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संजय दत्त के बर्थडे पर लांच हुआ ‘भूमि’ का धमाकेदार पोस्टर
कोमल झा| Navpravah.com
संजय दत्त बॉलीवुड में कमबैक करने को तैयार हैं. ओमुंग कुमार की फिल्म ‘भूमि’ से वापसी कर रहे संजय का फिल्म से दूसरा लुक पोस्टर जारी किया गया है. फिल्म के पोस्टर में संजय खून से लथपथ एक गंभीर लुक देते हुए नजर आ रहे हैं.

‘भूमि’ एक पिता और बेटी के अनमोल रिश्ते को दर्शाती है. इससे पहले फिल्म का एक पोस्टर जारी किया जा चूका है. उस पोस्टर को देखकर ये मालूम हो रहा था कि फिल्म एक्शन से भरी है. अब फिल्म का ये नया पोस्टर दर्शकों को उत्सुकता से भर देगी.

इस फिल्म के लिए संजय पिछले कुछ महीनो से कड़ी मेहनत कर रहे हैं. फिल्म की टाइट शेड्यूल के चलते वो परिवार को भी खास समय नहीं दे पा रहे थे. इसलिए जब वो आगरा में शूट कर रहे थे तब उनकी पत्नी मान्यता और उनके बच्चे उनसे मिलने फिल्म के सेट पर पहुंचे थे.
इस फिल्म में अदिति राव हैदरी संजय की बेटी के किरदार में नजर आएंगी. ये एक रिवेंज ड्रामा फिल्म है. इस फिल्म के बारे में बात करते हुए ओमंग कुमार ने बताया था कि इस फिल्म में संजय ने अपना अब तक का सबसे बेस्ट परफॉरमेंस दिया है.
ये फिल्म 22 सितम्बर को रिलीज हो रही है.
मिलिंद देवड़ा: जनता के द्वारा चुना गया मेयर ही मुंबई को ‘गड्ढे’ से निकाल सकता है
कोमल झा| Navpravah.com
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई आम लोगों की जिंदगी के लिए लगातार खतरनाक होती जा रही है. कूड़े-कचरे से निजात पाने की अप्रभावी व्यवस्था, जगह-जगह जल भराव, कई तरह के जल प्रदूषण और खराब स्वास्थ्य सेवाएं शहर में राजनीतिक और नागरिकीय उदासीनता के जीते जागते उदाहरण बन गए हैं. इस उदासीनता और जवाबहीनता के चलते मुंबई का ऊर्जावान चरित्र धीरे-धीरे ढह रहा है. इसका ताजा उदाहरण घाटकोपर इलाके में देखने को मिला जहां एक इमारत गिरने से 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई.

मॉनसून दर मॉनसून मुंबई की सड़कों पर उभर आने वाले गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बन जाते हैं, इन गड्ढों के शिकार होकर बड़ी तादाद में लोग जख्मी होते रहते हैं, कई लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है. हादसों की इस कड़ी में एक 35 वर्षीय महिला भी शामिल है, पिछले दिनों डहाणू-जवाहर रोड पर जिसकी बाइक एक गड्ढे में गिर जाने से उसकी मौत हो गई. पिछले हफ्ते चेंबूर इलाके में नारियल का पेड़ गिरने से एक महिला बुरी तरह कुचल गई और उसने दम तोड़ दिया. आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में साल 2015 से अबतक इस तरह के हादसों में करीब 9 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

