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Tuesday, August 18, 2026
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बालदिवस विशेष : बाल मजदूरी रुकने के बाद ही देश का विकास सम्भव

सौम्या केसरवानी । Navpravah.com

बाल मजदूरी भारत में बड़ा सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है, जिसे नियमित आधार पर हल करने की आवश्यकता है। ये केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसे सभी सामाजिक संगठनों, मालिकों, और अभिभावकों द्वारा भी समाधित करना चाहिए।

बाल मजदूरी का मुद्दा अब अंतर्राष्ट्रीय हो चुका है, क्योंकि देश के विकास और वृद्धि में ये बड़े तौर पर बाधक बन चुका है। स्वस्थ बच्चे किसी भी देश के लिये उज्जवल भविष्य और शक्ति होते हैं, अत: बाल मजदूरी बच्चे के साथ ही देश के भविष्य को भी नुकसान, खराब तथा बर्बाद कर रहा है। बचपन जीवन का सबसे यादगार क्षण होता है, जिसे हर एक को जन्म से जीने का अधिकार है। बच्चों को अपने दोस्तों के साथ खेलने का, स्कूल जाने का, माता-पिता के प्यार और परवरिश के एहसास करने का, तथा प्रकृति की सुंदरता का आनंद लेने का पूरा अधिकार है।

माता-पिता अपने बच्चों को परिवार के प्रति बचपन से ही जिम्मेदार बनाना चाहते है। वो ये नहीं समझते कि उनके बच्चों को प्यार और परवरिश की जरुरत होती है, उन्हें नियमित स्कूल जाने तथा अच्छी तरह से बड़ा होने के लिये दोस्तों के साथ खेलने की जरुरत है, हर माता-पिता को ये समझना चाहिए कि देश के प्रति भी उनकी कुछ जिम्मेदारी है। बड़े शहरों के साथ-साथ आपको छोटे शहरों में भी हर गली नुक्कड़ पर कई बच्चे मिल जाएंगे, जो हालातों के चलते बाल मजदूरी की गिरफ्त में आ चुके हैं और यह बात सिर्फ बाल मजदूरी तक ही सीमि‍त नहीं है। इसके साथ ही बच्चों को कई घिनौने कुकृत्यों का भी सामना करना पड़ता है, जिनका बच्चों के मासूम मन पर बड़ा गहरा प्रभाव पड़ता है।

कई एनजीओ समाज में फैली इस कुरीति को पूरी तरह नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसी ही एक संस्था चलाते हैं इलाहाबाद में रहने वाले अभिषेक शुक्ला, जिन्हें हाल में इनके इस कार्य के लिए सिटी स्टार सम्मान से नवाज़ा गया है। इनके संस्था का नाम है “शुरुआत एक ज्योति शिक्षा की” ये संस्था असहाय, गरीब व असक्षम बच्चों को शिक्षा देते हैं।

अभिषेक शुक्ला नवप्रवाह से बातचीत करते हुए बताते हैं कि, ‘जब मैंने बस्तियों में पढ़ाना शुरू किया, तब लोग अपने बच्चों को पढ़ाने नही भेजते थे, वे कहते थे कि पढ़कर ये सब क्या करेगें, कौन काम करके कमायेगा, क्योंकि लड़के दुकानों में और लड़कियाँ झाड़ू, बर्तन का काम करने घर-घर जाती थी, लेकिन मैंने हिम्मत नही हारी, उनके घरवालों को मनाया और लगातार प्रयास किया और आज धीरे-धीरे हमारी संस्था बच्चों को शिक्षा दे रही है। हमें अगर बालश्रम रोकना है, तो हमें पहले उनके परिवार को जागरूक करना होगा।

उन्होंने आगे कहा कि वे तीन बस्तियों में और एक फुटपाथ पर मिलाकर 80 से भी ज्यादा बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि कैलाश सत्यार्थी जी का भी कहना है कि बालश्रम का शिकार बच्चा सबसे पहले अपने घर से होता है, इसलिए हम सबको बाल दिवस के दिन ये ठान लेना होगा कि कोई भी बच्चा बालश्रम का शिकार न हो, और जितनी जागरूकताएँ हम समाज में फैला सकते हैं फैलाएँ, क्योंकि हमारे थोड़े से ही योगदान से बालश्रम को रोका जा सकता है।

