29 C
Mumbai
Friday, August 14, 2026
Home Blog Page 991

‘आप’ कार्यकर्ताओं ने सीएम योगी के खिलाफ किया प्रदर्शन और फूंका उनका पुतला

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण गोरखपुर के  बी.आर.डी मेडिकल कालेज में हुई 70 मौतों के विरोध में आम आदमी पार्टी यूथ विंग के अवध प्रान्त सह प्रभारी कमर अव्वास एंव जिला संयोजक तुषार श्रीवास्तव के नेतृत्व में कई कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य महानिदेशालय पर इकठ्ठे होकर विभाग एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला भी जलाया।
जिला संयोजक गौरव माहेश्वरी ने बच्चों की मौतों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे राज्य सरकार की संवेदनशीलता का पता चलता है।
उन्होंने कहा कि इन मौतों के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है।
भाजपा के नेता घटना की जांच एवं जिम्मेदार अधिकारीयों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के बजाय घटना को भ्रामक बता रहे हैं। उन्होंने मांग की है इस भयानक त्रासदी के लिय जिम्मेदार मुख्यमंत्री योगी जी को नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
50-50 लाख रूपये सहायता राशि दी जाये
जिला प्रवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने इस घटना के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को एसी त्रासदी की पुनरावृति से रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाये जाए।
जिससे निर्दोष जनता की जान बचाई जा सके,
उन्होंने सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवार को 50-50 लाख रूपये की सहयोग राशि दी जानी चाहिए।
अवध प्रान्त यूथ विंग के सह प्रभारी कमर अव्वास ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में घोर लापरवाही है, चरम सीमा पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम बढे अफसर, रसूखदार नेता इस भ्रस्टाचार में शामिल हैं।
जिसकी वजह से किसी अप्रिय घटना की निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं हो पाती है।

गोरखपुर: बच्चों के लिए मसीहा बने डाॅक्टर कफील

पीयूष चिलवाल । Navpravah.com
गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में एक तरफ बच्चे दम तोड़ रहे थे तो दूसरी तरफ एक डाॅक्टर जी जान लगाकर बच्चों को एक एक सांस देने के लिए पूरी रात दौड़ता रहा।
इंसेफेलाइटिस के प्रभारी बाल रोग विशषज्ञ डाॅक्टर कफील अहमद पूरी रात बच्चों को बचाने की कोशिश में अपनी कार से पूरे शहर के चक्कर काटता रहा। जब अस्पताल में लगभग कोई भी डाॅक्टर मौजूद नहीं था ऐसे में डाॅक्टर कफील उन बच्चों के लिए मसीहा साबित हुए।
आधी रात को जब डाॅक्टर को यह मालूम चला कि अस्पताल में आक्सीजन खत्म होने वाली है तो डाॅक्टर बेचैन हो गए और मदद मांगने के लिए अपने मित्रों के अस्पताल पहुंच गए। वे रात भर अपने  अलग अलग मित्रों के अस्पतालों से आक्सीजन सिलेंडर ढ़ोते रहे और अपने सभी परिचितों को जगा दिया।
लेकिन जब लगने लगा की यह सब काम नहीं करेगा तो उन्होंने एक गैस सप्लायर से संपर्क साधा जिसने नगद भुगतान की शर्त पर आक्सीजन की खेप पहुंचाने के लिए हामी भर दी तो उन्होंने अपनी जेब से पैसे भरकर अस्पताल में आक्सीजन का इंतजाम करने की कोशिश की। इतना ही कफील ने राज्य के कई शीर्ष अधिकारियों  और गैस सप्लायर से संपर्क साधने की कोशिश की तो किसी ने भी उनका फोन नहीं उठाया।
लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। डाक्टर कफील की कोशिशें कुछ ही हद तक सफल हो पायी। अगर डाॅक्टर कफील ये कदम न उठाते तो शायद स्थिति और भयावह हो सकती थी।

