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Friday, August 14, 2026
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8वीं तक बच्चों को ‘फेल’ न करने की व्यवस्था होगी खत्म

cabinet decision on right to education policy

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

अगर आप 5वीं से 8वीं के छात्र हैं और ये सोचकर पढ़ाई पर कम ध्यान दे रहे हैं कि पासिंग मार्क्स न आने के बावजूद आपको अगली कक्षा में बैठने का मौका मिल ही जाएगा, तो आप गलत हैं, क्योंकि केंद्र सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म करने का फैसला ले लिया है। बुधवार को हुए कैबिनेट मीटिंग में स्कूलों में फेल नहीं करने की नीति को खत्म करने की मंजूरी दी है।

अब राइट टू एजुकेशन विधेयक में संशोधन किया जाएगा, इस संशोधन के बाद अब राज्यों को अनुमति दी जाएगी कि 5वीं-8वीं क्लास की परीक्षा में असफल होने पर उन्हें रोक सके।

संसद में पारित किए जाने वाले प्रस्तावित विधेयक में, राज्यों को मार्च में 8वीं तक के छात्रों की परीक्षा कराने का अधिकार दिया गया है, इसमें फेल होने पर छात्रों को मई में परीक्षा में शामिल होने का एक आखिरी मौका दिया जाएगा। नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत स्कूल आने वाले किसी बच्चे को फेल न करने का प्रावधान है, साथ ही प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक निकाला न जाए।

अगर छात्र दोनों प्रयासों में फेल रहते हैं, तो उन्हें उसी कक्षा में रोक लिया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पहले कहा था कि 25 राज्य पहले ही इस कदम के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि कक्षा एक से 8वीं तक छात्रों को नहीं रोकने की नीति से वे प्रभावित हुए हैं, शिक्षा राजनीतिक एजेंडा नहीं है, यह एक राष्ट्रीय एजेंडा है।

ट्रंप की नई इमिग्रेशन पॉलिसी, भारतीय IT प्रोफेशनल्स को होगा फायदा

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक इमिग्रेशन सिस्टम का ऐलान किया है जिसके जरिए कई लोगों को मेरिट के आधार पर अमेरिका का रेसिडेंस कार्ड मिल सकता है, अगर यह प्रस्ताव अमेरिका की कांग्रेस में पास होता है, तो इससे सीधे तौर पर भारत समेत कई देशों को फायदा हो सकता है।
इस सिस्टम के द्वारा अभी जो लॉटरी सिस्टम चल रहा है वह खत्म होगा और सीधे प्वाइंट् बेस्ड सिस्टम आएगा, जिसके जरिए अच्छी इंग्लिश बोलने की स्किल, पढ़ाई, अच्छी जॉब को मद्देनजर रखा जाएगा।
व्हाइट हाउस में इस एक्ट का ऐलान करते हुए ट्रंप ने कहा कि इस एक्ट के आने से गरीबी कम होगी, वहीं टैक्स देने वाले लोगों का पैसा भी बचेगा। इसके जरिए दूसरे देश के लोगों को अमेरिका के लिए ग्रीन कार्ड मिलेगा।
इस एक्ट के आने के बाद उन लोगों को ग्रीन कार्ड हासिल करने में आसानी होगी, जिन्हें अच्छी इंग्लिश बोलनी आती है, जो लोग अपना खर्च उठाने के लिए सक्षम हैं और अपने कौशल के द्वारा अमेरिका की इकॉनोमी को बढ़ावा दे सकते हैं, उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के साथ किसी अमेरिकी कर्मचारी के साथ भी भेदभाव नहीं हो पाएगा। ट्रंप ने कहा कि अब ऐसा नहीं हो पाएगा कि कोई भी अमेरिका में आएगा, और आसानी से पैसा कमाना शुरू कर देगा।
ट्रंप ने सत्ता में आने के बाद H1B वीजा पर कड़ा रुख अपनाया था, जिससे प्रवासी लोगों को काफी फर्क पड़ा था। एच1बी वीजा ऐसे विदेशी पेशेवरों के लिए जारी किया जाता है जो ऐसे ‘खास’ कामों के लिए स्किल्ड होते हैं, अमेरिकी सिटीजनशिप और इमिग्रेशन सर्विसेज के मुताबिक, इन ‘खास’ कामों में वैज्ञानिक, इंजीनियर और कंप्यूटर प्रोग्रामर शामिल हैं। हर साल करीब 65000 को लॉटरी सिस्टम के जरिए ऐसे वीजा जारी किए जाते हैं।

