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Sunday, August 16, 2026
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नए अवतार मे जल्द ही वापस आयेगी एंटी-रोमियो दल

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार का कार्यभार सँभालते ही प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के तहत एंटी-रोमियो दल का गठन किया था, जिसके बाद पूरे प्रदेश में अचानक से एंटी-रोमियो दल की कार्रवाई ने मनचलों को सकते में डाल दिया था।
मुख्यमंत्री योगी ने महिला सुरक्षा और छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोक के लिए एंटी-रोमियो दल बनाया था, जिसके बाद सरकार के विरोधियों द्वारा एंटी-रोमियो की कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े किये थे।
इसी क्रम में योगी सरकार एंटी-रोमियो दल को नए अवतार और कलेवर में दोबारा से लेकर आ रही है, एंटी-रोमियो दल के नए अवतार के लिए सरकार ने अपना फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एंटी-रोमियो दल का नया अवतार सूबे की जनता के सामने जल्द पेश होगा,जिसके लिए सरकार के पास पूरी योजना तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, नया एंटी-रोमियो दल हाईटेक प्रणाली से लैस होगा। वहीँ नए एंटी-रोमियो दल के पास रोमियों से निपटने के तरीके भी हाईटेक भी होंगे।

एक होर्डिंग मे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का किया गया अपमान

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
बीजेपी द्वारा कानपुर में लगाई गई महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की एक होर्डिंग विवादों में आ गई है, दरअसल इस होर्डिंग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री को ऊपर रखा गया है और राष्ट्रपति को नीचे वही उनके नाम के आगे महामहिम के स्थान पर माननीय लिखा हुआ है।
जब होर्डिंग को फेस बुक पर अपलोड किया गया तो सोशल मिडिया पर बहस का दौर शुरू हो गया, वैसे राष्ट्रपति का पद देश का सर्वोच्च पद है और गैर राजनैतिक पद है। लेकिन बीजेपी की यह होर्डिंग बता रही है कि यह पद भी उनका है और उनके नेता प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री देश के सर्वोच्च नागरिक से ऊपर है।
कानपुर के किदवाई नगर के ब्लाक में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा एक होर्डिंग लगाई हे, जिसमें उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द्र को राष्ट्रपति बनने की बधाई दी है, लेकिन इस होर्डिंग में लोगों को कई खामिया नजर आई जिस पर वो खुल कर बोले।
इस होर्डिंग में सबसे ऊपर बीजेपी के बड़े चेहरे है,
उन चेहरों के नीचे लिखा है “दलित समाज के चिन्तक एंव कानपुर के गौरव ” और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व् मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की बड़ी तश्वीर लगी है, इसके बाद बीच में बड़े अक्षरों से लिखा है माननीय रामनाथ कोविन्द्र जी को राष्ट्रपति बनने पर हार्दिक बधाई।
इस होडिंग को फेस बुक पर अपलोड करने वाले सुनील कनौजिया का कहना है कि यह कही न कही सर्वोच्च पद के साथ मजाक किया गया है,.मैंने यहाँ से निकलते हुए यह होर्डिंग देखा तो यह देख मुझे लगा देश के सर्वोच्च पद के साथ भाजपा द्वारा मखोल बनाने की कोशिस की गई है, यह संवैन्धानिक पद है और यह गैर राजनैतिक पद होता है, लेकिन यह होर्डिंग देखने से लग रहा है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ज्यादा सर्वोच्च है।

हत्याओं के प्रति राज्य सरकारों की भूमिका

उमेश चतुर्वेदी | Navpravah.com

विपक्षी खेमे की ओर से भारतीय जनता पार्टी पर अरसे से आरोप रहा है कि वह संसदीय लोकतंत्र की बजाय अध्यक्षात्मक यानी राष्ट्रपति प्रणाली की पक्षधर है। संघवाद यानी Federalism का भी उसे विरोधी बताया जा रहा है। कानून और व्यवस्था भारतीय संविधान के मुताबिक राज्यों का विषय है।

संघवाद का तकाजा है कि राज्यों में कानून-व्यवस्था की हालत बिगड़ती है तो अधिक से अधिक संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकार को व्यवस्था सुधारने के लिए ताकीद तक कर सकती है। कर्नाटक के मुख्य मंत्री रहे एस आर बोम्मई की सरकार की बर्खास्तगी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया, उसके बाद अनुच्छेद 356 के इस्तेमाल की गुंजाइश भी कम हो गई, जिसके जरिए कानून-व्यवस्था की खराब हालत को लेकर केंद्र सरकारें राज्य सरकारों को बर्खास्त करती रही हैं। यानी राज्यों को अब पहले से कहीं ज्यादा स्वायत्तता और निर्भय होकर काम करने की आजादी मिल गई है।

