IPL-13 : इस सीजन में केकेआर को मिली पहली जीत, हैदराबाद को 5 विकेट से हराया
18वें ओवर में ही हासिल किया लक्ष्य
दिनेश कार्तिक और सुनील नरेन बिना खाता खोले पवेलियन लौटे
सीजन का सबसे छोटा टारगेट 142 रन
मनीष पांडे की 16वीं फिफ्टी
IPL-13 : लगातार दूसरी हार से आहत हुए माही, कहा जल्द ही हम गलतियों को सुधार कर वापसी करेंगे
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
आईपील 2020 में जीत से शुरुआत करने वाली चेन्नई सुपर किंग्स को लगातार दूसरी हार झेलनी पड़ी. शुक्रवार को दुबई में खेले गए मुकाबले में उसे दिल्ली के हाथों करारी शिकस्त मिली. इससे पहले धोनी की अगुवाई वाली सीएसके को राजस्थान रॉयल्स ने भी पटखनी दी थी.
लगातार दो हार के बाद कप्तान धोनी नाराज दिखे और उन्होंने बड़े बदलाव के संकेत दिए. वे बल्लेबाजों के प्रदर्शन से भी निराश दिखे और कहा कि सात दिन के विश्राम से उन्हें कमियों का पता करने में मदद मिलेगी. धोनी ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह हमारे लिए अच्छा मैच था. ओस नहीं थी लेकिन विकेट थोड़ा धीमा हो गया था. हमारे बल्लेबाजी विभाग में थोड़ी कमी लगी और यह आहत करने वाला है. धीमी शुरुआत के कारण रन रेट बढ़ने से दबाव बढ़ता है. हमें इसका हल निकालना होगा.’उन्होंने कहा, ‘हमें अगले सात दिन विश्राम का मौका मिलेगा और हमें स्पष्ट तस्वीर के साथ वापसी करनी होगी. (अंबाती) रायुडू के अगले मैच में वापसी से टीम संतुलन बेहतर होगा.’
धोनी अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन से भी खुश नहीं दिखे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप गेंदबाजी विभाग पर गौर करो तो उनमें निरंतरता का अभाव दिखा है. रायुडू को अगले मैच में खेलना चाहिए और तभी हम अतिरिक्त गेंदबाज के साथ उतरने के बारे में सोच सकते हैं.’
यूक्रेन में बड़ी दुर्घटना : प्लेन क्रैश में 22 लोगों की मौत
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
यूक्रेन में बड़ा विमान हादसा हुआ है. रायटर्स के मुताबिक, 28 लोगों को लेकर जा रहा यूक्रेन वायुसेना का एक विमान शुक्रवार शाम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में 22 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शेष 6 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.
हादसे की जानकारी यूक्रेन के मंत्री ने दी. उन्होंने बताया कि विमान में ज्यादातर छात्र सवार थे साथ ही इसमें 7 क्रू मेंबर भी थे. हादसे की वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि वह जल्द ही वह घटनास्थल पर जाएंगे.
बीमार मां को लेकर 2 दिन भटकते रहे बच्चे, फिर मौत ने ही सहारा दिया
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
कोरोनाकाल में इंसानियत भी मरती जा रही है. जिन डॉक्टरों को समाज ने कोरोना योद्धा का तमगा लगा कर सबसे ज्यादा सम्मान दिया, अब वे डॉक्टर ही अमानवीयता का उदाहरण पेश करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. प्राइवेट अस्पताल हों या सरकारी, सभी जगह बेपरवाह सिस्टम अब लोगों को मार रहा है. भोपाल के कोलार की 43 साल की संतोष रजक इसी बेपरवाही का शिकार हो गईं. वे दो दिन अस्पतालों में आईसीयू बेड के लिए भटकीं. जैसे-तैसे बेड मिला तो ठीक से इलाज नहीं हो पाया. अंत में उन्होंने बिना इलाज के ही दम तोड़ दिया.
एक रात के इलाज का बिल 41 हजार रुपए
12 सितंबर की शाम करीब 6 बजे मां को सांस लेने में परेशानी हुई तो हर्ष उन्हें सिद्धांता अस्पताल ले गया. यहां हार्ट अटैक के लक्षण बताए तो हम रात 10 बजे बंसल अस्पताल ले गए. यहां कोरोना का सैंपल लिया गया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई. यहां कोविड आईसीयू बेड नहीं हैं, इसलिए अगले दिन दोपहर तीन बजे हमें एंबुलेंस से जेके अस्पताल भेज दिया गया. बंसल में एक रात के इलाज का हमने 41 हजार रु. बिल भरा. जेके में भी आईसीयू बेड खाली नहीं थे, तो उन्होंने भर्ती नहीं किया.
