एडीपी न्यूज डेस्क|Navpravah.com
तीन दिन से चल रहा डेरा सर्च ऑपरेशन हुआ समाप्त
गुरूग्राम : प्रद्युम्न के केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट मे होगी आज
रेल हादसा : सियालदह एक्सप्रेस के 5 डिब्बे पटरी से उतरे
अमेरिका में चक्रवाती तूफान का खतरा, लोगो में डर का माहौल
कोमल झा| Navpravah.com
अमेरिका में 209 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार की तेज हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान इरमा फ्लोरिडा राज्य की ओर बढ़ रहा है। यह चार श्रेणी के तूफान में तब्दील हो गया है। हजारों भारतीय-अमेरिकियों समेत लाखों लोग तूफान के लिए तैयार हो रहे हैं. हजारों भारतीय-अमेरिकियों समेत लाखों लोग तूफान के लिए तैयार हो रहे हैं।

कैरिबियाई द्वीपों में कहर बरपाने के बाद इरमा पांच श्रेणी के तूफान से कमजोर होकर तीन श्रेणी के तूफान में तब्दील हो गया। तूफान के कारण 125 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही है। फ्लोरिडा में करीब रात आठ बजे से तेज हवाएं चलना शुरू हो गई है। मियामी स्थित राष्ट्रीय तूफान केंद्र ने चेतावनी दी कि फ्लोरिडा की ओर बढ़ने के साथ इरमा फिर से शक्तिशाली हो सकता है। फ्लोरिडा के पश्चिमी तट पर 15 फीट से ऊंची लहरें उठने से बाढ़ आने का खतरा मंडरा रहा है।
वर्ष 2010 की जनगणना के अनुसार, फ्लोरिडा में भारतीय मूल के अमेरिकी लोगों की आबादी करीब 120,000 है जिनमें से हजारों लोग मियामी, फोर्ट लोरा डील और टेम्पा में रहते हैं जो कि तूफान के लिहाज से खतरनाक हैं।
अमेरिका के फ्लोरिडा में रविवार को आने वाले तूफान इरमा से प्रभावित होने वालों में बड़ी संख्या के तादाद में भारतीय भी हैं। इसी बीच, कैरिबियाई द्वीप सेंट मार्टिन से करीब 60 भारतीय नागरिकों को निकाला जा रहा है। इनमें बिजनौर के भी कुछ लोग हैं। कुछ लोग इलाका खाली कर जा चुके हैं तो कुछ फ्लोरिडा में ही रुके हुए हैं। इनके परिवार भी चिंतित हैं और लगातार फोन कर वहां के हालात की जानकारी ले रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमरीका की राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बताया कि इस खतरनाक तूफान के स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7 बजे अमरीकी भूभाग पहुंचने की आशंका है। इससे फ्लोरिडा में आज बारिश हुई। इरमा के नजदीक पहुंचने के साथ ही 127 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगी है। घरों को छोड़ने के आदेश के बाद लोगों के सुरक्षित स्थानों पर जाने से मियामी और टम्पा में सन्नाटा पसरा रहा।
भारतीय दूतावास ने चौबीसों घंटे के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। वरिष्ठ राजनयिकों को अटलांटा में फंसे भारतीय-अमेरिकी लोगों के लिए राहत अभियानों की देखरेख के लिए वहां भेजा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैरीलैंड के कैम्प डेविड में अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने संघीय एजेंसियों से राज्यों और स्थानीय प्रशासन की मदद जारी रखने तथा तूफान से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के लिए कहा है. उन्होंने ने कहा, ‘यह तूफान बड़े स्तर पर विनाशकारी है। मैं तूफान के रास्ते में आने वाले हर व्यक्ति से सरकारी अधिकारियों के सभी निर्देशों का पालन करने के लिए कहता हूं।’
शौहर के जुल्मो से परेशान हो कर पत्नी, मीडिया के सामने ‘ख़ुला’ लेकर उससे अलग रहने का किया ऐलान .
कोमल झा| Navpravah.com
देश में हो रहे एक साथ तीन तलाक के बारे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हालही में लिए गए ऐतिहासिक फैसले के बाद एक महिला ने मीडिया के सामने अपने शौहर से ‘ख़ुला’ लेकर उससे अलग रहने का ऐलान कर दिया.

लखनऊ में ब्याही गई शाजदा खातून ने एक प्रेस कांफ्रेंस में अपने शौहर जुबेर अली को लिखे गए ख़ुला संबंधी पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि उसने अपने शौहर से ख़ुला लेने के लिए बहुत कोशिश की. लेकिन कोई रास्ता नहीं नज़र आ रहा था. फिर इसके बाद वह दो बार इस्लामी शिक्षण संस्थान नदवा और एक दफा फिरंगी महल भी गई, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली. लिहाजा अब वह हार कर सार्वजनिक रूप से अपने शौहर को ख़ुला का नोटिस हस्ताक्षरित करके भेज रही है. इसके लिए कुरान और हदीस में इसे लेकर कोई रोक भी नहीं है.