ऐसे हालात में अव्वल तो होना यह चाहिए कि जिस राज्य में अपराध होता है, उस राज्य में चाहे सामान्य इंसान मारे जा रहे हों या पत्रकार, उस राज्य सरकार को ही जिम्मेदार ठहराया जाता। बेशक वह हत्या कथित तौर पर विचारधारा के विरोध में ही क्यों ना हो रही हो। लेकिन उत्तर प्रदेश के दादरी में अखलाक की हत्या के बाद से उठे वितंडावादी स्वरों के बीच संघवाद की इस अवधारणा को ना सिर्फ विपक्षी राजनीतिक दल, बल्कि विद्वत्त समाज ने भी भी पीछे छोड़ दिया। तब से यह परिपाटी बन गई है कि हत्याएं चाहें जिस राज्य में हो रही हों, उसके लिए वहां की राज्य सरकार की बजाय केंद्र सरकार और उस पर काबिज पार्टी की विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया जाने लगा है।

लेकिन सवाल यह है कि ऐसे आपराधिक कार्यों को न रोक पाने के लिए संबंधित राज्य सरकार की नाकामी क्यों ना मानी जाय। विचारणीय है कि अगर इन हत्याओं के लिए केंद्र सरकार सीधे राज्यों से रिपोर्ट भी मांगने लगेगी तो हत्याओं के विरोध में हल्ला-हंगामा कर रही सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक ताकतों को फिर से संघवाद पर ही खतरा नजर आने लगेगा। इस पूरी कवायद में एक तत्व का हाथ जरूर नजर आ रहा है, जिसे हम अंग्रेजी में सेलेक्टिवनेस कहते हैं।

ऐसे में सवाल यह है कि क्या राज्य सरकारें फेल नहीं हैं? अगर हैं तो क्या वे खुद-ब-खुद संघवाद को खतरे में नहीं डाल रही हैं। जरूरत है कि हाल के दिनों में हुई हत्याओं, उनके खिलाफ उपजे जनरोष और उसके जरिए हो रही बहसों को इस नजरिए से भी देखा और समझा जाए।

 

(उक्त आलेख वरिष्ठ पत्रकार उमेश चतुर्वेदी जी की फ़ेसबुक वॉल से साभार उद्धृत है।)

गोपाल दास की सुषमा स्वराज की मदद से हुई घर वापसी

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप से त्रिपुरा के एक युवक की सऊदी अरब से सुरक्षित घर वापसी हुई है। वहां उसका नियोक्ता उसे प्रताड़ित करता था।
भाजपा के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि सऊदी अरब में गोपाल दास का नियोक्ता कथित तौर पर 20 महीनों से ज्यादा समय से उसे प्रताड़ित कर रहा था, गोपाल ने पिछले हफ्ते त्रिपुरा में अपनी पत्नी बबीता को फोन पर अपनी परेशानी बताई।
प्रवक्ता ने बताया कि पीड़ित के दोस्त ने सोशल मीडिया के जरिए मोदी और सुषमा को इस मामले के बारे में जानकारी दी, उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज ने फौरन रियाद में स्थित भारतीय उच्चायोग को युवक को छुड़ाने के निर्देश दिए। चार दिनों के भीतर ही उसे जेद्दा में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने छुड़ा लिया और गुरुवार रात वह अगरतला लौट आया।
बेलोनिया का रहने वाला दास तीन साल पहले सऊदी अरब गया था, वहां असीर प्रांत के अबहा में परिवहन कर्मचारी के रूप में काम करने लगा, वह मुंबई के एक निजी संगठन के जरिए सऊदी अरब गया था।

दुनिया के सामने पाकिस्तान हुआ बेनकाब

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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
खुद को आतंक की पनाहगाह बना बैठे पाकिस्तान के खिलाफ अब उसके खुद के घर मे आवाज उठनी शुरू हो चुकी है। बुधवार को पाक विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर अगर लगाम पाकिस्तान ने नहीं लगाई तो दुनिया भर में ऐसे ही शर्मिंदा होते रहेंगे।
एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमें अपने मित्रों से कहने की आवश्यकता है कि हमने अपना घर सुधार लिया है। डीडी न्यूज़ में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, आसिफ ने कहा कि, “हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का सामना करने से बचने के लिये अपने यहां चीजों में सुधार करने की जरूरत है।
गौरतलब है कि ब्रिक्स देशों की बैठक में आतंकवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति ने असर दिखाया और पाकिस्तान दुनिया के सामने बेनकाब तो हुआ ही साथ ही उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढता जा रहा है। शायद इसी दबाव का नतीजा है कि पाकिस्तान ने कुबूल किया है कि उसकी जमीन से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन संचालित हो रहे हैं।
ख्वाजा आसिफ का ये बयान ब्रिक्स घोषणापत्र के दो दिन बाद आया है जिसमें पहली बार पाकिस्तान से संचालित हो रहे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधित संगठनों का नाम लिया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकवादी समूहों को ‘पनाह’ देने के लिए पाकिस्तान को सार्वजनिक तौर पर कड़ी फटकार लगाई थी। जाहिर तौर पर भारत की कूटनीति अपना असर दिखाने में कामयाब साबित हो रही है।