हमीदिया अस्पताल ने भी लौटा दिया
जेके से हमें हमीदिया भेजा, तो वहां रात 9 बजे तक हम बेड का इंतजार करते रहे, लेकिन बेड खाली नहीं होने का कहकर हमें लौटा दिया. फिर हमने पीपुल्स अस्पताल में फोन लगाया तो पता चला, वहां आईसीयू बेड खाली हैं. हम रात 10:20 बजे पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंचे. यहां मरीज को भर्ती करने के पहले पांच दिन के 50 हजार रु. जमा करा गए.
कलेक्टर के हस्तक्षेप से जेपी अस्पताल में भर्ती हुई
यहां इलाज महंगा पड़ता, इसलिए 14 की सुबह हमने कलेक्टर अविनाश लवानिया को आवेदन किया. उनके दखल के बाद मां को 14 सितंबर को दोपहर में जेपी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया. लेकिन, यहां भी इलाज के नाम पर खानापूर्ति हुई.
_ मौत के बाद बेटों ने ही मां को पॉलिथिन में पैक किया
यहां रात में अक्सर ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो जाती है, कोई सुनता नहीं है. ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने पर मरीज के परिजन दूसरे वार्ड से खुद ही लाते हैं. 10 दिन इलाज के बाद जब गुरुवार को मां की डेथ हुई, तब भी किसी ने हाथ नहीं लगाया. हमें आईसीयू में बुलाकर पीपीई किट थमा दी और कहा- खुद पहन लो और अपनी मां को पहना दो. मेरे भाई और परिजनों ने पीपीई किट पहनकर मां को पैकिंग बैग में रखा, फिर उन्हें एंबुलेंस से विश्राम घाट लेकर गए.
_ बंसल अस्पताल ने क्या कहा अपनी सफाई में?
बंसल अस्पताल के मैनेजर लोकेश झा ने कहा कि संतोष रजक 12 सितंबर की रात 21:55 बजे भर्ती हुईं थीं. रात में कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई. हमारे कोविड अस्पताल में आईसीयू बेड खाली नहीं थे. ऐसे में अगले दिन शाम 6:30 बजे उन्हें एंबुलेंस से दूसरे कोविड सेंटर भेजा गया था.
बिहार चुनाव से पहले ही जदयू को लगा तगड़ा झटका; महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष रितु जायसवाल ने दिया इस्तीफा
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद जदयू को एक झटका लगा है. सीतामढ़ी जिले की जदयू की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष रितु जायसवाल ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. रितु जायसवाल ने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी को जिम्मेदार बताते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है.
सीतामढ़ी जिले के जदयू अध्यक्ष राणा रणधीर सिंह को संबोधित पत्र में रितु जायसवाल ने लिखा, ‘तकरीबन एक साल पूर्व जनता दल (यू) की सदस्य बनी.पार्टी की कर्मठ कार्यकर्ता होने के नाते नेतृत्व के द्वारा दी गई प्रत्येक छोटी बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन मैंने पूरी निष्ठा से किया. संगठन की मजबूती के लिए सबल पंचायत सक्रिय बूथ अभियान में भी मेरी भूमिका रही.
नाराजगी जाहिर करते हुए रितु जायसवाल ने कहा, ‘इस दौरान मैंने पार्टी में आतंरिक लोकतंत्र का बहुत अभाव महसूस किया. इसकी वजह से कार्यकर्ताओं में काफी रोष है और वो पार्टी नेतृत्व के फैसले से आहत नजर आ रहे हैं.लिहाजा जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मैं जदयू की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रही हूं.
सीतामढ़ी जिले में जदयू को यह झटका ऐसे समय लगा है जब बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. बिहार में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं और 10 नवंबर को मतगणना होगी.
मुस्लिमों को भड़कानेवाले जाकिर नाइक पर मोदी का शिकंजा
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
मुस्लिमों को भड़कानेवाला कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक और गिरफ्तारी के डर से भारत का भगौड़ा ज़ाकिर नाइक भारत में काफी नफरत फैलाने का काम करता है. भले ही वह मलेशिया में छिपा हुआ है, लेकिन ज़ाकिर इस समय सोशल मीडिया के जरिये न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में मुसलमानों को भड़काने में लगा हुआ है. लेकिन अब यह और दिनों तक नहीं चलेगा, क्योंकि मोदी सरकार अब जल्द ही ज़ाकिर नाइक के पीस टीवी मोबाइल एप एवं सोशल मीडिया हैंडल पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है.
