विधानपरिषद में विरोधी दल का नेता नहीं बनाएं जाने पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार पर जम कर निशाना साधा। राबड़ी ने नितीश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार हमें नेता माने या न माने पर सूबे की जनता ने हमें नेता बनाया है।
विधान परिषद के उपसभापति हारूण रशीद ने इस मुद्दे पर कहा कि विधानपरिषद में संख्या कम होने की वजह से राबड़ी देवी नेता विरोधी दल नहीं बन सकती हैं। क्योंकि राजद के पास विधानपरिषद में अभी मात्र 7 सदस्य ही हैं, जबकि विधानपरिषद में विपक्ष के नेता के लिए न्यूनतम 9 सदस्यों का होना आवश्यक है।
विधानपरिषद में राबड़ी ने ट्रिपल तलाक़ पर भी टिप्पणी की। ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राबड़ी देवी ने कहा कि अब केंद्र सरकार क्या करती है वो देखना होगा। कोर्ट ने सरकार को 6 माह में कानून बनाने का आदेश दिया है। बाढ़ राहत के मुद्दे पर राबड़ी देवी ने राज्य सरकार को कोसते हुए कहा कि बाढ़ राहत में सरकार पूरी तरह फेल हो गई है, बाढ़ में मारे गए लोगों की संख्या छुपा रही है और लाशों को ठिकाने लगवा रही है।
वैज्ञानिकों ने ऐसी सफलता हासिल की है, जो चिकित्सा के क्षेत्र में मददगार साबित होगा, ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने सर्जरी करने के लिए सबसे छोटे रोबोट को विकसित करने मे सफलता प्राप्त की है।
ब्रिटिश वैज्ञानिको के अनुसार यह रोबोट एक दिन मे दस हजार मरीज का इलाज करने मे सक्षम होगा, और यह रोबोट चिकित्सा के क्षेत्र मे बहुत ही उपयोगी होगा।
इस रोबोट को बनाने मे 100 वैज्ञानिक और इंजीनियरो ने बहुत मेहनत की है, इन्होंने मोबाइल फोन व अंतरिक्ष के लिए विकसित की गई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके इस रोबोट का निर्माण किया है। इस रोबोट का नाम ‘वर्सियस दिया गया है। यह रोबोट हॉर्निया का ऑपरेशन, कोलोरेक्टल ऑपरेशन, के अलावा नाक, कान एवं गले का ऑपरेशन भी कर सकता है।
इस रोबोट से पुरानी सर्जरी के अपेक्षा बस एक चीरा लगाया जाएगा। यह रोबोट मानव की तरह दिखाई देता है।
New Delhi : Chief Minister of Uttar Pradesh, Yogi Adityanath arrives at Parliament in New Delhi on Tuesday.PTI Photo by Subhav Shukla(PTI3_21_2017_000063B)
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सहारनपुर में पिछली सरकार में ग्रामीण आवास योजना एवं नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किया और अपने सरकार की उपलब्धियाँ गिनवायी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने हर वर्ग को साथ में लेकर सिमित समय में राज्य के विकास का जो विजन तय किया है उस पर राज्य सरकार ईमानदारी से काम कर रही है। प्रदेश के 24 लाख लोगों को 2019 तक आवास मिलेंगे जिसके लिए राज्य सरकार ने विभागों को पात्र लोगो का चयन करने के आदेश दिये हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अपने कम समय के कार्यकाल में ही प्रदेश का नक्शा बदलने का प्रयास किया है। सरकार बिना किसी भेदभाव व क्षेत्रवाद के विकास का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में बिजली सिर्फ पांच जिला तक सीमित नहीं है, अब जिला मुख्यालय को 24 घंटे, तहसीलों को 20 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली मिल रही है।
उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव के सभी का विकास करना हमारा लक्ष्य है। ऐसा नहीं है कि सीएम का जिला है तभी बिजली मिलेगी। हमारी सरकार किसी से भेदभाव नहीं कर रही है।
