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Friday, August 14, 2026
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नहीं जीते पदक, पर जीते देश का दिल

​शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

विश्व चैंपियनशिप की भाला फेंक प्रतियोगिता के फाइनल में पहली बार पहुँचने वाला भारत मैडल से चूक गया है। प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय देविंदर सिंह कंग फाइनल राउंड में 12वें स्थान पर रहे। जर्मनी के जोहानेस वेटर ने 89.89 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से गोल्ड जीता जबकि चेक गणराज्य के दो ऐथलीट जाकुब वाडलेजिच (89.73 मीटर) और पेट्र फ्रिडिच (88.32 मीटर) ने क्रमश: सिल्वर और ब्रोंज पदक अपने नाम किया।

 कंग ने पहले प्रयास में 75.40 मीटर से शुरुआत की और 13 ऐथलीटों में अपने दूसरे प्रयास में फाउल कर बैठे। तीन राउंड के बाद वह बाहर हो गए। उल्लेखनीय है कि लंदन में जारी वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के देविंदर सिंह कंग ने भाला फेंक प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रचा था। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय बन थे। कंग 28 मई में कंधे की चोट से जूझ रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने कमबैक कर फाइनल में अपना स्थान पक्का किया। कंग ने तीसरे प्रयास में 84.22 मीटर भाला फेंक कर यह कीर्तिमान स्थापित किया था।

दूसरी ओर महिला वर्ग में चेक गणराज्य की बारबोरा स्पोताकोवा ने यहां जारी आईएएएफ विश्व चैम्पियनशिप में महिलाओं की भालाफेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। स्पोताकोवा ने दूसरी बार विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

मिस्र रेल दुर्घटना: 44 लोगों की हुई मौत, 180 हुए घायल

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

मिस्र के तटीय शहर अलेक्जेंड्रिया के पास दो ट्रेनों की टक्कर में 44 लोगों की मौत हो गई और करीब 180 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। मिस्र के मंत्रिमंडल ने एक बयान में कहा कि मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।

वहीं मिस्र के रेल प्राधिकरण ने एक बयान में कहा कि हादसा उस समय हुआ जब अलेक्जेंड्रिया से काहिरा जा रही ट्रेन पोर्ट सिटी की ओर से आ रही एक ट्रेन से टकरा गई, उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर ली है। बचाव दल बचे हुए लोगों की तलाश करने और पटरी पर से मलबा हटाने में जुटा है।

स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि काहिरा-अलेक्जेंड्रिया ट्रेन के चालक ने पुलिस के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है। उसे आगे की जांच के लिए अलेक्जेंड्रिया में अल-रामल पुलिस थाने भेज दिया गया है। मिस्र के अभियोजक-जनरल नबील सादिक ने जांच के आदेश दिए हैं।

राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी ने पीड़ितों के प्रति संवेदना जाहिर की और सरकारी विभागों को मामले की जांच करने तथा घातक हादसे के कारणों का पता लगाने का आदेश दिया है।

अब दुश्मनों की ख़ैर नहीं, भारतीय सेना के ये जवान छुड़ा देंगे छक्के

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

कश्मीर में अब सेना के जवानों को ना तो आतंकियों की गोली का डर होगा और ना ही बमों का क्योंकी घाटी में आतंक से लड़ने के लिए भारतीय सेना को एक नया हथियार मिलने वाला है।

जानकारी के मुताबिक सरकार जल्दी ही सेना को आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के लिए रोबोट्स देने जा रही हैं, ये रोबोट सैनिक कश्मीर घाटी के दुर्गम इलाकों में जाकर आतंकियों से लड़ने में भारतीय सेना के जवानों की मदद करेंगे।

इन रोबोट सैनिकों के आ जाने से कश्मीर घाटी में भारतीय सेना की स्थिति बेहद मजबूत हो जाएगी, भारतीय सेना ने फिलहाल सरकार को ऐसे 544 रोबो सैनिक देने का प्रस्ताव भेजा है जिसे रक्षा मंत्रालय ने भी मंजूरी दे दी है। सेना को मिलने वाले ये रोबो सैनिक रिमोट से चलेंगे। इसलिए ये बहुत आसानी से सेना की मदद कर सकेंगे। ये रोबो सैनिक करीब 200 मीटर की रेंज में काम कर सकेंगे ये खतरनाक जगहों पर भी सेना के लिए हथियार और ग्रेनेड पहुंचा सकेंगे।