आप को बता दें कि इस्लाम में शौहर को तलाक देने और महिला को ख़ुला लेने का अधिकार दिया गया है. ख़ुला लेने के बाद औरत अपनी मर्जी से रह सकती है.
यह कदम उठाने में उसकी मदद करने वाली ‘मुस्लिम वूमेन लीग’ की महासचिव नाइश हसन ने बताया कि वह अपने शौहर के जुल्म से बहुत परेशान थी. वह पिछले 18 महीने से उससे अलग रहकर बच्चों को पढ़ाकर अपना गुजारा कर रही थी. तमाम अपील के बावजूद उसका पति ना तो उसे तलाक दे रहा था और ना ही ख़ुला.
उन्होंने बताया कि खातून अपना ख़ुला कराने के लिए दो बार नदवा और एक बार फिरंगी महल भी गई. वहां से उसे यह कहकर लौटा दिया गया कि वह इस बारे में अपने शौहर की रजामंदी लेकर आए जबकि कुरान शरीफ में ऐसा कुछ नहीं कहा गया है. सार्वजनिक तौर पर ख़ुला लेने के अलावा हमारे पास और कोई रास्ता नहीं नज़र आ रहा था. महिला की ‘इद्दत’ की अवधि नवम्बर में खत्म होगी. उसके बाद उसका ख़ुला मुकम्मल हो जाएगा.
‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि खातून ने ख़ुला लेने का जो तरीका अपनाया है, वह सही नहीं है. ये गलत है, सिर्फ एक खत के आधार पर ख़ुला नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि ख़ुला की इच्छुक महिला को अपने शौहर को नोटिस देना होता है. अगर पति को तीन नोटिस दिए जाने के बावजूद भी अगर पति जवाब नहीं देता है तो ख़ुला अपने आप लागू हो जाएगा. मौलाना की इस दलील पर नाइश ने कहा कि अगर उन्हें खातून का कदम गलत लगता है तो अपने दावे को अदालत में साबित करें.
इस बीच, ऑल इण्डिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने खा़तून के कदम को बिल्कुल दुरुस्त करार देते हुए कहा कि जब शौहर और इस्लामी ओहदेदार लोग ख़ुला के लिए मदद नहीं करते तो महिला ‘निकाह फस्ख़’ का रास्ता अपना सकती है. ऐसी स्थिति में उसे ना तो काजी की और ना ही तलाक की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि ऑल इडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा जारी किताब ‘मजमुअे-कवानीन इस्लामी’ में भी इस तरीके को जायज बताया गया है.
उन्होंने बताया कि कौम को रास्ता दिखाने के लिए जिम्मेदार मुस्लिम संगठनों ने महिलाओं के प्रति अपनी सोच अब तक नहीं बदली है. पित्रसत्तात्मक मानसिकता की वजह से महिलाओं की जिंदगी नरक सी भी बत्तर बना दी गई है.
टीवी देखते-देखते अचानक 12वीं मंजिल से कूद गए मशहूर पियानो वादक करण जोसेफ.
कोमल झा| Navpravh.com
बेंगलुरू के संगीतकार करण जोसेफ ने मुंबई के बांद्रा के एक फ्लैट की 12वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. सूत्रों में मुताबिक पता चला है. कि वो उस वक्त नशे में थे. करण एक महीने पहले ही मुंबई आए थे और अपने एक दोस्त के साथ उनके फ्लैट में रह रहे थे.

करण के इस कदम के बाद उनका दोस्त भागकर नीचे आया और उसे भाभा अस्पताल लेकर गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. करण के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर उनके परिवारवालों के बेंगलुरू में सूचित कर दिया गया है.
फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है. पुलिस के मुताबिक 29 साल का करण मशहूर पियानो वादक था और इससे पहले कई कंसर्ट में हिस्सा ले चुका था. वो मुंबई अपने करियर को नई उड़ान देने के लिए आया था. उसकी इस तरह की घटना में मृत्यु के बाद म्यूजिक डायरेक्टर विशाल डडलानी ने ट्वीट करके उसे अपनी श्रद्धांजलि दी.
Destroyed. Karan Joseph, one of the most incredible Indian musicians, has committed suicide. Played with Pentagram on our MTV Unplugged set.