भारत-चीन की हुई फ्लैग मीटिंग, रही बेनतीजा

Army Personnel brave the chill at the India -china border at Nathula on Monday.PTI *** Local Caption *** "B-109, GANGTOK-250201 - FEBRUARY 25, 2008 - Nathula: Indian army personnel braving the severe cold and snows at Nathula, Indp-China border, on Monday. PTI Photo"
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध जारी है, जारी गतिरोध को लेकर भारत और चीन के बीच एक और फ्लैग मीटिंग हुई, लेकिन भारत-चीन की यह फ्लैग मीटिंग बेनतीजा रही।
सूत्रों के अनुसार, भारत ने एक बार फिर चीन से कहा कि वह भूटानी भूभाग में सड़क निर्माण का काम बंद कर दे, नाथु-ला में हुई फ्लैग मीटिंग में भारत की ओर से सेना के दो शीर्ष अधिकारी और एक मेजर जनरल रैंक के अधिकारी शामिल हुए, फ्लैग मीटिंग ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों के बीच होती है।
सूत्रों के मुताबिक़, एक अन्य फ्लैग मीटिंग जल्द हो सकती है, इसमें लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के अधिकारी शामिल हो सकते हैं। 11 अगस्त को खबरें थी कि भारतीय सेना पूर्वी सीमा पर हाई अलर्ट पर है।
हालांकि सैन्य अधिकारियों ने स्थिति पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, साथ ही इस बात को खारिज कर दिया कि किसी तरह का अलर्ट जारी हुआ है।

अपने और बच्चे के लिए मौत मांग रही है ये महिला

पीयूष चिलवाल | Navpravah.com
छत्तीसगढ़ के रायपुर के महिला आयोग के आगे अपने 11 साल के बच्चे के साथ बैठकर महिला अपने लिए मौत मांग रही है। महिला का कहना है कि उसको या तो न्याय मिले या फिर इच्छामृत्यु। महिला अपने पति के किए अत्याचारों से त्रस्त है। उसका कहना है कि उसके पति ने उसका चारित्रिक हनन किया है और राज्य के आइपीएस अधिकारियों के साथ उसके संबंध होने का आरोप लगाता है।
महिला सविता ख्ंाडेलवाल का कहना है कि उसकी शादी 1992 में हुई लेकिन शादी के बाद से ही उसके पति ने उसे प्रताडित करना शुरू कर दिया। सविता का कहना है कि उसके पति ने उससे दहेज की मांग की और ना देने पर पीटने के साथ साथ चारित्रक हनन किया।
उसका कहना है कि उसने कई बार एफआइआर करने की कोशिश की लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गयी और बार बार समझौता करवा दिया गया। उसका कहना है कि 2010 में पति से अलग होने के बाद भी दोनों परिवारों ने आपस में बैठकर सुलह कर ली।
महिला 2014 से आयोग के चक्कर काट रही है। हालांकि मामला कोर्ट में चलने के कारण आयोग ने इस मुद्दे पर अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। महिला जहां आयोग के सामने सबूत पेश किए जाने की बात करती है तो वहीं महिला आयोग की अध्यक्षा इस बात को पूरी तरह नकार देती है।

हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रही भारतीय सेना

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

जम्मू कश्मीर में भारतीय सेना पर लगातार हमले हो रहे हैं, एक ओर घाटी के कुपवाड़ा में आतंकियों ने सेना के कैंप पर हमला किया तो दूसरी ओर पुंछ में एक बार फिर पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है।

पाक की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है, पुंछ के नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी की गई है, इस गोलीबारी में एक महिला की मौत हो गई, पुलिस ने बताया कि घटना जिले का बालाकोट सेक्टर के में घटित हुई है, मृतक महिला की पहचान रुकैया बी. के रूप में हुई है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के सुबह पांच बजे भारी गोलीबारी की, लेकिन भारतीय जवान भी गोलीबारी का करारा जवाब दे रहे हैं, दोनों तरफ से अभी तक गोलीबारी जारी है।

कुपवाड़ा जिले में सेना के कैंप पर गोलीबारी से एक जवान घायल हो गया, घायल जवान को एक सैन्य अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल जवान की हालत स्थिर बताई जा रही है, आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सेना और पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

अभिनव बिंद्रा ने लगाई ट्रॉल करने वालों की क्लास

abhinav slapped to trollers

शिखा पांडेय | Navpravah.com

आज भारतीय खेल के इतिहास का एक स्वर्णिम दिन है। आज से ठीक 9 वर्ष पहले अभिनव बिंद्रा ने ओलंपिक खेलों में भारत के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। भारत को व्यक्तिगत मैडल दिलाने के बावजूद अभिनव अपने एक फॉलोवर के द्वारा ट्रॉल किए गए और उसका उन्होंने उचित जवाब देकर सबका मुंह बंद कर दिया।