मशहूर कॉमेडियन और एक्टर जैरी लुइस का 91 साल की उम्र में कल निधन हो गया, उनके निधन की पुष्टि उनके परिवार ने की। उन्होंने 1950 के दशक में डीन मार्टिन के कॉमेडी पार्टनर के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद वह नाइट क्लब, टीवी शो और कॉन्सर्ट में अपनी कॉमेडी प्रोग्राम के लिए मशहूर हुए और इसी तरह उन्हें कॉमेडी किंग का खिताब हासिल हुआ।
जैरी ने शोज के अलावा कई फिल्मों में भी काम किया। इनमें नॉटी प्रोफेसर, द बेलबॉय और लेडीज मैन जैसी कई फिल्मों के नाम शामिल हैं। मशहूर कॉमेडियन जिम कैरी, एक्टर डैनी ट्रेजो के अलावा कई बड़ी हस्तियों ने जैरी के निधन पर दुख जताया। कैरी ने लिखा, “यह बेवकूफ नकली नहीं था, वह निर्विवादित जीनियस था, मैं आज जो हूं , उनके ही कारण हू”। वहीं डैनी ट्रेजो ने लिखा, “भगवान जैरी लेविस की आत्मा को शांति दे। अपनी पूरी जिंदगी दूसरों को हंसाने के लिए शुक्रिया।”
जैरी लुईस को अमेरिकन कॉमेडी अवॉर्ड्स, लॉस एंजेलिस फिल्म क्रिटिक्स एसोसिएशन और वेनिस फिल्म फेस्टिवल सहित कई प्रतिष्ठति अवॉर्ड शो में सम्मानित किया जा चुका है।
बहुप्रतीक्षित ट्रिपल तलाक़ पर आज आखिर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने तीन तलाक़ को असंवैधानिक करार देते हुए उसपर 6 महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस विषय पर कानून बनाने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ट्रिपल तलाक़ असंवैधानिक है। इस विषय पर कोर्ट ने 3-2 के बहुमत के साथ फैसला सुनाया है। जिसपर 6 महीने के लिए रोक लगा दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के 5 में से 3 जजों ने ट्रिपल तलाक़ को असंवैधानिक करार दिया। इसपर 6 महीने की रोक लगाते हुए सरकार को कानून बनाने का आदेश दिया गया है। साथ ही यदि कानून बनाने का काम 6 महीने के भीतर नहीं होता तो ये रोक जारी रहेगी।
दूरदर्शन में प्रकाशित ख़बर के अनुसार तीन तलाक के मामले पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी ओर से दिए हलफनामे में कहा था कि वह तीन तलाक की प्रथा को वैध नहीं मानती और इसे जारी रखने के पक्ष में नहीं है।तीन तलाक के मामले पर कोर्ट में 11 से 18 मई तक सुनवाई चली थी जिसके बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया गया था।
मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने माना था कि वह सभी काजियों को अडवाइजरी जारी करेगा कि वे तीन तलाक पर न केवल महिलाओं की राय लें, बल्कि उसे निकाहनामे में शामिल भी करें।
मामले में याचिकाकर्ताओं की दलीलें हैं कि तीन तलाक़ महिलाओं के साथ भेदभाव है जिसे ख़त्म किया जाना चाहिये साथ ही इसके लिए केवल महिलाएं कोर्ट में जाने को बाध्य होती हैं। कुरान में भी तीन तलाक़ का ज़िक्र नहीं है। वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि ये अवांछित है लेकिन वैध है।क्योंकि ये पर्सनल लॉ का हिस्सा है इसलिए कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता है। यह प्रथा पिछले 1400 सालों से चली आ रही है और आस्था का विषय है।
आज सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक के मसले पर फैसला सुनाने जा रहा है। इस्लाम में तीन तलाक परंपरा का हिस्साहै, धर्म की मौलिकता में शामिल है या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ आज फ़ैसला सुनाएगी।
दूरदर्शन में प्रकाशित ख़बर के अनुसार तीन तलाक के मामले पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी ओर से दिए हलफनामे में कहा था कि वह तीन तलाक की प्रथा को वैध नहीं मानती और इसे जारी रखने के पक्ष में नहीं है।तीन तलाक के मामले पर कोर्ट में 11 से 18 मई तक सुनवाई चली थी जिसके बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया गया था।
मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने माना था कि वह सभी काजियों को अडवाइजरी जारी करेगा कि वे तीन तलाक पर न केवल महिलाओं की राय लें, बल्कि उसे निकाहनामे में शामिल भी करें।
मामले में याचिकाकर्ताओं की दलीलें हैं कि तीन तलाक़ महिलाओं के साथ भेदभाव है जिसे ख़त्म किया जाना चाहिये साथ ही इसके लिए केवल महिलाएं कोर्ट में जाने को बाध्य होती हैं। कुरान में भी तीन तलाक़ का ज़िक्र नहीं है। वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि ये अवांछित है लेकिन वैध है।क्योंकि ये पर्सनल लॉ का हिस्सा है इसलिए कोर्ट इसमें दखल नहीं दे सकता है। यह प्रथा पिछले 1400 सालों से चली आ रही है और आस्था का विषय है।
डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय(साहित्य सम्पादक)| Navpravah.com
‘बस तुम्हारे लिए’ मीनाक्षी सिंह की सद्यः प्रकाशित कविता संग्रह है । अंजुमन प्रकाशन, इलाहाबाद से प्रकाशित इस कृति को विषय-वैविध्यता के आधार पर पाँच भागों में विभाजित किया गया है । पहले भाग में ‘मेरी चाहतों का आसमां’, दूसरे में ‘यथार्थ धरातल’, तीसरे में ‘दर्द-ए-सुकून’, चौथे में ‘रीते-रीते से पल’ और पांचवें भाग में ‘सकारात्मक बढ़ते कदम’ जैसे कविताओं के मुख्य खंड हैं । इन खंडों में कुल 68 कविताएं संकलित की गई हैं । सभी भिन्न-भिन्न विषयों पर केंद्रित किंतु निहितार्थ में अभिन्न क्योंकि लक्ष्य तो ‘बस तुम्हारे लिए’ है ।
मीनाक्षी सिंह
कवयित्री भारतीय रीति-रिवाज़ों एवं संस्कारों में पली-बढ़ी हैं। संस्कारों और वर्जनाओं ने उनकी महत्त्वाकांक्षा के पंखों को कतरे ही नहीं बल्कि झुलसा दिए हैं । इसकी कसक ‘हाइकू’ से लेकर ‘मालिनी वो बेवफा औरत’ तक में दिखाई देती है । ‘पाजेब की भार’ में तो यह अधिक मुखर हुई है । इसके बावजूद अधिकांश कविताओं के मूल में एकाकी प्रेम के प्रति समर्पण और निष्ठा मौजूद है । इन कविताओं में शब्द मखमली अहसास लिए अपने पाठकों को गुदगुदाते-से प्रतीत होते हैं । ‘तुमने कहा था’ शीर्षक की इन पंक्तियों को देखें – ‘तुमने कहा था / मेरी राहों में जब महकते हैं गुलाब / फिज़ा भी मदहोश होती है देखकर तेरा शबाब / एक खूबसूरत गज़ल बनती हूँ ।’
जीवन की आपाधापी की मार सर्वाधिक रिश्तों पर पड़ी है । मीनाक्षी जी इसकी संवेदनशीलता से भली-भांति परिचित हैं । उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में ये छीजेंगे । व्यावसायिकता सम्बन्धों को लीलेगी । बुढ़ापा लाचार होगा । अतः इसकी मार्मिक अभिव्यक्ति वे ‘रामू काका नहीं रहे’ शीर्षक कविता में करती हैं । कवयित्री ‘सच्चा धनवान’ शीर्षक कविता में लिखती हैं कि असली धनवान वही होगा जो रिश्तों की अहमियत समझकर उनमें संतुलन साधेगा । ‘जिंदगी की लेन’ में रिश्तों के महत्त्व को दर्शाते हुए उनकी ठंडी होती तपिश पर चिंता ज़ाहिर वे चिंता जाहिर करती हैं ।इसके अलावा ‘संसद क्षितिज’, ‘हुक्मरानों की साजिशें’ और ‘आजादी’ जैसी कविताओं में दूषित राजनीति का कलुष बिंबित हुआ है । साथ ही आजादी के दीवानों को भुला देने की कसक साफ सुनाई देती है ।
संग्रह की अंतिम दो कविताएं ‘माँ’ पर केंद्रित हैं । इनमें माँ की पीड़ा को मीनाक्षी जी ने शब्द दिए हैं –‘सौतन का दर्द भी सही है वो’ । अंतिम दूसरी कविता में कवयित्री ने बेटी धर्म को निभाते हुए माता समेत सम्पूर्ण नारी जाति को ढाढ़स बंधाया है । कई हाइकू भी माँ की ममता को समर्पित हैं । इनमें लगता है ‘माँ’ शब्द अपनी गरिमा में ‘कविता’ का समानार्थी है । यहां बेटी की सुकोमल भावनाओं की तलस्पर्शी अभिव्यक्ति हुई है ।
