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Monday, September 7, 2026
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शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह की पत्नी ने ग्रहण किया कीर्ति चक्र, सभी की आँखें हुईं नम

नृपेन्द्र कुमार मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | शहीद कैप्‍टन अंशुमान सिंह की बहादुरी एक बार फिर उस वक्‍त चर्चा में आ गई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनको मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया। अंशुमान सिंह का कीर्ति चक्र उनकी पत्‍नी स्मृति सिंह ने ग्रहण किया। जब अंशुमान सिंह की पत्नी स्मृति सिंह को कीर्ति चक्र प्रदान किया जा रहा था, तब वहाँ उपस्थित सभी की आँखें नम हो गईं।

वह मनहूस रात-

सियाचिन ग्लेशियर की वह भयानक रात 19 जुलाई 2023 को भारतीय सेना के कई टेंटों में अचानक आग पकड़ ली। कैप्टन अंशुमान सिंह की ड्यूटी वही थी। आग फैलते देख सो रहे साथियों को बचाने के लिए कैप्टन ने जान की बाजी लगा दी थी। इस हादसे में कैप्टन बलिदान हो गए। 2023 तारीख 20 जुलाई दिन बृहस्पतिवार की सुबह सेना की मेडिकल कोर और कमांड अस्पताल के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी अंशुमान सिंह के लखनऊ स्थित घर पहुंचे। उन्होंने पिता रवि प्रताप सिंह को कैप्टन अंशुमान सिंह के शहीद होने की खबर दी। शहादत की खबर मिलते ही उनके परिचित और रिश्तेदारों का घर पहुंचना शुरू हो गया। बेहाल मां मंजू सिंह का रो रोकर बुरा हाल हो गया। अंशुमान सिंह की पत्नी इंजीनियर सृष्टि सिंह पठानकोट की रहने वाली हैं। वह नोएडा में रहकर एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करती हैं। अंशुमान के लखनऊ वाले घर में उनके पिता रवि प्रताप सिंह, मां मंजू सिंह, बहन तान्या सिंह और भाई घनश्याम सिंह रहते हैं। देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के बरडीहा दलपत में उनके दादा और चाचा रहते हैं।

AFMC किये थे क्वालीफाई, पत्नी हैं इंजीनियर-

पढ़ाई के बाद अंशुमान का चयन आर्मड फोर्स मेडिकल कॉलेज पुणे में हो गया। वहां से MBBS करने के बाद कैप्टन अंशुमान सिंह सेना की मेडिकल कोर में शामिल हुए। पत्नी स्मृति पेशे से इंजीनियर हैं और उनके माता-पिता स्कूल के प्रधानाचार्य हैं। आगरा मिलिट्री हॉस्पिटल में ट्रेनिंग के बाद वहीं अंशुमान की तैनाती हो गई थी। पिछले दिनों कश्मीर के पुंछ सेक्टर में तैनात एक बटालियन के वह मेडिकल आफिसर बने। वहां से 15 दिन पहले ही सियाचिन गए थे। उनके पिता रवि प्रताप सिंह सेना में JCO थे। कैप्टन अंशुमान सिंह की मां मंजू सिंह के अलावा भाई घनश्याम सिंह और बहन तान्या सिंह हैं। दोनों ही नोएडा में डॉक्टर हैं।

हाथरस सत्संग हादसा: स्वयंभू बाबा सूरजपाल जाटव फ़रार, कई ठिकानों पर पुलिस की दबिश

नृपेन्द्र कुमार मौर्य | navpravah.com

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना से देश की आंखें नम हैं, सड़क पर पड़ी लाशों को देखकर कौन सा पत्थर दिल नहीं पिघला होगा। इस घटना ने न जाने कितने परिवार उजाड़ दिए और न जाने कितने बच्चे अनाथ हो गए। सवाल यही है कि इस सब का जिम्मेदार आखिर है कौन? प्रशासन या सूरजपाल जाटव उर्फ नारायण साकार उर्फ भोले बाबा ?