बाढ़ से नेपाल का बुरा हाल, 39 की मौत हज़ारों विस्थापित

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

नेपाल में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण हुई तबाही में कम से किम 39 लोग मारे गए हैं और हजारों की संख्या में विस्थापित हुए हैं। देश के विभिन्न भागों में कई मकान और पुल बह गए हैं। बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण भीषण बाढ़ की आशंका है।

अधिकारियों का कहना है कि भूस्खलन से 39 लोगों की मौत हुई है और 28 लोग लापता हैं। हजारों की संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और सैकड़ों मकानों में पानी भर गया है। आवासीय क्षेत्रों में बाढ़ का पानी भर गया है।

पीड़ितों में बड़ी संख्या में भूकंप से प्रभावित लोग हैं। सुंसारी, सपत्तारी, सरलाही, झापा, रौताहट, बांके, मोरांग, सिराहा, बरदिया और दांग जिले बाढ़ में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बाढ़ को देखते हुए बिराटनगर एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है।

हिमांचल के मंडी में लैंड स्लाइड की चपेट में आई बस, 7 लोगों की मौत, दर्जनों फंसे

एनपी न्यूज़ डेस्क |Navpravah.com

हिमांचल प्रदेश के मंडी से एक बड़ी दुर्घटना की खबर आई है, जहां लैंड स्लाइड की चपेट में एक बस के आ जाने से 7 लोगों की मौत हो गई।

दरअसल मंडी पठानकोट नेशनल हाइवे पर हुए इस लैंड स्लाइड की चपेट में हिमाचल रोडवेज़ की एक बस आ गई। जिसमें 7 लोगों के मृत होने की व अभी तकरीबन 2 दर्जन से ज्यादा लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

राहत और बचाव कार्य जोरों पर है। जिसमें 7 लोगों के शव अबतक निकाले जा चुके हैं। हाइवे नम्बर 154 पर इस लैंड स्लाइड के कारण भारी तबाही हुई है। बस सवारियों से पूरी तरह से भरी हुई थी। लैंड स्लाइड होने पर बस इसकी चपेट में आ गई और करीब 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

सेना और NDRF की टीम द्वारा राहत और बचाव कार्य जोर शोर से जारी है। मामूली आवागमन दूसरे राजमार्ग से सुरक्षित घोषित किया गया है।

गोरखपुर त्रासदी: विदेशी मीडिया ने भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को बताया जर्जर

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत की ख़बर विदेशी मीडिया में भी चर्चा का विषय बन गई है। विश्व के कई अहम मीडिया संस्थानों ने इस ख़बर को प्राथमिकता दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स से लेकर वाशिंगटन टाइम्स ने इस खबर को दर्दनाक बताया है व भारत के स्वास्थ्य पर खर्च किए गए बजट व सुविधा की निंदा की है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की जर्जर हालत का ज़िक्र करते हुए लिखा है, ”इंसेफेलाइटिस हर साल भारत के लिए सामान्य सी बात हो गई है। मॉनसून के वक़्त इससे सैकड़ों जानें जाती हैं। इस बीमारी की मुख्य वजह दूषित खाना और पानी के साथ मच्छर का काटना है। इसके साथ ही यह संक्रमण की तरह फैलता है।”

न्यूयॉर्क टाइम्स ने आगे लिखा है, ”भारत लोगों की सेहत पर मुश्किल से अपनी जीडीपी का एक फ़ीसदी हिस्सा खर्च करता है। भारत स्वास्थ्य पर सबसे कम खर्च करने वाले देशों में शामिल है। भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं और डॉक्टरों की भारी कमी है।”

इस ख़बर को वॉशिंगटन पोस्ट ने भी प्रमुखता से जगह दी है। वॉशिंगटन पोस्ट ने शांति के नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी के बयान के हवाले से इसे सामूहिक हत्या करार दिया है। वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी हेडिंग में ही सामूहिक हत्या की बात लिखी है। उल्लेखनीय है कि कल कैलाश सत्यार्थी ने गोरखपुर त्रासदी पर कहा था, ”30 बच्चों की मौत ऑक्सीजन नहीं होने की वजह से हुई है। यह कोई त्रासदी नहीं बल्कि सामूहिक हत्या है। आज़ादी के 70 साल पूरे होने का मतलब हमारे बच्चों के लिए क्या है?”