हालात की गंभीरता को देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि अब इस तरह की लचर व्यवस्था और उदासीन शासन के खिलाफ सख्त आवाज उठाने का वक्त आ गया है. इसके अलावा जरूरी जन सेवाओं के निरीक्षण तंत्र के पुनर्गठन पर भी जोर देने की जरूरत है. जैसे- आवास, कानून व्यवस्था और यातायात. इन सेवाओं के लिए महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में अलग-अलग मंत्रालय हैं. लिहाजा मुंबई में सरकार की नीतियों के कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन का काम अलग-अलग एजेंसियों को सौंपा जाना चाहिए. ऐसा करने से शायद इन जरूरी जन सेवाओं के बीच समन्वय स्थापित हो सके.
मुंबई में एक मनगढ़ंत बात लोकतंत्र के लिए काफी अवांछनीय परिणाम लेकर आ रही है, और वो ये है कि मुंबईवासी नहीं जानते हैं कि खराब व्यवस्था के लिए किसे उत्तरदायी ठहराया जाए. कायदे से मुंबई के मेयर चुनाव में सीधे तौर पर शहरवासियों की भागीदारी होनी चाहिए. हमें लोगों को उत्साहित करना होगा कि वो सत्ता और शक्ति के हस्तांतरण में हिस्सा लें और एक ऐसे व्यक्ति को कुर्सी सौंपें जिसने मुंबई की संस्कृति और राजनीति में उचित योगदान दिया हो. हम योग्य और जिम्मेदार व्यक्ति को जनादेश देकर कार्यकारी अधिकारियों पर दबाव बना सकते हैं ताकि वो शहर की व्यवस्था में जरूरी बदलाव लाए. इस तरह से हम ये भी सुनिश्चित कर सकते हैं कि चुना गया व्यक्ति ही किसी भी तरह की असुविधा या अव्यवस्था का जिम्मेदार होगा. हमें मुंबई को यहां के लोगों की सोच और जज्बे के मुताबिक बनाना होगा.
मुंबई का ऐसा हाल संरचनात्मक मुद्दा होने के साथ-साथ राजनीतिक उदासीनता का भी मुद्दा है. बीएमसी यानी बृहन्न मुंबई महानगरपालिका पर बीते दो दशकों से काबिज राजनीतिक दलों ने मुंबई को दर्द देने वाले मुद्दों के टिकाऊ समाधान खोजने के लिए बहुत कम ही प्रयास किए हैं. बीएमसी एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका निगमों में से एक गिनी जाती है, लेकिन वहां संसाधनों का जबरदस्त कुप्रबंधन है. ऐसा लगता है कि महानगरपालिका के काम और योजनाएं इलाके के रहने वालों की माली हालात को देखकर बनाई जाती हैं. यही वजह है कि शहर के पॉश इलाकों में गड्ढे न के बराबर नजर आते हैं, जबकि बाकी इलाके में गड्ढों के बीच सड़कें हैं. इनके अलावा सरकारी विभागों के हेडक्वार्टर्स को भी चकाचक रखा जाता है, शहर के भीतरी की ओर रास्तों का भी कुछ ऐसा ही हाल है, वहीं बाकी इलाके भगवान भरोसे हैं.

साफ कहा जाए तो ये तकनीक या क्षमताओं में कमी का मसला नहीं बल्कि ये इच्छाशक्ति का मुद्दा है. मुंबई की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए बीएमसी के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाहियों के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है.
लिहाजा मतदाताओं को अब अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और अपना वोट डालते वक्त जागरुक होना चाहिए. हमें धर्म, जाति और भाषा के आधार पर उम्मीदवारों को वोट डालने की प्रवृत्ति को खत्म करना होगा. वोट करते वक्त हमारी प्राथमिकता शहरवासियों की सुरक्षा और विकास होना चाहिए. जब हम इन बातों का ध्यान रखेंगे तभी हम उम्मीदवार की योग्यता परख पाएंगे. इस तरह से हम सही और ईमानदार व्यक्ति का चुनाव कर सकेंगे, जो कि शहर को विकास और सुविधाओं की और ले जा सकता है.
नीतीश कैबिनेट का विस्तार: कुल 26 मंत्रियों ने ली शपथ, मंगल पांडे ने नहीं ली शपथ
कोमल झा| Navpravah.com
बिहार में नई कैबिनेट के चेहरों का ऐलान कर दिया गया है. नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार में 26 मंत्रियों को शामिल किया गया है. शनिवार की शाम इन लोगों को राजभवन में राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. सुरक्षा को लेकर भी हर जगह कड़ी निगरानी की जा रही है. रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से पशुपति पारस भी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे.

कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या पर नजर डालें तो जेडीयू से 14 और एनडीए से 12 लोगों को मंत्री पद की शपथ दिलायी गई. हालांकि बीजेपी कोटे से मंत्री पद की मंगल पांडे शिमला से समय पर नहीं लौटने के कारण शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सकें. उम्मीद की जा रही है कि अगले कैबिनेट विस्तार में अन्य बचे विभागों का बंटवारा किया जायेगा. इस कैबिनेट विस्तार के बाद शाम 7.30 बजे नये मंत्रिमंडल की बैठक होगी.
6:17 PM : पशुपति कुमार पारस लोजपा नेता हैं. पारस अभी बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. पशुपति कुमार पारस लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान के भाई हैं.
6:13 PM : कैमूर जिले के चैनपुर से भाजपा विधायक ब्रजकिशोर बिंद ने ली पहली बार मंत्री पद की शपथ.
6:11 PM : मधेपुरा के सिंहेश्वर विधानसभा सीट से जदयू विधायक रमेश ऋषिदेव बने मंत्री. पहली बार ली मंत्री पद की शपथ. 2005 में पहली बार बने थे विधायक.
6:09 PM : दिनेश चंद्र यादव सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर से जदयू विधायक हैं. दिनेश चंद्र यादव सहरसा से सांसद भी रह चुके हैं.
6:06 PM : मधुबनी जिले के बाबूबरही से जदयू विधायक कपिलदेव कामत ने ली मंत्री पद की शपथ. पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं. कामत मात्र आठवीं पास हैं. इन पर मात्र एक प्राथमिकी दर्ज है.
6:03 PM : भाजपा के कृष्ण कुमार ऋषि बने मंत्री. पूर्णिया के बनमनखी से भाजपा विधायक हैं.
6:01 PM : दरभंगा के गौरा बरम से जदयू विधायक मदन सहनी ने ली मंत्री पद की शपथ. खाद्य आपूर्ति मंत्री रह चुके हैं.
5:58 PM : प्राणपुर सीट से भाजपा विधायक विनोद कुमार सिंह मंत्री बने.
5:56 PM : जदयू कोटे से खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद मंत्री बने. खुर्शीद अहमद ने सिर्फ दसवीं तक पढ़ाई की है. महागठबंधन की सरकार में गन्ना मंत्री रहे हैं. साथ ही खुर्शीद अहमद नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में इकलौते मुसलिम चेहरा हैं.
5:53 PM : पूर्वी चंपारण के मधुबन सीट से भाजपा विधायक राणा रणधीर सिंह पहली बार बने मंत्री. राणा के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है. बेदाग छवि के राणा सांसद सीताराम सिंह के पुत्र हैं.
5:51 PM : बक्सर के राजपुर सीट से विधायक संतोष निराला ने ली मंत्री पद की शपथ. एससी-एसटी कल्याण मंत्री रह चुके हैं.
5:49 PM : लखीसराय से भाजपा विधायक विजय कुमार सिन्हा ने ली पहली बार मंत्री पद की शपथ.
5:46 PM : जदयू कोटे से कुमारी मंजू वर्मा को मंत्री बनाया गया. वह सामाजिक कल्याण मंत्री रह चुकी हैं. बेगूसराय की चेरिया बरियारपुर सीट से विधायक हैं. मंजू वर्मा नीतीश सरकार में एकमात्र महिला मंत्री हैं.
5:44 PM : मुजफ्फरपुर से भाजपा विधायक सुरेश शर्मा बने मंत्री. भाजपा प्रदेश व्यावसायिक मंच के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैँ.
5:41 PM : शैलेश कुुमार जदयू कोटे से मंत्री बनाये गये हैं. मुंगेर के जमालपुर सीट से जीते थे. ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं.
5:38 PM : विधान परिषद सदस्य विनोद नारायण झा बने मंत्री. पढ़े-लिख नेताओं में शुमार विनोद नारायण झा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता भी रहे चुके हैं.
5:36 PM : कल्याणपुर (सुरक्षित) से जदयू विधायक महेश्वर हजारी बने मंत्री. शहरी विकास मंत्री रह चुके हैं. 2009 में सांसद भी रह चुके हैं.
5:33 PM : घोसी (जहानाबाद) से जदयू विधायक कृष्णनंदन वर्मा ने ली शपथ. लोक निर्माण अभियंत्रण मंत्री रह चुके हैं.
5:30 PM : पूर्वी चंपारण के मोतिहारी से भाजपा विधायक प्रमोद कुुमार बने मंत्री. पार्षद भी रह चुके हैं.
5:28 PM : दिनारा से जदयू विधायक जय कुमार सिंह ने ली शपथ. सहकारिता, उद्योग, साइंस व टेक्नोलॉजी मंत्री रह चुके हैं.
5:25 PM : बांका से भाजपा विधायक रामनारायण मंडल ने ली शपथ. चौथी बार जीत कर विधायक बने हैं. पहली बार मंत्री बन रहे हैं.
5:23 PM : श्रवण कुमार ने ली शपथ. जदयू कोटे से नालंदा से चुनाव जीते थे. ग्रामीण विकास और संसदीय कार्य मंत्री रह चुके हैं.
5:21 PM : पटना साहिब से भाजपा विधायक नंदकिशोर यादव ने ली शपथ. प्रदेश भाजपा में दूसरे नंबर पर हैं. पथ निर्माण मंत्री रह चुके हैं.
5:19 PM : विधान परिषद सदस्य राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने ली शपथ, पहले जल संसाध्न मंत्री रह चुके हैं.
5:17 PM : गया से भाजपा विधायक प्रेम कुमार ने ली शपथ, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं.
5:15 PM : सुपौल से जदयू विधायक विजेंद्र यादव ने ली शपथ.
5:10 PM : राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ शपथ ग्रहण समारोह.
जानिए अक्षय कुमार की आगामी फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ का नाम पहले क्या रखा गया था?