हाथरस सत्संग हादसे में अब तक 121 जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं, घायल 35 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हैरानी की बात ये है कि जो भक्त बाबा को भगवान मानते थे, उनकी मौत के बाद स्वंयभू बाबा खुद फरार है। आखिर भक्तों का ‘भगवान’ कहां फरार है।

121 लोगों की जान चली गई। बाबा आखिर कहां है?

बाबा के सत्संग के बाद अब तक 121 लोग काल के गाल में समा चुके हैं लेकिन बाबा को इससे क्या। उसने तो अपना फोन तक स्विच ऑफ कर लिया है। पुलिस उसे ढूंढने के लिए अब तक कुल 8 जगहों पर दबिश दे चुकी है 40 पुलिसकर्मियों की टीम आरोपियों को तलाश रही है। 48 घंटे बाद भी पुलिस बाबा तक नहीं पहुंच सकी है, लेकिन सवाल ये है कि क्या पुलिस बाबा को सीधे गिरफ्तार करने से बच रही है, क्यों कि FIR में भी उसका नाम नहीं है। इस बात के संकेत सीएम योगी ने भी बुधवार को दिए थे कि शायद बाबा पर सीधा एक्शन नहीं लिया जाएगा, क्यों कि पुलिस पहले बाबा की हिस्ट्री पर होमवर्क करना चाहती है। अगर पुलिस को ज्यादा सबूत नहीं मिले तो ये भी संभव है कि बाबा को गिरफ्तार न किया जाए।

बाबा ने जारी किया लेटर –

लेटर में कहा गया कि इस हादसे में जान गवांने वाले के परिवारों के प्रति उनकी संवेदना है। साथ ही घायलों की जल्द ठीक होने की कामना भी की। आगे लिखा कि मैं/हमने सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट ए.पी.सिंह को सत्संग के खत्म होने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भगदड़ माहौल पैदा करने पर कानूनी कार्रवाई के लिए हायर किया है। मैं सिकंदराराऊ के गांव फुलारी से 2 जुलाई को बहुत पहले रवाना हो गया था।

सदन में बोले पीएम मोदी, “विपक्ष के प्रॉपगैंडा को जनता ने नकारा“

नृपेन्द्र कुमार मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री मोदी आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। एक दिन पहले उन्होंने लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया था। राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘तीसरी बार मौका मिलना ऐतिहासिक है। सांसदों ने सदन की गरिमा को बढ़ाया है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पिछले दो-ढाई दिन में करीब 70 सांसद इस चर्चा में शामिल हुए। राष्ट्रपति के अभिभाषण को व्याख्यायित करने में आप सभी सांसदों ने जो योगदान दिया है उसके लिए मैं आप सबका आभार व्यक्त करता हूँ।”

‘गरीबी के खिलाफ होगी निर्णायक लड़ाई’-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘यहां पर बैठे कुछ लोग कहते हैं कि इसमें क्या है। ये तो होना ही है। ये लोग ऑटो पायलट मोड में सरकार चलाना चाहते हैं। ये इंतजार करने में विश्वास रखते हैं। हम मेहनत करना चाहते हैं। आने वाले 5 साल मूल सुविधाओं के सैचुरेशन पर ध्यान दिया जाएगा। आगामी 5 साल गरीबी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई है। हम गरीबी की लड़ाई जीत कर रहेंगे। मैं अपने 10 के अनुभव से बोल रहा हूं कि जब देश दुनिया की तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनेगा तो इसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र पर पड़ेगा। इस दौरान आप को विस्तार करने के लिए कई मौके मिलेंगे।

‘हमें किसानों के लिए काम किया’-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमने कृषि को एक व्यापक स्वरूप में देखा है और मछुआरों को भी किसान क्रेडिट कार्ड मुहैया कराया है। कांग्रेस के कार्यकाल में 10 साल में एक बार किसानों की कर्जमाफी हुई और किसानों को गुमराह करने का भरसक प्रयास किया गया था और 60 हजार करोड़ की कर्जमाफी का इतना हल्ला मचाया था। उसके लाभार्थी सिर्फ तीन करोड़ किसान थे। गरीब किसान का तो नामो-निशान नहीं था। उनको लाभ पहुंच भी नहीं पाया था।”

