



सलमान खान और कटरीना कैफ की जोड़ी तो हर किसी को बेहद पसंद है। वही इन दोनों की आपस में बॉन्डिंग भी काफी अच्छी है। कैटरीना कैफ इन दिनों सलमान खान के साथ माल्टा में फिल्म भारत की शूटिंग में बिजी चल रही हैं।
बता दें कि सलमान खान के साथ उनकी मां भी उनके साथ माल्टा गई हुई जहा सलमान खान अपनी मां के साथ टाइम बिताते नजर आएं हैं। दरअसल फिल्म के एक सीन में कटरीना को सलमान की दुल्हन के रूप में नज़र आना था और शूट के दौरान कटरीना दुल्हन के अवतार में सलमान की मां के साथ थीं।बस इसी दौरान सलमान की बहन ने उनकी एक तस्वीर क्लिक कर ली, जिसे उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी पोस्ट किया। हालांकि बाद में उन्होंने उस ट्वीट को डिलीट कर दिया।
सलमान खान और उनकी मां को फोटो सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया है। वहीं फिल्म भारत में कैटरीना का लुक भी काफी चर्चा में बना हुआ हैं, इससे पहले कैटरीना कैफ को इस लुक में किसी भी फिल्म में नहीं देखा गया है।
वहीं कैटरीना कैफ ने इंस्टाग्राम पर अपनी ग्री कलर लंहगे में फोटो शेयर की है जिसमे वह बहुत ही खूबसूरत लग रही हैं। कैटरीना कैफ हमेशा सलमान खान के साथ अपनी दोस्ती निभाती आई हैं और दोनों की जोड़ी भी सुपरहिट है। सलमान और कैटरीना की लेटेस्ट फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही है। इसके बाद सलमान खान की ‘भारत’ की घोषणा हुई थी।
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोपी कर्नल श्रीकांत पुरोहित की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई टल गई, जस्टिस यू यू ललित ने आज पुरोहित की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।
अब नई बेंच पुरोहित की याचिका पर सुनवाई करेगी, दरअसल, पुरोहित ने अपनी याचिका में खुद को साजिश के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग की है।
बता दें कि इससे पहले पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने ऊपर लगे गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम को चुनौती दी थी, इससे पहले बाम्बे हाईकोर्ट ने मामले में कर्नल पुरोहित और समीर कुलकर्णी की याचिका को खारिज कर दिया था।
पिछले साल मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी कर्नल श्रीकांत पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी, कर्नल पुरोहित पिछले 9 साल से जेल में थे, सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए जमानत दी थी, पुरोहित ने सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था।
एनआईए और सरकार के वकीलों ने कहा था कर्नल पुरोहित इस मामले में मुख्य आरोपी है उन्हें जमानत नहीं दी जाए, एनआईए ने जांच प्रभावित होने का दावा किया था,लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था।
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में एक बाइक में बम लगाकर विस्फोट किया गया था, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी और तकरीबन 80 लोग जख्मी हो गए थे, साध्वी और पुरोहित को 2008 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे जेल में हैं।
एनआईए के मुताबिक, पुरोहित ने साजिश रचने वाली बैठकों में सक्रियता से हिस्सा लिया है और वहविस्फोट में इस्तेमाल करने के लिए विस्फोट का इंतजाम करने को भी राजी हो गया था, पुरोहित ने दलील दी थी कि एनआईए कुछ आरोपियों को आरोपमुक्त करने में भेदभाव कर रही है और एजेंसी ने उसे मामले में बलि का बकरा बनाया है।
सौम्या केसरवानी | Navpravah.com