सावधान! कट रही हैं चोटियाँ

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
महिलाओं के बाल काटे जाने की घटनाएं आग की तरह देश में फैलती जा रही हैं, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में कई महिलाओं की चोटी काटने की घटना हो चुकी है। दिल्ली के मायापूरी इलाके में एक महिला और उसकी तीन बेटियों की चोटी काट दी गई, तो गाजियाबाद में एक महिला का किसी बाबा ने बाल काट दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
यूपी के मथुरा में भी महिला के बाल काटने का मामला सामने आया है, आरोप है कि कुछ अज्ञात लोगों ने मथुरा के बाली गांव में महिला की चोटी काट दी। महिला के बाल काटने का मथुरा में यह सातवां मामला है, गाँव के लोगों का मानना है कि कोई तंत्र विद्या के लिए महिलाओं के बाल काट रहा है। इसी तरह मथुरा से सटे आगरा में एक महिला की चोटी काटने के शक में हत्या तक कर दी गई है।
उधर, राजस्थान के धौलपुर में भी महिलाएं डर के साये में जी रही हैं, ग्रामीण घर के बाहर लाठी लेकर पहरा दे रहे हैं। यहां महिलाओं की चोटी काटने की पांच वारदातें हो चुकी हैं, अब लोगों ने घरों तरह-तरह के टोने-टोटके शुरू कर दिए हैं। गांव के ही होतम सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी रात को सोई, लेकिन सुबह देर तक नहीं उठी, उसके पास जाने पर पता चला कि उसकी चोटी कटी गई और वह बेहोश है।
PC- file (google)

1.5 मिलियन भारतीयों ने गंवाई जॉब

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
इस साल की शुरुआत नौकरीपेशा लोगों के लिए अच्‍छी नहीं रही है, CMIE के सर्वे के अनुसार जनवरी से अप्रैल के बीच में 1.5  मिलियन लोगों की जॉब्‍स गई हैं।
CMIE ने अपनी वेबसाइट के एक लेख में दावा किया है कि 2017 के शुरुआती चार माह के दौरान करीबन 405 मिलियन लोग नौकरी कर रहे थे, जबकि इससे पहले के चार महीनों यानी कि सितंबर से दिसंबर 2016 के बीच ये संख्‍या 406.5 मिलियन थी।
वेबसाइट ने कहा कि उन्‍होंने ये आंकड़े CMIE’s Consumer Pyramids Household Surveys (CPHS) के आधार पर जारी किए हैं, ये सर्वे भारत के हर हिस्‍से में किया गया था।
वेबसाइट का दावा है कि पिछले साल जनवरी-अप्रैल 2016 के सर्वे के दौरान 401 मिलियन लोग नौकरीपेशा थे, इसके बाद मई-अगस्‍त 2016 में ये संख्‍या 403 मिलियन तक पहुंच गई, फिर सितंबर-दिसंबर के बीच ये 406.5 मिलियन पहुंच गई। इसके बाद जनवरी-अप्रैल 2017 में इसके गिरावट दर्ज की गई और ये 405 मिलियन पर आकर टिक गई है।
यहां जो संख्‍या दी गई है उसमें भारत के आर्गेनाइज्‍ड, अनआर्गेनाइज्‍ड सेक्‍टर, एग्रिकल्‍चर और नॉन-एग्रिकल्‍चर सेक्‍टर शामिल हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान देश में बेरोजगारों की संख्‍या में भी कमी आई है, जहां सितंबर-दिसंबर 2016 में ये 6.8 प्रतिशत थे, वहीं इस साल के शुरुआती चार महीनों में इनकी संख्‍या 4.7 फीसदी है।
वेबसाइट पर एक लेख में कहा गया है कि देश में सितंबर-दिसंबर माह तक का सीजन खरीफ फसल का होता है, ज्‍यादातर त्‍योहार भी इसी सीजन में मनाए जाते हैं, 2016 में खरीफ की फसल अच्‍छी हुई थी इसलिए इस समय में इंप्‍लायमेंट अच्‍छा रहा, जबकि इसकी तुलना में काम के मामले में जनवरी-अप्रैल माह का सीजन थोड़ा ठंडा रहता है।