‘विश्वास की राजनीति पर लगी मुहर’-

PM मोदी ने कहा, “इन चुनावों में हमें देश की जनता की बुद्धिमता पर गर्व होता है। उन्होंने प्रोपेगंडा को परास्त कर दिया। जनता ने प्रदर्शन को प्राथमिकता दी। उन्होंने धोखे की राजनीति को खारिज कर दिया और विश्वास की राजनीति पर जीत की मुहर लगा दी।”

नारेबाजी और हंगामे के बाद सदन से विपक्ष ने वाकआउट किया, जिस पर पीएम मोदी ने कहा, इनके नसीब में मैदान छोड़ना ही है।

विपक्ष पर साधा निशाना-

विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ये लोग सच्चाई नहीं पचा पा रहे हैं. इसी वजह से मैदान को छोड़ कर भाग रहे हैं। मैं अपने कर्तव्य से जुड़ा हुआ हूं। मुझे देशवासियों को पल पल का हिसाब देना है।

हाथरस: सत्संग के दौरान भगदड़ में १२२ की मौत, बिखरी लाशें देख हार्ट अटैक से पुलिस वाले की मौत

नृपेंद्र कुमार मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित रतिभानपुर में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. हादसे में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की ड्यूटी में तैनात सिपाही रवि यादव की हार्ट अटैक से मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार, रवि यादव की ड्यूटी मृतकों के शव की व्यवस्था करने में लगी थी. एकसाथ ज्यादा शव देखने के बाद रवि यादव को हार्ट अटैक आ गया और उनकी मृत्यु हो गई.

वहीं इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र मौर्य ने बताया कि सिपाही रवि यादव की ड्यूटी हाथरस हादसे में मृतकों के शवों की व्यवस्था में लगाई गई थी. वहीं ड्यूटी के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आ गया और उनकी मौत हो गई.

हेल्पलाइन नंबर जारी

हाथरस के जिला प्रशासन ने आम लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 05722227041 तथा 05722227042 जारी किए हैं.

प्रशासन की कमजोरी से हादसा –

सत्संग पर आयोजन समिति से जुड़े सूत्रों ने कहा कि हमने जिला प्रशासन से अनुमति लेकर कार्यक्रम कराया था. कार्यक्रम में एक लाख से अधिक श्रद्धालु आयोजन मौजूद थे. जब कार्यकम खत्म हुआ तब भगदड़ मच गई. ये हादसा प्रशासन की कमजोरी की वजह से हुआ है. कार्यक्रम खत्म होने के बाद कीचड़ में लोग एक के ऊपर एक गिरते रहे, कोई संभालने वाला नहीं था. मैं भंडारे का काम देख रहा था. उन्होंने बताया कि हाथरस में ये कार्यक्रम 13 साल बाद हुआ है. हमारे पास 3 घंटे की परमिशन थी. 1.30 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद घटना हुई है.

प्रशासन को अनगिनत श्रद्धालुओं के कार्यक्रम में आने की जानकारी दी गई थी. जहां इंतजाम किए गए थे, वहां बहुत भीड़ थी. कार्यक्रम में 12 से साढ़े 12 हजार सेवादार थे. हमने इतने स्तर पर पूरे इंतजाम किए थे. एंबुलेंस नहीं थी. कार्यक्रम खत्म हुआ तो एक साथ भागने लगे और भगदड़ मची. बरसात के मौसम में कीचड़ की वजह से लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे थे.