सुबह से जारी है राम रहीम के सिरसा डेरा की तलाशी

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
राम रहीम के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में पुलिस की तलाशी सुबह से जारी है। डेरा मुख्यालय के पास के बाजारों से ‘गुरमीत राम रहीम’ की प्लास्टिक करेंसी बरामद हुई है। यह शायद पहला मौका है जब किसी धर्मगुरु के साम्राज्य में अपना करेंसी चलता हो।
अभी तक डेरे के भीतर पुलिस ने दो कमरे सील कर दिये हैं। खबरों के मुताबिक दोनों कमरों से कुछ आपत्तिजनक सामान मिला है, जिसके बाद इन दोनों कमरों को सील किया गया। पुलिस ने कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे उपकरण के साथ भारी मात्रा में नकदी बरामद की है।
डेरा में 3 जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर ट्रॉली भी घुस चुकी है। सर्च ऑपरेशन के दौरान दरवाजे और ताले तोड़ने वालों के साथ कई मैकेनिक भी हैं, ताला तोड़ने के लिए हर टीम में लोहार भी बुलाये गए हैं।
डेरे को 10 हिस्सों में बांट दिया गया है।
बम स्क्वॉड भी मौके पर मौजूद है, इस दौरान डेरा की तरफ से लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की गई। डेरा द्वारा कहा गया कि कानून का पालन करें और शांति बनाये रखें।
डेरा के आस-पास के इलाकों में आज कर्फ्यू में ढील नहीं दी जाएगी, बड़ी संख्या में सेना की टुकड़ियाँ डेरा में मौजूद हैं। तलाशी अभियान बड़ी तेजी से चलाया जा रहा है और इस तलाशी अभियान में डेरे से कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

किसानों का हित और उनके लिए योजनायें सरकार की प्राथमिकता रही हैं : सिद्धार्थ नाथ सिंह

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सौम्या केसरवानी। Navpravah.com
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह आज मेरठ पहुंचे थे, जहाँ उन्होंने विक्टोरिया पार्क में हो रहे कार्यक्रम ऋण मोचन कार्यक्रम में शिरकत की और ऋण मोचन योजना का शुभारंभ किया।
ऋण मोचन कार्यक्रम के शुभारम्भ के अवसर सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए किसानों का आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि जब संकल्प पत्र बन रहा था तब उन्हें भी मेम्बर बनाया गया था, तभी ये तय किया गया कि किस प्रकार से यूपी का विकास किया जाये।
उन्होंने आगे कहा कि मैं लाल बहादुर शास्त्री की लड़की का लड़का हूँ, इसलिए उनके संस्कारों का असर मुझमे है, जय जवान और जय किसान के नारे को मैं भी फॉलो करता हूँ, किसानों का हित और उनके लिए योजनायें सरकार की प्राथमिकता रही है।
उन्होंने कहा कि मैंने कमेटी में अपना विचार रखा और सभी ने उसको स्वीकार किया, पीएम मोदी ने भी कहा था कि पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों का कर्ज माफ किया जायेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ कर हमारी सरकार ने अपना वादा निभाया है, सूबे के किसानों की खुशहाली प्राथमिकता है, किसान अगर खुशहाल नहीं है तो कोई भी खुशहाल नहीं है, इसलिए किसानों की खुशहाली के लिए हमारी सरकार कार्य कर रही है। योगी सरकार में किसानों का कर्ज माफ किया गया, आगे भी किसानों की हर संभव मदद की जाएगी।

