काफी दिनों से अक्षय कुमार अपनी आने वाली फिल्म ‘पैडमैन’ को प्रमोट कर रहे हैं। आज अक्षय अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए पुणे पहुंचे। प्रमोशन के दौरान उन्होंने सेनेटरी पैड्स पर लग रहे टैक्स के बारे में बात की। इस पर उन्होंने कहा कि सेनेटरी पैड्स को टैक्स फ्री ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से मुफ्त करना चाहिए।
महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अक्षय ने कहा, चूंकि महिला सुरक्षा भी रक्षा मंत्रालय का ही जिम्मा है, इसलिए रक्षा विभाग को मिलने वाले बजट में से 5 प्रतिशत महिलाओं की सेनेटरी पैड्स के लिए देना चाहिए। अक्षय ने आगे कहा कि देश में आज भी 82 प्रतिशत महिलाओं को सेनेटरी पैड्स की सुविधा नहीं मिल पा रही है। महिलाओं के 5 दिन के मासिकधर्म के दौरान उनके साथ जो बुरा व्यवहार किया जाता है, वह शर्मानाक और बेहद दुभाग्यपूर्ण है।
बता दें कि पैडमैन अरुणाचलम मुरूगनतम के जीवन पर आधारित फिल्म है। जो अपने गाँव की महिलाओं के लिए सस्ती और किफायती सेनेटरी पैड्स बनाता है और मासिकधर्म की स्वच्छता के लिए लड़ता है।
चीन ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के हाल मे किये गये टिपण्णी की आलोचना करते हुए आज कहा कि वे ‘‘रचनात्मक नहीं हैं और दोनों देशों के नेताओं की ओर से रिश्तों को फिर से सामान्य करने एवं सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए बनी आम राय के खिलाफ हैं।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि पिछले साल भारत-चीन के रिश्तों ने कुछ उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन पिछले साल सितंबर में ब्रिक्स सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पीएम मोदी की मुलाकात से लग रहा था कि दोनों के रिश्ते पहले की तरह सामान्य होने बात बनी थी। लू ने कहा कि ऐसी पृष्ठभूमि में रावत की टिप्पणियां रचनात्मक नहीं हैं और वे न केवल दोनों राष्ट्राध्यक्षों की ओर से बनी आम राय के खिलाफ जाती हैं, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और विकसित करने के लिए दोनों पक्षों की ओर से की गई कोशिशों से भी मेल नहीं खातीं हैं।
लू ने कहा कि चीन और भारत अहम पड़ोसी हैं, वे राष्ट्रीय विकास एवं उत्थान के निर्णायक चरण में हैं। दोनों देशों को सामरिक संदेह दूर करना चाहिए और सहयोग संचालित करना चाहिए। लू ने आगे कहा, ‘‘हम भारतीय पक्ष से अपील करते हैं कि वह दोनों नेताओं की ओर से बनी आम राय के बाद के कदमों पर काम करे, ताकि सीमाई इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के उपाय किए जा सकें, जिससे हालात अच्छे बन सकें।”
सेना दिवस के मौके पर आज भारत के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारत को पाकिस्तान से लगी अपनी सीमा से ध्यान हटाकर अब चीन से सटी सीमा पर ध्यान देना चाहिए, उन्होंने कहा कि, उत्तरी सीमा (चीन) पर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर विवाद जारी हैं और अतिक्रमण हो रहे हैं और हम उन्हें रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं।
देश भर में पेट्रोल-डीजल के दाम अपने अधिकतम स्तर पर पहुँच चुके हैं। देश की राजधानी दिल्ली में फ़िलहाल एक लीटर पेट्रोल 71.06 रुपए में मिल रहा है। वहीं डीजल का दाम 61.74 रुपए हैं। देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल का दाम 80 रुपए प्रति लीटर को छू चूका है और डीजल की कीमतें 67 रुपए प्रति लीटर पार कर चुकी हैं।
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ रहीं कीमतों के चलते देश में लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतें अपने सबसे अधिकतम स्तर पर है। सोमवार को मुंबई में पेट्रोल के दाम 80 रुपए तक पहुँच गया है। हैदराबाद में डीजल के दाम 67 रुपए के पार हो गया है। पेट्रोल की कीमतें अक्टूबर के स्तर पर पहुँच गई हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल के दाम 80 तक पहुँचने के बाद पेट्रोलियम पदार्थ पर एक्सरसाइज ड्यूटी घटा दी थी।