इलाहाबाद में ही रहने वाले 16 वर्षीय राज ने बताया कि वो पेट पालने के लिए पिछले 5-6 साल से वेटर का काम करता है, ताकि उसका परिवार चल सके, वहीं 15 वर्षीय शिवम ने बताया कि वे कबाड़ बिनने का काम 4 साल से कर रहा है, ताकि वे दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर सके, इसी तरह देश के कोने-कोने में कई बच्चे बालश्रम का शिकार हैं।

सरकार ने आठवीं तक की शिक्षा को अनिवार्य और निशुल्क कर दिया है, लेकिन लोगों की गरीबी और बेबसी के आगे यह योजना भी निष्फल साबित होती दिखाई दे रही है। बच्चों के माता-पिता सिर्फ इस वजह से उन्हें स्कूल नहीं भेजते क्योंकि उनके स्कूल जाने से परिवार की आमदनी कम हो जाएगी।

माना जा रहा है कि आज 60 मिलियन बच्चे बाल मजदूरी के शिकार हैं, अगर ये आंकड़े सच हैं, तो सरकार को अपनी आंखें खोलनी होगी। आंकड़ों की यह भयावहता हमारे भविष्य का कलंक बन सकती है। इसलिए हम सबको बाल मजदूरी जैसी कुप्रथा को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि सभी बच्चों को उचित शिक्षा व खानपान मिल सके।

राहुल गांधी ने दिल्ली प्रदूषण पर किया का शायराना ट्वीट

सौम्या केसरवानी।Navpravah.com
दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों वायु प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि वह सभी वर्गों के लिए एक भारी परेशानी का कारण बना हुआ है, इसी क्रम में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक फिल्मी ग़ज़ल के शब्दों की मदद से दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में फैले वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर के कारण आम आदमी को हो रही परेशानियों को बयां किया है।
राहुल ने ऐसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है, दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों वायु प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ गया है कि वह सभी वर्गों के लिए एक भारी परेशानी का कारण बना हुआ है, लोगों का रहना दूभर हो गया है।
राहुल ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘सीने में जलन, आंखों में तूफ़ान सा क्यों है, इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यों है, क्या बताएंगे साहेब, सब जानकार अंजान क्यों है??’ राहुल गांधी ने ये शब्द दरअसल ‘गमन’ फिल्म के लिए लिखी गई ग़ज़ल से लिए हैं।
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर है और बड़े पैमाने पर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो रही हैं, दिल्‍ली सरकार ने इसके मद्देनजर ऑड-ईवन फॉर्मूला भी लागू करने का फैसला भी लिया, लेकिन नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल द्वारा लगाई कुछ ‘शर्तों’ के चलते इस फैसले को टाल दिया गया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर निशाना साधने के लिए शेरो-शायरी का सहारा ले रहे हैं। इससे पहले  नोटबंदी के दौरान भी ट्वीट किया था कि, ‘एक आंसू भी हुकूमत के लिए ख़तरा है, तुमने देखा नहीं आंखों का समुंदर होना’।

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर बात की

एनपी न्यूज़ डेस्क|Navpravah.com
पीएम नरेंद्र मोदी ने फिलीपींस बिजनेस और निवेश समिट में कहा कि भारत में अभूतपूर्व ढंग से बदलाव हो रहा है, हम देश में पारदर्शी, सहज और प्रभावी शासन के लिए रात-दिन काम कर रहे हैं। इससे पहले आसियान शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर बात की थी।
दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता की पृष्ठभूमि में चतुर्भुज गठबंधन की पहल की गयी है, सामरिक महत्व के एशिया प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका भारत के लिये बड़ी भूमिका की वकालत कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ‘हिंद प्रशांत’ शब्द के इस्तेमाल से इस आशंका को बल मिला कि इसका इस बात से लेना हो सकता है कि वाशिंगटन चीन को जवाब देने के लिये दरअसल अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के तथा कथित चतुर्भुज सामरिक गठबंधन की भूमिका की तैयारी कर रहा है।
ट्रंप ने शनिवार को भारत की ‘अद्भुत’ वृद्धि की तारीफ करने के साथ ही पीएम मोदी की भी प्रशंसा की थी और कहा था कि वह इस विशाल देश और उसके लोगों को साथ लाने के लिये सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।
मनीला में 31वें आसियान शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, आसियान समूह अपनी स्थापना की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। इससे पहले रविवार रात्रिभोज के दौरान दोनों नेता बड़े ही गर्मजोशी के साथ मिले, लेकिन यह मुलाकात बहुत छोटी थी।