पाकिस्तानी मीडिया में भी गोरखपुर में बच्चों की मौत की ख़बर को जगह मिली है। पाकिस्तान के अहम अख़बार डॉन ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के ट्वीट को भी अपनी ख़बर में शामिल किया है। राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा है कि बच्चों की मौत के लिए उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ज़िम्मेदार है।

मध्य पूर्व के अलजज़ीरा ने भी गोरखपुर में बच्चों की मौत और भारत में सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी प्रतिक्रिया को प्रकाशित किया है। अलजज़ीरा ने समाचार एजेंसी एपी को दिए एक पीड़ित के बयान को छापा है। इसमें गौतम नाम के एक पीड़ित ने कहा है, ”हम लोगों ने अपने बच्चों को देखा कि वो सांस नहीं ले पा रहे थे।  ऐसा देखते हुए भी हम कुछ कर नहीं पाए।” अलजज़ीरा ने इस मामले में पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ के ट्वीट को छापा है। कैफ़ ने ट्वीट कर कहा था, ”गोरखपुर में बेगुनाह बच्चों की मौत काफ़ी दुखद है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। ऐसे मामलों में लापरवाही ही मुख्य वजह होती है।”

इसके साथ ही अलजज़ीरा ने हार्ड न्यूज़ के संपादक संजय कपूर के ट्वीट का भी हवाला दिया है जिसमें उन्होंने बच्चों की मौत को सामूहिक हत्या बताया है। संजय कपूर ने अलजज़ीरा से कहा, ”ऐसे वाक़ये भारत के अलग-अलग हिस्सों से अक्सर आते हैं। भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार है।”

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने बच्चों की मौत पर लिखा है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण पिछले 6 दिनों में कम से कम 64 बच्चों की मौत हो चुकी है।

जनता सरकार की पिछलग्गू न बने – योगी आदित्यनाथ

सौम्या केसरवानी। Navpravah.com

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ शनिवार को इलाहाबाद के नैनी स्थित युनाइटेड इंजीनियरिंग कालेज में आयोजित गंगा ग्राम सम्मेलन व स्वच्छता रथ के शुभारंभ पर पहुंचे थे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता सरकार की पिछगल्लू न बने, बल्कि सरकार से आगे बढ़कर विकास को गति देने मे अपनी भूमिका निभाए, जब तक यह स्थिति नही बनेगी, तब तक देश अपने बलबूते नहीं खड़ा होगा।

उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा होगा, वर्ष 2019 के अर्द्कुम्भ तक गंगा की धारा अविरल हो और लोग गंगा जल का आचमन करें। उन्होंने कहा कि अर्द्धकुम्भ में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक एंव सांस्कृतिक आयोजन होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में दस लाख और शहरी क्षेत्र में दो लाख आवास शौचालय युक्त बनाए जायेंगे। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने 35 स्वच्छता रथ एंव 30 जागरूकता बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा, उमा भारती, नंद गोपाल गुप्ता, अभिलाषा गुप्ता आदि मौजूद थे।

एजाज खान ने सीएम योगी और पीएम मोदी को लताड़ा

शिखा पाण्डेय | Navpravah.com
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अब तक लगभग 70 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस हृदयविदारक घटना पर तमाम क्षेत्रों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इसी के तहत बॉलीवुड एक्टर एजाज खान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बेहद तल्ख़ बयान दिया है। एजाज खान ने कहा है कि औलाद को खोने का दर्द सिर्फ़ औलाद वाले ही समझ सकते हैं, बेऔलाद सीएम और पीएम क्या समझेंगे।

एजाज खान ने सोशल मीडिया पर वीडियो मैसेज पोस्ट कर अपना गुस्सा जाहिर किया है। एजाज खान का ये वीडियो मैसेज वायरल हो गया है और  फेसबुक से लेकर ट्विटर तक खूब शेयर व रीट्वीट किया जा रहा है। एजाज खान ने अपने वीडियो मैसेज में कहा, “इन लोगों के पास एमएलए खरीदने के लिए करोड़ों रुपए हैं लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडर की पेमेंट के लिए 60 लाख नहीं हैं। इस हादसे में जिन मांओं की गोद सूनी हो गई है, उनको जवाब कौन देगा, योगी आदित्यनाथ देगा या पीएम नरेंद्र मोदी देगा?”