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को न्यायालय ने तीन दिन की CBI रिमाण्ड पर भेजा

arvind kejriwal
arvind kejriwal

नृपेन्द्र कुमार मौर्य | navpravah.com 

नई दिल्ली | दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को CBI ने शराब घोटाले मामले में अरेस्ट कर लिया है। सीबीआई ने उनकी पांच दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने हिरासत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल को 3 दिन की सीबीआई की कस्टडी में भेज दिया है।

केजरीवाल ने सुनवाई के दौरान अदालत से कहा था कि मीडिया में सीबीआई सूत्रों के हवाले से दिखाया जा रहा है कि मैंने एक बयान में पूरा दोष मनीष सिसोदिया पर डाल दिया है, मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि सिसोदिया दोषी हैं या कोई और दोषी है। मैंने कहा है कि सिसोदिया निर्दोष हैं, आम आदमी पार्टी निर्दोष है, मैं निर्दोष हूं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी (सीबीआई की) पूरी योजना मीडिया के सामने हमें बदनाम करने की है। प्लीज रिकॉर्ड करें कि ये सभी बातें सीबीआई सूत्रों के माध्यम से मीडिया में चलाई गई हैं। केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि CBI इस मुद्दे को सनसनीखेज बना रही है। उन्होंने कहा कि इसका स्पष्टीकरण किया जाना चाहिए। उनका उद्देश्य मामले को सनसनीखेज बनाना है।

सीबीआई ने अदालत में क्या कहा ?

सीबीआई ने कहा कि हमें उनसे हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत है। वह यह भी नहीं पहचान रहे हैं कि (सह-आरोपी) विजय नायर उनके अधीन काम कर रहे थे। उनका कहना है कि विजय नायर आतिशी और सौरभ भारद्वाज के अधीन काम कर रहे थे। वह सारा दोष मनीष सिसोदिया (जो इस मामले में भी आरोपी हैं) पर डाल रहे हैं। उनसे आमना-सामना कराया जाना चाहिए। उन्हें दस्तावेज दिखाए जाने की जरूरत है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल पहले से ही न्यायिक हिरासत में थे और वह तिहाड़ जेल में बंद थे। बीते दिन सीबीआई की एक टीम ने जेल में उनसे पूछताछ की थी। इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि केंद्र की सरकार केजरीवाल के खिलाफ साजिश रच रही है। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए सीबीआई ने झूठा केस बनाया है।

कौन बनेगा ‘स्पीकर’ ? आज हो जाएगा फ़ैसला

नृपेन्द्र कुमार मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | लोकसभा अध्यक्ष पद पर चयन को लेकर सरकार और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण बुधवार (26 जून, 2024) को सदन में चुनाव होगा।

बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सबसे पहले उन नवनिर्वाचित सांसदों का नाम पुकारा जाएगा, जिन्होंने अब तक संसद सदस्यता की शपथ नहीं ली है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में नए लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखेंगे और सभी दलों से उन्हें निर्विरोध सर्वसम्मति से चुनने का आग्रह करेंगे।

कैसे चुनाव होगा ?

सरकार के किए गए आग्रह को स्वीकार कर विपक्ष की तरफ से के. सुरेश का नाम लोकसभा अध्यक्ष के उम्मीदवार के तौर पर प्रस्तावित नहीं किया जाएगा तो ओम बिरला निर्विरोध लोकसभा अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। अगर विपक्ष की तरफ से अपने उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित किया जाएगा तो फिर सदन में चुनाव करवाया जाएगा।

यह बताया जा रहा है कि अगर लोकसभा अध्यक्ष पद को लेकर मतदान होता है तो ज्यादा संभावना इस बात की है कि यह मतदान पर्ची से करवाया जाएगा। लोकसभा में शपथ ले चुके नवनिर्वाचित सांसद मतदान के जरिए यह तय करेंगे कि लोकसभा के नए स्पीकर कौन होंगे, ओम बिरला या के. सुरेश।

संख्या बल किसके पक्ष में है ?