— VISHAL DADLANI (@VishalDadlani) September 9, 2017
दिल्ली : स्कूलों में अपराध चरम पर, पाँच साल की मासूम बच्ची से बलात्कार
कोमल झा| Navpravah.com
रायन इंटरनेशनल स्कूल के छात्र की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि दिल्ली में बच्चों के प्रति होने वाले अपराध की एक और वारदात सामने आई है. पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में स्थित टैगोर पब्लिक स्कूल में पांच साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया है.

पांच वर्षीय बच्ची शनिवार को जब स्कूल से घर पहुंची तो उसका खून बह रहा था. बच्ची के परिजनों ने तुरंत पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस बच्ची का मेडिकल कराने में जुट गई है. वहीं मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है.
सूत्रों के मुताबिक आरोपी स्कूल में चपरासी का काम करता है. पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है. फिलहाल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चपरासी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
डीसीपी शाहदरा के मुताबिक आरोपी विकास स्कूल में पिछले तीन साल से गार्ड और चपरासी का काम कर रहा था. उसने खाली क्लास रूम में बच्ची के साथ दुष्कर्म किया है. पुलिस ने आरोपी के पास खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं. वहीं बच्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है. खून बहने के कारण बच्ची का ऑपरेशन नहीं हो सका था.
घटना शनिवार दोपहर 11:45 की है. आरोपी ने बताया कि जब बच्ची वॉशरूम जा रही थी. तो उसने बच्ची को रोका और खाली क्लासरूम ले जाकर उसने बच्ची से दुष्कर्म किया.
उसने बच्ची को धमकी दी कि वह इस बारे में किसी को ना बताए. अभिभावकों ने बताया कि बच्ची घर मे किसी से बातचीत भी नहीं कर रही थी. बस उसने दर्द की शिकायत की थी. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गार्ड ने किसी अन्य बच्चे के साथ तो ऐसा नहीं किया.
बचके रहना रे ‘बाबा’, 14 फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी
कोमल झा| Navpravah.com
डेरा प्रमुख राम रहीम की सच्चाई का सामने आने के बाद एक-एक करके सारे बाबाओं की पोल खुलकर सबके सामने आ रही है. देश में एक के बाद एक बाबाओं को लेकर हो रहे विवादों के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने इस पर एक्शन का मन बनाते हुए फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी की है.

ये मीटिंग इलाहाबाद में सुबह 11 बजे हुई. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने ऐसे बाबाओं की लिस्ट जारी की, जो धर्म के नाम पर फर्जी तरीके से लोगों को गुमराह कर रहे हैं. गौरतलब है कि आसाराम, रामपाल और अभी हाल ही में राम रहीम के बाद संतों के नाम की बहुत किरकिरी हुई है. इसलिए ऐसे ही कुछ बाबाओं की लिस्ट जारी की गई है, जो काफी समय से विवादों में हैं.
ये हैं 14 फर्जी बाबा
1. आसाराम बापू उर्फ आशुमल शिरमलानी
2. सुखबिंदर कौर उर्फ राधे मां
3. सच्चिदानंद गिरि उर्फ सचिन दत्ता
4. गुरमीत राम रहीम सिंह
5. ओमबाबा उर्फ विवेकानंद झा
6. निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह
7. इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी
8. स्वामी असीमानंद
9. ओम नमः शिवाय बाबा
10. नारायण साईं
11. रामपाल
12. आचार्य कुशमुनि
13.वृहस्पति गिरी
14.मलखान सिंह
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि संतों के बीच यह भावना है कि एक या दो धार्मिक नेताओं के गलत कामों की वजह से पूरे समुदाय की छवि को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है. विहिप, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साथ मिलकर काम करता है. जैन ने कहा, ‘‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद का मानना है कि ‘संत’ की उपाधि का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है इसलिए परिषद ने यह उपाधि देने के लिए एक प्रक्रिया तय करने का फैसला किया है.’’अब से किसी व्यक्ति की पड़ताल करने और उसका आकलन करने के बाद ही यह उपाधि प्रदान की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘यह उपाधि देने से पहले अखाड़ा परिषद यह भी देखेगी कि व्यक्ति की जीवनशैली किस तरह की है.’ अखाड़ा परिषद के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि उन्होंने यह फैसला लिया है कि एक संत के पास नकदी या उसके नाम पर कोई संपत्ति नहीं होगी.
आप को बता दे, इस बैठक से पहले ही परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को जान से मारने की धमकी मिली. अखाड़ा परिषद की बैठक से एक दिन पहले गिरि ने फोन पर खुद को जान से मारे जाने की मिल रही धमकी के बारे में बताया. इस संबंध में उन्होंने दारागंज थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.
