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भारतीय मूल के राहुल का आईक्यू आइंस्टाइन से भी बेहतर!
दरअसल ब्रिटेन के चैनल-4 पर एक क्विज शो ‘चाइल्ड जीनियस’ नाम से प्रसारित हो रहा है। इस शो में 8 से 12 साल के कुल 20 बच्चे भाग ले रहे हैं। इस शो के पहले दौर में राहुल से 14 सवाल पूछे गए थे, उन्होंने इन सभी 14 सवालों का सही दिया। राहुल ने स्पेलिंग टेस्ट और उच्चारण टेस्ट में एक भी गलती नहीं की। उच्चारण टेस्ट में अंग्रेजी के ऐसे शब्द दिए जाते हैं, जो अप्रचलित होने के साथ ही बोलने में कठिन भी होते हैं। लगातार 4 राउंड में पूरे मार्क हासिल करने के बाद टाइम्ड मेमोरी राउंड में में राहुल ने 15 में से 14 सवालों के सही जवाब दिए। समय की कमी की वजह से राहुल के सामने 15वां सवाल पूछा ही नहीं जा सका।
इस सफलता पर राहुल ने बताया, ” मुझे लगता है कि मैं एक जीनियस हूं। मुझे गणित के सवाल दिमाग में हल करना पसंद है, मेरा सामान्य ज्ञान काफी अच्छा है। चीजें याद करना मेरे लिए बेहद ही आम बात है। मैं हमेशा बेस्ट करना चाहता हूं और वो मैं किसी भी कीमत पर करूंगा। ”
राहुल ने बताया कि उनकी पसंदीदा भाषा लैटिन है। राहुल ने मीडिया से कहा, “बाकी बच्चों की तरह उन्हें तुरंत मजा देने वाली चीजों के बजाय लंबे समय में संतुष्टि देने वाी चीजें पसंद हैं। राहुल ने कहा, “मैं चाहूं तो अपने एक्सबॉक्स पर खेल सकता हूँ, लेकिन बाद में मुझे दुख होगा कि मैंने अपने टेस्ट की तैयारी नहीं की है।”
राहुल का आईक्यू 162 है और ऐसा माना जा रहा है कि यह अल्बर्ट आइन्स्टाइन और स्टीफन हॉकिंग जैसे सबसे बुद्धिमान लोगों से भी अधिक है। आपको बता दें कि आइंस्टीन और हॉकिंग ने कभी आईक्यू टेस्ट नहीं दिया था। उनका आईक्यू अनुमानित है। अब राहुल ‘मेन्सा क्लब’ के सदस्य बन गए हैं, जो दुनिया में उच्चत्तम आईक्यू वाले लोगों का सबसे बड़ा और पुराना क्लब है।
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तिरंगा अंधेरे में रखने पर दर्ज हुआ मुकदमा
देशभक्ति ज़ाहिर करने चली थीं, ट्रोल हो गईं प्रियंका चोपड़ा
एंटरटेनमेंट डेस्क | Navpravah.com
बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपने जलवे बिखेरने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा अक्सर अपने कपड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो जाती हैं। इस बार स्वतंत्रता दिवस पर अपनी देशभक्ति व्यक्त करती प्रियंका एक बार फिर फॉलोवर्स के कटाक्षों में घिर गईं। तमाम फॉलोवर्स ने उनके इस वीडियो पर टेढ़े- सीधे कॉमेंट्स किए। लोगों ने तिरंगे के ऐसे इस्तेमाल को गलत और अपमानजनक बताया।
दरअसल प्रियंका ने 15 अगस्त के मौके पर लोगों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में प्रियंका ने जींस-टीशर्ट पहना है और गले में उन्होंने तिरंगा दुपट्टा लपेट रखा है। इस दुपट्टे को वे प्यार से लहरा रही है। इस फोटो के साथ प्रियंका ने लिखा है, “मेरा दिल हिंदुस्तानी है..जय हिंद।”
एक यूजर ने प्रियंका के वीडियो पर कमेंट करते हुए कहा, “इस अवसर पर पहनने के लिए आपके पास सलवार-कमीज नहीं थे?” वहीं एक यूजर ने लिखा, “कम से कम इस शुभ दिन पर आपसे साड़ी पहनने की उम्मीद थी।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “कृपया आप भारत फिर से न लौटें।” एक यूजर ने अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए लिखा, “क्या बकवास है, निश्चित रूप से तिरंगे का सम्मान करो, यह तुम्हारा दुपट्टा नहीं है मूर्ख।” इन तमाम कमेंट्स का प्रियंका ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी प्रियंका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान अपने शॉर्ट ड्रेस को लेकर ट्रोल हो चुकी हैं। उस समय भी किसी ने प्रियंका को भारतीय संस्कृति की दुहाई दी थी, तो किसी ने सभ्य कपड़े पहनने की हिदायत दी थी।
“RSS या BJP की संपत्ति नहीं है दूरदर्शन” – त्रिपुरा सीएम
शिखा पाण्डेय|Navpravah.com
