : जदयू कोटे से कुमारी मंजू वर्मा को मंत्री बनाया गया. वह सामाजिक कल्याण मंत्री रह चुकी हैं. बेगूसराय की चेरिया बरियारपुर सीट से विधायक हैं. मंजू वर्मा नीतीश सरकार में एकमात्र महिला मंत्री हैं.

5:44 PM : मुजफ्फरपुर से भाजपा विधायक सुरेश शर्मा बने मंत्री. भाजपा प्रदेश व्यावसायिक मंच के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैँ.

5:41 PM : शैलेश कुुमार जदयू कोटे से मंत्री बनाये गये हैं. मुंगेर के जमालपुर सीट से जीते थे. ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं.

5:38 PM : विधान परिषद सदस्य विनोद नारायण झा बने मंत्री. पढ़े-लिख नेताओं में शुमार विनोद नारायण झा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता भी रहे चुके हैं.

5:36 PM : कल्याणपुर (सुरक्षित) से जदयू विधायक महेश्वर हजारी बने मंत्री. शहरी विकास मंत्री रह चुके हैं. 2009 में सांसद भी रह चुके हैं.

5:33 PM : घोसी (जहानाबाद) से जदयू विधायक कृष्णनंदन वर्मा ने ली शपथ. लोक निर्माण अभियंत्रण मंत्री रह चुके हैं.

5:30 PM : पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से भाजपा विधायक प्रमोद कुुमार बने मंत्री. पार्षद भी रह चुके हैं.

5:28 PM : दिनारा से जदयू विधायक जय कुमार सिंह ने ली शपथ. सहकारिता, उद्योग, साइंस व टेक्नोलॉजी मंत्री रह चुके हैं.

5:25 PM : बांका से भाजपा विधायक रामनारायण मंडल ने ली शपथ. चौथी बार जीत कर विधायक बने हैं. पहली बार मंत्री बन रहे हैं.

5:23 PM : श्रवण कुमार ने ली शपथ. जदयू कोटे से नालंदा से चुनाव जीते थे. ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य मंत्री रह चुके हैं.

5:21 PM : पटना साहिब से भाजपा विधायक नंदकिशोर यादव ने ली शपथ. प्रदेश भाजपा में दूसरे नंबर पर हैं. पथ निर्माण मंत्री रह चुके हैं.

5:19 PM : विधान परिषद सदस्य राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने ली शपथ, पहले जल संसाध्न मंत्री रह चुके हैं.

5:17 PM : गया से भाजपा विधायक प्रेम कुमार ने ली शपथ, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं.

5:15 PM : सुपौल से जदयू विधायक विजेंद्र यादव ने ली शपथ.

5:10 PM : राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ शपथ ग्रहण समारोह.

जानिए अक्षय कुमार की आगामी फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ का नाम पहले क्या रखा गया था?

कोमल झा| Navpravah.com
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार टॉयलेट एक प्रेम कथा प्रमोट करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।फिल्म के जरिए वो लोगों को घर घर में शौचालय का संदेश देने चाह रहे हैं। अक्षय कुमार कल सफाईकर्मियों से रुबरू हुए और उनकी समस्याएं भी सुनने की कोशिश की। फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ का नाम पहले ‘संडास एक प्रेम कथा’ रखा गया था।इस बात का खुलासा अक्षय कुमार ने खुद अपनी फिल्म के प्रमोशन के दौरान‌ किया है।
दरअसल टॉयलेट एक प्रेम कथा एक ऐसे शादीशुदा आदमी की कहानी है जो प्यार के लिए शौचालय बनाने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म में महिलाओं के खुले में शौच करने को लेकर उठे मुद्दे को उठाया गया है। अक्षय ने बताया कि ये फिल्म ऐसे विषय पर थी कि इस पर बात करने को लेकर लोग मानते थे कि यह टैबू है। अक्षय ने साथ ये बताया कि फिल्म के लेखक सिद्धार्थ और गरिमा ने ही फिल्म के ओरिजनल टाइटल के बारे में सोचा था, लेकिन‌ फिर हमने इसमें चेंज करते हुए टॉयलेट शब्द का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर समझा।अक्षय कुमार ने साथ ही बताया कि चार साल तक इस फिल्म‌ की स्क्रिप्ट कई स्टार्स के पास पहुंची, मगर किसी को भी पसंद नहीं आई और किसी ने भी इस फिल्म में काम करने के लिए हां नहीं की। पर जब मुझे फिल्म‌ की स्क्रिप्ट मिली तो यह मुझे यह काफी पसंद आई और इसके फिल्म के लिए फौरन हां कर दिया । इस मौके पर अक्षय ने मुंबई की साफ सफाई करने वाले क्लीन आप मार्शल्स की तारीफ करते हुए कहा कि कई बार लोग इन लोगों के साथ बुरा व्यवहार करते हैं जबकि ये लोग बहुत ईमानदारी से काम कर रहे हैं।
अक्षय ने फिल्म‌ के एक गाने ‘हंस मत पगली’ में हीरोइन को स्टॉक किए जाने को‌ लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि वो किरदार ही कुछ इस तरह का है। साथ ही अक्षय ने कहा है कि एक व्यक्ति में सारी अच्छाइयां ही तो नहीं दिखाई जा सकती हैं। अनुपम खेर ने अक्षय की बात का बचाव करते हुए कहा है कि एक व्यक्ति में अगर किसी तरह की बुराई नहीं दिखाई जाएगी तो फिर फिल्म में उसमें होने वाले पॉजिटिव बदलावों को नहीं दिखाया जा सकता है।
आपको बता दें कि फिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके इस विषय पर फिल्म बानने को लेकर अक्षय कुमार को बधाई दी थी। ऐसे में रिलीज से पहले फिल्म पीएम मोदी को दिखाने जाने से जुड़े एक सवाल पर अक्षय ने कहा है कि वो प्रधानमंत्री को फिल्म दिखाना जरूर पसंद करेंगे, मगर वो एक व्यस्त व्यक्ति हैं और उनके पास फिल्म देखने के अलावा भी कई तरह जरूरी काम हैं।