एजाज खान ने लोगों से पूछा, “अगर आपके बच्चों के साथ ऐसा हादसा होता, तब भी आप कहते कि योगी एक अच्छा सीएम है और मोदी एक अच्छा पीएम है?” एजाज यहीं नहीं रुके। अपनी भड़ास निकालते हुए उन्होंने कहा, “योगी तुझे शर्म आनी चाहिए, तू विन डीज़ल बनकर इतनी सिक्योरिटी लेकर चलता है। तेरी सिक्योरिटी के लिए इतने पैसे कहां से आते हैं? तू जनता के पैसों को बर्बाद मत कर।”

गौरतलब है कि शुक्रवार 11 अगस्त की शाम गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन रुकने से 30 मच्चों की मौत हो गई थी। पिछले 5 दिनों में इस घटना में मरने वाले बच्चों की संख्या अब तक 70 हो गई है। इस घटना के मीडिया में आने के बाद से ही लोगों में दुख और गुस्सा है। राजनीतिक दलों से लेकर सोशल मीडिया तक पर लोग इस घटना पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

आपके स्मार्टफोन में 8जीबी है रैम, पर बिना इसके फ़ोन है बेकार!

Mobility and modern wireless communiation concept: group of metal black glossy touchscreen smartphones with different applications isolated on white background with reflection effect

शिखा पाण्डेय । Navpravah.com

भारत देश में स्मार्ट फ़ोन्स का मार्केट इतना व्यापक है, कि आये दिन नए नए लांच होने वाले फोन भी बाजार में छा जाते हैं और चुटकियों में बिक जाते हैं। 1जीबी, 2जीबी, 4जीबी, 6 जीबी, 8जीबी रैम, लोग ज़्यादा से ज़्यादा रैम वाला फ़ोन लेने में इंटरेस्टेड हैं। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा कि एक तरफ एंड्रॉइड फोन भले 8 जीबी रैम के साथ आने लगे हैं, लेकिन आईफोन अभी भी महज 2जीबी रैम के साथ आते हैं और उन फोन्स से कई गुना बेहतर हैं! सिर्फ 2 जीबी रैम होने के बावजूद भी आईफोन में हैंग और स्‍लो होने की शिकायतें कम ही आती हैं।

रैम में इस जमीन आसमान के अंतर के बावजूद भी आईफोन के इतने स्‍मूथ चलने का राज है उसका ‘प्रोसेसर’। दरअसल सिर्फ ज्‍यादा रैम होने से आपका स्‍मार्टफोन फास्‍ट नहीं हो जाता। इसकी स्‍मूथ फंक्‍शनिंग के लिए बेहतर रैम स्‍पेस के साथ-साथ अच्‍छा प्रोसेसर होना भी बेहद जरूरी है।
इसलिए मोबाइल खरीदते वक्‍त दोनों कंफीग्रेशंस की तरफ ध्‍यान देना आवश्यक है।

रैम का महत्त्व-

बुलबुल ऐप्‍स के फाउंडर और मोबाइल सॉफ्टवेयर डेवपलमेंट में सालों का अनुभव रखने वाले प्रकाश दंतुलुरी कहते हैं कि रैंडम एक्‍सेस मेमोरी (रैम) में आपके मोबाइल की रनिंग एक्टिविटी और ऐप स्‍टोर होती है। रैम आपको मल्‍टी-टास्किंग करने में मदद करता​ है। रैम आपको एक ही वक्‍त पर कई ऐप्‍स को यूज करने की फ्रीडम देता है। जितनी बेहतर रैम कैपेसिटी होगी, उतने ज्‍यादा ऐप्‍स पर आप एक ही वक्‍त में काम कर सकते हैं।

मान लीजिए फेसबुक ऐप चलाने के दौरान ही आपने व्‍हाट्सऐप भी खोल दिया। इसी दौरान आपने यूट्यूब पर भी कोई लिंक खोल दी। आप एक ही साथ तीन ऐप चला रहे हैं, रैम आपको ये सुविधा देती है कि आप कभी भी यूट्यूब छोड़कर फेसबुक और व्‍हाट्सऐप पर वहीं पर पहुंच सकते हैं, जहां पर आपने उन्‍हें छोड़ा था। आपको इन्‍हें फिर से शुरू करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

