क्राइम डेस्क. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अब आतंकियों के निशाने पर है. सुरक्षा एजेंसियों ने जानकारी दी कि योगी आदित्य नाथ आतंकियों के टारगेट पर है. जिसके बाद योगी आदित्य नाथ को अब कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाएगी. सुरक्षा एजंसियों ने बताया की ये आतंकी पत्रकार बनकर उन पर हमला कर सकते है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आतंकी हमले का खतरा है. इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है. इंटेलिजेंस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पत्रकार के भेष में आतंकी गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में या वीआईपी मूवमेंट के दौरान सीएम योगी पर हमला कर सकते हैं. अलर्ट के बाद पुलिस अब पत्रकारों के लिए आई-कार्ड जारी करने जा रही है. ये आई-कार्ड उनको दिया जाएगा जो सीएम योगी का कार्यक्रम कवर करते हैं.
फिलहाल उन सभी पत्रकारों की एलआईयू जांच चल रही है जो गोरखपुर में वीआईपी और गोरखनाथ मंदिर कवर करते हैं. जांच के बाद उन्हें आई-कार्ड दिया जाएगा. गोरखपुर के पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि इस तरह का इनपुट पुलिस के लिए सिरदर्द है. आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए पत्रकारों को आई-कार्ड दिया जा रहा है.
गोरखपुर में पत्रकारों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचना आसान है. वह मंदिर में भी पत्रकारों से सहजता से मिलते हैं. आतंकी इसी का फायदा उठा सकते हैं. खुफिया एजेंसियों के अलर्ट को पुलिस ने गंभीरता से लिया. एडीजी जोन दावा शेरप्पा ने बताया कि पत्रकारों को असुविधा न हो और उनकी पहचान भी हो सके, इसके लिए पहचान पत्र बनवाया गया है. जल्द ही अधिकृत पत्रकारों को फोटोयुक्त पहचान पत्र मुहैया कराया जाएगा.
2017 चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनने के साथ ही योगी आदित्यनाथ पर थ्रेट परसेप्शन बढ़ गया था, जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. उन्हें सुरक्षा में एनएसजी के कमांडो तैनात रहते हैं. योगी आदित्य नाथ एक कटटर हिन्दू नेता है. और उनके चर्चे देश में तो होते है. और पाकिस्तान में तो अक्सर मोदी योगी के बाते होती रहती है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ अब आतंकियों के निशाने पर है. सुरक्षा एजेंसियों ने जानकारी दी कि योगी आदित्य नाथ आतंकियों के टारगेट पर है. जिसके बाद योगी आदित्य नाथ को अब कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाएगी. सुरक्षा एजंसियों ने बताया की ये आतंकी पत्रकार बनकर उन पर हमला कर सकते है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आतंकी हमले का खतरा है. इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है. इंटेलिजेंस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पत्रकार के भेष में आतंकी गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में या वीआईपी मूवमेंट के दौरान सीएम योगी पर हमला कर सकते हैं. अलर्ट के बाद पुलिस अब पत्रकारों के लिए आई-कार्ड जारी करने जा रही है. ये आई-कार्ड उनको दिया जाएगा जो सीएम योगी का कार्यक्रम कवर करते हैं.
फिलहाल उन सभी पत्रकारों की एलआईयू जांच चल रही है जो गोरखपुर में वीआईपी और गोरखनाथ मंदिर कवर करते हैं. जांच के बाद उन्हें आई-कार्ड दिया जाएगा. गोरखपुर के पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि इस तरह का इनपुट पुलिस के लिए सिरदर्द है. आतंकी हमले के खतरे को देखते हुए पत्रकारों को आई-कार्ड दिया जा रहा है.
गोरखपुर में पत्रकारों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचना आसान है. वह मंदिर में भी पत्रकारों से सहजता से मिलते हैं. आतंकी इसी का फायदा उठा सकते हैं. खुफिया एजेंसियों के अलर्ट को पुलिस ने गंभीरता से लिया. एडीजी जोन दावा शेरप्पा ने बताया कि पत्रकारों को असुविधा न हो और उनकी पहचान भी हो सके, इसके लिए पहचान पत्र बनवाया गया है. जल्द ही अधिकृत पत्रकारों को फोटोयुक्त पहचान पत्र मुहैया कराया जाएगा.
2017 चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बनने के साथ ही योगी आदित्यनाथ पर थ्रेट परसेप्शन बढ़ गया था, जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. उन्हें सुरक्षा में एनएसजी के कमांडो तैनात रहते हैं. योगी आदित्य नाथ एक कटटर हिन्दू नेता है. और उनके चर्चे देश में तो होते है. और पाकिस्तान में तो अक्सर मोदी योगी के बाते होती रहती है.





















शुक्रवार को CRPF ने ट्वीट कर लिखा, ‘तुम्हारे शौर्य के गीत, कर्कश शोर में खोये नहीं. गर्व इतना था कि हम देर तक रोये नहीं.’ आगे लिखा गया, ‘हमने भूला नहीं, हमने छोड़ा नहीं. हम अपने भाईयों को सलाम करते हैं, जिन्होंने पुलवामा में देश के लिए जान दी. हम उनके परिवारों के साथ कंधे से कंधा लगाकर खड़े हैं.’
घटना बुधवार शाम की 6 बजे की है. जब लड़की शाम को 6 बजे यलो मेट्रो लाइन में दिल्ली से गुड़गांव जा रही थी. तभी उसके सामने खड़े एक लड़के ने अपने पैंट की जिप खोल दी और शर्मनाक अश्लील हरकतें करने लगा. फोटो में दिख रहा लड़का ही इस मामले में आरोपी है. इसी ने उस लड़की के सामने अश्लील हरकत की थी. इस घटना से घबराई लड़की ने उस वक्त किसी को कुछ नहीं बताया लेकिन उसने लड़के की फोटो ले ली और बाद में पुलिस से शिकायत की. लड़की ने आरोप लगाया कि पहले तो पुलिस ने FIR करने में आनाकानी की. बाद में जब लड़की ने महिला हेल्पलाइन पर फोन किया तो पुलिस एक्टिव हुई.