सदन में संख्या बल की बात करें तो बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर ओम बिरला का आसानी से चुनाव जीतना तय माना जा रहा है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी सरकार के पास संख्या बल होने का दावा करते हुए विपक्षी दलों से परंपरा के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष का चयन सर्वसम्मति से और निर्विरोध करने की अपील कर चुके हैं।

शपथ ग्रहण के बाद ओवैसी ने लगाया जय फ़िलिस्तीन का नारा, सोशल मीडिया पर लोगों ने लगाई लताड़

नृपेन्द्र कुमार मौर्य | navpravah.com

नई दिल्ली | 18वीं लोकसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शपथ ग्रहण के बाद जय फिलिस्तीन का नारा लगाया। शपथ के बाद उन्होंने सबसे पहले जयभीम बोला, इसके बाद जयमीम, जय तेलंगाना और जय फिलस्तीन का नारा लगाया। ओवैसी ने 5वीं बार लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।

शपथ ग्रहण करने के दौरान ओवैसी ने कहा कि मैं भारत के हाशिए पर पड़े लोगों के मुद्दों को ईमानदारी से उठाता रहूंगा। लेकिन फिलिस्तीन को लेकर लगाए गए नारे के बाद सियासत गरमा गई, इसके बाद सभापति ने इसे रिकॉर्ड से हटा दिया।

शपथ पर ओवैसी की प्रतिक्रिया-

बीजेपी नेता जी किशन रेड्डी ने ओवैसी के इस नारे का विरोध किया। साथ ही इसे रिकॉर्ड से हटाने की मांग भी की है, इस बारे में ओवैसी ने कहा कि वो (जी किशन रेड्डी) विरोध करते हैं, उनका ये काम है। हमने जो कहना था वो कह दिया है। हम उन्हें खुश करने के लिए कुछ क्यों कहेंगे?

बीजेपी नेता जी किशन रेड्डी ने किया विरोध-

वहीं, बीजेपी नेता जी किशन रेड्डी ने कहा कि इस देश की संसद में शपथ लेने के दौरान जय फिलिस्तीन का जो नारा लगाया गया, वो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि वह (ओवैसी) एक तरफ संविधान की बात करते हैं, दूसरी तरफ संविधान के खिलाफ नारेबाजी करना। साथ ही भारत में रहकर फिलिस्तीन का गाना गाना, पूरी तरह से गलत है। ऐसी घटनाओं से इन लोगों का असली चेहरा सामने आता है। ये लोग हर दिन हर विषय पर ऐसी हरकत करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं जनता से अनुरोध करूंगा कि वह लोकसभा में ऐसे नारे लगाने वालों को पहचानें।

देश भर में बदला मौसम का मिज़ाज, मंगलवार तक कई राज्यों में हो सकती है झमाझम बारिश

ब्यूरो | navpravah.com

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली समेत देशभर में मौसम का मिजाज बदल गया है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में भीषण गर्मी से राहत मिली है। बारिश और मॉनसून से मौसम सुहावना हो गया है। मॉनसून ने पूर्वी यूपी के कई इलाकों में दस्तक दे दी है। इधर गुजरात की ओर भी मॉनसून बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों में कल यानी 25 जून को बारिश की संभावना जताई है। वहीं अब इन इलाकों में हीट वेब चलने के आसार नहीं हैं।

दिल्ली-एनसीआर में कल आंधी-बारिश-

दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो-तीन से मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी राजधानी में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। IMD के अनुसार कल दिल्ली में अधिकतम तापमान 40 तो न्यूनतम तापमान 31 डिग्री रह सकता है। हालांकि दिल्ली के तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है, लेकिन लू की स्थिति की उम्मीद नहीं है और हल्की आंधी आ सकती है।

दक्षिण भारत और नॉर्थ ईस्ट में भी बारिश-

इसके अलावा पूर्वी भारत और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और बिहार में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी अच्छी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल, तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।