‘बस तुम्हारे लिए’ कविता संग्रह में ‘विद्रोह’ और ‘सहयोग’ के मध्य संतुलन साधा गया है । कहीं-कहीं ‘गुलाब’ और ‘अरमां’ जैसे शब्दों का एकाधिक प्रयोग खटकता है । कवयित्री की चाहत को पढ़कर भी थोड़ा ताज्जुब होता है । यथा -‘मानसिक सुकून और कामयाबी भरी उम्दा राह / बस यही है मेरी चाहतों का आसमां ।‘ जो भी हो, ‘मानसिक सुकून’ और ‘कामयाबी भरी उम्दा राह’ का एक प्लेटफॉर्म पर आना आदर्श-स्थिति कही जा सकती है ।
कुल मिलाकर कवयित्री अपनी रचना को जीती हैं । सच्चाई और ईमानदारी शब्दों में ढलकर अपने पाठकों पर मंत्र-सा असर छोड़ती हैं । व्यक्तिगत संवेदनाओं का बहुस्याम में रूपांतरण इसी बात का द्योतक है । उच्छल भावनाएं विराट संवेदना में एकीकृत होकर पुनः अनेकों आयामों में प्रवाहित होने लगती हैं । पुस्तक से गुज़रना एक नई अनुभूति प्रदान करता है । यहां स्वप्निल लोक से लेकर यथार्थ की खुरदुरी दुनिया है । शेष -‘जाकी रही भावना जैसी….।’ अस्तु ।
अगर आप भी मैक्डोनाल्ड्स बर्गर के फैन हैं, तो आपके लिए एक बुरी खबर है। अब आपको मैकडोनाल्ड्स बर्गर्स खाने को नहीं मिलेंगे, क्योंकि मैकडोनाल्ड्स ने भारतीय कंपनी के साथ अपना करार ख़त्म कर दिया है। जी हां! अमेरिकी बर्गर रेस्तरा कंपनी मैकडोनाल्ड्स की भारतीय इकाई ने अपने लोकल पार्टनर कंपनी ‘कनाट प्लाजा रेस्टॉरेंट लिमिटेड’ (सीपीआरएल) के साथ अपना व्यावसायिक करार खत्म कर दिया है।
अब देश में दिल्ली समेत उत्तर और ईस्ट भारत में लगभग 169 मैकडोनाल्ड्स रेस्तरां बंद हो जाएंगे, क्योंकि भारतीय पार्टनर को मैकडोनाल्ड्स रेस्तरां चलाने की अनुमति नहीं रह गई है। बता दें कि विवादों के चलते दिल्ली के 43 मैकडोनाल्ड्स रेस्तरां पहले ही से बंद किए जा चुके हैं।
दरअसल उद्यमी विक्रम बख्शी की अगुवाई वाली सीपीआरएल का मैकडोनाल्ड्स इंडिया से विवाद चल रहा था। 2014 में मैकडोनल्ड्स की फ्रेंचाइजी के मैनेजिंग डायरेक्टर पद से विक्रम बख्शी को हटा दिया गया था। तभी से बख्शी और मैकडोनल्ड्स इंडिया के बीच टकराव चल रहा था। इस निर्णय से कुछ सप्ताह पहले सीपीआरएल ने दिल्ली के अपने 43 मैकडोनाल्ड्स रेस्त्रां बंद कर दिए थे क्योंकि स्थानीय नगर निकाय ने मैकडोनाल्ड्स के नाम से चल रही इन दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण करने से मना कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि सीपीआरएल, विक्रम बख्शी और मैकडोनल्ड्स इंडिया का बराबर हिस्सेदारी वाला ज्वाइंट वेंचर है। टर्मिनेशन के तहत नोटिस के 15 दिनों के भीतर सीपीआरएल को मैकडोनल्ड्स का नाम, सिस्टम, ट्रेडमार्क, डिजाइन और उससे जुड़ी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल बंद करना होगा।
bad news for McDonald lovers
फास्ट फूड चेन ने एक स्टेटमेंट में कहा, “आज हमने मैकडोनल्ड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सीपीआरएल के बीच हुए फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट टर्मिनेट करने से जुड़ा नोटिस सीपीआरएल बोर्ड को जारी किया। इस एग्रीमेंट के तहत सीपीआरएल उत्तर और पूर्वी भारत में मैकडोनल्ड्स के 169 रेस्टोरेंट्स के ऑपरेशन को देखती है।” कंपनी ने कहा कि एग्रीमेंट टर्मिनेशन का असर उन सभी रेस्टोरेंट्स पर पड़ेगा, जो हाल में ईटिंग हाउस लाइसेंस को रिन्यू कराने में नाकाम रहे थे।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मैकडोल्ड्स इंडिया ने कहा, “सीपीआरएल ने रेस्टोरेंट्स को प्रभावित करने वाली फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट की शर्तों का वॉयलेशन किया था। वक्त और मौका दिए जाने के बाद भी वे जरूरी कदम नहीं उठा रहे थे।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा , “भारत के उत्तर और पूर्वी राज्यों में नए पार्टनर खोजने के लिए हम कमिडेट हैं।”