बच्चों के लिए कमरा तक नहीं, टॉयलेट में चल रहा स्कूल

madhya pradesh: study in toilet

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के एक गांव से प्राइमरी स्कूल के नाम पर जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो हैरान करने वाली हैं। यहां स्कूल की बिल्डिंग नहीं होने की वजह से शौचालय ही बच्चों ही पाठशाला बन गया है। देश को आजादी मिलने के सात दशक बाद भी एक स्कूल की ऐसी तस्वीरें तमाम शिक्षा व्यवस्था पर तमाचा है।

नीमच जिले की मनासा तहसील के मोकलपुरा गांव में प्राइमरी स्कूल की स्थापना कागजात में तो साल 2012 में ही हो गई, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी यहां बच्चों के पढ़ने के लिए एक कमरा तक नहीं बन सका। स्कूल में पहली से चौथी कक्षा तक के कुल 17 बच्चे पढ़ते हैं, इन सभी को पढ़ाने के लिए स्कूल में एक ही शिक्षक कैलाश चंद्र राठौर हैं। साल भर राठौर खुले में बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ाकर काम चला लेते हैं, लेकिन बारिश के दिनों में ऐसा करना संभव नहीं हो पाता।

study in toilet

शिक्षक राठौर अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझते हैं, इसलिए उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा ना आए। बारिश के दिनों में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए भी समाधान उन्होंने ढूंढ निकाला, गांव में सरकारी बिल्डिंग के नाम पर एक टॉयलेट का निर्माण हो रखा है, लेकिन यह टॉयलेट जिस मूल उद्देश्य के लिए बनाया गया था, उसके लिए कभी शुरू नहीं हो सका, ऐसे में इस टॉयलेट का ही बच्चों की पाठशाला के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा।

राठौर का कहना है कि बारिश के दिनों में खुले में बच्चों को पढ़ाना खतरे से खाली नहीं है, एक तो बच्चों के बीमार होने का खतरा रहता है, वहीं सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों के काटने की भी आशंका होती है।

worst condition in nimach madhya pradesh

वहीं, गांव वाले राठौर की तारीफ करते नहीं थकते, उनका कहना है कि राठौर बच्चों की पढ़ाई से कोई समझौता नहीं करते। कैसे भी हालात हों, वो बच्चों को पढ़ाने के लिए जरूर आते हैं। इस मामले में मनासा की एसडीएम वंदना मेहरा से बात की गई, तो उन्होंने बेबाकी से स्वीकार किया कि गांव में स्कूल की बिल्डिंग ना होने की वजह से टॉयलेट में ही बच्चों को पढ़ना पढ़ रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी साथ जोड़ा कि टॉयलेट के लिए जो निर्माण हुआ उसका कभी टॉयलेट की तरह इस्तेमाल नहीं हुआ। एसडीएम ने कहा कि वहां 20 से कम बच्चे हैं, जिन्हें पास के स्कूल में शिफ्ट करने के आदेश दिए गए हैं।

हीना तलरेजा मर्डर केस: बीवी का करवाया गैंगरेप फिर किया कत्ल

हीना का पति अदनान

आनंद रूप द्विवेदी | Navpravah.com

बहुचर्चित हीना तलरेजा हत्याकांड का आखिरकार खुलासा हुआ है. इलाहाबाद पुलिस ने हीना के पति अदनान खान को गिरफ्तार कर खुलासा किया कि अदनान ने ही अपनी पत्नी का दो साथियों के साथ मिलकर पहले गैंगरेप करवाया और फिर  क़त्ल कर दिया.

हिना तलरेजा 

गत 5 जुलाई को कौशाम्बी से हीना तलरेजा की लाश मिलने के बाद मामले की तफ्तीश पुलिस कर रही थी. जिसमें संदिग्ध पति अदनान खान ने अपने बयान में जुर्म कबूल किया है.