पेट्रोलियम पदार्थ की कीमतों को अगर कम करना है, तो इनको भी जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की जा रही है। सरकार ने संकेत दिया है कि पेट्रोल-डीजल को जल्द ही जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा। सबकी निगाह अब 2018 में होने वाली जीएसटी कॉउंसिल की पहली बैठक पर है। जीएसटी काउंसिल से उम्मीद है कि वे पेट्रोलियम पदार्थ को जीएसटी के दायरे में लाने का फैसला ले सकती है। अगर ऐसा फैसला हो जाता है, तो देश भर में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बहुत कम हो जायेंगे।
बजट से पहले ऑटोमोबाइल उद्योग संगठन (SIAM) ने सरकार से कहा कि वे पिछले स्तर पर वेटेड कर कटौती के रूप में अनुसंधान और विकास पर दिए गए प्रोत्साहन को बहाल करें। अपनी प्री-बजट की इच्छा सूची में, सोसायटी ऑफ़ इंडिया ऑटो मोबाइल्स निर्माताओं ने भी पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकी बढ़ावा देने के लिए तरज़ीह टैरिफ सूची में कुछ आयातित इलेक्ट्रिक वाहन भागों को शामिल करने की मांग की है।
सियाम के उप महानिदेशक सुगातो सेन ने कहा कि जब सरकार ने भारित कर कटौती को कम कर दिया, तो यह कहा गया था कि कॉर्पोरेट टैक्स की दर 30 प्रतिशत से घटकर 25 हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। 2017-2018 से अनुसंधान और विकास के खर्च पर भारित कर कटौती 200% से पहले 150% से घटा दी गई है। आगे उन्होंने कहा कि हमने सरकार से अनुरोध किया है कि अगर कर की दर कम नहीं हुई, तो भारित कटौती के जरिए अनुसंधान और विकास पर प्रोत्साहन बढ़ाया जाना चाहिए। सेन के अनुसार, इस तरह के कदम की आवश्यकता है, क्योंकि भारत में कई ऑटोमोबाइल कंपनियां आर एंड डी के खर्चों पर बहुत खर्च कर रही हैं।
सेन ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयातित सिस्टम और घटकों (जो भारत में नहीं हैं) को अधिमान्य आयात शुल्क सूची के तहत रखा जाना चाहिए। पहले से ही एक और सूची है और हमने इसके लिए और अधिक घटक जोड़े हैं। वहीं सियाम की मांग है कि भारत में विद्युत वाहनों को बढ़ावा देने की पृष्ठभूमि में सार्वजनिक परिवहन के लिए 100 प्रतिशत बिजली और 2030 तक 40% निजी गतिशीलता के लिए बिजली के लक्ष्य के साथ आना चाहिए।
परिणीति चोपड़ा के साथ काम कर चुकीं वरिष्ट चारू रोहतगी का आज सुबह निधन हो गया। चारू रोहतगी ने फिल्म इश्कजादे में परिणीति की माँ का किरदार निभाया था। परिणीति चोपड़ा की यह पहली फिल्म थी।
खबरों के मुताबिक, सोमवार की सुबह उन्हें कार्डिएक अरेस्ट आया, जिससे उनका निधन हो गया। परिणीति ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। परिणीति ने कहा कि उन्होंने इश्कजादे में एक प्यारी मां का किरदार निभाया था। उनके साथ काम करने का बहुत ही अच्छा अनुभव रहा। उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत मिले। हम उन्हें कभी भूल नहीं पाएंगे। सूत्रों के हवाले से खबर है कि उनके कार्डिएक अरेस्ट की वजह से उन पर काम का दबाब बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स कहती है कि उनको रात 3 बजे तक काम करना पड़ता था। जिसके कारण वह काफी तनाव में थी।
चारू रोहतगी ने अपने सफ़र की शुरुआत सोनी टीवी के “लेडीज स्पेशल” शो से की थी, उसके बाद उन्होंने अक्षय कुमार के साथ पटियाला हाउस, सेकंड शादी.कॉम, 1921 रिटर्न्स आदि में काम किया है। चारू रोहतगी शुरुआत से ही एक्ट्रेस बनना चाहती थी, परन्तु ऐसा हो नहीं पाया। क्योंकि उनके ऊपर उनके घर की बहूत जिम्मेदारियां थीं। उन्होंने अपनी दोनों बेटियों की शादी की, जिसके बाद उनकी बेटियों ने उन्हें उनका सपना पूरा करने के लिए मुंबई भेजा था।
2018 का आम बजट 1 फरवरी को पेश होने वाला है। ऐसे में देश की महिलाओं को भी बजट से बहुत उम्मीदें हैं। इस बार बजट में हर वर्ग के लिए क्या खास होगा, ये तो जरूरी है ही, साथ ही इस बार महिलाओं और गृहणियों के लिए आम बजट 2018-19 में क्या स्पेशल होगा, इस पर भी नजर रहेगी।