NGT ने दिया आदेश, “अब रोज़ाना 50 हज़ार श्रद्धालू ही कर सकेंगे माँ वैष्णो देवी के दर्शन”

Only 50 thosand pilgrims can visit of mata vaisno devi
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 
एनजीटी ने माता वैष्णो देवी धाम को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। एनजीटी ने अपने फैसले में माता वैष्णो देवी धाम में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है और NGT ने ये भी कहा है कि माता के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या को भी नियंत्रित किया जाए।
NGT ने कहा है कि एक दिन में 50 हजार श्रद्धालु ही माता के दर्शन करें। NGT ने कहा है कि यदि यात्रा के दौरान 50 हजार से ज्यादा यात्री हो जाएं, तो उन्हें कटरा में ही रोका जाए। एनजीटी ने कहा, माता के भवन पर किसी भी स्थिति में ज्यादा संख्या में भीड़ ना पहुंचे और 24 नवंबर तक श्रद्धालुओं के लिए नया रास्ता श्राइन बोर्ड खोले, नए रास्ते पर सिर्फ बैटरी कारें और श्रद्धालु चलेंगे।
NGT ने कटरा में गंदगी करने पार 2000 रुपये जुर्माना लगाने का आदेश दिया है, माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड मां वैष्णो देवी भवन और यात्रा से संबंधित सभी सुविधाओं की देख रेख करता है, राज्य के राज्यपाल इसके प्रमुख होते हैं। जम्मू कश्मीर के रियासी जिले की कटरा तहसील से मां वैष्णो देवी की 14 किलोमीटर की यात्रा शुरू होती है, आमतौर पर छुट्टियों के दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है, in मामलों पर विचार करते हुए NGT ने यह फैसला लिया है।

प्रद्युम्न मर्डर केस: बस कंडक्टर की पत्नी ने कहा, “स्कूल प्रबंधन और पुलिस ने मेरे पति को फंसाया”

PC: Inida Today
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
बीते 8 सितम्बर को देश के हरियाणा राज्य के गुरुग्राम में स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र प्रद्युम्न की हत्या हुई थी, जिसके बाद मामले में पुलिस ने सबसे पहले बस कंडक्टर को शक के आधार पर हिरासत में लिया था।
बाद में प्रद्युम्न के पिता ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसके बाद मामले की जांच को CBI को सौंप दिया गया था, वहीं CBI ने बुधवार को मामले में प्रेस कांफ्रेंस की थी, प्रेस कांफ्रेंस में सीबीआई ने प्रद्युम्न के असली कातिल को लेकर राज पर से पर्दा उठाया। सीबीआई ने बताया कि, प्रद्युम्न की हत्या उसी के स्कूल में पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के छात्र ने की है, इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रद्युम्न मर्डर केस में बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया गया था, जबकि बाद में रेयान के छात्र को सीबीआई ने गिरफ्तार किया, वहीं अशोक कुमार की पत्नी ममता ने कहा कि अशोक बेकसूर हैं, वो लोग शुरू से ही कह रहे थे लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। सीबीआई को अंदेशा है कि हरियाणा पुलिस के कुछ लोगों ने सबूतों से छेड़छाड़ की है, इसी शक के बाद ये केस सीबीआई को सौंपा गया था, सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई कुछ पुलिसकर्मियों को सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार कर सकती है।
हरियाणा राज्य के गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई 7 साल के बच्चे प्रद्युम्न की हत्या की गयी थी, जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गयी थी, सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दलाल ने कहा कि, आरोपी छात्र ने प्रद्युम्न की हत्या इसलिए कर दी, ताकि परीक्षा और पीटीएम कार्यक्रम रद्द हो जाएँ।