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने साल 2019 लोकसभा चुनाव के लिए पीएम मोदी के खिलाफ विपक्ष की तरफ से चेहरे के सवाल पर कहा कि, यह जरूरी नहीं कि पहले से ही कोई नाम तय कर दिया जाए।
शरद पवार ने कहा, साल 2004 में भी अटल बिहारी बाजपेई को इंडिया शाइनिंग के तहत प्रोजेक्ट किया गया था, लेकिन हमने किसी को प्रोजेक्ट नहीं किया था और हम चुनाव जीतकर आए थे, और मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद दिया गया था।
शरद पवार ने कांग्रेस और एनसीपी के एक साथ होने पर कहा कि दोनों पार्टियां एक साथ है, इसके अलावा शेतकरी कामगार पार्टी भी हमारे साथ है, लेकिन जिस तरीके से मनसे या दूसरी राजनीतिक पार्टियों की बातें सामने आ रही हैं बगैर उनके पार्टी अध्यक्षों से मिलकर और सारी चर्चाओं करने के बाद ही इस बारे कुछ भी कहा जा सकता है।
सीटों के बंटवारे के सवाल पर शरद पवार ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष से हमारी बातचीत हुई है वहां से अशोक गहलोत और राज्य के अध्यक्ष अशोक चौहान और हमारे यहां से प्रफुल्ल पटेल और जयंत पाटील बीच में बातचीत करेंगे, अगर इनके बाद भी कोई मसला फंसेगा तो मामला पार्टी के बड़े नेताओं के पास आएगा जो मिल बैठकर सुलझा लिया जाएगा।
शरद पवार ने आगे कहा कि, मोदी के सामने पर्याय देश की जनता है, वह सामने से जवाब देगी, उन्होंने कहा कि जो भाजपा के साथ नहीं हैं हम उन सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि, तमिलनाडु में डीएमके है वो भाजपा के साथ नहीं वह भाजपा के सभी विरोधी पार्टियां डीएमके का साथ दें, जिस राज्य में जो पार्टी एक नंबर पर है वहां दूसरी पार्टियां उनका सहयोग करें, उन्हें पहले बाहर निकालो फिर बैठकर तय करते है, जिनके ज़्यादा एमपी होंगे उनका पीएम पद का उम्मीदवार होगा, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि उनका पीएम पद का कोई उम्मीदवार नहीं होगा।
सौम्या केसरवानी| Navpravah.com
आज आपको एक ऐसा कानून बता रहे हैं जो कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों की तकलीफ को और बढ़ा रहा है, दरअसल, राजस्थान के पंचायतीराज चुनावों का कानून है जिसके तहत कुष्ठ रोगियों को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं है, लेकिन कुष्ठ रोगी मतदान कर सकते हैं।
भारत के संविधान के मुताबिक, जो व्यक्ति मतदान कर सकता है, उसे चुनाव लड़ने का भी पूरा अधिकार होता है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि राजस्थान में कुष्ठ रोगी मतदान तो दे सकता है, पर चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
यह फरमान आज से नहीं, बल्कि पिछले 34 साल से चला जा रहा है, राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 के सेक्शन एम में लिखा है कि कुष्ट रोगी पंचायतीराज चुनाव नहीं लड़ सकता, जबकि कुष्ठ रोग ऐसा रोग है, जो ठीक हो सकता है।
सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने भी माना की इस कानून में बदलाव जरूर होना चाहिए, उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर इस नियम को संशोधन किया जाएगा।
धारा 19 एफ के मुताबिक, कोई स्त्री या पुरूष अगर कुष्ठ रोग से पीड़ित है या फिर किसी अन्य ऐसी गंभीर शारीरिक या मानसिक रोग से पीडित है, जिससे की उसके काम करने में परेशानियां हो सकती है, ऐसी स्थिति में वो चुनाव नहीं लड़ सकते, वहीं दिव्यांगो की हक की लड़ाई लड़ रहे विकलांग अधिकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हेमंन्त गोयल ने भी माना की इस कानून से कुष्ठ रोगियों का हनन हो रहा है।
स्पोर्ट्स डेस्क| Navpravah.com