पिछले बजट में सरकार ने महिलाओं को ‘शक्ति’ प्रदान की थी। उनके विकास और सुरक्षा के नाम पर करीब 1.84 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था। यहां तक कि सस्ते घर उपलब्ध कराए गए, राशन की बढ़ती कीमतों पर भी लगाम लगाने की कोशिश कर महिलाओं को राहत देने की कोशिश की गई, ताकि वो अपना घर चला सकें। इस बार महिलाओं का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए महिला सुरक्षा, महिलाओं के लिए सबसे जरूरी मुद्दा है। इसलिए महिलायें चाहती हैं कि सरकार महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे।
महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए पिछली बार से ज्यादा बजट तय किया जाए। सिर्फ तय ही नहीं, बल्कि उसे लागू भी किया जाए और इस बात का ध्यान रखा जाए कि ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी इलाकों तक फायदा मिले। पिछले बजट में सरकार ने निर्भया फंड की घोषणा की थी, लेकिन महिला सुरक्षा की स्थिति वैसी ही बनी हुई है। इसलिए इस बार महिलाओं का कहना है कि सरकार निर्भया फंड के लिए इस बजट में ज्यादा धन आवंटित करे।
क्या है निर्भया फंड-
दिल्ली में 2012 में निर्भया कांड हुआ था। आज भीे उसे याद करते हुए रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि किस तरह एक लड़की के साथ कुकृत किया गया था और बाद में उस लड़की ने अस्पताल मे अपना दम तोड़ दिया था। हालांकि निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए गए। निर्भया फंड भी बनाया गया। फंड की शुरुआत 2013 से की गई। इसके तहत केंद्र सरकार की ओर से हर वर्ष 1 हजार करोड़ रुपये इस फंड को दिए जाते हैं।
दावा किया गया था कि इस फंड से रेप विक्टिम की फैमिली की आर्थिक मदद की जाएगी। शुरुआत में हर ओर यह दावे किए गए कि इस फंड से चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अस्पतालों में अलग से रेप विक्टिम के चेकअप आदि की व्यवस्था करने की बात की गई थी। इसके अलावा रेप विक्टिम के उपचार के लिए भी खर्चा देने की बात कही गई थी।
केंद्र सरकार की ओर से इस फंड को किस काम में खर्च करना है, इसका जिम्मा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को दिया गया। निर्भया फंड की नोडल अथॉरिटी के तौर पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को यह पूरी छूट है कि देश के किस राज्य को महिला उत्थान व सुरक्षा के लिए कितनी रकम देनी है।
ज़रीन खान की आगामी फिल्म ‘वन डे’ जल्द ही परदे पर आने वाली है। इस फिल्म में ज़रीन एक पुलिस अधिकारी के रूप में नज़र आएँगी। हाल ही में जरीन की हॉरर फिल्म ‘1921’ आई है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि मैं इस फिल्म में एक ऐसे अवतार में नज़र आने वाली हूँ, जो आपने कभी नहीं देखा होगा। अभी तक आपने मुझे हमेशा बोल्ड और ग्लैमरस भूमिका निभाते हुए देखा है, लेकिन पहली बार कुछ नए किरदार में नज़र आने वाली हूँ।
इस फिल्म में ज़रीन ने काफी मेहनत की है। फिल्म में ज़रीन खान स्टंट और एक्शन करती नज़र आएँगी और उन्होंने यह स्टंट खुद किये हैं। उन्हें आने वाली फिल्म से काफी उम्मीदे हैं, वह चाहती हैं कि दर्शक उनका यह किरदार भी देखें और उनको ऐसा लगता है कि इस किरदार को दर्शक बहुत पसंद करेंगे।
ज़रीन फिल्म रिलीज होने का काफी उत्त्साह के साथ इंतज़ार कर रही हैं। फिल्म में ज़रीन ने जबरदस्त एक्शन और स्टंट भी किये हैं और यह स्टंट उन्होंने खुद किये हैं। जरीन खान की हॉरर फिल्म ‘1921’ रिलीज हो गई है, जिसे दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। इसके बाद वह फिल्म ‘वन डे’ में नजर आएंगी। उन्होंने हाल ही में इस फिल्म से जुड़ी कई बातें बताईं।