रेल का सफर अब नही रह गया है सुरक्षित

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सौम्या केसरवानी।Navpraah.com
उत्तर प्रदेश में ट्रेन का सफ़र अब सुरक्षित नही रह गया है, आये दिन हो रहे रेल हादसों के चलते से जहां यात्रियों की जान हथेली पर रहती है वहीँ उन्हें चेन स्नेचिंग , मारपीट ,चोरी , लूटपाट और डकैती घटनाओं से भी जूझना पड़ता है।
ताज़ा मामला मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास का है बरेली से दिल्ली जा रही फ़ैजाबाद एक्सप्रेस में बेखौफ बदमाशों ने जमकर अपना कहर बरपाया,
इस अज्ञात बदमाशों ने ट्रेन में घुस कर ना केवल दो लोगो के साथ मारपीट की, बल्कि लूट की घटना को भी अंजाम दिया है।
पीड़ितों ने बताया कि अज्ञात बदमाशों ने चाक़ू घोंपकर लूट की है, जिसके बाद वो फरार हो गये।
पीड़ितों ने बताया कि इस घटना को रादाबाद रेलवे स्टेशन अंजाम दिया गया, जिसके बाद उन्होंने अगले स्टॉप हापुड़ जीआऱपी चौकी पर सूचना दी।
पीड़ित अजय ने बताया कि बदमाश उनसे कीमती कागजात,आधार कार्ड,एटीएम लूट कर फरार हो गए, इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को सुचना दी तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। इस दौरान हापुड़ की जीआरपी पुलिस ने घायलों का इलाज कराया और उनसे जानकारी ली।

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने किया भारत के प्रधानमंत्री के लिए गाली भरा ट्वीट

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एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com
कांग्रेस के महासचिव व मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राजनीतिक मतभेद को व्यक्तिगत बनाते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर सारी सीमायें लांघ दी. दिग्विजय सिंह ने भारत के प्रधानमंत्री के प्रति बेहद अप्मानजनक गाली भरा ट्वीट कर दिया है.

अपने इस ट्वीट में दिग्विजय सिंह ने एक इमेज अटैच करते हुए लिखा है “Not mine but couldn’t help posting it. My apologies to the person concerned. He is the best in the “Art of Fooling!”
कांग्रेस का महासचिव होने के नाते ये पार्टी की तरफ से अधिकारिक बयान माना जा सकता है. दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. जिनके शासन से जनता ने त्रस्त हो चुकी थी व उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था.
 
भारतीय राजनीतिक क्षेत्र में दिग्विजय सिंह अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं. हाफ़िज़ सईद और ओसामा बिन लादेन जैसे कुख्यात आतंकवादियों के लिए साहेब, और ओसामा जी जैसे शब्दों से इज्जत आफजाई करने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अपनी मर्यादाओं को भूलते हुए अपने ही देश के जनता द्वारा निर्वाचित प्रधानमंत्री के प्रति ऐसी असभ्य भाषा का प्रयोग कर अपनी वर्तमान मानसिकता का परिचय दिया है.
 
राजनीतिक हार को शायद दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पचा नहीं पा रहे हैं जिसका उदाहरण उनके आधिकारिक ट्विटर पोस्ट में दिख रहा है. भारत के उन वोटर्स जो कांग्रेस को नकार चुके हैं और मोदी को वोट कर चुके हैं, कांग्रेस पार्टी के दिग्विजय सिंह भक्त नाम से संबोधित करते हैं. साथ ही उन सभी वोटर्स को दिग्विजय सिंह ने इस ट्वीट के माध्यम से अपमान जनक शब्द से संबोधित कर दिया है.

अपने देश में बीफ खाओ, फिर भारत आओ – अलफोंस

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सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
पर्यटन राज्य मंत्री अलफोंस कनन्नथानम ने बीफ बैन को लेकर बेहद ही चौंकाने वाला बयान दिया है, अलफोंस ने कहा है कि जो भी भारत घूमने आता है वह अपने ही देश में बीफ खाकर आए।
बीफ पर लगी रोक की वजह से पर्यटन में पड़ रहे असर को लेकर अलफोंस ने कहा, ‘पर्यटक अपने ही देश में बीफ खाकर भारत आएं’, पर्यटन राज्य मंत्री अलफोंस ने यह बात इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर के 33वें सालाना समारोह में ओडिशा में कही।
इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि केरल के लोगों को बीफ मिलता रहेगा, कनन्नथानम ने कहा था कि जैसे मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि गोवा के लोगों को बीफ की कमी नहीं होगी वैसे ही केरल के लोगों को भी बीफ की कमी नहीं होगी, यह बात उन्होंने पर्यटन राज्य मंत्री बनने के बाद ही कही है।
उन्होंने कहा था कि बीजेपी के पास कोई हक नहीं है कि वह यह कह सके कि देश में बीफ नहीं खाया जाएगा, देश के किसी भी हिस्से में लोगों के खानपान की आदतें हम तय नहीं कर सकते।
अल्फोन्स कन्ननथनम भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी और एक भारतीय राजनेता हैं, वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1979 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं। उनका जन्म भारतीय राज्य केरल के कोट्टायम जिले में 8 अगस्त 1953 को हुआ था।