छत्तीसगढ़: सुकमा में नक्सलियों ने किया आईईडी ब्लास्ट, दो जवान शहीद

ब्यूरो | navpravah.com

रायपुर | छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई ने नक्सलियों की नींद उड़ा दी थी। जवानों की कार्रवाई से बौखलाए नक्सलियों की करतूत सामने आई है। नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ़ के एक वाहन पर आईईडी ब्लास्ट से दो जवान शहीद हो गए। जवानों के पार्थिव शरीर को घटनास्थल से निकाला जा रहा है।

सुकमा और बीजापुर की सरहद पर बसे सिलगेर और टेकुलगुडम के पास नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट करने से कोबरा के दो जवान बलिदान हो गए। सुकमा की एसपी किरण चव्हाण ने मामले की पुष्टि की है।  इधर, नक्सली हमले की सूचना पर अतिरिक्त बल को मौके पर भेजा गया है। इलाके में अब सर्च अभियान तेज कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक रविवार को जगरगुंडा थाना क्षेत्र के सिलगेर कैम्प से कोबरा 201 वाहिनी की एडवांस पार्टी का मूवमेंट आरओपी ड्यूटी के दौरान ट्रक और मोटर साइकिल से कैम्प टेकलगुडेम की तरफ था। सिलगेर व टेकुलगुडम जाने के रास्ते मे नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आईईडी प्लांट किया गया था।

मूवमेंट के दौरान रविवार दोपहर तीन बजे के करीब आईईडी की चपेट से कोबरा 201 वाहिनी के ट्रक जिसमें चालक और सहचालक जवान मौके पर बलिदान हो गए। बताया गया है कि जवानों में विष्णु आर और शैलेंद्र शामिल हैं। बाकी सभी जवान सुरक्षित हैं।

अयोध्या: महंत राजू दास और ज़िलाधिकारी में नोक-झोंक, हटाई गई महंत की सुरक्षा

नृपेंद्र कुमार मौर्य | navpravah.com

लखनऊ | अयोध्या में बीजेपी के लोकसभा चुनाव हारने के बाद विवादों का दौर जारी है। अयोध्या में योगी सरकार के मंत्री के सामने ही हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और डीएम की नोकझोंक होने के बाद उनकी सुरक्षा हटा ली गई, जिसके बाद राजू दास ने स्थानीय प्रशासन पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सुरक्षा हटाना दुखद है और मुझपर कभी भी हमला हो सकता है, इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी। 

महंत राजू दास ने कहा, ‘अयोध्या में लोकसभा चुनाव हारने के बाद तरह-तरह की बातें सामने आने लगीं, इसी को लेकर हमने अपने कार्यकर्ताओं की बात को आगे रखा, कोई विवाद नहीं हुआ था।’ उन्होंने कहा, ‘प्रभारी मंत्री सूर्य प्रतापी शाही आए हुए थे, उन्हीं से बात हो रही थी। अयोध्या हारने के बाद दुख, पीड़ा भी हुआ। 32 हजार करोड़ का बजट, भव्य राम मंदिर के बाद भी चुनाव हारना दुखद था।’

राजू दास ने कहा, इसी बातचीत को लेकर तमाम बातें हुई और इस दौरान अधिकार से बात-विवाद हुआ। जब उनसे पूछा गया कि क्या बातचीत के दौरान अधिकारी उठ कर चले गए तो इस पर उन्होंने कहा, मैं इस पर कोई कॉमेंट नहीं करूंगा इस पर जिले के पुलिस कप्तान या डीएम ही बोल सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हम हिन्दुत्व के लिए काम करते हैं, मोदी जी के लिए काम करते हैं, योगी जी के लिए काम करते हैं, अगर ये उसकी सजा है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है, मुझ पर कभी भी हमला हो सकता है और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी। अधिकारी भी अगर सपा की पार्टी बनकर काम करे तो कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर कहा कि अगर जिला प्रशासन नहीं सुन रहा तो वरिष्ठ अधिकारियों को इसका संज्ञान लेना चाहिए. उन्होंने कहा, प्रशासन इतना हल्का काम करेगा इसका उन्हें अंदाजा नहीं था क्योंकि लोकतंत्र में सवाल पूछना जायज है।’