ईराक-ईरान सीमा पर भीषण भूकंप, 140 लोगों की मौत 800 से ज्यादा घायल

earthquake in iraq iran border
एनपी न्यूज़ डेस्क | Navpravah.com 
ईरान-ईराक सीमा पर भीषण भूकंप आया, जिसमें लगभग 140 लोगों की मौत हो गई और 800 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, 7.3 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र ईराकी शहर हलबजा से 31 किलोमीटर दूर था।
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार रविवार को रात 9.20 बजे आए इस भूकंप के झटके कई ईरानी शहरों में भी महसूस किए गए और कम से कम आठ गांव तबाह हो गए, इस कारण कई स्थानों में शहर मलबे में तब्दील हो गए। ट्विटर पर भी कई लोगों ने इस भूकंप से जुड़े कई वीडियो डाले हैं, जिसमें हिलती इमारतों से भागते लोग और कई मलबे में तब्दील हो चुकी इमारतें दिख रही हैं। पहला वीडियो कुवैत का है, जहां एक रेस्त्रां में बैठे लोग घबराकर वहां से निकलते दिख रहे हैं।
ईराक सीमा पर स्थित ईरान के करमनशाह प्रांत के उपराज्यपाल मोज्तबा निक्केरदार ने स्थानीय चैनलों से कहा, कई लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं, अच्छा है लोगों की संख्या ज्यादा नहीं बढ़े। ईरान में हाल के वर्षों में आया यह सबसे भयानक भूकंप है, इससे पहले वर्ष 2003 में दक्षिण पूर्वी कर्मन प्रांत के बाम में ऐसे ही तेज भूकंप आया था, जिसमें कम से कम 31,000 लोगों की मौत हो गई और पूरा शहर ढह गया था, बचाव कार्य जारी है, लेकिन कई शहरों और गांवों में बिजली की आपूर्ति रोक दी गई है, भूकंप प्रभावित इलाके में कुछ सड़कें यातायात के लायक नहीं रह गई हैं और इस वजह से बचाव टीमों को वहां पहुंचने में समस्या आ रही है।

कानपुर के पास माँ-बेटी ने ट्रेन से लगाई छलांग

PC: ABP News
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
कानपुर के चंदारी स्टेशन के पास की एक घटना सामने आयी है, चलती ट्रेन से मां-बेटी के छलांग लगा देने का मामला सामने आया है, मीडिया की खबरों के अनुसार दोनों के सिर में चोटें आई है और दोनों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कोलकाता की रहने वाली महिला अपनी बेटी के साथ दिल्ली आ रही थी, दोनों हावड़ा से ट्रेन में चढ़ी थीं। महिला ने बताया कि कुछ लड़के हावड़ा से ही ट्रेन में चढ़ें थे और दोनों महिलाओं को परेशान करने लगे थे, ट्रेन में उन लोगों ने उसकी बेटी के साथ काफी देर तक छेड़छाड़ की, बेटी को बचाने के लिए वो उसे लेकर चलती ट्रेन से कूद गई। महिला ने इस बात की शिकायत ट्रेन में बैठे पुलिस से भी की, लेकिन पुलिस ने दोनों की कोई मदद नहीं की। इसके बाद बदमाश और ज्यादा दोनों को परेशान करने लगे, तब वह अपनी बेटी को लेकर ट्रेन से कूद गई।
ट्रेन के गार्ड ने मां-बेटी को ट्रेन से छलांग लगाते हुए देख लिया, उसने इसकी जानकारी जीआरपी को दी, सूचना पाकर मौके पर जीआरपी पहुंची और मां और बेटी इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहां उनका इलाज चल रहा है, पुलिस ने बताया कि उन्हें इस बाबत शिकायत मिली है, इस मामले की जांच की जा रही है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने व्हाट्सएप पर दिया पत्नी को तलाक

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एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com
सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को गैर कानूनी करार दिया है, अदालत के फ़ैसले के बाद ट्रिपल तलाक असंवैधानिक हो गया, लेकिन फिर भी ट्रिपल तलाक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक मामला अलीगढ़ में सामने आया है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर खालिद बिन युसूफ खान ने व्हाट्सएप पर अपनी पत्नी यास्मीन खालिद तलाक दे दिया है। प्रोफेसर की पत्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ़ की गुहार लगाई है।
यास्मीन ने कहा है कि उनके पति खालिद यूसुफ एएमयू में संस्कृत विभाग के चेयरमैन हैं और बीते 27 सालों से वहां पर कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि अगर 11 दिसंबर तक मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं अपने तीन बच्चों के साथ मिलकर वीसी के घर के सामने आत्मदाह कर लूंगी। प्रोफेसर की पत्नी की शिकायत पर अलीगढ़ पुलिस ने एक्शन लेते हुए केस दर्ज कर लिया है, जिस शौहर के साथ यास्मीन ने 23 साल गुज़ारे, उसी शौहर ने उम्र की इस दहलीज़ पर रास्ते जुदा कर लिए, एक मिनट में 23 साल के रिश्ते को तोड़ दिया।
यह मामला ज्यादा शर्मनाक इसलिए भी है, क्योंकि यास्मीन के शौहर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर हैं। मान, प्रतिष्ठा वाले व्यक्ति हैं। खालिद एक प्रोफ़ेसर हैं, जिससे उम्मीद है कि उसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मतलब पता होगा। लेकिन इस प्रोफेसर ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का मान न रखते हुए यास्मीन को तीन तलाक दे दिया।
खालिद ने 30 सितंबर को व्हाट्स एप पर तलाक का मैसेज भेजा, फिर महीने भर बाद तीन तलाक की चिट्ठी और फिर 8 नवंबर को यास्मीन के सामने तीन तलाक कहकर रिश्ता ख़त्म कर लिया। यासमीन ने बताया कि मैं इंसाफ के लिए यहां-वहां भटकती रही। लेकिन किसी ने मेरी मदद नहीं की, इसके बाद शुक्रवार को मैं पुलिस की मदद से किसी तरह अपने घर में घुसने में कामयाब हुई।

