J-K की जनता के लिए करूंगा काम – सत्यपाल मलिक
इस शहर में खुले में शौच पर मिलेगी मौत
शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर की फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू का यह गाना झूमने पर कर देगा मजबूर
शाहिद कापू और श्रद्धा कपूर स्टारर फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू काफी सुर्ख़ियों में छाया हुआ है। वेल इस फिल्म का दो गाने के बाद अब फिल्म का तीसरा गाना रिलीज़ कर दिया गया है जो की आपको झूमने पर मजबूर कर देगा।
दागियों को चुनाव टिकट देने पर दखल न दें सुप्रीम कोर्ट -केन्द्र सरकार
सौम्या केसरवानी| Navpravah.com
उच्चतम न्यायालय ने कल कहा कि मतदाताओं को उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि जानने का अधिकार है और चुनाव आयोग से राजनीतिक दलों को निर्देश देकर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा जा सकता है कि आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे लोग उनके चुनाव चिन्हों के जरिये उनकी टिकट पर चुनाव नहीं लड़ें।
इन टिप्पणियों के बाद प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कई याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा है, निर्वाचन आयोग और केन्द्र सरकार सहित पक्षों ने दलीलें पूरी कीं। शीर्ष अदालत इस सवाल पर गौर कर रही है कि आपराधिक सुनवाई का सामना कर रहे किसी जनप्रतिनिधि को मामले में आरोप तय होने के चरण में अयोग्य ठहराया जा सकता है या नहीं।
पीठ ने उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि जानने के मतदाताओं के अधिकार संबंधी टिप्पिणयां ऐसे समय कीं जब केन्द्र ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि न्यायपालिका को पूर्व शर्त लगाकर विधायिका के क्षेत्र में प्रवेश नहीं करना चाहिए जिसका चुनावों में उम्मीदवारों की सहभागिता के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
केन्द्र की ओर से पेश अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पीठ से कहा, न्यायाधीशों की मंशा हास्यास्पद है, लेकिन सवाल यह है कि क्या अदालत ऐसा कर सकती है, जवाब है ‘नहीं’, वह पीठ के इस सुझाव पर जवाब दे रहे थे कि आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे लोग चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र होंगे लेकिन वे पार्टी चुनाव चिन्ह के जरिये पार्टी टिकट पर ऐसा नहीं कर सकते।
राजनीतिक व्यवस्था को स्वच्छ करने की शीर्ष अदालत की मंशा की तो सराहना की लेकिन साथ ही कहा कि न्यायपालिका विधायिका के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। वेणुगोपाल ने दोष सिद्ध होने तक व्यक्ति को निर्दोष मानने की अवधारणा का जिक्र किया और कहा कि न्यायालय व्यक्ति के मत देने के अधिकार पर शर्त नहीं लगा सकती है और इसमें चुनाव लड़ने का अधिकार भी शामिल है।
जल्द होगा शिक्षकों की सैलरी बढ़ने का ऐलान
सौम्या केसरवानी| Navpravah.com
केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से अपनी बेसिक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि बढ़ती महंगाई के कारण उन्हें महीने का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, हालांकि उन्हें 2016 में ही सरकार 7वें वेतन आयोग की सौगात दे चुकी है।
इस बीच, बिहार में शिक्षकों व अन्य स्टाफ के लिए एक अच्छी खबर है, एक न्यूज वेबसाइट के मुताबिक, शिक्षकों के एक धड़े ने 7वां वेतन आयोग न दिए जाने को लेकर हड़ताल पर जाने की धमकी दी है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी बीते हफ्ते वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है, ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीद बढ़ गई है, जेटली ने जुलाई 2016 में राज्यसभा में आश्वासन दिया था कि वह केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक पे बढ़ाने की मांग पर गौर करेंगे।
पीएम मोदी तक शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ को 7वें वेतन आयोग का फायदा देने की सिफारिश कर चुके हैं, पटना विश्वविद्यालय के एक समारोह में उन्होंने इसका ऐलान किया था।
डिप्टी सीएम ने कहा कि यूनिवर्सिटी स्टाफ को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है, उनकी मांग जल्द पूरी होगी, सरकार उनके विषय में सोच रही है, शिक्षक इस बात से नाराज हैं कि राज्य सरकार नया वेतन आयोग कब से लागू करेगी इसे लेकर भ्रम है।
एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि 2013-14 में मानव संसाधन मंत्रालय का बजट 63 हजार करोड़ रुपए था जो 2018-19 में बढ़कर 1.1 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
देश में बिजली क्षेत्र से जुड़ी 34 बिजली कंपनियों पर बैंकों का 1.5 लाख करोड़ रुपए कर्ज बकाया है, इनमें कई कंपनियां देश के बिजली उत्पादन में योगदान करती हैं, 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को पे बैंड या पे स्केल की बजाय पे मेट्रिक्स के आधार पर सैलरी मिलती है।
अमर सिंह का दावा, भाजपा में जाने वाले थे शिवपाल यादव
सौम्या केसरवानी| Navpravah.com
समाजवादी पार्टी से निष्कासित राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने दावा किया है कि सपा में हाशिये पर पहुंच चुके वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव की भाजपा के एक शीर्ष नेता से मुलाकात बिल्कुल तय थी, मगर यादव उसके लिए नहीं पहुंचे थे।
सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा मैंने भाजपा के शीर्ष नेता से शिवपाल के लिए बात की थी, बैठक के लिए समय भी तय हो गया था, लेकिन शिवपाल नहीं पहुंचे थे, मुझ पर उनकी कोई राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं है, मैं उनके सम्पर्क में नहीं हूं।
मालूम हो कि कभी सपा में बड़ा ओहदा और रुतबा रखने वाले प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से प्रतिद्वंद्विता के बाद इन दिनों हाशिये पर हैं।
उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि वह अब भी पार्टी में कोई जिम्मेदारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं, वह ज्यादा समय तक उपेक्षित नहीं रह सकते और जल्द ही उन्हें भविष्य की रणनीति तय करनी होगी।
शिवपाल ने इटावा में कहा था, हम चाहते हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर लड़ें, पिछले डेढ़ साल से मैं पार्टी में कोई जिम्मेदारी मिलने का इंतजार कर रहा हूं, मगर अभी तक मुझे जिम्मेदारी नहीं सौंपी गयी है।
बता दें कि राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान पर भी जमकर हमला बोला है, लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अमर सिंह ने आजम खान की तरफ से लगाए गए एक-एक आरोपों का जवाब दिया है, उन्होंने एक बार फिर से समाजवादी पार्टी को नमाजवादी पार्टी करार देते हुए उस पर परिवारवाद का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि आजम खां कहते हैं कि मैं अवसरवादी हूं तो हां मैं ऐसा हूं, क्योंकि मैंने अपनी पत्नी को राज्यसभा नहीं भेजा है, मैं अवसरवादी हूं, क्योंकि मेरी कोई औलाद राजनीति में नहीं है, उन्होंने कहा कि मैं अब्दुली हमीद जैसे मुस्लमानों का समर्थक हूं, लेकिन खिलजी की तरह पद्मावती की इज्जत नहीं करने वाले, महिलाओं की अस्मत लूटने वाले, उन पर तेजाब फेंकने वाले मुस्लमानों का मैं विरोधी भी हूं।

