राज्यसभा में गूंजा गुजरात के कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे का मामला

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
शुक्रवार को राज्यसभा में हंगामे पर हंगामा होता रहा, सदन के भीतर गुजरात में कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद कांग्रेसी नेता आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद ने यह मुद्दा उठाया।
गुजरात विधायकों के इस्तीफे का मामला सदन में उठाते हुए कांग्रेस ने कहा, “तीन विधायक इस्तीफा करवाते हैं और उनमें से एक को जो चीफ व्हिप था बीजेपी उसको टिकट देती है। एक विधायक पी एल पटेल पार्टी की बैठक के बाद दूसरे विधायक के वहां चाय पर दूसरे के घर गया और वहां डीएसपी गया और बोला तुम्हें टिकट नहीं मिलेगा, अब आपकी गुजरात की पुलिस तय करेगी कि कांग्रेस में किसको टिकट मिलेगा।”
कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी जबरन विधायकों को डराने धमकाने में लगी है, इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम सिंह रुपाला ने कहा कि ये राज्य का अंदरूनी मामला है।
गुजरात के राज्यसभा की सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं बीजेपी की ओर से तीन सीटों पर अमित शाह, स्मृति ईरानी और कल इस्तीफा दे चुके कांग्रेसी विधायक बलवंत सिंह राजपूत ने नामांकन दाखिल किया है।

पाकिस्‍तान के पीएम नवाज शरीफ ने दिया इस्‍तीफा

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पनामागेट मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को दोषी ठहराया और प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के कोर्टरूम संख्या-1 में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया। इस फैसले के बाद अब नवाज शरीफ पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया और केंद्रीय मंत्रिमंडल को बर्खास्‍त कर दिया गया।

इस फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस्लामाबाद और रावलपिंडी को हाई अलर्ट पर रखा गया है, सुप्रीम कोर्ट और पाकिस्तानी संसद के बाहर भी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं। गुरुवार शाम सुप्रीम कोर्ट ऑफिस ने शुक्रवार की कार्य सूची के अंतर्गत पनामागेट पर फैसला सुनाये जाने की जानकारी दी थी।

सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष असमा जहांगीर ने अदालती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे ‘अस्वभाविक और अनुचित’ करार दिया था, उन्होंने कहा था कि जेआइटी द्वारा जमा की गयी रिपोर्ट पर दोनों पक्षों की दलीलों को 3 जजों की बेंच ने सुना, लेकिन निर्णायक फैसला सुनाने के लिए 5 सदस्यों की खंडपीठ गठित की गयी थी।

जेआईटी ने कहा था कि रिपोर्ट का दसवां खंड गोपनीय रखा जाए क्योंकि इसमें दूसरे देशों के साथ पत्राचार का ब्‍यौरा है, शरीफ के वकीलों की टीम ने इस पर एतराज जताया था। अदालत ने अधिकारियों को आदेश दिया कि खंड की एक प्रति शरीफ के वकील ख्वाजा हारिस को सौंपी जाए।

इमरान खान के आरोप-

बचाव पक्ष की दलीलों का जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए याचिकाकर्ताओं ने अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में अदालत से आग्रह किया कि कथित रूप से संपत्ति छिपाने और अपने बच्चों के कारोबार स्थापित करने में इस्तेमाल हुए आय के स्रोत उजागर नहीं करने पर शरीफ को अयोग्य करार दिया जाए।

शरीफ के खिलाफ याचिकाकर्ताओं में शामिल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान के वकील ने दलील दी, ”धनशोधन के आरोपों का संतोषजनक जवाब देने में प्रधानमंत्री नाकाम रहे हैं और उन्हें अयोग्य करार देना चाहिए।”

नहीं रहे अभिनेता इंद्र कुमार

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

बॉलीवुड एक्टर इंदर कुमार का आज मुंबई में निधन हो गया, वह 44 साल के थे और काफी समय से बॉलीवुड फिल्मों में सक्रिय थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंदर कुमार की मौत हार्ट अटैक के चलते हुई है।

इंदर बॉलीवुड में कई बड़ी फिल्मों का हिस्सा रह चुके थे, इंदर ने 90 के दशक से अपना करियर शुरू किया था। वह अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘खिलाड़ियों के खिलाड़ी’, तो सलमान खान के साथ ‘वॉन्टेड’ में नजर आए थे। इसके अलावा छोटे पर्दे पर भी वह ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में मिहिर के रोल में भी नजर आ चुके हैं।

इंद्र कुमार ने बॉलीवुड में एंट्री 1996 में ‘मासूम’ फिल्म से ली थी, इसके बाद वह ‘खिलाड़ियों के खिलाड़ी’ में अक्षय के साथ नजर आए। उनकी चर्चित फिल्मों में ‘कुंवारा’, ‘घूंघट’, ‘दंडनायक’, ‘मां तुझे सलाम’ और ‘हथियार’ शामिल हैं। इंदर सलमान खान के करीबी माने जाते थे, सलमान खान के साथ इंद्र कुमार तीन फिल्मों में दिखे थे, जिसमें ‘कहीं प्यार न हो जाए’, ‘तुमको न भूल पाएंगे’ और ‘वॉन्टेड’ शामिल है।