दूरदर्शन व आकाशवाणी द्वारा त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार का भाषण प्रस्तावित करने से मना करने का मामला और तूल पकड़ता जा रहा है।माणिक सरकार ने दूरदर्शन और आकाशवाणी पर आरोप लगाया है कि प्रसार भारती ने पत्र लिखकर भाषण में बदलाव करने को कहा था, जिसे उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद भाषण का प्रसारण तो किया गया, लेकिन काट-छांट कर किया गया। माणिक सरकार ने इसे एक गैरलोकतांत्रिक व असहिष्णु कदम बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी या आरएसएस की सम्पत्ति नहीं है दूरदर्शन।
एक अखबार से बातचीत के दौरान माणिक सरकार ने कहा, “प्रसार भारती के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है, जिससे वे एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को अपनी स्पीच बदलने का हुक्म दे सकें।” त्रिपुरा के सीएम ने कहा कि प्रसार भारती ने खुद भाषण रिकॉर्ड करने का आग्रह मुझसे किया था। 12 तारीख की शाम को यह रिकॉर्ड किया गया। यह तय किया गया था कि 15 अगस्त की सुबह को इसे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाएगा। 14 अगस्त की शाम को उन्होंने एक पत्र भेजा, जिसमें मुझसे मेरे भाषण में बदलाव करने का अनुरोध किया गया था । मैंने इनकार कर दिया। फिर स्पीच को एडिट कर प्रसारित किया गया।
माणिक सरकार ने कहा, “मैंने अपने भाषण में जो प्रश्न उठाए थे, उसे सही और गलत ठहराने वाला प्रसार भारती कौन होता है? वह भाषण बदलने का हुक्म नहीं दे सकता है।” जब सीएम से पूछा गया कि प्रसार भारती ने ऐसा क्यों किया होगा, तब उन्होंने कहा, “मैंने अपने भाषण में साम्प्रदायिकता, असमानता और बेरोजगारी पर सवाल उठाए थे। उन्हें यह अच्छा नहीं लगा। यह ठीक नहीं है। ऐसा इमरजेंसी के समय होता था।”
जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि आगामी त्रिपुरा चुनाव में आपका मुख्य प्रतिद्वंदी कौन है, बीजेपी या टीएमसी, तब वे बोले, ” मेरा कोई प्रतिद्वंदी नहीं है। जनता मेरे साथ है। हमने जनता के साथ कुछ भी गलत नहीं किया है। इसलिए मुझे लगता है कि वे लोग हमारा समर्थन करेंगे।”
इधर प्रसार भारती की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 15 अगस्त 2015 को दूरदर्शन ने सीएम के कार्यक्रम और उसकी रिपोर्ट 29 मिनट और 45 सेकंड तक चलाई। इसमें से सीएम की स्पीच करीब 12 मिनट की थी। यह टेलिकास्ट शाम 7 बजे हुआ।
शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 70 करने का शासन को भेजा प्रस्ताव
सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
चिकित्सा विश्वविद्यालय में चिकित्सा शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए चिकित्सा शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष से बढ़ाकार 70 करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया की हमारा निरंतर प्रयास रहता है कि चिकित्सकीय सेवाओं को बेहतर किया जाये और हमारे किसी भी मरीज को कोई परेशानी ना हो।
चिकित्सा विश्वविद्यालय देश का एक जाना माना संसथान है, जहाँ पर दुनिया भर से लोग अपने इलाज के लिए आते हैं, बेहतरीन चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ ही यहाँ पर विशेषज्ञ चिकित्सक भी मौजूद हैं।
यही वअन्य चिकित्सा संस्थानों से मरीजों को यहाँ रेफ़र किया जाता है, इसलिए चिकित्सा शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष से बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस प्रस्ताव में कुलपति की ओर से चिकित्सा शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु 70 करने की मांग की है।
प्रो. भट्ट ने बताया कि सीटी स्कैन और एक्स-रे की जांच में चिविवि द्वारा फिल्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। कुलपति ने कहा की हमारे डॉक्टर ईमानदारी से काम करते हैं। बीते दिनों ट्रॉमा सेण्टर की दुर्घटना के बाद सब कुछ इतनी जल्दी सामान्य करना काबिले तारीफ हैं। उतनी बड़ी घटना के बावजूद उसी रात इमरजेंसी व्यवस्थाओं को बहाल कर दिया गया। शताब्दी अस्पताल में तीमारदारों के रहने के लिए पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन द्वारा रैनबसेरे का निर्माण कराया जा रहा है, अभी ओल्ड डेण्टल भवन और पल्मोनरी विभाग के पास रैनबसेरे का संचालन किया जा रहा है।

