भारत और बांग्लादेश में आतंक को बढ़ावा देने के लिए वांछित ज़ाकिर नाइक पीस टीवी चैनल, उससे संबन्धित मोबाइल एप एवं यूट्यूब चैनल से हाथ धो सकता है, क्योंकि इस समय केंद्र सरकार ज़ाकिर नाइक के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. गृह मंत्रालय को सब्मिट की गई रिपोर्ट में इंटेलिजेंस ब्यूरो ने बताया कि पीस टीवी और उसके सोशल मीडिया हैंडल आतंकवाद को बढ़ावा देने हेतु युवाओं की भर्ती कर रहे हैं, और भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं.
उन्होंने ये भी दावा किया कि ज़ाकिर नाइक के संगठन के संबंध जिहादी गुटों से भी हैं, और उन्हें अरब देशों से भारत के विरुद्ध जहर फैलाने के लिए खूब धन भी मिलता है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि नाइक सोशल मीडिया पर मुसलमानों को भड़काने के लिए काफी सक्रिय रहता है. कुछ महीने पहले जनाब ने एक वीडियो में दावा किया था कि भारत में 60 प्रतिशत से भी कम मुसलमान हैं, और मुसलमानों को इस स्थिति का फायदा उठाकर अपने ‘हक’ के लिए आगे लड़ाई बढ़ानी चाहिए.
अगर रिपोर्ट पर ध्यान दिया जाये तो नाइक के वैमनस्य पर केंद्र सरकार ने कतई आंखें नहीं मूंद रखी हैं. इसी दिशा में आगे कारवाई करने के लिए आईबी, एनआईए एवं अन्य इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ निरंतर गृह मंत्रालय के दफ्तर में बैठके हो रही हैं, और ज़ाकिर नाइक के विरुद्ध आगे की कार्रवाई के लिए खाका भी तैयार किया जा रहा है.
बता दें कि ज़ाकिर नाइक एक कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक है, जिसे कई देशों द्वारा प्रतिबंधित किए जाने पर वह इस समय मलेशिया में छुपा हुआ है, जहां से उसे प्रत्यर्पित करने के लिए भारत एड़ी चोटी का ज़ोर लगा रहा है. ज़ाकिर नाइक के पीछे बांग्लादेश भी इसलिए पड़ा है, क्योंकि ढाका में हुए आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकी उसके उपदेश से काफी प्रभावित थे.
पिछले वर्ष एनआईए ने आईएसआईएस से संबन्धित 127 आतंकियों को हिरासत में लिया था और जांच में ये सामने आया कि सभी ज़ाकिर के भाषणों से काफी प्रभावित थे. इसके अलावा यूके प्रशासन ने नाइक के पीस टीवी चैनल और पीस टीवी उर्दू 3 लाख ब्रिटिश पाउंड का जुर्माना भी लगाया था. अब केंद्र सरकार ने ज़ाकिर नाइक पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह कमर कस ली है.
IPL-13 : फिर हार गई धोनी की सीएसके, दिल्ली 44 रन से जीता
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
आईपीएल के 13वें सीजन के 7वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) को 44 रन से हरा दिया. चेन्नई के खिलाफ 22 मैचों में दिल्ली की यह 7वीं जीत है. टॉस हारकर बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने चेन्नई को 176 रन का टारगेट दिया. जवाब में चेन्नई 7 विकेट पर 131 रन ही बना सकी. सीजन में चेन्नई की यह लगातार दूसरी हार है. दिल्ली की जीत के हीरो पृथ्वी शॉ और कगिसो रबाडा रहे. शॉ ने आईपीएल में अपनी 5वीं फिफ्टी लगाई. उन्होंने शानदार 64 रन की पारी खेली. वहीं रबाडा ने 3 विकेट लिए.
अच्छी नहीं रही चेन्नई की शुरुआत
चेन्नई के ओपनर एक बार फिर अपनी टीम को कुछ खास शुरुआत नहीं दिला सके. शेन वॉटसन 14 रन बनाकर अक्षर पटेल की बॉल पर शिमरॉन हेटमायर को कैच दे बैठे. इसके बाद मुरली विजय भी एनरिच नोर्त्जे की बॉल पर आउट हुए. विजय ने 10 रन बनाए.
दिल्ली के बॉलर के सामने नहीं टिक सके सीएसके के बल्लेबाज
चेन्नई की ओर से फाफ डु प्लेसिस (43) के अलावा कोई बल्लेबाज रन नहीं बना सका. फाफ के अलावा केदार जाधव ने 26, एमएस धोनी ने 15 और रविंद्र जडेजा ने 12 रन की पारी खेली. वहीं दिल्ली के लिए रबाडा के अलावा एनरिच नोर्त्जे को 2 और अक्षर पटेल ने एक विकेट लिया.