प्रोसेसर का रोल-

प्रोसेसर की जिम्‍मेदारी आपकी तरफ से दिए जाने वाले इनपुट ऑर्डर्स लेना और कोई एक्टिविटी स्‍टार्ट करना है। मतलब आप जब कभी अपने स्‍मार्टफोन में नया ऐप चालू करने के लिए ऐप आइकॉन पर टच करते हैं, तो यह प्रोसेसर को इनपुट ऑर्डर देता है और प्रोसेसर उस ऐप को स्‍टार्ट करता है। जितना बेहतर प्रोसेसर होगा, उतने ही फास्‍ट आपके ऐप खुलेंगे और फोन पर अन्‍य एक्टिविटीज हो पाएंगी।

प्रकाश दंतुलुरी कहते हैं कि अगर आप अपने स्‍मार्टफोन पर एक ही वक्‍त में कई ऐप्‍स को यूज करना पसंद करते हैं, तो ज्‍यादा रैम वाले मोबाइल फोन आपकी च्‍वॉइस होने चाहिए।
अगर आप ई-मेल, ब्राउजिंग और गेमिंग समेत अन्‍य टास्‍क ज्‍यादा करते हैं, तो अच्‍छे प्रोसेसर पर आपकी नजर होनी चाहिए। बेहतर प्रोसेसर आपको फास्‍टर ऑपरेशन चलाने में मदद करेगा।

दंतुलुरी का कहना है कि अगर आप मोबाइल पर हेवी गेम्‍स खेलना पसंद करते हैं, तो हमेशा बेहतर ग्राफिक्‍स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) वाला प्रोसेसर खरीदें। यह आपको न सिर्फ दूसरे ऑपरेशंस को फास्‍ट चलाने में मदद करेगा, बल्कि एचडी गेमिंग का मजा भी देगा।

मोबाइल खरीदते वक़्त ध्यान में रखने वाली महत्त्वपूर्ण बातें-

-आपके मोबाइल की फास्‍ट और स्‍मू‍थ फंक्‍शनिंग के लिए अच्‍छी रैम के साथ ही मजबूत प्रोसेसर होना भी जरूरी है।

-जब कभी भी मोबाइल खरीदें, तो ये जरूर देखें कि आप मल्‍टी टास्किंग के लिए फोन लेने वाले हैं या फिर सिर्फ ब्रा‍उजिंग और अन्‍य ऑपरेशनल एक्टिविटीज के लिए मोबाइल यूज करेंगे।

-अगर आप मल्‍टी-टास्किंग के लिए फोन ले रहे हैं, तो ज्‍यादा रैम पर ध्‍यान दीजिए और फास्‍ट ऑपरेशंस के लिए प्रोसेसर पर।

गोरखपुर अस्पताल मामला: 28 घण्टे बाद तोड़ा सीएम योगी ने मौन, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ ने दिया शर्मनाक बयान

अनुज हनुमत । Navpravah.com

लखनऊ । आखिरकार गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के 28 घण्टे बाद मुख्यमंत्री योगी ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और भारत सरकार की स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ देर शाम प्रेस कांफ्रेंस की।

गोरखपुर हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरी संवेदना उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस से निपटना बड़ी चुनौती है और खास कर इस अगस्त के महीने में। सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर हादसे से निपटने के लिए भारत सरकार भी मदद हमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और स्वास्थ्य सचिव को गोरखपुर भेजा है। मैंने खुद मंत्रियों को वहां भेजा और पता करने का आदेश दिया था कि वह पता करें के बच्चों की मौत किस वजह से हुई है।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑक्सीजन की कमी को बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार नहीं माना बल्कि उन्होंने कहा कि इसके अलग अलग कारण हैं। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस दौरान शर्मनाक बयान देते हुए कहा कि ‘अगस्त महीने में बच्चे मरते ही हैं। उन्होंने कहा कि उस रात ऑक्सीजन की सप्लाई में कुछ समस्या हुई थी लेकिन बच्चों की मौत सप्लाई रुकने के कारण नहीं हुई है।

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को भी हिदायत देते हुए कहा कि मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि इस मामले में सही तथ्य पेश किया जाए। हर जगह अलग आंकड़े आ रहे हैं। सही तथ्य को रखकर मानवता की सेवा की जा सकती है।