शुक्रवार को अपने पदक की 9 वीं वर्षगाँठ पर अभिनव ने ट्वीट किया, “11/08/08 जिस चीज़ को मैं याद करता हूँ व प्रशंसा करता हूँ , वह है यह लंबी यात्रा व प्रक्रिया। स्वर्ण पदक तो उस लंबी यात्रा का परिणाम है।” इस ट्वीट पर एक फॉलोवर ने उन्हें ट्रॉल करते हुए कहा कि वह मैडल मात्र एक तुक्का था, जो गलती से भारत की झोली में आ गया। अभिनव को खुद को उस मैडल का वास्तविक हक़दार साबित करने के लिए और एक बार ओलंपिक्स में मैडल जीतकर दिखाना चाहिए।

इस मैसेज का बड़ा ही रोमांचक जवाब देते हुए अभिनव ने लिखा कि भले ही यह एक तुक्का हो, पर अब मुझसे मेरा मैडल कोई नहीं छीन सकता। उनके इस रोचक जवाब के बाद उस फैन ने उनको धन्यवाद व ढेर सारी शुभकामनाएं दीं व कहा कि ईश्वर बिंद्रा को इतनी शक्ति दें कि वे अपने जैसे अन्य शूटर बना सकें।

आपको याद दिला दें किअभिनव बिंद्रा ने यह पदक बीजिंग ओलंपिक्स में 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग इवेंट में जीत था। बीजिंग ओलंपिक्स में चौथे स्थान पर क्वालीफाई करने के बावजूद वे 104.5 अंकों के साथ फाइनल में भारत के लिए व्यक्तिगत मैडल जीत पाने में सफल रहे। स्वतंत्रता के बाद से भारत ने मात्रा 5 स्वर्ण पदक जीते थे और सभी पदक हॉकी में मिले थे।

शतक से चूककर भी राहुल ने बनाया रिकार्ड

KL rahul scores 85 runs against sri lanka

पीयूष चिलवाल । Navpravah.com

श्रीलंका के पल्लीकेले स्टेडियम में चल रहे भारत और श्रीलंके तीसरे और आखिरी मैच के पहले दिन में भारत ने टॉस जीत कर बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट के नुकसान पर 329 रन बनाए। पिछले मैच की तरह इस मैच में भी शिखर धवन और लोकेश राहुल का शांदार प्रदर्शन जारी रहा। शिखर धवन ने शतक जमाते हुए 119 रन बनाए और लोकेश राहुल 85 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

पिछले मैच की तरह इस मैच में भी शतक बनाने से चूके लोकेश राहुल ने अपने नाम लगातार 7 शात अर्धशतक बनाने का रिकाॅर्ड अपने नाम किया है। वे भारत के पहले और दुनिया के छठे ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने यह रिकार्ड अपने नाम किया है। उनके अलावा पांच और ऐसे बल्लेबाज हैं जिनके नाम यह रिकार्ड दर्ज है। उनमें एंडी फ्लावर, सर एवर्टन वीक्स, कुमार संगाकारा, क्रिस रोजर्स और शिव नरैन शामिल हैं।

भारत की ओर से कप्तान विराट कोहली ने 42, अजिंक्या रहाणे ने 17, आर अश्विन ने 31 और पुजारा ने 8 रन का योगदान दिया। जबकि पहले दिन का खेल खत्म होने पर रिद्धिमान साहा और हार्दिक पांड्या क्रमशः 13 और 1 रन पर नाबाद हैं। वहीं श्रीलंका की तरफ से पुष्पकुमारा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। सदाकन और फर्नांडो के खाते में क्रमशः 2 और 1 विकेट आए।

तीरंदाज़ी विश्वकप में कांस्य पदक से भी चूका भारत, जर्मनी से हारा

india lose the match

शिखा पांडेय । Navpravah.com

विश्‍वकप तीरंदाजी प्रतियोगिता के चौथे चरण में आज भारत को निराशा हाथ लगी है क्योंकि भारतीय तीरंदाजों का अभियान बिना किसी पदक के समाप्त हो गया है। पुरुष कंपाउंड वर्ग में तीसरे स्थान latest newsके लिये खेले गये मैच में आज भारत को जर्मनी से 225-227 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारतीय टीम टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रही और जर्मनी को कांस्य पदक मिला।

पहले दौर में तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय टीम में अभिषेक वर्मा, अमन सैनी और अमनजीत सिंह ने 57 अंक बटोरे, जिसमें जर्मनी का भी स्कोर समान रहा। दूसरे दौर के बाद जर्मन टीम ने 115-111 से बढ़त बना ली। तीसरे और आखिरी दौर में जर्मनी के तीरंदाजों ने छह में से चार पर दस अंक का निशाना लगाया। इस राउंड में भारतीय टीम ने 58 अंक जुटाए, जो जीत के लिये काफी नहीं थे। इस वजह से विश्व कप के चौथे चरण में भारतीय तीरंदाजी टीम को खाली हाथ लौटना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि शंघाई में विश्व के पहले चरण में भारतीय कंपाउंड टीम को एक स्वर्ण पदक मिला था जबकि अंताल्या में हुये दूसरे चरण के मुकाबले में टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था।