हीना का पति अदनान

हीना तलरेजा अपनी माँ के साथ इलाहाबाद के मीरापुर इलाके में रहकर एक हुक्का बार चलाती थी. उसकी मुलाक़ात शाहगंज थाना क्षेत्र इलाहाबाद निवासी अदनान खान से हुई. मुलाक़ात प्यार में तब्दील हुआ और दोनों ने पारिवारिक रजामंदी के विरुद्ध शादी कर ली. हीना तलरेजा से शादी होने से उसके परिवार वाले नाखुश थे. जिसके बाद उसने दूसरी शादी कर ली. दूसरी शादी होने के कारण हीना से उसके रिश्तों में दरार आ गई. हीना ने उसके खिलाफ पुलिस कम्प्लेन भी की थी. बाद में अदनान खान ने हीना से माफ़ी भी मांगी.

पुलिस को अदनान ने बताया कि, “ 4 जुलाई की शाम को अदनान ने हीना को होटल में खाना खाने के लिए बुलाया. हीना आई और उसे अदनान के दो दोस्त खालिद और विक्की कार में मिले. सबने प्लान बनाया कि किसी ढाबे में खाना खाने चलते हैं. इसके बाद सब कानपुर हाइवे की ओर रवाना हुए. सबने बीयर भी पी. रात 10 बजे वो कौशाम्बी पहुंचे और वहां खाना खाया. वापास निकलते हुए रास्ते में पति अदनान खान और उसके दोस्तों ने हीना तलरेजा के साथ सामूहिक बलात्कार किया. बलात्कार के दौरान हीना चिल्ला रही थी तभी पति अदनान खान ने हीना के सर में पिस्तौल से गोली मार दी. हीना कहीं जिंदा न बचे इसकी पुष्टि के लिए उसने गोली वाले घाव में चाकू डालकर भी घुमा दिया. उसके मोबाइल और पर्स भी गायब कर दिए ताकि शिनाख्त न हो सके. उसके बाद वो इलाहाबाद स्थित अपने घर आकर सो गया. कुछ दिन बाद ही जब अखबार में देखा कि हीना कि शिनाख्त हो गई है तो वो मुंबई भाग गया.”

शनिवार को पुलिस ने अदनान खान को इलाहाबाद स्थित एक मज़ार के पास से गिरफ्तार कर लिया और उसने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है.

कर्नाटक: ऊर्जा मंत्री के 39 ठिकानों पर आयकर का छापा

income tax raid on shiv kumars place

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री डीके शिवकुमार के घर और उनके रिजॉर्ट पर इनकम टैक्स विभाग ने बुधवार सुबह छापा मारा है। बंगलुरु के इसी ईगलटन रिजॉर्ट में गुजरात कांग्रेस के विधायक ठहरे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग को शक है कि रिजॉर्ट में बड़ी मात्रा में नकदी छुपा कर रखी गई है। इसी सिलसिले में अधिकारियों ने कांग्रेस विधायकों के कमरों के अलावा वहां मौजूद सभी वाहनों की भी तलाशी ली है।

जानकारी के मुताबिक, आयकर अधिकारियों ने कनकपुरा और सदाशिव नगर में शिवकुमार के आवास और ईगलटन रिजॉर्ट सहित 39 ठिकानों पर छापेमारी की है। शिवकुमार के छोटे भाई और इलाके के विधायक डीके सुरेश और एमएलसी रवि के आवास पर भी छापेमारी की खबर है।

गुजरात में राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी विधायकों के पाला बदलने से घबराई कांग्रेस अपने बचे 44 विधायकों को बंगलुरु में शिवकुमार के रिजॉर्ट में ठहराया है। गुजरात में राज्यसभा की 3 सीटों के लिए 8 अगस्त को चुनाव होने हैं और बीजेपी ने यहां तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल भी यहां मैदान में हैं।

इस छापे को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने बीजेपी का ‘विच-हंट’ करार दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी महज एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए यह सब कर रही है।

इंसानियत की मिसाल कायम करता एक पुलिसवाला

आनंद रूप द्विवेदी | Navpravah.com

पुलिस का नाम सुनते ही भय से बहुतेरों के कान खड़े हो जाते हैं, लेकिन हमारे बीच कुछ ऐसे पुलिस कर्मी भी हैं जो सबसे पहले इंसानियत के फ़र्ज़ को अहम समझते हैं. आशीष मिश्रा ऐसे ही एक कर्तव्यनिष्ठ और संवेदनशील पुलिस कर्मी हैं. उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में आईजी ऑफिस में तैनात पुलिस कांस्टेबल आशीष मिश्रा मूलतः मिर्जापुर के रहने वाले हैं. आशीष ने बीएड और एमए की डिग्रियां हासिल कीं और ह्यूमन राइट्स में दो वर्षीय डिप्लोमा भी कर चुके हैं.