बताया जा रहा है कि अखाड़ा परिषद की बैठक में फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी करने के बाद इसे सरकार को सौंपा जाएगा. ऐसा इसलिए ताकि उन बाबाओं के खिलाफ एक्शन लिया जा सके, जो गलत तरीके से आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं.
रेल हादसा अनलिमिटेड: अब सियालदाह एक्सप्रेस के 5 डिब्बे पटरी से उतरे

अब चुटकियों में मात्र आधार कार्ड से बन जायेगा आपका लाइसेंस!
शिखा पाण्डेय । Navpravah.com
अगर आप लर्निंग लाइसेंस बनाने के झमेलों के डर से अब तक उस प्रक्रिया से दूर हैं और अपना लाइसेंस नहीं बना पाए हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है। मोदी सरकार अब लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया को आसान बनाने जा रही है। अब आपको इसके लिए कई डाक्यूमेंट्स जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी। आपका लाइसेंस सिर्फ आधार कार्ड के बल बूते बन जायेगा। सरकार ने एप्लीकेशन फॉर्म को भी सरल बनाने का निर्णय लिया है।
मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि लर्निंग लाइसेंस के लिए आईडी के तौर पर आधार कार्ड जमा कराया जा सकता है। अब आपको मेडिकल सर्टिफिकेट की भी जरूरत नहीं रहेगी। आवेदक को केवल सेल्फ सर्टिफिकेशन देना होगा।
दरअसल अब तक लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए पहचान के तौर पर अब तक कई तरह के डॉक्यमेंट्स की कॉपी मांगी जाती थी। इस लिस्ट में आधार कार्ड शामिल ही नहीं था, जबकि मिनिस्ट्री की ओर से अब जो नया फॉर्मेट जारी किया गया है, उनमें पहले नंबर पर आधार कार्ड को रखा गया है।यानी कि यदि आप के पास आधार कार्ड है, तो आपको दूसरे किसी डॉक्यमेंट की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। यदि आधारकार्ड नहीं है, तब अन्य डॉक्युमेंट्स में मतदाता पहचान पत्र, एलआईसी, पासपोर्ट, स्कूल सर्टिफिकेट, बर्थ सर्टिफिकेट, एफिडेविट आदि में से कोई डॉक्यूमेंट जमा करा सकते हैं।
इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च के सीनियर फेलो एसपी सिंह ने एक अखबार को बताया कि अब तक ट्रेनिंग स्कूल केवल सर्टिफिकेट जारी करने का पैसा ले लेते थे, लेकिन अब सरकार की मंशा है कि इन ड्राइविंग स्कूल की भी नकेल कसी जाए। इसकी बहुत जरूरत है, ताकि पूरी ट्रेनिंग के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाए। इससे एक्सीडेंट्स की संख्या कम होगी।
अधिकारी ने बताया कि अभी भी कई राज्यों में लर्निंग या नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मैन्युअल एप्लीकेशन भरी जाती है, जिसकी वजह से नेशनल लेवल पर डाटा कलेक्शन में दिक्कत आ रही है, लेकिन अब जो नया फॉर्म जारी किया जाएगा, वह कम्प्यूटराइज्ड सिंगल फॉर्म होगा, जिसे कम्प्यूटर में आसानी से फीड किया जाएगा और भरने में भी आसान होगा।
क्या हैं अन्य बदलाव-
– ड्राफ्ट के मुताबिक, लर्निंग लाइसेंस में ड्राइविंग स्कूल का पूरा ब्यौरा देना होगा। ड्राइविंग स्कूल द्वारा जारी सटिर्फिकेट के साथ-साथ यह भी बताना होगा कि कितने समय की ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग कब से कब तक ली गई। इसके अलावा ड्राइविंग स्कूल का नाम, रोल नंबर जैसी जानकारी भी देनी होगी।
– लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए अब तक एक मेडिकल सर्टिफिकेट देना पड़ता था, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं रहेगी। ड्राफ्ट में प्रपोजल है कि केवल आवेदक के सेल्फ सर्टिफिकेट देने की जरूरत होगी, जिसमें अपने फिटनेस का ब्यौरा भरना होगा। अब मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत तभी होगी, जब आवेदक रिन्यूएल के लिए अप्लाई कर रहा हो, और उसकी उम्र 40 साल से अधिक हो।
– मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट के अधिकारी एस पी सिंह के अनुसार ये नियम अमेंडमेंट मोटर वेहिकल एक्ट 2017 के तहत जारी किए जाएंगे। इसके चलते सभी राज्यों में एक जैसे नियम लागू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्यो में अलग अलग नियमों के कारण वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ता था, लेकिन यह एक्ट लागू होने के बाद सभी राज्यों में लर्निंग और नए ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर यूनिफॉर्मेटी आ जाएगी।

