इससे पहले अभिषेक वर्मा, अमन सैनी और अमनजीत सिंह की पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय तिकड़ी ने स्पेन को 228-222 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की थी। क्वार्टर फाइनल में भारतीय टीम ने 13वीं वरीयता प्राप्त स्वीडन को 231-229 से हराया था। बढ़िया प्रदर्शन कर रही यह भारतीय टीम सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त अमेरिका से 228-233 से हार गई। इसके बाद कांस्‍य पदक जीतने के लिए टीम को जर्मनी पर जीत दर्ज करनी थी लेकिन इसमें उसे नाकामी हाथ लगी।

गोरखपुर अस्पताल मामला: अब खुली नींद, BRD प्रिंसिपल निलंबित

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अस्पताल एवं जिला प्रशासन की लापरवाही से करीब 70 लोगों की मौत हो गई। पुराने बिल का भुगतान न करने पर ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं फजीहत के बाद सरकार की नींद खुली और लापरवाही के मामले में BRD के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
शिक्षा चिकित्सा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हुई लेकिन उसे पूरा किया गया, बच्चों की इंसेफेलाइटिस और इंफेक्शन से और लिवर खराब होने से मृत्यु हुई है।
वहीं सिद्धार्थ सिंह ने कहा कि यहाँ पर लोग बीमारी के अंतिम चरण में आते हैं, BRD में एवरेज 17 मौतें रोज होती हैं। 2015 में 21 मौतें प्रतिदिन और 2016 में मौतें प्रति दिन होती थी, 2014 में अगस्त में 19 मौतें प्रति दिन होती थी। उन्होंने कहा कि सीएम यहाँ आये थे गैस सप्लाई का के बारे में उन्हें किसी ने नही बताया, ये सरकार संवेदनशील सरकार है। उन्होंने कहा कि BRD कॉलेज में आसपास के जिले के भी मरीज आते हैं, सीएम योगी की घटना पर नजर है।
हालांकि पुष्पा सेल्स की लीगल टीम ने बीते 30 जुलाई को अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेजकर जानकारी दी थी कि यदि 15 दिन के भीतर बीते छह माह का भुगतान नहीं किया गया तो कम्पनी के सामने सप्लाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी।

उदासीन है योगी सरकार -मायावती

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित BRD मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने के चलते बच्चों की मौत का आंकड़ा अब 60 के पार पहुँच गया है। यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आज़ाद भी BRD मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं, इससे पहले सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार पर हमला बोला था। इसी क्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को BRD मेडिकल कॉलेज में हुए हादसे को लेकर अपना बयान जारी किया है।

मायावती ने कहा कि, भाजपा में गलतियों को स्वीकार करने की आदत नहीं है, मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और मासूम बच्चों की मौत पर मुख्यमंत्री योगी को कड़ा एक्शन लेना चाहिए, ऑक्सीजन सप्लाई मामले में सरकार की उदासीनता है।

यूपी कांग्रेस के नेताओं का दल शनिवार को गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज पहुंचा, मेडिकल कॉलेज पहुंचे कांग्रेस के नेताओं ने प्रदेश सरकार को मौतों का जिम्मेदार बताया, साथ ही जिला प्रशासन और मेडिकल प्रशासन पर आंकड़े छुपाने समेत,
मृतकों के परिजनों को जबरन एंबुलेंस में भरकर घर भेजने का आरोप भी लगाया।

वहीं लोगों ने यह भी कहा कि, जिला प्रशासन और मेडिकल प्रशासन ने इस घटना का सही-सही आंकलन मीडिया तक नहीं पहुंचाया, वहीँ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने यह आरोप लगाया है कि, 7 मरीजों की मेडिकल कॉलेज में मौत हुई है, गोरखपुर की घटना दुखद है, गोरखपुर के मेडिकल कालेज में आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए, वहां पूरे पूर्वांचल, नेपाल और बिहार से भी बच्चे इलाज के लिए आते हैं, सरकार इन चीजों पर ध्यान नही दे रही है, जो एक सोचनीय विषय है।