दरअसल आशीष कोई साधारण पुलिस वाले नहीं है. उन्हें लोग पुलिस विद डिफ़रेंस वाले काम से जानते हैं. आशीष ने समाज में कई ऐसी मिसालें कायम की हैं, जिनमें रक्तदान, आर्थिक विपन्न लोगों की व्यक्तिगत रूप से मदद आदि सामाजिक कार्य शामिल हैं. आशीष अपने इन सराहनीय कार्यों के लिए दर्जनों पुरूस्कार व प्रशंसापत्र बटोर चुके हैं.

एक दिन परिवार के साथ मंदिर गए, वहां एक महिला को रोते हुए देखा तो कारण पूछने पर पता चला कि समय पर पैसे के अभाव के चलते खून न मिल पाने के कारण उस महिला का आठ माह का बेटा मर गया था. इस बात ने आशीष के अंतर्मन को हिला कर रख दिया. उन्होंने इस समस्या का समाधान निकालने की ठान ली. आशीष ने ब्लड डोनेशन की एक मुहिम शुरू की. पहले तो वो अकेले ही थे लेकिन बाद में उनके साथ और भी सहकर्मी जुड़ते चले गए.

इलाहाबाद में यदि आपको कभी कोई नौजवान ओजस्वी वर्दीधारी गरीब बच्चों में कपड़े आदि बांटते दिख जाए तो वो आशीष मिश्रा ही होंगे.

एक मूक बधिर बुजुर्ग कपड़े प्रेस करने वाला जगदीश चन्द्र जब नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान का शिकार हुआ तो आशीष मिश्रा उसके लिए देवदूत साबित हुए. जब उसकी दयनीय स्थिति का आशीष को पता चला तो उन्होंने स्वयं एक हाथ ठेला खरीदकर जगदीश को भेंट कर दिया. ये तरीका है मानवता की अद्भुत मिसाल पुलिस कांस्टेबल आशीष मिश्रा का.

छोटे बच्चों को भीख मांगते देख आशीष उनके साथ खुद किसी दुकान में खाना खाने बैठ जाते हैं. उनसे दुःख दर्द शेयर करते हैं. आशीष डेली डायरी भी लिखते हैं जिसमें वो अपने मन की बात को कलम के रास्ते कागज़ पर उतार देते हैं. उनकी डायरी के एक एक शब्द में अपार संवेदना झलकती है. आशीष की डायरी का एक अंश है जिसमें वो लिखते हैं, “सपने सब देखते हैं, कुछ लोगों के सपने पूरे होते हैं तो कुछ के नहीं. इसके लिए त्याग करना पड़ता है. जो आज ऊंचाइयों पर हैं ये उनके परिश्रम व् त्याग की के कारण ही है. आज यदि वो प्रकाश में हैं तो कल उन्होंने अँधेरे का सामना भी किया होगा.”

अपनी इसी दृढनिश्चय सोच के साथ आशीष बिना रुके, या किसी के विरोध की परवाह किये बगैर समाज सेवा करते हैं. आज उनका विभाग उनके कामों की तारीफ करता है और आला अधिकारियों से वो प्रशंसा भी पाते हैं. आज हमारे समाज को आशीष मिश्रा जैसे साहसी, संवेदनशील, कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों की जरूरत है. हमारा नवप्रवाह परिवार आशीष के इस जज्बे को सलाम करता है.