डु प्लेसिस ने पूरे किए दो हजार रन
फाफ डू प्लेसिस ने आईपीएल में अपने 2000 रन पूरे किए. ऐसा करने वाले वे 33वें खिलाड़ी हैं. प्लेसिस ने 74 मैच की 67 पारियों में यह आंकड़ा छुआ. उन्होंने अब तक लीग में 14 फिफ्टी लगाई हैं.
आखिरकार बिहार विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की हुई घोषणा : 28 अक्टूबर, 3 और 7 नवंबर को वोटिंग, 10 नवंबर को काउंटिंग और परिणाम
न्यूज़ डेस्क | नवप्रवाह न्यूज़ नेटवर्क
आखिरकार बिहार विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो गई. चुनाव आयोग द्वारा की गई घोषणा के अनुसार 243 सीटों पर तीन फेज में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को वोटिंग होगी. 10 नवंबर को नतीजे आएंगे. इसकी घोषणा करने शुक्रवार दोपहर साढ़े बारह बजे मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा मीडिया के सामने आए. लेकिन मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों समेत देशभर की 56 अलग-अलग सीटों पर उपचुनाव की घोषणा पर फैसला 29 सितंबर तक टाल दिया गया है.
14 नवंबर को कौन मनाएगा दिवाली?
10 नवंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे. यानी 14 नवंबर को मनाई जाने वाली दीपावली से चार दिन और 20 नवंबर से शुरू होने वाले छठ पर्व से दस दिन पहले यह साफ हो जाएगा कि बिहार में अगली सरकार किसकी बनेगी. नई सरकार के गठन और नए विधायकों की शपथ छठ के बाद ही होने की संभावना है. मौजूदा विधानसभा का टर्म 29 नवंबर तक है.
पहला फेज : बुधवार 28 अक्टूबर को 71 सीटों पर वोटिंग होगी. इसके लिए 31 हजार पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे.
दूसरा फेज : मंगलवार 3 नवंबर को 94 सीटों पर वोटिंग होगी. 42 हजार पोलिंग बूथ होंगे.
तीसरा फेज : शनिवार 7 नवंबर को 78 सीटों पर मतदान होगा. इसके लिए 33.5 हजार पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे.
7.29 करोड़ मतदाता करेंगे अपने अधिकार का प्रयोग
बिहार में 243 सीटों पर 7.29 करोड़ लोग वोट डालेंगे. इनमें 3.85 करोड़ पुरुष और 3.4 करोड़ महिला वोटर हैं. पिछले विधानसभा चुनाव के वक्त 6.7 करोड़ वोटर थे. 42 हजार पाेलिंग बूथ पर 1.73 लाख वीवीपैट का इस्तेमाल होगा.
कोरोना का चुनाव पर असर
इस बारे में एक डिटेल्ड गाइडलाइन पहले ही जारी हो चुकी है. चुनाव आयोग ने आज इस बारे में सबसे बड़ी घोषणा यह की कि कोरोना की वजह से वोटिंग टाइम को एक घंटे बढ़ाया जा रहा है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को छोड़कर सामान्य इलाकों में सुबह 7 से शाम 5 की बजाय सुबह 7 से शाम 6 के बीच वोटिंग होगी.
आयोग ने दो और बातें कहीं, जिनका पहले जारी हो चुकी गाइडलाइन में भी जिक्र था. पहली- एक पोलिंग बूथ पर 1500 की जगह 1000 वोटर आएंगे. दूसरी- कोरोना के मरीज वोटिंग के दिन आखिरी घंटे में ही वोट डाल पाएंगे.
कोरोना के मद्देनजर गाइड लाइन भी जारी : इस बार बिहार चुनाव में 46 लाख मास्क, 7.6 लाख फेस शील्ड, 23 लाख जोड़े हैंड ग्लव्स और 6 लाख पीपीई किट्स का इस्तेमाल होगा.
नामांकन के नियमों में बदलाव : नामांकन के दौरान उम्मीदवार 5 की जगह 2 ही गाड़ियां साथ ले जा सकेंगे.
जरूरत के अनुसार बैलट सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी : मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि जिस जगह जरूरत और मांग होगी, वहां पोस्टल बैलट सुविधा दी जाएगी.
कोरोना काल में सबसे बड़ा चुनाव : मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि 60 से ज्यादा देशों ने कोरोना की वजह से चुनाव टाल दिए, लेकिन जैसे-जैसे दिन गुजरते गए न्यू नॉर्मल होता हो गया क्योंकि कोरोना के जल्दी खत्म होने के संकेत नहीं मिले. हम चाहते थे कि लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार बना रहे. उनके स्वास्थ्य की भी हमें चिंता करनी थी. यह कोरोना के दौर में देश का ही नहीं, बल्कि दुनिया का पहला सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है.


