जरीन ने कहा, ‘मैं इसमें एक ऐसे अवतार में नजर आने वाली हूं, जो आपने पहले कभी नहीं देखा होगा। अभी तक आपने मुझे बोल्ड और ग्लैमरस भूमिका निभाते देखा है, लेकिन पहली बार पर्दे पर मैं कुछ अलग करने जा रही हूं। मैं इस फिल्म में जबरदस्त एक्शन और स्टंट करती दिखूंगी। मैंने अपने स्टंट खुद ही किए हैं। मैं हमेशा से टॉमबॉय थी। अब पहली बार मुझे अपनी पसंद के हिसाब से किसी फिल्म में काम करने का मौका मिला। मैं ‘वन डे’ में एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रही हूं। मैं चाहती हूं कि दर्शक मेरी इस साइड को भी देखें। लोगों को लगता है कि मैं एक खूबसूरत और बेवकूफ किस्म की इंसान हूं, जो कि फिल्मों में एक ग्लैमडॉल बनकर रह जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है। मुझे उम्मीद है कि इस फिल्म से दर्शकों के बीच मेरी छवि बदल जाएगी। मैं पिछले काफी समय से दर्शकों के बीच खुद को एक बेहतरीन एक्टर साबित करने की कोशिश कर रही हूं और अब मुझे लगता है कि वो समय आ गया है। मेरा अवतार देख दर्शक बेशक चौंक जाएंगे। मैं अपनी इस फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं और दर्शकों के फीडबैक को लेकर बेहद उत्साहित हूं।’
वसीम रिजवी के पत्र के बाद बवाल खड़ा हो गया है। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को एक संगठन ने जान से मारने की धमकी दी है। बरेली के संगठन ऑल इंडिया फैजान ए मदीना काउंसिल (एआईएमएमसी) ने वसीम रिजवी का सिर धड़ से अलग करने वाले शख्स को 10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही इस संगठन ने कहा है कि ऐसा करने वाले शख्स को मुफ्त हज यात्रा कराया जाएगा।
एआईएमएमसी ने इस मुददे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मदरसे की शिक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान लगाकर रिजवी ने मुस्लिमों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। एआईएमएमसी के मुखिया मोईन सिद्दिकी ने धमकी देते हुए कहा कि अगर शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने अपना बयान वापस नहीं लिया, तो संगठन के सदस्य उनका सिर कलम कर देंगे।
वसीम रिजवी ने आठ जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था, जिसमे उन्होंने मदरसों को ‘मानसिक कट्टरवाद’ को बढ़ावा देने वाला बताते हुए उन्हें स्कूल में तब्दील करने और उनमें इस्लामी शिक्षा को वैकल्पिक बनाने का अनुरोध किया था। रिजवी ने अपने पत्र में दावा किया था कि मदरसों में गलत शिक्षा मिलने की वजह से उनके विद्यार्थी धीरे-धीरे आतंकवाद की तरफ बढ़ जाते हैं। देश के ज्यादातर मदरसे जकात में दिए गए धन से ही चल रहे हैं और यह धन बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों से भी आ रहा है।
शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि उनको जान से मारने की धमकी मिली है और अब एआईएमएमसी ने खुलेआम कहा है कि यदि उन्होंने अपना बयान वापस नही लिया तो संगठन के सदस्य उनका सर कलम कर देंगे। रिजवी ने पहले के बयान में कहा था कि वह किसी भी धमकी से डरने वाले नही हैं, उन्होंने अपने कब्र की तैयारी की हुई है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UDAI) ने लोगों की पहचान संबंधी जानकारी की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए एक नई सुविधा का एलान किया है। इस नई सुविधा में UDAI ने आधार कार्ड की पहचान के लिए अब ऊँगली के निशान और आँखों के पुतलियों के साथ-साथ चेहरे को भी शामिल करने की अनुमति दे दी है। इसकी जानकारी UDAI के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने ट्वीट कर दी है।
यह नई प्रक्रिया 1 जुलाई 2018 से लागु की जाएगी। UDAI का कहना है कि इस नई सुविधा से सुरक्षा के लिए एक अतिरिक्त परत होगी जो खासकर बुजुर्ग नागरिकों और ऊँगली का निशाँ नहीं दे पाने वाले लोगों के लिए होगी। यह नया सुरक्षा फीचर दूसरे सुरक्षा फीचर के साथ ही लागु होगी। अब से आधारकार्ड ऊँगली के निशान, आइरिस या ओटीपी के साथ ही मान्य होगा। इसके लिए आपको आधार सेंटर जाकर वापस अपने चेहरे का सत्यापन कराने की कोई जरुरत नहीं है।
बता दें कि UDAI ने लोगों की पहचान गोपनीय रखने के लिए दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की घोषणा करने के कुछ समय बाद ही सुविधा का ऐलान किया है। UDAI ने बताया कि यूजर्स जल्द ही अपने असली आधार नम्बरों के इस्तेमाल के बजाय एक वर्चुअल आईडी का इस्तेमाल कर सकेंगे। वर्चुअल आईडी अनिवार्य रूप से आधार नंबर के साथ एक 16 नंबर वाली संख्या होगी।