 

योगी राज में पुलिस पर युवक की हत्या का आरोप, परिजन मांग रहे इंसाफ़

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये दावा कर रहे हैं कि अपराधी प्रदेश से पलायन कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा किये जा रहे अत्याचारों के मामले सामने आ रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला यूपी के देवरिया में सामने आया है जिसमें पुलिस पर एक लड़के की हत्या का आरोप लगाया जा रहा है। दरअसल ये आरोप पीड़ित के भाई व परिजन ही लगा रहे हैं। पीड़ित 28 वर्षीय विकास तिवारी मूलतः बिहार का  निवासी है जो किसी पारिवारिक कार्यक्रम में अपने दोस्तों के साथ यूपी के देवरिया जिले के रामगुलाम टोला में आया था। गत 23 जुलाई को विकास का शव बैकुंठपुर के पास गंडक नदी के किनारे मिला। मृतक विकास के परिवार वालों का कहना है कि, ‘विकास जब देवरिया के पास रात 9 बजे तीन युवक बाइक से जा रहे थे, तभी पास के हाइवे पर कुछ पुलिस वालों ने उन्हें रोका और अपनी धाक जमाते हुए पैसे की मांग करने लगे, तभी 28 वर्षीय विकास तिवारी ने पुलिस वालों से उनके आइडी कार्ड दिखाने को कहा लेकिन पुलिस वालों ने मना कर दिया और तीनों लड़कों के साथ मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह एक युवक वहाँ से भाग गया और बाकी दोनों युवकों को पुलिस वालों ने मारना शुरू कर दिया, विकास तिवारी नामक युवक को पुलिस ने ज्यादा मार दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी, घबराये पुलिस वालों ने आनन फानन मे विकास की लाश को गंडक नदी पर फेंक दिया और तीसरे युवक को अपने गिरफ्त मे ले लिया।’
एफआइआर की प्र्तिलिपि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार विकास की मौत गहरे पानी मे डूबने से हुई है, लेकिन परिजनों का कहना है कि जब विकास का शव मिला तो उसके नाक मे रूई थी, अगर विकास की मौत डूबने से हुई तो नाक मे रूई का टुकड़ा कहाँ से आ गया?
मृतक विकास के भाई विवेकानंद
विकास के बड़े भाई विवेकानंद तिवारी ने पुलिस पर इल्जाम लगाते हुए केस दर्ज कराया है कि उनके भाई की मौत का कारण पुलिस है, इसलिए जल्द से जल्द उन पर कारवाई की जाये।
विवेकानंद तिवारी का कहना है कि पुलिस वालों की वजह से उनके छोटे भाई की मौत हुई है, 23 जुलाई को घटना हुई, लेकिन पुलिस वालों ने एफआईआर 27 जुलाई को दर्ज की है। उनका कहना है कि भाई की मौत से उनका पूरा परिवार सदमे मे है और हमे अपने भाई के हत्यारों को सलाखों के पीछे देखना है। पुलिस अधिकारी अपनी वर्दी बचाने के लिए कार्यवाही करने से आनाकानी करते नजर आ रहे हैं । यदि समय चलते उन्हें प्रशासन से किसी प्रकार की कार्यवाही होते नजर नहीं आई तो व्यापक आन्दोलन करेंगे ।

नॉर्थ कोरिया को लेकर चीन पर बरसे ट्रंप

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सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

उत्तर कोरिया के हालिया बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर निशाना साधा है। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि मैं चीन से बहुत निराश हूं, हमारे अतीत के बेवकूफ नेताओं ने उन्हें व्यापार में एक साल में अरबों डॉलर बनाने दिया।

ट्रंप ने आगे कहा कि चीन को आसानी के साथ इस समस्या का समाधान करना चाहिए। वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने नॉर्थ कोरिया के हालिया बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण की निंदा करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु हथियारों की लगातार होड़ के लिए रूस और चीन विशिष्ट और खास तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया की अलग थलग पड़ी सरकार को परमाणु हथियार कार्यक्रम के वास्ते प्रमुख आर्थिकी सहायता मुहैया कराने के लिए रूस और चीन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों का उल्लंघन किया है।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को मजबूत करने के लिए कहा ताकि यह सुनिश्चित किया जाए कि उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों की लगातार होड़ करने तथा इनका इस्तेमाल करने के लिए नतीजे भुगते। नॉर्थ कोरिया ने एक महीने के भीतर दूसरी अंतर्महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल आईसीबीएम का परीक्षण किया था।