इस फैसले से जहां अगले कुछ समय तक भारत के बड़े हिस्से से बर्गर और फ्रेंच फ्राई की चेन बंद हो जाएगी, वहीं बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार भी हो जाएंगे क्योंकि बीते एक दशक से अधिक समय से इस मैक्डोनाल्ड्स ब्रांड ने बर्गर और फ्रेंच फ्राइज मार्केट में अपनी साख बना ली थी। इस ब्रांड के टक्कर में जहां कोई भारतीय ब्रांड मौजूद नहीं है, वहीं मैकडोनाल्ड्स बंद होने का सीधा फायदा अन्य ग्लोबल चेन जैसे बर्गर किंग, वेन्डी इत्यादि को मिल सकता है।
कल बैंकों की हड़ताल रहने वाली है, यदि जरूरी काम है तो अब आपको परसों करना होगा। कल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हड़ताल पर रहेगें। लेकिन प्राइवेट बैंकों में काम सामान्य दिनों की तरह ही होगें।
सरकार के एकीकरण के कदम और कुछ अन्य मांग करते हुए सभी बैंक यूनियनों ने 22 अगस्त को हड़ताल करने का फैसला किया है, यूएफबीयू नौ यूनियनों का प्रमुख निकाय है।
एआईबीओसी के महासचिव डीटी फ्रैंको ने बताया कि, ‘मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैठक हुई थी, लेकिन यह बैठक किसी नतीजे मे नही पहुँची। अब यूनियनों के पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई रास्ता नही है’। उन्होंने कहा कि यूनियनों की मांगों पर समाधान नही हुआ है। इसलिए यूएफबीयू ने 22 अगस्त को हड़ताल पर जाने का फैसला ले लिया है।
बिहार में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। यहां बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 253 पहुंच गयी है जबकि 18 जिलों के करीब 1 करोड़ 26 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। एनडीआरएफ की टीमें अपने जवानों व नौकाओं के साथ तथा सेना की 7 कॉलम 630 जवानों और 70 नौकाओं के साथ बचाव एवं राहत कार्य में जुटे हुए हैं। ऐसे में अभिनेता आमिर खान ने बिहार सहित देश के कई बाढ़ प्रभावित राज्यों के प्रति चिंता जाहिर की है।
अभिनेता आमिर ख़ान ने लोगों से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना योगदान दें, ताकि बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद की जा सके। आमिर ने आम लोगों से भी इनकी मदद करने की अपील की है। आमिर खान ने ये बातें अपनी आगामी फिल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ के एक इवेंट के दौरान कहीं। आमिर ने कहा, ” मैं आप सभी से अपील करता हूँ कि आप सभी बिहार व अन्य बाढ़ प्रभावित राज्यों के ‘मुख्यमंत्री राहत कोष’ में अपना योगदान दें व सरकार को अपना काम करने दें।
बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बाढ़ से बुरे हालात बने हुए हैं। यहां भी क़रीब 20 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है। बाढ़ की वजह से 69 लोगों की मौत की ख़बर है, जबकि 24 जिलों के करीब ढाई हज़ार गांवाें में बाढ़ का असर है। यहां बनाए गए राहत शिविरों में करीब 40 हजार लोग रह रहे हैं। असम में भी बीते करीब दो महीने से बाढ़ की वजह से लाखों लोग अपनी जगह से विस्थापित हो चुके हैं। इस बार आयी बाढ़ में बीते दस दिनों में 60 लोगों की मौत हुई है। वहीं बताया जा रहा है कि बीते दो महीनों में असम में करीब डेढ़ सौ लोगों की मौत हुई है।
आमिर की इस फिल्म में जायरा वसीम मुख्य भूमिका में नजर आनेवाली हैं, जो आमिर के साथ फिल्म ‘दंगल’ में उनकी बेटी के किरदार में नजर आ चुकी हैं। ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ को अद्वैत चंदन ने डायरेक्ट किया है। यह आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म है। फिल्म 19 अक्टूबर को रिलीज हो रही है।