राज्यसभा में गूंजा गुजरात के कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे का मामला

पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने दिया इस्तीफा
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने पनामागेट मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को दोषी ठहराया और प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के कोर्टरूम संख्या-1 में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया। इस फैसले के बाद अब नवाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नहीं रह सकते, इसलिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और केंद्रीय मंत्रिमंडल को बर्खास्त कर दिया गया।
इस फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस्लामाबाद और रावलपिंडी को हाई अलर्ट पर रखा गया है, सुप्रीम कोर्ट और पाकिस्तानी संसद के बाहर भी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये हैं। गुरुवार शाम सुप्रीम कोर्ट ऑफिस ने शुक्रवार की कार्य सूची के अंतर्गत पनामागेट पर फैसला सुनाये जाने की जानकारी दी थी।
सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष असमा जहांगीर ने अदालती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे ‘अस्वभाविक और अनुचित’ करार दिया था, उन्होंने कहा था कि जेआइटी द्वारा जमा की गयी रिपोर्ट पर दोनों पक्षों की दलीलों को 3 जजों की बेंच ने सुना, लेकिन निर्णायक फैसला सुनाने के लिए 5 सदस्यों की खंडपीठ गठित की गयी थी।
जेआईटी ने कहा था कि रिपोर्ट का दसवां खंड गोपनीय रखा जाए क्योंकि इसमें दूसरे देशों के साथ पत्राचार का ब्यौरा है, शरीफ के वकीलों की टीम ने इस पर एतराज जताया था। अदालत ने अधिकारियों को आदेश दिया कि खंड की एक प्रति शरीफ के वकील ख्वाजा हारिस को सौंपी जाए।
इमरान खान के आरोप-
बचाव पक्ष की दलीलों का जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए याचिकाकर्ताओं ने अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में अदालत से आग्रह किया कि कथित रूप से संपत्ति छिपाने और अपने बच्चों के कारोबार स्थापित करने में इस्तेमाल हुए आय के स्रोत उजागर नहीं करने पर शरीफ को अयोग्य करार दिया जाए।
शरीफ के खिलाफ याचिकाकर्ताओं में शामिल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान के वकील ने दलील दी, ”धनशोधन के आरोपों का संतोषजनक जवाब देने में प्रधानमंत्री नाकाम रहे हैं और उन्हें अयोग्य करार देना चाहिए।”
नहीं रहे अभिनेता इंद्र कुमार
सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
बॉलीवुड एक्टर इंदर कुमार का आज मुंबई में निधन हो गया, वह 44 साल के थे और काफी समय से बॉलीवुड फिल्मों में सक्रिय थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंदर कुमार की मौत हार्ट अटैक के चलते हुई है।
इंदर बॉलीवुड में कई बड़ी फिल्मों का हिस्सा रह चुके थे, इंदर ने 90 के दशक से अपना करियर शुरू किया था। वह अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘खिलाड़ियों के खिलाड़ी’, तो सलमान खान के साथ ‘वॉन्टेड’ में नजर आए थे। इसके अलावा छोटे पर्दे पर भी वह ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में मिहिर के रोल में भी नजर आ चुके हैं।
इंद्र कुमार ने बॉलीवुड में एंट्री 1996 में ‘मासूम’ फिल्म से ली थी, इसके बाद वह ‘खिलाड़ियों के खिलाड़ी’ में अक्षय के साथ नजर आए। उनकी चर्चित फिल्मों में ‘कुंवारा’, ‘घूंघट’, ‘दंडनायक’, ‘मां तुझे सलाम’ और ‘हथियार’ शामिल हैं। इंदर सलमान खान के करीबी माने जाते थे, सलमान खान के साथ इंद्र कुमार तीन फिल्मों में दिखे थे, जिसमें ‘कहीं प्यार न हो जाए’, ‘तुमको न भूल पाएंगे’ और ‘वॉन्टेड’ शामिल है।

















नीतीश ने ‘विश्वासमत’ नहीं, ‘विश्वासघात’ मत हासिल किया है, जनता सबक सिखाएगी-दिग्विजय सिंह