इंडोनेशिया में चल रहे 18वें एशियाई खेलों में आज भारत की अग्रणी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल को महिला एकल के सेमीफाइनल मुकाबले में हार मिली है। हालांकि, उन्हें कांस्य पदक हासिल हुआ है, सायना का एशियाई खेलों में यह पहला पदक है, इस स्पर्धा के दूसरे सेमीफाइनल में पीवी सिंधु को दूसरा सेमीफाइनल खेलना है।
वर्ल्ड नम्बर-1 सायना पहले गेम की शुरुआत में यिंग के आक्रामक खेल के आगे कमजोर नजर आ रहीं थी और इस कारण वे 5-1 से पिछड़ गई, इस बीच, यिंग कुछ गलत शॉट खेल बैठीं और सायना ने इसक फायदा उठाते हुए अपना स्कोर चीनी ताइपे की खिलाड़ी के खिलाफ 10-10 से बराबर कर लिया।
सायना को महिला एकल के सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की खिलाड़ी ताई जु यिंग ने सीधे गेमों में 21-17, 21-14 से मात दी, पिछली बार एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली यिंग ने यहां सीधे पांच अंक लेते हुए सायना को फिर एक बार 15-10 से पछाड़ दिया।
दूसरे गेम में भी यिंग ने अपना दबदबा दारी रखा था, यहां सायना को उनकी गलती के कारण 2-6 से पिछड़ना पड़ा. पिछली बार इंचियोन में हुए एशियाई खेलों में क्वार्टर फाइनल तक का ही सफर तय कर पाने वाली भारतीय खिलाड़ी सायना ने अच्छी वापसी की औरर स्कोर 6-6 से बराबर कर लिया।
एनपी न्यूज़ डेस्क| Navpravah.com
पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़े नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी और तीन मूर्ति कांप्लेक्स में सभी प्रधानमंत्रियों के म्यूजियम स्थापित करने के सरकार की योजना के खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है।
डॉ. मनमोहन सिंह ने लिखा है कि एक एजेंडा के तहत एनएमएमएल और तीन मूर्ति कांप्लेक्स की प्रकृति और चरित्र को बदलने का प्रयास किया जा रहा है, इसमें कहा गया है कि पंडित नेहरू केवल कांग्रेस के नहीं नेता नहीं हैं, बल्कि उनका ताल्लुक पूरे देश से है। इस कारण सरकार को उनकी स्मृतियों से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए, लिहाजा पंडित नेहरू की स्मृतियों से जुड़े तीन मूर्ति कांप्लेक्स में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए।
द इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट के अनुसार, “डॉ मनमोहन सिंह ने यह खत पिछले सप्ताह पीएम मोदी को लिखा है। इस खत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए सिंह ने लिखा है, वाजपेयी के छह वर्षों के कार्यकाल के दौरान एनएमएमएल और तीन मूर्ति कांप्लेक्स की प्रकृति और चरित्र में किसी भी प्रकार के बदलाव का कोई भी प्रयास नहीं किया गया है, लेकिन यह दु:खद है कि इस वक्त भारत सरकार का यह एजेंडा प्रतीत होता है।”
इसके साथ ही डॉ. मनमोहन सिंह ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि किसी भी तरह के प्रयास से नेहरू के रोल और योगदान को मिटाया नहीं जा सकता। इस संदर्भ में पंडित नेहरू के निधन पर संसद में अटल बिहारी वाजपेयी के उस भाषण का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था, इस तरह के व्यक्तित्व से अब संभवतया तीन मूर्ति भवन शोभायमान नहीं हो सकेगा, ऐसा विराट व्यक्तित्व, विपक्ष को भी साथ लेने की क्षमता और महानता निकटतम भविष्य में संभवतया देखने को नहीं मिल सकेगी।
डॉ सिंह ने एनएमएमएल के बारे में लिखा, यह भारतीय राज्य के शिल्पकारों में शुमार देश के प्रथम प्रधानमंत्री की स्मृतियों को समर्पित है, जिन्होंने देश और दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ी, पंडित नेहरू के बारे में डॉ सिंह ने लिखा, उनकी विशिष्टता और महानता के प्रति उनके राजनीतिक विरोधी भी सम्मान प्रकट करते हैं।