यूपी निकाय चुनाव: बीजेपी ने जारी किया संकल्प पत्र

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एनपी न्यूज़ नेटवर्क | Navpravah.com
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के मद्देनजर आज अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। इस घोषणा पत्र का नाम भी बीजेपी ने ‘संकल्प पत्र’ ही रखा है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य और दिनेश शर्मा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्रनाथ पांडेय और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने पार्टी मुख्यालय में यह संकल्प पत्र जारी किया।
इस मौके पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, “नगर निकाय चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से हो, उसके लिए पार्टी ने एक संकल्प पत्र जारी किया है, सरकार इसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करेगी। योगी ने कहा, हमारी सरकार में पहली बार 651 नगर निकाय के इकाइयों में चुनाव और 16 नगर निगम में चुनाव हो रहे हैं, जिसमें पहली बार अयोध्या में होने जा रहा है।
क्या ये चुनाव आपके अब तक के कामकाज पर जनमत है? इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री योगी ने कहा, हर चुनाव सरकार के कामकाज की परीक्षा होती है, और हम इसे ऐसा ही मानकर लड़ रहे हैं। इस मौके पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडेय ने कहा, विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी संकल्प पत्र के साथ उतरी थी और प्रचंड बहुमत की सरकार बनी, अब हम निकाय चुनाव में भी संकल्प पत्र के साथ उतर रहे हैं।
संकल्प पत्र में सफाई, स्वच्छ नगर, हरित नगर, स्वस्थ नगर, बेहतर सड़कें, पेयजल व्यवस्था, सभी जगह स्ट्रीट लाइट, महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट की व्यवस्था, आदर्श नगर पंचायत की व्यवस्था, आवारा पशुओं के लिए कांजी हाउस की व्यवस्था, प्रत्येक घर में नि:शुल्क जल संयोजन, सुदृढ़ नगर बस सेवा, सभी प्रकार के देयों की ऑनलाइन व्यवस्था, पार्कों का सौंदर्यीकरण एवं निर्माण आदि बातें महत्वपूर्ण हैं।

…तो चार साल में बेकार हो जायेगें डेबिट और क्रेडिट कार्ड!

सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
एमिटी यूनिवर्सिटी के नोएडा कैंपस में शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुये नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड के साथ साथ एटीएम भी अगले तीन से चार साल में बेकार हो जायेंगे और लोगों को वित्तीय लेनदेन अपने मोबाइल से करना होगा।
अमिताभ ने कहा कि भारत में 72 प्रतिशत जनसंख्या 32 साल से कम उम्र के लोगों की है, ऐसे में उसके लिये यह अमेरिका और यूरोप के देशों के मुकाबले जनसांख्यिकीय लाभांश की स्थिति दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में एकमात्र देश हैं, जहां अरबों की संख्या में बायोमेट्रिक डेटा उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मोबाइल फोन और बैंक खाते भी हैं, इसलिये भविष्य में यह एकमात्र देश होगा जहां कई तरह की नई चीजें होंगी।
कांत ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वित्तीय लेनदेन आने वाले समय में मोबाइल फोन के जरिये किये जायेंगे और यह रुझान पहले से ही दिखने लगा है, अभी से लोग मोबाइल से ही लेनदेन करना शुरू कर दिये हैं। कांत को अमेटी विश्वविद्यालय में डाक्टरेट की मानद उपाधि दी गई है।